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PM Modi

2036 Olympics की तैयारी में जुटा भारत: PM Modi ने कहा – Kashi के युवाओं को आज से Training शुरू करनी होगी

वाराणसी, 11 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी में शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। इस मौके पर उन्होंने युवाओं से अपील की कि अगर वे ओलंपिक में चमकना चाहते हैं, तो उन्हें अभी से ट्रेनिंग शुरू करनी होगी। काशी में ₹3,880 करोड़ की 44 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले महीनों में बनारस की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में और सुधार होगा। ropeway ट्रायल शुरू हो चुके हैं और शहर अब सिर्फ धार्मिक केंद्र नहीं बल्कि स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। खेल और स्वास्थ्य में बनारस की नई पहचान प्रधानमंत्री ने कहा, “काशी अब सिर्फ आध्यात्मिक नगरी नहीं रही। यहां अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और खेलों में अवसर बढ़ रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जैसी मेडिकल सुविधाएं अब यहीं मिल रही हैं। यह असली विकास है – जब सुविधाएं लोगों तक खुद पहुंचें।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्वांचल के लोगों को 10-11 साल पहले इलाज के लिए बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती थीं, लेकिन आज काशी “स्वास्थ्य की राजधानी” बन चुकी है। ओलंपिक 2036: भारत का सपना और काशी का योगदान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ओलंपिक 2036 की मेज़बानी के लिए प्रयासरत है और इसके लिए देशभर के युवाओं को आज से तैयारी शुरू करनी चाहिए। उन्होंने काशी के युवाओं को खेलों के प्रति गंभीर होने और सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी। बड़ी योजनाएं, बड़ा विजन इस दौरान पीएम मोदी ने काशी में कई अहम परियोजनाओं की नींव रखी, जिनमें शामिल हैं: इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
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Tahawwur Rana Extradition

Tahawwur Rana Extradition : तहव्वुर राणा को NIA की कस्टडी में कहां रखा गया है और 18 दिन में क्या-क्या उगलवाएगी जांच एजेंसी?

देश हरपल न्यूज़ डेस्कतारीख: 11 अप्रैल 2025 मुंबई आतंकी हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर राणा आखिरकार भारत की गिरफ्त में है। अमेरिका से कानूनी औपचारिकताओं के बाद भारत लाया गया राणा फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में है। लेकिन उसे तिहाड़ जेल में नहीं रखा गया है। सवाल उठता है – आखिर Tahawwur Rana को कहां रखा गया है? कैसी है सुरक्षा? और NIA उससे कौन-कौन से राज उगलवाने की तैयारी में है? कहां रखा गया है तहव्वुर राणा? सूत्रों के मुताबिक, तहव्वुर राणा को तिहाड़ जेल के बजाय NIA के सेंट्रल जोधपुर ऑफिस (CJO Complex) में रखा गया है, जो एक हाई-सिक्योरिटी फैसिलिटी है। यहां सिर्फ बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़े आरोपियों को ही रखा जाता है। NIA ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि राणा से बिना किसी रुकावट के पूछताछ की जा सके और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बता दें कि तिहाड़ जेल में पहले भी कई आतंकियों पर हमले हो चुके हैं, इसलिए NIA कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। कैसी है सुरक्षा व्यवस्था? CJO कॉम्प्लेक्स में राणा को 24×7 Z+ श्रेणी की सुरक्षा में रखा गया है। उसके आसपास सशस्त्र कमांडो तैनात हैं और हर मूवमेंट पर CCTV से निगरानी रखी जा रही है। उसे एक अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, जहां किसी बाहरी व्यक्ति को मिलने की अनुमति नहीं है। NIA की 18 दिनों की कस्टडी में क्या होगा? एनआईए को अदालत ने तहव्वुर राणा की 18 दिनों की रिमांड दी है। इस दौरान जांच एजेंसी का मकसद है: कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में मेडिकल क्लिनिक चलाता था। वह 26/11 के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का करीबी दोस्त और साथी था। हेडली ने भारत में रेकी करने और आतंकियों की मदद करने में राणा की भूमिका को स्वीकारा था। अमेरिका से भारत कैसे लाया गया? तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में भारत को लंबा इंतजार करना पड़ा। अमेरिका की अदालत ने तमाम दलीलों के बाद आखिरकार उसके भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दी। इसके बाद NIA की एक विशेष टीम अमेरिका गई, जहां उसने अमेरिकी अधिकारियों के साथ सारे कागजात और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद उसे फ्लाइट से भारत लाया गया। निष्कर्ष तहव्वुर राणा की गिरफ्तारी और भारत लाया जाना देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। अब सबकी निगाहें NIA की पूछताछ पर हैं, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह केस न सिर्फ 26/11 के घावों को भरने की दिशा में एक कदम है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की अंतरराष्ट्रीय लड़ाई में भी अहम मोड़ साबित हो सकता है। देश हरपल न्यूज़ पर हम ऐसे ही राष्ट्रहित से जुड़ी खबरों को आपके सामने लाते रहेंगे। हमारे साथ जुड़े रहें।
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Tahawwur Rana Extradition LIVE Updates:दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा विमान, एनआईए मुख्यालय ले जाया जायेगा

