आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsIND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड◆BREAKINGस्पोर्ट्सIndia vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती◆BREAKINGदेश-हरपलदिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGBreaking NewsIND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड◆BREAKINGस्पोर्ट्सIndia vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती◆BREAKINGदेश-हरपलदिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Government Bank: 27 सितंबर को Sunday के दिन भी बैंक खुले, 28 से 30 सितंबर तक Strike का असर

अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम बाकी है, तो आपके लिए काम की खबर है। 27 सितंबर 2026, रविवार को देश के सरकारी बैंक खुले रहेंगे। आमतौर पर रविवार को बैंक बंद रहते हैं, लेकिन इस बार तीन दिन की प्रस्तावित Bank Strike को देखते हुए रविवार को भी बैंक शाखाएं खोलने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जिन्हें बैंक की शाखा में जाकर अपना जरूरी काम पूरा करना है। खास बात यह है कि 27 सितंबर के बाद लगातार तीन दिनों तक बैंक हड़ताल का असर देखने को मिल सकता है। रविवार को क्यों खुलेंगे सरकारी बैंक? दरअसल, 28 से 30 सितंबर 2026 तक Nationwide Bank Strike प्रस्तावित है। इससे पहले 26 सितंबर को चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे और 27 सितंबर रविवार है। अगर रविवार को भी बैंक बंद रहते, तो ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक शाखा संबंधी सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता था। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए 27 सितंबर को सरकारी बैंकों को खोलने का फैसला लिया गया है। किन बैंकों में मिलेगी सुविधा? 27 सितंबर को Public Sector Banks (PSBs) और Regional Rural Banks (RRBs) की शाखाएं खुली रहेंगी। यानी सरकारी बैंक के ग्राहक रविवार को बैंक शाखा जाकर जरूरी काम करा सकेंगे। हालांकि, किसी खास शाखा की टाइमिंग या उपलब्ध सेवाओं में स्थानीय स्तर पर बदलाव हो सकता है। इसलिए बैंक जाने से पहले संबंधित बैंक की जानकारी देख लेना बेहतर रहेगा। 28 से 30 सितंबर तक Bank Strike क्यों? United Forum of Bank Unions (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में Five-Day Banking Week लागू करना शामिल है। हड़ताल होने की स्थिति में बैंक शाखाओं में होने वाले कई सामान्य काम प्रभावित हो सकते हैं। कैश जमा या निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य branch-based services में परेशानी आ सकती है। 30 सितंबर को Half-Yearly Closing भी इस बैंक हड़ताल का समय इसलिए भी अहम है क्योंकि 30 सितंबर को Half-Yearly Closing होती है। ऐसे में लगातार तीन दिनों तक बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग और वित्तीय कामकाज पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। डिजिटल बैंकिंग, UPI और ATM जैसी सुविधाएं आम तौर पर उपलब्ध रह सकती हैं, लेकिन ग्राहकों को किसी जरूरी काम के लिए केवल ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर रहने से पहले अपने बैंक के अपडेट जरूर देख लेने चाहिए। ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह अगर आपको बैंक की शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो 27 सितंबर को मिलने वाले अतिरिक्त working day का इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर चेक, कैश, दस्तावेज या अन्य जरूरी बैंकिंग काम को आखिरी तारीख तक टालने से बचें। सीधी बात यह है कि 27 सितंबर रविवार को सरकारी बैंकों का खुलना ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। वहीं 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित Bank Strike के कारण महीने के आखिरी दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

iPhone 18 Pro खरीदने दुबई जा रहे भारतीय ग्राहक, फ्लाइट और वीजा खर्च के बाद भी बचत का दावा

iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर ग्राहकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। भारत में Apple Store के बाहर लगी कतारों के बीच कुछ भारतीय खरीदार नए iPhone खरीदने के लिए दुबई का रुख कर रहे हैं। खरीदारों का दावा है कि भारत और UAE में iPhone की कीमतों में बड़ा अंतर है। उनका कहना है कि फ्लाइट टिकट और वीजा का खर्च जोड़ने के बाद भी दुबई से iPhone खरीदना सस्ता पड़ रहा है। एक से ज्यादा फोन खरीदने पर ₹60 हजार तक की बचत का दावा 18 सितंबर को दुबई मॉल स्थित Apple Store पर नए iPhone की बिक्री शुरू होने के बाद भारतीय खरीदारों ने कीमतों की तुलना की। मुंबई के अमन सोलंकी ने गल्फ न्यूज को बताया कि भारत और दुबई की कीमतों में अंतर के कारण यह ट्रिप उनके लिए फायदेमंद है। उनके अनुसार, एक से ज्यादा फोन खरीदने पर करीब 50 से 60 हजार रुपये तक का अंतर हो सकता है। वहीं, केरल के मोहम्मद सैयद ने परिवार से मिलने दुबई जाने के दौरान दोनों देशों की कीमतों की तुलना की। उन्होंने iPhone 18 Pro Max खरीदने का फैसला किया। सैयद के मुताबिक, उन्हें नए iPhone पर करीब 20 से 30 हजार रुपये की बचत हो रही है। दुबई में iPhone की कीमत कम होने की वजह रिपोर्ट के अनुसार, UAE में स्मार्टफोन पर 5 प्रतिशत वैट लागू होता है, जबकि भारत में टैक्स और इंपोर्ट ड्यूटी के कारण प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमत बढ़ सकती है। ₹1.5 लाख से अधिक कीमत वाले फोन में टैक्स का अंतर हजारों रुपये की बचत का कारण बन सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत मॉडल, स्टोरेज वेरिएंट, मुद्रा विनिमय दर और यात्रा खर्च पर निर्भर करती है। भारत लाते समय कस्टम नियमों का रखना होगा ध्यान एयरटेल डिजिटल के मार्केटिंग मैनेजर अभिषेक थॉमस के अनुसार, अलग-अलग देशों में कीमतों का अंतर यह प्रभावित कर सकता है कि ग्राहक उत्पाद कहां से खरीदना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति घूमने के साथ दुबई से iPhone खरीदता है, तो यह उसके लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, भारत लौटते समय कस्टम नियमों और लागू टैक्स छूट की सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। iPhone 18 Pro और Pro Max में बैटरी और कैमरा फीचर्स रिपोर्ट के मुताबिक, Apple ने 9 सितंबर को अपने पहले फोल्डेबल फोन के साथ iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च किए। इन मॉडल्स में 48 मेगापिक्सल के तीन कैमरों का सेटअप दिए जाने का दावा किया गया है। इसमें मेन कैमरा, टेलीफोटो और अल्ट्रावाइड कैमरा शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, iPhone 18 Pro एक बार चार्ज करने पर 24 घंटे और iPhone 18 Pro Max 30 घंटे तक चल सकता है। फोन को करीब 15 मिनट में 50 प्रतिशत तक चार्ज करने का दावा भी किया गया है।
Read more
Gold

Gold-Silver Price: सोना हुआ सस्ता, चांदी भी फिसली; 10 ग्राम Gold ₹1.53 लाख

Gold Silver Price Today सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को थोड़ी राहत की खबर आई है। घरेलू सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना ₹671 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,53,056 पर आ गया। वहीं चांदी के भाव में ₹2,346 प्रति किलो की गिरावट हुई और इसकी कीमत करीब ₹2.35 लाख प्रति किलो रह गई। कीमती धातुओं में आई इस गिरावट के बाद उन लोगों की नजर बाजार पर है, जो आने वाले दिनों में Gold या Silver खरीदने का प्लान बना रहे हैं। Gold Rate Today: सोने के भाव में कितनी गिरावट? सोमवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹671 की कमी आई। इसके बाद 10 ग्राम Gold का भाव ₹1,53,056 पर पहुंच गया। वहीं 22 कैरेट सोना करीब ₹1,40,199 और 18 कैरेट सोना लगभग ₹1,14,792 प्रति 10 ग्राम रहा। हालांकि, ज्वेलरी खरीदते समय आपको इससे ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है। इसकी वजह GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी आज नरमी रही। चांदी ₹2,346 प्रति किलो गिरकर करीब ₹2.35 लाख प्रति किलो पर आ गई। चांदी में पिछले कुछ समय से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में Silver खरीदने वालों के लिए रोजाना का भाव देखना काफी जरूरी हो गया है। MCX पर भी Gold-Silver में हलचल घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर भी सोमवार को सोने और चांदी के कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक परिस्थितियों का असर Precious Metals की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि सर्राफा बाजार और वायदा बाजार के भाव में अंतर दिखाई दे सकता है। क्यों बदल रहे हैं सोने-चांदी के दाम? Gold और Silver की कीमत कई चीजों से प्रभावित होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का रुख, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर उम्मीद, निवेशकों की खरीदारी और दुनिया की आर्थिक परिस्थितियां इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो अक्सर निवेशकों की नजर सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों पर जाती है। दूसरी तरफ कीमत बढ़ने पर मुनाफावसूली भी बाजार में दबाव बना सकती है। खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी बात अगर आप आज Gold Jewellery या Silver खरीदने जा रहे हैं, तो सिर्फ इंटरनेट पर दिख रहे भाव के आधार पर खरीदारी न करें। अपने शहर के ज्वेलर से ताजा रेट, शुद्धता, GST और making charges की पूरी जानकारी लेने के बाद ही अंतिम कीमत तय करें। सोने और चांदी के भाव दिनभर बदल सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले उसी समय का ताजा बाजार भाव जरूर चेक करना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Sensex 600 अंक से ज्यादा उछला बाजार, 74,900 के करीब पहुंचा; Nifty भी मजबूत

