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Kuldeep Yadav

Kuldeep Yadav Reception Lucknow कुलदीप के ग्रैंड इवेंट में 900 मेहमान, Kohli-Dhoni की एंट्री की चर्चा

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर Kuldeep Yadav इन दिनों अपनी शादी के बाद जश्न के माहौल में हैं। मसूरी में निजी समारोह के बाद अब लखनऊ में उनका भव्य रिसेप्शन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्रिकेट और वीवीआईपी हस्तियों से सजा एक बड़ा आयोजन माना जा रहा है। Mussoorie Wedding के बाद Lucknow में Grand Celebration 14 मार्च को Kuldeep Yadav ने Mussoorie में अपनी बचपन की दोस्त वंशिका चड्ढा के साथ सात फेरे लिए। शादी अपेक्षाकृत निजी माहौल में हुई, जिसमें परिवार और करीबी लोग शामिल हुए। अब 17 मार्च को Lucknow में होने वाला रिसेप्शन काफी भव्य होने जा रहा है, जहां सजावट से लेकर मेहमानों की लिस्ट तक हर चीज़ खास बनाई गई है। 900 Guests Expected: Cricket, Politics और Bollywood का संगम रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रिसेप्शन में करीब 900 मेहमानों के पहुंचने की संभावना है।इनमें शामिल हो सकते हैं: यह आयोजन एक तरह से अलग-अलग क्षेत्रों की बड़ी हस्तियों का संगम बन सकता है। VVIP Entry के लिए Chartered Planes की तैयारी इवेंट की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वीवीआईपी मेहमानों के लिए चार चार्टर्ड प्लेन तक की व्यवस्था की चर्चा है। इससे साफ है कि मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। Kohli, Dhoni और Jay Shah के आने की चर्चा तेज क्रिकेट फैंस के लिए सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस रिसेप्शन में कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। जिनमें चर्चा हो रही है: हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन दिग्गजों की मौजूदगी से कार्यक्रम और भी खास बन सकता है। Security और Management भी High Level पर इतने बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। होटल परिसर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहने की संभावना है, ताकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajya Sabh

Rajya Sabha Election 2026 हरियाणा में High Drama, Cross Voting से NDA को बड़ा फायदा

हरियाणा में देर रात तक हंगामा देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुए राज्यसभा (Rajya Sabha) चुनावों ने कई ऐसे मोड़ दिखाए, जिन्होंने न सिर्फ नतीजों को प्रभावित किया बल्कि राजनीतिक समीकरण भी बदल दिए। खासकर हरियाणा में मतदान के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। मतदान के दौरान आरोप लगे कि कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर वोट दिया। जैसे-जैसे यह खबर फैली, राजनीतिक माहौल गरमाता गया और देर रात तक हंगामा चलता रहा। ओडिशा में भी दिखा Cross Voting का असर सिर्फ हरियाणा ही नहीं, ओडिशा में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। यहां भी क्रॉस वोटिंग की खबरों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। बताया जा रहा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ विधायकों ने पार्टी के खिलाफ जाकर वोट किया, जिससे चुनावी गणित पूरी तरह बदल गया। NDA को मिला सीधा फायदा इन घटनाओं का सबसे बड़ा फायदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को हुआ। NDA ने 37 सीटों में से 22 सीटों पर जीत हासिल की, जो उसके लिए एक बड़ी राजनीतिक बढ़त मानी जा रही है। क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार? विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम केवल एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि इसका असर संसद की कार्यप्रणाली पर भी पड़ेगा। राज्यसभा में मजबूत संख्या होने से सरकार के लिए महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराना आसान हो सकता है। कांग्रेस के सामने नई चुनौती दूसरी ओर, क्रॉस वोटिंग की घटनाओं ने कांग्रेस के अंदर अनुशासन और एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह संकेत है कि पार्टी को अपने आंतरिक ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

LPG Mega ‘नंदा देवी’ लेकर आई 47K Ton Gas देश में राहत की लहर

देशभर के करोड़ों घरों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जहाज “नंदा देवी” करीब 47 हजार टन LPG (Liquefied Petroleum Gas) लेकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच चुका है। ऐसे समय में जब घरेलू गैस की मांग लगातार बनी हुई है, यह सप्लाई लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आम आदमी को क्या फायदा होगा? रसोई गैस आज हर घर की जरूरत बन चुकी है। इस बड़ी खेप के आने से उम्मीद है कि: गांव हो या शहर, हर परिवार चाहता है कि उसे समय पर गैस मिले — और यही इस खबर को खास बनाता है। क्यों अहम है यह डिलीवरी? भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। ऐसे में “नंदा देवी” जैसे जहाजों के जरिए आने वाली सप्लाई देश की energy security को मजबूत बनाती है।यह न सिर्फ मौजूदा मांग को पूरा करने में मदद करती है, बल्कि भविष्य में किसी कमी की आशंका को भी कम करती है। सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की बड़ी खेप से लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी फायदा होता है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में गैस की सप्लाई सुचारु रूप से बनी रहती है। एक भरोसे की कहानी “नंदा देवी” सिर्फ एक जहाज नहीं, बल्कि उन करोड़ों रसोइयों की उम्मीद है जहां रोज खाना बनता है। जब गैस समय पर मिलती है, तो सिर्फ चूल्हा ही नहीं जलता — घरों में सुकून भी आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Israel का तेहरान पर एयरस्ट्राइक, LPG और कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे दो जहाज

