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Gold

Gold-Silver Market Update: सोने में हल्की बढ़त, चांदी में नरमी

सर्राफा बाजार में आज फिर हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कहीं सोने (Gold) की चमक थोड़ी बढ़ी है तो कहीं चांदी (Silver) की रफ्तार धीमी पड़ गई है। निवेशकों और आम खरीदारों के लिए यह बदलाव अहम माना जा रहा है क्योंकि रोजाना कीमतों में होने वाला ये उतार-चढ़ाव सीधे जेब पर असर डालता है। आज का बड़ा अपडेट (Gold & Silver Market Update) आज के ताज़ा कारोबार में: यानी बाजार में मिला-जुला ट्रेंड देखने को मिला है। सोना क्यों हुआ थोड़ा महंगा? आज सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। इसके पीछे कुछ अहम कारण रहे: हालांकि तेजी बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन बाजार में सोने की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। चांदी क्यों हुई सस्ती? चांदी के दामों में आज गिरावट देखी गई। इसके कारण: इस वजह से चांदी आज थोड़ी सस्ती मिल रही है। Market Trend कैसा है? विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दोनों धातुओं के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। आम लोगों और निवेशकों के लिए क्या संकेत? अगर आप खरीदारी या निवेश की सोच रहे हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dollar के मुकाबले रुपया पहली बार 96.18 पर पहुंचा, कच्चा तेल 110 डॉलर के पार

Dollar के मुकाबले रुपया पहली बार 96.18 पर पहुंचा, कच्चा तेल 110 डॉलर के पार

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सोमवार का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। अमेरिकी Dollar के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 96.18 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी करीब 2% की तेजी देखी गई और ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। रुपये में आई इस बड़ी गिरावट का असर शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक टूट गया। हालांकि बाद में बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली और निवेशकों को थोड़ी राहत मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की महंगी कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर रुपये और आम लोगों की जेब पर पड़ता है। रुपये की कमजोरी से आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विदेश से आने वाले कई सामान महंगे हो सकते हैं। इसका असर आम लोगों के घरेलू बजट पर भी पड़ने की आशंका है। वहीं शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव से छोटे निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है। आर्थिक जानकारों के मुताबिक, यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और वैश्विक हालात सामान्य नहीं हुए, तो भारतीय बाजारों में आगे भी दबाव बना रह सकता है। देश-दुनिया और कारोबार की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nifty

Share Market Update: Sensex में जोरदार उछाल, Nifty ने छुआ 23,800 लेवल

आज भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के चेहरे पर राहत और उत्साह दोनों नजर आए। शुरुआती कारोबार में खरीदारी का माहौल इतना मजबूत रहा कि प्रमुख इंडेक्स तेजी के साथ हरे निशान में पहुंच गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक Sensex करीब 300 अंक की छलांग लगाकर 75,700 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स Nifty 50 भी लगभग 100 अंक की बढ़त के साथ 23,800 के ऊपर कारोबार करता दिखा। बाजार में तेजी क्यों आई? शेयर बाजार में इस उछाल के पीछे कई कारण सामने आए हैं: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी फिलहाल निवेशकों की सकारात्मक भावना को दर्शाती है, हालांकि आगे उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा घरेलू आर्थिक डेटा, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों (FII-DII) के रुख पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर और सतर्कता के साथ कदम उठाने की सलाह दी जा रही है। आज का सत्र कुल मिलाकर शेयर बाजार के लिए एक मजबूत और भरोसा बढ़ाने वाली शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Share Market Rally: ग्लोबल पॉजिटिव संकेतों से Sensex में 790 अंकों की छलांग