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन Indian Stock Market में निवेशकों का भरोसा मजबूत होता नजर आया। सोमवार को शेयर बाजार में जमकर खरीदारी हुई और Sensex 600 अंक से ज्यादा उछलकर 74,900 के करीब पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 23,400 के पार कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा हलचल Pharma और FMCG Stocks में रही। शुरुआती कारोबार के बाद जैसे-जैसे खरीदारी बढ़ी, बाजार की तेजी भी मजबूत होती गई। कई बड़े शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर खींचने में मदद की। Sensex ने पकड़ी रफ्तार, 74,900 के करीब पहुंचा सोमवार को BSE Sensex में अच्छी तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 600 अंक से ज्यादा चढ़ा और 74,900 के स्तर के आसपास पहुंच गया। इस तेजी से पिछले कारोबारी सत्रों में दबाव झेल रहे बाजार को कुछ राहत मिली। दूसरी तरफ Nifty 50 ने भी 23,400 का स्तर पार किया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,400 के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की। निवेशकों की नजर अब बाजार के अगले रुझान पर बनी हुई है। Pharma और FMCG Shares में जमकर Buying आज बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा Pharma और FMCG Sector की रही। दोनों सेक्टर में खरीदारी का असर इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। Pharma Stocks में कई कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। वहीं FMCG कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। इसके अलावा Realty Sector में भी खरीदारी का माहौल नजर आया। बड़े शेयरों की बात करें तो HCL Technologies, HDFC Life, SBI Life, ITC और Sun Pharma जैसे Stocks में भी तेजी देखने को मिली। Crude Oil की कीमतों में नरमी से बाजार को सहारा शेयर बाजार की तेजी के पीछे Crude Oil Prices में नरमी को भी एक वजह माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे बड़े Oil Importer देश को फायदा मिल सकता है। इसका असर निवेशकों के Sentiment पर भी देखने को मिला। हालांकि, ग्लोबल मार्केट में चल रही हलचल और Geopolitical Tensions को देखते हुए बाजार में सावधानी भी बनी हुई है। IT Sector में दबाव एक तरफ जहां Pharma और FMCG Shares में खरीदारी हुई, वहीं IT Sector में कुछ दबाव दिखाई दिया। Nifty IT में कमजोरी रही और कुछ प्रमुख IT Stocks में बिकवाली देखने को मिली। इससे साफ है कि सोमवार को बाजार में तेजी के बावजूद सभी सेक्टर्स का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। इन Stocks पर भी रही बाजार की नजर सोमवार के कारोबार में कुछ कंपनियों से जुड़ी खबरों का असर उनके शेयरों पर भी दिखाई दिया। Concord Biotech में तेजी रही। कंपनी के बोर्ड की ओर से Bonus Shares के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की खबर के बाद शेयर चर्चा में रहा। वहीं Welspun Corp से जुड़ी खबर ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी की Saudi Arabia स्थित associate company को Saudi Aramco से Steel Pipe Supply Contract मिलने की जानकारी सामने आई। Dilip Buildcon और HEG Advanced Materials से जुड़ी ऑर्डर खबरों के चलते भी इनके शेयरों में हलचल देखने को मिली। FII-DII की खरीदारी पर भी नजर बाजार की चाल समझने के लिए Foreign Institutional Investors यानी FII और Domestic Institutional Investors यानी DII की गतिविधियां भी अहम रहती हैं। पिछले कारोबारी सत्र में FII और DII की तरफ से खरीदारी दर्ज की गई थी। ऐसे में घरेलू और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों में बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल? सोमवार की तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन आगे की दिशा कई घरेलू और Global Factors पर निर्भर करेगी। Crude Oil Prices, Foreign Investment, Global Markets और Geopolitical Developments पर निवेशकों की नजर रहेगी। फिलहाल दिन के कारोबार में Sensex का 74,900 के करीब पहुंचना और Nifty का 23,400 के ऊपर कारोबार करना शेयर बाजार की बड़ी खबर रही। Pharma और FMCG Stocks में खरीदारी ने बाजार की तेजी को और मजबूत किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Moody’s ने बढ़ाया भारत की GDP Growth का अनुमान, 7% तक पहुंचने की उम्मीद

