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Apple iPhone Duo: पहली बार आया Foldable iPhone, ₹3 लाख के करीब Price और eSIM Only

Apple ने आखिरकार उस सेगमेंट में एंट्री कर ली है, जिसका इंतजार Apple iPhone यूजर्स लंबे समय से कर रहे थे। कंपनी ने अपना पहला Foldable iPhone Duo लॉन्च कर दिया है। नए फोन की शुरुआती कीमत भारत में करीब ₹2.99 लाख रखी गई है। खास बात यह है कि फोन में Physical SIM की जगह eSIM का इस्तेमाल किया जाएगा। Apple ने इसी लॉन्च इवेंट में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max भी पेश किए। Pro मॉडल्स में कंपनी ने Performance के साथ Camera System पर खास ध्यान दिया है। पहली बार Apple का Foldable iPhone iPhone Duo Apple के लिए एक बड़ा बदलाव है। कंपनी ने पहली बार iPhone को Foldable डिजाइन में पेश किया है। फोन को खोलने पर यूजर्स को करीब 7.6 इंच का बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जबकि फोल्ड करने पर बाहरी स्क्रीन करीब 5.4 इंच की है। बड़ी स्क्रीन का फायदा खासतौर पर वीडियो देखने, गेमिंग और एक साथ कई काम करने में मिल सकता है। Apple ने फोन के डिजाइन को पतला और प्रीमियम रखने की कोशिश की है। Physical SIM को कहा Goodbye iPhone Duo की एक खास बात इसका eSIM-only होना है। यानी फोन में सामान्य Physical SIM Card लगाने का विकल्प नहीं मिलेगा। नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए यूजर्स को eSIM का इस्तेमाल करना होगा। भारत जैसे बड़े Smartphone Market में यह बदलाव कितना पसंद किया जाता है, यह बिक्री शुरू होने के बाद साफ होगा। कीमत सुनकर चौंक सकते हैं यूजर्स Apple ने Foldable iPhone को प्रीमियम सेगमेंट में रखा है। भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत ₹2,99,900 बताई गई है। इतनी कीमत के साथ यह फोन Apple के सबसे महंगे iPhone मॉडल्स में शामिल हो गया है। कंपनी का फोकस साफ तौर पर उन यूजर्स पर है, जो नए डिजाइन और हाई-एंड टेक्नोलॉजी के लिए ज्यादा कीमत खर्च करने को तैयार हैं। iPhone 18 Pro में Camera का बड़ा बदलाव Foldable iPhone के साथ Apple ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max भी लॉन्च किए। इन फोन में कैमरा सिस्टम को पहले के मुकाबले ज्यादा Pro बनाया गया है। iPhone 18 Pro में 48MP Fusion Main Camera दिया गया है। इसमें Variable Aperture तकनीक भी मिलती है, जो अलग-अलग Lighting Conditions में कैमरा पर ज्यादा कंट्रोल देने के लिए डिजाइन की गई है। रियर कैमरा सिस्टम में तीन 48MP कैमरों का सेटअप दिया गया है। इससे Photography और Video Recording के दौरान ज्यादा flexibility मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि iPhone 18 Pro के कैमरे को लेकर इसकी तुलना DSLR और Professional Camera से की जा रही है। हालांकि Smartphone Camera और DSLR की क्षमताएं अलग होती हैं, इसलिए इसे सीधे DSLR का विकल्प कहना सही नहीं होगा। A20 Pro Chip से मिलेगा दमदार Performance iPhone 18 Pro Series में Apple का नया A20 Pro Chip दिया गया है। कंपनी ने नई चिप के साथ Performance, Graphics और AI Processing को बेहतर बनाने पर जोर दिया है। Apple का फोकस अब सिर्फ तेज Processor देने तक सीमित नहीं है। कंपनी अपने नए iPhones में AI और On-device Processing को भी लगातार आगे बढ़ा रही है। iPhone 18 Pro की कीमत भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 रखी गई है। वहीं iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1,79,900 बताई गई है। Pro मॉडल्स में अलग-अलग Storage Options भी दिए गए हैं। Apple का यह लाइनअप उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिन्हें High-end Performance, Camera और Premium Design चाहिए। Apple के लिए क्यों खास है यह लॉन्च? Apple का Foldable iPhone लॉन्च करना सिर्फ एक नया Product Launch नहीं है। कंपनी ने पहली बार iPhone के पारंपरिक डिजाइन से हटकर Foldable Form Factor अपनाया है। अब तक Foldable Smartphone Market में Samsung, Google और कई दूसरी कंपनियां अपनी जगह बना चुकी हैं। ऐसे में Apple की एंट्री से इस Segment में Competition और तेज होने की उम्मीद है। दूसरी तरफ iPhone 18 Pro Series में Camera और AI पर बढ़ता फोकस यह संकेत देता है कि Apple आने वाले समय में Smartphone Photography और Artificial Intelligence को और ज्यादा महत्व देने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Crude Oil

