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निशांत कुमार

Bihar Cabinet Expansion 2026: निशांत कुमार की एंट्री से बदले सियासी समीकरण, PM मोदी भी रहे मौजूद

बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन कई बड़े संकेत छोड़ गया। राजधानी पटना में हुए सम्राट कैबिनेट विस्तार ने सिर्फ सरकार का चेहरा नहीं बदला, बल्कि आने वाले चुनावों की राजनीतिक तस्वीर भी काफी हद तक साफ कर दी। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ लेकर पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा, जिससे बिहार की सियासत अचानक नई चर्चा के केंद्र में आ गई। राजभवन में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में कुल 32 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah समेत NDA के कई बड़े नेता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन और आगामी चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। NDA ने दिखाया ताकत का बड़ा संदेश कैबिनेट विस्तार में बीजेपी और जेडीयू दोनों ने अपने-अपने नेताओं को संतुलित तरीके से जगह दी। बीजेपी कोटे से 15 और जेडीयू से 13 नेताओं को मंत्री बनाया गया, जबकि बाकी सीटें सहयोगी दलों के खाते में गईं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विस्तार सिर्फ मंत्रालय बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति भी इसका बड़ा हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पटना रोड शो भी पूरे दिन चर्चा में रहा। गांधी मैदान से लेकर कई इलाकों तक लोगों की भीड़ देखने को मिली। बीजेपी नेताओं ने इसे बिहार में NDA के मजबूत जनाधार का संकेत बताया। निशांत कुमार की एंट्री ने बढ़ाई हलचल इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा चेहरा निशांत कुमार रहे। अब तक सार्वजनिक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत को सीधे मंत्री पद देकर जेडीयू ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी अब भविष्य की नई टीम तैयार करने में जुट गई है। शपथ लेने के बाद समर्थकों ने निशांत कुमार का जोरदार स्वागत किया। सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। कई लोग इसे नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष परिवारवाद को लेकर हमलावर नजर आया। वंदेमातरम की जगह सीधे राष्ट्रगान, नई बहस शुरू शपथ ग्रहण समारोह में एक और बदलाव ने लोगों का ध्यान खींचा। आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों में वंदेमातरम के साथ शुरुआत होती है, लेकिन इस बार सीधे राष्ट्रगान बजाया गया। इसे लेकर सोशल media और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस बदलाव पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। चुनाव से पहले युवा और सामाजिक समीकरण पर फोकस नई कैबिनेट में युवाओं, पिछड़े वर्गों, दलित नेताओं और क्षेत्रीय चेहरों को जगह देकर NDA ने साफ संकेत दिया है कि चुनाव से पहले हर वर्ग को साधने की कोशिश की जा रही है। बिहार की राजनीति में लंबे समय बाद ऐसा विस्तार देखने को मिला है, जिसमें सत्ता और संगठन दोनों का संतुलन साधने पर खास जोर दिखाई दिया। आने वाले दिनों में यह कैबिनेट विस्तार बिहार की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। फिलहाल इतना तय है कि निशांत कुमार की एंट्री ने बिहार के राजनीतिक माहौल को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vijay

Tamil Nadu Politics में बड़ा उलटफेर! Vijay ने फिर की Governor से मुलाकात, Bengal में BJP एक्टिव

देश की राजनीति में इस समय तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक तरफ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख और अभिनेता Vijay लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से मिले, तो दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आज पश्चिम बंगाल दौरे पर जा रहे हैं। इन दोनों घटनाओं ने राष्ट्रीय राजनीति का तापमान अचानक बढ़ा दिया है। Vijay की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने बढ़ाई हलचल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर तेजी से गतिविधियां बढ़ रही हैं। TVK चीफ विजय ने एक दिन पहले राज्यपाल को 113 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था। राज्य में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, यानी विजय फिलहाल सिर्फ 5 विधायकों के समर्थन से दूर बताए जा रहे हैं। लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से उनकी मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि TVK अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों से लगातार संपर्क बनाए हुए है। कांग्रेस के संभावित समर्थन की अटकलों ने भी तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। फिल्मों से राजनीति में आए विजय ने कम समय में युवाओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। यही वजह है कि उनके हर राजनीतिक कदम पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। DMK और विपक्ष ने भी तेज की रणनीति विजय की सक्रियता बढ़ने के बाद डीएमके और उसके सहयोगी दल भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई दौर की बैठकों का सिलसिला जारी है। सभी दल सरकार गठन को लेकर अपनी-अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विजय बहुमत साबित कर देते हैं, तो तमिलनाडु की राजनीति में यह सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जाएगा। Bengal Visit पर अमित शाह का फोकस उधर पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक माहौल गर्म है। अमित शाह आज बंगाल पहुंचकर पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। हाल के राजनीतिक विवादों और सुरक्षा मुद्दों के बीच शाह का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा बंगाल में संगठन को और मजबूत करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि शाह आगामी रणनीति, संगठन विस्तार और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेंगे। South से East तक गर्म हुई देश की राजनीति तमिलनाडु में विजय की बढ़ती राजनीतिक ताकत और बंगाल में भाजपा की सक्रियता ने देश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। एक तरफ TVK सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है, तो दूसरी तरफ भाजपा पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों से बड़े राजनीतिक फैसले सामने आ सकते हैं, जिनका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ दिखाई देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Cabinet Expansion Update: 15 BJP और 13 JDU MLA लेंगे मंत्री पद की शपथ