रिपोर्ट: देश हरपल न्यूज़ | तारीख: 30 मार्च 2025 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और भारत के वांछित आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाने की लंबी प्रक्रिया के बाद आज आखिरकार प्रत्यर्पित कर लिया गया। राणा को लेकर आ रहा विमान आज सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी, जिसने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उसे हिरासत में लिया और सीधे एनआईए हेडक्वार्टर ले जायागा । कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में रह रहा था। उसे अमेरिका में आतंकवाद से जुड़े एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया था। राणा, मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली का करीबी साथी रहा है। हेडली की गवाही के अनुसार, राणा को भारत में हमलों की साजिश की पूरी जानकारी थी और उसने अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों के माध्यम से हेडली को भारत में दाखिल होने में मदद की थी। कई वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद हुई प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत सरकार ने 2011 में अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी, लेकिन अमेरिकी अदालत में इस प्रक्रिया में कई अड़चनें आईं। वर्ष 2020 में अमेरिका में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया और आखिरकार अमेरिका की अदालत ने भारत को राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद एनआईए ने उसकी कस्टडी के लिए विस्तृत योजना तैयार की। एनआईए मुख्यालय में शुरू होगी पूछताछ राणा को एनआईए के दिल्ली स्थित मुख्यालय में ले जायागा , जहां उससे 26/11 हमलों से जुड़ी विस्तृत पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राणा से भारत में मौजूद अन्य संभावित आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से उसके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। एनआईए की टीम उससे उन तमाम ईमेल, नक्शों, लोकेशनों और साजिश की गहराई तक जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी, जो अब तक रहस्य में थी। भारत की न्याय प्रणाली के लिए अहम मोड़ तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह संदेश देता है कि भारत अपने नागरिकों पर हमले करने वाले किसी भी आतंकी को छोड़ने वाला नहीं है, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। देश हरपल की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। तहव्वुर राणा से पूछताछ के हर अहम अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Breaking Updates, राष्ट्रहित की खबरें और हरपल की जानकारी के लिए जुड़े रहें — देश हरपल न्यूज़
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84वां कांग्रेस अधिवेशन अहमदाबाद

84वां कांग्रेस अधिवेशन : Rahul Gandhi ने फिर उठाई जाति जनगणना की मांग, खड़गे ने ईवीएम और मोदी सरकार पर बोला हमला

