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गुना में पेंशनरों के लिए बड़ी राहत: अब घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाणपत्र, सिर्फ 70 रुपए में पूरी होगी प्रक्रिया

गुना के सरकारी पेंशनरों के लिए एक खुशखबरी है। अब उन्हें जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए न तो कोषागार जाना पड़ेगा, न बैंक और न ही किसी विभाग के चक्कर लगाने होंगे।अब यह सुविधा आपके घर पर ही उपलब्ध है—वो भी सिर्फ ₹70 में। पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के जरिए घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। तैयार होते ही यह प्रमाणपत्र सीधा संबंधित विभाग तक ऑनलाइन भेज दिया जाएगा, जिससे पेंशन में किसी भी तरह की देरी नहीं होगी। यह जानकारी गुना डाक संभाग के अधीक्षक ओ.पी. चतुर्वेदी ने दी। डिजिटल इंडिया को मजबूत करने वाली पहल अधीक्षक ने बताया कि यह सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डिजिटल इंडिया विजन का बड़ा हिस्सा है।सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के घर तक पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात और संविधान दिवस संबोधन में भी बताया था कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बना रही हैं। 10 मिनट में जीवन प्रमाणपत्र जारी – गुना में अनोखी पहल इसी पहल के तहत गुना डाक संभाग की टीम ने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के घर जाकर सिर्फ 10 मिनट में उनका जीवन प्रमाणपत्र तैयार कर दिया। डाक विभाग की टीमें बीमार और वृद्ध पेंशनरों के घर-घर जाकर यह सेवा दे रही हैं, ताकि किसी बुजुर्ग को परेशान न होना पड़े। डाक विभाग: अब सिर्फ डाक नहीं, डिजिटल सेवाएँ भी आपके द्वार पर डाक विभाग लगातार नागरिक-केंद्रित सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है।इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से अब केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा दी जा रही है। अति-वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनरों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह पाएं सुविधा – पेंशनर बस ये दस्तावेज दें पेंशनर अपने क्षेत्र के पोस्टमैन या निकटतम डाकघर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ यह जानकारी देनी होगी: प्रमाणपत्र बनते ही पेंशनर के मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आएगा।अगले दिन वे इसे jeevanpramaan-gov-in पर लॉगिन करके ऑनलाइन देख भी सकते हैं और चाहें तो उसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं। For More Info:www.deshharpal.com
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पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भोपाल पहुंचे, इस्तीफे के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आज

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। वे यहां करीब साढ़े चार घंटे तक राजभवन में रुकेंगे और फिर शाम 4:15 बजे रवीन्द्र भवन में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल होंगे। यह उनके लिए खास मौका है, क्योंकि 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दिए गए इस्तीफे के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन होगा। कार्यक्रम के बाद वे रात करीब 8 बजे दिल्ली लौट जाएंगे। मनमोहन वैद्य की नई किताब का विमोचन रवीन्द्र भवन में RSS के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य की नई पुस्तक “हम और यह विश्व” का विमोचन किया जाएगा।इस कार्यक्रम में: धनखड़ इस मौके पर मंच से संबोधित भी करेंगे। इस्तीफे के बाद से नहीं दिया था कोई सार्वजनिक बयान 21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद से जगदीप धनखड़ किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे थे।वे केवल 12 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे, लेकिन उन्होंने वहां भी कोई भाषण नहीं दिया था। ठीक चार महीने बाद मंच पर वापसी धनखड़ की यह चार महीने बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति और संबोधन होगा।21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद, 21 नवंबर को वे पहली बार किसी बड़े मंच से जनता और मीडिया के सामने आएंगे। For More Info:www.deshharpal.com
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बिलासपुर: धान खरीदी तेज, लक्ष्य से अधिक आवक की संभावना; कस्टम मिलिंग की तैयारियाँ शुरू

