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भवानीपुर सीट नहीं छोड़ेंगे Suvendu Adhikari, नंदीग्राम से इस्तीफे का किया ऐलान

भवानीपुर सीट नहीं छोड़ेंगे Suvendu Adhikari, नंदीग्राम से इस्तीफे का किया ऐलान

West Bengal की राजनीति में एक बड़ा फैसला सामने आया है। भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने साफ कर दिया है कि वह भवानीपुर सीट अपने पास ही रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उनके इस फैसले के बाद बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भवानीपुर की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और वह वहां के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता के साथ लगातार जुड़े रहना भी जरूरी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला भाजपा की आगामी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। नंदीग्राम सीट बंगाल की राजनीति में काफी अहम मानी जाती रही है और यहां का हर राजनीतिक कदम चर्चा में रहता है। भाजपा समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे रणनीतिक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि नंदीग्राम छोड़ना बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकता है। फिलहाल, बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी के इस फैसले ने नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीतिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE

CBSE Board Result 2026: 12वीं में बेटियों का जलवा, 85.20% स्टूडेंट्स हुए पास

देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। Central Board of Secondary Education यानी CBSE ने Class 12th Board Result 2026 जारी कर दिया है। इस साल कुल 85.20% छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं। रिजल्ट आते ही छात्रों और अभिभावकों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% रहा, जबकि लड़कों का रिजल्ट 82.13% दर्ज किया गया। ट्रांसजेंडर छात्रों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 100% रिजल्ट हासिल किया। Girls Performance ने फिर जीता दिल हर साल की तरह इस बार भी छात्राओं ने पढ़ाई में अपना दबदबा कायम रखा। कई स्कूलों में बेटियों ने टॉप स्कोर हासिल किए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मेहनत, बेहतर समय प्रबंधन और ऑनलाइन स्टडी सपोर्ट की वजह से छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। CBSE ने इस बार भी टॉपर लिस्ट जारी नहीं की है। बोर्ड का कहना है कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव और तुलना से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। ऐसे चेक करें CBSE 12th Result 2026 छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी की जरूरत होगी। रिजल्ट इन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है: कॉलेज एडमिशन की तैयारी शुरू 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्रों की नजर कॉलेज एडमिशन और करियर पर है। देश की कई यूनिवर्सिटी जल्द ही Undergraduate Courses के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने जा रही हैं। ऐसे में छात्रों को जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। छात्रों के लिए खास संदेश बोर्ड परीक्षा सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। जिन छात्रों का रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आया है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। आगे भी कई मौके मिलेंगे जहां मेहनत और आत्मविश्वास सफलता दिला सकते हैं। वहीं अच्छे अंक लाने वाले छात्रों के लिए यह मेहनत का फल है, लेकिन सीखने का सफर अभी जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Railway Update: पुणे जाने वाली कई ट्रेनें रद्द, बदले गए कई ट्रेनों के Route