अहमदाबाद (गुजरात), 9 अप्रैल 2025 – गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट पर Congress का 84वां अधिवेशन दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित हुआ। इस अधिवेशन को ‘न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष’ थीम पर केंद्रित किया गया, जिसमें देशभर से 1700 से अधिक कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी रही, हालांकि प्रियंका गांधी इसमें शामिल नहीं हुईं। जातिगत जनगणना की मांग को राहुल ने फिर दोहराया राहुल गांधी ने अधिवेशन के मंच से एक बार फिर जाति आधारित जनगणना की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का हक है कि “कितने अल्पसंख्यक और गरीब हैं।” उन्होंने ऐलान किया, “लोकसभा और राज्यसभा में हम कानून पास करेंगे, जाति जनगणना यहीं से निकलेगी।” राहुल ने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की 90 प्रतिशत आबादी OBC, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है, लेकिन इन वर्गों को मालिकों, CEO और वरिष्ठ प्रबंधन की लिस्ट में जगह नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि तेलंगाना की हालत हर प्रदेश की है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ रही है और हाशिये के वर्गों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। विदेश नीति पर भी किया हमला राहुल गांधी ने बांग्लादेश को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के खिलाफ बयान दे रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के नेता से मुलाकात के दौरान एक शब्द तक नहीं कहा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा, “कहां गई 56 इंच की छाती?” EVM पर खड़गे का बड़ा बयान, बैलेट पेपर की मांग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग की। उन्होंने कहा, “सरकार ने ऐसी तकनीक बनाई है जिससे उन्हें फायदा और विपक्ष को नुकसान हो।” उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “150 सीटों पर चुनाव लड़ा और 138 पर जीत मिली। ये 90 प्रतिशत जीत है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। ये सब जालसाजी है। चोर कितना भी तेज क्यों न हो, एक न एक दिन पकड़ा ही जाएगा।” मोदी सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा, “नेहरू जी ने जो देश के लिए संस्थान बनाए, मोदी सरकार उन्हें खत्म कर रही है। देश को बेचा जा रहा है और उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार के पास देश के लिए कोई विज़न नहीं है, वे केवल कांग्रेस को गाली देने में व्यस्त हैं। गुजरात में संगठन को मजबूत करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, यह अधिवेशन न केवल एक राजनीतिक सम्मेलन था, बल्कि गुजरात में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी था। आयोजन स्थल पर VVIP डोम और आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्था की गई थी, जो कांग्रेस के बदले तेवर और तैयारी को दर्शाता है। निष्कर्ष:84वें अधिवेशन में कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी चुनावों में जातिगत जनगणना, सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए मोदी सरकार पर सीधा हमला किया और जनता को “न्यायपथ” की राह पर चलने का संदेश दिया। ✍️ रिपोर्ट – देश हरपल न्यूज़ डेस्क, अहमदाबाद
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RBI

Trump Tariffs का असर: FY26 में GDP ग्रोथ घटकर 6.5%, RBI ने किया ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। FY2025-26 के लिए देश की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया गया है। इसके साथ ही रीपो रेट में भी 0.25% की कटौती की गई है, जिससे यह अब 6.00% हो गई है। क्या है वजह? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका द्वारा हाल ही में लागू किए गए टैरिफ नियमों ने वैश्विक आर्थिक स्थिति को और अस्थिर बना दिया है। इसका असर भारत की ग्रोथ पर भी साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, “ग्रोथ में सुधार हो रहा है, लेकिन ये हमारी उम्मीदों से कम है।” महंगाई दर में राहत RBI ने महंगाई के अनुमान को भी कम करते हुए कहा कि अब FY26 में CPI आधारित रिटेल मुद्रास्फीति 4% रहने की उम्मीद है। यह पहले के 4.2% के मुकाबले थोड़ा कम है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट और तेल की कीमतों में स्थिरता को इसका मुख्य कारण बताया गया है। रीपो रेट में बदलाव क्यों? मौजूदा आर्थिक हालात और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए, केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया है ताकि आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिल सके। क्या होगा इसका असर?
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कोल्लम मंदिर में RSS के प्रार्थना गीत को लेकर विवाद: मंदिर कमेटी भंग करने की प्रक्रिया शुरू, पुलिस ने मामला दर्ज किया