Moody’s ने बढ़ाया भारत की GDP Growth का अनुमान, 7% तक पहुंचने की उम्मीद

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 7% कर दिया है। इससे पहले मूडीज ने भारतीय GDP Growth 6% रहने का अनुमान जताया था। मूडीज के नए अनुमान के मुताबिक, भारत G20 देशों में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रह सकता है। अनुमान में बढ़ोतरी से भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और घरेलू मांग को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में आर्थिक गतिविधियों, निवेश और खपत में मजबूती बनी रहने से विकास दर को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, व्यापार से जुड़े बदलाव और महंगाई जैसे عوامل आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगे। भारत के लिए GDP ग्रोथ का यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विकास की रफ्तार बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Passport

Passport New Rules: बच्चों के Passport पर बड़ा बदलाव, 5 साल तक रहेगी Validity

अगर आपके घर में किसी बच्चे का Passport बना हुआ है या बनवाने की तैयारी चल रही है, तो यह खबर आपके काम की है। केंद्र सरकार ने बच्चों के Passport से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी 36 पेज का Ordinary Passport अब 5 साल तक या बच्चे के 18 साल का होने तक वैध रहेगा। सरकार का यह बदलाव 15 सितंबर 2026 से लागू हो गया है। ऐसे में विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे माता-पिता के लिए बच्चे के Passport की Validity पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्या है नया नियम? नए नियम को आसान भाषा में समझें तो 15 साल से कम उम्र के बच्चे के Passport की Validity अधिकतम 5 साल होगी। लेकिन एक शर्त भी है—अगर बच्चा 5 साल पूरे होने से पहले ही 18 साल का हो जाता है, तो Passport की Validity उसके 18वें जन्मदिन पर खत्म हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी बच्चे का Passport 10 साल की उम्र में बनता है, तो वह 5 साल तक यानी 15 साल की उम्र तक वैध रहेगा। वहीं अगर Passport 14 साल की उम्र में बनता है, तो उसकी Validity 18 साल की उम्र तक ही रहेगी। 18 साल के बाद क्या करना होगा? बच्चे के 18 साल का होने के बाद Passport को Renew कराना होगा। इसके बाद वह Adult Passport से जुड़े नियमों के तहत आवेदन कर सकता है। माता-पिता के लिए यह बात खास तौर पर ध्यान रखने वाली है, क्योंकि विदेश यात्रा के दौरान Passport की Validity से जुड़ी छोटी सी कमी भी परेशानी खड़ी कर सकती है। विदेश जाने से पहले जरूर Check करें Passport अगर परिवार में किसी बच्चे के साथ विदेश जाने का प्लान है, तो सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि Passport Expire हुआ है या नहीं। कई देशों में Entry के लिए Passport की यात्रा की तारीख के बाद भी कुछ महीनों की Validity जरूरी होती है। इसलिए Flight Booking, Visa Application और Travel Planning से पहले बच्चे के Passport की Expiry Date जरूर चेक कर लें। 15 से 18 साल की उम्र वालों के लिए अलग प्रावधान 15 से 18 साल की उम्र के आवेदकों के लिए Passport से जुड़े अलग प्रावधान हैं। इस उम्र में Passport की अवधि और आवेदन से जुड़ी जानकारी के लिए Passport Seva की मौजूदा गाइडलाइन देखना जरूरी है। यानी बच्चों का Passport बनवाते समय उनकी उम्र एक अहम factor है। इसलिए आवेदन करने से पहले नियम और जरूरी documents की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। Parents के लिए आसान सलाह नए नियम के बाद माता-पिता को बच्चे के Passport की तारीखों पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर अगर बच्चा 15 साल के करीब है या अगले कुछ वर्षों में 18 साल का होने वाला है। सीधी बात यह है कि 15 साल से कम उम्र के बच्चे का Passport अधिकतम 5 साल या 18 साल की उम्र तक वैध रहेगा। दोनों में से जो तारीख पहले आएगी, उसी दिन Passport की Validity खत्म हो जाएगी। इसलिए विदेश यात्रा का प्लान बनाते समय बच्चे का Passport समय रहते Check करें, ताकि आखिरी समय में Renewal या दूसरे दस्तावेजों को लेकर परेशानी न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
N Chandrasekaran

