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N Chandrasekaran

N Chandrasekaran Resigns: Tata Sons में बड़ा फेरबदल, फरवरी 2027 के बाद कौन संभालेगा कमान?

Tata Group के कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। N Chandrasekaran ने Tata Sons के चेयरमैन पद से हटने का फैसला किया है। हालांकि, यह बदलाव तुरंत नहीं होगा। चंद्रशेखरन अपने मौजूदा कार्यकाल के पूरा होने तक चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होगा। चंद्रशेखरन के इस फैसले ने Tata Group के अगले नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। खासकर इसलिए क्योंकि पिछले कुछ समय से Tata Trusts और Tata Sons के बीच governance और leadership को लेकर मतभेदों की खबरें आती रही हैं। AGM से पहले आया बड़ा फैसला Tata Sons की Annual General Meeting यानी AGM 18 अगस्त 2026 को होने वाली है। इस बैठक से पहले चंद्रशेखरन का पद छोड़ने का फैसला सामने आया है। ऐसे में AGM और उसके बाद होने वाली गतिविधियों पर कारोबारी जगत की नजर बनी हुई है। चंद्रशेखरन फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे, इसलिए Tata Sons को नए चेयरमैन के लिए तैयारी करने का समय मिल जाएगा। फरवरी 2027 के बाद समूह की कमान किसके हाथ में होगी, यह आने वाले महीनों में सबसे बड़ा सवाल रहने वाला है। Noel Tata से मतभेद की खबरों ने बढ़ाई हलचल चंद्रशेखरन के फैसले के साथ Noel Tata का नाम भी चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स में Tata Trusts और Tata Sons के नेतृत्व के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद की बात कही गई है। इनमें Tata Sons की future strategy, board representation और कंपनी की संभावित public listing जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन कथित मतभेदों को लेकर सभी दावे आधिकारिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इसलिए इन्हें फिलहाल रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से ही देखा जाना चाहिए। 2017 में संभाली थी Tata Sons की जिम्मेदारी N Chandrasekaran ने 2017 में Tata Sons के चेयरमैन का पद संभाला था। इससे पहले वह TCS के CEO और MD रह चुके थे। Tata Sons की कमान संभालने वाले वह Tata परिवार से बाहर के प्रमुख प्रोफेशनल चेहरों में से एक रहे हैं। उनके कार्यकाल में Tata Group ने कई बड़े कारोबारी फैसले किए। Air India की Tata Group में वापसी, अलग-अलग कारोबारों में निवेश और समूह की global presence बढ़ाने की दिशा में भी इस दौरान महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। Tata Trusts की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है? Tata सिर्फ एक सामान्य holding company नहीं है। यह Tata Group के कई बड़े कारोबारों के लिए केंद्रीय भूमिका निभाती है। TCS, Tata Motors, Tata Steel, Tata Power और Air India जैसे बड़े नाम समूह का हिस्सा हैं। अब सबसे बड़ा सवाल—अगला चेयरमैन कौन? चंद्रशेखरन के फैसले के बाद अब Tata Group में succession planning पर सबकी नजर रहेगी। फरवरी 2027 तक उनके पद पर बने रहने से नए नेतृत्व की तलाश और transition को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का समय मिलेगा। यह बदलाव सिर्फ एक चेयरमैन के जाने तक सीमित नहीं है। Tata Group जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें अगला चेयरमैन कंपनी की growth strategy, governance और future expansion में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निवेशकों की भी नजर Tata Group की listed कंपनियों में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। नेतृत्व में बदलाव का असर आगे चलकर समूह की रणनीति और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। हालांकि, किसी शेयर पर सिर्फ इस खबर के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा। फिलहाल तस्वीर साफ है—N Chandrasekaran फरवरी 2027 तक Tata Sons की कमान संभालेंगे, लेकिन उसके बाद Tata Group को नया नेतृत्व मिलेगा। अब निगाहें इस बात पर हैं कि यह जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है और Tata Trusts की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में कितनी अहम रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BSE

