ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान Sushil Kumar को Supreme Court से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने बुधवार (13 अगस्त 2025) को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मार्च 2025 में दी गई जमानत को रद्द करते हुए उन्हें 7 दिनों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। यह फैसला Sagar Dhankhar Murder Case में आया है, जिसमें Sushil Kumar पर गवाहों को धमकाने और ट्रायल को प्रभावित करने के गंभीर आरोप हैं।
Supreme Court ने क्यों रद्द की जमानत?
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में Sagar Dhankhar के पिता Ashok Dhankhar की याचिका पर पहुंचा। याचिका में दावा किया गया कि Sushil Kumar ने जमानत पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण गवाहों को डराने और प्रभावित करने की कोशिश की। कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद्द कर दिया और तुरंत सरेंडर का निर्देश दिया।
Delhi High Court का पुराना आदेश
मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि केस की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। तीन साल में 186 में से केवल 30 गवाहों के बयान ही दर्ज हुए थे। इसी आधार पर सुशील को राहत दी गई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे पलट दिया।
Murder Case का पूरा मामला
4 मई 2021 की रात दिल्ली के Chhatrasal Stadium के पास हुई हिंसक झड़प में 23 वर्षीय Sagar Dhankhar, जो जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन रह चुके थे, की मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण गंभीर सिर की चोटें (blunt force trauma) बताया गया। इस घटना में सागर के दो दोस्त भी घायल हुए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला कथित तौर पर एक प्रॉपर्टी विवाद को लेकर हुआ था, जिसमें Sushil Kumar और उनके सहयोगियों का नाम आया।
आगे की कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सुशील कुमार को एक हफ्ते में सरेंडर करना होगा। इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत में पूछताछ और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाहों की सुरक्षा और ट्रायल की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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