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CM Vijay

Tamil Nadu में सत्ता संभालते ही घिरे CM Vijay, VCK ने जताई बड़ी नाराजगी

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाले अभिनेता से नेता बने सीएम विजय (CM Vijay) की सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है। लेकिन सरकार बनने के पहले ही दिन गठबंधन में खींचतान सामने आ गई। सहयोगी पार्टी VCK ने शपथ ग्रहण समारोह में हुए एक फैसले पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है, जिससे राज्य की राजनीति अचानक गर्म हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह से शुरू हुआ विवाद चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ‘तमिल थाई वलथु’ से पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया। इसी बात को लेकर VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपरा में सबसे पहले ‘तमिल थाई वलथु’ को सम्मान दिया जाता है और उसी क्रम का पालन होना चाहिए था। VCK नेताओं ने इसे केवल एक प्रोटोकॉल का मामला नहीं, बल्कि तमिल पहचान और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। सरकार बनते ही गठबंधन में बढ़ी बेचैनी TVK को सत्ता तक पहुंचाने में VCK समेत कई सहयोगी दलों की अहम भूमिका रही। चुनाव के दौरान सभी दलों ने मिलकर DMK और AIADMK के खिलाफ जोरदार प्रचार किया था। लेकिन अब सत्ता बनने के तुरंत बाद ही मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर शुरुआत में ही सहयोगी दलों की नाराजगी बढ़ती रही, तो आने वाले समय में सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है। CM विजय ने दिया साफ संदेश मुख्यमंत्री विजय ने अपने पहले संबोधन में साफ कहा कि सरकार में “एक ही पावर सेंटर” होगा। उन्होंने संकेत दिए कि फैसले लेने में किसी तरह का दबाव या भ्रम नहीं रहने दिया जाएगा। विजय ने जनता से किए वादों को दोहराते हुए कहा कि उनकी सरकार युवाओं के रोजगार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर फोकस करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोग बदलाव की उम्मीद लेकर आए हैं और उनकी सरकार उस भरोसे को टूटने नहीं देगी। तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय 2026 विधानसभा चुनाव में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। पहली बार चुनावी राजनीति में उतरी विजय की पार्टी ने युवाओं और शहरी वोटर्स के बीच बड़ी पकड़ बनाई। इसी जीत के बाद विजय पहली बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने हैं। हालांकि, सरकार के पहले ही दिन सामने आया यह विवाद बता रहा है कि आगे की राह आसान नहीं होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि CM विजय अपने सहयोगियों को साथ लेकर कैसे आगे बढ़ते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

“देश चलाना मोदी सरकार के बस की बात नहीं”, Rahul Gandhi ने Economy पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने एक बार फिर प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की तरफ से जनता को “सोना मत खरीदो”, “विदेश यात्रा कम करो” और “खर्च घटाओ” जैसी सलाहें दी जा रही हैं। उनके मुताबिक ये सामान्य अपीलें नहीं, बल्कि देश की कमजोर होती आर्थिक स्थिति का संकेत हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जब किसी सरकार को लोगों से बार-बार बचत करने और खर्च कम करने की अपील करनी पड़े, तो इसका मतलब है कि आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि आज आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते खर्चों के दबाव में जी रहा है। सरकार की 7 अपीलों पर राहुल ने उठाए सवाल राहुल गांधी ने उन कई अपीलों का जिक्र किया जो हाल के समय में सरकार और उससे जुड़े विभागों की ओर से सामने आईं। उन्होंने कहा कि लोगों से— जैसी बातें कही जा रही हैं। राहुल का कहना है कि अगर अर्थव्यवस्था मजबूत होती तो सरकार को ऐसी सलाहें देने की जरूरत नहीं पड़ती। “महंगाई ने Middle Class की कमर तोड़ी” कांग्रेस नेता ने कहा कि देश का मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा दबाव में है। रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते जा रहे हैं, जबकि आमदनी उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही। युवाओं को रोजगार के मौके कम मिल रहे हैं और छोटे कारोबार भी संघर्ष कर रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आम परिवार अब अपनी जरूरतों और सपनों के बीच समझौता करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी सच्चाई अलग है। BJP का पलटवार वहीं बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को राजनीति से प्रेरित बताया। बीजेपी का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और केंद्र सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर काम कर रही है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि विपक्ष सिर्फ लोगों में डर और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। चुनावी माहौल में बढ़ी सियासत देश में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि बीजेपी विकास कार्यों और योजनाओं को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है। आने वाले समय में ये मुद्दे राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Suvendu Adhikari

