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Gold Price

Gold Price Today: सोना ₹888 हुआ सस्ता, Silver Rate में भी गिरावट; चांदी ₹10 हजार नीचे

अगर आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आज के भाव आपके लिए राहत लेकर आए हैं। मंगलवार को Gold Price और Silver Price में गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव ₹1,270 प्रति किलो कम होकर करीब ₹2.28 लाख प्रति किलो पर आ गया। वहीं, 10 ग्राम सोने की कीमत भी ₹888 घट गई है। सबसे खास बात यह है कि चांदी इस महीने अब तक करीब ₹10 हजार प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। लगातार महंगे होते दामों के बीच यह गिरावट खरीदारों के लिए बड़ी खबर है। Silver Price Today: चांदी में फिर आई गिरावट चांदी की कीमत में आज ₹1,270 प्रति किलो की कमी आई। इसके बाद इसका भाव करीब ₹2.28 लाख प्रति किलो रह गया है। इस महीने चांदी के रेट में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अब तक करीब ₹10 हजार की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों की नजर आगे के रेट पर टिकी है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं होता, बल्कि इंडस्ट्री और निवेश के लिए भी इसकी मांग रहती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला बदलाव सीधे इसके घरेलू भाव पर असर डालता है। Gold Price Today: 10 ग्राम सोना ₹888 सस्ता चांदी के साथ आज सोने के भाव में भी नरमी देखने को मिली। 10 ग्राम सोना ₹888 सस्ता हुआ है। हालांकि, कीमतों में गिरावट के बावजूद सोना अभी भी ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है। सोने के दाम कम होने से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो शादी, त्योहार या किसी खास मौके के लिए Gold Jewellery खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। इस महीने चांदी क्यों हुई ₹10 हजार सस्ती? चांदी की कीमतों में आई गिरावट के पीछे कई बाजार संकेत काम करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की कीमत, निवेशकों की खरीद-बिक्री और औद्योगिक मांग जैसे फैक्टर Silver Rate को प्रभावित करते हैं। इसी वजह से चांदी के भाव में रोजाना बदलाव देखने को मिलता है। फिलहाल इस महीने करीब ₹10 हजार की गिरावट बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। Gold-Silver खरीदने वालों के लिए जरूरी बात अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ बाजार भाव देखकर फैसला न लें। ज्वेलरी खरीदते समय Purity, Making Charges और GST को भी ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही, अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां रेट में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का ताजा भाव जरूर चेक करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Oracle

Oracle Layoffs 2026: सुबह 4 बजे बंद हुआ System Access, 6 बजे आया Job जाने का Email

टेक इंडस्ट्री में एक बार फिर बड़े पैमाने पर Layoffs की खबर ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी टेक कंपनी Oracle में नई छंटनी शुरू होने की रिपोर्ट सामने आई है। इस बार जिस तरीके से कुछ कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया, उसने लोगों को और ज्यादा हैरान कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों का System Access सुबह करीब 4 बजे ही बंद कर दिया गया। इसके बाद Slack समेत दूसरे ऑफिस सिस्टम से भी उनका कनेक्शन टूट गया। करीब दो घंटे बाद सुबह 6 बजे उन्हें कंपनी की ओर से Email मिला, जिसमें बताया गया कि उनकी नौकरी खत्म की जा रही है और वही दिन उनका आखिरी Working Day है। पहले System बंद हुआ, फिर मिला Layoff का Email इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चर्चा उस तरीके की हो रही है, जिस तरह कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों के Federated Login ने सुबह करीब 4 बजे काम करना बंद कर दिया। इसके कुछ समय बाद उनके Slack Sessions भी डिस्कनेक्ट हो गए। कई कर्मचारियों को तब तक यह समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। इसके बाद सुबह करीब 6 बजे कंपनी का Email पहुंचा और उन्हें पता चला कि उनकी भूमिका अब खत्म हो चुकी है। यानी कर्मचारियों को पहले ही कंपनी के डिजिटल सिस्टम से बाहर कर दिया गया और बाद में उन्हें आधिकारिक तौर पर नौकरी जाने की जानकारी मिली। Email में कहा गया- आज ही आखिरी Working Day कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कंपनी ने Organizational Changes और Business Needs का हवाला देते हुए उनकी भूमिका खत्म करने की जानकारी दी। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित कर्मचारियों को Severance Package भी दिया जाएगा। इसमें बेस सैलरी और कंपनी में काम करने की अवधि के आधार पर भुगतान शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, Oracle ने इस नई Layoff Round में कुल कितने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, इसका सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। Oracle में पहले भी हो चुकी है बड़ी छंटनी Oracle में इससे पहले भी कर्मचारियों की संख्या कम करने के कदम सामने आ चुके हैं। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को प्रभावित किया था। नई छंटनी ऐसे समय में सामने आई है, जब Oracle अपने Cloud और Artificial Intelligence (AI) Business को तेजी से बढ़ाने में लगी है। कंपनी Data Centers और AI Infrastructure पर भारी रकम खर्च कर रही है। AI और Cloud पर बढ़ता खर्च Oracle का फोकस इस समय AI और Cloud Computing पर काफी ज्यादा है। AI की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी Data Center Capacity बढ़ाने में बड़ा निवेश कर रही है। कंपनी के Capital Expenditure में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में Oracle की ओर से AI Infrastructure और Cloud Services पर और ज्यादा खर्च किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में कर्मचारियों की छंटनी और दूसरी तरफ AI Infrastructure में भारी निवेश के बीच का अंतर भी चर्चा का विषय बन गया है। Restructuring पर भी बड़ा खर्च Oracle की Restructuring योजना की लागत भी बढ़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने Restructuring से जुड़ी अनुमानित लागत में और रकम जोड़ने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि बदलती Business Priorities के हिसाब से संगठन में बदलाव जरूरी हैं। लेकिन कर्मचारियों के लिए अचानक नौकरी खत्म होना निश्चित तौर पर बड़ा झटका है। क्या India में भी पड़ेगा असर? Oracle की नई Layoff Round के बाद भारत में काम कर रहे कर्मचारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। Oracle का भारत में बड़ा Development और Technology Workforce है। फिलहाल India में इस नई छंटनी के असर को लेकर कंपनी की तरफ से कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए भारत में कितने कर्मचारियों पर असर पड़ेगा, इसे लेकर अभी किसी निश्चित आंकड़े पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। टेक सेक्टर में Jobs को लेकर बढ़ी चिंता Oracle का मामला अकेला नहीं है। पिछले कुछ समय से टेक इंडस्ट्री में कंपनियां अपने Workforce को नए सिरे से व्यवस्थित कर रही हैं। AI के बढ़ते इस्तेमाल, Cloud Services की मांग और लागत कम करने की कोशिशों ने कंपनियों की Hiring और Workforce Strategy को काफी बदल दिया है। Oracle के मामले में भी एक तरफ AI और Cloud पर अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि Oracle Layoffs 2026 का यह दौर कितना बड़ा होगा और क्या आने वाले दिनों में कंपनी की तरफ से और कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UPI

UPI Payment: सरकार का बड़ा फैसला, ₹2,000 तक Transaction रहेगा Free

UPI से पेमेंट करने वालों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। पिछले कुछ दिनों से UPI Payment पर चार्ज लगने की चर्चाओं के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। यानी चाय-नाश्ते से लेकर किराने के सामान तक, रोजमर्रा के छोटे भुगतान पहले की तरह आसानी से किए जा सकेंगे। हालांकि, मामला सिर्फ ₹2,000 तक सीमित नहीं है। इससे ज्यादा के बड़े पेमेंट को लेकर आगे Merchant Charges यानी MDR की व्यवस्था देखने को मिल सकती है। अभी इस पर कोई तय दर या नया चार्ज लागू नहीं किया गया है। ₹2,000 तक UPI Payment पर नहीं लगेगा Charge सरकार के नए आदेश के बाद यह बात स्पष्ट हो गई है कि ₹2,000 तक के UPI Transactions पर बैंक या पेमेंट सिस्टम से जुड़ी संस्थाएं कोई सीधा या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकतीं। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। कोई ग्राहक दुकान पर ₹200, ₹800 या ₹2,000 का सामान खरीदता है और UPI से भुगतान करता है, तो उसके ऊपर अलग से पेमेंट चार्ज नहीं जोड़ा जाएगा। ₹2,000 से ज्यादा के Payment पर क्या होगा? यहीं पर सबसे ज्यादा confusion है। सरकार ने फिलहाल यह नहीं कहा है कि ₹2,000 से ज्यादा का UPI Payment करते ही ग्राहक के खाते से कोई फीस कटने लगेगी। बल्कि बड़े Merchant Transactions पर भविष्य में Merchant Discount Rate यानी MDR लागू करने की संभावना रखी गई है। इसकी दर कितनी होगी, किन कारोबारियों पर लागू होगी और इसे कब से शुरू किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। इसलिए फिलहाल ₹2,000 से ऊपर के हर UPI Payment पर चार्ज लगने की बात कहना सही नहीं होगा। दुकानदारों के लिए भी अहम फैसला UPI आज छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक के लिए Payment का सबसे आसान माध्यम बन चुका है। ग्राहक QR Code स्कैन करता है और कुछ सेकंड में भुगतान हो जाता है। छोटे कारोबारियों के लिए ₹2,000 तक के पेमेंट पर चार्ज नहीं लगने की व्यवस्था राहत देने वाली है। वहीं बड़े कारोबारियों के लिए भविष्य में Merchant Fee को लेकर नई व्यवस्था सामने आ सकती है। RuPay Debit Card को लेकर भी राहत सरकार ने छोटे डिजिटल पेमेंट को लेकर सिर्फ UPI तक ही बात सीमित नहीं रखी है। ₹2,000 तक के RuPay Debit Card Transactions पर भी शुल्क नहीं लगाने की स्थिति स्पष्ट की गई है। इससे डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और लोगों को Cashless Payment की तरफ बनाए रखने की सरकार की कोशिश साफ दिखाई देती है। UPI Users को अभी क्या समझना चाहिए? आसान भाषा में कहें तो फिलहाल UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए कोई बड़ा झटका नहीं है। ₹2,000 तक का UPI Payment बिना अतिरिक्त चार्ज के जारी रहेगा। अगर आप ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान करते हैं, तो भी अभी कोई तय UPI Fee लागू नहीं हुई है। भविष्य में बड़े Merchant Payments पर MDR की व्यवस्था आती है या नहीं और आती है तो उसका बोझ किस पर पड़ेगा, इसकी तस्वीर आगे साफ होगी। UPI ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में डिजिटल पेमेंट की तस्वीर ही बदल दी है। ऐसे में सरकार का मौजूदा फैसला छोटे और रोजमर्रा के पेमेंट को आसान बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Crash: भारत में बाजार बंद, पड़ोसी देशों के Share Market में भारी गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के निवेशकों के लिए आज का दिन थोड़ी राहत लेकर आया है। Ganesh Chaturthi के कारण 14 सितंबर को NSE और BSE बंद हैं, लेकिन दुनिया के दूसरे बाजारों में माहौल कुछ अलग नजर आ रहा है। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और AI Stocks में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ Technology और Semiconductor कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं, तो दूसरी ओर Crude Oil की बढ़ती कीमतों ने बाजार की परेशानी और बढ़ा दी है। ऐसे में अगर आज भारतीय बाजार खुला होता तो Global Cues का असर यहां भी देखने को मिल सकता था। Asian Markets में क्यों आई इतनी गिरावट? सोमवार को एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में दबाव देखने को मिला। South Korea का KOSPI तेज गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। Japan और Taiwan के Technology तथा Semiconductor Stocks में भी बिकवाली का असर रहा। निवेशकों की नजर खास तौर पर उन कंपनियों पर रही, जिनका कारोबार AI और Chip Industry से जुड़ा हुआ है। जब बड़ी Technology कंपनियों के शेयरों में गिरावट आती है तो उसका असर पूरे बाजार के Sentiment पर पड़ता है। AI Stocks को लेकर बढ़ी चिंता पिछले कुछ समय में AI Sector ने दुनिया भर के Stock Markets को काफी मजबूती दी है। AI से जुड़ी कंपनियों में लगातार निवेश और भविष्य में तेज Growth की उम्मीदों के कारण कई शेयरों की Valuation काफी बढ़ गई है। अब निवेशकों के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या AI Boom की रफ्तार उतनी ही तेज बनी रहेगी? इसी चिंता का असर Technology Stocks पर दिखाई दे रहा है। Japan की SoftBank भी इस हलचल के बीच दबाव में रही। कंपनी का AI कंपनियों में बड़ा निवेश है, इसलिए AI Sector में कमजोरी का असर SoftBank के शेयर पर भी पड़ा। Samsung और SK