भारतीय शेयर बाजार में आज का दिन निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा। ग्लोबल लेवल पर अमेरिका और चीन के बीच चल रही सकारात्मक बातचीत का असर भारतीय बाजारों पर साफ दिखा। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय संकेत मजबूत हुए, दलाल स्ट्रीट पर खरीदारी का माहौल बन गया और बाजार तेजी से ऊपर भागा। सेंसेक्स (Sensex) में करीब 790 अंकों की जोरदार छलांग लगी, जबकि निफ्टी ने भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार किया। पूरे दिन बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना रहा, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। आखिर बाजार में इतनी तेजी क्यों आई? आज की इस रैली के पीछे कई अहम वजहें रहीं, लेकिन सबसे बड़ा फैक्टर रहा US-China बातचीत से आया भरोसा। 1. US-China Trade Talks से राहत दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव कम होने की उम्मीद ने ग्लोबल मार्केट को राहत दी। इससे एशियाई बाजारों के साथ भारत में भी खरीदारी बढ़ गई। 2. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी विदेशी निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार में पैसा लगा रहे हैं। उनकी मजबूत खरीदारी ने इंडेक्स को ऊपर धकेला। 3. मजबूत सेक्टोरल सपोर्ट बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे बाजार को ताकत मिली। Sensex और Nifty का हाल दिनभर बाजार में एकतरफा तेजी का माहौल बना रहा और कई स्टॉक्स में अच्छी रैली देखने को मिली। ग्लोबल सेंटिमेंट का बड़ा रोल US-China रिश्तों में सुधार की उम्मीद का असर सिर्फ इन दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता। जब भी इन दोनों के बीच सकारात्मक संकेत आते हैं, तो दुनिया भर के बाजारों में भरोसा बढ़ता है। आज की तेजी भी इसी ग्लोबल कनेक्शन का नतीजा रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market

Share Market Update: Sensex और Nifty दोनों चढ़े, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने बुधवार को दमदार शुरुआत की। सुबह कारोबार खुलते ही बाजार में खरीदारी का माहौल दिखा और बीएसई सेंसेक्स करीब 300 अंक चढ़कर 74,850 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 100 अंकों की तेजी के साथ 23,480 के पार कारोबार करता नजर आया। बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान मेटल सेक्टर का रहा, जहां निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन आज की तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत कर दिया। कारोबार के शुरुआती घंटों में ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयर हरे निशान में पहुंच गए। Metal Stocks ने पकड़ी रफ्तार आज के ट्रेडिंग सेशन में मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। टाटा स्टील, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील और वेदांता जैसे शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में धातुओं की कीमतों में मजबूती और चीन से बढ़ती मांग की उम्मीद ने इस सेक्टर को सपोर्ट दिया है। निवेशकों ने मेटल शेयरों में लंबी खरीदारी दिखाई, जिसका सीधा असर पूरे बाजार पर देखने को मिला। कई छोटे और मिडकैप मेटल शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज हुई। Banking और IT सेक्टर ने भी दिया साथ मेटल शेयरों के अलावा बैंकिंग और आईटी सेक्टर ने भी बाजार को मजबूती दी। निजी बैंकों के शेयरों में खरीदारी से बाजार का सेंटीमेंट सकारात्मक बना रहा। आईटी कंपनियों में भी हल्की बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार की रफ्तार बनी रही। क्यों आई बाजार में तेजी? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक आज की तेजी के पीछे कई बड़े कारण रहे— इन फैक्टर्स ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया और निवेशकों की खरीदारी बढ़ाई। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर विदेशी निवेश जारी रहा और वैश्विक बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा, तो आने वाले दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। हालांकि निवेशकों को अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मेटल, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर बेहतर विकल्प बनकर उभर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver बाजार में हलचल, सोना ₹10,000 तक हुआ महंगा