N Chandrasekaran: Tata Sons के Chairman बने रहेंगे, 5 साल के Extension को Board की मंजूरी

Tata Group से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। N. Chandrasekaran एक बार फिर Tata Sons की कमान संभालेंगे। Tata Sons के Board ने उनके कार्यकाल को अगले 5 साल के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में पूरा होना था। चंद्रशेखरन के Extension को लेकर पिछले कुछ समय से काफी चर्चा चल रही थी। ऐसे में Board के इस फैसले से Tata Sons के नेतृत्व को लेकर स्थिति अब साफ हो गई है। N Chandrasekaran को मिला 5 Years Extension Tata Sons के Board ने N. Chandrasekaran को अगले पांच साल के लिए Chairman बनाए रखने की मंजूरी दी है। इससे वह फरवरी 2027 के बाद भी Tata Group की Holding Company Tata Sons का नेतृत्व करते रहेंगे। यह फैसला उस समय आया है जब कुछ महीने पहले उनके अगले कार्यकाल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब Board की मंजूरी के बाद उनके नेतृत्व को आगे जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है। फरवरी 2026 में Extension पर नहीं बनी थी सहमति N. Chandrasekaran के नए कार्यकाल का मुद्दा पहले भी Tata Sons के Board के सामने आया था। फरवरी 2026 की बैठक में उनके पांच साल के Extension को लेकर पूरी सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद चंद्रशेखरन ने फरवरी 2027 में अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ने की बात कही थी। हालांकि, अब ताजा Board फैसले के बाद कहानी ने नया मोड़ ले लिया है। 1987 में TCS Intern से शुरू हुआ था सफर N. Chandrasekaran की सबसे खास बात उनका लंबा Tata Group career है। उन्होंने 1987 में Tata Consultancy Services यानी TCS से अपने करियर की शुरुआत की थी। एक Intern के तौर पर शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे कंपनी के सबसे बड़े पदों तक पहुंचा। TCS में उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं और आगे चलकर कंपनी के CEO और Managing Director बने। यानी जिस ग्रुप में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, आज उसी Tata Group की Holding Company की जिम्मेदारी उनके हाथ में है। TCS CEO से Tata Sons Chairman तक चंद्रशेखरन 2009 में TCS के CEO और Managing Director बने। करीब आठ साल बाद, 2017 में उन्हें Tata Sons का Chairman बनाया गया। इसके बाद से वह Tata Group की रणनीति और बड़े कारोबारी फैसलों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में Tata Group ने Technology, Electronics, Semiconductors, Batteries और Aviation जैसे कई नए क्षेत्रों में अपना कारोबार बढ़ाने पर जोर दिया। Tata Group के लिए आगे का दौर अहम N. Chandrasekaran को पांच साल का नया कार्यकाल मिलने के बाद Tata Group के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर उनका नेतृत्व जारी रहेगा। Tata Sons की भविष्य की Corporate Strategy, नए Business Investments और अलग-अलग कंपनियों के बीच तालमेल बढ़ाने जैसे मुद्दे उनके सामने अहम रहेंगे। फिलहाल Board के फैसले ने एक बात साफ कर दी है कि N. Chandrasekaran फरवरी 2027 के बाद भी Tata Sons की कमान संभालते रहेंगे। N Chandrasekaran Career Timeline एक TCS Intern से शुरू हुआ N. Chandrasekaran का सफर अब Tata Group के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुका है। नए पांच साल के कार्यकाल के साथ अब उनकी अगली पारी पर कारोबारी जगत की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Gold Silver Price