BSE को मिली Nifty 50 में जगह, Wipro बाहर; जानें 30 सितंबर से क्या बदलेगा

भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े benchmark index Nifty 50 में जल्द ही बड़ा बदलाव होने वाला है। NSE Indices की छमाही समीक्षा में BSE Ltd. को Nifty 50 में शामिल करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही दिग्गज IT कंपनी Wipro Ltd. अब इस प्रमुख इंडेक्स का हिस्सा नहीं रहेगी। यह बदलाव 30 सितंबर 2026 से लागू होगा। यानी 29 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद Nifty 50 की नई तस्वीर सामने आएगी। BSE को क्यों मिली Nifty 50 में जगह? NSE Indices के मुताबिक BSE का 6 महीने का औसत free-float market capitalisation करीब ₹1.41 लाख करोड़ रहा। वहीं Nifty 50 की सबसे छोटी मौजूदा कंपनी Wipro का औसत free-float market cap करीब ₹55,930 करोड़ था। इंडेक्स में शामिल होने के नियमों के मुताबिक BSE का औसत free-float market cap Wipro के मुकाबले जरूरी स्तर से काफी ऊपर रहा। इसी आधार पर BSE को Nifty 50 में जगह मिली है। सीधी भाषा में कहें तो बाजार में BSE का बढ़ता आकार और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी अब उसे Nifty 50 की शीर्ष कंपनियों की सूची तक ले आई है। Wipro की Nifty 50 से होगी Exit इस बदलाव का दूसरा बड़ा पहलू Wipro का Nifty 50 से बाहर होना है। कंपनी लंबे समय से इस benchmark index का हिस्सा रही है, लेकिन अब इसका free-float market capitalisation इंडेक्स की मौजूदा जरूरत के मुकाबले कम हो गया है। Wipro को Nifty 50 से हटाकर Nifty Next 50 में शामिल किया जाएगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी के कारोबार पर कोई सीधा फैसला हो गया है। यह मुख्य रूप से इंडेक्स के तय नियमों और बाजार पूंजीकरण से जुड़ा बदलाव है। 30 सितंबर से लागू होगा नया बदलाव NSE Indices ने साफ किया है कि बदलाव 29 सितंबर 2026 को बाजार बंद होने के बाद प्रभावी होंगे। इसके बाद 30 सितंबर से Nifty 50 में BSE की जगह पक्की हो जाएगी और Wipro बाहर होगी। यह बदलाव सिर्फ इंडेक्स की सूची तक सीमित नहीं है। Nifty 50 को ट्रैक करने वाले कई passive funds और ETFs को भी अपनी holdings में बदलाव करना पड़ सकता है। इसी वजह से बदलाव की तारीख के आसपास संबंधित शेयरों में खरीद-बिक्री बढ़ सकती है। BSE Share में क्यों बढ़ी हलचल? BSE के Nifty 50 में शामिल होने की खबर बाजार के लिए काफी अहम रही। Reuters के अनुसार घोषणा के बाद BSE के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी देखने को मिली, जबकि Wipro के शेयर में करीब 1.1 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि, शेयर बाजार में किसी कंपनी के इंडेक्स में शामिल होने या बाहर होने को देखकर अकेले निवेश का फैसला करना ठीक नहीं है। शेयर की कीमत पर कंपनी के नतीजे, valuation, बाजार की स्थिति और कई दूसरे factors भी असर डालते हैं। Nifty 50 के लिए क्या बदलेगा? Nifty 50 को भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख benchmark माना जाता है। इसमें देश की बड़ी और प्रमुख कंपनियां शामिल होती हैं। समय-समय पर NSE Indices इसकी समीक्षा करता है, ताकि इंडेक्स बदलती market conditions को बेहतर तरीके से दर्शा सके। BSE की entry इसी बदलती तस्वीर की एक मिसाल है। एक तरफ stock exchange कारोबार से जुड़ी कंपनी का बाजार में बढ़ता महत्व नजर आ रहा है, तो दूसरी तरफ लंबे समय से Nifty 50 में मौजूद Wipro को अब Next 50 में जाना होगा। निवेशकों की नजर अब सितंबर के बदलाव पर फिलहाल बाजार की नजर 30 सितंबर 2026 पर है। उस दिन से Nifty 50 में BSE की नई पारी शुरू होगी और Wipro की benchmark index से विदाई हो जाएगी। यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार में बदलते market dynamics की ओर इशारा करता है। आने वाले दिनों में निवेशक BSE और Wipro दोनों के शेयरों में होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ Nifty 50 में होने वाले दूसरे बदलावों पर भी नजर रखेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Rate: सोने में फिर आया बड़ा उछाल, अगस्त में ₹9,630 महंगा; चांदी भी चमकी