बिलासपुर जिले में इस बार धान खरीदी में तेजी देखने को मिल रही है। किसानों द्वारा लगातार धान लाए जाने से अनुमान है कि लक्ष्य से अधिक धान खरीदी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने कस्टम मिलिंग की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। मंगलवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राइस मिलर्स की बैठक ली और जरूरी दिशा–निर्देश दिए। कलेक्टर ने पात्र राइस मिलर्स को निर्देश दिया कि वे अगले तीन दिनों के अंदर कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराएं। जिले में कुल 170 राइस मिलें हैं, जिनमें से 121 मिलें कस्टम मिलिंग के लिए पात्र हैं। राज्य शासन के अनुसार वही मिलें पंजीयन करा सकती हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष की 70% या उससे अधिक चावल जमा कर दिया है। पिछले साल का बकाया चावल जल्द जमा करने के निर्देश बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष का करीब 13 हजार मीट्रिक टन बकाया चावल इस महीने के अंत तक जमा किया जाए।इसके अलावा एफसीआई से मिले स्टेक को भी 15 दिनों के भीतर पूरा करने की बात कही गई। खरीदी केंद्रों में धान जमा, मिलर्स को जल्द उठाव करने के निर्देश कलेक्टर ने बताया कि जिले में धान खरीदी शुरू हो चुकी है और फड़ों में धान तेजी से जमा हो रहा है। इसलिए मिलर्स को निर्देश दिए गए कि वे इस धान को जल्द से जल्द उठाकर कस्टम मिलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाएं। उन्होंने राइस मिलर्स को धान खरीदी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। समस्याओं के समाधान का आश्वासन कलेक्टर ने मिलर्स से कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार समय सीमा में अपना काम पूरा करें। बैठक में मिलर्स की समस्याएँ भी सुनी गईं और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया।इस बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर, राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल सहित कई राइस मिलर्स उपस्थित रहे। More updates and latest agriculture news on:www.deshharpal.com
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इछावर में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से दो लोगों की मौके पर मौत

सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में बुधवार को एक भयावह सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना इछावर थाना क्षेत्र के गुराड़ी गांव के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, सरकारी शिक्षक हनुमत सिंह ऊईके और उनके साथी ज्ञान सिंह बाइक से धाईखेड़ा की ओर जा रहे थे। तभी गुराड़ी की दिशा से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने लापरवाही से उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद इछावर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही स्पीड ब्रेकर। लोगों ने मांग की है कि आगे ऐसे हादसे न हों, इसलिए जल्द से जल्द आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। More updates and latest news on:www.deshharpal.com
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ग्राम बड़ौदा अहीर में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ फूटा आक्रोश, महिलाओं ने किया चक्काजाम

जननायक टंट्या मामा की जन्मभूमि ग्राम बड़ौदा अहीर में अवैध शराब की बढ़ती बिक्री को लेकर ग्रामीणों का धैर्य आखिर टूट गया। बुधवार सुबह 10 बजे पंधाना–कालंका मुख्य मार्ग पर महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया और गांव में पूरी तरह शराबबंदी की मांग उठाई।महिलाओं का कहना था कि गांव में अवैध शराब खुलेआम बिक रही है और प्रशासन इस पर रोक लगाने में नाकाम रहा है। चक्काजाम के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में 10 से ज्यादा जगहों पर अवैध शराब की बिक्री हो रही है, जिससे युवाओं और बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शिवराज मामा ने गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन आज भी हालात नहीं सुधरे। शराबखोरी बढ़ने के कारण कई महिलाएं मायके जाने को मजबूर हैं। पहले भी दी शिकायतें, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ा।महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से नहीं लेते तो अगला आंदोलन और बड़ा होगा। पुलिस की कार्रवाई शुरू, एक आरोपी पर केस दर्ज चक्काजाम की सूचना मिलते ही पंधाना थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा मौके पर पहुंचे। महिलाओं की शिकायत पर मुकेश पिता दरियाव सिंह (42) निवासी बड़ौदा अहीर के खिलाफ धारा 34(1) के तहत केस दर्ज किया गया और अवैध शराब जब्त की गई। थाना प्रभारी टीम के साथ गांव के कई स्थानों पर पहुंचे, जहां अवैध शराब बिक्री की जानकारी मिली थी। पुलिस ने जांच की और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। More updates and latest local news only on:www.deshharpal.com
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भोपाल मिसरोद: मैजिक स्पॉट कैफे पर नकाबपोशों का हमला, दो मिनट में की जबरदस्त तोड़फोड़

भोपाल के मिसरोद इलाके में मंगलवार देर रात एक डराने वाली घटना हुई। मैजिक स्पॉट कैफे में अचानक 20 से ज्यादा नकाबपोश बदमाश घुस आए और तलवार-डंडों से जबरदस्त तोड़फोड़ कर दी। उस समय कैफे में एक युवक और युवती मौजूद थे, जो हमलावरों को देखकर घबराकर बाहर की ओर भाग निकले। सीसीटीवी फुटेज वायरल, पुलिस रंजिश की आशंका में जांच में जुटी घटना के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह ने बताया कि पूरी वारदात दो मिनट से भी कम समय में हो गई। बदमाश सीधे कैफे के अंदर घुसे, हमला किया और तुरंत फरार हो गए।प्राथमिक जांच में साफ है कि उनकी नीयत लूट की नहीं थी, इसलिए पुलिस इस मामले को पुरानी रंजिश या विवाद से जोड़कर देख रही है। कैफे संचालक सक्षम गिरि ने किसी खास दुश्मनी से इनकार किया है, लेकिन एफआईआर में उन्होंने 2-3 संदिग्धों के नाम दर्ज कराए हैं। दो संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी पुलिस ने एफआईआर में दर्ज नामों में से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभी तक घटना की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश का नतीजा था या कोई और विवाद सामने आएगा। तीन थानों की टीमें मिलकर कर रहीं जांच हमले की गंभीरता को देखते हुए मिसरोद, बागसेवनिया और कटारा हिल्स थाना क्षेत्रों की पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है। टीमें सीसीटीवी फुटेज, रूट मैप और संभावित विवादों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है, लेकिन पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं जिन पर काम किया जा रहा है। कैफे संचालक ने योगी, निखिल, अभिषेक समेत पांच नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। More updates and full story on:www.deshharpal.com
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गृहमंत्री अमित शाह ने दी थी Hidma को खत्म करने की डेडलाइन, 12 दिन पहले ही ढेर