West Bengal Murder Mystery: Suvendu Adhikari के PA की हत्या में Professional Shooters का शक

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के करीबी सहयोगी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पश्चिम बंगाल STF ने यूपी और बिहार में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हमला पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था। 6 मई की रात हुआ था हमला 6 मई 2026 की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में चंद्रनाथ रथ अपनी कार से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक और कार में आए बदमाशों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमला इतना अचानक था कि आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। फायरिंग में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और बंगाल की राजनीति में भी हलचल मच गई। UPI Payment बना जांच का सबसे बड़ा सुराग शुरुआती जांच में पुलिस के हाथ एक अहम तकनीकी सुराग लगा। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने रास्ते में एक टोल प्लाजा पर UPI पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रेल के जरिए STF संदिग्धों तक पहुंची। इसके बाद यूपी और बिहार के कई इलाकों में लगातार रेड की गई। बिहार के बक्सर और यूपी के बलिया से 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें एक शातिर अपराधी भी शामिल बताया जा रहा है। Professional Shooters पर शक जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के लिए प्रोफेशनल शार्पशूटर्स का इस्तेमाल किया गया। हमलावरों को चंद्रनाथ रथ की मूवमेंट, रूट और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहले से थी। सूत्रों के मुताबिक, पूरी वारदात करीब 50 सेकेंड में अंजाम दी गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्या के पीछे सिर्फ आपराधिक साजिश थी या फिर कोई बड़ा राजनीतिक एंगल भी जुड़ा हुआ है। कौन थे Chandranath Rath? चंद्रनाथ रथ पूर्व एयरफोर्स कर्मी थे और लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते थे। बीजेपी संगठन में भी उनकी सक्रिय भूमिका थी। उनकी हत्या के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। STF और SIT दोनों कर रहीं जांच इस मामले की जांच फिलहाल STF और SIT की संयुक्त टीम कर रही है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से लगातार पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Somnath Visit: भव्य रोड शो के बीच होगा मंदिर शिखर का महाकुंभाभिषेक

गुजरात के प्रसिद्ध Somnath Temple में सोमवार को भक्ति, उत्साह और सुरक्षा का अनोखा संगम देखने को मिला, जब PM Modi यहां पहुंचे। हेलिपैड से मंदिर तक निकले भव्य रोड शो में हजारों लोग सड़क किनारे खड़े नजर आए। कहीं फूल बरसाए गए तो कहीं “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में खास उत्साह था। स्थानीय लोगों के साथ दूर-दूर से आए भक्त भी पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते दिखाई दिए। कई महिलाएं पारंपरिक परिधानों में नजर आईं, जबकि युवाओं में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पहली बार होगा मंदिर शिखर का विशेष कुंभाभिषेक इस दौरे की सबसे खास बात यह है कि पहली बार सोमनाथ मंदिर के शिखर का 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान बेहद शुभ और ऐतिहासिक माना जाता है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस कार्यक्रम की खास तैयारियां की गई हैं। बताया जा रहा है कि देश के अलग-अलग तीर्थ स्थलों से पवित्र जल लाया गया है, जिससे मंदिर शिखर का अभिषेक किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर साधु-संतों और श्रद्धालुओं में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। सुरक्षा के बीच दिखा श्रद्धा का माहौल पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए पूरे सोमनाथ क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर, रोड शो रूट और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहे। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही और पूरा शहर एक बड़े धार्मिक उत्सव जैसा नजर आया। क्यों खास है Somnath Temple? Somnath Temple हिंदू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यही वजह है कि यहां होने वाला हर धार्मिक आयोजन देशभर के श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखता है। पीएम मोदी के इस दौरे और कुंभाभिषेक कार्यक्रम ने सोमनाथ को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Himanta Biswa Sarma, Assam CM 2026

असम में फिर लौटेगा BJPराज, दूसरी बार CM बनेंगे Himanta Biswa Sarma

पूर्वोत्तर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फैसला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में Himanta Biswa Sarma को सर्वसम्मति से नेता चुना गया है। इसके साथ ही अब वह लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah समेत NDA के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। 2026 असम विधानसभा चुनाव में BJP के नेतृत्व वाले NDA ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत से कहीं ज्यादा सीटें हासिल कीं। चुनाव परिणामों में BJP ने 126 में से 82 सीटें जीतकर राज्य में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। चुनाव जीतने के बाद Himanta Biswa Sarma ने कहा कि अब सरकार का फोकस “योजनाओं को जमीन पर उतारने” पर रहेगा और अगले पांच साल विकास व इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम होंगे। इससे पहले नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने मंत्रिमंडल के साथ राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया था।
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Tamil Nadu CM Vijay, C Joseph Vijay,