Crude Oil $100 के पार: America-Iran Tension से बढ़ी कीमत, Petrol-Diesel पर असर संभव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। Brent Crude Oil की कीमत $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो करीब छह हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है और इसका असर सीधे Global Oil Market पर दिखाई दे रहा है। तेल महंगा होने की खबर भारत के लिए भी अहम है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अगर crude oil की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो Petrol-Diesel और LPG की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। 6 हफ्ते में सबसे महंगा हुआ Crude Oil बुधवार के कारोबार में Brent crude करीब $100.19 प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाद में इसकी कीमत लगभग $99.93 प्रति बैरल के आसपास रही। वहीं अमेरिकी WTI crude भी करीब $94.52 प्रति बैरल तक पहुंचा। तेल की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है जब Middle East में हालात सामान्य नहीं हैं। बाजार को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। America-Iran Tension का Oil Market पर असर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव इस समय Oil Market के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। Middle East दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां किसी बड़े संघर्ष या सप्लाई रूट में रुकावट का असर पूरी दुनिया में दिखाई दे सकता है। खास तौर पर Strait of Hormuz को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां लंबे समय तक किसी तरह की बाधा आने पर कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। भारत में Petrol-Diesel Price पर क्या असर होगा? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या महंगे crude oil का असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा? भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत तय करने में अंतरराष्ट्रीय crude oil price के अलावा कई दूसरे factors भी काम करते हैं। इनमें रुपये और डॉलर की exchange rate, refining cost, freight, taxes और oil companies के margins शामिल हैं। इसलिए कच्चा तेल $100 पार करने का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी। लेकिन अगर crude लगातार इसी स्तर पर बना रहता है, तो घरेलू fuel prices पर दबाव जरूर बढ़ सकता है। LPG Cylinder की कीमत भी अहम Crude oil की तेजी के साथ LPG को लेकर भी चिंता बढ़ी है। भारत LPG की जरूरत का एक हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में Middle East में supply और shipping routes प्रभावित होने पर import cost बढ़ सकती है। हालांकि घरेलू LPG Cylinder की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तय नहीं होती। सरकार की pricing policy और अन्य आर्थिक factors भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए अभी LPG की कीमत बढ़ने को लेकर निश्चित तौर पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। महंगा तेल बढ़ा सकता है महंगाई का दबाव कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता। Transport और logistics महंगे होने पर इसका असर सामान की लागत पर भी पड़ सकता है। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसका असर transport, manufacturing और दूसरे कई कारोबारों पर भी देखने को मिल सकता है। आगे Crude Oil का क्या होगा? आने वाले दिनों में crude oil की दिशा काफी हद तक Middle East की स्थिति पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है और supply routes सामान्य रहते हैं, तो तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है। लेकिन अगर संघर्ष बढ़ता है या Hormuz जैसे महत्वपूर्ण shipping routes प्रभावित होते हैं, तो Brent Crude $100 से ऊपर लंबे समय तक बना रह सकता है। फिलहाल भारत में लोगों की नजर Petrol-Diesel और LPG के दाम पर रहेगी। अगर crude oil की यह तेजी कुछ समय और जारी रहती है, तो सरकार और oil companies के सामने घरेलू ईंधन कीमतों को संभालने की चुनौती बढ़ सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
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Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
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Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold-Silver

Gold-Silver Price Today: चांदी ₹2,299 उछली, सोना ₹610 सस्ता; जानें आज के ताजा भाव