Israel का तेहरान पर एयरस्ट्राइक, LPG और कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे दो जहाज

ताजा खबर के मुताबिक Israel ने ईरान की राजधानी तेहरान पर एयरस्ट्राइक की है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। सूत्रों के अनुसार, इजराइल ने कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, इस हमले में हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस बीच भारत के लिए राहत की खबर भी है। आज LPG और कच्चा तेल लेकर दो जहाज भारत पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, यह भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इजराइल-ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों पर भी देखने को मिल सकता है। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वॉरशिप भेजने से किया इनकार, ट्रंप ने मांगी थी मदद

Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वॉरशिप भेजने से किया इनकार, ट्रंप ने मांगी थी मदद

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने वॉरशिप भेजने से इनकार कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए उन देशों से सहयोग मांगा था, जो इस रास्ते का इस्तेमाल तेल के परिवहन के लिए करते हैं। क्यों मांगी गई थी मदद होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण अमेरिका ने इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन बनाने का प्रस्ताव दिया था। डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि जो देश इस रास्ते से तेल ले जाते हैं, उन्हें भी इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। जापान का रुख जापान सरकार ने साफ कहा कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले इस मिशन में वॉरशिप नहीं भेजेगा।जापान का मानना है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधि बढ़ाने की बजाय कूटनीतिक बातचीत और शांति बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। जापान अपनी तेल जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर काफी निर्भर है, लेकिन वह अमेरिका और ईरान दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है। ऑस्ट्रेलिया की भी सतर्कता ऑस्ट्रेलिया ने भी फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने से मना कर दिया है।ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील स्थिति में किसी भी सैन्य कदम पर बहुत सोच-समझकर फैसला लिया जाएगा। क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यह वैश्विक तेल व्यापार का बेहद अहम रास्ता है।दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी मार्ग से गुजरती है, इसलिए इसकी सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर अमेरिका अभी भी अपने सहयोगी देशों से इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद की उम्मीद कर रहा है।हालांकि कई देश मानते हैं कि सैन्य ताकत बढ़ाने से तनाव और बढ़ सकता है, इसलिए वे संवाद और कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajya Sabha

Rajya Sabha Election 2026 हरियाणा में Congress के 37 MLA हिमाचल से लौटे

राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha) 2026 को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। हरियाणा और बिहार में हालात ऐसे बने कि चुनाव से पहले ही राजनीतिक दलों को अपने विधायकों को संभालकर रखना पड़ा। हरियाणा में कांग्रेस ने अपने 37 विधायकों को संभावित क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश भेज दिया था। अब मतदान से ठीक पहले सभी विधायक वापस हरियाणा लौट आए हैं। राजनीति में यह कोई नई रणनीति नहीं है, लेकिन हर चुनाव में यह चर्चा जरूर बन जाती है। आम भाषा में इसे “रिज़ॉर्ट पॉलिटिक्स” कहा जाता है, जब किसी पार्टी को अपने विधायकों के टूटने का डर होता है और उन्हें एक साथ सुरक्षित जगह पर रखा जाता है। हरियाणा में क्यों बढ़ा Cross Voting का डर हरियाणा में Rajya Sabha की सीट को लेकर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक समीकरण ऐसे हैं कि अगर कुछ विधायक पार्टी लाइन से अलग वोट दे देते हैं, तो नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं। यही वजह रही कि कांग्रेस ने अपने सभी 37 विधायकों को कुछ दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश के एक होटल में ठहराया। पार्टी का मकसद साफ था—कोई भी विधायक दूसरी पार्टी के संपर्क में न आए और सभी एकजुट होकर वोट डालें। मतदान से पहले सभी विधायक वापस हरियाणा पहुंच गए हैं और अब पार्टी को उम्मीद है कि सभी विधायक पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। बिहार में कांग्रेस के दो विधायक नहीं पहुंचे वोट डालने उधर बिहार में भी राज्यसभा चुनाव के दौरान एक अलग ही स्थिति देखने को मिली। कांग्रेस के दो विधायक मतदान के समय मौजूद नहीं थे। खबरें यह भी सामने आईं कि उनके फोन बंद थे और पार्टी नेतृत्व उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा था। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह मामला क्रॉस वोटिंग से जुड़ा हो सकता है, जबकि कांग्रेस इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। क्यों अहम होता है राज्यसभा चुनाव में हर एक वोट Rajya Sabha Election आम चुनावों से थोड़ा अलग होता है। इसमें जनता सीधे वोट नहीं देती बल्कि विधायक अपने-अपने उम्मीदवार के लिए मतदान करते हैं। ऐसे में अगर एक भी विधायक पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट कर दे, तो चुनाव का परिणाम बदल सकता है। यही वजह है कि चुनाव से पहले कई बार राजनीतिक दल अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए खास रणनीतियां अपनाते हैं। चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल हरियाणा में कांग्रेस विधायकों को हिमाचल भेजना और बिहार में दो विधायकों का वोटिंग से दूर रहना—इन दोनों घटनाओं ने राज्यसभा चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मतदान के बाद किस पार्टी को कितना फायदा मिलता है। राजनीति के जानकार मानते हैं कि राज्यसभा चुनाव भले ही सीधे जनता के वोट से न होते हों, लेकिन इसके नतीजे देश की बड़ी राजनीतिक तस्वीर को जरूर प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि छोटे-छोटे घटनाक्रम भी बड़ी खबर बन जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dubai

