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खेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातम

गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम खेजराबाबा में एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान रात में खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गया था, लेकिन बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय बनवारी सहरिया बुधवार रात अपने खेत में बने कुएं पर मोटर चालू करने गया था। इसी दौरान वह बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और रातभर उसका शव खेत में ही पड़ा रहा। सुबह परिजनों को लगी घटना की जानकारी गुरुवार सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो उन्होंने बनवारी को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों ने तुरंत बिजली की डोरी हटाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का सहारा था बनवारी बताया जा रहा है कि बनवारी सहरिया खेती-किसानी के साथ ऑटो चलाकर भी परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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NEET री-एग्जाम में सख्ती: 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नहीं मिली एंट्री

NEET री-एग्जाम में सख्ती: 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नहीं मिली एंट्री

NEET री-एग्जाम में इस बार कड़ी सख्ती देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर नियमों का पालन बेहद सख्ती से कराया गया, जिसके चलते सिर्फ 1 मिनट की देरी से पहुंचे कई छात्रों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। गेट के बाहर रोती रहीं छात्राएं कई परीक्षा केंद्रों पर ऐसा भावुक माहौल देखने को मिला जब देर से पहुंचे छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिला। गेट के बाहर छात्राएं रोती हुई नजर आईं और अभिभावक भी प्रशासन से गुहार लगाते दिखे। हिजाब और कलावा को लेकर विवाद परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर ड्रेस कोड और धार्मिक प्रतीकों जैसे हिजाब और कलावा को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी रही। इस मुद्दे ने कई जगह तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया। परीक्षा से पहले दो छात्रों की आत्महत्या सबसे चिंताजनक बात यह रही कि परीक्षा से पहले दो छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। इससे परीक्षा व्यवस्था और मानसिक दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सख्त नियमों पर उठे सवाल हालांकि प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए नियम सख्त किए गए थे, लेकिन छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इतनी कठोरता से कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
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NEET

MP NEET Re-Exam Controversy: 30 Seconds Late Entry से छूटी परीक्षा, गेट पर रोते रहे छात्र

मध्य प्रदेश में NEET री-एग्जाम के दौरान सामने आई एक घटना ने पूरे परीक्षा सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिर्फ 30 सेकंड की देरी की वजह से कई छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला और उनकी परीक्षा छूट गई। गेट के बाहर घंटों तक रोते-बिलखते छात्र और परेशान परिजन प्रशासन से गुहार लगाते रहे, लेकिन नियमों के आगे किसी की एक नहीं चली। Madhya Pradesh के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर यह मामला सामने आने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण और भावुक हो गया। 30 सेकंड की देरी बनी जिंदगी का बड़ा झटका रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ छात्र परीक्षा केंद्र पर तय समय से बेहद मामूली—सिर्फ 30 सेकंड—देरी से पहुंचे थे। लेकिन गेट पहले ही बंद कर दिया गया था। नियमों के अनुसार, एक बार प्रवेश बंद होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस सख्ती के चलते कई छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही लौटना पड़ा, जिससे उनका भविष्य और मानसिक स्थिति दोनों पर गहरा असर पड़ा है। गेट के बाहर दर्दनाक दृश्य, परिजनों की आखिरी कोशिश परीक्षा केंद्रों के बाहर जो दृश्य देखने को मिला, वह बेहद भावुक कर देने वाला था। छात्र गेट के सामने हाथ जोड़कर अंदर जाने की गुहार लगाते रहे। कई परिजन सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों से आखिरी उम्मीद के साथ अनुरोध करते रहे। लेकिन परीक्षा नियमों की सख्ती के चलते किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं मिला। नंगे पैर परीक्षा और धार्मिक प्रतीकों पर विवाद कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा जांच के दौरान उन्हें जूते-चप्पल उतारकर नंगे पैर परीक्षा हॉल में जाना पड़ा। वहीं कुछ मामलों में कलावा हटवाने जैसी बातें भी सामने आईं, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई। इन घटनाओं ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सख्त नियम या मानवीय दृष्टिकोण? शुरू हुई बहस इस घटना के बाद एक नई बहस तेज हो गई है कि क्या राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में इतनी सख्ती जरूरी है या फिर कुछ मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। प्रशासन का कहना है कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त नियम अनिवार्य हैं। वहीं दूसरी ओर, अभिभावकों का कहना है कि इतनी छोटी सी देरी पर छात्रों का भविष्य दांव पर लगना उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर भी उठा तूफान यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई लोगों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है और नियमों में थोड़ी लचीलापन की मांग की है। वहीं कुछ लोग इसे परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Murmu

