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मार्च की शुरुआत में बदला फ्यूल का ट्रेंड: LPG की खपत घटी, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी

मार्च की शुरुआत में बदला फ्यूल का ट्रेंड: LPG की खपत घटी, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी

मार्च के पहले हफ्ते में देश में ईंधन की खपत को लेकर एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला। जहां एक तरफ LPG (रसोई गैस) की खपत में करीब 17% की गिरावट दर्ज की गई, वहीं पेट्रोल की बिक्री 13% और डीजल की खपत 8% तक बढ़ गई। क्या है वजह? इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम। महंगे सिलेंडर के कारण होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों पर सीधा असर पड़ा है। रेस्टोरेंट्स पर असर रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 57% रेस्टोरेंट्स ने अपने खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए हैं।छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट तक, सभी को बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल क्यों बढ़े? आम लोगों पर असर एक तरफ जहां रसोई गैस महंगी होने से घर का बजट बिगड़ रहा है, वहीं बाहर खाना भी महंगा हो गया है। ऐसे में आम आदमी को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Market जंग के असर से सोना गिरा, चांदी दो दिन में ₹16,000 सस्ती

मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़ी जंग का असर अब भारत के सर्राफा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों दोनों की नजर बाजार पर टिकी हुई है। सोना ₹2,000 सस्ता, चांदी में बड़ी गिरावट ताजा जानकारी के मुताबिक, सोने (Gold) की कीमत करीब ₹2,000 गिरकर लगभग ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई है। वहीं चांदी (Silver) में और बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सिर्फ दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹16,000 सस्ती होकर लगभग ₹2.53 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव का असर बाजार के जानकारों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान से जुड़ी जंग की खबरों ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। जब भी ऐसी स्थिति बनती है, निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग विकल्प तलाशने लगते हैं, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है। प्रॉफिट बुकिंग से बढ़ी बिकवाली एक और बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग को माना जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों ही रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। ऐसे में कई बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में गिरावट आ गई। डॉलर मजबूत होने से भी दबाव डॉलर की मजबूती भी बाजार को प्रभावित कर रही है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Gold की मांग कुछ कम हो जाती है। यही वजह है कि हाल के दिनों में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। आगे क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट सर्राफा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक तनाव इसी तरह बना रहा, तो सोना करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.50 लाख प्रति किलो तक भी आ सकती है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत हालांकि लंबे समय के निवेश के नजरिए से देखा जाए तो Gold और Silver आज भी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। यही वजह है कि कीमतों में गिरावट के बावजूद कई खरीदार इसे खरीदारी के मौके के रूप में भी देख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Share Market Sensex 1500 Points Down, Nifty में बड़ी गिरावट

Stock Market Crash Today: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1500 अंक गिरकर 74,500 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 में लगभग 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,200 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया और बाजार में कई सेक्टरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। Metal और Banking Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव आज के कारोबार में Metal और Banking सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। कई बड़े मेटल स्टॉक्स और पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का माहौल नकारात्मक हो गया। इसके अलावा Realty, Auto और Consumer Durables सेक्टर भी दबाव में रहे। हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ निवेशकों ने अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले FMCG सेक्टर में खरीदारी की, जिससे इस सेक्टर के कुछ शेयरों में स्थिरता देखने को मिली। Global Tension का बाजार पर असर विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में बड़े निवेशक जोखिम कम करने के लिए शेयर बाजार से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। Crude Oil की बढ़ती कीमतों से चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं, वहां इसका प्रभाव बाजार की धारणा पर जल्दी दिखाई देता है। Foreign Investors की बिकवाली शेयर बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह Foreign Institutional Investors (FII) की लगातार बिकवाली है। पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बना हुआ है। जब बड़े निवेशक बिकवाली करते हैं तो उसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है। Rupee Weak और Global Market का असर डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट का भी भारतीय बाजार पर असर पड़ा है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल देखने को मिला, जिससे घरेलू निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक प्रभावित हुआ। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव (Volatility) बना रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने मिलकर आज भारतीय शेयर बाजार में यह बड़ी गिरावट पैदा की। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Fall सेंसेक्स 77,250 पर आया, Nifty भी टूटा; Banking-Auto सेक्टर में बिकवाली