देशभर में Gold और Silver की कीमतों में आई अचानक भारी तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में सोना करीब ₹10,000 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया, जबकि चांदी के दाम में लगभग ₹18,000 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि इस उछाल की सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% करना है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने लोगों से फिलहाल सोना खरीदने में सावधानी बरतने को कहा था। क्यों अचानक बढ़ गए Gold-Silver के दाम? भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जब सरकार ने गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई, तो इसका सीधा असर बाजार पर दिखाई दिया। ज्वेलर्स और कारोबारियों के मुताबिक, नई ड्यूटी लागू होने के बाद आयात लागत तेजी से बढ़ी, जिसकी वजह से सोने-चांदी के रेट भी ऊपर चले गए। इसके अलावा: जैसे कारण भी कीमतों में तेजी की बड़ी वजह बने हैं। PM Modi की अपील के बाद बाजार में चर्चा तेज तीन दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की थी कि मौजूदा हालात में सोना खरीदने से बचना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया था, जब वैश्विक आर्थिक हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब जब सोने-चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, तो सोशल Media पर भी पीएम मोदी के बयान को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इसे पहले से दी गई चेतावनी के तौर पर देख रहे हैं। शादी-ब्याह वाले परिवारों की बढ़ी चिंता सोने की कीमतों में आई इस तेजी का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके घरों में शादी-ब्याह की तैयारियां चल रही हैं। भोपाल, दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे बड़े बाजारों में ज्वेलरी खरीदने पहुंचे कई ग्राहकों ने बढ़ते दामों को लेकर चिंता जताई। कारोबारियों का कहना है कि अब लोग भारी गहनों की जगह हल्के डिजाइन और कम वजन वाले आभूषणों को पसंद कर रहे हैं। निवेशकों के लिए क्या है सही विकल्प? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना लंबे समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा ऊंचे भाव पर खरीदारी सोच-समझकर करनी चाहिए। कई निवेशक अब फिजिकल गोल्ड की बजाय: जैसे विकल्पों की तरफ भी रुख कर रहे हैं। आगे और महंगा हो सकता है सोना? विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, घरेलू मांग में कमी आने पर कुछ राहत भी मिल सकती है। फिलहाल सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और निवेशकों की नजर सरकार की नीतियों व वैश्विक बाजार पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Crash 2026: Sensex 1000 अंक टूटा, IT Shares में भारी बिकवाली से निवेशकों में हड़कंप

Stock Market में मंगलवार का दिन निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। लगातार चौथे कारोबारी दिन बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex करीब 1000 अंक टूटकर 75,000 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि Nifty भी भारी दबाव में नजर आया। सिर्फ चार दिनों में बाजार करीब 3000 अंक टूट चुका है, जिससे छोटे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। सबसे ज्यादा असर IT सेक्टर पर दिखाई दिया। Infosys, TCS, Wipro और HCLTech जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई। कई IT शेयर 5% तक गिर गए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में कमजोरी और ग्लोबल अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय IT कंपनियों पर पड़ा है। आखिर क्यों गिर रहा है शेयर बाजार? इस बड़ी गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के बाजारों को हिला दिया है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार का माहौल कमजोर कर दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में दिखाई दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है। छोटे निवेशकों में बढ़ी बेचैनी पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरते बाजार ने खासकर छोटे और नए निवेशकों की टेंशन बढ़ा दी है। कई लोगों ने तेजी की उम्मीद में निवेश किया था, लेकिन अचानक आई इस गिरावट ने पोर्टफोलियो को बड़ा झटका दिया है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराकर शेयर बेचने की बजाय समझदारी से फैसला लेना जरूरी है। उनका मानना है कि मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि का निवेश आगे चलकर फायदा दे सकता है। किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर? वहीं दूसरी तरफ ONGC और Oil India जैसी कुछ ऑयल कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बढ़ती क्रूड ऑयल कीमतों का फायदा इन कंपनियों को मिल सकता है। आगे क्या रहेगा बाजार का रुख? विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिकी बाजार, कच्चे तेल के दाम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शेयर बाजार