MP Breaking: Jabalpur में राष्ट्रपति Murmu का दौरा, Yoga Event और Convocation में शामिल

मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज एक बेहद खास और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रपति Droupadi Murmu अपने एक दिवसीय दौरे पर शहर पहुंचीं। उनका यह दौरा सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें योग, शिक्षा और सामाजिक संदेशों का मजबूत समावेश देखने को मिला। योग कार्यक्रम में दिखा उत्साह और एकता जबलपुर में आयोजित योग कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ हिस्सा लिया। खुले वातावरण में हुए इस कार्यक्रम में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया और पूरे माहौल में सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। राष्ट्रपति ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की और कहा कि यह शरीर के साथ-साथ मन को भी संतुलित और शांत रखता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह क्षण बेहद खास रहा, जब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी राष्ट्रपति ने खुद योग कर एक मजबूत संदेश दिया कि स्वास्थ्य ही असली संपत्ति है। RDVV दीक्षांत समारोह में छात्रों को मिला प्रेरणादायक संदेश इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने Rani Durgavati Vishwavidyalaya के दीक्षांत समारोह में शिरकत की। यहां उन्होंने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें न केवल शिक्षा में बल्कि चरित्र निर्माण में भी आगे रहना चाहिए। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे। शिक्षा और स्वास्थ्य का मिला सुंदर संदेश पूरा दिन जबलपुर के लिए बेहद महत्वपूर्ण और यादगार बन गया, जहां एक ओर योग के माध्यम से स्वास्थ्य का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दुग्ध संघ

International Yoga Day 2026: भोपाल दुग्ध संघ में उत्साहपूर्ण Yoga Session, अधिकारियों ने किया अभ्यास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भोपाल दुग्ध संघ परिसर में शनिवार को एक शांत, अनुशासित और ऊर्जा से भरपूर योग सत्र का आयोजन किया गया। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और योग के महत्व को करीब से महसूस किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योग करना नहीं, बल्कि रोजमर्रा की व्यस्त जीवनशैली में स्वास्थ्य और संतुलन को शामिल करने का संदेश देना भी था। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (MP State Cooperative Dairy Federation) के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी, एनडीडीबी के महाप्रबंधक जयदेव बिस्वास और भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रितेश जोशी विशेष रूप से मौजूद रहे। योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक डॉ. विनीता सिसोदिया ने किया। करीब एक घंटे चले इस सत्र में प्रतिभागियों को सरल लेकिन प्रभावी योगासन और प्राणायाम करवाए गए, जिनका उद्देश्य शरीर के प्रमुख अंगों को सक्रिय और स्वस्थ रखना था। सत्र के दौरान पैरों, हाथों, गर्दन, हृदय और आंखों को मजबूत बनाने वाली योग क्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने न केवल अभ्यास किया, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर डॉ. संजय गोवाणी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जो आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने सभी से अपील की कि योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर इसे रोज की आदत बनाया जाए। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने स्वस्थ जीवन और नियमित योग अभ्यास को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Alert: 20 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 8 राज्यों में अब भी 40°C के पार तापमान

देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 20 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर, मानसून की रफ्तार पिछले 13 दिनों से तेलंगाना के आसपास थमी हुई है, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में लोगों को अब भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आठ राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। 20 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में अगले 24 से 72 घंटों के दौरान मौसम अचानक बदल सकता है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। Telangana में थमा Monsoon, कई राज्यों में बढ़ा इंतजार आमतौर पर जून के तीसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले करीब 13 दिनों से मानसून तेलंगाना के आसपास ही सक्रिय बना हुआ है और आगे नहीं बढ़ पाया है। इसका सीधा असर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में अनुकूल परिस्थितियां बनते ही मानसून दोबारा तेजी पकड़ सकता है। 8 राज्यों में Heatwave जैसे हालात बारिश में देरी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। देश के आठ राज्यों में कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून सक्रिय नहीं होता, तब तक इन इलाकों में गर्मी से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। MP और Rajasthan को जल्द मिल सकती है राहत हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अगले कुछ दिनों के भीतर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यदि अनुमान सही साबित होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी। बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए भी यह अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। खेती पर भी पड़ रहा असर मानसून की धीमी चाल ने खेती-किसानी की रफ्तार को भी प्रभावित किया है। कई जिलों में किसान खेत तैयार करके बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तेज होने की उम्मीद है। मौसम विभाग की जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। भारी बारिश वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। वहीं जिन क्षेत्रों में गर्मी का असर बना हुआ है, वहां पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के कपड़े पहनें और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें। आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। इसके बाद मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी और खरीफ सीजन की गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JNCT

JNCT Bhopal में World Environment Day Celebration छात्रों ने वृक्षारोपण का संदेश

भोपाल स्थित Jai Narain College of Technology (JNCT) में World Environment Day के अवसर पर एक भावनात्मक और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर छात्रों ने न सिर्फ गतिविधियों में हिस्सा लिया, बल्कि प्रकृति को बचाने का मजबूत संदेश भी दिया। कैंपस में पूरे दिन “Go Green, Save Earth” का माहौल देखने को मिला, जहां हर गतिविधि में पर्यावरण संरक्षण की झलक साफ नजर आई। Tree Plantation Drive से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण अभियान से हुई। छात्रों ने कॉलेज परिसर में पौधे लगाए और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कई छात्रों ने कहा कि “एक पौधा आज, एक बेहतर कल की नींव है।” Poster Making Competition में दिखी Creativity छात्रों ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। किसी ने प्लास्टिक प्रदूषण पर संदेश दिया तो किसी ने “Save Water, Save Life” जैसे विचारों को अपनी कला के जरिए पेश किया। पूरे हॉल में रंगों और विचारों का सुंदर संगम देखने को मिला। Speech & Debate से उठे गंभीर सवाल भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने पर्यावरण संकट, ग्लोबल वॉर्मिंग और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। शिक्षकों ने भी छात्रों को छोटे-छोटे कदमों से बड़ा बदलाव लाने की प्रेरणा दी। Quiz और Theme Activities ने बढ़ाई जागरूकता पर्यावरण आधारित क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साह से हिस्सा लिया। “Planet vs Plastic” और “Go Green, Breathe Green” जैसी थीम पर आधारित गतिविधियों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, जरूरत है। NCC और Students Clubs की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में NCC और विभिन्न छात्र क्लबों की भागीदारी भी सराहनीय रही। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि अगर युवा ठान लें, तो पर्यावरण संरक्षण एक बड़ा आंदोलन बन सकता है। एक छोटा कदम, बड़ा बदलाव कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे प्लास्टिक का कम उपयोग करेंगे, अधिक पेड़ लगाएंगे और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक याद दिलाने जैसा था कि धरती को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MPPSC Mains Exam 2025 Schedule Released: 158 पदों के लिए 4 हजार अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, UPSC से टकराईं तारीखें

MPPSC Mains Exam 2025 Schedule Released: 158 पदों के लिए 4 हजार अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, UPSC से टकराईं तारीखें