Stock Market में आज क्यों आई गिरावट? बुधवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1000 अंक गिरकर लगभग 77,250 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 करीब 250 अंक टूटकर 24,000 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट का दबाव मुख्य रूप से बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय शेयरों में तेज बिकवाली के कारण रहा। कमजोर शुरुआत से ही दबाव में रहा बाजार सुबह Stock Market की शुरुआत कमजोर रही और दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा। बड़े बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया। अंतरराष्ट्रीय तनाव का बाजार पर असर गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण दुनिया भर के बाजारों में दबाव देखा जा रहा है और निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों का भी पड़ा असर इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की कमजोरी का एक अहम कारण माना जा रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत जैसे आयातक देशों पर महंगाई और व्यापार घाटे का दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ती है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार को नीचे खींचा है। हाल के सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला है, जिससे बाजार में गिरावट का दबाव और बढ़ गया। कुछ सेक्टर में हल्की खरीदारी हालांकि इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर जैसे फार्मा, मेटल और मीडिया में हल्की खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह बढ़त बाजार की कुल कमजोरी को संतुलित करने के लिए पर्याप्त नहीं रही। निवेशकों के लिए क्या है संकेत Stock Market विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम नहीं होती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं है, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। सरल शब्दों में, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IndiGo CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया ने संभाली कमान

IndiGo CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया ने संभाली कमान

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo के CEO Pieter Elbers ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद कंपनी की कमान अब Rahul Bhatia को सौंपी गई है। कंपनी की ओर से बताया गया है कि यह फैसला प्रबंधन स्तर पर बदलाव के तहत लिया गया है। पीटर एलबर्स के कार्यकाल में IndiGo ने कई नए अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू किए और अपने नेटवर्क का विस्तार किया। अब राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी से उम्मीद की जा रही है कि वह भारतीय एविएशन बाजार में अपनी मजबूत स्थिति को और आगे बढ़ाएगी। ईरान की 7 महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण दूसरी बड़ी खबर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत से आई है। Iran की 7 महिला खिलाड़ियों को Australia ने शरण दे दी है। बताया जा रहा है कि इन खिलाड़ियों ने अपने देश में सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षा की चिंता जताई थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया सरकार ने मानवीय आधार पर उन्हें शरण देने का फैसला लिया। इस कदम को महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय में भी इस फैसले की चर्चा हो रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कई राज्यों में Commercial LPG Cylinder की सप्लाई बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

कई राज्यों में Commercial LPG Cylinder की सप्लाई बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

देश के कई राज्यों में इन दिनों Commercial LPG Cylinder की सप्लाई अचानक रुक गई है। इससे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट चलाने वालों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई जगहों पर कारोबारियों का कहना है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने Essential Commodity Act (आवश्यक वस्तु अधिनियम) लागू कर दिया है। इसका मकसद गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक गैस सिलेंडर की सप्लाई सही तरीके से पहुंच सके। होटल और रेस्टोरेंट मालिकों की बढ़ी चिंता गैस की कमी से सबसे ज्यादा परेशानी होटल, ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट चला रहे लोगों को हो रही है। कई कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उन्हें अपना कारोबार कुछ समय के लिए बंद करना पड़ सकता है। एक रेस्टोरेंट संचालक ने कहा,“हमारा पूरा काम गैस पर ही चलता है। अगर सिलेंडर नहीं मिलेगा तो खाना कैसे बनेगा? ऐसे में दुकान बंद करने की नौबत आ सकती है।” सरकार की सख्ती सरकार का कहना है कि गैस की कमी को लेकर शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। Essential Commodity Act लागू होने के बाद अब प्रशासन जमाखोरी करने वालों और ज्यादा कीमत पर गैस बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकेगा। आम लोगों पर भी पड़ सकता है असर अगर कॉमर्शियल गैस की समस्या जल्दी हल नहीं हुई तो इसका असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। होटल-रेस्टोरेंट बंद होने से लोगों को बाहर खाने-पीने की सुविधा कम हो सकती है और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य हो जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Today Gold Price सोने के दाम में गिरावट, चांदी भी सस्ती