Gold Silver Price ₹1.51 लाख के करीब पहुंचा सोना, चांदी में भी बड़ी गिरावट

Gold Silver Price सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए आज बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई है। सोने की कीमत ₹1,036 प्रति 10 ग्राम कम हुई है, जिसके बाद इसका भाव करीब ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया है। वहीं, चांदी भी ₹2,862 प्रति किलो सस्ती हुई है। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में आज की गिरावट उन लोगों के लिए अहम है, जो खरीदारी के लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में आई गिरावट आज सोने की कीमत में ₹1,036 की कमी आई है। गिरावट के बाद सोना करीब ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। सोने की कीमत में रोजाना होने वाले बदलाव का सीधा असर ज्वेलरी खरीदने वालों पर पड़ता है। हालांकि, दुकान से गहना खरीदते समय सिर्फ Gold Rate ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज और GST भी कुल बिल में जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,862 सस्ती सोने के साथ चांदी के भाव में भी आज अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत ₹2,862 प्रति किलो कम हुई है। इसके बाद इसका भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो के आसपास आ गया है। चांदी का इस्तेमाल ज्वेलरी के अलावा कई इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी होता है। इसलिए इसकी कीमत पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों का असर देखने को मिलता है। इस महीने सोना करीब ₹5 हजार टूटा अगर पूरे महीने की बात करें तो सोने के भाव में करीब ₹5,000 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। यानी महीने की शुरुआत के मुकाबले सोना फिलहाल काफी नीचे आ चुका है। बाजार में सोने की कीमत को लेकर आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की कीमत और निवेशकों की गतिविधियां Gold Rate को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। चांदी भी महीने में करीब ₹9 हजार सस्ती चांदी की कीमत में इस महीने गिरावट और ज्यादा देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, महीने के दौरान चांदी करीब ₹9,000 प्रति किलो तक सस्ती हुई है। हालांकि, गिरावट के बाद भी चांदी का भाव ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। ऐसे में खरीदारी करने वाले लोग बाजार के ताजा भाव पर नजर रख रहे हैं। Jewelry खरीदने से पहले यह बात जरूर जानें अगर आप सोने की ज्वेलरी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो सिर्फ बाजार में बताए गए Gold Rate को देखकर अंतिम कीमत का अंदाजा न लगाएं। ज्वेलरी की कीमत में मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां भाव में थोड़ा अंतर भी देखने को मिल सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक करें। क्या आगे और सस्ता होगा Gold और Silver? सोने और चांदी की कीमत आगे किस दिशा में जाएगी, इसे लेकर पक्की भविष्यवाणी करना मुश्किल है। फिलहाल दोनों धातुओं में गिरावट दर्ज हुई है और महीने के स्तर पर भी कीमतें नीचे आई हैं। आने वाले दिनों में International Market, Dollar Rate और निवेशकों की खरीद-बिक्री जैसे कारक Gold और Silver के भाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए अगर आप खरीदारी की तैयारी में हैं तो रोजाना के रेट पर नजर रखना फायदेमंद रहेगा।
Read more
Sensex-Nifty

Sensex-Nifty में Recovery: 400 अंक चढ़ा Sensex, 23,200 के ऊपर Nifty; FMCG Shares चमके