कोल्लम, केरल | देश हरपल न्यूज | 8 अप्रैल 2025 कोल्लम जिले के एक मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रार्थना गीत बजाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना चटयमंगलम तालुक के अंतर्गत आने वाले वझाप्पल्ली मंदिर की है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान संघ का पारंपरिक गीत “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” बजाया गया। इस पर वामपंथी दल सीपीएम और उनके समर्थकों ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके चलते विवाद गहराता गया। घटना का विवरण: मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठानों के दौरान यह गीत बजाया गया, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद सीपीएम कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संघीकरण’ का प्रयास करार देते हुए तीव्र विरोध जताया। हालांकि, मंदिर का प्रबंधन देख रही देवस्वंम बोर्ड के अधीनस्थ चटयमंगलम सबग्रुप ऑफिसर दीप्ती ने कहा कि इस घटना को लेकर किसी ने कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केरल मंदिर अधिनियम और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि किसकी अनुमति से यह गीत बजाया गया और क्या इससे मंदिर परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। मंदिर कमेटी होगी भंग: केरल ट्रावणकोर देवस्वंम बोर्ड (TDB) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर समिति को भंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। TDB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में राजनीतिक या वैचारिक झुकाव के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, चाहे वह किसी भी विचारधारा से संबंधित हो। राजनीतिक प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंदिरों में इस तरह के गीत बजाना कोई अपराध नहीं है, जबकि कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग बताया है। 🔗 स्रोत: मातृभूमि समाचार, ANI न्यूज़
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मुंबई में बढ़ते साइबर अपराधों पर बोले डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, कहा – नई तकनीक से लड़नी होगी ये लड़ाई

मुंबई | देश हरपलदेशभर में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर अब सरकारें गंभीर होती जा रही हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार साइबर अपराधों के खिलाफ एक संगठित और तकनीकी रूप से सशक्त योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों से मुकाबला सिर्फ पुलिस की लाठी या हथकड़ी से नहीं, बल्कि तकनीक के ज़रिए किया जाएगा। फडणवीस ने यह बात मुंबई पुलिस की साइबर शाखा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जिसमें साइबर सुरक्षा, डेटा चोरी, ऑनलाइन फ्रॉड, और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने माना कि साइबर अपराध अब सिर्फ तकनीकी लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक, व्यापारी, छात्र, यहां तक कि वरिष्ठ नागरिक भी इसके शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में साइबर क्राइम के मामलों में भारी इजाफा हुआ है। हर दिन सैकड़ों की संख्या में ठगी, फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़र्ज़ी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैकिंग की शिकायतें आ रही हैं। फडणवीस ने कहा, “अब लड़ाई अपराधियों से नहीं, उनके तकनीकी हथियारों से है। हमें पुलिस को तकनीक से लैस करना होगा।” इस मौके पर उन्होंने महाराष्ट्र में ‘साइबर पुलिस स्टेशन’ की संख्या बढ़ाने, साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति, और आम जनता के लिए साइबर जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस दिशा में एक ‘साइबर इंटेलिजेंस नेटवर्क’ खड़ा कर रही है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर हमलों को ट्रैक करने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डाटा ऐनालिटिक्स, और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद साइबर विशेषज्ञों ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। देश हरपल विशेष रिपोर्ट में हम आपको बता दें कि देश में 2024 में कुल साइबर अपराधों की संख्या में लगभग 35% की वृद्धि देखी गई है, और इसमें सबसे अधिक मामले ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, OTP हैकिंग, और सोशल मीडिया हैकिंग से जुड़े हैं।
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PM मुद्रा योजना

PM मुद्रा योजना 2024: छोटे व्यापारियों को राहत, शिशु और तरुण लोन में बढ़ोतरी, बिहार टॉप पर