Gold और Silver खरीदने वालों के लिए आज राहत की खबर है। सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आज बाजार में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। बाजार के जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ा है। यही वजह है कि आज कई बड़े शहरों में सोना थोड़ा सस्ता हुआ है और चांदी के दाम में भी कमी आई है। आज का Gold Price (सोने का ताजा भाव) आज भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,61,000 से ₹1,63,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रही है। वहीं 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,48,000 से ₹1,49,000 प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। बताया जा रहा है कि आज सोने की कीमत में करीब ₹1,900 से ₹2,000 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने का सोच रहे लोगों के लिए यह समय कुछ हद तक बेहतर माना जा रहा है। महानगरों में आज का Gold Rate देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम लगभग इस तरह हैं: ध्यान देने वाली बात यह है कि अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स के मार्जिन की वजह से कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। आज बाजार में चांदी करीब ₹3,000 से ₹3,600 प्रति किलो तक सस्ती हुई है। फिलहाल देश के कई बाजारों में चांदी का भाव लगभग ₹2.60 लाख से ₹2.85 लाख प्रति किलो के आसपास बताया जा रहा है। क्यों बदल रहे हैं Gold Silver Price? विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं: इन सभी कारकों का असर सीधे सर्राफा बाजार पर पड़ता है। खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें? अगर आप सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Middle East Crisis Iran तनाव से Stock Market Down, Sensex गिरा और Oil Prices चढ़े

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने सोमवार को दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को हिला दिया। Iran से जुड़े युद्ध के खतरे और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी के कारण ग्लोबल स्टॉक मार्केट में घबराहट का माहौल देखने को मिला। इसका सीधा असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा, जहां Sensex करीब 2,100 अंक गिरकर लगभग 76,800 के स्तर पर आ गया। भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक Sensex 2,000 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार में अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई। कुछ ही घंटों में भारतीय बाजार से लाखों करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू कम हो गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी। एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष लंबा चला, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। Oil Prices में तेजी से बढ़ी चिंता मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो पिछले कई महीनों का उच्च स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष बढ़ता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। यही कारण है कि ऊर्जा बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ गई है। भारत पर क्यों ज्यादा असर पड़ता है? भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो उसका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल की कीमतें बढ़ने से: इसी वजह से तेल में तेजी आने पर अक्सर शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिलता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक मध्य-पूर्व के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। अगर तनाव कम होता है तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है। लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है, तो वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल है। कई निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं और बाजार में हल्की-फुल्की घबराहट भी दिखाई दे रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

Gas Price ईरान तनाव का असर, घरेलू LPG सिलेंडर ₹60 महंगा

भारत में घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि कर दी है। वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 115 रुपये का इजाफा किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है। Middle East tension का असर भारत तक मिडिल ईस्ट में ईरान से जुड़े संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के कारण तेल और गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में क्षेत्र में किसी भी तरह का संकट सीधे भारत के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है। इसी कारण LPG की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। सरकार ने LPG production बढ़ाने के दिए निर्देश संभावित गैस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को LPG का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी गैसों को पेट्रोकेमिकल उद्योग की बजाय घरेलू LPG उत्पादन में इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद देश में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित न हो और आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। आम परिवारों के बजट पर असर LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों के मासिक बजट पर असर पड़ना तय है। कई घरों में पहले से ही महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है, ऐसे में गैस की कीमतों में बढ़ोतरी लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि वैकल्पिक देशों से आयात बढ़ाने और घरेलू उत्पादन मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, ताकि भविष्य में गैस की उपलब्धता बनी रहे। आगे क्या हो सकता है ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो LPG के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए आने वाले महीनों में ऊर्जा बाजार पर सभी की नजर बनी रहेगी। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट के हालात ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि वैश्विक घटनाओं का असर सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच सकता है। ऐसे में सरकार और तेल कंपनियां सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Crash ग्लोबल संकेतों से टूटा भारतीय बाजार, Sensex 500 अंक गिरा, Nifty भी फिसला

