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आंधी

Mausam News: आंधी-बिजली से तबाही, UP-Bihar में मौतों का आंकड़ा 31 कई राज्यों में अलर्ट जारी

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक खतरनाक मोड़ ले लिया है। तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने कई राज्यों में तबाही मचा दी है। सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और बिहार में देखने को मिला, जहां बीते 24 घंटे के भीतर 31 लोगों की जान चली गई। यह बदलाव जितना तेज था, उतना ही खतरनाक भी साबित हुआ। UP-Bihar Weather: बिजली गिरने से सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का कहर लोगों पर भारी पड़ा। ज्यादातर मौतें बिजली गिरने की वजह से हुईं। कई लोग खेतों में काम कर रहे थे या खुले इलाकों में मौजूद थे, जहां अचानक मौसम बिगड़ने से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। गांवों में इस घटना के बाद डर का माहौल है, और प्रशासन लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। Haryana Storm: 15 हजार पेड़ उखड़े, जनजीवन प्रभावित हरियाणा में तेज तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। पूरे राज्य में करीब 15 हजार पेड़ उखड़ गए, जिससे कई सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। इतना ही नहीं, बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रही। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार सड़कों को साफ करने और व्यवस्था बहाल करने में लगी हुई हैं। Rajasthan Weather: गर्मी से राहत, 8°C तक गिरा तापमान राजस्थान में इस मौसम बदलाव का एक अलग ही असर देखने को मिला। आंधी और बारिश के बाद तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। जहां कुछ दिन पहले तक लोग तेज गर्मी से परेशान थे, वहीं अब मौसम थोड़ा सुहावना हो गया है। हालांकि अचानक बदलाव से सेहत पर असर पड़ने की भी आशंका बनी हुई है। IMD Alert: अगले कुछ दिन रह सकते हैं भारी मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं जारी रह सकती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hantavirus

Hantavirus vs Flu: कितना खतरनाक है ये Virus, क्या हैं इसके Symptoms?

इन दिनों हंतावायरस को लेकर खबरें तेज़ हैं और लोगों के मन में सवाल भी—क्या यह एक नया खतरा है? क्या यह आम फ्लू से ज्यादा खतरनाक है? सच यह है कि हंतावायरस (Hantavirus) नया नहीं है, लेकिन इसके मामलों की चर्चा बढ़ने से चिंता भी बढ़ी है। अच्छी बात यह है कि सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से इससे बचाव संभव है। क्या है Hantavirus और कैसे फैलता है? Hantavirus एक ऐसा वायरस है जो सीधे इंसानों से नहीं, बल्कि चूहों (rodents) के जरिए फैलता है। जब संक्रमित चूहों का मल, पेशाब या लार सूखकर धूल में मिल जाता है, तो यह हवा के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। गांव हो या शहर—जहां लंबे समय तक बंद कमरे, गोदाम या गंदगी होती है, वहां इसका खतरा थोड़ा बढ़ जाता है। खासकर सफाई करते वक्त लोग अनजाने में इसके संपर्क में आ जाते हैं। Flu vs Hantavirus: कितना बड़ा फर्क? आम फ्लू और हंतावायरस की तुलना करें तो फर्क साफ नजर आता है— यानी यह कम मामलों में आता है, लेकिन जोखिम ज्यादा लेकर आता है। Flu vs Hantavirus: कितना बड़ा फर्क? आम फ्लू और हंतावायरस की तुलना करें तो फर्क साफ नजर आता है— यानी यह कम मामलों में आता है, लेकिन जोखिम ज्यादा लेकर आता है। आखिर में एक जरूरी बात डरना जरूरी नहीं, समझदारी जरूरी है। हंतावायरस कोई महामारी की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है, लेकिन यह हमें साफ-सफाई और सतर्कता की अहमियत जरूर याद दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal में पहली बार भाजपा की सरकार, असम में फिर वापसी; तमिलनाडु में विजय की एंट्री

West Bengal में पहली बार भाजपा की सरकार, असम में फिर वापसी; तमिलनाडु में विजय की एंट्री

