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जहांगीर खान

West Bengal Politics: फलता सीट से नाम हटने पर TMC ने तोड़ी चुप्पी, जहांगीर खान पर दिया बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में फलता विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान का नाम सीट से हटने की खबरों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। अब पूरे मामले पर TMC ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति साफ करने की कोशिश की है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि जहांगीर खान ने जो फैसला लिया है, वह पूरी तरह उनका निजी निर्णय है। इसका तृणमूल कांग्रेस की आधिकारिक रणनीति या संगठनात्मक फैसले से कोई संबंध नहीं है। TMC नेताओं ने साफ किया कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है और उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। क्या है पूरा मामला? फलता विधानसभा सीट दक्षिण 24 परगना जिले की अहम सीटों में गिनी जाती है। यहां लंबे समय से TMC का मजबूत प्रभाव रहा है। हाल ही में जहांगीर खान का नाम चुनावी चर्चा से हटने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पार्टी के भीतर मतभेद की वजह से यह स्थिति बनी है। हालांकि TMC ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी नेता के व्यक्तिगत फैसले को पार्टी की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। विपक्ष ने साधा निशाना मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने TMC पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और कई नेता खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं। वहीं TMC ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष बिना वजह मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे समय में फलता सीट से जुड़ा यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण और नेताओं की नाराजगी जैसी बातें चुनावी मौसम में आम होती हैं, लेकिन पार्टियां उन्हें सार्वजनिक विवाद बनने से रोकने की कोशिश करती हैं। फिलहाल TMC इस पूरे विवाद को व्यक्तिगत फैसला बताकर राजनीतिक नुकसान से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे पार्टी की अंदरूनी कलह से जोड़कर मुद्दा बनाने में लगा हुआ है। आने वाले दिनों में फलता सीट का यह मामला बंगाल की राजनीति में और चर्चा बटोर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सपा

UP Politics Big Shock: सपा-बसपा को झटका, 51 Leaders ने छोड़ी Party और Join किया SBSP

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख पार्टियों—Samajwadi Party और Bahujan Samaj Party—को उस समय तगड़ा झटका लगा जब 51 नेताओं ने एक साथ दोनों दलों से इस्तीफा देकर Suheldev Bharatiya Samaj Party का दामन थाम लिया। आखिर क्यों हुआ इतना बड़ा दल-बदल? सूत्रों के अनुसार, कई जिलों से जुड़े सपा और बसपा के स्थानीय नेता लंबे समय से संगठनात्मक फैसलों और टिकट बंटवारे को लेकर असंतुष्ट थे। धीरे-धीरे यह नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार एक साथ 51 नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद सभी नेताओं ने SBSP में शामिल होकर नई राजनीतिक शुरुआत की। SBSP को मिला बड़ा फायदा इस सामूहिक शामिल होने को SBSP के लिए एक बड़ी राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। सपा-बसपा के लिए क्या संदेश? इस घटनाक्रम को राजनीतिक विश्लेषक एक “वेक-अप कॉल” के रूप में देख रहे हैं: यूपी की सियासत में नया समीकरण उत्तर प्रदेश में पहले से ही राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते रहे हैं। ऐसे में 51 नेताओं का एक साथ दल बदलना आने वाले चुनावों में नई रणनीतियों और गठबंधनों का संकेत भी माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MEA

क्या दुनिया भारत पर भरोसा कर सकती है? Norway Event में MEA का शानदार जवाब चर्चा में

नॉर्वे में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रेस बातचीत के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका और विश्वसनीयता को लेकर एक सवाल ने सबका ध्यान खींच लिया। एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने सीधे विदेश मंत्रालय (MEA) से पूछा—“दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे?” इस सवाल के बाद कुछ पल के लिए माहौल गंभीर हो गया, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs India) के प्रवक्ता ने बेहद शांत और आत्मविश्वास भरा जवाब दिया, जिसने चर्चा का रुख ही बदल दिया। MEA ने क्या कहा? (Strong Diplomatic Reply) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की पहचान अब सिर्फ एक देश के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में बन चुकी है। उन्होंने अपने जवाब में कहा— उन्होंने यह भी कहा कि “दुनिया में भरोसा भाषणों से नहीं, बल्कि लगातार किए गए काम से बनता है”—और भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। क्यों बढ़ रहा है भारत पर भरोसे का सवाल? आज दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत की भूमिका भी उसी के साथ मजबूत हो रही है। इन्हीं बदलावों के बीच दुनिया भारत की विश्वसनीयता और भूमिका को लेकर सवाल भी कर रही है और उसे समझ भी रही है। नॉर्वे में क्यों उठा यह सवाल? यह चर्चा Norway में एक प्रेस इवेंट के दौरान हुई, जहां अलग-अलग देशों के पत्रकार मौजूद थे।भारत की विदेश नीति, विकास और वैश्विक भूमिका पर चर्चा के दौरान यह सवाल सामने आया। सोशल मीडिया पर रिएक्शन (Public Reaction) इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India-Nordic Summit 2026