गृहमंत्री अमित शाह ने दी थी Hidma को खत्म करने की डेडलाइन, 12 दिन पहले ही ढेर

भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई और मजबूत इंटेलिजेंस ऑपरेशन के बाद देश के सबसे खतरनाक नक्सली कमांडर Hidma को आखिरकार सुरक्षा बलों ने मार गिराया। कहा जाता है कि गृहमंत्री अमित शाह ने हिड़मा को खत्म करने की एक समयसीमा (Deadline) तय की थी, और उससे 12 दिन पहले ही यह बड़ी सफलता मिल गई। हिड़मा वही नाम है, जिसके नाम से जंगल का बच्चा-बच्चा डरता था। वह 2010 में दांतेवाड़ा में हुए हमले का मुख्य आरोपी था, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे। यही वजह थी कि हिड़मा नक्सली दुनिया का सबसे वांछित चेहरा बन गया। सरकार, सुरक्षा एजेंसियां और स्पेशल फोर्सेज लगातार हिड़मा का पीछा कर रही थीं। कई सालों तक वह घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और स्थानीय नेटवर्क की मदद से बचता रहा। लेकिन इस बार केंद्रीय एजेंसियों ने सटीक जानकारी जुटाई और संयुक्त ऑपरेशन में उसे ढेर कर दिया। इस सफलता के बाद सुरक्षा बलों का मनोबल और भी मजबूत हुआ है और नक्सल समस्या पर एक ऐतिहासिक प्रहार माना जा रहा है। अब सरकार का लक्ष्य बचे हुए नेटवर्क को भी पूरी तरह खत्म करना है ताकि बस्तर, छत्तीसगढ़ और आस-पास के इलाकों में शांति और विकास का रास्ता तेज हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर: सिंचाई विभाग में 53 लाख का एपीएस घोटाला, काम पूरा होने से पहले ठेकेदार को कर दिया भुगतान

बिलासपुर के कोटा डिवीजन में सिंचाई विभाग में बड़ा एपीएस घोटाला सामने आया है। यहां अधिकारियों ने सभी नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार को 53 लाख रुपए की अतिरिक्त सुरक्षा निधि (APS) का भुगतान कर दिया, जबकि काम पूरा ही नहीं हुआ था। अब मामला उजागर होने के बाद विभाग फंस चुका है और ठेकेदार का फाइनल बिल रोकने की बात कही जा रही है। कैसे हुआ घोटाला? कोटा डिवीजन में दबेना एनीकट का निर्माण 5.20 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। यह काम श्रृंगार कंस्ट्रक्शन्स को बिलो-रेट पर सौंपा गया था। बिलो-रेट में काम मिलने के कारण ठेकेदार से नियमों के मुताबिक 53 लाख रुपए अतिरिक्त सुरक्षा निधि जमा कराई गई थी। नियम यह है कि एपीएस राशि काम पूरी तरह और संतोषजनक रूप से पूरा होने पर ही वापस की जा सकती है।लेकिन यहां जून 2024 में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता और मुख्य अभियंता ने काम पूरा होने से पहले ही ठेकेदार को यह 53 लाख रुपए वापस कर दिए, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है। अब विभाग की सफाई – ‘एपीएस लौटाए बिना फाइनल बिल नहीं’ मामला सामने आने के बाद अब विभाग कह रहा है कि— EE डी. जायसवाल ने स्वीकार किया है कि एपीएस का भुगतान काम पूरा होने से पहले करना गलत है और ये गंभीर अनियमितता है। जशपुर में ऐसे ही मामले में दर्ज हुई थी FIR ये कोई पहली घटना नहीं है। जशपुर में भी मांड नदी व्यपवर्तन योजना में 2.93 करोड़ की APS राशि का गलत भुगतान किया गया था। मामला खुलने पर दोषी अफसर के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।लेकिन कोटा डिवीजन में अफसरों पर आरोप है कि वे गड़बड़ी दबाने और दोषियों को बचाने में लगे हैं। क्या है अतिरिक्त सुरक्षा निधि (APS)? APS वह राशि होती है जिसे ठेकेदार से तब जमा कराया जाता है जब वह निर्धारित दर से कम रेट पर काम लेता है।काम पूरी तरह और गुणवत्ता के साथ पूरा होने पर ही विभाग यह राशि वापस करता है।लेकिन कोटा डिवीजन में इसी नियम का दुरुपयोग किया गया। यह मामला न सिर्फ भ्रष्टाचार का संकेत है, बल्कि सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। पूरे मामले की ताज़ा अपडेट और विस्तृत खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में पहली बार देशभर के डीजीपी-आईजीपी का सबसे बड़ा सम्मेलन, नवा रायपुर में होगी रणनीति तय

