राजधानी दिल्ली के मुकुंदपुर (Mukundpur) इलाके में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक इमारत में अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते भवन का एक हिस्सा ढह गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई, जबकि पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह गैस सिलेंडर में विस्फोट (Cylinder Blast) बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के सही कारणों की पुष्टि की जाएगी।
धमाके के बाद ढही इमारत, लोगों में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही इमारत का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। घटना के बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और स्थानीय निवासी अपने घरों से बाहर निकल आए।
कई लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की इमारतें भी हिल गईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।
रेस्क्यू टीम ने तीन लोगों को सुरक्षित निकाला
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद बचावकर्मियों ने मलबे में दबे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका
राहत एजेंसियों को आशंका है कि अभी भी एक व्यक्ति मलबे के नीचे फंसा हो सकता है। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे की जांच नहीं हो जाती, तब तक अभियान जारी रहेगा।
जांच के दायरे में निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था
हादसे के बाद प्रशासन ने इमारत की निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और गैस सिलेंडर के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या भवन निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या फिर तकनीकी कारणों से यह दुर्घटना हुई।
स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत
हादसे के बाद कई स्थानीय निवासी बचाव कार्य में जुट गए। कुछ लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की तो कई लोग राहत टीमों के साथ मलबा हटाने में सहयोग करते नजर आए। इस मुश्किल घड़ी में स्थानीय लोगों की तत्परता ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की।
लगातार बढ़ रही भवन सुरक्षा को लेकर चिंता
दिल्ली और एनसीआर में पिछले कुछ वर्षों में इमारत गिरने और गैस रिसाव जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में मुकुंदपुर की यह घटना एक बार फिर भवन सुरक्षा और गैस सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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