Hynix के शेयर भी दबाव में South Korea की बड़ी Semiconductor कंपनियां Samsung Electronics और SK Hynix भी बिकवाली से नहीं बच सकीं। इन कंपनियों के कारोबार का बड़ा हिस्सा Memory Chips और Technology Demand से जुड़ा है। AI के लिए Chips की बढ़ती मांग ने इन कंपनियों को फायदा पहुंचाया है। लेकिन अब AI Sector की Growth को लेकर थोड़ी भी चिंता सामने आती है तो निवेशक तुरंत सतर्क हो जाते हैं। Crude Oil ने बढ़ाई Market की टेंशन Share Market की परेशानी सिर्फ AI Stocks तक सीमित नहीं है। Crude Oil Prices में तेजी ने भी Global Investors की चिंता बढ़ा दी है। Saudi Arabia में Energy Infrastructure पर हमलों के बाद Oil Supply को लेकर नई आशंकाएं पैदा हुई हैं। इसके चलते Brent Crude की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। महंगा तेल भारत जैसे बड़े Oil Importer देश के लिए भी चिंता की बात है। Crude Oil महंगा होने से Import Bill बढ़ सकता है और Transport से लेकर कई Industries की लागत पर असर पड़ सकता है। भारत में आज Share Market बंद क्यों है? भारत में आज Ganesh Chaturthi के चलते Stock Market Holiday है। इसलिए NSE और BSE पर सामान्य कारोबार नहीं हो रहा है। यही वजह है कि Global Markets में इतनी हलचल के बावजूद भारतीय निवेशकों को आज सीधे Sensex और Nifty में उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि असली तस्वीर बाजार खुलने के बाद सामने आएगी। तब तक Global Markets की आज की चाल भारतीय बाजार के लिए एक अहम संकेत बन चुकी होगी। Indian Investors के लिए अगला दिन अहम जब NSE और BSE दोबारा खुलेंगे, तब निवेशकों की नजर कई चीजों पर रहेगी। Asian Markets की गिरावट, US Market के संकेत, Crude Oil Prices, Dollar-Rupee Movement और Foreign Investors की Buying-Selling बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अगर Global Market में कमजोरी बनी रहती है तो भारतीय बाजार पर भी शुरुआती दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं घरेलू स्तर पर मजबूत संकेत मिलने पर बाजार इस दबाव को संभाल भी सकता है। आज Market बंद होना बना राहत की बात फिलहाल भारतीय निवेशकों के लिए एक बात जरूर राहत देने वाली है कि आज बाजार में कारोबार नहीं हो रहा। दुनिया के कई हिस्सों में चल रही Stock Market Volatility को देखते हुए उन्हें एक दिन Global Cues समझने का मौका मिल गया है। अब नजर अगले Trading Session पर रहेगी। सवाल यही है कि जब Indian Share Market खुलेगा तो क्या Global Market की गिरावट का असर Sensex-Nifty पर भी दिखाई देगा? इसका जवाब बाजार खुलने के बाद ही साफ होगा।
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Tata Sons को 3 साल में लाना होगा IPO, RBI ने NBFC से बाहर निकलने की अर्जी ठुकराई

नई दिल्ली। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons को अब शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Tata Sons की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने NBFC यानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी का दर्जा छोड़ने की मांग की थी। Tata Sons ने 2024 में करीब 21,813 करोड़ रुपये का पूरा कर्ज चुका दिया था। कंपनी का तर्क था कि जब उस पर कोई कर्ज नहीं है, तो उसे NBFC के नियमों और अनिवार्य लिस्टिंग से बाहर रखा जाना चाहिए। हालांकि, RBI ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। पूरे मामले को सवाल-जवाब से समझें सवाल 1: Tata Sons ने NBFC का दर्जा छोड़ने की अर्जी क्यों दी थी? जवाब: Tata Sons ने 2024 में अपना करीब 21,813 करोड़ रुपये का पूरा कर्ज चुका दिया था। कंपनी का कहना था कि अब उस पर कोई कर्ज नहीं है, इसलिए उसे NBFC से जुड़े नियमों और शेयर बाजार में अनिवार्य लिस्टिंग की शर्त से छूट मिलनी चाहिए। सवाल 2: RBI ने अर्जी क्यों खारिज की? जवाब: RBI के नियमों के तहत बड़ी वित्तीय कंपनियों को उनकी संपत्ति के आधार पर अपर-लेयर कैटेगरी में रखा जाता है। Tata Sons की कुल संपत्ति निर्धारित सीमा से काफी अधिक है। इसी वजह से कंपनी को इस कैटेगरी से बाहर करने की मांग स्वीकार नहीं की गई। सवाल 3: Tata Sons को कब तक लिस्ट होना था? जवाब: RBI ने सितंबर 2022 में Tata Sons को अपर-लेयर NBFC की कैटेगरी में शामिल किया था। नियमों के अनुसार ऐसी कंपनी को 3 साल के भीतर शेयर बाजार में लिस्ट होना होता है। इस हिसाब से