PM Modi का संदेश: एकता और साहस का प्रतीक
14 अगस्त 2025 को पूरे देश में Partition Horrors Remembrance Day यानी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस मौके पर PM Modi ने 1947 के विभाजन को भारत के इतिहास का “सबसे दर्दनाक और काला अध्याय” बताया। उन्होंने कहा कि उस समय लाखों लोग अपने घर, जमीन और पहचान से वंचित हुए, लेकिन उन्होंने अदम्य साहस और जज़्बे के साथ अपने जीवन को फिर से बसाया। पीएम मोदी ने राष्ट्र से एकता और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
अमित शाह, राजनाथ सिंह और जयशंकर के बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि विभाजन “हिंसा, शोषण और पीड़ा” का दौर था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों ने देश को टुकड़ों में बांट दिया, जिससे “मां भारती के गौरव” को ठेस पहुंची।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विभाजन को “पीड़ादायक अध्याय” कहा, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसे मानवीय और रणनीतिक दृष्टि से गहरी चोट पहुंचाने वाला ऐतिहासिक हादसा बताया।
महाराष्ट्र सरकार की पहल
महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 14 अगस्त को आधिकारिक रूप से Partition Horrors Remembrance Day घोषित किया है। राज्य के सभी स्कूलों में ज़ीरो पीरियड के दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का आदेश दिया गया है, ताकि छात्रों को विभाजन की ऐतिहासिक और मानवीय त्रासदी के बारे में जागरूक किया जा सके।
केरल में राजनीतिक विवाद
केरल में यह दिन राजनीतिक विवाद का कारण भी बना। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे इस दिन से जुड़े सेमिनार और नाट्य कार्यक्रम आयोजित करें। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने इसे “संवैधानिक दायरे का उल्लंघन” बताते हुए विरोध किया। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह “आरएसएस एजेंडा” को शैक्षणिक परिसरों में लाने की कोशिश है।
विभाजन पीड़ितों की कहानियां
- संयुक्ता भाटिया (पूर्व महापौर, लखनऊ) — उनकी मां को शिशु अवस्था में बैलगाड़ी में छिपाकर ले जाया गया था और परिवार लंबे समय तक अलग-अलग शिविरों में बिछड़ा रहा।
- के.एल. गुर्नानी (100 वर्षीय) — सिंध से बिना सामान और संपत्ति के भागना पड़ा और शून्य से जीवन शुरू करना पड़ा।
- प्रो. सोनिया नित्यनंद — उनके पिता ने लायलपुर से अपने माता-पिता को भारत लाने के लिए एक मित्र की मदद ली।
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