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उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में VIP गेट से एंट्री को लेकर विवाद, परिवार और कर्मचारी के बीच हुई झड़प

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उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में सोमवार दोपहर VIP गेट से दर्शन को लेकर एक दर्शनार्थी परिवार और मंदिर कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प होती दिखाई दे रही है।

हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने इसे बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

बच्चे को भीड़ से बाहर निकालकर बैठाया गया

मंदिर प्रशासक केके पाठक के मुताबिक, दर्शनार्थी परिवार की एक महिला करीब 4 से 6 महीने के बच्चे के साथ सामान्य दर्शन की लाइन में लगी थी। भीड़ अधिक होने के कारण बच्चा घबराने लगा।

बच्चे की स्थिति देखकर मंदिर के एक जवान ने उसे गोद में लिया और महिला को लाइन से बाहर निकाल दिया। इसके बाद महिला को पास में बनी सीमेंट की बेंच पर बैठकर बच्चे को दूध पिलाने के लिए जगह दी गई।

VIP गेट पर रसीद को लेकर हुई कहासुनी

इसी दौरान महिला का पति अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर VIP गेट से दर्शन के लिए जाने लगा। गेट पर मौजूद मंदिर कर्मचारी ने उन्हें रोककर VIP दर्शन के लिए निर्धारित 100 रुपए प्रति व्यक्ति की रसीद के बारे में बताया।

इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच झड़प हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया है।

मंदिर प्रशासन ने गलतफहमी बताया कारण

मंदिर प्रशासक केके पाठक ने बताया कि संभवत: गलतफहमी के कारण यह विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि मंदिर एक सार्वजनिक स्थान है और ऐसी छोटी घटनाएं कभी-कभी हो जाती हैं।

प्रशासन के अनुसार, बाद में दोनों पक्षों को समझाया गया और दर्शनार्थी परिवार को आराम से दर्शन कराए गए। परिवार भी संतुष्ट होकर मंदिर से रवाना हुआ।

दोनों पक्षों ने नहीं की पुलिस शिकायत

मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया। किसी भी पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं की है।

मंदिर प्रशासन ने भी घटना को बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में VIP गेट से एंट्री को लेकर विवाद, परिवार और कर्मचारी के बीच हुई झड़प

उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में सोमवार दोपहर VIP गेट से दर्शन को लेकर एक दर्शनार्थी परिवार और मंदिर कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प होती दिखाई दे रही है। हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने इसे बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बच्चे को भीड़ से बाहर निकालकर बैठाया गया मंदिर प्रशासक केके पाठक के मुताबिक, दर्शनार्थी परिवार की एक महिला करीब 4 से 6 महीने के बच्चे के साथ सामान्य दर्शन की लाइन में लगी थी। भीड़ अधिक होने के कारण बच्चा घबराने लगा। बच्चे की स्थिति देखकर मंदिर के एक जवान ने उसे गोद में लिया और महिला को लाइन से बाहर निकाल दिया। इसके बाद महिला को पास में बनी सीमेंट की बेंच पर बैठकर बच्चे को दूध पिलाने के लिए जगह दी गई। VIP गेट पर रसीद को लेकर हुई कहासुनी इसी दौरान महिला का पति अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर VIP गेट से दर्शन के लिए जाने लगा। गेट पर मौजूद मंदिर कर्मचारी ने उन्हें रोककर VIP दर्शन के लिए निर्धारित 100 रुपए प्रति व्यक्ति की रसीद के बारे में बताया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच झड़प हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया है। मंदिर प्रशासन ने गलतफहमी बताया कारण मंदिर प्रशासक केके पाठक ने बताया कि संभवत: गलतफहमी के कारण यह विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि मंदिर एक सार्वजनिक स्थान है और ऐसी छोटी घटनाएं कभी-कभी हो जाती हैं। प्रशासन के अनुसार, बाद में दोनों पक्षों को समझाया गया और दर्शनार्थी परिवार को आराम से दर्शन कराए गए। परिवार भी संतुष्ट होकर मंदिर से रवाना हुआ। दोनों पक्षों ने नहीं की पुलिस शिकायत मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया। किसी भी पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं की है। मंदिर प्रशासन ने भी घटना को बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है।

