राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha) 2026 को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। हरियाणा और बिहार में हालात ऐसे बने कि चुनाव से पहले ही राजनीतिक दलों को अपने विधायकों को संभालकर रखना पड़ा। हरियाणा में कांग्रेस ने अपने 37 विधायकों को संभावित क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश भेज दिया था। अब मतदान से ठीक पहले सभी विधायक वापस हरियाणा लौट आए हैं।
राजनीति में यह कोई नई रणनीति नहीं है, लेकिन हर चुनाव में यह चर्चा जरूर बन जाती है। आम भाषा में इसे “रिज़ॉर्ट पॉलिटिक्स” कहा जाता है, जब किसी पार्टी को अपने विधायकों के टूटने का डर होता है और उन्हें एक साथ सुरक्षित जगह पर रखा जाता है।
हरियाणा में क्यों बढ़ा Cross Voting का डर
हरियाणा में Rajya Sabha की सीट को लेकर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक समीकरण ऐसे हैं कि अगर कुछ विधायक पार्टी लाइन से अलग वोट दे देते हैं, तो नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं। यही वजह रही कि कांग्रेस ने अपने सभी 37 विधायकों को कुछ दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश के एक होटल में ठहराया।
पार्टी का मकसद साफ था—कोई भी विधायक दूसरी पार्टी के संपर्क में न आए और सभी एकजुट होकर वोट डालें। मतदान से पहले सभी विधायक वापस हरियाणा पहुंच गए हैं और अब पार्टी को उम्मीद है कि सभी विधायक पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे।
बिहार में कांग्रेस के दो विधायक नहीं पहुंचे वोट डालने
उधर बिहार में भी राज्यसभा चुनाव के दौरान एक अलग ही स्थिति देखने को मिली। कांग्रेस के दो विधायक मतदान के समय मौजूद नहीं थे। खबरें यह भी सामने आईं कि उनके फोन बंद थे और पार्टी नेतृत्व उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा था।
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह मामला क्रॉस वोटिंग से जुड़ा हो सकता है, जबकि कांग्रेस इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
क्यों अहम होता है राज्यसभा चुनाव में हर एक वोट
Rajya Sabha Election आम चुनावों से थोड़ा अलग होता है। इसमें जनता सीधे वोट नहीं देती बल्कि विधायक अपने-अपने उम्मीदवार के लिए मतदान करते हैं। ऐसे में अगर एक भी विधायक पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट कर दे, तो चुनाव का परिणाम बदल सकता है।
यही वजह है कि चुनाव से पहले कई बार राजनीतिक दल अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए खास रणनीतियां अपनाते हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
हरियाणा में कांग्रेस विधायकों को हिमाचल भेजना और बिहार में दो विधायकों का वोटिंग से दूर रहना—इन दोनों घटनाओं ने राज्यसभा चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मतदान के बाद किस पार्टी को कितना फायदा मिलता है।
राजनीति के जानकार मानते हैं कि राज्यसभा चुनाव भले ही सीधे जनता के वोट से न होते हों, लेकिन इसके नतीजे देश की बड़ी राजनीतिक तस्वीर को जरूर प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि छोटे-छोटे घटनाक्रम भी बड़ी खबर बन जाते हैं।
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