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Pahalgam terror attack

Pahalgam Terror Attack में शहीद Navy Officer Lt. Vinay Narwal को पत्नी ने दी अंतिम विदाई, कांप उठी हर आंख

भारतीय नौसेना के OFFICER लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी ने अपने पति को भावभीनी विदाई दी, जो पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। दोनों की शादी 16 अप्रैल को हुई थी।हाथ जोड़कर विनती कर रही थीं, “मेरे पति को छोड़ दो!” लेकिन क्रूर आतंकियों ने एक न सुनी और गोलियों से भून दिया। इन आसुओं और चीख का जिम्मेदार कौन? Lt. Vinay Narwal की पत्नी के दर्द को और उनकी हालत को देखिए! महज 6 दिन पहले उनकी शादी हुई थी और हनीमून के लिए वे कश्मीर के पहलगाम गए थे।
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Pahalgam terror attack: ‘चाय-पंक्चर-ढाबा-पौनी’, क्या इन पर भरोसा बना इंटेलिजेंस चूक

Intelligence Failure in Pahalgam? Sleeper Cells, Local Informants & TRF Network Exposed Pahalgam terror attack- Intelligence Failure एक बार फिर Jammu-Kashmir की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकियों के पास सुरक्षा ढांचे, पुलिस मूवमेंट और इलाके की बारीक जानकारियां पहले से मौजूद थीं। मंगलवार दोपहर हुए इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की फ्रंट विंग The Resistance Front (TRF) ने ली है। सूत्रों का मानना है कि इस हमले की योजना बड़ी बारीकी से बनाई गई थी। आतंकियों को न सिर्फ गश्त की टाइमिंग की जानकारी थी, बल्कि वे जानते थे कि किस समय सुरक्षा बल मौके पर नहीं होंगे। Sleeper Cells ने आतंकियों को लोकल मूवमेंट, पुलिस चौकी की दूरी और पर्यटकों की मौजूदगी के बारे में पूरी सूचना दी थी। जिन चाय वालों, ढाबा संचालकों, पंक्चर मेकेनिकों और Mule-Pony Operators को आमतौर पर शक के दायरे से बाहर रखा जाता है, वहीं अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। इन स्थानीय लोगों को पहचानना मुश्किल होता है, क्योंकि वे क्षेत्रीय भाषा जानते हैं, इलाके के भूगोल से वाकिफ हैं और पर्यटकों के साथ सहजता से घुलमिल जाते हैं। Retired Defence Expert Capt. Anil Gaur का कहना है कि ऐसे Sleeper Cells लंबे समय से घाटी में सक्रिय हैं। साल 2020 में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ISI और जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑडियो इंटरसेप्ट से यह खुलासा किया था कि कैसे पंक्चर की दुकानें, ढाबे और चाय स्टॉल आतंकियों के मददगार के रूप में काम कर रहे हैं। सड़क किनारे प्लास्टिक में हथियार छिपाने, संचार यंत्र रखने और क्रॉस फायरिंग के लिए चुनी गई जगहों की प्लानिंग बाकायदा पाकिस्तान की एजेंसियों द्वारा की जाती है। Why this matters now? क्योंकि पहलगाम जैसे संवेदनशील इलाके में इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा बलों की गैरमौजूदगी और आतंकियों की सटीक रणनीति दर्शाती है कि ground intelligence बुरी तरह फेल हुई है। सुरक्षा बलों के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि हमले के वक्त कोई क्रॉस फायरिंग नहीं हुई, क्योंकि आस-पास कोई सुरक्षा बल मौजूद ही नहीं था। ये भी देखा गया कि आतंकी घोड़ों, खच्चरों और ढाबों के बीच से निकले, लेकिन इन पर किसी को शक नहीं हुआ। यही नहीं, हमला होने के काफी देर बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे – तब तक आतंकी जंगलों की ओर भाग चुके थे। घटना की एक और चिंताजनक बात यह है कि आतंकी ढाबा संचालकों और उनके कर्मचारियों को टारगेट नहीं कर रहे थे – इसका मतलब साफ है कि वे ‘अपने लोग’ थे या उन्हें पहले से सावधान किया गया था। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ऐसी घटनाएं आतंकियों की गहरी local network intelligence की ओर इशारा करती हैं। Conclusion:अब वक्त आ गया है कि Jammu-Kashmir में चाय बेचने वालों, ढाबा संचालकों और घोड़ा-खच्चर वालों पर भी सतर्क नजर रखी जाए। हर ‘Local’ को ‘Friendly’ मान लेना अब महंगा साबित हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को पुराने खांचे से बाहर आकर Hybrid Militants और Sleeper Informants की पहचान करनी होगी, नहीं तो अगला हमला और भी ज्यादा विनाशकारी हो सकता है।
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Pahalgam Terror Attack: 26 पर्यटकों की हत्या, 2 Pakistani और 2 Local आतंकियों की पहचान, Global निंदा