Tata Sons के लिए सितंबर 2025 तक लिस्टिंग की समयसीमा थी। कंपनी की ओर से दर्जे से बाहर निकलने की अर्जी लंबित रहने के कारण मामला आगे बढ़ता रहा। अब अर्जी खारिज होने के बाद लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी होगा। सवाल 4: Tata Sons की लिस्टिंग से रिटेल निवेशकों को क्या फायदा हो सकता है? जवाब: Tata Sons के शेयर बाजार में लिस्ट होने से आम निवेशकों को टाटा ग्रुप की कई बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों में अप्रत्यक्ष निवेश का मौका मिल सकता है। इनमें Air India, Tata Electronics, Tata Digital और Tata Advanced Systems जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो फिलहाल सीधे शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं। सवाल 5: शेयरहोल्डर्स और कंपनी के वैल्यूएशन पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: Tata Sons की लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों का बाजार मूल्य तय होगा। इससे समूह की अनलिस्टेड कंपनियों की वैल्यूएशन को लेकर भी बाजार में ज्यादा स्पष्टता आ सकती है। इसका असर Tata Sons की कुल वैल्यूएशन पर पड़ सकता है और कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी का बाजार मूल्य सामने आ सकता है। सवाल 6: Shapoorji Pallonji Group पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: Shapoorji Pallonji (SP) Group की Tata Sons में करीब 18.4% हिस्सेदारी है। कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद इस हिस्सेदारी का बाजार मूल्य ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आएगा। भविष्य में अगर SP Group अपनी हिस्सेदारी बेचकर या उसके आधार पर फंड जुटाना चाहता है, तो लिस्टेड शेयर होने से ऐसा करना पहले की तुलना में आसान हो सकता है। अब Tata Sons के लिए क्या रास्ता है? RBI की ओर से NBFC कैटेगरी से बाहर निकलने की मांग खारिज होने के बाद Tata Sons को अब नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। इसका सबसे बड़ा असर कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग पर पड़ेगा। यानी टाटा ग्रुप की इस होल्डिंग कंपनी का IPO आने पर निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी की वैल्यूएशन कितनी तय होती है और उसके शेयरों की बाजार में क्या कीमत बनती है।
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iPhone 18 Pro और Pro Max की बुकिंग शुरू, 1.80 लाख तक कीमत; Siri AI में मिलेंगे 6 बड़े अपडेट

नई दिल्ली। Apple के नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की बुकिंग भारत समेत दुनियाभर के बाजारों में शुरू हो गई है। भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत करीब 1.65 लाख रुपये, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत करीब 1.80 लाख रुपये बताई गई है। कंपनी ने इस बार प्रो मॉडल्स में नए A20 Pro चिपसेट, एडवांस्ड कूलिंग सिस्टम और कैमरा तकनीक में बड़े बदलाव किए हैं। मेन कैमरे में पहली बार DSLR कैमरों जैसी वेरिएबल अपर्चर टेक्नोलॉजी दिए जाने का दावा किया गया है। भारत में कीमत ज्यादा iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत ग्लोबल मार्केट की तुलना में भारत में ज्यादा रखी गई है। नए प्रो मॉडल्स को प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में पेश किया गया है, जहां कैमरा, परफॉर्मेंस और AI फीचर्स पर खास फोकस किया गया है। Siri AI में मिलेंगे 6 बड़े अपडेट Apple ने Siri को भी AI क्षमताओं के साथ ज्यादा स्मार्ट बनाने पर जोर दिया है। नए अपडेट्स के बाद Siri यूजर के साथ बातचीत करने के साथ-साथ स्क्रीन पर दिखाई दे रही जानकारी को समझकर कई काम करने में सक्षम होगी। 1. स्क्रीन देखकर काम करेगी Siri Siri स्क्रीन पर दिखाई दे रही चीजों को समझकर उसके आधार पर काम कर सकेगी। यानी यूजर जिस जानकारी को देख रहा है, Siri उसी संदर्भ में टास्क पूरा करने में मदद करेगी। 2. निजी डेटा से देगी सटीक जवाब Siri ईमेल, मैसेज और कैलेंडर जैसी निजी जानकारी के आधार पर ज्यादा सटीक जवाब देने में सक्षम होगी। इससे फ्लाइट, मीटिंग या दूसरे प्लान से जुड़ी जानकारी आसानी से हासिल की जा सकेगी। 3. ऐप्स के अंदर भी करेगी काम Siri सिर्फ ऐप खोलने तक सीमित नहीं रहेगी। AI की मदद से यह ऐप के अंदर कई काम करने में सक्षम होगी, जैसे फोटो में बदलाव करना और उसे किसी कॉन्टैक्ट को भेजना। 