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GDP

India Economy Update: GDP 7.7% तक पहुंची, अगले साल 6.6% तक गिरावट संभव

भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन दिखाते हुए इस साल 7.7% GDP ग्रोथ दर्ज की है। यह आंकड़ा पिछले साल की 7.1% ग्रोथ से बेहतर है और यह साफ संकेत देता है कि देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में यह रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है और GDP ग्रोथ करीब 6.6% तक सीमित रह सकती है। आज के समय में जहां दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं धीमी गति से बढ़ रही हैं, वहीं भारत का प्रदर्शन अब भी मजबूत बना हुआ है। इस साल ग्रोथ क्यों बढ़ी? भारत की अर्थव्यवस्था में आई इस तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं: इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर भारतीय इकोनॉमी को मजबूती दी है। अगले साल धीमी ग्रोथ की आशंका क्यों? विशेषज्ञों के अनुसार कुछ ग्लोबल और घरेलू कारणों से आने वाले समय में ग्रोथ थोड़ी कम हो सकती है: क्या कहती है तस्वीर? कुल मिलाकर भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।लेकिन यह भी साफ है कि आगे की राह में स्थिर और संतुलित विकास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर निवेश और रोजगार सृजन पर फोकस बढ़ाया गया तो भारत आने वाले सालों में फिर से तेज ग्रोथ पकड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सोना

सोना-चांदी धड़ाम! Silver Rate में ₹8000 तक की गिरावट से निवेशक हैरान

आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी बाजार में हलचल मच गई है। खासकर चांदी के रेट में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी दबाव में आ गया। मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, चांदी की कीमतों में करीब ₹5,000 से ₹8,000 प्रति किलो तक की गिरावट आई है। वहीं, सोने के दाम भी कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की बिकवाली के चलते नीचे फिसल गए हैं। बाजार में अचानक गिरावट क्यों आई? सोना-चांदी की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण सामने आ रहे हैं: 1. डॉलर का मजबूत होना अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे गोल्ड और सिल्वर जैसे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है। 2. प्रॉफिट बुकिंग हाल के दिनों में कीमतें ऊंचे स्तर पर थीं, ऐसे में निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिससे अचानक गिरावट देखने को मिली। 3. ग्लोबल अनिश्चितता में बदलाव अंतरराष्ट्रीय तनाव और सुरक्षित निवेश (safe haven demand) में थोड़ी कमी आने से सोने की मांग घट गई। 4. ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता फेडरल रिजर्व की संभावित नीतियों और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चित माहौल भी बाजार पर असर डाल रहा है। 5. घरेलू मांग में गिरावट भारत में शादी-ब्याह का सीजन खत्म होने के बाद ज्वेलरी की मांग में भी कमी आई है, जिससे कीमतों पर असर पड़ा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट फिलहाल शॉर्ट टर्म करेक्शन हो सकती है। अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक या राजनीतिक तनाव बढ़ता है, या डॉलर कमजोर होता है, तो सोने-चांदी में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। आगे बाजार कैसा रह सकता है? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SM EV Taxi

Green SM EV Taxi Service की एंट्री, कम किराए और Premium Ride से Ola-Uber को Challenge