Breaking News: “कोई दूसरा Power Center नहीं होगा” — CM विजय का पहला बड़ा संदेश

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने शपथ के बाद अपने पहले भाषण में साफ कहा कि सरकार में कोई दूसरा पावर सेंटर नहीं होगा। जानिए उन्होंने जनता से क्या बड़े वादे किए। चेन्नई से नई राजनीति की शुरुआत तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। टीवीके चीफ और अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में साफ संदेश दिया कि उनकी सरकार में “कोई दूसरा Power Center नहीं होगा।” चेन्नई में आयोजित शपथ समारोह के बाद मुख्यमंत्री विजय ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर चलेगी। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए सभी वादे चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। “वादे पूरे होंगे, लेकिन धीरे-धीरे” अपने पहले भाषण में विजय ने जल्दबाजी से बचने का संकेत देते हुए कहा कि सरकार हर फैसले को योजनाबद्ध तरीके से लागू करेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और उनकी सरकार उस भरोसे को टूटने नहीं देगी। मुख्यमंत्री विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार में अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा और किसी समानांतर शक्ति केंद्र की कोई भूमिका नहीं होगी। राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को बड़ा संकेत माना जा रहा है। सामाजिक न्याय और सेक्युलर मॉडल पर जोर विजय ने कहा कि उनकी सरकार हर वर्ग के लिए काम करेगी। युवाओं, महिलाओं और गरीब तबकों को प्राथमिकता देने की बात करते हुए उन्होंने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े सुधारों का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की पहचान सामाजिक न्याय और प्रगतिशील सोच से रही है और उनकी सरकार उसी मॉडल को आगे बढ़ाएगी। राजनीति में नई शैली? फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय के मुख्यमंत्री बनने को तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। उनके पहले ही भाषण ने यह साफ कर दिया है कि वे अपनी सरकार पर पूरी पकड़ रखना चाहते हैं और नेतृत्व को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं छोड़ना चाहते।
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Yogi Cabinet Expansion 2026,

Breaking News: योगी सरकार 2.0 का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार, 8 मंत्रियों ने ली शपथ

लखनऊ में रविवार को योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का दूसरा बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 8 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें 2 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जबकि 2 राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार दिया गया। इस विस्तार में भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और समाजवादी पार्टी से आए मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वहीं अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार का दर्जा मिला। इसके अलावा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र डिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। इस विस्तार के बाद योगी सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 60 के करीब पहुंच गई है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने ओबीसी, दलित और पूर्वांचल-बुंदेलखंड क्षेत्रों को साधने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी फोकस दिखा। समारोह में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, राज्यपाल Anandiben Patel समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विपक्ष ने इस विस्तार को चुनावी रणनीति बताया है।
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Bihar में बिजली-पेड़ गिरने से 9 लोगों की मौत, 6 राज्यों में आंधी-बारिश का कहर; राजस्थान-एमपी में गर्मी से बेहाल लोग

Bihar में बिजली-पेड़ गिरने से 9 लोगों की मौत, 6 राज्यों में आंधी-बारिश का कहर; राजस्थान-एमपी में गर्मी से बेहाल लोग

देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक तरफ Bihar में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से दर्दनाक हादसे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम के इस दोहरे असर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बिहार में शुक्रवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश के दौरान अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने और पेड़ गिरने की घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला, जहां खेतों में काम कर रहे किसान और खुले में मौजूद लोग अचानक मौसम खराब होने की चपेट में आ गए। वहीं उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत 6 राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक कुछ इलाकों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर राजस्थान और मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। डॉक्टरों ने लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में कुछ राज्यों में राहत की बारिश हो सकती है, लेकिन कई इलाकों में गर्मी अभी और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Big Breaking: लेफ्टिनेंट जनरल NS राजा सुब्रमणि होंगे भारत के नए CDS, अनिल चौहान की लेंगे जगह