देश के कई राज्यों में हुए चुनावों के नतीजों ने इस बार सियासी तस्वीर बदल दी है। सबसे बड़ा बदलाव West Bengal में देखने को मिला, जहां पहली बार भाजपा ने सरकार बनाने में सफलता हासिल की। लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक परंपरा को तोड़ते हुए यह जीत पार्टी के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। वहीं असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक पूरी की है। यह दिखाता है कि राज्य में पार्टी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है और जनता ने एक बार फिर उसी नेतृत्व पर भरोसा जताया है। तमिलनाडु में भी इस बार राजनीति में नया चेहरा उभरकर सामने आया है। फिल्म अभिनेता विजय की पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है और अब वे मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। इससे राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। केरल की बात करें तो यहां कांग्रेस ने वापसी कर ली है। लंबे समय से सत्ता में रही लेफ्ट सरकार को इस बार हार का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही अब देश में किसी भी राज्य में लेफ्ट की सरकार नहीं बची है, जो एक बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है। इन चुनावी नतीजों से साफ है कि देश की राजनीति लगातार बदल रही है और जनता नए विकल्पों को मौका देने के लिए तैयार है। 👉 और ऐसी ही अपडेट्स के लिए विजिट करें: Deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार

ममता बनर्जी अपने गढ़ भवानीपुर में बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 15113 वोट से हरा कर बढ़ा उलट फेर किया ध्यान रहे शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से भी जीते
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Mamta

Bengal Election 2026 में बदला खेल, Muslim बहुल सीटों पर भी BJP की बढ़त

West Bengal Election 2026 में Muslim बहुल सीटों पर भी बदलते रुझान, BJP की बढ़त से Mamata Banerjee को कड़ी चुनौती। डिजिटल डेस्क। West Bengal विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना ने सियासी तस्वीर बदल दी। शुरुआती रुझानों में BJP ने 191 सीटों पर बढ़त बनाई। मुकाबला सीधा Mamata Banerjee की TMC और BJP के बीच दिख रहा है। इस बार सबसे बड़ा बदलाव उन सीटों पर दिखा, जिन्हें लंबे समय से Muslim बहुल माना जाता रहा है। इनमें Murshidabad, Malda, Uttar Dinajpur, Basirhat, Diamond Harbour, Metiabruz, Bhangar, Jangipur जैसी सीटें शामिल हैं। इन इलाकों में अब तक TMC का मजबूत प्रभाव माना जाता रहा है। शुरुआती रुझानों में इन क्षेत्रों की कई सीटों पर BJP ने कड़ी टक्कर दी। कुछ जगहों पर बढ़त भी दर्ज की। इससे चुनावी गणित बदल गया। विश्लेषकों के अनुसार, इस बार Muslim वोट बैंक पूरी तरह एक तरफ नहीं गया। कई सीटों पर वोटिंग पैटर्न बदला हुआ नजर आया। इसका सीधा असर रिजल्ट ट्रेंड पर पड़ा। करीब 15 साल से सत्ता में रही TMC के सामने एंटी-इनकंबेंसी भी एक बड़ा कारण बनी। BJP ने स्थानीय मुद्दों और नए वोटर्स पर फोकस किया। मतगणना के दौरान Mamata Banerjee ने अपने कार्यकर्ताओं से धैर्य रखने को कहा। उन्होंने दावा किया कि अंतिम नतीजे उनके पक्ष में आएंगे। राज्य की 294 में से 293 सीटों पर मतगणना जारी है। एक सीट पर पुनर्मतदान के कारण नतीजा बाद में आएगा। ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो इस बार Bengal की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव दिख रहा है। Muslim बहुल सीटों पर बदलते रुझानों ने मुकाबले को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। अब नजर अंतिम नतीजों पर है। यही तय करेगा कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा या TMC एक बार फिर वापसी करेगी।
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BJP

