भोपाल। राजधानी भोपाल के लाखों नागरिकों के लिए जरूरी खबर है। कोलार जलापूर्ति परियोजना में आवश्यक तकनीकी कार्य और रखरखाव के चलते शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने जा रही है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार करीब 75 इलाकों में जल वितरण व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, जिसके चलते लोगों को पहले से पानी का पर्याप्त भंडारण करने की सलाह दी गई है।
शहर की जलापूर्ति व्यवस्था का बड़ा हिस्सा कोलार और नर्मदा परियोजनाओं पर निर्भर है। विशेषज्ञों के अनुसार कोलार लाइन में किसी भी प्रकार का शटडाउन या तकनीकी कार्य होने पर बड़ी आबादी प्रभावित होती है। हाल के वर्षों में भी कई बार मेंटेनेंस और पाइपलाइन लीकेज के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य भविष्य में बेहतर और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि शटडाउन की अवधि के दौरान कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाएगा या कम दबाव से सप्लाई होगी। ऐसे में नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है।
नागरिक क्या करें?
- घरों में पीने के पानी का पर्याप्त स्टॉक रखें।
- पानी का उपयोग जरूरत के अनुसार करें।
- टंकियों को समय रहते भर लें।
- अनावश्यक पानी की बर्बादी से बचें।
क्यों महत्वपूर्ण है कोलार परियोजना?
भोपाल की जलापूर्ति का बड़ा हिस्सा कोलार परियोजना से आता है। शहर में बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग के बीच यह परियोजना राजधानी की प्रमुख लाइफलाइन मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तकनीकी बाधा का सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ता है।
यदि आप भोपाल के कोलार, अरेरा, शाहपुरा, टीटी नगर, न्यू मार्केट या आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं तो अगले 36 घंटों के लिए पानी की व्यवस्था पहले से कर लेना बेहतर होगा। नगर निगम द्वारा सप्लाई बहाल होने के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