सोने-चांदी (Gold-Silver) के बाजार में बुधवार, 26 अगस्त को तस्वीर थोड़ी अलग रही। जहां चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखने को मिली, वहीं सोना हल्का सस्ता हुआ। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी ₹2,299 प्रति किलो उछलकर करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो पहुंच गई। दूसरी ओर 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹610 की गिरावट आई और भाव करीब ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम रहा। Silver Price Today: चांदी ने फिर पकड़ी रफ्तार चांदी की कीमत में एक दिन में ₹2,299 की बढ़ोतरी ने बाजार का ध्यान खींचा है। 999 शुद्धता वाली चांदी अब करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। साल की शुरुआत के मुकाबले भी चांदी महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो अब बढ़कर लगभग ₹2.44 लाख हो गया है। यानी साल के दौरान करीब ₹14 हजार प्रति किलो की बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, इस साल चांदी इससे भी कहीं ऊंचा स्तर देख चुकी है। 29 जनवरी 2026 को इसका भाव करीब ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया था। ऐसे में मौजूदा कीमत उस रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है। Gold Price Today: ₹610 की गिरावट से राहत चांदी के उलट सोने में बुधवार को नरमी रही। 24 कैरेट सोने का भाव ₹610 घटकर करीब ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया। लेकिन एक दिन की गिरावट के बावजूद सोना इस साल की शुरुआत की तुलना में काफी महंगा है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी। मौजूदा भाव करीब ₹1.61 लाख होने का मतलब है कि 2026 में अब तक सोने की कीमत में लगभग ₹29 हजार की बढ़ोतरी हो चुकी है। आखिर क्यों बदल रहे हैं Gold-Silver Rates? सोने-चांदी की कीमतों पर सिर्फ घरेलू मांग का असर नहीं पड़ता। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद, महंगाई और वैश्विक तनाव भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने में करीब 0.6% की गिरावट दर्ज हुई। निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर है। यही वजह है कि बुलियन मार्केट में एक दिन तेजी तो दूसरे दिन गिरावट देखने को मिल सकती है। इस साल Gold ने भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड सोना भी 2026 में कई बार रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 29 जनवरी को सोने का भाव करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो आने वाले महीनों में कीमती धातुओं में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि किसी भी अनुमान को निश्चित कीमत नहीं माना जा सकता। Jewellery खरीदने वालों के लिए जरूरी बात यहां बताए गए भाव बुलियन/IBJA के indicative rates हैं। ज्वेलरी खरीदते समय दुकान पर मिलने वाला अंतिम बिल अलग हो सकता है। इसमें सोने की purity के अलावा GST, making charges और अन्य शुल्क शामिल हो सकते हैं। IBJA के प्रकाशित रेट भी GST और making charges से अलग होते हैं। इसलिए अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो दुकान पर भुगतान करने से पहले purity, प्रति ग्राम भाव, making charges और GST का पूरा हिसाब जरूर देख लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी भी 50 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त को कमजोरी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा गिरकर करीब 77,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी करीब 50 अंक नीचे 24,150 के आसपास बना हुआ है। बाजार में खासतौर पर ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है। निवेशकों की नजर आज बाजार की दिशा और अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन पर बनी हुई है। Annu Projects IPO आज से खुला शेयर बाजार की हलचल के बीच Annu Projects का IPO भी आज यानी 25 अगस्त से खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 175.06 करोड़ रुपए जुटाने की योजना लेकर आई है। IPO में निवेशक 28 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने IPO के लिए 94 से 99 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 151 शेयर हैं और अधिकतम प्राइस बैंड के हिसाब से न्यूनतम निवेश करीब 14,949 रुपए बैठता है। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 2 सितंबर को BSE और NSE पर हो सकती है।
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5-Day Banking

5-Day Banking का इंतजार खत्म होगा? Bank Unions ने दी Strike की चेतावनी, ग्राहकों पर भी असर

बैंक में काम कराने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले दिन थोड़े मुश्किल हो सकते हैं। 5-Day Banking की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। कर्मचारियों की मांग है कि दूसरे और चौथे शनिवार की मौजूदा छुट्टी व्यवस्था को बदलकर हर शनिवार और रविवार को बैंक बंद रखा जाए। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। अब इस मुद्दे पर सरकार और बैंक प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए देशभर में प्रदर्शन और हड़ताल की तैयारी की जा रही है। दो साल से फैसले का इंतजार बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, मार्च 2024 में हुए 12वें Bipartite Settlement में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनी थी। प्रस्ताव में शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के समय में करीब 40 मिनट बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। यानी कर्मचारियों के काम के कुल घंटों में बड़ी कटौती किए बिना शनिवार की छुट्टी देने की योजना है। इसके बावजूद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। यही वजह है कि बैंक यूनियनों का गुस्सा अब बढ़ता जा रहा है। अभी क्या है Bank Holiday का नियम? फिलहाल बैंकों में हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। बाकी शनिवार को बैंक शाखाएं खुलती हैं। रविवार को सामान्य तौर पर बैंक बंद रहते हैं। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब अधिकांश सरकारी और निजी संस्थानों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंक कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। हड़ताल हुई तो Banking Services पर असर बैंक यूनियनों की ओर से आंदोलन आगे बढ़ने पर ग्राहकों को शाखाओं से जुड़े कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कैश जमा करने, निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य branch-based services प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि UPI, ATM, Mobile Banking और Internet Banking जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद रहती है। फिर भी हड़ताल के दौरान किसी खास बैंक की सेवाओं पर स्थानीय स्तर पर असर पड़ सकता है। सिर्फ 5-Day Banking ही नहीं, PLI भी मुद्दा बैंक कर्मचारियों की नाराजगी केवल पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था तक सीमित नहीं है। यूनियनों ने Performance Linked Incentive (PLI) से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आपत्ति जताई है। संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए PLI व्यवस्था पर उचित बातचीत होनी चाहिए। इसी के साथ बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी अन्य लंबित मांगों को भी आंदोलन में शामिल किया गया है। Bank Customers के लिए क्या जरूरी? अगर हड़ताल की तारीख तय होती है, तो ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें। खासकर कैश, चेक या शाखा में जाकर होने वाले काम को हड़ताल की संभावित तारीखों से पहले पूरा करना सुविधाजनक रहेगा। डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर असर अपेक्षाकृत कम पड़ सकता है, लेकिन किसी भी जरूरी लेनदेन के लिए बैंक की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए। अब सरकार के फैसले पर नजर 5-Day Banking का मुद्दा बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बन चुका है। कर्मचारी इसे लंबे समय से लंबित मांग बता रहे हैं, जबकि सरकार और बैंकिंग व्यवस्था के लिए इसका मतलब काम के घंटे, शाखाओं की उपलब्धता और ग्राहक सेवा के बीच संतुलन बनाना है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और बैंक प्रबंधन इस मांग पर कब अंतिम फैसला लेते हैं। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो बैंक यूनियनों का आंदोलन आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है।
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Gold

