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BSF में नौकरी का सुनहरा मौका: 10वीं पास युवाओं के लिए 3588 पदों पर भर्ती शुरू

BSF में नौकरी का सुनहरा मौका: 10वीं पास युवाओं के लिए 3588 पदों पर भर्ती शुरू

अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं और 10वीं पास हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है! सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने कॉन्स्टेबल के 3588 पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवारों के लिए है। जरूरी जानकारी एक नजर में: कैसे करें आवेदन:इच्छुक उम्मीदवार BSF की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अंतिम तारीख जल्द घोषित की जाएगी, इसलिए जल्द से जल्द अप्लाई करें। कौन-कौन से ट्रेड में होगी भर्ती:इस भर्ती के तहत कुक, वॉशरमैन, बार्बर, स्वीपर, वाटर कैरियर जैसे ट्रेड्स में उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। चयन प्रक्रिया में ये चरण होंगे: एक बेहतर भविष्य का मौकाBSF में नौकरी सिर्फ एक रोजगार नहीं, बल्कि एक सम्मानित सेवा है। देश की सीमाओं की रक्षा करने का गर्व और सरकारी नौकरी की सुरक्षा—दोनों इस भर्ती के साथ जुड़ी हैं। तो देर किस बात की? आज ही आवेदन करें और अपने सपनों की नौकरी की ओर कदम बढ़ाएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bank of Baroda Recruitment 2025: 2500 पदों पर नौकरी का मौका, 24 जुलाई आखिरी तारीख

Bank of Baroda Recruitment 2025: 2500 पदों पर नौकरी का मौका, 24 जुलाई आखिरी तारीख

अगर आप बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए है। Bank of Baroda ने 2500 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 24 जुलाई 2025 है। ऐसे में इच्छुक उम्मीदवार जल्द से जल्द अप्लाई कर लें। भर्ती से जुड़ी अहम जानकारी: योग्यता: चयन प्रक्रिया: आवेदन कैसे करें: क्यों करें आवेदन? बैंक ऑफ बड़ौदा देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक है। यहां नौकरी का मतलब है स्थिर करियर, अच्छा वेतन और सामाजिक प्रतिष्ठा। ऐसे में युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SSC सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 भर्ती: आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक, 2402 पदों पर मौका

SSC सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 भर्ती: आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक, 2402 पदों पर मौका

अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। SSC (Staff Selection Commission) ने सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 के तहत 2402 पदों पर भर्ती निकाली है और आवेदन की आखिरी तारीख 23 जुलाई 2025 है। अब ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए अगर आपने अब तक फॉर्म नहीं भरा है तो जल्द से जल्द आवेदन कर लें। भर्ती का विवरण: जरूरी तारीखें: आवेदन शुल्क: कैसे करें आवेदन? देशभर के युवाओं के लिए यह एक बड़ा मौका है। कई छात्र ऐसे भी हैं जो संसाधनों की कमी के बावजूद दिन-रात मेहनत करते हैं। यह भर्तियाँ उनके सपनों को उड़ान देने का जरिया बन सकती हैं। इसलिए देर न करें और इस अवसर को हाथ से न जाने दें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Intelligence Bureau (IB) Recruitment 2025: आज से आवेदन शुरू – ग्रेजुएट्स को सुनहरा मौका

Intelligence Bureau (IB) Recruitment 2025: आज से आवेदन शुरू – ग्रेजुएट्स को सुनहरा मौका

Sarkari Naukari का शानदार मौका: Intelligence Bureau में 3717 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है।Intelligence Bureau (IB) ने 3717 पदों पर बंपर भर्तियों की घोषणा की है। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। खास बात ये है कि ग्रेजुएट उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। पदों का विवरण: इन पदों में सिक्योरिटी असिस्टेंट, MTS और कई अन्य ग्रुप-C पोस्ट शामिल हैं। देशभर में अलग-अलग स्थानों के लिए ये भर्तियां की जा रही हैं। योग्यता: आवेदन की तारीखें: आवेदन कैसे करें: उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।mha.gov.in चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। पद और विभाग के अनुसार चयन प्रक्रिया अलग हो सकती है। क्यों है ये मौका खास? इंटेलिजेंस ब्यूरो देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसी है। इसमें काम करने का मौका मिलना न केवल एक प्रतिष्ठा की बात है, बल्कि यह करियर के लिहाज से भी बेहद सुरक्षित और सम्मानजनक है। अगर आप लंबे समय से सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो इस भर्ती को बिल्कुल मिस न करें। तैयारी शुरू कर दें और समय रहते आवेदन जरूर करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SGPGIMS Recruitment 2025: Apply Now for 1479 Posts – Last Date Today!

SGPGIMS Recruitment 2025: Apply Now for 1479 Posts – Last Date Today!

