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Kerala school rivalry news in Hindi

Kerala school rivalry news: 50 साल पुरानी रंजिश में दो बुजुर्गों ने पूर्व सहपाठी पर किया हमला

केरल के कासरगोड में 50 साल पुराना स्कूल विवाद बना हिंसा का कारण Kerala school rivalry news – केरल के कासरगोड जिले के मलोम कस्बे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल टाइम की 50 साल पुरानी रंजिश ने दो बुजुर्गों को हिंसा के रास्ते पर धकेल दिया। बालाल ग्राम पंचायत स्थित नटक्कल्लू एडेड स्कूल में साथ पढ़ने वाले तीन पूर्व सहपाठी—वी.जे. बाबू (62), मालोथु बालकृष्णन, और मैथ्यू वलियप्लक्कल—के बीच वर्षों पुराना विवाद फिर से उभर आया। होटल के बाहर हुआ हमला, टूटा दोस्ती का दिखावा घटना सोमवार को जनग्राम होटल के बाहर हुई, जब तीनों की आकस्मिक मुलाकात हो गई। बातचीत के दौरान पुरानी रंजिश फिर से भड़क उठी। रिपोर्ट के मुताबिक, बालकृष्णन ने बाबू को पकड़ लिया और मैथ्यू ने एक बड़ा पत्थर उठाकर बाबू के चेहरे और शरीर पर हमला कर दिया। इस हमले में बाबू के दो दांत टूट गए और उन्हें गंभीर हालत में परियारम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज, कन्नूर में भर्ती कराया गया। गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज, हो सकती है जेल वेल्लरिकुंड पुलिस थाने के निरीक्षक टी.के. मुकुंदन के अनुसार, अगर मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि बाबू के दांत हमले के कारण टूटे हैं, तो यह अपराध गैर-जमानती हो जाएगा। हमले के आरोप में बालकृष्णन और मैथ्यू पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया गया है: ₹1.5 लाख में सुलह की पेशकश, शराब की भी संभावना पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घायल वी.जे. बाबू ने इस मामले को कोर्ट से बाहर सुलझाने की इच्छा जताई है, लेकिन बदले में ₹1.5 लाख की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी बयान दिया कि हमले के समय हमलावरों द्वारा शराब का सेवन किया गया हो सकता है। 50 साल पुरानी दुश्मनी का मनोवैज्ञानिक पहलू Kerala school rivalry news- विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल में हुए छोटे-छोटे बुलींग या टकराव का असर लंबे समय तक मानसिक रूप से बना रह सकता है, खासकर अगर उसे सुलझाया न जाए। यह घटना बताती है कि बचपन की घटनाएं, अगर मन में बैठ जाएं, तो बुजुर्ग अवस्था में भी हिंसा का रूप ले सकती हैं।
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Delhi

Delhi Heatwave Alert Temperature पहुँचा 49°C, IMD ने Orange Alert जारी किया

दिल्ली (Delhi) और एनसीआर (NCR) क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी (Severe Heatwave) की चपेट में है। सोमवार को राजधानी में तापमान (Temperature) का feels-like effect 49 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। इस खतरनाक गर्मी के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने Orange Alert जारी किया है, जो कम से कम 12 जून तक प्रभाव में रहेगा। Delhi Temperature Updates: गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड Air Quality और Pollution Update Delhi NCR Weather Impact: पड़ोसी जिलों का हाल Relief कब मिलेगी? IMD का Forecast हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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World Environment Day 2025

World Environment Day 2025 भारत ने उठाया बड़ा कदम, थीम है “Plastic Pollution ko Khatam Karo”