शेयर बाजार में मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद बुधवार को निवेशकों को थोड़ी राहत मिली। Stock Market Today की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 400 अंक चढ़कर 74,400 के आसपास पहुंच गया, वहीं Nifty भी 100 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 23,200 के पार निकल गया। बाजार की इस तेजी में खासतौर पर FMCG Stocks में खरीदारी देखने को मिली। ITC और HUL जैसे शेयरों में मजबूती ने बाजार के sentiment को सहारा दिया। हालांकि, दूसरी तरफ कुछ IT Stocks में दबाव भी नजर आया। मंगलवार की गिरावट के बाद लौटी खरीदारी मंगलवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए काफी कमजोर रहा था। Sensex करीब 778 अंक टूटकर 74,003 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty में भी करीब 280 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी। एक दिन की तेज गिरावट के बाद बुधवार को बाजार खुलते ही खरीदारी देखने को मिली। Sensex शुरुआती कारोबार में करीब 425 अंक तक चढ़ गया और 74,428 के स्तर को छुआ। वहीं Nifty भी बढ़त के साथ 23,250 के आसपास पहुंच गया। यानी पिछले सत्र की चिंता के बाद बाजार ने फिलहाल recovery का संकेत दिया है। FMCG Shares में सबसे ज्यादा हलचल बुधवार को FMCG Sector निवेशकों की नजर में रहा। ITC और Hindustan Unilever जैसे बड़े FMCG शेयरों में खरीदारी से सेक्टर को मजबूती मिली। इसके अलावा SBI, Axis Bank, Bharat Electronics और Reliance Industries जैसे प्रमुख शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली। दूसरी ओर TCS, Infosys और Tech Mahindra जैसे कुछ IT Stocks दबाव में रहे। Crude Oil बना बड़ी चिंता बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। Crude Oil की ऊंची कीमतें भारतीय बाजार के लिए अहम जोखिम बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने पर महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि Sensex और Nifty की शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में सावधानी नजर आ रही है। US Fed के फैसले पर भी नजर अब निवेशकों की निगाह US Federal Reserve की monetary policy पर है। ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी केंद्रीय बैंक का रुख global markets की दिशा पर असर डाल सकता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेत भी भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। FIIs की बिकवाली से दबाव घरेलू बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी लगातार चर्चा में हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 15 सितंबर को Foreign Institutional Investors (FIIs) ने करीब ₹2,978 करोड़ की net selling की। वहीं Domestic Institutional Investors (DIIs) ने करीब ₹2,686 करोड़ की खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है, लेकिन विदेशी पूंजी की निकासी से sentiment पर दबाव बना हुआ है। Midcap-Smallcap में तस्वीर अलग जहां Sensex और Nifty में तेजी दिखाई दी, वहीं broader market में उतनी मजबूती नहीं रही। शुरुआती कारोबार में Midcap और Smallcap indices पर दबाव देखने को मिला। इससे साफ है कि बाजार में हर सेक्टर और हर शेयर में एक जैसी buying नहीं हो रही। निवेशक फिलहाल चुनिंदा बड़े शेयरों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल? बुधवार की तेजी से बाजार को मंगलवार की गिरावट के बाद थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे की दिशा कई factors पर निर्भर करेगी। Crude Oil Price, US Fed का फैसला, FII-DII activity, रुपये की चाल और global market trends पर निवेशकों की नजर रहेगी। फिलहाल Sensex का 74,400 के आसपास पहुंचना और Nifty का 23,200 के ऊपर जाना बाजार में recovery की तस्वीर दिखाता है। हालांकि, global uncertainty के बीच आने वाले कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Tariff

Russia Oil पर US का बड़ा दबाव: भारत पर 100% Tariff का खतरा, Export से लेकर Trade तक असर