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana), जिसे 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था, आज छोटे और मझोले व्यापारियों की रीढ़ बन चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य बिना किसी गारंटी के छोटे उद्यमियों को संस्थागत बैंकिंग सिस्टम से जोड़ते हुए उन्हें आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा योजना के तहत ‘शिशु’ और ‘तरुण’ श्रेणियों में लोन की औसत राशि में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि ‘किशोर’ श्रेणी में गिरावट दर्ज की गई है। शिशु लोन (₹50,000 तक) का औसत अब ₹37,403 पहुंच गया है, जो कि 2015-16 में ₹19,411 था। तरुण लोन (₹5 लाख से ₹10 लाख तक) का औसत ₹8,46,313 रहा, जबकि पहले ₹7,67,555 था।वहीं किशोर लोन (₹50,000 से ₹5 लाख तक) की औसत राशि ₹2,08,037 से घटकर अब ₹1,20,111 रह गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि बहुत छोटे और बड़े उद्यमियों को लाभ ज्यादा मिल रहा है, जबकि मझोले स्तर के कारोबारियों को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पा रही है। बिहार बना टॉप राज्य इस योजना के तहत बिहार देश का नंबर-1 राज्य बनकर उभरा है। यहां अब तक 5.95 करोड़ से ज़्यादा लोन अकाउंट्स को मंज़ूरी दी जा चुकी है।इसके बाद तमिलनाडु (5.82 करोड़), उत्तर प्रदेश (5.16 करोड़), पश्चिम बंगाल (5.15 करोड़) और कर्नाटक (4.98 करोड़) का स्थान आता है। क्यों है यह योजना खास? निष्कर्ष प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने देशभर में लाखों छोटे कारोबारियों की आर्थिक रीढ़ मज़बूत की है। हालांकि ‘किशोर’ श्रेणी में आई गिरावट पर सरकार को ध्यान देना होगा, ताकि मिड-स्केल बिजनेस भी मजबूती से खड़े हो सकें। जैसे-जैसे यह योजना आगे बढ़ रही है, उम्मीद की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका लाभ पहुंचे और भारत की जमीनी अर्थव्यवस्था और भी मजबूत हो।
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Waqf Bill Controversy

Waqf Bill Controversy: वक्फ बिल पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और देशभर में विरोध प्रदर्शन

लेख की मुख्य बातें: क्या है मामला? 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को मंज़ूरी दी, जिसके बाद सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी की। सरकार का दावा है कि इस कानून का मकसद वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है और अतिक्रमण को रोकना है। सुप्रीम कोर्ट की दखल 7 अप्रैल को CJI संजीव खन्ना ने इस मामले में सुनवाई की सहमति दी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, RJD, और कई अन्य संगठनों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। उनका तर्क है कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन है। राज्यों में विरोध और तनाव धार्मिक संगठनों का रुख राजनीतिक प्रतिक्रिया विवाद की जड़ क्या है? बिल में एक नया प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे अब वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति भी संभव हो सकेगी। इससे धार्मिक संगठनों में रोष है, क्योंकि उनका मानना है कि वक्फ की संपत्तियाँ सिर्फ़ मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं। विश्लेषण यह विवाद न सिर्फ धार्मिक भावना से जुड़ा है, बल्कि इसमें संवैधानिक अधिकार, भूमि स्वामित्व, और सांप्रदायिक संतुलन भी सवालों के घेरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मुद्दे पर आने वाले समय में निर्णायक हो सकता है। निष्कर्ष भारत में वक्फ अधिनियम को लेकर उबाल है। यह केवल एक क़ानून नहीं, बल्कि धर्म, राजनीति, और समाज के जटिल संबंधों की गहराई को दर्शाता है। आने वाले दिन इस विषय पर और गर्माहट ला सकते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के जज करेंगे अपनी संपत्ति का खुलासा, जनता में बढ़ेगा भरोसा