5 जून 2025 को World Environment Day 2025 (विश्व पर्यावरण दिवस) के मौके पर भारत समेत पूरी दुनिया में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एक नई चेतना दिखाई दी। इस वर्ष की थीम थी — “Plastic Pollution ko Khatam Karo”, यानी Say No to Single Use Plastic और साफ-सुथरा पर्यावरण अपनाओ। South Korea बना Global Host, पर India भी नहीं रहा पीछे इस साल South Korea ने वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे का ग्लोबल आयोजन किया, लेकिन भारत ने भी प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जंग में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। सरकारी कोशिशें: सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन और EPR लागू भारत सरकार ने पिछले कुछ सालों में Plastic Waste Management Rules के ज़रिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगाई है। इसके अलावा Extended Producer Responsibility (EPR) लागू की गई है जिससे कंपनियों को उनके बनाए प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के निपटान की ज़िम्मेदारी दी गई है। बेंगलुरु से बरेली तक – लोग खुद उठाने लगे हैं ज़िम्मेदार आज के दिन देश के कोने-कोने में छोटे-बड़े इवेंट्स हुए।बेंगलुरु में RWAs ने rainwater harvesting, solar panels और eco-friendly products को अपनाने की मिसाल दी। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में स्कूलों, कॉलेजों और NGOs ने प्लास्टिक मुक्त रैलियाँ और सफाई अभियान चलाए। बच्चों और युवाओं का बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना World Environment Day 2025 में बच्चों ने पौधे लगाए, निबंध प्रतियोगिताएं हुईं और प्रदर्शनी के ज़रिए बताया गया कि कैसे हम छोटे कदमों से बड़े बदलाव ला सकते हैं।युवाओं ने सोशल मीडिया पर campaigns चलाकर प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को उजागर किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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COVID19

COVID19 Cases India Update भारत में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा, 24 घंटे में 564 नए मामले, 7 मौतें

भारत में एक बार फिर COVID19 का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। 5 जून 2025 को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में देश में 564 नए कोरोना केस सामने आए हैं और 7 लोगों की मौत हुई है। इससे एक्टिव मामलों की संख्या 4,866 तक पहुंच गई है। Corona Hotspot States in India देश में COVID19 के सबसे ज़्यादा केस केरल से रिपोर्ट किए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में भी मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा रही हैं। Omicron Subvariants बढ़ा रहे चिंता इस बार COVID19 के मामलों में उछाल की वजह Omicron के सब-वेरिएंट्स को माना जा रहा है। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 जैसे नए वेरिएंट्स शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन वेरिएंट्स से संक्रमित अधिकतर लोगों में माइल्ड लक्षण देखे जा रहे हैं और इलाज घर पर ही संभव हो रहा है। जनवरी 2025 से अब तक COVID Updates जनवरी 2025 से अब तक देश में 51 मौतें कोरोना से हो चुकी हैं। हालांकि ज़्यादातर मौतें पहले से बीमार लोगों में दर्ज की गई हैं। देशभर में कोविड टेस्टिंग, वैक्सीनेशन और ट्रैकिंग सिस्टम को फिर से एक्टिव किया जा रहा है। Health Ministry की Advisory स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अगर सांस लेने में परेशानी, तेज़ बुखार, गले में खराश या लगातार खांसी महसूस करे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे। इसके अलावा मास्क पहनना, हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियाँ दोबारा अपनाने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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COVID

भारत में COVID-19 के नए Variants NB.1.8.1 और LF.7 Symptoms

भारत में COVID-19 के नए Variants NB.1.8.1 और LF.7 तेजी से सामने आ रहे हैं। जानिए इन नए COVID Variants के Symptoms क्या हैं, ये कितना Dangerous हो सकते हैं, और कैसे बचाव करें। NB.1.8.1 और LF.7 क्या हैं? (What are these Variants?) NB.1.8.1 और LF.7 दोनों Omicron के नए Sub-variants हैं। भारत में INSACOG की रिपोर्ट के अनुसार, ये Variants अभी सीमित संख्या में पाए गए हैं, लेकिन इन पर लगातार नजर रखी जा रही है। COVID-19 के नए Variants के Common Symptoms (लक्षण) इन नए Variants के लक्षण आमतौर पर हल्के और सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं: अगर आपको ये लक्षण दिखें, तो जल्द से जल्द COVID-19 टेस्ट करवाएं। भारत में स्थिति और खतरा (Current Situation & Risk) हालांकि NB.1.8.1 और LF.7 Variants अभी तक ज्यादा Serious नहीं हैं, लेकिन इनके तेजी से फैलने की वजह से सावधानी जरूरी है। भारत में COVID-19 केस थोड़े बढ़े हैं, इसलिए Social Distancing और मास्क पहनना अभी भी महत्वपूर्ण है। INSACOG और स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर निगरानी बनाए हुए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। COVID-19 से बचाव के लिए जरूरी Tips (Safety Measures) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Covid-19