भारत में कैब सर्विस का बाजार अब और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने जा रहा है। Ola और Uber जैसी बड़ी कंपनियों के बीच अब एक नई Electric SM EV Taxi Service की एंट्री हो चुकी है। वियतनाम की कंपनी VinGroup ने अपनी EV आधारित कैब सर्विस Green SM Limo को भारत में लॉन्च करने की तैयारी पूरी कर ली है। कंपनी की शुरुआत दिल्ली-NCR से होगी और शुरुआती ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी Discount ऑफर भी दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि Green SM की एंट्री भारतीय Ride-Hailing Market में बड़ा बदलाव ला सकती है, क्योंकि कंपनी पूरी तरह Electric Vehicles पर फोकस कर रही है। बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और EV की मांग के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। क्या है Green SM Limo? Green SM, वियतनाम के बड़े बिजनेस ग्रुप VinGroup की टैक्सी सर्विस है। यह कंपनी अपनी खुद की इलेक्ट्रिक गाड़ियों के जरिए कैब सर्विस चलाती है। भारत में कंपनी Limo Green Electric MPV के साथ शुरुआत करने जा रही है। यह एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक MPV होगी, जिसमें यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। कंपनी का दावा है कि यह गाड़ी एक बार चार्ज होने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज दे सकती है। इसके अलावा इसमें बड़ा केबिन, आरामदायक सीटें और मॉडर्न फीचर्स भी मिलेंगे। Ola-Uber से कैसे अलग होगी यह Service? Green SM का मॉडल बाकी कैब कंपनियों से थोड़ा अलग है। जहां Ola और Uber में ज्यादातर ड्राइवर अपनी निजी गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं Green SM खुद अपनी गाड़ियों की मालिक होगी। ड्राइवर सीधे कंपनी के साथ जुड़े होंगे। इसका फायदा यात्रियों को बेहतर सर्विस के रूप में मिल सकता है। कंपनी का कहना है कि इससे Ride Cancellation कम होगी, गाड़ियां ज्यादा साफ-सुथरी रहेंगी और ग्राहकों को Professional Service मिलेगी। कंपनी ड्राइवरों को फिक्स सैलरी देने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे ड्राइवरों की कमाई ज्यादा स्थिर रह सकेगी। Booking पर 50% तक Discount Green SM अपने लॉन्च ऑफर के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करना चाहती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती बुकिंग पर कंपनी 50 प्रतिशत तक का Discount दे सकती है। यही वजह है कि लॉन्च से पहले ही सोशल मीडिया पर इस सर्विस की काफी चर्चा हो रही है। अगर कंपनी कम किराए और बेहतर सुविधा का वादा पूरा करती है, तो यह सीधे Ola और Uber के लिए चुनौती बन सकती है। दिल्ली-NCR से होगी शुरुआत फिलहाल Green SM अपनी सेवाएं दिल्ली-NCR में शुरू करेगी। इसके बाद कंपनी धीरे-धीरे बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों में विस्तार कर सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती चरण में सैकड़ों इलेक्ट्रिक टैक्सियां सड़कों पर उतरेंगी। आने वाले समय में कंपनी हजारों EV Cabs जोड़ने की योजना बना रही है। भारत के EV Market पर बड़ा दांव भारत में Electric Vehicles की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार भी EV को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। ऐसे समय में Green SM की एंट्री को EV सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनी अपने सस्ते किराए, बेहतर सर्विस और इलेक्ट्रिक फ्लीट मॉडल को सफल बना पाती है, तो भारतीय कैब मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि Green SM भारत में ग्राहकों का कितना भरोसा जीत पाती है और Ola-Uber को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex Crash Today: IT और Metal Stocks में भारी गिरावट, Market Pressure बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में आज एक बार फिर कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार से ही दबाव बना रहा और सेंसेक्स (Sensex)करीब 200 अंक गिरकर 74,200 के स्तर के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी (Nifty) भी लगभग 100 अंक टूटकर लाल निशान में चला गया। सुबह से ही बाजार में हल्की घबराहट का माहौल था, और जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, बिकवाली का दबाव और बढ़ता चला गया। क्यों टूटा शेयर बाजार? Metal और IT सेक्टर बने गिरावट की वजह आज की गिरावट में सबसे बड़ा रोल Metal और IT सेक्टर का रहा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और डॉलर की मजबूती ने IT सेक्टर को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। वहीं मेटल सेक्टर में डिमांड को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं। Global Market का असर भी दिखा अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं, जिसका सीधा असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर भी पड़ा। Investors के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