Drone Attack Near Dubai Airport फ्यूल टैंक में आग, Trump ने NATO से Hormuz Strait पर मदद मांगी

Dubai एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, इलाके में मचा हड़कंप मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुबई से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। Dubai इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक फ्यूल टैंक पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद इलाके में आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और एहतियात के तौर पर कई उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया। धमाके के बाद यात्रियों में बढ़ी चिंता, कई उड़ानें बदलीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद एयरपोर्ट के आसपास कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ उड़ानों को रोका गया, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। बाद में दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। फ्यूल स्टोरेज टैंक को बनाया गया निशाना प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, हमला एयरपोर्ट के पास स्थित ईंधन भंडारण टैंक को निशाना बनाकर किया गया था। हालांकि इस घटना में किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए जांच में जुट गई हैं। मध्य-पूर्व में पहले से बढ़ा हुआ है तनाव यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे मध्य-पूर्व में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। Trump का NATO को संदेश, Hormuz Strait को लेकर चिंता इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस क्षेत्र की स्थिति पर बयान दिया है। ट्रम्प ने NATO देशों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को खुला रखने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सहयोगी देश इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद नहीं करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर यहां तनाव बढ़ता है या समुद्री मार्ग प्रभावित होता है, तो इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर मध्य-पूर्व की स्थिति पर Dubai एयरपोर्ट के पास हुए इस ड्रोन हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने वाला है। फिलहाल दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम और आने वाले दिनों में होने वाले संभावित फैसलों पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Odisha

Odisha Hospital Fire कटक के SCB अस्पताल में लगी आग कई मरीजों को नहीं मिल सका बचने का मौका

ओडिशा (Odisha) के कटक शहर से सोमवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। कटक स्थित SCB Medical College and Hospital में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में 10 मरीजों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। अस्पताल के 11 कर्मचारी मरीजों को बचाने की कोशिश में झुलस गए। ICU वार्ड से शुरू हुई आग बताया जा रहा है कि आग अस्पताल के ट्रॉमा-केयर ICU वार्ड में लगी। उस समय वहां कई गंभीर मरीज भर्ती थे। अचानक धुआँ फैलने लगा और कुछ ही मिनटों में हालात बिगड़ गए। डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की, लेकिन कई मरीज आग और धुएं की चपेट में आ गए। बचाव के दौरान मची अफरा-तफरी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 7 मरीजों की मौत ICU के अंदर ही हो गई, जबकि 3 अन्य मरीजों ने दम तब तोड़ दिया जब उन्हें जल्दी-जल्दी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। इस घटना ने पूरे अस्पताल परिसर को शोक और तनाव में डाल दिया। दमकल और डॉक्टरों ने मिलकर संभाली स्थिति आग लगने की खबर मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी लगातार मरीजों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुटे रहे। कई मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों और नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। आग लगने की वजह क्या थी प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान इस दुखद घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ICU जैसे संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि यहां भर्ती मरीज अक्सर खुद से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं होते। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मरीजों के इलाज की व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जिनका दर्द शायद कभी कम नहीं होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नीतीश