SGPGIMS में 1479 पदों पर भर्ती, आज है आखिरी मौका – 12वीं पास से ग्रेजुएट तक करें फटाफट आवेदन! लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) ने 1479 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो ये मौका बिल्कुल न गंवाएं। खास बात ये है कि इस भर्ती में 12वीं पास उम्मीदवारों से लेकर ग्रेजुएट्स तक आवेदन कर सकते हैं। आज यानी 18 जुलाई 2025 आवेदन की आखिरी तारीख है, इसलिए देर न करें और तुरंत अप्लाई करें। कौन-कौन कर सकता है आवेदन? पदों की संख्या: कुल 1479 पद, जिनमें टेक्निकल, क्लर्क, स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ जैसी कई कैटेगरी शामिल हैं। आवेदन कैसे करें? चयन प्रक्रिया: आवेदन शुल्क: SGPGIMS देश के टॉप मेडिकल संस्थानों में से एक है। यहां काम करना न सिर्फ एक सरकारी नौकरी है, बल्कि यह एक प्रतिष्ठित करियर की शुरुआत भी हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Protection Officer Exam 13 सितम्बर को: आवेदन फॉर्म में सुधार और वापसी का आज अंतिम मौका

Protection Officer Exam 13 सितम्बर को: आवेदन फॉर्म में सुधार और वापसी का आज अंतिम मौका

Protection Officer भर्ती परीक्षा 13 सितंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। अगर आपने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, लेकिन फॉर्म में कोई गलती रह गई है या आप अपना आवेदन वापस लेना चाहते हैं, तो आपके पास आज रात तक का ही मौका है। मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (MPPEB) ने बताया है कि आवेदन फॉर्म में सुधार (correction) और फॉर्म वापसी (withdrawal) की अंतिम तारीख 14 जुलाई की रात 12 बजे तक है। इसके बाद कोई बदलाव या रद्द करने का मौका नहीं मिलेगा। इस भर्ती के जरिए राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रोटेक्शन अफसर के पद भरे जाएंगे। यह पद बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में अहम भूमिका निभाते हैं। यदि आप इस जिम्मेदारी भरे पद के लिए आवेदन कर चुके हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपकी जानकारी पूरी तरह सही हो। आपका एक छोटा सुधार, भविष्य की बड़ी परेशानी से बचा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Career

Career After 12th Science: B.Sc., Nursing, Journalism और Medical Fields के Best विकल्प

अगर आपने 12वीं साइंस स्ट्रीम (PCB या PCM) से पास की है और अब सोच रहे हैं “अब क्या करें?” तो यह लेख आपके लिए एक Complete Career Guide की तरह काम करेगा। बहुत से स्टूडेंट्स सिर्फ B.Sc. को ही अपना ऑप्शन मानते हैं, लेकिन आज के दौर में Science Stream के बाद Career Options की कोई कमी नहीं है—चाहे आप Medical, Agriculture, Journalism या Lab Technology में Future बनाना चाहते हों। B.Sc. Courses: Science Field के Traditional लेकिन Valuable Options B.Sc. आज भी एक Popular Option है, लेकिन अब इसमें कई Specializations आ गए हैं: Allied Health Sciences: बिना MBBS के Medical Career MBBS ना करने के बावजूद, मेडिकल सेक्टर में करियर बनाने के लिए कई बेहतरीन कोर्स हैं: Journalism After 12th Science: Science + Media का Perfect Mix अगर आपको साइंस के साथ-साथ मीडिया, कम्युनिकेशन और रिपोर्टिंग में भी दिलचस्पी है, तो यह एक नया और तेजी से बढ़ता क्षेत्र है: कैसे चुनें सही करियर ऑप्शन? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CUET UG रिजल्ट जारी: डायरेक्ट लिंक से देखें अपनी मार्कशीट, 230+ यूनिवर्सिटी में मिलेगा दाखिला

CUET UG रिजल्ट जारी: डायरेक्ट लिंक से देखें अपनी मार्कशीट, 230+ यूनिवर्सिटी में मिलेगा दाखिला

CUET UG 2025 का इंतजार कर रहे लाखों स्टूडेंट्स के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने CUET UG का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दिया है। अब स्टूडेंट्स अपने स्कोरकार्ड डायरेक्ट लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं। यह रिजल्ट उन छात्रों के लिए बेहद खास है जो भारत की टॉप सेंट्रल, स्टेट और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं। CUET UG यानी Common University Entrance Test (Undergraduate) अब देश भर के विश्वविद्यालयों में एडमिशन का सबसे बड़ा गेटवे बन चुका है। इसके जरिए स्टूडेंट्स को एक ही प्लेटफॉर्म से 230 से ज्यादा यूनिवर्सिटी में दाखिला पाने का मौका मिलता है, जिनमें शामिल हैं: https://exams.nta.ac.in/CUET-UG/ (Official NTA Portal) लॉगिन करने के लिए चाहिए: अगर आपने CUET में हिस्सा लिया था, तो देर मत कीजिए — अपना रिजल्ट चेक कीजिए और अपने करियर की नई शुरुआत की तैयारी कीजिए। यह सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि आपके सपनों के कॉलेज की पहली सीढ़ी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gen Z और पॉडकास्टिंग का रिश्ता: नया ट्रेंड या सच्चा प्यार?