MCX Gold Silver Rate Today: अचानक बदले भाव, जानें ताजा सोना-चांदी अपडेट

Gold और Silver की कीमतों में आज फिर हलचल देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुएं उतार-चढ़ाव के बीच मजबूत रुझान दिखा रही हैं। निवेशकों के बीच एक बार फिर खरीदारी का माहौल बनता दिख रहा है, क्योंकि ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों ने कीमतों को सपोर्ट दिया है। MCX Gold Silver Rate Today: क्या रहा आज का ट्रेंड? आज के ट्रेडिंग सेशन में: MCX पर गोल्ड और सिल्वर दोनों लगातार बदलते ग्लोबल संकेतों के हिसाब से मूव करते नजर आए। सोने की कीमत क्यों बढ़ी? आज सोने में आए उछाल के पीछे कुछ अहम कारण रहे: सोना हमेशा से ही ऐसे समय में मजबूत होता है जब बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ती है। Silver Price Today: चांदी में भी दिखी हलचल चांदी की कीमतें भी आज लगातार बदलती रहीं। चांदी अक्सर सोने से ज्यादा तेज मूव करती है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है। हाल के दिनों का Gold Silver Trend पिछले कुछ दिनों में बाजार का मूड काफी बदलता रहा है: इस तरह गोल्ड और सिल्वर दोनों ही फिलहाल वोलैटाइल जोन में बने हुए हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि: निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tax

Indian Market को मिलेगा बड़ा Boost! विदेशी निवेशकों के लिए सरकार ला सकती है Tax Relief

भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र सरकार अब ऐसा बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है, जिससे Foreign Portfolio Investors (FPI) का भरोसा भारतीय बाजार पर फिर मजबूत हो सकता है। खबरें हैं कि सरकार सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों के लिए Capital Gains Tax हटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारत का बॉन्ड मार्केट विदेशी निवेशकों के लिए पहले से ज्यादा आकर्षक बन जाएगा। पिछले कुछ महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला था, जिसका असर शेयर बाजार और रुपये दोनों पर देखने को मिला। ऐसे में सरकार का यह कदम बाजार को नई मजबूती दे सकता है। क्या है सरकार की नई तैयारी? सूत्रों के मुताबिक, सरकार सिर्फ Capital Gains Tax हटाने पर ही नहीं बल्कि विदेशी निवेशकों को मिलने वाले ब्याज पर लगने वाले withholding tax में भी राहत देने की योजना बना रही है। अभी सरकारी बॉन्ड्स पर मिलने वाले ब्याज पर करीब 20% टैक्स देना पड़ता है, जिसे कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि टैक्स में राहत मिलने के बाद विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बॉन्ड मार्केट की तरफ तेजी से बढ़ सकता है। इससे भारत में डॉलर का फ्लो बढ़ेगा और बाजार में स्थिरता आने की संभावना भी मजबूत होगी। क्यों जरूरी बन गया यह फैसला? हाल के समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका की ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय तनावों की वजह से विदेशी निवेशकों ने कई उभरते बाजारों से दूरी बनाई थी। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। लगातार बिकवाली के कारण शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा और निवेशकों की चिंता भी बढ़ी। इसी बीच भारत को J.P. Morgan और Bloomberg जैसे बड़े ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल किए जाने से विदेशी निवेश की नई संभावनाएं खुली हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि टैक्स बोझ कम करके ज्यादा से ज्यादा विदेशी पूंजी भारत में लाई जाए। पहले भी निवेशकों को मिल चुकी है राहत सरकार इससे पहले भी निवेश बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले ले चुकी है। Budget 2024 में Angel Tax खत्म करने का फैसला इसी दिशा में बड़ा कदम माना गया था। इसका फायदा स्टार्टअप सेक्टर और विदेशी निवेशकों दोनों को मिला। अब माना जा रहा है कि अगर बॉन्ड मार्केट से जुड़े टैक्स नियमों में ढील दी जाती है, तो भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी तेज हो सकती है। इसका सीधा असर शेयर बाजार, रुपये और देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है। Market Experts क्या मानते हैं? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार जल्द इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आने वाले महीनों में भारतीय बाजार में विदेशी निवेश बढ़ सकता है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर सरकार के अगले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई है। अगर टैक्स में राहत का फैसला आता है, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market