सोना खरीदने वालों के लिए एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर है। देश के सर्राफा बाजार में Gold Price में तेज उछाल देखने को मिला है। सोने की कीमत एक दिन में ₹1,849 बढ़कर करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। खास बात यह है कि अगस्त की शुरुआत से ही सोने के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं और अब तक इसमें करीब ₹9,630 की बढ़ोतरी हो चुकी है। सोने के साथ-साथ चांदी ने भी तेजी का नया दौर देखा है। Silver Price में एक दिन में ₹15,985 का बड़ा उछाल आया और चांदी करीब ₹2.34 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। अगस्त में सोने ने बढ़ाया खरीदारी का खर्च अगस्त महीने में Gold Rate में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। अब तक सोना करीब ₹9,630 महंगा हो चुका है। ऐसे में जिन लोगों के घर में शादी या कोई बड़ा समारोह है, उनके लिए गहनों की खरीदारी पहले के मुकाबले काफी महंगी पड़ सकती है। सोने की कीमत में इतनी तेजी के बाद आम खरीदार अब बाजार में भाव देखकर ही खरीदारी का फैसला कर रहे हैं। कई लोग जरूरत की खरीदारी को कुछ समय के लिए टालने पर भी विचार कर सकते हैं। Silver Price में भी जोरदार उछाल चांदी की कीमतों ने भी इस बार तेजी के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया है। एक दिन में ही Silver Rate में ₹15,985 की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद चांदी करीब ₹2.34 लाख प्रति किलो के भाव पर पहुंच गई। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। इसलिए इसकी कीमत पर बाजार की मांग और निवेशकों की गतिविधियों का असर दिखाई देता है। क्यों महंगा हो रहा है Gold और Silver? सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल भी अहम भूमिका निभाती है। निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने पर अक्सर Gold की कीमतों को सहारा मिलता है। इसके अलावा डॉलर की चाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के भाव और घरेलू मांग जैसे कई कारक भी सोने-चांदी के रेट को प्रभावित करते हैं। खरीदारों के लिए बढ़ी मुश्किल Gold Price के लगातार बढ़ने से सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें आने वाले दिनों में आभूषण खरीदने हैं। शादी और त्योहारों के सीजन में सोने की मांग बढ़ने के साथ कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के साथ आम खरीदारों की नजर भी अब अगले कुछ दिनों के Gold Rate और Silver Rate पर रहेगी। Gold-Silver Price की एक नजर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gautam Adani