मुंबई, 6 मार्च 2026: शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते Stock Market खुलते ही दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 500 अंक टूट गया, जबकि Nifty 150 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर दरअसल, गुरुवार को अमेरिका के Dow Jones में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती महंगाई की आशंका और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसी का असर शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। Middle East Tension से बढ़ी चिंता इसी बीच मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर Iran से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। Crude Oil की कीमतों में उछाल तनाव बढ़ने के साथ ही Crude Oil की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है। रुपये में कमजोरी भी बनी वजह डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बाजार में थोड़ी कम हो जाती है। यही वजह है कि बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल फैक्टर्स के कारण है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। अक्सर ऐसी गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए नए अवसर भी लेकर आती है। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर होते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल निवेशक बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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KGMU में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए बना रहा था निशाना

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर अस्पताल में लोगों से मिलता था और इलाज के नाम पर भरोसा जीतता था। लेकिन जांच में सामने आया कि उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खासतौर पर हिंदू लड़कियों को अपने निशाने पर लेता था। वह पहले दोस्ती करता, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। इसके बाद धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। अस्पताल प्रशासन को आरोपी की गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद जांच की गई तो उसकी सच्चाई सामने आ गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वह कब से इस तरह लोगों को गुमराह कर रहा था और उसके साथ कोई और लोग भी जुड़े हैं या नहीं।? ऐसे मामलों में सावधानी बेहद जरूरी है। किसी भी डॉक्टर से इलाज कराने से पहले उसकी पहचान और डिग्री जरूर जांच लें, ताकि इस तरह के धोखे से बचा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UP Board

UP Board Class 10th 12th Result 2026 Result से पहले जान लें Check करने का आसान तरीका

उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए कल का दिन बेहद अहम होने वाला है। महीनों की मेहनत, परीक्षा का तनाव और रिजल्ट का इंतजार—इन सबका अंत अब होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) कल कक्षा 10वीं (High School) और 12वीं (Intermediate) का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। इस साल करीब 52 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, ऐसे में हर घर में उत्सुकता का माहौल है। कोई अपने नंबर को लेकर चिंतित है, तो कोई अपने सपनों के अगले कदम के बारे में सोच रहा है। कब और कैसे जारी होगा UP Board Result? बोर्ड रिजल्ट को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जारी करेगा। इसके साथ ही टॉपर्स की लिस्ट, कुल पास प्रतिशत और अन्य जरूरी आंकड़े भी सामने आएंगे। रिजल्ट जारी होते ही इसे आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा, जहां छात्र अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। Step-by-Step: ऐसे करें UP Board Result 2026 चेक वेबसाइट स्लो हो तो घबराएं नहीं हर साल रिजल्ट के समय वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है। ऐसे में अगर पेज खुलने में समय लगे, तो थोड़ा इंतजार करें और दोबारा कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर SMS के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है। पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी? UP Board में पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना जरूरी होता है। अगर किसी छात्र के नंबर कम आते हैं, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा। मार्कशीट से जुड़ी जरूरी बात ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट फिलहाल प्रोविजनल होगा। ओरिजिनल मार्कशीट छात्रों को कुछ दिनों बाद अपने स्कूल से मिलेगी, इसलिए उसे सुरक्षित रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