छत्तीसगढ़ में पहली बार देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP) और महानिरीक्षक (IGP) का सबसे बड़ा मंच आयोजित होने जा रहा है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा। यह राज्य के लिए बेहद गर्व का मौका माना जा रहा है। तीन दिन चलेगा मंथन, शाह और मोदी रहेंगे मौजूद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हिस्सा लेंगे, जबकि समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय मिश्रा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी— इस बार खास फोकस नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर पर रहेगा। हाल के महीनों में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई ने कई बड़ी सफलताएं दी हैं। इसी “बस्तर मॉडल” को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने पर भी बात होगी। बस्तर मॉडल को और मजबूत करने पर जोर अधिकारियों के अनुसार, हाल ही के ऑपरेशनों में सफल होने के पीछे बेहतर ग्राउंड इंटेलिजेंस, आधुनिक हथियार और संयुक्त ऑपरेशन मुख्य वजह रहे हैं। सम्मेलन में आगे की रणनीति का ब्लूप्रिंट तैयार किए जाने की संभावना है। भुवनेश्वर के बाद अब छत्तीसगढ़ को मिली मेजबानी साल 2024 में यह सम्मेलन भुवनेश्वर में हुआ था। इस बार पहली बार इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ कर रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। एक महीने में पीएम का दूसरा दौरा प्रधानमंत्री मोदी नवंबर में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे पहले 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। अब वे 28-30 नवंबर को होने वाले इस बड़े सुरक्षा सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे नवा रायपुर में बनेगा अस्थायी पीएमओ सम्मेलन के दौरान नवा रायपुर में बंगला M-01 को अस्थायी मिनी PMO में बदल दिया जाएगा। यह बंगला विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का आवास है। 500 से ज्यादा शीर्ष अधिकारी होंगे शामिल इस बड़े आयोजन में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, NSA अजित डोभाल, 70 DG, पैरामिलिट्री चीफ और कुल 500 शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। सुरक्षा के लिए NSG कमांडो तैनात किए जाएंगे और VVVIP मूवमेंट के लिए 400 वाहनों का बेड़ा तैयार रहेगा। छत्तीसगढ़ में होने वाला यह सम्मेलन न सिर्फ सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी देगा। और खबरों के लिए विजिट करें –www.deshharpal.com
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गुना में मनाई गई पंडित नेहरू की जयंती: कांग्रेस नेताओं ने किया माल्यार्पण, KV में बाल दिवस पर आधार अपडेशन शिविर आयोजित

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती गुना जिले में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कांग्रेस नेताओं ने हनुमान चौराहा स्थित नेहरू पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके योगदान को याद किया। नेहरू के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक: कांग्रेस नेता पूर्व जिला अध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय ने कहा कि आज देश जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, उसमें नेहरू के सिद्धांत और नीतियाँ देश को सही दिशा देने का काम कर सकती हैं।कांग्रेस नेताओं ने बताया कि: कार्यक्रम में कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। KV गुना में बाल दिवस पर दो दिवसीय आधार अपडेशन शिविर बाल दिवस के मौके पर केंद्रीय विद्यालय, गुना में दो दिवसीय आधार अपडेशन शिविर आयोजित किया गया।अधीक्षक डाकघर गुना ओपी चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में: बच्चों को सरकारी योजनाओं, बचत योजनाओं, फिलेटैली और माय स्टाम्प जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। 100 से ज्यादा बच्चों ने उठाया लाभ इस शिविर का लाभ लगभग 100 बच्चों ने लिया।शिविर में प्राचार्य सुरेंद्र कुमार चतुर्वेदी, पुस्तकालयाध्यक्ष ऋषिकेश भार्गव, शिक्षक-शिक्षिकाएं और आधार ऑपरेटर आयुषी भार्गव व संजय लोधी का विशेष सहयोग रहा। For more info visit: www.deshharpal.com
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

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