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Umar Khalid मामले में Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

Umar Khalid मामले में Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

दिल्ली दंगा मामले में आरोपी Umar Khalid को लेकर Supreme Court ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि “जमानत नियम है और जेल अपवाद”, जबकि उमर खालिद को पहले बेल मिल सकती थी। अदालत ने अपने पुराने फैसले पर भी आपत्ति जताई और कहा कि कई मामलों में इस मूल सिद्धांत का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भी आरोपी को ट्रायल से पहले लंबे समय तक जेल में रखना सही नहीं माना जा सकता। अदालत ने साफ कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में व्यक्तिगत स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण है और बेल को अधिकार की तरह देखा जाना चाहिए। दरअसल, उमर खालिद पर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने का आरोप है। उनके खिलाफ यूएपीए (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि मामले के कुछ अन्य आरोपियों को राहत दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट की नई टिप्पणी के बाद इस फैसले को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। अदालत ने कहा कि “बेल नियम और जेल अपवाद” का सिद्धांत सिर्फ सामान्य मामलों में ही नहीं, बल्कि यूएपीए जैसे मामलों में भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आने वाले समय में जमानत से जुड़े मामलों पर बड़ा असर डाल सकती है। इससे निचली अदालतों को भी यह संदेश गया है कि लंबे समय तक बिना ट्रायल जेल में रखना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

V. D. Satheesan ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में उनके साथ पूरी कैबिनेट ने भी शपथ ग्रहण किया। बताया जा रहा है कि करीब 60 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल एक साथ शपथ ले रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे। Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लेफ्ट और बीजेपी के कई नेता भी समारोह में पहुंचे। केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) करीब एक दशक बाद सत्ता में लौटा है। चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई कैबिनेट में युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन देखने को मिला। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal
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Supreme Court

Supreme Court Update 2026: लंबित मामलों के बीच बढ़ी जजों की संख्या, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

देश की न्याय व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। Droupadi Murmu ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। अब Supreme Court of India में Chief Justice of India (CJI) सहित कुल 38 जज कार्य कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले को लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में लाखों मामलों की सुनवाई लंबित रही है, जिसके चलते जजों की संख्या बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी। अब कितने होंगे सुप्रीम कोर्ट में जज? अब तक सुप्रीम कोर्ट में CJI को छोड़कर 33 जजों की नियुक्ति की अनुमति थी। नए संशोधन के बाद यह संख्या बढ़ाकर 37 कर दी गई है। यानी Chief Justice को मिलाकर अब कुल 38 न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में होंगे। यह फैसला “Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026” के तहत लागू किया गया है। इससे पहले साल 2019 में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 34 की गई थी। क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला? देश की सबसे बड़ी अदालत में लगातार बढ़ते मामलों ने न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया था। कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई लंबी खिंच रही थी और संविधान पीठ के गठन में भी समय लग रहा था। ऐसे में केंद्र सरकार ने जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया ताकि: आम लोगों को क्या होगा फायदा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बेहतर होगी। इससे बड़े और संवेदनशील मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। साथ ही आम नागरिकों को भी न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार अब जल्द ही नए जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। माना जा रहा है कि इससे देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET 2026 Controversy: ट्रांसलेशन प्रोसेस से लीक हुआ पेपर? कोर्ट में बड़ा दावा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कोर्ट में ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था सभी को झकझोर दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे केवल बाहरी गैंग ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ा शक उस टीम पर गया है, जो प्रश्नपत्र को अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट करने का काम कर रही थी। CBI का मानना है कि पेपर ट्रांसलेशन प्रक्रिया के दौरान ही गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाई गई और फिर इसे मोटी रकम लेकर छात्रों तक पहुंचाया गया। कोर्ट में CBI ने क्या बताया? दिल्ली की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान CBI ने कहा कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ आरोपियों ने मेडिकल सीट दिलाने और अच्छे नंबर लाने का लालच देकर छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये वसूले। CBI ने यह भी खुलासा किया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp ग्रुप, निजी चैनलों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए शेयर किया गया। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक की डील की थी। Translation Team पर क्यों बढ़ा शक? सूत्रों के मुताबिक, पेपर को कई भाषाओं में तैयार और ट्रांसलेट किया जाता है। CBI को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान किसी ने गोपनीय दस्तावेज की कॉपी बाहर निकाली। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर सबसे पहले किस स्तर पर लीक हुआ और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया। जांच में पुणे की एक बॉटनी टीचर का नाम भी सामने आया है, जो कथित तौर पर NTA से जुड़ी एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थीं। CBI ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी का दावा है कि इस मामले में कुछ और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। कई राज्यों में CBI की रेड पेपर लीक मामले की जांच अब दिल्ली, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। CBI ने कई शहरों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच एजेंसी डिजिटल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ आरोपी छात्रों को “पक्का पेपर” देने का दावा कर रहे थे। हालांकि कई छात्रों के कम नंबर आने के बाद यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अभिभावकों से पैसे ठगे। छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता NEET जैसी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर भी NTA की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे मामलों से उनका भरोसा टूटता जा रहा है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है। अभी और हो सकते हैं बड़े खुलासे CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी अब इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन था और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। NEET UG 2026 पेपर लीक मामला अब सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Breaking Bulldozer Action के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, बढ़ा तनाव

लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार को DM ऑफिस के बाहर अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए जब शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई (Bulldozer Action) के विरोध में वकीलों ने बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। आखिर क्यों भड़के वकील? जानकारी के मुताबिक, शहर में कुछ इलाकों में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जा रहा था। इसी कार्रवाई को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई और DM ऑफिस के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे वकीलों का आरोप है कि कार्रवाई में पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रिया की कमी है। उनका कहना था कि बिना पूरी सुनवाई के इस तरह की कार्रवाई लोगों के अधिकारों पर असर डालती है। DM ऑफिस के बाहर अचानक बढ़ा तनाव जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी, स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। नारेबाजी तेज हुई और माहौल कुछ देर के लिए अस्थिर हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई की प्रक्रिया और तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर लोग मांग कर रहे हैं कि किसी भी कार्रवाई से पहले उचित संवाद और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Exam Paper Leak Case: प्रोफेसर और Coaching Network की मिलीभगत से हड़कंप

NEET पेपर लीक मामले की जांच अब और गहराती जा रही है। CBI की पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह मामला सिर्फ किसी एक व्यक्ति या छोटे गिरोह तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें परीक्षा से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग, प्रोफेसर और कोचिंग नेटवर्क की भूमिका भी सामने आ रही है। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे शुरू हुआ NEET Paper Leak का पूरा मामला? जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ प्रोफेसरों ने अपने आधिकारिक एक्सेस और संपर्कों का गलत इस्तेमाल करते हुए परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई। आरोप है कि इसके बाद पेपर को धीरे-धीरे एक नेटवर्क के जरिए आगे भेजा गया, जिसमें बिचौलिए और कोचिंग से जुड़े लोग भी शामिल थे। इस पूरे मामले ने यह शक और मजबूत कर दिया है कि पेपर लीक अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह एक सुनियोजित (planned) तरीके से फैलाया गया नेटवर्क था। Coaching Network और “Secret Classes” का दावा CBI जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग सेंटरों में परीक्षा से पहले खास तरह की “सीक्रेट क्लासेस” चलाने के संकेत मिले हैं। इनमें छात्रों को ऐसे सवालों का अभ्यास कराया गया जो बाद में परीक्षा में पूछे गए। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी, लेकिन इस तरह के दावों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। CBI पूछताछ में क्या-क्या सामने आया? CBI की जांच में अब तक ये प्रमुख बातें सामने आई हैं: Digital Evidence और Chat Records की जांच जारी जांच एजेंसी अब आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री और बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि डिजिटल सबूतों से पूरे नेटवर्क की असली कड़ियां जुड़ सकती हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। क्यों गंभीर है यह NEET Paper Leak Case? NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र हर साल शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों का सामने आना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि छात्रों के मेहनत और भरोसे को भी झटका देता है। यह मामला सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। आगे क्या हो सकता है? CBI इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, कोचिंग सेंटर लिंक और अंदरूनी मिलीभगत की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amravati

46°C Heatwave Crisis: Amravati-Wardha में Record Heat, Gujarat में Animals की देखभाल

गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें, महाराष्ट्र में पारा रिकॉर्ड स्तर पर देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। महाराष्ट्र के Amravati और Wardha में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की गर्मी पहले से कहीं ज्यादा तीखी है, जिससे दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। गुजरात में जानवरों के लिए खास “Cool Care” इंतजाम भीषण गर्मी को देखते हुए गुजरात में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। जंगल सफारी और वाइल्डलाइफ एरिया में जानवरों को राहत देने के लिए AC कूलिंग सिस्टम, पानी के स्प्रिंकलर और छायादार जगहों की व्यवस्था की गई है। यह कदम इसलिए बेहद जरूरी माना जा रहा है क्योंकि तेज गर्मी जानवरों के स्वास्थ्य और व्यवहार पर सीधा असर डाल सकती है। Vadodara Zoo में जानवरों को मिल रही Ice Relief गुजरात के Vadodara स्थित चिड़ियाघर में गर्मी से राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यहां जानवरों के बाड़ों में बर्फ के बड़े टुकड़े (ice blocks) रखे जा रहे हैं ताकि तापमान नियंत्रित रहे और जानवरों को ठंडक मिल सके। जू प्रशासन का कहना है कि गर्मी बढ़ने पर ऐसे उपाय नियमित रूप से किए जाते हैं ताकि जानवर सुरक्षित और आरामदायक रह सकें। लोगों और जानवरों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण मौसम इस समय देश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी तापमान ऊंचा रह सकता है। ऐसे में इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की देखभाल भी बेहद जरूरी हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajdhani Express

Breaking Rail News: Rajdhani Express के 2 कोच में लगी आग, यात्रियों में मचा हड़कंप