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस परीक्षा में करीब 4 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्य परीक्षा 17 अगस्त से 22 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा की तारीखें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कुछ महत्वपूर्ण परीक्षाओं से टकरा रही हैं, जिससे कई अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे उम्मीदवार जो MPPSC और UPSC दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें समय प्रबंधन और परीक्षा कार्यक्रम को लेकर विशेष योजना बनानी होगी। 158 पदों पर होगी भर्ती MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से विभिन्न विभागों में कुल 158 पदों पर भर्ती की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए लगभग 4 हजार उम्मीदवार अब मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। कब और कहां होगी परीक्षा? मुख्य परीक्षा का आयोजन 17 अगस्त से 22 अगस्त तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। आयोग जल्द ही एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करेगा। अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से MPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसमें दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें। तैयारी में जुटे उम्मीदवार मुख्य परीक्षा की तारीखों की घोषणा के बाद उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब अभ्यर्थियों को उत्तर लेखन अभ्यास, करंट अफेयर्स और वैकल्पिक विषयों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। MPPSC की यह परीक्षा राज्य प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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मानसून

India Weather मानसून की धीमी चाल से बढ़ी टेंशन, 19 राज्यों में कम बारिश का असर

जून का महीना आधा से ज्यादा गुजर चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मानसून अब भी उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है। जहां लोगों को तेज गर्मी से राहत देने वाली बारिश का इंतजार है, वहीं मौसम के बदलते मिजाज ने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के 19 राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से 7 राज्यों में बारिश की कमी 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बारिश में आई इस कमी का असर अब खेतों, जल स्रोतों और आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, जबकि शहरों में लोग उमस और तेज गर्मी से परेशान हैं। कई राज्यों में मानसून की चाल हुई धीमी मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में बादल आने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। यही वजह है कि कई राज्यों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य प्रमुख फसलों के लिए यह समय बेहद अहम माना जाता है। UP समेत कई राज्यों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा बारिश की कमी के बीच उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में तापमान फिर से बढ़ने लगा है। सात राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। दिन के समय तेज धूप और शाम को बढ़ती उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। गर्मी का असर केवल बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। बिजली की बढ़ती मांग और पानी की खपत ने भी स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। खेती पर पड़ सकता है सीधा असर देश की बड़ी आबादी आज भी खेती पर निर्भर है और खेती का बड़ा हिस्सा मानसून आधारित है। ऐसे में बारिश की कमी किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कई जगहों पर खेत तैयार हैं, लेकिन पर्याप्त नमी न होने के कारण बुवाई की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून जल्द सक्रिय नहीं हुआ तो किसानों की लागत बढ़ सकती है, क्योंकि उन्हें सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। जलाशयों और भूजल स्तर पर भी नजर मानसून की कमजोर शुरुआत का असर जलाशयों और तालाबों पर भी पड़ सकता है। कई राज्यों में जल संरक्षण को लेकर पहले से ही योजनाएं बनाई जा रही हैं ताकि भविष्य में किसी संभावित जल संकट से निपटा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश हुई तो स्थिति में सुधार संभव है, लेकिन फिलहाल मौसम का यह रुख चिंता बढ़ाने वाला है। आगे क्या कहता है मौसम विभाग? मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। कुछ राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना भी जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत मिलेगी। फिलहाल देश के करोड़ों लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और सभी को मानसून की अगली अच्छी बारिश का इंतजार है।
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खेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातम

गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम खेजराबाबा में एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान रात में खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गया था, लेकिन बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय बनवारी सहरिया बुधवार रात अपने खेत में बने कुएं पर मोटर चालू करने गया था। इसी दौरान वह बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और रातभर उसका शव खेत में ही पड़ा रहा। सुबह परिजनों को लगी घटना की जानकारी गुरुवार सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो उन्होंने बनवारी को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों ने तुरंत बिजली की डोरी हटाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का सहारा था बनवारी बताया जा रहा है कि बनवारी सहरिया खेती-किसानी के साथ ऑटो चलाकर भी परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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