सुप्रीम कोर्ट के जज करेंगे अपनी संपत्ति का खुलासा, जनता में बढ़ेगा भरोसा

सुप्रीम कोर्ट के सभी जज अब अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करेंगे। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। यह फैसला 1 अप्रैल को हुई फुल कोर्ट मीटिंग में लिया गया, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना समेत सभी 34 जज शामिल थे। जजों की संपत्ति की घोषणा क्यों जरूरी हुई? दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले में मिले अधजले नोटों के बाद न्यायपालिका में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग उठी। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह बड़ा फैसला लिया। कौन-कौन जज देंगे अपनी संपत्ति की जानकारी? फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में कुल 33 जज हैं (एक पद खाली है)। इनमें से 30 जज पहले ही अपने संपत्ति संबंधी दस्तावेज कोर्ट को सौंप चुके हैं। हालांकि, ये दस्तावेज अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए थे। वेबसाइट पर संपत्ति की जानकारी अपलोड होगी पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कोशिशें क्या है जस्टिस यशवंत वर्मा का मामला? इस फैसले से क्या होगा फायदा? यह फैसला भारतीय न्यायपालिका के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इससे न्यायपालिका की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर आम जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
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Sabarimala

Sabarimala Case “मूर्ति छूना ईश्वर का अपमान कैसे?” सुप्रीम कोर्ट में नई बहस

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला (Sabarimala) मंदिर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और कानून के बीच संतुलन को लेकर गहन बहस देखने को मिली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर “मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे माना जा सकता है?” इस टिप्पणी ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। क्या है पूरा Sabarimala Temple Case? Sabarimala मंदिर के नियमों को लेकर यह विवाद वर्षों से चला आ रहा है। परंपरा के अनुसार, 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक रही है। इस नियम को लेकर पहले भी देशभर में विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई हो चुकी है। अब एक बार फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अदालत धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन तलाश रही है। “भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी” – मंदिर पक्ष की दलील सुनवाई के दौरान सबरीमाला मंदिर पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी स्वरूप में पूजा जाता है। इसलिए उनकी पूजा पद्धति में विशेष नियम और शुद्धता का पालन किया जाता है। वकील ने कहा कि यह परंपरा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही आस्था और धार्मिक विश्वास का हिस्सा है, जिसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कोर्ट का सवाल और बड़ी बहस सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि यदि मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान नहीं माना जा सकता, तो फिर पूजा की परंपराओं में ऐसे नियम क्यों बनाए गए हैं? यह टिप्पणी मामले को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बना देती है। आस्था बनाम अधिकार – फिर सामने पुरानी बहस यह मामला एक बार फिर उसी पुराने सवाल को सामने लाता है जहां एक तरफ धार्मिक परंपराएं और आस्था है, तो दूसरी तरफ समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। समाज के अलग-अलग वर्ग इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

सीहोर में युवक की सूझबूझ से बची जान: सड़क हादसे में घायल को दिया CPR, बनी जिंदगी की डोर

मध्यप्रदेश के सीहोर में एक युवक की समझदारी और हिम्मत ने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की जान बचा ली। फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले रोहित मालवीय ने समय पर CPR देकर घायल को नया जीवन दे दिया। हादसा देखकर तुरंत रुके मंगलवार को रोहित मालवीय अपने गांव पिपलिया मीरा से सीहोर आ रहे थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि सामने से आ रहा एक बाइक सवार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गया। यह देखते ही रोहित ने तुरंत अपनी बाइक रोकी और एक अन्य राहगीर के साथ मदद के लिए दौड़ पड़े। हालत बिगड़ी तो शुरू किया CPR घायल की पहचान बरखेड़ी गांव के रहने वाले संतोष के रूप में हुई। हादसे के बाद उसकी सांसें धीमी पड़ने लगीं और हालत गंभीर हो गई। ऐसे में रोहित ने बिना देर किए CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। मेहनत रंग लाई, लौट आई सांसें कुछ देर की लगातार कोशिश और सही तकनीक के इस्तेमाल से संतोष की सांसें फिर से चलने लगीं और वह होश में आ गया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए राहत भरा था। परिवार और एम्बुलेंस को दी सूचना रोहित ने तुरंत घायल के मोबाइल से उसके परिजनों को खबर दी और एम्बुलेंस भी बुलवाई। हालांकि एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही परिवार वाले मौके पर पहुंच गए और संतोष को तुरंत अस्पताल ले गए। हर तरफ हो रही सराहना रोहित मालवीय की इस बहादुरी और सूझबूझ की हर कोई तारीफ कर रहा है। समय पर की गई उनकी मदद ने एक परिवार को बड़ा दुख झेलने से बचा लिया। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