Bihar की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। आज Samrat Cabinet Expansion 2026 को लेकर राज्य में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। सत्ता के गलियारों से लेकर आम लोगों तक इस विस्तार की चर्चा गर्म है, क्योंकि इसमें कई बड़े नामों और समीकरणों के बदलने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi का रोड शो भी शामिल है, जो इस आयोजन को और खास बना रहा है। 28 नए मंत्रियों की संभावित एंट्री, BJP-JDU में बड़ा बंटवारा सूत्रों के मुताबिक इस कैबिनेट विस्तार में कुल 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इसमें: इन नामों पर अंतिम फैसला लगभग तय माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक सूची का इंतजार अभी बाकी है। यह विस्तार सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। Nishant Kumar Minister Banenge? सबसे बड़ी चर्चा यही इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar को लेकर हो रही है। राजनीतिक हलकों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या उन्हें इस बार कैबिनेट में जगह मिलेगी?हालांकि अभी तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है। PM Modi Road Show बनेगा मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो इस पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है। लोगों की भारी भीड़ और राजनीतिक माहौल को देखते हुए इसे एनडीए की ताकत प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। बिहार की सियासत में बढ़ी गर्माहट कैबिनेट विस्तार से पहले ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। हर तरफ इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं और हर कोई नए मंत्रिमंडल की तस्वीर का इंतजार कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal

Bengal Political Crisis 2026: 9 May को BJP Government की शपथ

देश की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है। West Bengal और Tamil Nadu से आ रही ताजा राजनीतिक खबरों ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। एक तरफ बंगाल में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत में नया राजनीतिक समीकरण बनता दिख रहा है। 9 May को BJP Government की शपथ की चर्चा सूत्रों के अनुसार Bharatiya Janata Party (BJP) West Bengal में सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। कहा जा रहा है कि 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इस राजनीतिक हलचल के बीच मौजूदा मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनके करीबी Abhishek Banerjee की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की खबर ने भी चर्चा को और तेज कर दिया है। Security Changes ने बढ़ाई Political Speculation VIP सुरक्षा में बदलाव को आमतौर पर प्रशासनिक कदम माना जाता है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे सत्ता परिवर्तन के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। इसी वजह से बंगाल की राजनीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। Tamil Nadu Politics: Vijay का Government Formation Claim दूसरी ओर Tamil Nadu में राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदलता दिख रहा है। अभिनेता और नेता Vijay ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। खबरों के मुताबिक उन्हें Indian National Congress (कांग्रेस) का समर्थन भी मिल रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में नया गठबंधन और नई उम्मीदें बनती दिख रही हैं। India Politics में बदलते समीकरण इन दोनों राज्यों के घटनाक्रम कई बड़े संकेत दे रहे हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hantavirus

Hantavirus Update: क्रूज पर 7 केस मिले, Human Transmission की खबर से बढ़ी टेंशन

दुनिया अभी कोविड जैसे अनुभवों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब Hantavirus को लेकर नई चिंता सामने आ गई है। हाल ही में एक इंटरनेशनल क्रूज शिप पर मिले मामलों ने डॉक्टरों और हेल्थ एजेंसियों को चौंका दिया है। वजह—यहां संक्रमण सिर्फ जानवरों से नहीं, बल्कि इंसानों से इंसानों में फैलने की आशंका जताई गई है। यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक हंतावायरस को एक ऐसा वायरस माना जाता था, जो मुख्य रूप से चूहों जैसे जानवरों से इंसानों में पहुंचता है। Cruise Ship पर कैसे फैला संक्रमण? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अटलांटिक रूट पर चल रही एक लग्ज़री एक्सपेडिशन क्रूज में अचानक कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच के बाद सामने आया कि: जैसे ही मामला सामने आया, पूरे शिप को मेडिकल निगरानी में ले लिया गया और संदिग्ध मरीजों को अलग किया गया। Human-to-Human Transmission: क्यों बढ़ी चिंता? आमतौर पर हंतावायरस फैलता है:चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क से लेकिन इस केस में जो बात सबसे ज्यादा चिंताजनक है, वह है: इसी आधार पर विशेषज्ञों ने शक जताया कि संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। हालांकि यह अब भी बहुत दुर्लभ स्थिति मानी जा रही है। Andes Strain क्या है और क्यों अहम है? डॉक्टरों का मानना है कि इस केस के पीछे Andes strain हो सकता है। यही वजह है कि इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। Cruise का बंद माहौल बना बड़ा कारण क्रूज शिप पर संक्रमण के तेजी से फैलने की कुछ बड़ी वजहें सामने आईं: इन परिस्थितियों में वायरस को फैलने का मौका मिल गया। Hantavirus के लक्षण क्या हैं? शुरुआत में यह बीमारी सामान्य फ्लू जैसी लग सकती है: गंभीर स्थिति में: आम लोगों को कितना खतरा? फिलहाल हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kolkata