4. इंसानों जैसी बातचीत Siri अब अधूरे वाक्यों, रुक-रुककर बोलने या बातचीत के दौरान भाषा में बदलाव को बेहतर तरीके से समझने पर फोकस करेगी। इससे बातचीत ज्यादा सहज महसूस हो सकती है। 5. बिना बोले टाइप करके कमांड यूजर Siri को बोलने के बजाय लिखकर भी कमांड दे सकेंगे। इसके लिए स्क्रीन के नीचे डबल टैप करने का विकल्प दिया गया है। 6. ChatGPT का सपोर्ट मुश्किल सवालों के जवाब, टेक्स्ट तैयार करने या रेसिपी जैसी जानकारी के लिए Siri सीधे ChatGPT की मदद ले सकेगी। इससे Siri की AI क्षमताओं का दायरा बढ़ेगा। कैमरा और परफॉर्मेंस पर भी फोकस iPhone 18 Pro सीरीज में A20 Pro चिपसेट और एडवांस्ड कूलिंग सिस्टम के साथ बेहतर परफॉर्मेंस देने पर जोर दिया गया है। वहीं, मेन कैमरे में वेरिएबल अपर्चर टेक्नोलॉजी फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अहम बदलाव मानी जा रही है।
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Black Dog

Black Dog New Packaging: 140 साल पुरानी विरासत को मिला Modern Look

करीब 140 साल पुरानी विरासत वाले स्कॉच व्हिस्की ब्रांड Black Dog ने अपनी पैकेजिंग में बड़ा बदलाव किया है। नए पैक के जरिए ब्रांड ने अपनी पारंपरिक पहचान को बरकरार रखते हुए इसे आज के दौर के हिसाब से नया रूप देने की कोशिश की है। इस बदलाव के साथ ब्रांड ने ‘Savour the Sip’ संदेश को भी सामने रखा है। 1883 से शुरू हुई Black Dog की कहानी Black Dog की शुरुआत वर्ष 1883 में सर वाल्टर मिलार्ड से जुड़ी मानी जाती है। स्कॉटलैंड से शुरू हुआ यह ब्रांड समय के साथ भारत सहित कई बाजारों में अपनी पहचान बनाने में सफल रहा है। कंपनी के मुताबिक, नए पैकेजिंग डिजाइन में ब्रांड की पुरानी विरासत और आधुनिक विजुअल स्टाइल को एक साथ रखा गया है। पैक पर बारीक डिटेलिंग और प्रीमियम फिनिश के जरिए Black Dog की पहचान को और उभारने की कोशिश की गई है। ‘Savour the Sip’ बना नया Brand Message नई पैकेजिंग के साथ ‘Savour the Sip’ को ब्रांड के प्रमुख संदेश के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह विचार तेज रफ्तार जिंदगी के बीच लोगों को अनुभवों को ठहरकर महसूस करने की सोच से जुड़ा है। ब्रांड की ओर से बताया गया है कि इसकी स्कॉच व्हिस्की स्कॉटलैंड की चुनिंदा डिस्टिलरी में तैयार की जाती है। इनमें Linkwood Distillery भी शामिल है। कंपनी अपने उत्पादों की खासियत को अलग-अलग कास्क में परिपक्व होने की प्रक्रिया और स्कॉटिश माल्ट्स से जोड़ती है। Portfolio में दो प्रमुख Variants नए पैकेजिंग बदलाव के साथ Black Dog के पोर्टफोलियो में दो प्रमुख वेरिएंट को भी अलग पहचान के साथ पेश किया गया है। Black Dog Black Reserve को चुनिंदा स्कॉटिश माल्ट्स से तैयार किया गया मिश्रण बताया गया है। कंपनी के अनुसार इसमें ओक, शेरी और माल्टी फ्लेवर की परतें शामिल हैं। वहीं Black Dog Triple Gold Reserve को ट्रिपल-कास्क मैच्योर्ड स्कॉच के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी के मुताबिक इसमें ओक, टॉफी और वनीला जैसे फ्लेवर नोट्स देखने को मिलते हैं। नई Generation पर फोकस ब्रांड का यह बदलाव केवल पैकेजिंग तक सीमित नहीं है। नए डिजाइन और संदेश के जरिए Black Dog बदलते उपभोक्ता वर्ग के साथ अपनी पहचान को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। Diageo India के वाइस प्रेसिडेंट और पोर्टफोलियो हेड वरुण कूरिच के मुताबिक, नई पैकेजिंग ब्रांड की विरासत का सम्मान करते हुए उसे आधुनिक समय के अनुरूप पेश करती है। कंपनी का फोकस ऐसे उपभोक्ताओं तक पहुंचने पर है जो उत्पाद के पीछे की कारीगरी और अनुभव को महत्व देते हैं। कुल मिलाकर, Black Dog की नई Packaging उसके पुराने heritage और modern branding के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। करीब 140 साल पुरानी पहचान को बरकरार रखते हुए ब्रांड ने अपने visual identity और communication में बदलाव किया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अब मोबाइल SIM की तरह पोर्ट होगा FASTag, बैंक बदलने पर नया स्टिकर लेने की जरूरत नहीं