Gold और Crude Oil Crisis के बीच Crash हुआ शेयर बाजार, निवेशकों के डूबे करोड़ों

देश के शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों भारी दबाव में कारोबार करते दिखे। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह प्रधानमंत्री Narendra Modi की वह अपील मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने लोगों से फिलहाल सोना कम खरीदने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने को कहा। सरकार की इस अपील ने आम लोगों से ज्यादा निवेशकों को चौंका दिया। बाजार में यह संदेश गया कि आने वाले समय में सरकार कुछ बड़े आर्थिक कदम उठा सकती है। यही कारण रहा कि कुछ ही घंटों में करोड़ों रुपये निवेशकों के डूब गए। क्यों टूटा Share Market? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने पहले ही बाजार का माहौल खराब कर रखा था। ऊपर से प्रधानमंत्री की अपील ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और सोना आयात करते हैं। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ता है। PM Modi की Appeal से क्यों मची हलचल? प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से कहा कि वे जरूरत पड़ने पर ही पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करें और गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचें। उन्होंने कार पूलिंग और ईंधन बचाने जैसे उपाय अपनाने की भी सलाह दी। इस बयान के बाद बाजार में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। निवेशकों को लगने लगा कि सरकार जल्द ही गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है या ईंधन को लेकर कुछ सख्त फैसले ले सकती है। Gold Shares में सबसे ज्यादा गिरावट प्रधानमंत्री की अपील का असर सबसे ज्यादा ज्वेलरी सेक्टर में देखने को मिला। Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शेयरों में 8 से 10 फीसदी तक की कमजोरी देखी गई। मार्केट जानकारों का कहना है कि अगर लोग सोना खरीदना कम करेंगे तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ना तय है। Crude Oil की बढ़ती कीमत बनी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इसका असर भारत पर भी दिखाई देने लगा है। अगर क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। इसी डर की वजह से निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। कई लोगों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख किया है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे समय में घबराकर निवेश निकालना सही फैसला नहीं माना जाता। लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार के अगले कदम, वैश्विक हालात और तेल की कीमतें तय करेंगी कि बाजार में गिरावट जारी रहेगी या फिर रिकवरी देखने को मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate Down: ₹801 की गिरावट के बाद सोना ₹1.50 लाख के करीब

Gold- Silver के बाजार में आज एक बार फिर हल्की गिरावट देखने को मिली है। सोने की कीमत में करीब ₹801 की कमी दर्ज की गई है, जिससे यह लगभग ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं, चांदी भी करीब ₹300 तक सस्ती हो गई है। लगातार बदलते ग्लोबल संकेतों के बीच सर्राफा बाजार में यह उतार-चढ़ाव आम लोगों और निवेशकों दोनों को प्रभावित कर रहा है। सोना क्यों टूटा? जानिए असली वजह सोने की कीमत में आई गिरावट अचानक नहीं है, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं: इन फैक्टर्स की वजह से भारतीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना हुआ है। Silver Price Update: चांदी भी हुई सस्ती चांदी की कीमत में भी हल्की गिरावट देखने को मिली है। करीब ₹300 की कमी के बाद सिल्वर रेट नीचे आ गया है। हालांकि इंडस्ट्रियल डिमांड अभी भी बनी हुई है, लेकिन मार्केट में सेलिंग प्रेशर ज्यादा दिख रहा है। Gold Karat के हिसाब से रेट का फर्क सोने की कीमत उसकी शुद्धता यानी कैरेट पर निर्भर करती है: भारत में ज्यादातर लोग 22 कैरेट सोना खरीदना पसंद करते हैं। आम लोगों और निवेशकों के लिए क्या मतलब? आगे क्या हो सकता है? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सेंसेक्स

Stock Market Crash: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, Nifty में बड़ी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार की शुरुआत निवेशकों के लिए झटके भरी रही। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 76,300 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 300 अंकों से ज्यादा गिरकर 23,900 के नीचे पहुंच गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि ज्यादातर सेक्टर्स लाल निशान में नजर आए। Auto और Banking सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऑटो और बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला। एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े बैंकिंग स्टॉक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई। वहीं ऑटो सेक्टर में भी निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे कई दिग्गज कंपनियों के शेयर फिसल गए। रियल्टी, मेटल और कंज्यूमर सेक्टर में भी कमजोरी बनी रही। Middle East तनाव का भी पड़ा असर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर दुनियाभर के बाजारों पर दिखाई दे रहा है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसने भारतीय बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। भारत तेल आयात पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए क्रूड ऑयल महंगा होने का सीधा असर अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह मानी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। गिरते बाजार में भी कुछ शेयरों में रही मजबूती हालांकि भारी गिरावट के बीच कुछ शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। बेहतर तिमाही नतीजों की वजह से टाटा कंज्यूमर और एमसीएक्स जैसे चुनिंदा स्टॉक्स में खरीदारी बनी रही। लेकिन कुल मिलाकर बाजार में डर और सतर्कता का माहौल साफ नजर आया। आगे क्या रहेगी बाजार की चाल? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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