Gautam Adani को US Court से राहत, Bribery और Fraud के आरोपों वाला केस हुआ खत्म

अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी (Gautam Adani) को अमेरिका से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमेरिकी संघीय अदालत ने अडाणी और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रहे रिश्वत और धोखाधड़ी से जुड़े आपराधिक मामले को खारिज कर दिया है। यह मामला नवंबर 2024 में सामने आया था और तब से ही अडाणी समूह के लिए बड़ी कानूनी चुनौती बना हुआ था। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि अडाणी और उनके सहयोगियों ने भारत में सोलर पावर प्रोजेक्ट से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने की योजना बनाई थी। साथ ही आरोप था कि इस कथित योजना की जानकारी अमेरिकी निवेशकों से छिपाई गई। अडाणी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया था। 2024 में शुरू हुआ था Adani का US Case इस पूरे विवाद की शुरुआत नवंबर 2024 में हुई थी। अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अडाणी, उनके भतीजे सागर अडाणी और अन्य लोगों पर कथित रिश्वत योजना से जुड़े आरोप लगाए थे। अभियोजन पक्ष का कहना था कि भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए अधिकारियों को कथित तौर पर करीब 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा अमेरिकी निवेशकों को कंपनी की गतिविधियों और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी नहीं देने का आरोप भी लगाया गया था। हालांकि, अडाणी समूह ने शुरुआत से ही किसी भी गलत काम से इनकार किया। Justice Department ने केस आगे बढ़ाने से किया इनकार मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब अमेरिकी Justice Department ने अभियोजन को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। इसके बाद मामला अदालत के सामने पहुंचा। अमेरिकी जिला जज निकोलस गारॉफिस ने पहले DOJ से इस फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट करने को कहा था। अमेरिकी सरकार की ओर से दलील दी गई कि मामले का बड़ा हिस्सा अमेरिका के बाहर हुई कथित गतिविधियों से जुड़ा है और इसे अमेरिकी कानून के तहत साबित करना मुश्किल हो सकता है। अभियोजन पक्ष ने मामले की विदेशी प्रकृति और कानूनी जटिलताओं को भी अपने फैसले की वजह बताया। अमेरिकी कोर्ट ने 10 अगस्त को खत्म किया मामला आखिरकार 10 अगस्त 2026 को अमेरिकी अदालत ने गौतम अडाणी और अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक आरोप खारिज कर दिए। इस फैसले के साथ 2024 से चल रहा हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामला अमेरिकी अदालत में समाप्त हो गया। हालांकि, फैसले के दौरान जज ने Justice Department की ओर से केस छोड़ने की प्रक्रिया को लेकर चिंता भी जताई। उनका सवाल मुख्य रूप से इस बात पर था कि मामले को खत्म करने का फैसला किस प्रक्रिया के तहत लिया गया और क्या जांच में शामिल अधिकारियों की राय को पर्याप्त महत्व दिया गया था। Adani Group के लिए बड़ी राहत अमेरिकी कोर्ट का यह फैसला अडाणी समूह के लिए इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि यह मामला लंबे समय से कंपनी की अंतरराष्ट्रीय छवि और कारोबार पर नजर रखने वाले निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। फैसले के बाद अडाणी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। रिपोर्टों के मुताबिक 11 अगस्त को समूह की कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में करीब 3 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई। गौतम अडाणी ने फैसले का किया स्वागत केस खारिज होने के बाद गौतम अडाणी ने अमेरिकी अदालत के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान उनका विश्वास सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में बना रहा। अडाणी के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2024 में आरोप सामने आने के बाद इस मामले ने दुनियाभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब अमेरिकी आपराधिक केस खत्म होने से समूह को इस मोर्चे पर राहत मिली है। क्या अब अडाणी पर कोई मामला नहीं बचा? यहां एक बात समझना जरूरी है। अमेरिकी अदालत द्वारा आपराधिक केस खारिज किए जाने का मतलब यह नहीं है कि अडाणी से जुड़े हर अमेरिकी कानूनी या नियामकीय मामले का भी अंत हो गया है। इससे संबंधित कुछ civil और regulatory proceedings अलग प्रक्रिया के तहत चल सकती हैं। Reuters के अनुसार, अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी ने संबंधित अमेरिकी Securities and Exchange Commission मामले में भुगतान को लेकर समझौता किया था। यानी फिलहाल सबसे बड़ी खबर यह है कि 2024 में शुरू हुआ अमेरिकी आपराधिक रिश्वत और Fraud Case अब अदालत में खत्म हो गया है। इससे गौतम अडाणी और Adani Group को निश्चित तौर पर बड़ी कानूनी राहत मिली है, जबकि इससे जुड़े अन्य मामलों की स्थिति अलग हो सकती है। Adani Case की पूरी कहानी: 2024 में लगे गंभीर आरोपों से लेकर Justice Department के केस वापस लेने और अब अमेरिकी कोर्ट द्वारा आरोप खारिज किए जाने तक यह मामला करीब दो साल तक चर्चा में रहा। ताजा फैसले के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस कानूनी राहत का अडाणी समूह के कारोबार और निवेशकों के भरोसे पर आगे क्या असर पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा LPG और LNG सप्लायर, होर्मुज संकट के बाद बदली ऊर्जा रणनीति

होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट के बाद भारत की ऊर्जा आयात रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG (रसोई गैस) सप्लायर बन गया है और देश की जरूरत की करीब 67% एलपीजी अब अमेरिका से आ रही है। उन्होंने यह जानकारी शुक्रवार को कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक कार्यक्रम में दी। LNG सप्लाई में भी अमेरिका पहले स्थान पर इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) सप्लायर भी बन गया है। मई से जुलाई 2026 के दौरान: इस अवधि में अमेरिका ने 2.19 मिलियन टन LNG की आपूर्ति की, जबकि नाइजीरिया 1.31 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं ओमान से LNG सप्लाई में 341% की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। भारत में गैस की मांग बढ़ी रिपोर्ट के मुताबिक जून 2026 में भारत में प्राकृतिक गैस की कुल मांग बढ़कर 197 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) पहुंच गई। मुख्य आंकड़े: सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सबसे बड़ा उपभोक्ता क्षेत्रवार गैस खपत में: हालांकि पेट्रोकेमिकल सेक्टर की मांग पिछले वर्ष की तुलना में अब भी करीब 48% कम बनी हुई है। वैश्विक कीमतें ऊंची, फिर भी मजबूत रहा आयात रिपोर्ट के अनुसार, एशियाई स्पॉट LNG की कीमतें 20 डॉलर प्रति MMBtu से ऊपर बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारत का LNG आयात मजबूत रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में गैस की मांग मजबूत बनी रहेगी, जबकि अगस्त में मौसमी कारणों से कुछ नरमी आ सकती है। होर्मुज संकट के बावजूद नहीं हुई ईंधन की कमी हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज मार्ग प्रभावित होने के बावजूद देश में एलपीजी या पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होने दी गई। उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले भारत: इसी समुद्री मार्ग से आयात करता था। संकट के दौरान भारत ने तुरंत वैकल्पिक देशों से आयात बढ़ाया और घरेलू उत्पादन में भी वृद्धि की। मंत्री ने कहा कि देश के 1.07 लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में से एक भी फ्यूल आउटलेट खाली नहीं रहा। 41 देशों तक बढ़ाया कच्चे तेल का आयात भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए: ‘समुद्र मंथन’ योजना को मिली मंजूरी सरकार ने दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए 84,000 करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन’ योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज को बढ़ावा देना है। हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि ड्रिलिंग का कार्य निजी कंपनियां करेंगी। सरकार जोखिम वाले ऑफशोर प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ाने के लिए प्रति कुएं 650 करोड़ रुपये तक या ड्रिलिंग लागत का 50 प्रतिशत आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराएगी। देश, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र की ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Gold

Gold Rate Today: सोना खरीदना हुआ महंगा, 6 दिनों में ₹5,501 की बढ़त

सोना (Gold) खरीदने वालों के लिए आज बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। देश के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। सोना (Gold) आज ₹2,735 महंगा होकर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। लगातार बढ़ते भाव ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं निवेशकों के लिए यह तेजी चर्चा का विषय बनी हुई है। 6 दिनों में सोने की कीमत में ₹5,501 का इजाफा सोने के भाव में तेजी का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से जारी है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते 6 दिनों में सोने की कीमत ₹5,501 प्रति 10 ग्राम तक बढ़ चुकी है। इतनी तेज बढ़त ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। शादी-ब्याह के सीजन में सोना खरीदने वाले ग्राहक अब बढ़ी हुई कीमतों का सामना कर रहे हैं। Silver Rate Today: चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। आज चांदी का भाव ₹931 बढ़कर ₹2.25 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। चांदी में आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के दाम? सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई बाजार कारण माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की मांग, आर्थिक अनिश्चितता, निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुझान और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर दिखाई दे रहा है। सोना हमेशा से भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प भी रहा है। ऐसे में कीमतों में तेजी आने पर खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों की नजर भी बाजार की अगली चाल पर रहती है। ग्राहकों के लिए क्या है सलाह? बढ़ती कीमतों के बीच अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार भाव की जानकारी लेने के बाद ही फैसला करना बेहतर रहेगा। छोटी अवधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए खरीदारी करते समय सही समय और बजट का ध्यान रखना जरूरी है। फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही रिकॉर्ड स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं और आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Stock Market