अक्सर जिंदगी में हम कुछ और चाहते हैं, लेकिन मिलता कुछ और है। 3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला ऐसे में कई लोग हार मान लेते हैं, लेकिन कुछ लोग वही रास्ता बदलकर अपनी नई पहचान बना लेते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है संजय बी की। डॉक्टर बनने का सपना, लेकिन बार-बार मिली असफलता संजय बी का सपना था डॉक्टर बनने का। इसके लिए उन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी की, लेकिन एक बार नहीं, बल्कि लगातार तीन बार फेल हो गए। इतनी बड़ी असफलता के बाद ज्यादातर लोग टूट जाते हैं, लेकिन संजय ने हार नहीं मानी। IIT Madras का सपना भी रह गया अधूरा NEET में सफलता नहीं मिलने के बाद संजय ने इंजीनियरिंग की ओर रुख किया। उनका सपना था कि वो IIT Madras में पढ़ाई करें, लेकिन यहां भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। लगातार मिल रही नाकामियों ने उनके रास्ते जरूर कठिन बनाए, लेकिन उनका हौसला नहीं तोड़ पाए। बदला रास्ता, मिली नई मंजिल संजय ने अपनी सोच बदली और टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने डेटा और प्रोग्रामिंग सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को Data Science के क्षेत्र में मजबूत किया। आज हैं सफल Data Scientist कड़ी मेहनत और लगातार सीखने की लगन ने संजय को आज एक सफल Data Scientist बना दिया है। जो सपना डॉक्टर बनने का था, वो पूरा नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने अपने लिए एक नई पहचान बना ली—और आज वो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। संजय की कहानी हमें यही सिखाती है कि— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ceasefire Extended: Donald Trump ने कहा कि IRAN को रोज़ $500 मिलियन का नुकसान

Ceasefire Extended: Donald Trump ने कहा कि IRAN को रोज़ $500 मिलियन का नुकसान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सीजफायर (युद्धविराम) बढ़ाने के बाद बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नाकेबंदी (ब्लॉकेड) की वजह से Iran को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) का नुकसान हो रहा है। ट्रम्प के मुताबिक, आर्थिक दबाव के कारण ईरान की स्थिति कमजोर होती जा रही है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस दबाव का असर साफ दिख रहा है और ईरान बातचीत के लिए मजबूर हो सकता है। उनका मानना है कि यह रणनीति आगे भी जारी रहनी चाहिए ताकि ईरान पर दबाव बना रहे। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। ईरानी दूत ने साफ कहा कि जब तक नाकेबंदी पूरी तरह खत्म नहीं की जाती, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है। उनका कहना है कि बातचीत के लिए माहौल बनाना जरूरी है और इसके लिए सबसे पहले प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। एक तरफ अमेरिका आर्थिक दबाव की नीति पर कायम है, तो दूसरी तरफ ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश बातचीत की दिशा में आगे बढ़ते हैं या टकराव और बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Price India सोना ₹2000 चढ़ा, Silver में बड़ा उछाल

देश के सर्राफा बाजार में आज अचानक आई तेजी ने खरीदारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया। सुबह जैसे ही बाजार खुला, Gold और Silver के दामों में जोरदार उछाल देखने को मिला। खास बात यह रही कि Silver ने एक ही दिन में ₹4500 तक की छलांग लगाकर सबका ध्यान खींच लिया, जबकि Gold भी करीब ₹2000 तक महंगा हो गया। आज के ताजा रेट (Gold Silver Price Today) आज के बाजार भाव पर नजर डालें तो: ध्यान रहे कि शहर और ज्वेलर्स के हिसाब से इन कीमतों में थोड़ा फर्क देखने को मिल सकता है। MCX Market में भी तेजी का असर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज तेजी साफ दिखी। यह संकेत देता है कि सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि फ्यूचर्स मार्केट में भी खरीदारी बढ़ी है। आखिर क्यों बढ़े सोना-चांदी के दाम? इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं: इन वजहों से सोना और चांदी दोनों की मांग अचानक बढ़ गई, जिससे कीमतों में उछाल आया। बड़े शहरों में क्या है हाल? दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी आज दामों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि, स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण हर शहर में कीमत थोड़ी अलग हो सकती है। आगे क्या करें – खरीदें या रुकें? अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह फैसला थोड़ा सोच-समझकर लेना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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