Covid-19 Active Cases India में बढ़े Kerala Tops Case Count

भारत में कोविड-19 सक्रिय मामलों में वृद्धि भारत (India) में कोविड-19 (COVID-19) के एक्टिव केस (Active Cases) फिर से तेजी से बढ़ने लगे हैं। देश में कुल एक्टिव इन्फेक्शंस अब 2,710 तक पहुंच गए हैं, जिसमें केरल (Kerala) सबसे आगे है। केरल में 1,147 सक्रिय मामले हैं, जबकि महाराष्ट्र (Maharashtra) में 424, दिल्ली (Delhi) में 294 और गुजरात (Gujarat) में 223 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। तमिलनाडु (Tamil Nadu), कर्नाटक (Karnataka), और पश्चिम बंगाल (West Bengal) जैसे राज्यों में भी संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। तमिलनाडु और कर्नाटक में 148-148 जबकि पश्चिम बंगाल में 116 केस हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट और हालात केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) के मुताबिक, अधिकतर नए मामलों की स्थिति हल्की है और अस्पतालों पर फिलहाल दबाव नहीं है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में कोरोना से 7 मौतें हुई हैं, जिनमें ज्यादातर मरीजों की पहले से अन्य बीमारियां थीं। सरकार का कदम: तैयारियों की रिपोर्ट और निर्देश इस बढ़ते Covid-19 संक्रमण को देखते हुए, केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2 जून तक कोविड प्रबंधन की तैयारियों की रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली समेत कई राज्यों को संक्रमण रोकने और अस्पताल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार (Government of India) की सतर्कता और राज्य सरकारों के प्रयासों के बीच नागरिकों से भी कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और वैक्सीनेशन पूरी कराने की अपील की गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Covid-19

Covid-19 India Cases क्यों बढ़ रहे हैं कोविड केस और कैसे करें सुरक्षा

भारत (India) में Covid-19 के मामले फिर से तेजी से बढ़ रहे हैं। 27 मई 2025 तक सक्रिय (Active) केस 1,000 के पार पहुंच गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में नए केस बढ़े हैं। Covid-19 Cases बढ़ने के कारण क्या Covid-19 को लेकर चिंता करें? Health experts का मानना है कि फिलहाल ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। नए variants ज्यादातर mild symptoms देते हैं और hospitalisation में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। कोविड-19 अब धीरे-धीरे seasonal flu जैसा हो रहा है। जरूरी Covid-19 Precautions हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Corona Virus

Corona Virus का नया JN.1 Variant,भारत में तेजी से फैल रहा है

भारत में Corona Virus (COVID-19) का नया JN.1 Variant तेजी से फैल रहा है और सक्रिय केस बढ़ रहे हैं। यह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन के BA.2.86.1.1 से उत्पन्न हुआ है, जिसमें कई म्यूटेशन हैं, जो इसे और अधिक संक्रामक बनाते हैं। आइए जानते हैं JN.1 वैरिएंट के लक्षण (Symptoms), बढ़ते मामले (Cases) और इससे बचाव के लिए जरूरी सावधानियां (Safety Tips)। JN.1 Variant के बढ़ते Active Cases – भारत में स्थिति देश के कई राज्यों में JN.1 वैरिएंट के सक्रिय कोरोना केस तेजी से बढ़े हैं। कुल मिलाकर भारत में सक्रिय Corona Virus मामलों की संख्या 1,047 तक पहुंच गई है, जिनमें ज्यादातर JN.1 वैरिएंट से संक्रमित हैं। JN.1 Variant के Symptoms (लक्षण) JN.1 वैरिएंट के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं: Safety Tips: JN.1 से कैसे बचें? स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी से सतर्क रहने और Corona Virus (कोविड-19) से बचाव के लिए इन Safety Tips को अपनाने की सलाह दी है: विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश JN.1 मामलों में लक्षण हल्के होते हैं और अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता कम होती है। फिर भी, सावधानी बरतना जरूरी है क्योंकि नया वैरिएंट तेजी से फैलता है। वैक्सीनेशन और हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना अभी भी सबसे प्रभावी तरीका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert 2025: केरल-कर्नाटक में Red Alert Mumbai-Goa-Andhra में Heavy Rain का कहर