Indian Stock Market में तेजी: Banking और Energy Shares के दम पर Sensex-Nifty में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में आज खरीदारी का माहौल देखने को मिला। मजबूत बैंकिंग और Energy सेक्टर के प्रदर्शन के चलते घरेलू बाजार हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। कारोबारी सत्र के दौरान Sensex करीब 250 अंक की बढ़त के साथ 78,850 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty ने भी मामूली तेजी दर्ज करते हुए 24,650 के आसपास कारोबार किया। Banking और Energy Stocks में दिखी मजबूत खरीदारी बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में आई खरीदारी रही। निवेशकों ने इन सेक्टरों के प्रमुख शेयरों में दिलचस्पी दिखाई, जिससे बाजार के प्रमुख इंडेक्स को मजबूती मिली। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, वहीं Energy Stocks में मजबूती ने भी बाजार को सपोर्ट दिया। चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को फायदा मिला। Investors की नजर Global Market और Economic Data पर मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और नए आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। निवेशक अब कंपनियों के प्रदर्शन, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को किसी भी बड़े फैसले से पहले बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और कंपनियों के फंडामेंटल्स को ध्यान में रखना चाहिए। Market Outlook: आगे कैसी रह सकती है चाल? फिलहाल बैंकिंग और Energy सेक्टर में मजबूती ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। अगर घरेलू और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत जारी रहते हैं, तो बाजार में आगे भी चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, आज के कारोबारी सत्र में Banking और Energy Stocks की तेजी ने Stock Market को मजबूती दी और Sensex-Nifty बढ़त के साथ बंद होने की दिशा में आगे बढ़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

Car-Bike Insurance पर Supreme Court सख्त, नई Car के लिए 4 साल और Bike के लिए 6 साल का Cover