🎧 Gen Z का नया प्यार: पॉडकास्ट — जहां बातें बनती हैं, रिश्ते गहराते हैं!

🗓️ 28 जून 2025 | देश हरपल डेस्क | युवा संवाद कभी चाय, कभी चैट… और अब पॉडकास्ट!Gen Z अब न तो टीवी का इंतज़ार करती है और न ही अखबार का। इनकी दुनिया बस एक “प्ले बटन” में सिमट गई है। जहाँ पहले “कुल्फी-चाट” सुकून देती थी, अब वही राहत स्पॉटिफाई की आवाज़ों में मिलती है। हाँ जनाब, बात हो रही है पॉडकास्ट की!पॉडकास्ट — जो पहले रेडियो का कूल वर्जन था, अब Gen Z की पहचान बन गया है। “पॉडकास्ट सुनते हैं, क्योंकि यही आजकल पर्सनैलिटी का पासपोर्ट है!”— दर्शन एस., 24 वर्षीय वकील, चेन्नई पॉडकास्ट: बस सुनो और अपनाओ इन आवाज़ों में वो ‘फॉर्मल इंटरव्यू’ वाली बोरियत नहीं, बल्कि कॉलेज कैंटीन की सी खुलापन है। पॉडकास्ट अब Gen Z के लिए म्यूजिक से ज़्यादा, वीडियो से बेहतर और स्क्रॉलिंग से शांत है। पॉडकास्टर्स: अब सिर्फ़ क्रिएटर नहीं, क्रांतिकारी हैं चेन्नई की Safa Salsabeel Z., 22 वर्षीय साहित्य छात्रा हैं, लेकिन 7 पॉडकास्ट शो की ‘रचयिता’ भी।विषय? “ये कोई टाइम पास नहीं… ये तो सबसे तेज़ रचनात्मक विद्रोह है!”— सफा ज़ेड. Gen Z सुनता क्या है? “Perfect एडिटिंग नहीं चाहिए, दिल से निकली बातें चाहिए।”— कहती हैं आज की युवा पीढ़ी। उनके पसंदीदा टॉपिक्स: मतलब ये कि जब Gen Z ‘शावर’ में होती है, दिमाग पॉडकास्ट बना रहा होता है! प्लेटफॉर्म वही, लेकिन इस्तेमाल नया Spotify, YouTube — सब इनके पसंदीदा अड्डे हैं, लेकिन वीडियो नहीं, बोलने वाला कंटेंट ज़्यादा मायने रखता है। “पॉडकास्ट में हमारे फेवरेट क्रिकेटर भी उतने रियल लगते हैं, जितने गली के चायवाले अंकल!”— दर्शन एस. पॉडकास्ट का असली जादू क्या है? देश हरपल की राय:Gen Z को समझना हो तो उनके पॉडकास्ट सुनिए। ये युवा अब आवाज़ों के सहारे अपना आइडेंटीटी गढ़ रहा है। और शायद यही आने वाले भारत की सबसे सटीक गूंज है। “The Hindu” के लेख “Here’s why Gen Z finds comfort in podcasts” पर आधारित
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MP Board Exam

MP Board Exam Blunder भोपाल में 12वीं की Supplementary परीक्षा में मिला 10वीं का पेपर

भोपाल में MP Board Exam (मध्य प्रदेश बोर्ड) की कक्षा 12 की पूरक (Supplementary) परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली गलती सामने आई। छात्रों को 12वीं का पेपर देने की बजाय गलती से कक्षा 10वीं का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। छात्रों ने जब विरोध जताया, तब भी उन्हें मजबूरी में वही गलत पेपर हल करना पड़ा। इस लापरवाही के चलते केंद्र के स्टाफ को तुरंत हटा दिया गया है और मामले की जांच शुरू हो गई है। क्या है MP Board Exam Mistake की पूरी घटना? कब से चल रही हैं MP Board Exam पूरक परीक्षाएं? MP Board की 10वीं और 12वीं की Supplementary परीक्षाएं 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक पूरे मध्य प्रदेश में आयोजित की जा रही हैं। यह पहली बार है जब बोर्ड ने एकेडमिक ईयर के भीतर ही “दूसरा मौका परीक्षा” (Second Attempt Exams) की व्यवस्था की है। परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या MPBSE की कार्रवाई और छात्रों की मांग Students के Future पर Impact इस बड़ी गलती का असर छात्रों की कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया, स्कॉलरशिप और भविष्य की पढ़ाई पर पड़ सकता है।अगर परीक्षा दोबारा करवाई जाती है तो छात्रों को न केवल फिर से तैयारी करनी पड़ेगी, बल्कि तनाव का सामना भी करना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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