Bengal Chunav Result 2026 LIVE: BJP 190 सीटों के पार, Counting के दौरान कई जगह झड़पें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना ने इस बार सियासत का पूरा मिजाज बदल दिया है। सुबह जैसे ही रुझान आने शुरू हुए, तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी—भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तेज बढ़त बनाते हुए 190 सीटों के पार पहुंचने का दावा मजबूत कर लिया, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कई सीटों पर पीछे हटना पड़ा। राज्य की जनता के फैसले ने इस बार एक अलग कहानी लिखनी शुरू कर दी है—जहां हर सीट का अपडेट लोगों की धड़कनें बढ़ा रहा है। BJP Surge: बदलती दिख रही सत्ता की तस्वीर रुझानों के मुताबिक, उत्तर बंगाल, जंगलमहल और सीमावर्ती इलाकों में बीजेपी को जबरदस्त समर्थन मिला है। कई ऐसी सीटें, जहां पहले मुकाबला कड़ा माना जा रहा था, वहां भी पार्टी बढ़त बनाए हुए है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है, जिसे बीजेपी आराम से पार करती दिख रही है। अगर यही ट्रेंड जारी रहता है, तो बंगाल में पहली बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत सरकार बन सकती है। Counting के बीच तनाव, कई जगह झड़पें चुनावी नतीजों के बीच जश्न और तनाव दोनों का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि नतीजों को लेकर उत्साह के साथ-साथ बेचैनी भी साफ महसूस हो रही है। High-Profile Seats पर कांटे की टक्कर राज्य की कई वीआईपी सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प बना हुआ है। कुछ जगहों पर शुरुआती बढ़त बदलती रही, जिससे उम्मीदवारों और समर्थकों की नजरें हर अपडेट पर टिकी रहीं। आसनसोल और बांकुरा जैसी सीटों पर बीजेपी की बढ़त की खबरें हैं, लेकिन टीएमसी भी पूरी कोशिश में है कि अंतिम नतीजों तक मुकाबला बना रहे। क्या बदलने जा रहा है बंगाल का सियासी नक्शा? अगर मौजूदा रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा। लंबे समय से सत्ता में रही टीएमसी को इस बार कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है, जबकि बीजेपी नई सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रही है। हालांकि, अंतिम परिणाम आने तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा सकती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal

Bengal Results 2026: Counting Day पर हिंसा, Asansol और Bankura में TMC-BJP Clash

Bengal विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच जहां एक ओर सियासी तस्वीर साफ होती नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर जमीन पर तनाव भी देखने को मिल रहा है। मतगणना के दौरान आसनसोल और बांकुरा से झड़प और बवाल की खबरों ने माहौल को गरमा दिया है। Asansol और Bankura में क्यों बिगड़े हालात? आसनसोल में काउंटिंग के दौरान TMC और BJP समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। गिनती केंद्र के बाहर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई।स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस और केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। वहीं, बांकुरा में भी इसी तरह का तनाव देखने को मिला, जहां सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हालात पर काबू पाया। Trends: किसकी बन रही सरकार? अगर रुझानों की बात करें तो इस बार बंगाल में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पहले भी दिख चुका है टकराव बंगाल चुनाव में हिंसा कोई नई बात नहीं रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu

Election Result 2026 Tamil Nadu: पहली बार में ही छाए Vijay, पुरानी पार्टियां हिल गईं

दक्षिण भारत की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव एक नए दौर की शुरुआत करते दिख रहे हैं। Tamil Nadu में इस बार का जनादेश परंपरागत राजनीति से हटकर कुछ नया कह रहा है। फिल्म स्टार से नेता बने थलपति विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में जबरदस्त पकड़ बनाकर सबको चौंका दिया है। Tamil Nadu Result: बदले समीकरण, नई ताकत की एंट्री इस बार के नतीजों ने साफ कर दिया कि राज्य की राजनीति अब सिर्फ दो पार्टियों के इर्द-गिर्द नहीं घूमेगी। लंबे समय से चली आ रही DMK बनाम AIADMK की राजनीति के बीच यह परिणाम एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ‘Vijay Factor’: जनता ने क्यों किया भरोसा? थलपति विजय की लोकप्रियता पहले से ही जबरदस्त रही है, लेकिन इस चुनाव में वह सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि एक विकल्प बनकर उभरे। ग्राउंड रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई जगहों पर मतदाताओं ने “नई सोच” के नाम पर वोट डाला। Congress-DMK Alliance को झटका Puducherry Result: यहां मुकाबला अलग पुडुचेरी में तस्वीर थोड़ी अलग है, लेकिन यहां भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। क्या कहता है जनादेश? इन नतीजों से कुछ बड़े संकेत मिल रहे हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बारिश