भारत में 2025 का मानसून (Monsoon) पूरे जोश में दस्तक दे चुका है और इसका असर अब देशभर में दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने केरल (Kerala) और कर्नाटक (Karnataka) में रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है, जबकि मुंबई, गोवा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं किस राज्य में कैसा है मौसम का हाल: Kerala में Monsoon का कहर: 11 जिलों में Red Alert केरल में मानसून की समय से पहले और जबरदस्त शुरुआत के कारण लगातार भारी बारिश हो रही है। Karnataka के Coastal इलाकों में 5 दिन का Red Alert कर्नाटक के तटीय जिलों – Dakshina Kannada और Udupi – में लगातार बारिश से जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। Mumbai में Record बारिश, Flights Cancel 26 मई को मुंबई में रिकॉर्ड 295 मिमी बारिश दर्ज की गई। Goa में भी Red Alert, Flash Flood की चेतावनी IMD ने North Goa में रेड अलर्ट जारी किया है। Andhra Pradesh: Coastal क्षेत्रों में Thunderstorm Alert हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Covid-19 cases in India 2025, JN.1 variant India,

Covid Surge Alert: भारत में फिर बढ़े कोरोना केस, जेएन.1 वैरिएंट बना चिंता का कारण

कोरोना फिर से दे रहा है दस्तक! सिंगापुर और हांगकांग के बाद अब भारत में भी Covid-19 Cases में हल्का लेकिन चिंताजनक इजाफा देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्यों ने Corona Advisory जारी कर दी है। स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट्स के अनुसार, नए मामलों में JN.1 वैरिएंट सक्रिय भूमिका निभा रहा है। फोर्टिस हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर डायरेक्टर डॉ. विकास मौर्य के मुताबिक, “JN.1 variant अब तक केवल हल्के से मध्यम लक्षण ही दिखा रहा है और इससे गंभीर बीमारी का खतरा बहुत कम है।” New Covid variant in Asia-एशिया में तेजी से फैल रहा है संक्रमण चीन में कोविड के गंभीर मामले पिछले महीने 3.3% से बढ़कर 5.5% हो गए हैं। अस्पतालों में A&E (Accident & Emergency) रोगियों की दर 7.5% से बढ़कर 16.2% हो चुकी है। ताइवान में भी कोविड-19 के चलते अस्पतालों में भर्ती बढ़ने लगे हैं। संक्रमण के लक्षण क्या हैं? डॉक्टरों के अनुसार, नए वैरिएंट के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं: गंभीर लक्षण बहुत कम मामलों में देखे गए हैं और उनमें भी ज्यादातर मरीज रिकवरी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। क्या वैक्सीन और इम्यूनिटी काम कर रही है? विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण की हल्की प्रकृति का कारण भारत की जनता में विकसित हुई Natural Immunity और पहले से ली गई वैक्सीनेशन डोज़ हैं। इसलिए कोविड की पहली लहर जैसी गंभीरता की फिलहाल कोई आशंका नहीं है। सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों की तैयारी केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट मोड में हैं। कुछ राज्यों ने मास्क पहनने और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की है। हालांकि, लॉकडाउन या बड़े प्रतिबंधों की कोई योजना नहीं है। क्या करना चाहिए आम जनता को? घबराएं नहीं, सतर्क रहें Covid-19 का खतरा पूरी तरह टला नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात घबराने वाले नहीं हैं। अगर हम जरूरी सावधानियाँ बरतें और सरकार की गाइडलाइंस का पालन करें, तो स्थिति नियंत्रण में रह सकती है।
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AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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