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया। वे 30 मई 2026 के बाद जनरल अनिल चौहान की जगह संभालेंगे। भारत को मिला नया CDS, मोदी सरकार ने किया बड़ा ऐलान भारत सरकार ने देश के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (PVSM, AVSM, SM, VSM – सेवानिवृत्त) को देश का नया CDS नियुक्त किया गया है। वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद एन.एस. राजा सुब्रमणि देश की तीनों सेनाओं के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, वे पदभार ग्रहण करने के साथ ही सैन्य मामलों के विभाग (Department of Military Affairs) में सचिव की भूमिका भी निभाएंगे। कौन हैं NS राजा सुब्रमणि? लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के सबसे अनुभवी और रणनीतिक अधिकारियों में गिने जाते हैं। वे 1 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने भारतीय सेना में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनका सैन्य करियर: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच उनका अनुभव भारत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। क्या होता है CDS का पद? चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच तालमेल स्थापित करने वाला सर्वोच्च सैन्य पद होता है। यह पद 2020 में मोदी सरकार ने बनाया था ताकि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक युद्ध रणनीति तैयार की जा सके। CDS रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग का प्रमुख भी होता है। बिपिन रावत थे भारत के पहले CDS 1 जनवरी 2020 को यह पद अस्तित्व में आने के बाद जनरल Bipin Rawat भारत के पहले CDS बने थे। हालांकि 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद जनरल अनिल चौहान को नया CDS नियुक्त किया गया था। अब जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालेंगे। क्यों अहम मानी जा रही यह नियुक्ति? भारत इस समय चीन सीमा, हिंद महासागर, साइबर युद्ध और आधुनिक सैन्य तकनीक जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में नए CDS की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि NS राजा सुब्रमणि का अनुभव और रणनीतिक सोच आने वाले वर्षों में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और थिएटर कमांड सिस्टम को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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Tamil Nadu Government Formation 2026, Vijay TVK,

Tamil Nadu Political Drama: बहुमत के बिना फंसे विजय! सरकार गठन पर सस्पेंस, राज्यपाल ने अब तक नहीं दिया न्योता

Tamil Nadu Government Formation 2026: विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सरकार गठन पर सस्पेंस जारी। राज्यपाल ने अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया। तमिलनाडु की राजनीति इस समय जबरदस्त सस्पेंस और सत्ता संघर्ष के दौर से गुजर रही है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर होने के कारण सरकार गठन अब तक अधर में लटका हुआ है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने अभी तक विजय को सरकार बनाने का औपचारिक न्योता नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। विपक्ष इसे “लोकतंत्र की परीक्षा” बता रहा है, जबकि समर्थक इसे संवैधानिक प्रक्रिया कह रहे हैं। 108 सीटें जीतकर भी क्यों फंसी TVK? 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। विजय की Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं, लेकिन सरकार बनाने के लिए उसे 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। इसके बाद कांग्रेस ने सबसे पहले TVK को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ TVK का आंकड़ा 113 तक पहुंचा, लेकिन फिर भी बहुमत से पीछे था। राजनीतिक समीकरण तब बदले जब CPI, CPI(M), VCK और IUML जैसी पार्टियों ने भी विजय को समर्थन देने का फैसला किया। इसके बाद TVK का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया।फिर भी राज्यपाल क्यों नहीं दे रहे न्योता? सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ था कि जब TVK बहुमत का दावा कर रही है, तो राज्यपाल सरकार गठन का निमंत्रण क्यों नहीं दे रहे? राजभवन सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में कुछ सहयोगी दलों के समर्थन पत्र औपचारिक रूप से नहीं पहुंचे थे। इसी वजह से राज्यपाल ने विजय को तुरंत न्योता नहीं दिया। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों और संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई। कई नेताओं ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को पहले मौका मिलना चाहिए था और बहुमत साबित करने की जिम्मेदारी विधानसभा फ्लोर टेस्ट में तय होनी चाहिए। तीसरी बार राज्यपाल से मिले विजय सरकार गठन की कोशिशों के बीच विजय लगातार सक्रिय नजर आए। उन्होंने तीन दिनों में तीसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की और समर्थन देने वाले दलों के पत्र भी सौंपे। इसके बाद चेन्नई में TVK समर्थकों ने बड़े स्तर पर जश्न मनाया। विजय ने CPI और CPI(M) कार्यालय जाकर वाम दलों के नेताओं का समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया। यह पहली बार था जब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इन दलों के साथ इतनी नजदीकी दिखाई। DMK और INDIA गठबंधन में बढ़ी बेचैनी कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन दिए जाने से DMK और INDIA गठबंधन के भीतर भी असहजता बढ़ गई है। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में “नई पारी” मान रहे हैं। वहीं BJP ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दल के साथ सरकार गठन में शामिल नहीं होगी और जनता के जनादेश का सम्मान करेगी। क्या विजय बन पाएंगे मुख्यमंत्री? अब लगभग साफ माना जा रहा है कि समर्थन जुटाने के बाद विजय सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही शपथ ग्रहण की तारीख का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा, क्योंकि दशकों बाद राज्य में DMK और AIADMK के बाहर कोई नई ताकत सत्ता तक पहुंचेगी।
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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