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Pahalgam के बैसरन घाटी में सोमवार शाम एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई और 30 से अधिक घायल हुए। यह हमला उस समय हुआ जब सैकड़ों पर्यटक बैसरन में सैर कर रहे थे। आतंकी जंगल की ओर से आए और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों की पहचान और समूह का खुलासा इस भीषण हमले की ज़िम्मेदारी आतंकवादी संगठन ‘कश्मीर रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध माना जाता है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त जांच में इस हमले में शामिल चार आतंकियों की पहचान की गई है। इनमें दो पाकिस्तानी आतंकियों – अबू हमजा और अबू ताल्हा, तथा दो स्थानीय आतंकवादी – फैयाज़ अहमद लोन (अनंतनाग) और शोएब मीर (कुलगाम) के रूप में पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इन आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से इस हमले को अंजाम दिया था, जिसका मकसद अमरनाथ यात्रा से पहले डर का माहौल बनाना था। गिरफ्तारियां और हथियार बरामद पुलिस ने इस हमले में शामिल दो ‘हाइब्रिड आतंकियों’ को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ जारी है जिससे और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सुरक्षा समीक्षा और कड़ी कार्रवाई के निर्देश Pahalgam हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने घाटी में सुरक्षा हालात की समीक्षा की और सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा इस जघन्य हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निंदा हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और श्रीलंका सरकार ने इस घटना पर दुख जताते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस हमले की निंदा की और आतंकवाद के हर स्वरूप को खारिज किया। बैसरन घाटी में फिर से सामान्य स्थिति लाने के प्रयास हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटकों से फिलहाल पहलगाम क्षेत्र की यात्रा न करने की अपील की है। Deshharpal पर बने रहें ताज़ा अपडेट्स के लिए।
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PahalgamTerrorist Attack: सऊदी से लौटे पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर ही कि डोभाल-जयशंकर से बैठक

(Desh Harpal के लिए विशेष रिपोर्ट): Pahalgam Terrorist Attack – जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। मरने वालों में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल थे, जो छुट्टियां बिताने पहलगाम पहुंचे थे। आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया, जिससे पूरे देश में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है। इस हमले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi अपना विदेश दौरा बीच में छोड़कर भारत लौट आए। एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने National Security Advisor अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ आपात बैठक की और हमले की पूरी जानकारी ली। इसके बाद पीएम मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की निंदा हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि “कश्मीर से आ रही खबरें बेहद दुखद हैं। आतंक के खिलाफ अमेरिका, भारत के साथ खड़ा है।” उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए शांति की प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin, इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu, और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने भी भारत के प्रति एकजुटता जताई है और हमले की कड़ी निंदा की है। इन सभी नेताओं ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत अकेला नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस हमले की योजना सीमापार से रची गई थी और इसका उद्देश्य भारत की Tourism Industry और शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था। घटनास्थल पर सेना और सुरक्षाबल सक्रिय हैं और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। भारत सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। Desh Harpal की विशेष टिप्पणी:एक ओर भारत अपनी Soft Power और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आतंकियों की यह कायराना हरकत दर्शाती है कि शांति से उन्हें सबसे ज़्यादा डर लगता है। यह हमला सिर्फ जम्मू-कश्मीर पर नहीं, बल्कि पूरे भारत पर किया गया हमला है।
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Terror Attack in Pahalgam

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: हिंदुओं को निशाना बनाकर की गई बर्बरता, 26 की मौत, honeymoon पर आए कपल को भी नहीं छोड़ा