Political Update Kolkata में सुरक्षा विवाद और बुलडोजर कार्रवाई

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एक साथ हुए सियासी घटनाक्रमों ने देश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। जहां कोलकाता में सुरक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है, वहीं दक्षिण भारत में नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। कोलकाता में बढ़ा सियासी तनाव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के आवास से सुरक्षा हटाने का फैसला चर्चा का केंद्र बन गया है। इस कदम को लेकर टीएमसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे राजनीतिक दुर्भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय है या इसके पीछे कोई बड़ा सियासी संकेत छिपा है। आम लोगों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। TMC ऑफिस पर Bulldozer Action से बढ़ा विवाद इसी बीच, टीएमसी से जुड़े एक कार्यालय पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है। पार्टी समर्थकों में नाराजगी साफ नजर आ रही है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई चुनिंदा तरीके से की गई है। हालांकि प्रशासन का पक्ष साफ है—यह कदम कथित अवैध निर्माण के खिलाफ नियमों के तहत उठाया गया। लेकिन सच्चाई क्या है, यह आने वाले दिनों में और साफ हो सकता है। Tamil Nadu में बदलते सियासी समीकरण दूसरी तरफ, तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है। कांग्रेस ने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को समर्थन पत्र सौंप दिया है। यह कदम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे संभावित गठबंधन की दिशा में एक मजबूत संकेत के रूप में देखा जा रहा है। खासकर युवा मतदाताओं के बीच विजय की लोकप्रियता को देखते हुए यह गठबंधन चुनावी समीकरण बदल सकता है। क्या कहती है राजनीतिक तस्वीर? अगर इन दोनों राज्यों की घटनाओं को साथ रखकर देखा जाए, तो एक बात साफ है—देश की राजनीति तेजी से नए मोड़ ले रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये घटनाएं सिर्फ खबर बनकर रह जाती हैं या फिर चुनावी नतीजों को भी प्रभावित करती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Politics Update: Cabinet Expansion में निशांत कुमार को मिल सकता है बड़ा मौका

