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Sensex

Sensex Crash Today: IT और Metal Stocks में भारी गिरावट, Market Pressure बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में आज एक बार फिर कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार से ही दबाव बना रहा और सेंसेक्स (Sensex)करीब 200 अंक गिरकर 74,200 के स्तर के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी (Nifty) भी लगभग 100 अंक टूटकर लाल निशान में चला गया। सुबह से ही बाजार में हल्की घबराहट का माहौल था, और जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, बिकवाली का दबाव और बढ़ता चला गया। क्यों टूटा शेयर बाजार? Metal और IT सेक्टर बने गिरावट की वजह आज की गिरावट में सबसे बड़ा रोल Metal और IT सेक्टर का रहा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और डॉलर की मजबूती ने IT सेक्टर को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। वहीं मेटल सेक्टर में डिमांड को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं। Global Market का असर भी दिखा अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं, जिसका सीधा असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर भी पड़ा। Investors के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

MCX Gold Silver Rate Today: अचानक बदले भाव, जानें ताजा सोना-चांदी अपडेट

Gold और Silver की कीमतों में आज फिर हलचल देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुएं उतार-चढ़ाव के बीच मजबूत रुझान दिखा रही हैं। निवेशकों के बीच एक बार फिर खरीदारी का माहौल बनता दिख रहा है, क्योंकि ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों ने कीमतों को सपोर्ट दिया है। MCX Gold Silver Rate Today: क्या रहा आज का ट्रेंड? आज के ट्रेडिंग सेशन में: MCX पर गोल्ड और सिल्वर दोनों लगातार बदलते ग्लोबल संकेतों के हिसाब से मूव करते नजर आए। सोने की कीमत क्यों बढ़ी? आज सोने में आए उछाल के पीछे कुछ अहम कारण रहे: सोना हमेशा से ही ऐसे समय में मजबूत होता है जब बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ती है। Silver Price Today: चांदी में भी दिखी हलचल चांदी की कीमतें भी आज लगातार बदलती रहीं। चांदी अक्सर सोने से ज्यादा तेज मूव करती है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है। हाल के दिनों का Gold Silver Trend पिछले कुछ दिनों में बाजार का मूड काफी बदलता रहा है: इस तरह गोल्ड और सिल्वर दोनों ही फिलहाल वोलैटाइल जोन में बने हुए हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि: निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tax

Indian Market को मिलेगा बड़ा Boost! विदेशी निवेशकों के लिए सरकार ला सकती है Tax Relief

भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र सरकार अब ऐसा बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है, जिससे Foreign Portfolio Investors (FPI) का भरोसा भारतीय बाजार पर फिर मजबूत हो सकता है। खबरें हैं कि सरकार सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों के लिए Capital Gains Tax हटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारत का बॉन्ड मार्केट विदेशी निवेशकों के लिए पहले से ज्यादा आकर्षक बन जाएगा। पिछले कुछ महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला था, जिसका असर शेयर बाजार और रुपये दोनों पर देखने को मिला। ऐसे में सरकार का यह कदम बाजार को नई मजबूती दे सकता है। क्या है सरकार की नई तैयारी? सूत्रों के मुताबिक, सरकार सिर्फ Capital Gains Tax हटाने पर ही नहीं बल्कि विदेशी निवेशकों को मिलने वाले ब्याज पर लगने वाले withholding tax में भी राहत देने की योजना बना रही है। अभी सरकारी बॉन्ड्स पर मिलने वाले ब्याज पर करीब 20% टैक्स देना पड़ता है, जिसे कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि टैक्स में राहत मिलने के बाद विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बॉन्ड मार्केट की तरफ तेजी से बढ़ सकता है। इससे भारत में डॉलर का फ्लो बढ़ेगा और बाजार में स्थिरता आने की संभावना भी मजबूत होगी। क्यों जरूरी बन गया यह फैसला? हाल के समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका की ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय तनावों की वजह से विदेशी निवेशकों ने कई उभरते बाजारों से दूरी बनाई थी। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। लगातार बिकवाली के कारण शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा और निवेशकों की चिंता भी बढ़ी। इसी बीच भारत को J.P. Morgan और Bloomberg जैसे बड़े ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल किए जाने से विदेशी निवेश की नई संभावनाएं खुली हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि टैक्स बोझ कम करके ज्यादा से ज्यादा विदेशी पूंजी भारत में लाई जाए। पहले भी निवेशकों को मिल चुकी है राहत सरकार इससे पहले भी निवेश बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले ले चुकी है। Budget 2024 में Angel Tax खत्म करने का फैसला इसी दिशा में बड़ा कदम माना गया था। इसका फायदा स्टार्टअप सेक्टर और विदेशी निवेशकों दोनों को मिला। अब माना जा रहा है कि अगर बॉन्ड मार्केट से जुड़े टैक्स नियमों में ढील दी जाती है, तो भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी तेज हो सकती है। इसका सीधा असर शेयर बाजार, रुपये और देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है। Market Experts क्या मानते हैं? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार जल्द इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आने वाले महीनों में भारतीय बाजार में विदेशी निवेश बढ़ सकता है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर सरकार के अगले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई है। अगर टैक्स में राहत का फैसला आता है, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market