India-Nordic Summit 2026: पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा से बढ़ेगा India-Europe Cooperation

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi जल्द ही India-Nordic Summit 2026 में शामिल होने के लिए नॉर्वे का दौरा करेंगे। यह दौरा भारत की विदेश नीति और ग्लोबल पार्टनरशिप के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गहराई से चर्चा होगी। इस समिट में नॉर्वे के साथ-साथ स्वीडन, डेनमार्क और फिनलैंड के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे, जहां भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनने की उम्मीद है। चार देशों के नेताओं से होगी अहम बातचीत पीएम मोदी इस दौरे में चार नॉर्डिक देशों के शीर्ष नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में फोकस रहेगा: Green Energy पर भारत-नॉर्डिक साझेदारी होगी मजबूत आज दुनिया जिस तेजी से क्लाइमेट चेंज की चुनौती का सामना कर रही है, उसमें भारत और नॉर्डिक देश मिलकर बड़ा रोल निभा सकते हैं। इस समिट में ग्रीन एनर्जी को लेकर कई अहम प्रस्ताव सामने आने की उम्मीद है। मुख्य फोकस क्षेत्र: Space Technology और Innovation पर नई दिशा भारत और नॉर्डिक देश स्पेस सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी में हैं। इस दौरान: इससे भारत के स्पेस प्रोग्राम को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत के लिए क्यों खास है यह Summit? यह दौरा सिर्फ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य के विकास मॉडल से जुड़ा हुआ कदम माना जा रहा है। नॉर्डिक देश टेक्नोलॉजी और ग्रीन इनोवेशन में दुनिया में अग्रणी हैं। भारत को इससे मिल सकते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AAP

AAP Political News: हाई कोर्ट की सख्ती, सोशल मीडिया पोस्ट बना विवाद की वजह

दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह सहित कई अन्य को नोटिस जारी किया है। यह मामला सोशल मीडिया पर अदालत की कार्यवाही और एक जज से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर किए गए पोस्ट से जुड़ा हुआ है। क्या है पूरा पूरा मामला? यह विवाद तब शुरू हुआ जब AAP नेताओं की तरफ से कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो शेयर किए गए, जिनमें दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाही और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े कथित टिप्पणियों का उल्लेख था। आरोप है कि इन पोस्ट्स में अदालत की सुनवाई को या तो गलत तरीके से दिखाया गया या उसे अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया गया, जिससे न्यायपालिका की छवि प्रभावित हो सकती है। सोशल Media Posts पर क्यों उठे सवाल? जानकारी के अनुसार, जिन पोस्ट्स को लेकर यह कार्रवाई हुई है, उनमें कोर्ट की कार्यवाही से जुड़ी सामग्री को बिना अनुमति रिकॉर्ड कर या एडिट करके सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। इसी वजह से इसे कोर्ट की प्रक्रिया और गरिमा के खिलाफ माना जा रहा है। High Court की सख्त टिप्पणी दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कहा है कि न्यायिक कार्यवाही को बिना अनुमति रिकॉर्ड करना या उसे गलत तरीके से प्रसारित करना न्यायालय की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी आधार पर सभी संबंधित नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court सख्त: खतरनाक कुत्तों को दें मौत का इंजेक्शन

Supreme Court सख्त: खतरनाक कुत्तों को दें मौत का इंजेक्शन

Supreme Court of India ने आवारा और खतरनाक कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि लोगों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है और जो कुत्ते गंभीर रूप से खतरनाक या लाइलाज बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें नियमों के तहत मौत का इंजेक्शन (यूथेनेशिया) दिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी माना कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है, लेकिन इंसानों की जान और सुरक्षा उससे ऊपर है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी निर्देश दिए थे कि सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम भेजा जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद भी खतरनाक कुत्तों को दोबारा भीड़भाड़ वाले इलाकों में न छोड़ा जाए। देश के कई हिस्सों में बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी आम लोगों की सुरक्षा को लेकर अहम मानी जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ambulance

मरीज को अस्पताल छोड़ वापस लौट रही Ambulance में लगी भीषण आग, चालक जिंदा जला

दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोरा मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के बाद लौट रही एक एंबुलेंस (Ambulance) रास्ते में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही सेकंड में एंबुलेंस में आग लग गई और पूरा वाहन आग के गोले में बदल गया। हादसे में चालक की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी चालक तक नहीं पहुंच सका। लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, मगर लपटें लगातार बढ़ती चली गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस मरीज को छोड़कर वापस लौट रही थी। इसी दौरान अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और एंबुलेंस सीधे पेड़ से जा टकराई। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चालक पूरी तरह झुलस चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की वजह तलाश रही पुलिस प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, चालक को झपकी आना या वाहन में तकनीकी खराबी जैसी आशंकाएं जताई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। एंबुलेंस कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर एंबुलेंस चालकों की लगातार ड्यूटी और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन-रात मरीजों की जान बचाने में लगे ड्राइवर खुद कितने सुरक्षित हैं, यह घटना उसी की एक दर्दनाक तस्वीर बनकर सामने आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhojshala

Bhojshala Dhar Update: आस्था और परंपरा का संगम, अखंड ज्योति बनी आकर्षण का केंद्र

भोजशाला में सुबह से जुटने लगे श्रद्धालु मध्यप्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) में सोमवार को विशेष हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचने लगे थे। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। 700 साल बाद जली अखंड ज्योति इस आयोजन का सबसे खास पल तब आया, जब करीब 700 साल बाद भोजशाला परिसर में अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच जैसे ही ज्योति जलाई गई, श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और भावुक क्षण बताया। कई भक्तों की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। वैदिक मंत्रों और भजन-कीर्तन से गूंजा परिसर पूरे आयोजन के दौरान भोजशाला परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना चलती रही। साधु-संतों और पुजारियों ने विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए पूजा में हिस्सा लिया। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम धार प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजने का भी प्रतीक है। भोजशाला में अखंड ज्योति जलने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heatwave

Heatwave in India: अगले 7 दिन झुलसाएगी गर्मी, कई शहरों में Red Alert जारी

मई की तपती गर्मी (Heatwave)अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। देश के कई राज्यों में सूरज आग उगल रहा है और हालात ऐसे हैं कि दोपहर में सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक भीषण गर्मी और Heatwave जारी रहने की चेतावनी दी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय देश का सबसे गर्म शहर बन गया है। यहां तापमान 47.6°C रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रयागराज, झांसी और कानपुर जैसे शहरों में भी गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे राहत नहीं मिल पा रही। MP और राजस्थान में सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर, खजुराहो, नौगांव और रतलाम में भीषण लू चल रही है। वहीं राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में दोपहर के समय हालात बेहद कठिन बने हुए हैं। कई इलाकों में लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। महाराष्ट्र के अमरावती, वर्धा और अकोला जैसे शहर भी तेज गर्मी की चपेट में हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने बिजली और पानी की मांग भी बढ़ा दी है। अगले 7 दिन क्यों रहेंगे मुश्किल? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कोई मजबूत प्रणाली सक्रिय नहीं है। सूखी हवाएं और लगातार तेज धूप के कारण तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि Heatwave का असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी से बचने के लिए क्या करें? मौसम विभाग के मुताबिक मई के आखिरी सप्ताह तक कई राज्यों में गर्मी का असर बना रह सकता है। कुछ इलाकों में तापमान 48°C तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court Stray Dogs Verdict

Supreme Court का बड़ा फैसला आज! आवारा कुत्तों के आतंक पर क्या बदलेगा कानून?

देशभर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और आवारा कुत्तों के आतंक के बीच आज Supreme Court of India एक बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। यह मामला सिर्फ जानवरों की सुरक्षा का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और बच्चों की जान से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। Supreme Court Stray Dogs Verdict आज उन याचिकाओं पर फैसला देगा, जिनमें पहले दिए गए आदेशों में बदलाव की मांग की गई थी। इस केस में केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, पशु अधिकार संगठन, डॉग लवर्स, डॉग बाइट पीड़ित और Animal Welfare Board of India (AWBI) समेत कई पक्ष शामिल हैं। आखिर मामला क्या है? पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते स्ट्रे डॉग अटैक पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि राजधानी को “आवारा कुत्तों से मुक्त” किया जाना चाहिए और सभी स्ट्रे डॉग्स को पकड़कर विशेष शेल्टर में भेजा जाए। लेकिन इस आदेश का कई पशु अधिकार संगठनों और एक्टिविस्ट्स ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह आदेश व्यवहारिक नहीं है और इससे जानवरों के अधिकार प्रभावित होंगे। इसके बाद कई याचिकाएं दायर हुईं, जिन पर आज फैसला आने वाला है। देश में क्यों बढ़ रहा है स्ट्रे डॉग संकट? Dog Bite Crisis India 2026 ╔════════════════════════════╗║ 🚨 भारत में डॉग बाइट अलर्ट 🚨 ║╠════════════════════════════╣║ लाखों लोग हर साल शिकार ║║ बच्चों और बुजुर्गों पर खतरा ║║ Rabies के मामले भी चिंता ║║ नगर निगमों पर उठे सवाल ║╚════════════════════════════╝ विशेषज्ञों के अनुसार, नसबंदी कार्यक्रमों की धीमी रफ्तार, कचरा प्रबंधन की खराब व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही इस समस्या की बड़ी वजह हैं। कई राज्यों में स्ट्रे डॉग्स के हमलों से बच्चों और बुजुर्गों की मौत तक हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था: “अगर आप कुत्तों को खाना खिलाना चाहते हैं, तो उन्हें अपने घर ले जाइए।” कोर्ट ने यह भी कहा था कि डॉग बाइट मामलों में राज्यों को “भारी मुआवजा” देना पड़ सकता है। आज के फैसले पर पूरे देश की नजर आज आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि: इस फैसले का असर देशभर की नगर पालिकाओं, पशु अधिकार कानूनों और आम जनता की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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