Bhopal से पुणे, मुंबई और दक्षिण भारत की ओर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मध्य रेलवे के दौंड-मनमाड रेलखंड पर चल रहे मेगा ब्लॉक की वजह से भोपाल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया है। रेलवे ने 8 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि कई एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं। यह मेगा ब्लॉक 16 से 18 मई 2026 तक रहेगा, लेकिन इसका असर करीब 5 दिनों तक देखने को मिलेगा। गर्मी की छुट्टियों के बीच अचानक ट्रेनों के रद्द होने से हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कई लोगों को अब अपनी यात्रा की नई प्लानिंग करनी पड़ रही है। क्यों लगाया गया Mega Block? रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दौंड-मनमाड सेक्शन में डबल लाइन, सिग्नल अपग्रेड और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा। हालांकि, फिलहाल इस काम की वजह से कई ट्रेनों को कैंसिल और डायवर्ट करना पड़ा है। ये 8 ट्रेनें पूरी तरह रहेंगी Cancel रेलवे ने अलग-अलग तारीखों में चलने वाली कई स्पेशल ट्रेनों को निरस्त किया है। इनमें पुणे, गोरखपुर, दानापुर, झांसी और जबलपुर रूट की ट्रेनें शामिल हैं। कई एक्सप्रेस ट्रेनों का बदला Route मेगा ब्लॉक के चलते कई लंबी दूरी की ट्रेनों को दूसरे रास्ते से चलाया जाएगा। इनमें दिल्ली, बेंगलुरु, बनारस और जम्मू रूट की ट्रेनें शामिल हैं। डायवर्ट होकर चलने वाली प्रमुख ट्रेनें: इन ट्रेनों को मनमाड, नाशिक, कल्याण और पनवेल रूट से निकाला जाएगा। ऐसे में कई ट्रेनों के लेट होने की संभावना भी जताई गई है। करीब 50 हजार यात्री होंगे प्रभावित रेलवे के मुताबिक, इस मेगा ब्लॉक से लगभग 50 हजार यात्रियों पर असर पड़ सकता है। गर्मी की छुट्टियों की वजह से पहले ही ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। अब ट्रेनें रद्द होने और रूट बदलने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी कई यात्री जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। कुछ यात्रियों का कहना है कि अचानक मिली इस सूचना से उनकी पूरी ट्रिप प्रभावित हो गई है। यात्रा से पहले जरूर करें ये काम रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में सफर से पहले सही जानकारी लेना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Bengaluru में बड़ा Alert: PM Modi के काफिले वाले रूट पर मिला संदिग्ध Timer Device

प्रधानमंत्री Narendra Modi के बेंगलुरु दौरे से जुड़ा सुरक्षा मामला अब बेहद संवेदनशील हो गया है। PM Modi के काफिले के तय रूट के पास पहले विस्फोटक सामग्री मिलने की खबर सामने आई थी, वहीं अब जांच एजेंसियों को उसी जगह से टाइमर, बैटरी, सर्किट बोर्ड और वायर भी मिले हैं। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। बताया जा रहा है कि 10 मई को प्रधानमंत्री मोदी बेंगलुरु के एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उनके दौरे से पहले पूरे शहर में हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया गया था। इसी दौरान पुलिस की जांच टीम को सड़क किनारे एक संदिग्ध बैग मिला। शुरुआती जांच में उसमें जिलेटिन स्टिक बरामद हुई थीं, लेकिन बाद में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने से मामला और गंभीर माना जा रहा है। आरोपियों से हुई बड़ी चूक! जांच एजेंसियों के मुताबिक, बरामद सामान देखकर ऐसा माना जा रहा है कि संदिग्ध लोग विस्फोटक डिवाइस तैयार करने की कोशिश में थे, लेकिन वे उसे पूरी तरह जोड़ नहीं पाए। यही वजह रही कि कोई धमाका नहीं हुआ और बड़ा हादसा टल गया। सूत्रों के अनुसार, मौके से मिले टाइमर और सर्किट बोर्ड ने जांच को नई दिशा दे दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस पूरे प्लान के पीछे कौन लोग थे और उनका मकसद क्या था। NIA समेत कई एजेंसियां जांच में जुटीं मामले की गंभीरता को देखते हुए National Investigation Agency (NIA) भी जांच में शामिल हो चुकी है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि यह सिर्फ डर फैलाने की कोशिश थी या फिर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोई बड़ी साजिश। फर्जी बम कॉल ने बढ़ाई परेशानी इसी बीच पुलिस ने एक व्यक्ति को फर्जी बम कॉल करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने जांच एजेंसियों को भ्रमित करने की कोशिश की थी। हालांकि अभी यह साफ नहीं हुआ है कि उसका इस पूरे मामले से कोई सीधा कनेक्शन है या नहीं। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल प्रधानमंत्री के रूट के बेहद करीब संदिग्ध विस्फोटक सामग्री और टाइमर मिलने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते समय रहते सामान बरामद कर लिया गया और कोई नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस केस में और बड़े खुलासे कर सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather राजस्थान में Heatwave Red Alert, UP-MP में तेज आंधी; देशभर में बदला मौसम