अगर आप कार या बाइक चलाते हैं, तो वाहन के इंश्योरेंस से जुड़ी यह खबर आपके काम की है। Supreme Court ने बिना वैध बीमा वाले वाहनों पर सख्ती की जरूरत बताई है। कोर्ट के निर्देश के बाद अब ऐसे इंतजाम पर जोर दिया जा रहा है, जिससे बिना इंश्योरेंस वाले वाहन सड़कों पर न चल सकें और उन्हें पेट्रोल-डीजल भी आसानी से न मिल पाए। इस मामले में नई गाड़ियों के लिए लंबी अवधि के बीमा कवर की व्यवस्था का भी जिक्र हुआ है। इसके तहत नई कार के लिए 4 साल और नई बाइक के लिए 6 साल का Insurance Cover रखने की बात सामने आई है। इसका मकसद वाहन खरीदने के कुछ समय बाद इंश्योरेंस खत्म होने और उसके बाद बिना बीमा वाहन चलाने की समस्या पर लगाम लगाना है। बिना Insurance गाड़ी चलाने वालों पर बढ़ेगी सख्ती देश में कई वाहन ऐसे हैं जिनका इंश्योरेंस खत्म हो चुका होता है, लेकिन वे फिर भी सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। सड़क दुर्घटना की स्थिति में ऐसे वाहनों के कारण पीड़ितों को मुआवजा मिलने में परेशानी हो सकती है। यही वजह है कि वैध Motor Insurance को लेकर नियमों के पालन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। Supreme Court की ओर से जिस व्यवस्था पर जोर दिया गया है, उसमें पेट्रोल पंप पर वाहन का Insurance Status चेक करने की संभावना भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी वाहन का बीमा वैध नहीं पाया जाता है, तो उसे Petrol या Diesel देने पर रोक लगाने की व्यवस्था की जा सकती है। नई Car खरीदने वालों के लिए 4 साल का Insurance नई कार खरीदने वालों के लिए 4 साल का बीमा कवर एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है। इससे ग्राहक को कार खरीदने के बाद शुरुआती वर्षों में बीमा रिन्यू कराने की परेशानी कम होगी। इसी तरह नई बाइक खरीदने वालों के लिए 6 साल का Insurance Cover रखने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। लंबी अवधि का बीमा होने से दोपहिया वाहन मालिकों के लिए पॉलिसी की वैधता बनाए रखना आसान हो सकता है। Petrol Pump पर कैसे होगी Insurance की जांच? अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो पेट्रोल पंप पर वाहन का नंबर डालकर उसके Insurance की वैधता जांची जा सकती है। इसके लिए सरकारी वाहन रिकॉर्ड और Insurance Database को आपस में जोड़ना होगा। ऐसी व्यवस्था सफल रहती है तो पेट्रोल पंप पर ही बिना बीमा वाले वाहन की पहचान की जा सकेगी। इससे वाहन मालिकों पर अपने इंश्योरेंस को समय पर Renew कराने का दबाव बढ़ेगा। वाहन मालिक अभी से कर लें यह काम अगर आपके पास Car, Bike या कोई अन्य वाहन है, तो सबसे पहले अपनी Insurance Policy की Expiry Date चेक कर लें। बीमा खत्म हो गया है तो वाहन चलाने से पहले उसे Renew कराना जरूरी है। सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से भी Valid Insurance बेहद जरूरी है। खासकर पुराने वाहनों के मालिकों को अपनी पॉलिसी की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए। क्यों अहम है Supreme Court का यह निर्देश? इस पूरी कवायद का उद्देश्य सड़क पर चलने वाले वाहनों को बीमा के दायरे में लाना और दुर्घटना के बाद पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है। अगर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को भी वैध Insurance से जोड़ दिया जाता है, तो बिना बीमा वाहन चलाने वालों पर प्रभावी रोक लग सकती है। यानी आने वाले समय में वाहन मालिकों के लिए RC और Driving Licence के साथ Valid Insurance रखना भी उतना ही जरूरी हो सकता है। नई व्यवस्था लागू होने पर इसका सीधा असर वाहन मालिकों और पेट्रोल पंप संचालकों, दोनों पर देखने को मिलेगा।
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Stock Market

Stock Market सेंसेक्स 100 अंक मजबूत, Nifty 50 कमजोर; Realty और Auto Sector में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में बुधवार को कारोबार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। Sensex करीब 100 अंक चढ़कर 78,550 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 50 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में जहां कुछ प्रमुख शेयरों पर दबाव रहा, वहीं Realty और Auto सेक्टर के Stocks में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। Realty और Auto Stocks बने बाजार की पसंद बुधवार के कारोबार में Realty और Auto सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। दोनों सेक्टर के कई शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। रियल्टी कंपनियों में आई मजबूती से संकेत मिलता है कि निवेशक इस सेक्टर के चुनिंदा Stocks को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, Auto सेक्टर में भी खरीदारी का माहौल रहा। बाजार की मौजूदा चाल में इन दोनों सेक्टर्स ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। Sensex ने दिखाई मजबूती, Nifty में गिरावट कारोबार के दौरान Sensex करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 78,550 के आसपास पहुंचा। हालांकि, Nifty 50 में लगभग 50 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। यानी बाजार में फिलहाल एकतरफा तेजी या गिरावट के बजाय मिला-जुला रुख बना हुआ है। इस तरह की स्थिति में निवेशक पूरे बाजार के बजाय खास सेक्टर और चुनिंदा कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। बुधवार को भी यही तस्वीर दिखाई दी, जहां Realty और Auto Stocks में खरीदारी ने बाजार की हलचल बढ़ाई। Investors की नजर आगे के संकेतों पर बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों की नजर अब घरेलू और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे, आर्थिक आंकड़े और विदेशी बाजारों की चाल भी भारतीय शेयर बाजार पर असर डाल सकती है। फिलहाल Sensex की बढ़त और Nifty की कमजोरी से बाजार में सावधानी का माहौल नजर आ रहा है। हालांकि Realty और Auto Stocks में खरीदारी यह बताती है कि निवेशक चुनिंदा सेक्टर्स में मौके तलाश रहे हैं। Market में आगे क्या रहेगा फोकस? आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की नजर प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन, ग्लोबल मार्केट के संकेत और निवेशकों के सेंटीमेंट पर रहेगी। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी की आगे की चाल के साथ-साथ सेक्टरवार प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Rate: खरीदारी से पहले जानें आज का भाव, सोना और चांदी दोनों हुए महंगे