सागर में शादी के विवाद में खूनी झगड़ा: पति-पत्नी और बेटा गिरफ्तार, दुल्हन और मां पर हमला

मध्यप्रदेश के सागर जिले में शादी के दौरान हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। विनायका थाना पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शादी के दौरान हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल को ग्राम डिलोना निवासी प्यारी बाई (45) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी राखी की शादी थी। बारात के आगमन स्थल को लेकर गांव के ही परमू बंसल, उनकी पत्नी पूनाबाई और बेटे रामेश्वर बंसल से विवाद हो गया। गालीगलौज से शुरू होकर हमले तक पहुंचा मामला शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पहले गालीगलौज शुरू की। जब इसका विरोध किया गया, तो रामेश्वर बंसल ने लोहे के धारदार हथियार (बका) से हमला कर दिया। इस हमले में प्यारी बाई के सिर और हाथ में चोट आई, जबकि उनकी बेटी के गले में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक तीनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। भागने की फिराक में था आरोपी पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम बनाई। मुख्य आरोपी रामेश्वर बंसल को उल्दन बेसली के यात्री प्रतीक्षालय से गिरफ्तार किया गया, जहां वह बस का इंतजार कर रहा था। वहीं, परमू बंसल और पूनाबाई को गांव के पास से पकड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

भोपाल में लेंसकार्ट शोरूम के बाहर प्रदर्शन: ड्रेस कोड विवाद पर बढ़ा बवाल

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में मंगलवार को लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शोरूम के कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार किया और कलावा बांधा। इस दौरान “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे भी लगाए गए। बहिष्कार की चेतावनी हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार की अपील कर रहा है। उनका कहना है कि भारत में तिलक, कलावा और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। यदि किसी कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। “अगर हमने कंपनी को आगे बढ़ाया है, तो जरूरत पड़ने पर नीचे भी ला सकते हैं,” उन्होंने चेतावनी दी। संत समिति ने भी जताई आपत्ति मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिल आनंद ने कहा कि कथित गाइडलाइन में महिलाओं को सिंदूर और कलावा पहनने से रोकने की बात सामने आई है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी कंपनी को धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। कर्मचारियों ने किया खंडन विवाद के बीच शोरूम के कर्मचारी मनीष भमारे ने कहा कि उन्हें कभी तिलक या कलावा पहनने से नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान भी वे तिलक और कलावा लगाकर काम पर आए थे। उनके मुताबिक कंपनी की ओर से ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया था कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इस मुद्दे को एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर उठाया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कंपनी की सफाई विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है और कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। 👉 अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Share Bazaar Sensex 600 अंक चढ़ा, Nifty 24,500 के पार क्या जारी रहेगी तेजी

हफ्ते की शुरुआत शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर लेकर आई। पिछले कुछ दिनों की उतार-चढ़ाव भरी चाल के बाद आज बाजार में मजबूती साफ नजर आई। BSE Sensex ने करीब 600 अंकों की छलांग लगाई, जबकि Nifty 50 भी 150 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 24,500 के पार पहुंच गया। सुबह धीमी शुरुआत, फिर पकड़ी रफ्तार दिन की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में खरीदारी तेज होती गई।दोपहर तक लगभग हर सेक्टर में हरियाली दिखने लगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता गया। आखिर क्यों चढ़ा बाजार? आज की तेजी अचानक नहीं थी, इसके पीछे कई वजहें काम कर रही थीं: किन सेक्टर्स ने दिया साथ? आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का रहा। इसके अलावा: इन सभी में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों के लिए संकेत मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर Nifty 24,500 के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की गुंजाइश बन सकती है।हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं, इसलिए बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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