उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में सोमवार दोपहर VIP गेट से दर्शन को लेकर एक दर्शनार्थी परिवार और मंदिर कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प होती दिखाई दे रही है।
हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने इसे बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
बच्चे को भीड़ से बाहर निकालकर बैठाया गया
मंदिर प्रशासक केके पाठक के मुताबिक, दर्शनार्थी परिवार की एक महिला करीब 4 से 6 महीने के बच्चे के साथ सामान्य दर्शन की लाइन में लगी थी। भीड़ अधिक होने के कारण बच्चा घबराने लगा।
बच्चे की स्थिति देखकर मंदिर के एक जवान ने उसे गोद में लिया और महिला को लाइन से बाहर निकाल दिया। इसके बाद महिला को पास में बनी सीमेंट की बेंच पर बैठकर बच्चे को दूध पिलाने के लिए जगह दी गई।
VIP गेट पर रसीद को लेकर हुई कहासुनी
इसी दौरान महिला का पति अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर VIP गेट से दर्शन के लिए जाने लगा। गेट पर मौजूद मंदिर कर्मचारी ने उन्हें रोककर VIP दर्शन के लिए निर्धारित 100 रुपए प्रति व्यक्ति की रसीद के बारे में बताया।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच झड़प हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया है।
मंदिर प्रशासन ने गलतफहमी बताया कारण
मंदिर प्रशासक केके पाठक ने बताया कि संभवत: गलतफहमी के कारण यह विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि मंदिर एक सार्वजनिक स्थान है और ऐसी छोटी घटनाएं कभी-कभी हो जाती हैं।
प्रशासन के अनुसार, बाद में दोनों पक्षों को समझाया गया और दर्शनार्थी परिवार को आराम से दर्शन कराए गए। परिवार भी संतुष्ट होकर मंदिर से रवाना हुआ।
दोनों पक्षों ने नहीं की पुलिस शिकायत
मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया। किसी भी पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं की है।
मंदिर प्रशासन ने भी घटना को बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है।