त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) में अचानक उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रेन के दो कोच में आग लग गई। कुछ ही पलों में धुआं फैलने लगा और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, रेलवे स्टाफ की तेज़ी और सूझबूझ ने एक बड़ा हादसा होने से रोक दिया। 🔥 गार्ड की सूझबूझ से तुरंत मिला अलर्ट घटना के दौरान ट्रेन के गार्ड ने सबसे पहले कोच से धुआं और आग की लपटें देखीं। उन्होंने बिना देर किए लोको पायलट को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रोका गया और इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया। 👨‍👩‍👧 यात्रियों को 15 मिनट में सुरक्षित बाहर निकाला गया रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दोनों प्रभावित कोचों से लगभग 68 यात्रियों को सिर्फ 15 मिनट के अंदर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कई यात्रियों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन समय पर मिली मदद ने सभी को सुरक्षित रखा। एक यात्री ने बताया कि “धुआं अचानक बहुत तेजी से फैल गया था, लेकिन रेलवे स्टाफ ने बहुत जल्दी हमें बाहर निकाल लिया।” 🚒 आग पर काबू, बड़ी दुर्घटना टली रेलवे और स्थानीय टीम की मदद से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन असली कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और ट्रेन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। 🙏 यात्रियों में राहत, रेलवे की सराहना घटना के बाद यात्रियों में घबराहट जरूर थी, लेकिन सभी सुरक्षित होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने रेलवे स्टाफ की त्वरित कार्रवाई और प्रबंधन की तारीफ की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भारत

भारत को मिली बड़ी सफलता: नीदरलैंड ने लौटाई चोल काल की 1000 साल पुरानी अनमोल धरोहर

भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक बड़ी सफलता मिली है। नीदरलैंड (Netherlands) ने भारत को चोल राजवंश (Chola Dynasty) की करीब 1000 साल पुरानी अनमोल विरासत वापस लौटा दी है। यह ऐतिहासिक धरोहर अब औपचारिक रूप से भारत को सौंपी गई है और प्रधानमंत्री Narendra Modi को यह विरासत प्रदान की गई। यह कदम भारत की उस लंबे समय से चल रही कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत विदेशों में मौजूद प्राचीन भारतीय कलाकृतियों को वापस लाया जा रहा है। क्या है लौटाई गई Chola Heritage? नीदरलैंड से भारत को जो विरासत मिली है, वह दक्षिण भारत के महान चोल साम्राज्य से जुड़ी है। इसमें शामिल हैं: इन मूर्तियों को सिर्फ कलाकृतियां नहीं, बल्कि उस दौर की आध्यात्मिक सोच और कला की गहराई का प्रतीक माना जाता है। चोल साम्राज्य क्यों माना जाता है स्वर्ण युग? चोल राजवंश भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसने कला, संस्कृति और शासन—तीनों में गहरी छाप छोड़ी। इन कलाकृतियों में उस समय की जीवनशैली और धार्मिक आस्था की झलक साफ दिखाई देती है। कैसे लौटी यह ऐतिहासिक विरासत? भारत सरकार पिछले कई वर्षों से विदेशी संग्रहालयों और निजी संग्रहों में मौजूद भारतीय धरोहरों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में नीदरलैंड ने सहयोग करते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया। यह सिर्फ एक डिप्लोमैटिक सफलता नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान की मजबूत वापसी भी है। क्यों खास है यह वापसी? इस Chola Heritage Return का महत्व सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal हावड़ा स्टेशन के बाहर JCB Action, अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा अभियान

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हावड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। देर रात चलाए गए इस अभियान में जेसीबी मशीनों की मदद से स्टेशन के बाहर बने अवैध ठेले, दुकानों और फुटपाथ पर किए गए कब्जों को हटाया गया। लंबे समय से थी शिकायतें और जाम की समस्या यह कार्रवाई अचानक नहीं थी, बल्कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों और बढ़ती भीड़भाड़ को देखते हुए की गई। हावड़ा स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, और इसके बाहर लगातार बढ़ते अतिक्रमण की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार ट्रैफिक जाम और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता तक बंद हो जाता था। आधी रात चला प्रशासन का अभियान इसी स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन ने देर रात बुलडोजर और जेसीबी के साथ अभियान चलाया, ताकि दिन के समय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। कार्रवाई के दौरान रेलवे प्रशासन और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र को कुछ समय के लिए घेराबंदी में लिया गया। स्थानीय लोगों को मिली राहत स्थानीय लोगों के अनुसार, स्टेशन के बाहर लंबे समय से अस्थायी दुकानें और अवैध निर्माण खड़े हो गए थे, जिनकी वजह से रोजाना परेशानी बढ़ती जा रही थी। अब इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी राहत महसूस की जा रही है और रास्ते पहले से अधिक साफ और खुला नजर आ रहा है। आगे भी जारी रहेंगे अभियान प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक बार की कार्रवाई नहीं है। आने वाले समय में भी ऐसे अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेंगे, ताकि रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित रखा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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