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam- जम्मू-कश्मीर के शांत और सुरम्य पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर घाटी की शांति को खून से लाल कर दिया। आतंकियों ने ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहे जाने वाले बैसारन घाटी में टूरिस्ट्स को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला 2019 के पुलवामा अटैक के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। हनीमून पर आए थे शुभम, नाम पूछकर सिर में मारी गोली घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे की है। यूपी से आए शुभम द्विवेदी अपने honeymoonपर पत्नी के साथ पहलगाम पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने उनसे नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने अपना नाम बताया, तुरंत सिर में गोली मार दी। शुभम की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। उनकी पत्नी इस हादसे के बाद बेसुध हालत में है। लोकल पुलिस की वर्दी में थे आतंकी, जबरन पढ़वाया ‘कलमा’ पुणे से पहलगाम घूमने आईं आसावरी ने आजतक से बातचीत में बताया कि हमलावर लोकल पुलिस की वर्दी में और मास्क लगाए हुए थे। उन्होंने पर्यटकों, खासकर हिंदू यात्रियों से जबरन ‘कलमा’ पढ़वाने की कोशिश की, और जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी। आसावरी ने रोते हुए बताया कि “मेरे सामने मेरे पापा को तीन गोलियां मारी गईं, और वो वहीं गिर पड़े।” Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: लश्कर-ए-तैयबा ने ली हमले की जिम्मेदारी हमले के कुछ घंटों बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। शुरू में प्रशासन ने केवल 1 मौत की पुष्टि की थी, लेकिन करीब 4 घंटे बाद मीडिया रिपोर्ट्स में 26 मौतों की पुष्टि हुई। मारे गए पर्यटकों के नाम (राज्यवार सूची) घायलों की सूची सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलचल पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर घाटी की शांति पर फिर सवाल जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं अब एक बार फिर हिंदुओं और टूरिज्म को निशाना बना रही हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सद्भावना के लिए बड़ा खतरा है। पहलगाम जैसे सुरक्षित माने जाने वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर हमला बताता है कि अब आतंकियों की रणनीति बदल गई है। 👉 Desh Harpal इस हृदयविदारक घटना की कड़ी निंदा करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।सरकार से मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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Terrorist Attack in Pahalgam

🔴 Terrorist Attack in Pahalgam: पर्यटकों पर हमला, एक की मौत, घोड़े भी घायल

Terrorist Attack in Pahalgam: जम्मू-कश्मीर के टूरिस्ट हॉटस्पॉट पहलगाम के बैसरन इलाके में सोमवार को आतंकियों ने अचानक घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों पर फायरिंग कर दी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि तीन पर्यटकों समेत कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन स्थानीय निवासी भी इस हमले में घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या दो से तीन बताई जा रही है और वे पुलिस या आर्मी की यूनिफॉर्म में थे, जिससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ। हमले में न केवल इंसानों को बल्कि घोड़ों को भी निशाना बनाया गया, जिन पर गोलियां चलीं। कई घोड़े गंभीर रूप से घायल हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए CRPF की अतिरिक्त Quick Reaction Team (QRT) को मौके पर भेजा गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और टूरिस्ट ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि आतंक का यह नया चेहरा सीधे घाटी की टूरिज़्म इंडस्ट्री को निशाना बना रहा है, जिससे ना सिर्फ स्थानीय रोजगार प्रभावित होगा बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं। हमले के वक्त टूरिस्ट ग्रुप घुड़सवारी का आनंद ले रहा था, तभी अचानक गोलियों की बौछार शुरू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मृतक की पहचान की जा रही है। यह हमला उस वक्त हुआ है जब गर्मियों का टूरिस्ट सीजन शुरू हो चुका है और पहलगाम में टूरिस्ट्स की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं हमलावरों का मकसद घाटी में डर का माहौल बनाकर टूरिज़्म को नुकसान पहुंचाना तो नहीं। Desh Harpal इस घटना की पल-पल की अपडेट्स आप तक पहुंचाता रहेगा।
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UPSC CSE Final Result 2024: प्रयागराज के शक्ति दुबे ने देश में टॉप किया, कुल 1009 अभ्यर्थी चयनित

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में टॉप किया है। UPSC द्वारा कुल 1009 उम्मीदवारों की नियुक्ति की सिफारिश की गई है। टॉप 10 सफल उम्मीदवारों की सूची: टॉप 3 उम्मीदवारों की प्रोफाइल: परीक्षा प्रक्रिया और आंकड़े: कुल 14,627 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,845 साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट हुए। अंततः 1,009 अभ्यर्थियों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को चयनित किया गया है। सेवा आवंटन विवरण: UPSC ने 230 उम्मीदवारों की रिजर्व सूची भी जारी की है, जबकि 241 अभ्यर्थियों का परिणाम प्रोविजनल है। महिला उम्मीदवारों की उल्लेखनीय भागीदारी: इस वर्ष टॉप 5 में से 3 स्थान महिलाओं के पास हैं, जो सिविल सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। परिणाम देखने के लिए: उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट https://www.upsc.gov.in पर पूरी चयनित सूची देख सकते हैं।
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Congress

Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार

(Desh Harpal l News Desk):BJP सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर Congress पर करारा हमला बोला है, लेकिन इस बार उनका निशाना बना एक ऐसा नाम जिसे लेकर राजनीति और न्यायपालिका के संबंधों पर गंभीर सवाल उठाए जा सकते हैं – Justice Baharul Islam. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया और संसद में Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार की संविधान बचाओ मुहिम को ‘मजेदार कहानी’ बताते हुए तंज कसा कि Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वारही वो पार्टी है जो जब सत्ता में थी, तब उसने कैसे न्यायपालिका का अपने हिसाब से इस्तेमाल किया। उन्होंने Justice Baharul Islam का उदाहरण देते हुए कहा: “1977 में जब इंदिरा गांधी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, तब Baharul Islam ने वह सभी केस तन्मयता से समाप्त कर दिए। इसके इनामस्वरूप कांग्रेस ने उन्हें 1983 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर करवा कर तीसरी बार राज्यसभा में भेज दिया।” निशिकांत दुबे के इस बयान की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से भी होती है, जहाँ के अनुसार: निशिकांत दुबे ने इस इतिहास को उजागर करते हुए पूछा कि “क्या यही है कांग्रेस की न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा?” इस बयान के जरिए BJP सांसद ने न केवल कांग्रेस की राजनीतिक नीयत पर सवाल उठाया, बल्कि वर्तमान में जारी Judiciary vs Politics बहस को भी एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये पार्टी सिर्फ जब विपक्ष में होती है, तभी उसे संविधान और न्यायपालिका की याद आती है। अब देखना ये होगा कि कांग्रेस इस गंभीर आरोप का क्या जवाब देती है। लेकिन इतना तो तय है कि Baharul Islam का यह केस एक बार फिर Judicial Appointments और Political Rewards के बीच की ‘Thin Line’ को लोगों के सामने ला रहा है।
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Breaking: पोप फ्रांसिस(Pope Francis) का निधन – वेटिकन में शोक की लहर

21 अप्रैल 2025 को वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वेटिकन के कैमरलेंगो कार्डिनल केविन फैरेल ने उनके निधन की पुष्टि की। पिछले कुछ महीनों से वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसमें दोनों फेफड़ों में निमोनिया प्रमुख था। ​ अंतिम क्षण और स्वास्थ्य स्थिति पोप फ्रांसिस को फरवरी 2025 में ब्रोंकाइटिस के कारण रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी स्थिति बिगड़ती गई और उन्हें डबल निमोनिया हो गया, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी रही। हालांकि मार्च में उनकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन वे पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाए। ​ 12 वर्षों की प्रेरणादायक पोपाई 2013 में चुने गए पोप फ्रांसिस पहले लैटिन अमेरिकी और जेसुइट पोप थे। उनकी पोपाई सुधारों, करुणा और समावेशिता के लिए जानी जाती है। उन्होंने LGBTQ समुदाय, पुनर्विवाहित तलाकशुदा व्यक्तियों और प्रवासियों के लिए सहानुभूति और समर्थन दिखाया। उनकी प्रसिद्ध टिप्पणी “Who am I to judge?” ने चर्च के रूढ़िवादी दृष्टिकोण को चुनौती दी। ​Latest news & breaking headlines अंतिम संस्कार और अगला कदम पोप फ्रांसिस के निधन के बाद वेटिकन में नौ दिवसीय शोक अवधि (Novemdiales) शुरू हो गई है। इस दौरान सेंट पीटर्स स्क्वायर में विशेष मास आयोजित किए जाएंगे। पोप का अंतिम संस्कार चौथे से छठे दिन के बीच किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें सेंट पीटर्स बेसिलिका में दफनाया जाएगा। ​АТВ दुनिया भर से श्रद्धांजलियाँ दुनिया भर के नेता, धार्मिक प्रमुख और आम लोग पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनकी करुणा, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और समावेशी दृष्टिकोण को याद किया जा रहा है।​ पोप फ्रांसिस की विरासत उनके सुधारवादी दृष्टिकोण, करुणा और समावेशिता के लिए हमेशा याद की जाएगी।​
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi ने अमेरिका में उठाए चुनाव पर सवाल, बोले- महाराष्ट्र में दो घंटे में कैसे पड़े 65 लाख वोट?