Share Market में बड़ा उलटफेर! 50% टूटे Stock पर फिर बुलिश हुए Analysts

Share Market में उतार-चढ़ाव के बीच एक दिग्गज कंपनी का स्टॉक इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। कभी निवेशकों का पसंदीदा रहा यह शेयर अब अपने हाई लेवल से करीब 50 फीसदी तक टूट चुका है। लगातार गिरावट के बाद छोटे निवेशकों में चिंता बढ़ गई, लेकिन इसी बीच कई ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर पर फिर भरोसा जताया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यह स्टॉक शानदार वापसी कर सकता है और इसका भाव ₹3100 तक पहुंच सकता है। क्यों टूटा शेयर? पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयर पर लगातार दबाव देखने को मिला। कमजोर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता और सेक्टर में सुस्ती इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं। इसके चलते निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी और शेयर में भारी गिरावट आ गई। कई निवेशकों को उम्मीद नहीं थी कि यह स्टॉक इतनी तेजी से नीचे आ जाएगा। बाजार में डर का माहौल बना और रिटेल निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। अब क्यों बढ़ा भरोसा? हाल ही में आई नई रिपोर्ट्स के बाद बाजार का नजरिया थोड़ा बदला है। कई ब्रोकरेज फर्म्स का कहना है कि कंपनी के फंडामेंटल अभी भी मजबूत हैं और आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी की कमाई बेहतर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि: इसी वजह से कुछ ब्रोकरेज हाउस ने शेयर के लिए ₹3100 तक का टारगेट प्राइस दिया है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी गिरते शेयर में सिर्फ सस्ता देखकर पैसा लगाना सही रणनीति नहीं होती। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, कर्ज, ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं को समझना जरूरी है। अगर कोई निवेशक लंबे समय के नजरिए से निवेश करना चाहता है, तो चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। वहीं शॉर्ट टर्म निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। क्या फिर दौड़ेगा यह शेयर? शेयर बाजार में कई बार बड़े स्टॉक्स भारी गिरावट के बाद दमदार वापसी भी करते हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों और बाजार के माहौल पर टिकी हुई है। अगर कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करती है तो यह शेयर आने वाले समय में फिर से तेजी पकड़ सकता है। फिलहाल बाजार में यही चर्चा है कि क्या यह टूटा हुआ स्टॉक एक बार फिर निवेशकों को बड़ा रिटर्न देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Down, IT Stocks Up! TCS-Infosys ने दिखाई जबरदस्त ताकत