Share Market में बड़ा उलटफेर! 50% टूटे Stock पर फिर बुलिश हुए Analysts

Share Market में उतार-चढ़ाव के बीच एक दिग्गज कंपनी का स्टॉक इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। कभी निवेशकों का पसंदीदा रहा यह शेयर अब अपने हाई लेवल से करीब 50 फीसदी तक टूट चुका है। लगातार गिरावट के बाद छोटे निवेशकों में चिंता बढ़ गई, लेकिन इसी बीच कई ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर पर फिर भरोसा जताया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यह स्टॉक शानदार वापसी कर सकता है और इसका भाव ₹3100 तक पहुंच सकता है। क्यों टूटा शेयर? पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयर पर लगातार दबाव देखने को मिला। कमजोर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता और सेक्टर में सुस्ती इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं। इसके चलते निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी और शेयर में भारी गिरावट आ गई। कई निवेशकों को उम्मीद नहीं थी कि यह स्टॉक इतनी तेजी से नीचे आ जाएगा। बाजार में डर का माहौल बना और रिटेल निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। अब क्यों बढ़ा भरोसा? हाल ही में आई नई रिपोर्ट्स के बाद बाजार का नजरिया थोड़ा बदला है। कई ब्रोकरेज फर्म्स का कहना है कि कंपनी के फंडामेंटल अभी भी मजबूत हैं और आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी की कमाई बेहतर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि: इसी वजह से कुछ ब्रोकरेज हाउस ने शेयर के लिए ₹3100 तक का टारगेट प्राइस दिया है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी गिरते शेयर में सिर्फ सस्ता देखकर पैसा लगाना सही रणनीति नहीं होती। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, कर्ज, ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं को समझना जरूरी है। अगर कोई निवेशक लंबे समय के नजरिए से निवेश करना चाहता है, तो चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। वहीं शॉर्ट टर्म निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। क्या फिर दौड़ेगा यह शेयर? शेयर बाजार में कई बार बड़े स्टॉक्स भारी गिरावट के बाद दमदार वापसी भी करते हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों और बाजार के माहौल पर टिकी हुई है। अगर कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करती है तो यह शेयर आने वाले समय में फिर से तेजी पकड़ सकता है। फिलहाल बाजार में यही चर्चा है कि क्या यह टूटा हुआ स्टॉक एक बार फिर निवेशकों को बड़ा रिटर्न देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Down, IT Stocks Up! TCS-Infosys ने दिखाई जबरदस्त ताकत

Stock Market में मंगलवार का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा। एक तरफ सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में नजर आए, तो दूसरी तरफ आईटी सेक्टर ने बाजार की पूरी तस्वीर बदल दी। जब अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, तब TCS, Infosys, Tech Mahindra और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और एक बार फिर आईटी सेक्टर चर्चा के केंद्र में आ गया। गिरते बाजार में IT सेक्टर बना सबसे बड़ा सहारा मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। लेकिन इसी बीच आईटी शेयरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को राहत दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स में मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि TCS और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में 4 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी केवल एक दिन की खरीदारी नहीं, बल्कि सेक्टर में लौटते भरोसे का संकेत है। आखिर क्यों दौड़ रहे हैं IT Stocks? अमेरिकी ब्याज दरों पर टिकी उम्मीदें आईटी शेयरों में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आ रहे संकेत माने जा रहे हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में राहत दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो टेक्नोलॉजी कंपनियों का खर्च बढ़ेगा और भारतीय आईटी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना मजबूत होगी। AI को लेकर बदला निवेशकों का नजरिया कुछ समय पहले तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आईटी कंपनियों के लिए चुनौती माना जा रहा था। लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। निवेशकों को भरोसा है कि भारतीय आईटी कंपनियां AI को अपने बिजनेस का मजबूत हिस्सा बनाकर नए अवसर पैदा कर सकती हैं। ग्लोबल टेक कंपनियों से मिले पॉजिटिव संकेत दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के बेहतर नतीजों ने भी आईटी सेक्टर में उत्साह बढ़ाया है। क्लाउड सर्विसेज, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI आधारित प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर बनते दिख रहे हैं। किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी? बाजार में आईटी शेयरों की खरीदारी व्यापक रही। Infosys और TCS में सबसे अधिक रुचि देखने को मिली। इसके अलावा Tech Mahindra, Wipro, LTIMindtree और Coforge जैसे शेयर भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में आईटी शेयरों में आई गिरावट के बाद उनके वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर पहुंच गए थे। यही वजह है कि निवेशकों ने इस सेक्टर में दोबारा खरीदारी शुरू की है। निवेशकों के लिए आगे क्या है संकेत? विशेषज्ञों के अनुसार यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है और टेक्नोलॉजी सेक्टर में खर्च बढ़ता है तो भारतीय आईटी कंपनियों की आय में सुधार देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में भी आईटी शेयरों में सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है। हालांकि वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और बदलता टेक्नोलॉजी माहौल अभी भी निवेशकों के लिए नजर रखने वाले महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Opening: सप्ताह की शुरुआत शानदार, Sensex-Nifty की तेजी से निवेशकों के चेहरे खिले

पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन सप्ताह की शुरुआत ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। Stock Market खुलते ही बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। निवेशकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान सोमवार सुबह की तेजी ने उन निवेशकों को राहत दी है जो पिछले सत्रों में बाजार की सुस्ती से चिंतित थे। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार रुचि ने बाजार के माहौल को सकारात्मक बनाया है। किन सेक्टरों ने दिखाई मजबूती? शुरुआती कारोबार में निजी और सरकारी बैंकिंग शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसके अलावा आईटी और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की सक्रियता देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत नजर आई। आगे क्या है निवेशकों की नजर? विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों का निवेश और कंपनियों के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि सकारात्मक संकेत बने रहते हैं तो निफ्टी और सेंसेक्स दोनों नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। फिलहाल सप्ताह की शुरुआत ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। निवेशकों की उम्मीदें बढ़ी हैं और कारोबारियों को आने वाले दिनों में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जून में आम आदमी को झटका: कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा, आज से बदल गए ये 4 बड़े नियम

जून में आम आदमी को झटका: कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा, आज से बदल गए ये 4 बड़े नियम

देशभर में जून महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलावों के साथ हुई है। सबसे बड़ा असर रसोई गैस और रोजमर्रा के खर्चों पर देखने को मिला है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके साथ ही 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमत में भी इजाफा किया गया है। इन बदलावों का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती हैं। कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। वहीं 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर के दाम में 11 रुपए बढ़ाए गए हैं। हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों और होटल कारोबार पर पड़ेगा। कई दुकानदारों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत से कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। जून में हुए ये 4 बड़े बदलाव 1. LPG सिलेंडर के दाम बढ़े कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से बाहर खाना और फूड सर्विस से जुड़ी चीजें महंगी हो सकती हैं। 2. बैंकिंग नियमों में बदलाव कुछ बैंकों ने ATM ट्रांजैक्शन और मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। ग्राहकों को अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है। 3. क्रेडिट कार्ड नियम अपडेट कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स और चार्जेज में बदलाव किया है। कार्ड यूजर्स को नई शर्तें ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। 4. तेल कंपनियों की नई कीमतें लागू हर महीने की पहली तारीख को पेट्रोलियम कंपनियां LPG और अन्य ईंधन की नई कीमतें जारी करती हैं। जून में भी नई दरें लागू हो गई हैं। आम लोगों की बढ़ी चिंता महंगाई के बीच गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। खासकर छोटे होटल संचालकों और फूड बिजनेस से जुड़े लोगों का कहना है कि लागत बढ़ने से ग्राहकों पर बोझ डालना मजबूरी बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में भी इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो इसका असर घरेलू बजट पर भी साफ दिखाई देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pranit More

Pranit More Controversy: महिलाओं पर विवादित Comments के बाद कॉमेडियन की माफी

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (Pranit More) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महिलाओं को लेकर किए गए विवादित कमेंट्स के बाद इंटरनेट पर उनके खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला बढ़ने के बाद अब कॉमेडियन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए लोगों से एक मौका देने की अपील की है। प्रणित मोरे का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दिए, जिन्हें कई लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने जमकर आलोचना शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद वीडियो वायरल होने के बाद X, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन की सीमा क्या होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #PranitMoreControversy ट्रेंड करने लगा और कई महिला संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगी माफी लगातार बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। उन्होंने माना कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रणित ने लिखा, “मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। शायद मैं इस नफरत का हकदार भी हूं, लेकिन मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग मुझे खुद को सुधारने का एक मौका दें।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। लोगों की राय बंटी हुई नजर आई इस पूरे मामले में सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती मान लेने के बाद किसी को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। करियर पर पड़ सकता है असर मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रणित मोरे की इमेज और करियर पर पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में किसी भी बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है और सोशल मीडिया का दबाव कई बार कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दर्शक और इंडस्ट्री उनके माफीनामे को किस तरह लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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