Congress नेता Rahul Gandhi एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते नजर आए हैं। इस बार उन्होंने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय चुनावों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सिर्फ दो घंटे—शाम 5:30 से 7:30 बजे के बीच—में 65 लाख वोट कैसे पड़ सकते हैं? Rahul Gandhi ने यह सवाल उठाते हुए चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक आम आदमी को यह जानने का हक है कि उसका वोट सुरक्षित और सही तरीके से दर्ज हो रहा है या नहीं। “इतने कम समय में इतने ज्यादा वोट पड़ना असंभव सा लगता है,” राहुल ने कहा। Rahul का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में लोकसभा चुनाव का माहौल गरम है और हर पार्टी अपनी रणनीति में जुटी है। राहुल ने यह भी कहा कि आज के समय में लोगों को यह समझना जरूरी है कि लोकतंत्र की बुनियाद क्या है और इसे मजबूत रखने के लिए पारदर्शिता कितनी जरूरी है। उनके इस बयान पर बीजेपी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया भी आ सकती है, क्योंकि इससे पहले भी कई बार राहुल गांधी ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि, राहुल गांधी का मकसद चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत और साफ-सुथरा बनाना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सवाल किसी पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र के हक में हैं।
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Sabarimala

Sabarimala Case “मूर्ति छूना ईश्वर का अपमान कैसे?” सुप्रीम कोर्ट में नई बहस

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला (Sabarimala) मंदिर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और कानून के बीच संतुलन को लेकर गहन बहस देखने को मिली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर “मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे माना जा सकता है?” इस टिप्पणी ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। क्या है पूरा Sabarimala Temple Case? Sabarimala मंदिर के नियमों को लेकर यह विवाद वर्षों से चला आ रहा है। परंपरा के अनुसार, 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक रही है। इस नियम को लेकर पहले भी देशभर में विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई हो चुकी है। अब एक बार फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अदालत धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन तलाश रही है। “भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी” – मंदिर पक्ष की दलील सुनवाई के दौरान सबरीमाला मंदिर पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी स्वरूप में पूजा जाता है। इसलिए उनकी पूजा पद्धति में विशेष नियम और शुद्धता का पालन किया जाता है। वकील ने कहा कि यह परंपरा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही आस्था और धार्मिक विश्वास का हिस्सा है, जिसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कोर्ट का सवाल और बड़ी बहस सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि यदि मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान नहीं माना जा सकता, तो फिर पूजा की परंपराओं में ऐसे नियम क्यों बनाए गए हैं? यह टिप्पणी मामले को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बना देती है। आस्था बनाम अधिकार – फिर सामने पुरानी बहस यह मामला एक बार फिर उसी पुराने सवाल को सामने लाता है जहां एक तरफ धार्मिक परंपराएं और आस्था है, तो दूसरी तरफ समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। समाज के अलग-अलग वर्ग इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

सीहोर में युवक की सूझबूझ से बची जान: सड़क हादसे में घायल को दिया CPR, बनी जिंदगी की डोर

मध्यप्रदेश के सीहोर में एक युवक की समझदारी और हिम्मत ने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की जान बचा ली। फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले रोहित मालवीय ने समय पर CPR देकर घायल को नया जीवन दे दिया। हादसा देखकर तुरंत रुके मंगलवार को रोहित मालवीय अपने गांव पिपलिया मीरा से सीहोर आ रहे थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि सामने से आ रहा एक बाइक सवार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गया। यह देखते ही रोहित ने तुरंत अपनी बाइक रोकी और एक अन्य राहगीर के साथ मदद के लिए दौड़ पड़े। हालत बिगड़ी तो शुरू किया CPR घायल की पहचान बरखेड़ी गांव के रहने वाले संतोष के रूप में हुई। हादसे के बाद उसकी सांसें धीमी पड़ने लगीं और हालत गंभीर हो गई। ऐसे में रोहित ने बिना देर किए CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। मेहनत रंग लाई, लौट आई सांसें कुछ देर की लगातार कोशिश और सही तकनीक के इस्तेमाल से संतोष की सांसें फिर से चलने लगीं और वह होश में आ गया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए राहत भरा था। परिवार और एम्बुलेंस को दी सूचना रोहित ने तुरंत घायल के मोबाइल से उसके परिजनों को खबर दी और एम्बुलेंस भी बुलवाई। हालांकि एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही परिवार वाले मौके पर पहुंच गए और संतोष को तुरंत अस्पताल ले गए। हर तरफ हो रही सराहना रोहित मालवीय की इस बहादुरी और सूझबूझ की हर कोई तारीफ कर रहा है। समय पर की गई उनकी मदद ने एक परिवार को बड़ा दुख झेलने से बचा लिया। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