Gold-Silver Price Today: सोने की चमक बरकरार, ₹1.63 लाख के पार पहुंचा भाव; चांदी नरम

सोने (Gold) की कीमतों में तेजी का सिलसिला सोमवार, 24 अगस्त को भी जारी रहा। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन Gold Price में करीब ₹1,983 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और 24 कैरेट सोने का भाव ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, Silver Price में हल्की नरमी देखने को मिली और चांदी करीब ₹297 टूटकर ₹2.46 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में सोने का भाव करीब ₹1,63,000 से ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। वहीं चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई। अगस्त में सोना करीब ₹20 हजार महंगा अगस्त का महीना सोने के लिए काफी मजबूत साबित हो रहा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में तेजी इतनी तेज रही कि महज चार दिनों में सोने के भाव में करीब ₹8,200 से ₹8,400 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महीने की शुरुआत के मुकाबले सोने की कीमत में करीब ₹20 हजार तक का अंतर देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते भाव ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जो आने वाले दिनों में शादी या किसी दूसरे पारिवारिक कार्यक्रम के लिए सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। चांदी में क्यों आई गिरावट? जहां सोने ने सोमवार को तेजी दिखाई, वहीं चांदी में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। कारोबार के दौरान चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची। पिछले कुछ सत्रों में तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफा वसूली किए जाने को इसकी एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, चांदी अभी भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है। इसलिए बाजार में छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बावजूद कीमती धातुओं पर निवेशकों की नजर लगातार बनी हुई है। Gold Rate बढ़ने की बड़ी वजह क्या है? अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। Reuters के मुताबिक, सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना तीन महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी डॉलर ने सोने को सपोर्ट दिया है। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़े और फेडरल रिजर्व के चेयर के बयान को लेकर बाजार में उत्सुकता है। ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत सोने की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। Global Tension से भी सोने को सपोर्ट दुनियाभर में आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं। मौजूदा समय में अमेरिका-ईरान तनाव और अन्य वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार की चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में सोने की मांग को सहारा मिल सकता है। यही वजह है कि डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगाई के आंकड़े और फेड की नीतियों पर आने वाले संकेतों को सोने के बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे कैसा रहेगा Gold-Silver का भाव? आने वाले दिनों में सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संकेत, डॉलर की स्थिति और वैश्विक तनाव बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। फिलहाल सोना मजबूत तेजी के साथ ऊंचे स्तर पर है, जबकि चांदी में आज थोड़ी नरमी आई है। ऐसे में खरीदारी करने वालों के लिए रोजाना के भाव पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex में 100 अंक से ज्यादा की गिरावट, NIFTY भी फिसला

Sensex में 100 अंक से ज्यादा की गिरावट, NIFTY भी फिसला

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। Sensex 100 अंक से ज्यादा गिरकर करीब 77,350 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी में भी करीब 50 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और IT सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन सेक्टर के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार की चाल कमजोर रही। निवेशकों की नजर अब बाजार की आगे की दिशा पर बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों के संकेत और घरेलू स्तर पर आने वाली आर्थिक खबरें आगे के कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है। ऐसे में निवेशकों के लिए आज का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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