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Delhi Cabinet

Delhi Cabinet 2026 क्या कटेगा पुराने नेताओं का पत्ता? Samrat Chaudhary-Vijay Sinha पर Suspense

दिल्ली में तेज हुई सियासी हलचल Delhi Cabinet के गठन को लेकर सियासी माहौल काफी गरम हो चुका है। सत्ता पक्ष के बड़े नेता लगातार बैठकों में जुटे हैं और हर नाम पर गहराई से चर्चा हो रही है। इसी बीच सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को लेकर सस्पेंस सबसे ज्यादा चर्चा में है। कैबिनेट में हो सकते हैं बड़े बदलाव सूत्र बताते हैं कि इस बार Delhi Cabinet गठन में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी सिर्फ अनुभव ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस, जनसंपर्क और क्षेत्रीय संतुलन को भी प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में कुछ पुराने चेहरों का हटना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि कई नए नेताओं को मौका मिलने की संभावना मजबूत है। नए चेहरों पर पार्टी का फोकस ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले नेताओं को इस बार खास तवज्जो मिलने की बात भी सामने आ रही है। पार्टी चाहती है कि सरकार में ऐसे चेहरे आएं जो जनता से सीधे जुड़े हों और जिनकी छवि साफ-सुथरी हो। इससे सरकार की विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर नजर जहां तक सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का सवाल है, दोनों ही नेताओं को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ सूत्रों का मानना है कि इन्हें कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कुछ का कहना है कि संगठन में इनकी भूमिका और मजबूत की जा सकती है। अंतिम फैसले का इंतजार दिल्ली में चल रही इन बैठकों के बीच एक बात साफ है कि पार्टी इस बार कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। हर फैसले को सोच-समझकर लिया जा रहा है ताकि आने वाले समय में राजनीतिक संतुलन बना रहे और जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए। अब सबकी नजरें अंतिम ऐलान पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि नई कैबिनेट में कौन चमकेगा और किसका पत्ता कटेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Love Jihad Debate: नासिक से भोपाल तक बढ़ते केस, सच्चाई क्या है?

संपादकीय भारत में “लव जिहाद” बहस तेज—नासिक, भोपाल समेत कई शहरों में सामने आए मामलों का विश्लेषण। क्या कहते हैं कानून, आंकड़े और विशेषज्ञ? पढ़ें पूरा संपादकीय। भारत में पिछले कुछ वर्षों में “लव जिहाद” को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। नासिक, परतवाड़ा, अकोला और भोपाल जैसे शहरों से सामने आए मामलों ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सवाल यह है कि क्या ये घटनाएं अलग-अलग आपराधिक मामले हैं, या इसके पीछे कोई बड़ा पैटर्न है? क्या कहते हैं कानून और सरकार? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि “लव जिहाद” शब्द भारतीय कानून में परिभाषित नहीं है। केंद्र सरकार ने संसद में कई बार स्पष्ट किया है कि इस नाम से कोई अलग अपराध श्रेणी नहीं है। हालांकि, कई राज्यों ने जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून बनाए हैं: इन कानूनों के लागू होने के बाद दर्ज मामलों में कुछ वृद्धि देखी गई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बढ़ती जागरूकता और रिपोर्टिंग का असर भी हो सकता है। आंकड़े क्या बताते हैं? यानी, आंकड़े मिश्रित तस्वीर दिखाते हैं—कुछ मामले वास्तविक अपराध के हैं, तो कुछ व्यक्तिगत विवाद या सहमति वाले रिश्तों के। हाईली एजुकेटेड लड़कियां क्यों बनती हैं टारगेट? यह सबसे बड़ा सवाल है। आम धारणा के विपरीत, शिक्षा हमेशा भावनात्मक निर्णयों को नहीं रोकती। विशेषज्ञों के अनुसार: ये सभी कारण किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं—चाहे वह कितना भी शिक्षित क्यों न हो। क्या हर इंटरफेथ शादी संदिग्ध है? बिल्कुल नहीं। भारत में हजारों अंतर-धार्मिक शादियां हर साल होती हैं, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह सहमति और वैध प्रक्रिया के तहत होती हैं। समस्या तब शुरू होती है जब: यहीं पर कानून हस्तक्षेप करता है। क्या यह केवल एक समुदाय का मुद्दा है? इस तरह की घटनाओं को किसी एक धर्म से जोड़ना वास्तविकता को सरल बना देना होगा पर यह भी उतना ही बड़ा सच हैं की अधिकांश घटनाओ में मुस्लिम युवा इसमें संलिप्त पाये गए हैं । दुनिया भर में “रोमांस स्कैम”, “ऑनलाइन ग्रूमिंग” और “इमोशनल एक्सप्लॉइटेशन” के मामले बढ़ रहे हैं—और यह हर समाज में मौजूद समस्या है। समाज और संगठनों की भूमिका “लव जिहाद” की बहस भावनात्मक जरूर है, लेकिन इसका समाधान केवल भावनाओं से नहीं निकलेगा। जरूरत है: हर अंतर-धार्मिक रिश्ते को शक की नजर से देखना गलत है, लेकिन वास्तविक अपराधों को नजरअंदाज करना भी उतना ही खतरनाक हैl
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Virat Kohli और Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद

Virat Kohli और Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद

भारतीय क्रिकेटर Virat Kohli और उनकी पत्नी Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद एक बार फिर आध्यात्मिक मार्ग पर नजर आए। दोनों अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज के सत्संग में पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। यह दोनों की संत प्रेमानंद से छठी मुलाकात बताई जा रही है, जिससे साफ है कि वे लगातार उनके विचारों और सत्संग से जुड़े हुए हैं। सत्संग में शामिल हुए विराट-अनुष्का अक्षय तृतीया के मौके पर आयोजित इस सत्संग में दोनों ने शांत वातावरण में संत के प्रवचन सुने। वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उनकी उपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। लगातार बढ़ रहा आध्यात्मिक जुड़ाव विराट और अनुष्का पहले भी कई बार संत प्रेमानंद महाराज से मिल चुके हैं। दोनों का यह बार-बार सत्संग में आना उनके आध्यात्मिक विश्वास और शांति की ओर झुकाव को दिखाता है। फैंस में चर्चा सोशल मीडिया पर उनकी इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इसे “सरल और शांत जीवन की ओर कदम” के रूप में देख रहे हैं।
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Chhattisgarh

Chhattisgarh Plane Crash – आरा पहाड़ियों में बड़ा हादसा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Chhattisgarh के जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। आरा पहाड़ियों के घने जंगलों के बीच एक निजी चार्टर्ड विमान अचानक क्रैश हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के गांवों के लोग भी कुछ समझ नहीं पाए। कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह हादसा जशपुर क्षेत्र के आरा पहाड़ियों और रतनपहली जंगल इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान विमान कम ऊंचाई पर था और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय लोगों के अनुसार: इस घटना ने आसपास रहने वाले लोगों को भी हिला कर रख दिया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हादसे के बाद का मंजर बेहद डरावना था: घने जंगल और पहाड़ी इलाका होने की वजह से मौके पर पहुंचना भी काफी मुश्किल हो रहा है। रेस्क्यू और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। फायर ब्रिगेड की टीम भी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार: यात्रियों को लेकर अभी भी सस्पेंस फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि: प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पचपदरा रिफाइनरी

पचपदरा रिफाइनरी में आग, PM Modi Inauguration से पहले बड़ा हादसा

राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी (Pachpadra Refinery) में सोमवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह वही महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उद्घाटन करने वाले हैं। घटना ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा टीम को कुछ देर के लिए झकझोर दिया। अचानक कैसे लगी आग? जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक धुआं उठने लगा और फिर देखते ही देखते आग फैल गई। शुरुआती जांच में इसे तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन असली कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। तुरंत खाली कराया गया पूरा एरिया जैसे ही आग की सूचना मिली, सुरक्षा टीम ने तेजी दिखाते हुए सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि या गंभीर चोट की खबर नहीं है। फायर ब्रिगेड की कई टीमें एक्टिव आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगातार प्रयास जारी रहे। रिफाइनरी का आंतरिक फायर सेफ्टी सिस्टम भी सक्रिय कर दिया गया, जिससे आग को फैलने से रोकने की कोशिश की गई। PM Modi Inauguration से पहले बढ़ी चिंता यह रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा और तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu

Tamil Nadu Clash करूर में AIADMK vs DMK कार्यकर्ताओं में हिंसा, चुनावी माहौल गरमाया

Tamil Nadu के करूर जिले में चुनावी माहौल के बीच उस समय स्थिति बिगड़ गई जब पूर्व मंत्री के प्रचार अभियान के दौरान AIADMK और DMK कार्यकर्ताओं के बीच अचानक हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते बहस ने मारपीट का रूप ले लिया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कैसे शुरू हुआ विवाद? स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रचार सभा के दौरान दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। पहले हल्की कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद भीड़ में घबराहट फैल गई और कई लोग इधर-उधर भागते नजर आए। राजनीतिक बयानबाजी तेज इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर माहौल बिगाड़ने और कार्यकर्ताओं को उकसाने के आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। Rahul Gandhi का बयान इसी बीच कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में AIADMK ने BJP के सामने झुककर राजनीतिक संतुलन को प्रभावित किया है, जिससे जमीनी स्तर पर तनाव बढ़ता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hyderabad

Hyderabad-Hubli Flight Emergency 3 घंटे हवा में फंसी फ्लाइट, बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग

Hyderabad से हुबली जा रही एक फ्लाइट उस समय बेहद मुश्किल हालात में फंस गई जब खराब मौसम के कारण उसे लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई। स्थिति ऐसी बन गई कि विमान को लगभग 3 घंटे तक आसमान में ही चक्कर लगाना पड़ा। इस दौरान विमान में बैठे यात्रियों के बीच डर और बेचैनी साफ नजर आई। अचानक बदला मौसम, लैंडिंग नहीं हो सकी जानकारी के अनुसार, जैसे ही फ्लाइट हुबली के करीब पहुंची, वहां मौसम तेजी से बिगड़ गया। तेज बारिश, आंधी और कम विजिबिलिटी के चलते रनवे पर लैंडिंग सुरक्षित नहीं मानी गई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सुरक्षा को देखते हुए लैंडिंग की अनुमति रोक दी। 3 घंटे हवा में रहा विमान, यात्रियों में बढ़ी घबराहट लैंडिंग न मिलने के बाद विमान को आसमान में ही होल्ड करना पड़ा। करीब तीन घंटे तक फ्लाइट हवा में चक्कर लगाती रही, जिससे यात्रियों में चिंता बढ़ने लगी। कई यात्रियों ने घबराहट में रोने-चिल्लाने जैसी स्थिति भी महसूस की। हालांकि क्रू मेंबर्स लगातार यात्रियों को शांत रखने की कोशिश करते रहे और स्थिति की जानकारी देते रहे। बेंगलुरु डायवर्ट किया गया विमान लगातार खराब मौसम और लैंडिंग की असंभव स्थिति को देखते हुए पायलट ने समझदारी दिखाते हुए फ्लाइट को बेंगलुरु की ओर डायवर्ट करने का फैसला लिया। बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित कुछ समय बाद विमान को सुरक्षित रूप से बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों की मदद की गई और उनकी आगे की यात्रा के लिए व्यवस्था की गई। एयरलाइन अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी तरह की कोई अनहोनी नहीं हुई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitish Kumar

बिहार छोड़ने की खबरों पर Nitish Kumar का जवाब, सरकार पर रखेंगे नजर

बिहार की सियासत में एक बार फिर गर्मी बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के ताजा बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वे बिहार छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और राज्य सरकार की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए रखेंगे। विकास और प्रशासन पर रहेगा पूरा फोकस Nitish Kumar ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि उनका मुख्य फोकस बिहार के विकास, प्रशासनिक सुधार और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर है। उन्होंने कहा कि जनता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, यह उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी। बयान के बाद सियासी चर्चाओं का दौर तेज इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे नीतीश कुमार की प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति मान रहे हैं, तो कुछ इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्षी दलों ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केवल निगरानी की बात करने से जनता को सीधे लाभ नहीं मिलेगा। उनका कहना है कि सरकार को जमीनी स्तर पर काम करके दिखाना होगा, तभी जनता का भरोसा कायम रहेगा। समर्थकों का समर्थन वहीं, समर्थकों का कहना है कि नीतीश कुमार का यह रुख दर्शाता है कि वे बिहार के विकास को लेकर गंभीर हैं और किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं करेंगे। उनके अनुसार, यह बयान प्रशासन को और अधिक सक्रिय और जिम्मेदार बनाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