देशभर में मौसम (Weather) ने अचानक अपना रुख बदल लिया है। कहीं लोग भीषण गर्मी और हीटवेव से परेशान हैं, तो कहीं तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने हालात बिगाड़ दिए हैं। राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि बिहार और महाराष्ट्र में आकाशीय बिजली और तूफान ने 11 लोगों की जान ले ली। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजस्थान में Heatwave का कहर, बाड़मेर सबसे गर्म राजस्थान का बाड़मेर इस समय देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है। बुधवार को यहां तापमान 48°C के पार दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग खाली नजर आईं। मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। MP और हरियाणा में बदला मौसम, कई जगह गिरे ओले जहां राजस्थान में लोग गर्मी से बेहाल हैं, वहीं मध्य प्रदेश और हरियाणा में मौसम अचानक बदल गया। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। मध्य प्रदेश के कुछ शहरों में तेज हवा के कारण पेड़ गिर गए और बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। हरियाणा में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। Bareilly में आंधी का असर, पेड़ और खंभे गिरे उत्तर प्रदेश के बरेली में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ इलाकों में बिजली कटौती भी करनी पड़ी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मौसम अचानक बदला और कुछ ही मिनटों में तेज तूफान ने पूरे शहर को प्रभावित कर दिया। Bihar-Maharashtra में बिजली गिरने से 11 मौतें बिहार और महाराष्ट्र में खराब मौसम जानलेवा साबित हुआ। दोनों राज्यों में आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं में कुल 11 लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। बिहार के ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे लोगों पर बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। वहीं महाराष्ट्र में तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने कई जिलों में सामान्य जीवन प्रभावित किया। अगले 48 घंटे रहेंगे अहम मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में देश के कई हिस्सों में मौसम का यही उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। पश्चिमी भारत में Heatwave और उत्तर-मध्य भारत में Thunderstorm और बारिश की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बिजली चमकने और तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हरदीप सिंह पुरी

Fuel Crisis की अफवाहों के बीच सरकार अलर्ट, हरदीप सिंह पुरी का बड़ा दावा

देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की उपलब्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पास फिलहाल करीब 60 दिनों तक चलने वाला कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा लगभग 45 दिनों का LPG भंडार भी सुरक्षित रखा गया है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई थी। सोशल मीडिया पर भी ईंधन संकट को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही थीं। ऐसे माहौल में सरकार का यह बयान राहत देने वाला माना जा रहा है। PM के बयान पर क्यों मचा था विवाद? दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के बाद विपक्ष और सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों ने इसे संभावित तेल संकट से जोड़कर देखा। हालांकि पेट्रोलियम मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री की बातों का “मनगढ़ंत मतलब” निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य है और लोगों को किसी तरह की घबराहट में आने की जरूरत नहीं है। भारत ने पहले से की थी तैयारी सरकार के मुताबिक भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले से ही रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार तैयार कर रखा है। यही कारण है कि वैश्विक हालात खराब होने के बावजूद देश में फिलहाल तेल और गैस की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। इसका असर आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। LPG, Petrol और Diesel Supply पर क्या असर? सरकार और ऑयल कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि देशभर में LPG सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। किसी भी राज्य में फिलहाल ईंधन की कमी की सूचना नहीं है। मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें और बिना वजह panic buying न करें। आम लोगों के लिए राहत की खबर महंगाई और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच सरकार का यह बयान आम लोगों के लिए राहत लेकर आया है। फिलहाल देश के पास पर्याप्त तेल और गैस भंडार मौजूद है, जिससे आने वाले कुछ हफ्तों तक सप्लाई प्रभावित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार और पश्चिम एशिया के हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा सकें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonia Gandhi

Sonia Gandhi Hospitalized: रूटीन चेकअप के बाद अस्पताल में भर्ती, जल्द हो सकती है Surgery