सागर में शादी के विवाद में खूनी झगड़ा: पति-पत्नी और बेटा गिरफ्तार, दुल्हन और मां पर हमला

मध्यप्रदेश के सागर जिले में शादी के दौरान हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। विनायका थाना पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शादी के दौरान हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल को ग्राम डिलोना निवासी प्यारी बाई (45) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी राखी की शादी थी। बारात के आगमन स्थल को लेकर गांव के ही परमू बंसल, उनकी पत्नी पूनाबाई और बेटे रामेश्वर बंसल से विवाद हो गया। गालीगलौज से शुरू होकर हमले तक पहुंचा मामला शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पहले गालीगलौज शुरू की। जब इसका विरोध किया गया, तो रामेश्वर बंसल ने लोहे के धारदार हथियार (बका) से हमला कर दिया। इस हमले में प्यारी बाई के सिर और हाथ में चोट आई, जबकि उनकी बेटी के गले में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक तीनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। भागने की फिराक में था आरोपी पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम बनाई। मुख्य आरोपी रामेश्वर बंसल को उल्दन बेसली के यात्री प्रतीक्षालय से गिरफ्तार किया गया, जहां वह बस का इंतजार कर रहा था। वहीं, परमू बंसल और पूनाबाई को गांव के पास से पकड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

भोपाल में लेंसकार्ट शोरूम के बाहर प्रदर्शन: ड्रेस कोड विवाद पर बढ़ा बवाल

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में मंगलवार को लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शोरूम के कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार किया और कलावा बांधा। इस दौरान “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे भी लगाए गए। बहिष्कार की चेतावनी हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार की अपील कर रहा है। उनका कहना है कि भारत में तिलक, कलावा और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। यदि किसी कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। “अगर हमने कंपनी को आगे बढ़ाया है, तो जरूरत पड़ने पर नीचे भी ला सकते हैं,” उन्होंने चेतावनी दी। संत समिति ने भी जताई आपत्ति मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिल आनंद ने कहा कि कथित गाइडलाइन में महिलाओं को सिंदूर और कलावा पहनने से रोकने की बात सामने आई है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी कंपनी को धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। कर्मचारियों ने किया खंडन विवाद के बीच शोरूम के कर्मचारी मनीष भमारे ने कहा कि उन्हें कभी तिलक या कलावा पहनने से नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान भी वे तिलक और कलावा लगाकर काम पर आए थे। उनके मुताबिक कंपनी की ओर से ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया था कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इस मुद्दे को एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर उठाया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कंपनी की सफाई विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है और कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। 👉 अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Sensex

Share Bazaar Sensex 600 अंक चढ़ा, Nifty 24,500 के पार क्या जारी रहेगी तेजी

हफ्ते की शुरुआत शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर लेकर आई। पिछले कुछ दिनों की उतार-चढ़ाव भरी चाल के बाद आज बाजार में मजबूती साफ नजर आई। BSE Sensex ने करीब 600 अंकों की छलांग लगाई, जबकि Nifty 50 भी 150 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 24,500 के पार पहुंच गया। सुबह धीमी शुरुआत, फिर पकड़ी रफ्तार दिन की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में खरीदारी तेज होती गई।दोपहर तक लगभग हर सेक्टर में हरियाली दिखने लगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता गया। आखिर क्यों चढ़ा बाजार? आज की तेजी अचानक नहीं थी, इसके पीछे कई वजहें काम कर रही थीं: किन सेक्टर्स ने दिया साथ? आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का रहा। इसके अलावा: इन सभी में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों के लिए संकेत मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर Nifty 24,500 के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की गुंजाइश बन सकती है।हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं, इसलिए बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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