Stock Market में मंगलवार का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा। एक तरफ सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में नजर आए, तो दूसरी तरफ आईटी सेक्टर ने बाजार की पूरी तस्वीर बदल दी। जब अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, तब TCS, Infosys, Tech Mahindra और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और एक बार फिर आईटी सेक्टर चर्चा के केंद्र में आ गया। गिरते बाजार में IT सेक्टर बना सबसे बड़ा सहारा मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। लेकिन इसी बीच आईटी शेयरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को राहत दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स में मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि TCS और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में 4 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी केवल एक दिन की खरीदारी नहीं, बल्कि सेक्टर में लौटते भरोसे का संकेत है। आखिर क्यों दौड़ रहे हैं IT Stocks? अमेरिकी ब्याज दरों पर टिकी उम्मीदें आईटी शेयरों में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आ रहे संकेत माने जा रहे हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में राहत दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो टेक्नोलॉजी कंपनियों का खर्च बढ़ेगा और भारतीय आईटी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना मजबूत होगी। AI को लेकर बदला निवेशकों का नजरिया कुछ समय पहले तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आईटी कंपनियों के लिए चुनौती माना जा रहा था। लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। निवेशकों को भरोसा है कि भारतीय आईटी कंपनियां AI को अपने बिजनेस का मजबूत हिस्सा बनाकर नए अवसर पैदा कर सकती हैं। ग्लोबल टेक कंपनियों से मिले पॉजिटिव संकेत दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के बेहतर नतीजों ने भी आईटी सेक्टर में उत्साह बढ़ाया है। क्लाउड सर्विसेज, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI आधारित प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर बनते दिख रहे हैं। किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी? बाजार में आईटी शेयरों की खरीदारी व्यापक रही। Infosys और TCS में सबसे अधिक रुचि देखने को मिली। इसके अलावा Tech Mahindra, Wipro, LTIMindtree और Coforge जैसे शेयर भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में आईटी शेयरों में आई गिरावट के बाद उनके वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर पहुंच गए थे। यही वजह है कि निवेशकों ने इस सेक्टर में दोबारा खरीदारी शुरू की है। निवेशकों के लिए आगे क्या है संकेत? विशेषज्ञों के अनुसार यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है और टेक्नोलॉजी सेक्टर में खर्च बढ़ता है तो भारतीय आईटी कंपनियों की आय में सुधार देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में भी आईटी शेयरों में सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है। हालांकि वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और बदलता टेक्नोलॉजी माहौल अभी भी निवेशकों के लिए नजर रखने वाले महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Opening: सप्ताह की शुरुआत शानदार, Sensex-Nifty की तेजी से निवेशकों के चेहरे खिले

पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन सप्ताह की शुरुआत ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। Stock Market खुलते ही बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। निवेशकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान सोमवार सुबह की तेजी ने उन निवेशकों को राहत दी है जो पिछले सत्रों में बाजार की सुस्ती से चिंतित थे। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार रुचि ने बाजार के माहौल को सकारात्मक बनाया है। किन सेक्टरों ने दिखाई मजबूती? शुरुआती कारोबार में निजी और सरकारी बैंकिंग शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसके अलावा आईटी और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की सक्रियता देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत नजर आई। आगे क्या है निवेशकों की नजर? विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों का निवेश और कंपनियों के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि सकारात्मक संकेत बने रहते हैं तो निफ्टी और सेंसेक्स दोनों नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। फिलहाल सप्ताह की शुरुआत ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। निवेशकों की उम्मीदें बढ़ी हैं और कारोबारियों को आने वाले दिनों में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जून में आम आदमी को झटका: कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा, आज से बदल गए ये 4 बड़े नियम

जून में आम आदमी को झटका: कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा, आज से बदल गए ये 4 बड़े नियम