अमेरिका और भारत के बीच रूस से तेल खरीदने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक ऐसा Russia Sanctions Bill आगे बढ़ा है, जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त Tariff लगाने का रास्ता खुल सकता है। भारत भी इस प्रस्ताव के दायरे में आने वाले देशों में शामिल है। हालांकि, अभी इसे लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि भारत पर 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है। फिलहाल अमेरिकी संसद में बिल को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अगर आगे चलकर यह प्रावधान कानून बनता है और इसका इस्तेमाल किया जाता है, तभी भारत के कारोबार पर सीधा असर देखने को मिलेगा। Russia Oil को लेकर क्यों बढ़ा तनाव? भारत पिछले कुछ वर्षों में रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता रहा है। रूस से मिलने वाला Crude Oil भारतीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण source बन चुका है। यही खरीद अमेरिका के साथ बातचीत में बार-बार बड़ा मुद्दा बनती रही है। अमेरिका रूस की Energy Earnings को कम करने के लिए उस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहता है। इसी कड़ी में रूस से Oil और Gas खरीदने वाले देशों पर Secondary Tariff लगाने का प्रस्ताव सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में 100% तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान रखा गया है। इसका मतलब यह है कि अगर अमेरिकी प्रशासन इस शक्ति का इस्तेमाल करता है, तो संबंधित देशों से अमेरिका आने वाले कुछ सामान पर भारी अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। भारत ने रूस से कितना Crude Oil खरीदा? भारत के लिए Russian Oil की अहमियत आंकड़ों से भी समझी जा सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रूस से करीब 40.8 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा। यह भारत के कुल Crude Oil Imports का लगभग 30 फीसदी हिस्सा बताया गया है। यानी रूस से तेल खरीदना भारत की Energy Strategy का एक बड़ा हिस्सा है। ऐसे में अचानक इस सप्लाई में बड़ा बदलाव करना आसान नहीं होगा। अगर 100% Tariff लगा तो भारत पर क्या असर पड़ेगा? अगर अमेरिकी प्रशासन भविष्य में भारत पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाता है, तो इसका सबसे सीधा असर Indian Exporters पर पड़ सकता है। अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान महंगा हो सकता है। इससे वहां भारतीय कंपनियों की Price Competitiveness प्रभावित हो सकती है। Exporters को या तो कीमत बढ़ाने, या अपने Profit Margin को कम करने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। खासकर वे कारोबारी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं, जिनका अमेरिकी बाजार में बड़ा कारोबार है। हालांकि, वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम कानून में किन Products और किन परिस्थितियों पर टैरिफ लागू किया जाता है। क्या भारत को Russia Oil खरीदना कम करना पड़ेगा? अगर अमेरिका की ओर से दबाव काफी बढ़ता है, तो भारत के सामने Energy और Trade दोनों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती हो सकती है। रूस से मिलने वाले तेल की जगह भारत को दूसरे देशों से Crude Oil खरीदना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में Oil की कीमत, Shipping Cost, Insurance और Global Supply जैसे factors महत्वपूर्ण होंगे। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि भारत तुरंत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। कोई भी फैसला भारत की Energy Security, कीमत और राष्ट्रीय हित जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। India-US Trade पर भी पड़ सकता है असर भारत और अमेरिका के बीच अरबों डॉलर का व्यापार है। ऐसे में अगर 100% अतिरिक्त टैरिफ वास्तव में लागू होता है, तो इसका असर केवल Oil तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देशों के बीच चल रहे Trade Relations पर भी इसका असर पड़ सकता है। भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका एक बड़ा Export Market है। इसलिए किसी भी बड़े अतिरिक्त शुल्क से व्यापार की लागत और बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। US का Russia पर दबाव बढ़ाने का प्लान अमेरिकी प्रस्ताव का बड़ा उद्देश्य रूस की Economy और Energy Sector पर दबाव बढ़ाना है। रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई को कम करने के लिए अमेरिका लंबे समय से अलग-अलग Sanctions और Trade Restrictions का इस्तेमाल करता रहा है। प्रस्तावित कानून में रूस से जुड़े Energy Trade और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई के प्रावधान बताए गए हैं। इसी संदर्भ में रूस की कथित Shadow Fleet भी अमेरिकी कार्रवाई के दायरे में आ सकती है। अभी भारत के लिए क्या स्थिति है? फिलहाल भारत के लिए स्थिति Wait and Watch वाली है। 100% Tariff का खतरा चर्चा में जरूर है, लेकिन इसे अभी लागू शुल्क समझना सही नहीं होगा। आगे अमेरिकी संसद में Bill की प्रक्रिया और उसके बाद अमेरिकी प्रशासन के फैसले से तस्वीर साफ होगी। भारत भी इस पूरे मामले पर अपनी Energy जरूरतों और Trade Interests को ध्यान में रखते हुए प्रतिक्रिया दे सकता है। अगर भविष्य में 100% Tariff लागू होता है, तो इसका असर भारतीय Exporters, अमेरिका के साथ व्यापार और रूस से होने वाली Oil Purchases—तीनों पर पड़ सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले में अगले अमेरिकी फैसले पर नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 3 4 5 6 7 … 51

Trending News

Editor's Picks

IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.