मुंबई की धारावी (Dharavi ), जो एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती मानी जाती है, अब जल्द ही एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर में बदलने वाली है। Dharavi Redevelopment Project भारत का सबसे बड़ा Urban Renewal Mission है, जिसे महाराष्ट्र सरकार और अदाणी समूह के संयुक्त उपक्रम Navbharat Mega Developers Pvt. Ltd. (NMDPL) द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए का निवेश, आधुनिक आवास, ट्रांसपोर्ट हब और सभी बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि (Project Background)
Dharavi पुनर्विकास का सपना करीब 20 साल पुराना है। कई बार टेंडर जारी हुए लेकिन जमीन, कानूनी और वित्तीय अड़चनों के कारण काम शुरू नहीं हो सका। 2022 में अदाणी समूह ने 80% हिस्सेदारी और महाराष्ट्र सरकार ने 20% हिस्सेदारी के साथ Special Purpose Vehicle (SPV) बनाकर इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी।
पात्रता और पुनर्वास योजना (Eligibility & Rehabilitation)
- 1 जनवरी 2000 से पहले बसने वाले निवासी – धारावी में ही 350 sq ft का मुफ्त फ्लैट।
- 2000 से 2011 के बीच बसने वाले या किरायेदार – हायर-परचेज़ या लोन मॉडल के तहत आवास, अधिकतर को प्रोजेक्ट क्षेत्र से बाहर शिफ्ट किया जाएगा।
- वैध इमारतों में रहने वाले – फ्लैट का साइज 405 sq ft से बढ़ाकर 500 sq ft।
भूमि विभाजन और निर्माण (Land Division & Development Plan)
- 50% भूमि – पुनर्वास इकाइयों के लिए।
- 50% भूमि – बिक्री योग्य (for-sale) प्रोजेक्ट्स के लिए, जिससे प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने।
अपात्र परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास (Alternate Housing for Ineligible Families)
- 256 एकड़ सॉल्ट-पैन भूमि (मुलुंड, कांजुरमार्ग, भांडुप) में पुनर्वास कॉलोनियां।
- लगभग 16,000 अपात्र परिवारों के लिए कुर्ला डेयरी के 43 एकड़ भूमि पर आवास निर्माण।
परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर (Transport & Infrastructure)
- मेट्रो लाइन 3, 8 और 11 का इंटरचेंज स्टेशन।
- महिम और सियॉन रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास।
- बस, टैक्सी और पैदल यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी।
- 5 मिनट की पैदल दूरी में सभी आवश्यक सुविधाओं की पहुंच।
डिजाइन और समयसीमा (Design & Timeline)
- मास्टर प्लान: प्रसिद्ध आर्किटेक्ट हफीज़ कॉन्ट्रैक्टर।
- पुनर्वास इकाइयों का निर्माण: 7 साल में।
- पूरी परियोजना का समापन: 17 साल में।
- कुल निवेश: लगभग ₹3 लाख करोड़।
- पुनर्वास पर खर्च: ₹25,000 करोड़।
महत्व और फायदे (Importance & Benefits)
- झुग्गीवासियों के जीवन स्तर में सुधार।
- रोजगार, पर्यटन और रियल एस्टेट सेक्टर में नए अवसर।
- मुंबई को आधुनिक, सुव्यवस्थित और ग्लोबल सिटी के रूप में पहचान।
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