देशभर में जून महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलावों के साथ हुई है। सबसे बड़ा असर रसोई गैस और रोजमर्रा के खर्चों पर देखने को मिला है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके साथ ही 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमत में भी इजाफा किया गया है। इन बदलावों का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती हैं। कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। वहीं 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर के दाम में 11 रुपए बढ़ाए गए हैं। हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों और होटल कारोबार पर पड़ेगा। कई दुकानदारों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत से कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। जून में हुए ये 4 बड़े बदलाव 1. LPG सिलेंडर के दाम बढ़े कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से बाहर खाना और फूड सर्विस से जुड़ी चीजें महंगी हो सकती हैं। 2. बैंकिंग नियमों में बदलाव कुछ बैंकों ने ATM ट्रांजैक्शन और मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। ग्राहकों को अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है। 3. क्रेडिट कार्ड नियम अपडेट कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स और चार्जेज में बदलाव किया है। कार्ड यूजर्स को नई शर्तें ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। 4. तेल कंपनियों की नई कीमतें लागू हर महीने की पहली तारीख को पेट्रोलियम कंपनियां LPG और अन्य ईंधन की नई कीमतें जारी करती हैं। जून में भी नई दरें लागू हो गई हैं। आम लोगों की बढ़ी चिंता महंगाई के बीच गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। खासकर छोटे होटल संचालकों और फूड बिजनेस से जुड़े लोगों का कहना है कि लागत बढ़ने से ग्राहकों पर बोझ डालना मजबूरी बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में भी इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो इसका असर घरेलू बजट पर भी साफ दिखाई देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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WhatsApp, Facebook और Instagram के नए Plus फीचर्स आएंगे, यूजर्स को देना पड़ सकता है पैसा

WhatsApp, Facebook और Instagram के नए Plus फीचर्स आएंगे, यूजर्स को देना पड़ सकता है पैसा

दुनियाभर में करोड़ों लोग रोजाना WhatsApp, Facebook और Instagram का इस्तेमाल करते हैं। अब इन प्लेटफॉर्म्स को चलाने वाली कंपनी Meta अपने यूजर्स के लिए एक नया “Plus” या प्रीमियम वर्जन लाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि इसके लिए यूजर्स को हर महीने कुछ पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, लेकिन बदले में कई नए और खास फीचर्स मिलने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को और ज्यादा पर्सनल और एडवांस बनाने पर काम कर रही है। नए Plus वर्जन में यूजर्स को ऐसी सुविधाएं मिल सकती हैं, जो अभी फ्री वर्जन में उपलब्ध नहीं हैं। 24 घंटे बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी Instagram और Facebook पर अभी स्टोरी सिर्फ 24 घंटे तक दिखाई देती है, लेकिन Plus वर्जन में यूजर्स अपनी स्टोरी को ज्यादा समय तक एक्टिव रख सकेंगे। इससे लोग अपनी खास यादों और जरूरी अपडेट्स को लंबे समय तक शेयर कर पाएंगे। पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना सकेंगे नए फीचर के तहत यूजर्स अपने करीबी दोस्तों, परिवार और ऑफिस के लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना पाएंगे। इससे हर पोस्ट और स्टोरी को अपनी पसंद के लोगों तक ही शेयर करना आसान हो जाएगा। यह फीचर प्राइवेसी और पर्सनल कंट्रोल को बेहतर बनाएगा। आम यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा? अगर Meta अपने Plus वर्जन को लॉन्च करता है, तो इससे यूजर्स को फ्री और पेड दोनों विकल्प मिल सकते हैं। जो लोग ज्यादा फीचर्स और बेहतर अनुभव चाहते हैं, वे प्रीमियम प्लान चुन सकते हैं। वहीं सामान्य यूजर्स पहले की तरह फ्री वर्जन इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, Meta की तरफ से अभी तक इन फीचर्स और कीमतों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसे लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FII