मुंबई। FASTag यूजर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब बैंक बदलने के लिए वाहन की विंडशील्ड पर लगा पुराना FASTag हटाने या नया फिजिकल टैग लगवाने की जरूरत नहीं होगी। FASTag अब मोबाइल SIM की तरह पोर्ट किया जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान OneTagनाम की नई सर्विस लॉन्च की। OneTag से क्या बदलेगा? अब तक FASTag का बैंक बदलने पर यूजर को पुराने FASTag अकाउंट को बंद करना पड़ता था। इसके बाद नए बैंक के साथ दोबारा ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होती थी और नया फिजिकल FASTag स्टिकर लेना पड़ता था। OneTag की नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। यूजर को पुराना FASTag स्टिकर हटाने की जरूरत नहीं होगी। एक ही FASTag को अलग-अलग बैंकों के बीच पोर्ट किया जा सकेगा। टोल प्लाजा पर प्रक्रिया पहले जैसी रहेगी FASTag पोर्ट कराने के बाद टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को किसी तरह का अतिरिक्त बदलाव नहीं करना होगा। टोल टैक्स कटने की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी। वाहन को टोल प्लाजा पर रोकने या कोई नया काम करने की जरूरत नहीं होगी। बैंक बदलने से टोल प्लाजा पर FASTag इस्तेमाल करने का तरीका प्रभावित नहीं होगा। बैकएंड में NPCI संभालेगा सिस्टम FASTag पोर्टेबिलिटी की पूरी प्रक्रिया बैकएंड सिस्टम के जरिए संचालित होगी। National Electronic Toll Collection (NETC)प्लेटफॉर्म के माध्यम से नए बैंक की जानकारी अपडेट की जाएगी। इससे यूजर के लिए FASTag का इस्तेमाल पहले की तरह ही आसान रहेगा, जबकि बैंक बदलने की प्रक्रिया ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगी। प्लास्टिक कचरा और री-इश्यू का खर्च होगा कम OneTag से बार-बार नए फिजिकल FASTag जारी करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है। इससे नए टैग बनाने, उन्हें डिस्पैच करने और पुराने टैग के री-इश्यू पर होने वाला खर्च भी घट सकता है। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी और संसाधनों की भी बचत होगी। क्या होता है RFID? RFID यानी Radio Frequency Identification एक वायरलेस तकनीक है। इसके जरिए रेडियो तरंगों की मदद से FASTag में लगी चिप से जानकारी पढ़ी जाती है। इसी तकनीक के कारण टोल प्लाजा पर वाहन को रोके बिना FASTag से टोल भुगतान संभव होता है। क्या है NETC? NETC यानी National Electronic Toll Collection NPCI का इंटरऑपरेबल डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह देशभर के टोल प्लाजा, बैंकों और वाहन मालिकों को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ता है और FASTag आधारित टोल भुगतान को संचालित करने में मदद करता है।
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Stock Market

Stock Market Crash: सेंसेक्स 700 अंक टूटा, Nifty 23,250 के नीचे; Metal Stocks में भारी गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा। Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में खुले और कुछ ही देर में बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा फिसलकर करीब 74,200 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,250 के नीचे आ गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव Metal, Auto और Financial Stocks में देखने को मिला। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में तनाव ने भी बाजार के माहौल को कमजोर किया है। Sensex-Nifty में तेज गिरावट शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 708 अंक टूटकर 74,194 के आसपास पहुंच गया। NSE Nifty 50 भी 234 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ करीब 23,244 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इस गिरावट के साथ दोनों प्रमुख इंडेक्स जून के बाद के निचले स्तरों के करीब पहुंच गए। बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा और निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाना शुरू कर दिया। Metal Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो Metal Stocks में सबसे ज्यादा गिरावट रही। Nifty Metal Index करीब 2.8 फीसदी तक नीचे आया। Auto और Financial सेक्टर में भी बिकवाली का असर साफ दिखाई दिया। Tata Steel समेत कई प्रमुख मेटल कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। महंगे कच्चे माल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच मेटल कंपनियों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है। Crude Oil की तेजी ने बढ़ाई टेंशन शेयर बाजार की कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमत भी बड़ी वजह मानी जा रही है। Brent crude 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर चिंता के कारण तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में लंबे समय तक महंगा crude रहने पर देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। रुपये की कमजोरी भी चिंता का कारण शेयर बाजार के साथ भारतीय रुपये पर भी दबाव देखने को मिला। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने बाजार के सेंटीमेंट को और कमजोर किया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर असर डाल रही है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की है। आगे बाजार की दिशा किस पर निर्भर करेगी? अब निवेशकों की नजर मुख्य रूप से Crude Oil Price, रुपये की चाल, विदेशी निवेश और पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। अगर तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार पर दबाव आगे भी बना रह सकता है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ गया है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा और कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखना ज्यादा जरूरी है। कुल मिलाकर, शुक्रवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रहा। Sensex और Nifty में तेज गिरावट के साथ Metal और Auto Stocks में बिकवाली ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले सत्रों में कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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Gold-Silver Price

Gold-Silver Price: सोने-चांदी के भाव में गिरावट, जानें 24 से 14 कैरेट तक के रेट

Gold Silver Price Today सोना खरीदने वालों के लिए आज बाजार से थोड़ी राहत की खबर है। सोने और चांदी, दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव ₹3,742 प्रति किलो कम होकर करीब ₹2.30 लाख पर आ गया है। वहीं सोना ₹269 सस्ता होकर करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया है। कीमती धातुओं के भाव में आई इस नरमी पर खरीदारों की नजर बनी हुई है। खासकर वे लोग जो शादी, त्योहार या किसी दूसरे मौके के लिए सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए आज के रेट जानना जरूरी है। Silver Price Today: चांदी ₹3,742 हुई सस्ती चांदी की कीमत में आज सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी का भाव ₹3,742 घटकर करीब ₹2,30,000 रह गया है। चांदी की कीमत में होने वाले बदलाव का असर सिर्फ ज्वेलरी बाजार तक सीमित नहीं रहता। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल भी चांदी के भाव को प्रभावित करती है। ऐसे में आगे भी इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। Gold Price Today: सोना ₹269 गिरा सोने की कीमत में भी आज मामूली गिरावट आई है। 24 कैरेट सोना ₹269 की कमी के साथ करीब ₹1,53,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। सोने के भाव में रोजाना होने वाले बदलाव के पीछे कई वजहें होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर की चाल, निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इनमें प्रमुख हैं। 24 से 14 कैरेट तक सोने के भाव सोने की कीमत उसकी शुद्धता यानी कैरेट के हिसाब से बदलती है। 24 कैरेट को सबसे शुद्ध सोना माना जाता है। वहीं ज्वेलरी में आमतौर पर 22 कैरेट और अन्य शुद्धता वाले सोने का इस्तेमाल किया जाता है। 24 कैरेट के करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम भाव को आधार मानें तो शुद्धता के हिसाब से अनुमानित कीमत इस तरह समझी जा सकती है: ये कैरेट के आधार पर निकाली गई अनुमानित बेस कीमतें हैं। दुकान पर ज्वेलरी खरीदते समय GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण आपको वास्तविक कीमत इससे ज्यादा चुकानी पड़ सकती है। Gold-Silver खरीदने से पहले क्या देखें? अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं तो सिर्फ बाजार भाव पर ध्यान देना काफी नहीं है। ज्वेलरी खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता जरूर जांचें। साथ ही मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क की जानकारी पहले ही ले लें। सोने-चांदी के भाव दिनभर में भी बदल सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वेलर से उस समय का ताजा रेट जरूर कन्फर्म कर लेना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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