Bihar की सियासत इन दिनों एक नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाएं अचानक तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि राज्य में होने वाले कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि आधिकारिक मुहर अभी बाकी है, लेकिन पटना से लेकर दिल्ली तक इस खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। Patna में Grand Oath Ceremony की तैयारी राजधानी पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं—कई मजिस्ट्रेट, बड़ी संख्या में पुलिस बल और विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यह संकेत है कि इस बार कैबिनेट विस्तार सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से बेहद अहम होने वाला है। निशांत की Entry क्यों है खास? अब तक निशांत कुमार ने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा था। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही नजर आते थे, लेकिन हाल के महीनों में उनकी मौजूदगी बढ़ी है। खासतौर पर “सद्भाव यात्रा” के बाद यह साफ दिखा कि वे धीरे-धीरे सार्वजनिक जीवन में कदम रख रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में मंत्री बनने को लेकर वे सहज नहीं थे, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने का मन बना लिया है। JDU के लिए क्या मायने? अगर निशांत कुमार कैबिनेट में शामिल होते हैं, तो यह जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के लिए एक बड़ा संकेत होगा। इसे पार्टी में नई पीढ़ी की एंट्री और भविष्य की लीडरशिप तैयार करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह फैसला आने वाले चुनावों की रणनीति से भी जुड़ा हो सकता है। Cabinet Expansion में क्या-क्या संभव? सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में 20 से अधिक नए चेहरों को मौका मिल सकता है। क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने के साथ-साथ नए चेहरों को जगह देकर पार्टी एक नया संदेश देने की कोशिश कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal Election 2026, Left vote share Bengal, CPI(M) seats 2026, Bengal election analysis, Left collapse Bengal, TMC vs BJP vs Left data
Breaking Analysis: 34 साल की सत्ता से 1 सीट तक – बंगाल में Left का Collapse (2021 vs 2026 Full Data Report) West Bengal Election 2021 vs 2026 में Left (CPI(M)) का प्रदर्शन क्यों गिरा? जानें सीट, वोट शेयर, सीट-वाइज पैटर्न और पूरा डेटा एनालिसिस। एक समय था जब Communist Party of India (Marxist) और उसका Left Front, West Bengal की राजनीति पर 34 साल तक राज करता था। लेकिन 2021 और फिर 2026 के चुनावों ने एक ऐसी तस्वीर पेश की, जो सिर्फ हार नहीं… बल्कि राजनीतिक अस्तित्व के संकट को दिखाती है। 2021 vs 2026 – Key Data Comparison 🗳️ सीट और वोट शेयर Year Seats Won Vote Share Position 2021 0 ~4.7% 3rd/4th 2026 1 ~4.45% 3rd/4th Seat Comparison 2021 → ░░░░░░░░ (0)2026 → █░░░░░░░ (1)5 साल में सुधार नहीं… सिर्फ “symbolic survivalVote Share Trend2021 → ████░░ (~4.7%)2026 → ███░░░ (~4.45%)वोट शेयर stagnant ही नहीं… थोड़ा और गिराGround Level Seat-wise Patternकुल 294 सीटों का pattern:🟢 ~250+ सीट → सीधा मुकाबला TMC vs BJP🔴 Left → तीसरे या चौथे नंबर पर Rare cases में:Left No.2 भी नहीं बन पाई2026 में सिर्फ 1 सीट जीतStrongholds भी कमजोर पड़ेकुछ सीटें जहां Left का vote share relatively ज्यादा था:Singur → ~16–18%Jadavpur → ~15–17%Ballygunge → ~14–16%Durgapur/Asansol belt → ~10–12% लेकिन यहां भी:No.2 नहीं… mostly No.3Political Shift – TMC vs BJP Era👉 आज बंगाल की राजनीति का equation:🟠 BJP → No.1🟢 TMC → No.2🔴 Left → Out of main contestइसका मतलब:Bipolar politics ने Left को squeeze कर दिया Collapse के बड़े कारण (Deep Analysis) 1. Leadership Vacuum 2. Vote Transfer Failure 3. Youth Disconnect 4. BJP का Rise
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Jalandhar और Amritsar में धमाके से दहशत, CM भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना

Jalandhar और Amritsar में धमाके से दहशत, CM भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना

पंजाब के Jalandhar स्थित BSF हेडक्वार्टर और Amritsar के आर्मी कैंप के बाहर हुए धमाकों से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इन धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और पूरे क्षेत्र में जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, ये ब्लास्ट छोटे स्तर के थे, लेकिन सेना और सुरक्षा ठिकानों के पास होने की वजह से इन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उनका कहना है कि छोटे-मोटे धमाके कर लोगों में डर का माहौल बनाया जा रहा है, ताकि चुनाव में फायदा उठाया जा सके। हालांकि, अभी तक इन धमाकों के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज सुनकर वे डर गए थे। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और आसपास क्या हुआ, इसकी जानकारी लेने लगे। फिलहाल, प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है। 👉 अधिक अपडेट के लिए विजिट करें: Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Alert India: कई राज्यों में बारिश-आंधी, Chhattisgarh में हाईवे डूबे, Ghaziabad में ओले

देश में इन दिनों मौसम (Weather) ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। कुछ दिन पहले तक जहां भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब कई राज्यों में बारिश, ओले और ठंडी हवाओं ने राहत के साथ-साथ मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। छत्तीसगढ़ में बारिश से बिगड़े हालात छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में सड़कों और हाईवे पर पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। निचले इलाकों में घरों में पानी घुसने की वजह से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। स्थानीय लोगों के लिए यह बारिश राहत नहीं, बल्कि परेशानी बन गई है। Ghaziabad में ओलावृष्टि से लोग चौंके उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और आसपास के NCR इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी के साथ ओले गिरने से लोग हैरान रह गए। सड़कों पर अचानक बदले मौसम ने ट्रैफिक और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया, लेकिन गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली। MP और बिहार में बारिश का असर मध्य प्रदेश और बिहार में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। कई शहरों में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन तेज हवाएं फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। Rajasthan में तापमान 40°C से नीचे राजस्थान में जहां कुछ दिन पहले तक लू और तेज गर्मी का असर था, वहीं अब तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने से लोगों ने राहत की सांस ली है और मौसम थोड़ा सुहावना हो गया है। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), ट्रफ लाइन और नमी वाली हवाओं के एक्टिव होने से यह बदलाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि उत्तर और मध्य भारत में अलग-अलग जगहों पर बारिश, आंधी और ओलावृष्टि जैसी स्थिति बन रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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