अगर आप आज सोना (Gold)या चांदी (Silver) खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो बाजार से पहले ताजा रेट जान लेना आपके लिए जरूरी है। बुधवार, 5 अगस्त को घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिली। सोने के भाव में जहां करीब ₹2,200 तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है, वहीं चांदी की कीमत में ₹5,000 तक का उछाल देखने को मिला है। कीमतों में अचानक आई इस तेजी का असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है, जो आने वाले दिनों में शादी, त्योहार या किसी खास मौके के लिए ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, सोने-चांदी के दाम शहर और बाजार के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। Silver Rate में जोरदार तेजी 5 अगस्त को चांदी के बाजार भाव ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। कई बाजारों में चांदी की कीमत में हजारों रुपये प्रति किलो का अंतर देखने को मिला। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक पुणे में चांदी का भाव करीब ₹2,49,900 प्रति किलो दर्ज किया गया। चांदी के दाम में होने वाली तेजी सिर्फ ज्वेलरी बाजार तक सीमित नहीं रहती। इंडस्ट्री में चांदी की मांग और निवेशकों की खरीदारी भी इसके भाव को प्रभावित करती है। यही वजह है कि Silver Rate में कई बार कम समय में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। Gold Rate भी चढ़ा, खरीदारी हुई महंगी चांदी के साथ सोने के भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 5 अगस्त को Gold Rate में करीब ₹2,200 तक की तेजी की खबर है। सोने की कीमत उसकी शुद्धता के अनुसार बदलती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि ज्वेलरी में आमतौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल ज्यादा होता है। यहां एक बात समझना जरूरी है कि बाजार में बताए जाने वाले Gold Rate और ज्वेलरी की दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत एक जैसी नहीं होती। ज्वेलरी खरीदते समय GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क भी जुड़ सकते हैं। हर शहर में एक जैसा नहीं होता Gold-Silver Rate सोने और चांदी की कीमत पूरे देश में बिल्कुल एक जैसी नहीं रहती। स्थानीय बाजार की स्थिति, मांग-सप्लाई, टैक्स और ज्वेलर्स के चार्ज के कारण शहर-दर-शहर कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप भोपाल, दिल्ली, मुंबई, इंदौर, जयपुर या किसी दूसरे शहर में खरीदारी करने जा रहे हैं, तो वहां के स्थानीय सर्राफा बाजार का ताजा भाव जरूर पता कर लें। अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी पड़ता है असर Gold और Silver की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन की कीमत, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुख भी भारतीय बाजार पर असर डालता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमत बढ़ती है या रुपये की स्थिति में बदलाव आता है, तो उसका असर घरेलू Gold-Silver Rate पर भी दिखाई दे सकता है। खरीदारी करने वालों के लिए क्या है सलाह? अगर आपको आज ही सोना या चांदी खरीदनी है, तो सिर्फ एक जगह का रेट देखकर फैसला न करें। अलग-अलग ज्वेलर्स से कीमत की जानकारी लें और शुद्धता, मेकिंग चार्ज, GST और अंतिम बिल को ध्यान से देखें। खासकर चांदी खरीदते समय प्रति किलो और प्रति ग्राम के रेट में अंतर को भी समझना जरूरी है। वहीं सोने की ज्वेलरी खरीदते वक्त हॉलमार्क और शुद्धता की जानकारी जरूर जांचें। Gold Silver Rate: आगे क्या? सोने और चांदी के बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमत किस दिशा में जाएगी, यह घरेलू और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। डिस्क्लेमर: सोने और चांदी के भाव समय, शहर, शुद्धता और स्थानीय बाजार के अनुसार बदल सकते हैं। ज्वेलरी खरीदने से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उस समय का ताजा रेट और सभी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी जरूर लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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