पटना में गणेश चतुर्थी की धूम, मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर सजा पंडाल; गणपति को पहनाया 55 लाख का मुकुट

पटना में गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र मंडल की ओर से इस बार भी भव्य गणेशोत्सव का आयोजन किया गया है। मंडल परिसर में इस बार मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल में मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमा स्थापित की गई है। करीब साढ़े 5 फीट ऊंची यह प्रतिमा मुंबई से पटना लाई गई है। भगवान गणेश को हीरा, पन्ना और माणिक जड़ित करीब 55 लाख रुपए का सोने का मुकुट पहनाया गया है। पगड़ी पहनकर पूजा में पहुंचे राज्यपाल गणेश पूजा में राज्यपाल सैयद अता हसनैन भी शामिल हुए। वे पंडाल में सिर पर पगड़ी पहनकर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी गणपति पूजा में शामिल होने की जानकारी दी गई है। 10 दिनों तक चलेगा गणेशोत्सव आचार्य राकेश झा के अनुसार, चतुर्थी तिथि आज सुबह 7:28 बजे के बाद शुरू हुई। इसके चलते कई श्रद्धालु आज गणेश चतुर्थी मना रहे हैं, जबकि उदयातिथि को मानने वाले कुछ श्रद्धालु 15 सितंबर को पूजा करेंगे। गणेशोत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक यानी 10 दिनों तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मिट्टी की प्रतिमा को बताया सबसे शुभ ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मिट्टी से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा पूजा के लिए सबसे शुभ और उत्तम मानी जाती है। मिट्टी की प्रतिमा में पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश यानी पंचतत्वों का समावेश माना जाता है। उन्होंने बताया कि मिट्टी की प्रतिमाएं विसर्जन के दौरान पानी में आसानी से घुल जाती हैं, जिससे पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है। 12 कारीगरों ने एक महीने में तैयार किया पंडाल महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोंसले के मुताबिक, पंडाल तैयार करने के लिए मुंबई से 12 कारीगर पटना आए थे। करीब एक महीने की मेहनत के बाद मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल के अंदर की सजावट भी मंदिर की शैली में की गई है। वहीं, गणेश प्रतिमा को साढ़ू मिट्टी से तैयार किया गया है। 501 मोदक का लगाया जाएगा भोग गणपति स्थापना के लिए महाराष्ट्र के सांगली से प्रशांत जागीरदार के नेतृत्व में पांच पंडित पटना पहुंचेंगे। इनके द्वारा 14 सितंबर को विधि-विधान से गणपति की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी। पहले दिन भगवान गणेश को 501 मोदक का भोग लगाया जाएगा। कोलकाता की लाइटिंग और नासिक का झांझ पथक बनेगा आकर्षण गणेशोत्सव के दौरान कोलकाता के चंदन नगर की विशेष लाइटिंग आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा बंगाल के फूलों से पंडाल और परिसर की सजावट की गई है। 20 सितंबर को सुबह 11 बजे से महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद गणपति विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। विसर्जन जुलूस में नासिक से आने वाली 60 सदस्यीय झांझ पथक टीम भी शामिल होगी। इसमें 20 लड़कियां और 40 लड़के होंगे, जो पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ करतब प्रस्तुत करेंगे। इससे विसर्जन जुलूस में खास आकर्षण देखने को मिलेगा।

भोपाल के 3 बड़े होटल-रेस्टोरेंट में खाद्य विभाग की जांच, काली फ्राइंग कढ़ाई और खुले डस्टबिन मिले

भोपाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को तीन बड़े होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। टीम ने होटल रंजीत लेक व्यू, बापू की कुटिया और सागर गैरे रेस्टोरेंट की किचन और स्टोरेज व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अलग-अलग कमियां सामने आईं। टीम ने काली मिर्च और ग्रेवी समेत खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। रंजीत लेक व्यू में काली फ्राइंग कढ़ाई और खुला डस्टबिन होटल रंजीत लेक व्यू में सफाई व्यवस्था सामान्य रूप से उचित पाई गई। यहां काम करने वाले कर्मचारी टोपी और एप्रन पहने हुए थे। हालांकि, निरीक्षण के दौरान डस्टबिन खुले मिले। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम भी उचित नहीं पाया गया और फ्राइंग कढ़ाई काली मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने होटल संचालक को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। बापू की कुटिया में लाइसेंस और मेडिकल रिकॉर्ड नहीं मिले बापू की कुटिया के निरीक्षण के दौरान FSSAI लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं पाया गया। वर्करों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा NABL मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट और पानी की टंकी की सफाई से संबंधित रिकॉर्ड भी टीम को नहीं मिले। टीम ने यहां से घी और लाल रंग वाली ग्रेवी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। सागर गैरे के किचन में मिली कई खामियां माता मंदिर के पास स्थित सागर गैरे रेस्टोरेंट का किचन सड़क की ओर से खुला मिला। यहां भी कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाए गए। डस्टबिन भी खुली अवस्था में मिली। भंडारण कक्ष में लीकेज पाया गया, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की संभावना सामने आई। कोल्ड स्टोरेज में भी खाद्य पदार्थों का व्यवस्थित तरीके से भंडारण नहीं मिला और कुछ खाद्य सामग्री खुले में रखी हुई थी। निरीक्षण के दौरान पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा मिसब्रांडेड पैकिंग वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण मिला। काली मिर्च में पपीते के बीज मिलने की आशंका निरीक्षण के दौरान काली मिर्च में मिलावट की आशंका होने पर मौके पर डेमोंसट्रेशन किया गया। इसमें काली मिर्च के साथ पपीते के बीजदिखाई दिए। इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने काली मिर्च का विधिक नमूना लिया। साथ ही मिसब्रांडेड सफेद पाउडर पैक का भी सैंपल लिया गया। हालांकि, काली मिर्च में पपीते के बीज की मिलावट की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। 26 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर प्रदेशभर में बड़े होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट, क्लब और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 26 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान केंद्रीय और राज्य लाइसेंस प्राप्त होटल-रेस्टोरेंट के किचन और स्टोर की जांच की जा रही है। फाइव स्टार और थ्री स्टार होटल, एमपी टूरिज्म के रिसॉर्ट, क्लब और अधिक भीड़ वाले खाद्य प्रतिष्ठानों को भी अभियान में शामिल किया गया है। अब तक प्रदेश में 300 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट की जांच की जा चुकी है। विभाग होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को बचे हुए भोजन को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। भोपाल से इंदौर और उज्जैन तक हुई जांच अभियान के तहत भोपाल के ताज, रेडिसन, सयाजी, जहांनुमा पैलेस, मिंटो, टोरकस और महादेव सहित कई प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट की जांच की जा चुकी है। इंदौर में मैरियट, द पार्क, रेडिसन और ग्रैंड शेरेटन समेत प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया है। उज्जैन में अनुश्री, शिप्रा सहित प्रमुख प्रतिष्ठानों की किचन और स्टोर की जांच कर सैंपल लिए गए हैं। अभियान के दूसरे चरण में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाईवे पर स्थित बड़े ढाबों एवं भोजनालयों की किचन और स्टोरेज व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।

राजस्थान के 4 नगरीय निकायों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित, EVM खराबी के चलते 10 बूथों पर 16 सितंबर को रिपोलिंग

राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान के चार नगरीय निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव स्थगित कर दिए हैं। अब 21 सितंबर को इन पदों के लिए मतदान नहीं होगा। आयोग के अनुसार, जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर तथा सुकेत नगरपालिका के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव आगामी आदेश तक टाल दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग नए सिरे से चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। EVM में तकनीकी खराबी से अटके परिणाम आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मतगणना के दौरान चारों निकायों के कुछ बूथों पर EVM में तकनीकी खराबी के कारण परिणाम जारी नहीं हो सके। इसके चलते संबंधित नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम पूरी तरह घोषित नहीं हो पाए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव निर्धारित तारीख पर कराना संभव नहीं है। इसी वजह से नगर निगम जयपुर, जोधपुर, कोटा और नगरपालिका सुकेत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित किए गए हैं। 10 बूथों पर 16 सितंबर को होगी रिपोलिंग राज्य निर्वाचन आयोग ने चारों निकायों के कुल 10 बूथों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान (रिपोलिंग) कराने के आदेश दिए हैं। इन बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना कराई जाएगी। जयपुर के 5 बूथों पर दोबारा मतदान जयपुर नगर निगम के पांच बूथों पर रिपोलिंग होगी। इनमें शामिल हैं: जोधपुर, कोटा और सुकेत में भी रिपोलिंग जोधपुर नगर निगम के वार्ड-50 के बूथ संख्या 338 पर दोबारा मतदान होगा। कोटा नगर निगम के तीन बूथों पर रिपोलिंग कराई जाएगी। इनमें वार्ड-87 का बूथ 99, वार्ड-44 का बूथ 448 और वार्ड-11 का बूथ 576 शामिल है। वहीं, सुकेत नगरपालिका के वार्ड-4 के बूथ संख्या 5 पर भी 16 सितंबर को पुनर्मतदान होगा। नए सिरे से जारी होगा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव कार्यक्रम रिपोलिंग के बाद 17 सितंबर को मतगणना पूरी होने और सभी परिणाम घोषित होने के बाद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य निर्वाचन आयोग इसके लिए नया चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा।

CGPSC पेपर लीक मामले में पूर्व CM के OSD रहे चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, ED जांच में 66.64 लाख के कैश ट्रांजेक्शन का खुलासा

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) राज्य सेवा परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD रहे चेतन बोरघरिया को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। ED की जांच में उनके बैंक खाते में 170 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 66.64 लाख रुपए नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच भी कई वित्तीय लेन-देन पाए गए हैं। ED ने डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की है। परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को मिला था कथित लीक पेपर ED के मुताबिक, CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। जांच में सामने आया कि प्रिलिम्स परीक्षा से पहले रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र बांटे गए। इसके बाद अभ्यर्थियों को बरनवापारा अभयारण्य के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया, जहां कथित तौर पर मुख्य परीक्षा के लीक प्रश्नपत्र के आधार पर उन्हें तैयारी कराई गई। 3 करोड़ से ज्यादा की रकम जुटाने का आरोप ED की जांच के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 के अलग-अलग अभ्यर्थियों से कथित तौर पर 3 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध रकम जुटाई। आरोप है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले उपलब्ध कराने और चयन कराने का भरोसा दिया गया था। इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में अपने कथित संपर्क और प्रभाव का इस्तेमाल करने की बात कही गई। जांच एजेंसी के अनुसार, इन आश्वासनों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD रहे चेतन बोरघरिया के नाम और उनके आधिकारिक पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में सामने आई बातचीत ED ने जब्त डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच के दौरान चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत मिलने की बात कही है। एजेंसी के अनुसार, बातचीत में वित्तीय लेन-देन के अलावा रकम लौटाने और भुगतान की मांग से संबंधित चर्चाएं भी शामिल थीं। जांच में M/s Figurecave E-Com (OPC) Private Limited से जुड़े कई वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं। ED को संदेह है कि इस कंपनी का इस्तेमाल रकम को अलग-अलग स्तर पर ट्रांसफर करने और फंड की लेयरिंग के लिए किया गया। PMLA के तहत हुई गिरफ्तारी ED के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग लेन-देन और PMLA के तहत दर्ज बयानों से चेतन बोरघरिया की कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम से जुड़े लेन-देन में संलिप्तता के संकेत मिले। एजेंसी के मुताबिक, इसमें रकम हासिल करना, अपने कब्जे में रखना, छिपाना और उसका इस्तेमाल करना शामिल है। इन आधारों पर चेतन बोरघरिया को 11 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। ED के अनुसार, चेतन बोरघरिया वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। क्या है CGPSC घोटाला? CGPSC से जुड़ा यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। आरोप है कि परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रभाव वाले परिवारों से जुड़े अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। मामले में डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य राजपत्रित पदों पर चयन को लेकर भी सवाल उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच के दौरान एजेंसी ने विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई कर दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं।

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