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता Sonia Gandhi को गुरुग्राम स्थित Medanta – The Medicity में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी एक निर्धारित सर्जरी होनी है, जिसके लिए डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी को शुरुआत में रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती रखने का फैसला लिया। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है और मेडिकल टीम उनकी सेहत पर करीबी नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज सूत्रों का कहना है कि यह कोई इमरजेंसी स्थिति नहीं है, बल्कि पहले से तय मेडिकल प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी की तरफ से सर्जरी को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। पार्टी के करीबी नेताओं ने भी कहा है कि चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है और इलाज सामान्य प्रक्रिया के तहत चल रहा है। पहले भी स्वास्थ्य कारणों से रही हैं चर्चा में पिछले कुछ वर्षों में सोनिया गांधी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण कई बार इलाज करवा चुकी हैं। इसके बावजूद वह पार्टी के बड़े फैसलों और अहम बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। हाल ही में भी उन्होंने कांग्रेस की रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लिया था। समर्थकों और नेताओं ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना इस खबर के सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चिंता बढ़ गई। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। कांग्रेस के कार्यक्रमों पर पड़ सकता है असर राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि सोनिया गांधी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के कुछ आगामी कार्यक्रमों में बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजर उनकी हेल्थ अपडेट और सर्जरी से जुड़ी अगली जानकारी पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu CM Vijay ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

Tamil Nadu CM Vijay ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री Vijay ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया। AIADMK में हुई टूट के बाद सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन विश्वास मत के दौरान विजय सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला। विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार जनता के भरोसे और विकास के एजेंडे पर काम करती रहेगी। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का आरोप भी लगाया। दरअसल, AIADMK के अंदर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के कारण पार्टी दो गुटों में बंट गई। इसके बाद विपक्ष ने सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए थे। इसी बीच राज्यपाल के निर्देश पर विधानसभा में विश्वास मत लाया गया। विश्वास मत के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार के समर्थन में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि अंत में विजय सरकार आसानी से बहुमत साबित करने में सफल रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत से मुख्यमंत्री विजय की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही राज्य की राजनीति में AIADMK की अंदरूनी कलह का असर आने वाले दिनों में और देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु की जनता अब सरकार से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी है। ऐसे में विजय सरकार के सामने जनता के भरोसे पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती रहेगी। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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उदयनिधि

Tamil Nadu Politics में भूचाल: सनातन पर बयान के बाद उदयनिधि फिर सुर्खियों में

तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर बड़े विवाद में आ गई है। चुनावी नतीजों के बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में DMK नेता और मंत्री उदयनिधि (Udhayanidhi Stalin)के कथित बयान ने पूरे देश में राजनीतिक बहस छेड़ दी है। क्या कहा गया बयान में? रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंच से उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि “सनातन को खत्म किया जाना चाहिए।” यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और अलग-अलग वर्गों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। विपक्ष का हमला और राजनीतिक प्रतिक्रिया इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक भावनाओं पर चोट बताते हुए कड़ी आलोचना की है। कई नेताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा समाज में विभाजन पैदा कर सकती है और राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना सकती है। DMK की चुप्पी और बढ़ता विवाद अब तक DMK की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। इसी वजह से मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर बवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है। कुछ लोग इसे विचारधारा का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कई इसे भड़काऊ बयान करार दे रहे हैं। हर तरफ इस पर बहस का माहौल बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Exam News Hindi: क्या फिर से देना होगा एग्जाम? जानें सभी जरूरी जवाब

NEET UG परीक्षा को लेकर आई रद्द या स्थगित होने की खबर ने लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स को परेशान कर दिया है। हर कोई यही जानना चाहता है कि अब आगे क्या होगा—क्या फिर से फॉर्म भरना होगा, नई परीक्षा कब होगी और तैयारी पर क्या असर पड़ेगा। आइए इसे आसान और साफ भाषा में समझते हैं। NEET Exam क्यों हुआ Cancel / Postpone? NEET जैसी बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा कई वजहों से प्रभावित हो सकती है, जैसे: इन सभी मामलों में अंतिम फैसला NTA (National Testing Agency) द्वारा लिया जाता है। क्या दोबारा करना होगा NEET Application? यह सबसे बड़ा सवाल है। अगर परीक्षा सिर्फ postpone (स्थगित) हुई है: अगर परीक्षा पूरी तरह cancel और re-conduct होती है: NEET Exam New Date कब आएगी? क्या New Admit Card मिलेगा? हाँ, अगर परीक्षा दोबारा होती है: क्या Exam Fee फिर से देनी होगी? छात्रों को अब क्या करना चाहिए? यह समय घबराने का नहीं है, बल्कि संभलकर तैयारी करने का है: क्या Syllabus या Exam Pattern बदलेगा? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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