देशभर में Gold और Silver की कीमतों में आई अचानक भारी तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में सोना करीब ₹10,000 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया, जबकि चांदी के दाम में लगभग ₹18,000 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि इस उछाल की सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% करना है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने लोगों से फिलहाल सोना खरीदने में सावधानी बरतने को कहा था।
क्यों अचानक बढ़ गए Gold-Silver के दाम?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जब सरकार ने गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई, तो इसका सीधा असर बाजार पर दिखाई दिया।
ज्वेलर्स और कारोबारियों के मुताबिक, नई ड्यूटी लागू होने के बाद आयात लागत तेजी से बढ़ी, जिसकी वजह से सोने-चांदी के रेट भी ऊपर चले गए।
इसके अलावा:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता
- डॉलर की चाल
- कच्चे तेल की कीमतें
- निवेशकों का सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव
जैसे कारण भी कीमतों में तेजी की बड़ी वजह बने हैं।
PM Modi की अपील के बाद बाजार में चर्चा तेज
तीन दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की थी कि मौजूदा हालात में सोना खरीदने से बचना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया था, जब वैश्विक आर्थिक हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
अब जब सोने-चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, तो सोशल Media पर भी पीएम मोदी के बयान को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इसे पहले से दी गई चेतावनी के तौर पर देख रहे हैं।
शादी-ब्याह वाले परिवारों की बढ़ी चिंता
सोने की कीमतों में आई इस तेजी का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके घरों में शादी-ब्याह की तैयारियां चल रही हैं।
भोपाल, दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे बड़े बाजारों में ज्वेलरी खरीदने पहुंचे कई ग्राहकों ने बढ़ते दामों को लेकर चिंता जताई। कारोबारियों का कहना है कि अब लोग भारी गहनों की जगह हल्के डिजाइन और कम वजन वाले आभूषणों को पसंद कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सही विकल्प?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना लंबे समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा ऊंचे भाव पर खरीदारी सोच-समझकर करनी चाहिए।
कई निवेशक अब फिजिकल गोल्ड की बजाय:
- Gold ETF
- Sovereign Gold Bond
- Digital Gold
जैसे विकल्पों की तरफ भी रुख कर रहे हैं।
आगे और महंगा हो सकता है सोना?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, घरेलू मांग में कमी आने पर कुछ राहत भी मिल सकती है। फिलहाल सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और निवेशकों की नजर सरकार की नीतियों व वैश्विक बाजार पर बनी हुई है।
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