पहाड़ों से लेकर मैदान तक बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। Uttarakhand में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कहीं सड़क पर तेज बहाव में कार बह गई तो कहीं पहाड़ से आया मलबा घरों में जा घुसा। इन हादसों में कई लोगों की जान चली गई। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर ने गांवों में तबाही मचा दी है। यहां 80 से ज्यादा कच्चे मकान ढहने की खबर है।
बारिश और बाढ़ की वजह से कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कें बंद होने, भूस्खलन और जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं।
Uttarakhand में बारिश बनी आफत, अल्मोड़ा में घर में घुसा मलबा
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से आया मलबा एक मकान में घुस गया। हादसे में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने का अभियान चलाया गया।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर पहाड़ों से मलबा सड़कों पर आने की वजह से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
देहरादून में तेज बहाव में बही कार
देहरादून में भी बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज बहाव के बीच एक कार बह गई। वाहन में सवार लोगों को बचाने के लिए SDRF की टीम ने अभियान चलाया। हादसे में दो लोगों की मौत हुई, जबकि एक महिला को सुरक्षित बचा लिया गया।
इस घटना ने भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। बारिश के दौरान सामान्य दिखने वाली सड़क पर भी अचानक पानी का बहाव खतरनाक हो सकता है।
Kedarnath Yatra पर भी मौसम का असर
भारी बारिश का असर केदारनाथ यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। पहाड़ी रास्तों पर मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा रोकने या कुछ समय के लिए आगे बढ़ने से रोकने का फैसला भी लिया जा सकता है।
Chitrakoot Flood: मंदाकिनी नदी के उफान से 80 से ज्यादा घर गिरे
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में भी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी पहुंच गया। परसौंजा गांव में बाढ़ के कारण 80 से ज्यादा कच्चे मकानों के गिरने की जानकारी सामने आई है।
कई परिवारों के सामने अब रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के पानी से घरों में रखा अनाज, कपड़े और घरेलू सामान भी खराब हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक बढ़े पानी ने हालात संभालने का मौका कम दिया।
UP के कई जिलों में Flood का असर
चित्रकूट के अलावा उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर का असर निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन और राहत दल सक्रिय हैं।
वाराणसी समेत गंगा किनारे के कई इलाकों में भी जलस्तर बढ़ने से घाटों और आसपास के क्षेत्रों पर असर पड़ा है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बारिश से बढ़ी लोगों की मुश्किलें
उत्तराखंड में पहाड़ी मलबा, भूस्खलन और तेज बहाव लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है, तो उत्तर प्रदेश में नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। कहीं घर टूट रहे हैं तो कहीं सड़क और रास्ते पानी में डूब रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मौसम को देखते हुए लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज न करें।
Uttarakhand Rain और UP Flood की यह तस्वीर बताती है कि मानसून सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि पहाड़ और मैदान दोनों के लिए बड़ी चुनौती लेकर आया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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