India–South Korea Summit PM Modi और President Lee की अहम बैठक, Trade Target पर चर्चा

नई दिल्ली में सोमवार का दिन भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों के लिए खास रहा। प्रधानमंत्री Narendra Modi और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung के बीच हुई अहम द्विपक्षीय बैठक ने साफ संकेत दिया कि दोनों देश अब अपने संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं। बैठक Hyderabad House में हुई, जहां दोनों नेताओं ने सिर्फ औपचारिक बातचीत ही नहीं की, बल्कि भविष्य की रणनीति पर भी खुलकर चर्चा की। स्वागत से शुरू हुआ भरोसे का संदेश राष्ट्रपति ली के भारत पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत Rashtrapati Bhavan में किया गया। इसके बाद उन्होंने Raj Ghat जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि दोनों देशों के साझा मूल्यों और सम्मान का प्रतीक भी रहा। Meeting में किन मुद्दों पर बनी बात? इस मुलाकात में कई अहम क्षेत्रों पर गहराई से चर्चा हुई: क्यों खास है यह Bilateral Meeting? यह दौरा कई वजहों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है: इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि भारत और दक्षिण कोरिया अब सिर्फ साझेदार नहीं, बल्कि लंबे समय के रणनीतिक सहयोगी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, व्यापार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं। भारत-दक्षिण कोरिया की यह बढ़ती नजदीकी न सिर्फ दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अहम साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal Election

Bengal Election 2026 “Vote नहीं दिया तो नाम कटेगा” अफवाह से मचा डर, हजारों मजदूर लौटे घर

Bengal Election से ठीक पहले एक अफवाह ने आम लोगों, खासकर मजदूर वर्ग, की जिंदगी को उलझा दिया है। “अगर वोट नहीं दिया तो वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा”—इस एक लाइन ने हजारों परिवारों को अचानक सफर पर निकलने के लिए मजबूर कर दिया। देश के अलग-अलग शहरों में काम कर रहे बंगाली मजदूर अब अपना काम छोड़कर जल्दबाजी में घर लौट रहे हैं, ताकि वे वोट डाल सकें और उनका नाम सुरक्षित रहे। लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है। अफवाह कैसे बनी डर की वजह? हाल ही में वोटर लिस्ट की जांच और अपडेट की प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों के नाम हटने की खबरें सामने आईं। इसके बाद सोशल मीडिया और आपसी बातचीत में यह बात तेजी से फैल गई कि “जो वोट नहीं देगा, उसका नाम हटा दिया जाएगा।” यहीं से डर शुरू हुआ।कई लोगों ने बिना पुष्टि किए इस बात को सच मान लिया और अपने गांव लौटने का फैसला कर लिया। ट्रेनों में भीड़, स्टेशन पर अफरा-तफरी दिल्ली, मुंबई, सूरत और चेन्नई जैसे शहरों से बंगाल जाने वाली ट्रेनों में इन दिनों असामान्य भीड़ देखी जा रही है। स्टेशनों पर परिवारों के साथ लौटते मजदूरों के चेहरे पर एक ही चिंता है—“नाम कट गया तो?” मजदूरों की मजबूरी: काम या वोट? सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जो रोज कमाकर अपना गुजारा करते हैं।एक मजदूर ने बताया, “दो-तीन दिन की मजदूरी छूट जाएगी, लेकिन अगर नाम ही कट गया तो आगे क्या होगा?” यह डर ही उन्हें सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने घर की ओर खींच रहा है। सच्चाई क्या है? चुनाव से जुड़े नियम साफ कहते हैं: यानी “Vote नहीं दिया तो नाम कट जाएगा”—यह पूरी तरह से भ्रामक खबर (Fake Rumour) है। राजनीति भी गरमाई वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।एक तरफ विपक्ष सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी पक्ष इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहा है। लेकिन इस बहस के बीच सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
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Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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