CM नीतीश के कार्यक्रम से पहले हेलीपैड पर हंगामा बैल ने पुलिसवालों को दौड़ाया

बेगूसराय में CM के दौरे से पहले हुई अजीब घटना बिहार के बेगूसराय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे से पहले एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने कुछ देर के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मुख्यमंत्री की “समृद्धि यात्रा” के दौरान बनाए गए हेलीपैड क्षेत्र में अचानक एक बैल घुस आया। देखते ही देखते वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Helipad पर कड़ी सुरक्षा के बावजूद पहुंच गया बैल दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए प्रशासन ने हेलीपैड पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस बल तैनात था और बैरिकेडिंग भी की गई थी। लेकिन इसी बीच अचानक एक बैल सुरक्षा घेरा पार करते हुए सीधे हेलीपैड तक पहुंच गया। किसी को समझ में नहीं आया कि वह वहां तक कैसे पहुंच गया। बैल को देखकर पुलिसकर्मियों में मची भगदड़ बैल के अचानक सामने आ जाने से मौके पर तैनात पुलिसकर्मी घबरा गए। कुछ पुलिसकर्मियों को बैल ने दौड़ा भी लिया। स्थिति ऐसी बन गई कि अपनी जान बचाने के लिए कई पुलिसकर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ पुलिसकर्मी पास खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए, जबकि कुछ लोग ऊंची जगहों पर जाकर खड़े हो गए। कुछ देर बाद सामान्य हुई स्थिति इस घटना को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका हलचल से भर गया। हालांकि बाद में सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से बैल को किसी तरह हेलीपैड से बाहर भगाया गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। समृद्धि यात्रा के तहत बेगूसराय पहुंचे थे CM मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस दिन अपनी “समृद्धि यात्रा” के तहत बेगूसराय पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान वे विभिन्न विकास योजनाओं का जायजा ले रहे हैं और कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी कर रहे हैं। कार्यक्रम से पहले हुई इस घटना ने प्रशासन को थोड़ी देर के लिए असहज जरूर कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना के बाद लोगों के बीच इस बात की चर्चा होने लगी कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हेलीपैड जैसे संवेदनशील इलाके में एक जानवर का पहुंच जाना कैसे संभव हो गया। कई लोगों ने इसे सुरक्षा में चूक बताया, तो कुछ लोगों ने इसे एक अजीब लेकिन मजेदार घटना के रूप में भी लिया। इस पूरी घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग अलग-अलग अंदाज में इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी को कोई चोट नहीं आई और कार्यक्रम बाद में तय समय के अनुसार आगे बढ़ा। बेगूसराय में हुई यह घटना भले ही कुछ मिनटों की रही हो, लेकिन इसने यह जरूर याद दिला दिया कि वीवीआईपी कार्यक्रमों में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी चर्चा का कारण बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk Release सरकार ने हटाया NSA, Leh हिंसा मामले में 170 दिन से थे जेल में

लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया National Security Act (NSA) वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद वे करीब 170 दिन बाद राजस्थान की जोधपुर जेल से रिहा हो सकेंगे। यह खबर सामने आते ही लद्दाख और देश के कई हिस्सों में उनके समर्थकों और छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग की जा रही थी। Leh Protest के बाद हुई थी गिरफ्तारी दरअसल, सितंबर 2025 में Leh में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारी लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए और कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कड़े कदम उठाए। इसी दौरान सोनम वांगचुक को भी हिरासत में लेकर NSA के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। Ladakh से सीधे Jodhpur Jail भेजे गए गिरफ्तारी के बाद उन्हें Ladakh से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया और Jodhpur की जेल में रखा गया। करीब पांच महीने से अधिक समय तक वे वहीं हिरासत में रहे। इस दौरान उनके समर्थन में कई सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आवाज उठाई। सरकार ने क्यों हटाया NSA हाल ही में मामले की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने फैसला लिया कि सोनम वांगचुक पर लगाया गया NSA अब जारी रखने की जरूरत नहीं है। इसके बाद आदेश जारी कर दिया गया और उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जल्द ही जोधपुर जेल से रिहा कर दिया जाएगा। NSA क्या होता है राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) एक ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए एहतियातन हिरासत में रख सकती है, यदि उसकी गतिविधियां देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा मानी जाएं। इस कानून के तहत अधिकतम 12 महीने तक हिरासत संभव होती है। कौन हैं Sonam Wangchuk Sonam Wangchuk लद्दाख के मशहूर इनोवेटर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए कई प्रयोग किए और SECMOL जैसे संस्थान की स्थापना की। उनका काम सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्रों के संरक्षण के मुद्दों पर भी लगातार आवाज उठाते रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बॉलीवुड फिल्म 3 Idiots का लोकप्रिय किरदार फुन्सुख वांगड़ू काफी हद तक उनके जीवन और विचारों से प्रेरित माना जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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