Rain Alert India: 10 राज्यों में तेज आंधी-बारिश, UP के 64 जिलों में चेतावनी

देशभर में बदला मौसम का मिजाज देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। चिलचिलाती गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब आंधी और बारिश ने राहत दी है, लेकिन इसके साथ कुछ परेशानियां भी सामने आई हैं। राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत करीब 10 राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का असर देखने को मिल रहा है। यूपी के 64 जिलों में अलर्ट सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है, जहां मौसम विभाग ने 64 जिलों में अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई। हालांकि, बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गांवों और छोटे कस्बों में लोग एहतियातन घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं। राजस्थान-बिहार में राहत के साथ परेशानी वहीं राजस्थान और बिहार में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिनभर की गर्मी के बाद शाम को आई तेज आंधी और बारिश ने लोगों को राहत दी। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली सप्लाई प्रभावित होने की खबरें भी आई हैं, जिससे आम जनजीवन कुछ समय के लिए बाधित रहा। इन राज्यों में भी दिखा असर मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी यही हाल है। कहीं हल्की फुहार तो कहीं तेज बारिश के साथ हवाएं चल रही हैं। सड़कों पर अचानक पानी भरने और ट्रैफिक धीमा पड़ने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कश्मीर में लैंडस्लाइड, सड़क बंद उधर कश्मीर में लगातार बारिश के कारण हालात थोड़ा गंभीर हो गए हैं। बारामूला-उरी रोड पर लैंडस्लाइड होने से रास्ता बंद हो गया है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन रास्ता साफ करने में जुटा है ताकि आवाजाही जल्द बहाल हो सके। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय सिस्टम के एक्टिव होने की वजह से है। आने वाले 24 से 48 घंटों तक कई राज्यों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लोगों के लिए जरूरी सलाह हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MODI

बंगाल में BJP को 205 , असम 101 सीटो पर बढ़त, Tamil Nadu में TVK 108 सीटो पर आगे

देश के पांच अहम राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी—में विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। सुबह से आ रहे रुझानों ने न सिर्फ पार्टियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, बल्कि आम लोगों के बीच भी जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है। हर अपडेट के साथ तस्वीर बदलती नजर आ रही है। बंगाल में बदलती हवा? पश्चिम बंगाल से जो शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, उन्होंने सभी को चौंका दिया है। यहां BJP बढ़त बनाकर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर मिल रही है। अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो राज्य में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन संभव हो सकता है। यही वजह है कि बंगाल इस बार चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। असम में NDA मजबूत असम में तस्वीर कुछ हद तक साफ दिखाई दे रही है। BJP के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन बढ़त बनाए हुए है और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर बढ़ रहा है। यहां मतदाताओं का रुझान स्थिर नजर आ रहा है, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए राहत की बात है। Tamil Nadu में TVK Wave तमिलनाडु इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है। फिल्म स्टार विजय की पार्टी TVK (Tamilaga Vettri Kazhagam) ने चुनावी मैदान में उतरते ही बड़ा असर दिखाया है। कई सीटों पर बढ़त के साथ TVK ने DMK और AIADMK के पारंपरिक समीकरण को हिला दिया है। राज्य में अब सीधी लड़ाई की बजाय त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसने राजनीति को पूरी तरह नया मोड़ दे दिया है। केरल में UDF की बढ़त केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन शुरुआती रुझानों में आगे चल रहा है। यहां हर बार की तरह कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, लेकिन फिलहाल UDF मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। पुडुचेरी में NDA आगे पुडुचेरी से भी NDA के लिए अच्छी खबर है। यहां गठबंधन बढ़त बनाए हुए है, जो दक्षिण भारत में BJP के विस्तार की ओर इशारा करता है। क्या कहते हैं ये रुझान? इन चुनावों के शुरुआती आंकड़े कई बड़े संकेत दे रहे हैं। पूर्व और उत्तर-पूर्व में BJP की पकड़ मजबूत होती दिख रही है, जबकि दक्षिण भारत में नई राजनीतिक ताकत के रूप में TVK उभर रही है। बंगाल में संभावित बदलाव, तमिलनाडु में नया समीकरण और असम में स्थिरता—ये तीनों मिलकर आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल पूरा देश अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहा है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, तस्वीर और साफ होती जाएगी। लेकिन इतना तय है कि इस बार के चुनाव सिर्फ सरकार बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये देश की सियासत में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत भी दे रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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