FII Outflow 2026: महंगा Valuation और STT बना भारतीय बाजार की परेशानी

भारतीय शेयर बाजार इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों यानी FII (Foreign Institutional Investors) की लगातार बिकवाली मानी जा रही है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाल ली है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन बड़े कारण हैं। इनमें भारतीय बाजार का महंगा वैल्यूएशन, अमेरिका की ब्याज दरें और STT से जुड़े नए नियम सबसे अहम माने जा रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार बाजार को राहत देने के लिए STT पर अपना फैसला बदल सकती है? Indian Stock Market क्यों लग रहा महंगा? पिछले कुछ सालों में भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन इसी तेजी के कारण अब भारतीय बाजार का वैल्यूएशन काफी ऊपर पहुंच गया है। कई विदेशी निवेशकों को लगता है कि मौजूदा स्तर पर भारतीय बाजार में निवेश करना ज्यादा फायदे का सौदा नहीं है। यही वजह है कि FIIs अब चीन, ब्राजील और दूसरे एशियाई बाजारों की तरफ रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें कम कीमत पर बेहतर अवसर दिखाई दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। US Interest Rate और Strong Dollar ने बढ़ाया दबाव अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति भी भारतीय बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे वहां के बॉन्ड और डॉलर आधारित निवेश ज्यादा आकर्षक हो गए हैं। ऐसे में विदेशी निवेशक जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका जैसे सुरक्षित बाजारों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसका असर भारतीय रुपये पर भी पड़ा है और डॉलर के मुकाबले रुपया दबाव में नजर आ रहा है। STT और F&O Rules से क्यों नाराज हैं Investors? Budget 2026 में सरकार ने Futures & Options ट्रेडिंग पर STT यानी Securities Transaction Tax बढ़ाने का फैसला लिया था। इसके बाद बाजार में काफी हलचल देखने को मिली। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि STT बढ़ने से ट्रेडिंग कॉस्ट ज्यादा हो गई है। इससे विदेशी निवेशकों के साथ-साथ बड़े ट्रेडर्स की दिलचस्पी भी कम हुई है। कई ब्रोकरेज कंपनियों ने सरकार से STT नियमों पर दोबारा विचार करने की मांग की है। क्या सरकार ले सकती है U-Turn? अब बाजार में चर्चा तेज हो गई है कि सरकार निवेशकों को राहत देने के लिए STT पर यू-टर्न ले सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर टैक्स नियमों में राहत दी जाती है तो विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर से लौट सकता है। घरेलू निवेशक बने बाजार का सहारा एक तरफ जहां विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू निवेशक बाजार को संभाले हुए हैं। SIP और म्यूचुअल फंड निवेश के जरिए भारतीय निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार में बना हुआ है। यही वजह है कि भारी विदेशी बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली। हालांकि आने वाले महीनों में वैश्विक संकेत और सरकारी फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Stock Market

Indian Stock Market Down: Sensex और Nifty में गिरावट

आज भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में निवेशकों को निराश करने वाला दिन रहा। पूरे सत्र में उतार-चढ़ाव के बाद अंत में बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। लगातार बिकवाली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दिन के अंत में बेंचमार्क इंडेक्स Sensex 479 अंक गिरकर 76,009 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 118 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में फिसल गया। Market में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? शुरुआत से ही बाजार में कमजोरी का माहौल दिख रहा था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली तेज होती गई और निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर पड़ता गया। मुख्य कारण रहे: किन सेक्टर्स ने गिराया पूरा बाजार? आज की गिरावट में कुछ प्रमुख सेक्टर्स की बड़ी भूमिका रही: Metal Stocks मेटल शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली, जिससे इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। Realty Sector रियल्टी स्टॉक्स में कमजोरी के चलते निवेशकों का भरोसा डगमगाया। Banking Shares बैंकिंग सेक्टर में भी गिरावट रही, जिससे बाजार की गिरावट और तेज हो गई। Investor के लिए क्या मतलब है ये गिरावट? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट पूरी तरह से ट्रेंड रिवर्सल नहीं है, बल्कि एक healthy correction हो सकता है। लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट धीरे-धीरे एंट्री का मौका भी बन सकती है, हालांकि शॉर्ट टर्म में volatility बनी रह सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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