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Prateek Yadav

भावुक विदाई में Arvind Singh Bisht ने Prateek Yadav को दी मुखाग्नि, Akhilesh Yadav भी पहुंचे

लखनऊ में छाया शोक का माहौल लखनऊ में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया जब अरविंद सिंह बिष्ट ने अपने दामाद प्रतीक यादव (Prateek Yadav) को मुखाग्नि दी। यह दृश्य हर किसी को भावुक कर देने वाला था और पूरा परिवार गहरे शोक में डूबा रहा। अंतिम संस्कार में पहुंचे Akhilesh Yadav अंतिम संस्कार के दौरान अखिलेश यादव भी पहुंचे और उन्होंने परिवार के साथ मिलकर दिवंगत को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल पूरी तरह शांत और भावुक रहा। परिवार ने निभाई अंतिम परंपराएं परिवार के सदस्यों ने सभी रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम विदाई दी। इस मौके पर अपर्णा यादव समेत अन्य करीबी रिश्तेदार भी मौजूद रहे और सभी ने मिलकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। भावुक क्षणों में दिखी एकजुटता स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पल परिवार के लिए बेहद कठिन था, लेकिन सभी ने मिलकर एकजुटता के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन था। अंतिम विदाई का भावनात्मक दृश्य यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक शोक नहीं बल्कि रिश्तों की गहराई और भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाती है। अंतिम विदाई के इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

SIR Phase-III चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट अपडेट प्लान, 16 राज्यों में शुरू होगी प्रक्रिया

चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने देश की मतदाता सूची को और ज्यादा सटीक, पारदर्शी और अपडेटेड बनाने के लिए SIR Phase-III (Special Intensive Revision) का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार यह बड़ा अभियान 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा, जिसमें दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं। यह कदम आने वाले चुनावों से पहले वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी को दूर करने के लिए अहम माना जा रहा है। क्या है SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया? SIR यानी विशेष व्यापक पुनरीक्षण, वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट करने की एक विस्तृत प्रक्रिया है। इसमें चुनाव आयोग घर-घर जाकर या डिजिटल सत्यापन के जरिए सूची को सही करता है। इस प्रक्रिया में शामिल है: किन राज्यों में लागू होगा Phase-III SIR? इस तीसरे चरण में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: कब से शुरू होगी यह प्रक्रिया? चुनाव आयोग ने सभी संबंधित राज्यों के चुनाव अधिकारियों को पहले ही तैयारी तेज करने के निर्देश दे दिए हैं। यह अभियान चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि हर बूथ पर सही तरीके से वोटर वेरिफिकेशन हो सके। आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा? SIR प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों को भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे: क्यों अहम है यह कदम? यह प्रक्रिया चुनाव प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। खासकर बड़े राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब में जहां वोटर संख्या ज्यादा है, वहां यह अपडेट बेहद जरूरी माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mamata Banerjee

Calcutta High Court में Mamata Banerjee का नया अंदाज, Lawyer Robe में खुद रखा पक्ष

पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद चर्चित रहा। Mamata Banerjee अचानक काले वकीली गाउन में Calcutta High Court पहुंचीं और चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामले में खुद अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। कोर्ट परिसर में उन्हें इस अंदाज में देखकर हर कोई हैरान रह गया। उनकी तस्वीरें और वीडियो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। बताया जा रहा है कि मामला पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा, राजनीतिक झड़पों और कार्यकर्ताओं पर हमलों से जुड़ा है। इस मुद्दे पर कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई थीं, जिनकी सुनवाई चल रही है। इसी दौरान ममता बनर्जी खुद अदालत में पेश हुईं और राज्य सरकार की ओर से कई अहम दलीलें रखीं। कोर्ट में क्या बोलीं ममता बनर्जी? सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “West Bengal कोई Bulldozer State नहीं है।” उन्होंने अदालत से कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर एकतरफा तस्वीर नहीं दिखाई जानी चाहिए। ममता ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों को हिंसा से जोड़कर पूरे बंगाल की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने अदालत के सामने राज्य सरकार की कार्रवाई और प्रशासनिक कदमों की जानकारी भी रखी। सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें ममता बनर्जी का वकील वाले अंदाज में कोर्ट पहुंचना पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। समर्थकों ने इसे “फाइटर इमेज” बताया, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक ड्रामा करार दिया। कई लोगों ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री का खुद कोर्ट में खड़े होकर बहस करना बेहद असामान्य और दिलचस्प है। बंगाल की राजनीति फिर गरमाई चुनाव बाद हिंसा का मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से विवाद का कारण बना हुआ है। बीजेपी और टीएमसी लगातार एक-दूसरे पर हिंसा और बदले की राजनीति के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में ममता बनर्जी का खुद कोर्ट पहुंचना इस मामले को और ज्यादा राजनीतिक महत्व दे गया है। अब इस केस की अगली सुनवाई और कोर्ट की टिप्पणी पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Leak Update: Beauty Parlour Owner हिरासत में, WhatsApp से छात्रों तक पहुंचा पेपर

देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पेपर लीक मामले में जांच तेज हो चुकी है और अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं महाराष्ट्र के पुणे से एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ एक राज्य तक सीमित मामला नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला बड़ा नेटवर्क हो सकता है। राजस्थान पुलिस का बड़ा खुलासा राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने दावा किया है कि “Guess Paper” के नाम पर लीक हुआ प्रश्नपत्र करीब 1000 छात्रों तक पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि इस गेस पेपर के कई सवाल असली NEET परीक्षा से मेल खा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी दे दी गई थी। यह पेपर WhatsApp, Telegram और निजी ग्रुप्स के जरिए शेयर किया गया। पुणे से ब्यूटीशियन हिरासत में महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे से एक महिला को हिरासत में लिया है, जो ब्यूटी पार्लर चलाती है। जांच एजेंसियों को शक है कि महिला का संपर्क पेपर लीक गैंग से था और उसने कुछ छात्रों तक पेपर पहुंचाने में मदद की। महिला के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच की जा रही है। पुलिस को कई चैट्स और ट्रांजैक्शन डिटेल्स भी मिली हैं, जिनकी पड़ताल जारी है। लाखों रुपये में बेचा गया पेपर जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रों से पेपर दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए। कुछ जगहों पर 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की डील होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और पैसा किन-किन खातों तक पहुंचा। कई राज्यों में फैला नेटवर्क राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं। सीकर और जयपुर के कुछ कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के अनुसार, पेपर पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया और फिर उसे अलग-अलग ग्रुप्स में तेजी से फैलाया गया। CBI ने संभाली जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी है। CBI की टीम कई राज्यों में आरोपियों से पूछताछ कर रही है और डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं। एजेंसियों को आशंका है कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित रैकेट काम कर रहा था, जो प्रतियोगी परीक्षाओं को निशाना बनाता है। छात्रों और अभिभावकों में चिंता पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल मेहनत की, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर देती हैं। सोशल मीडिया पर भी NEET परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार बहस जारी है। अब सभी की नजर CBI जांच पर टिकी है कि इस मामले में आगे और कौन-कौन बड़े नाम सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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वीडी सतीशन

Kerala New CM कई दिनों के सस्पेंस के बाद वीडी सतीशन बने मुख्यमंत्री

केरल (Kerala) की राजनीति में कई दिनों से चल रही हलचल अब खत्म हो गई है। कांग्रेस हाईकमान ने आखिरकार वीडी सतीशन (V D Satheesan) के नाम पर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही वह केरल के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे चल रहे केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) का पत्ता कट गया है। 2026 विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF गठबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर था। पिछले एक हफ्ते से दिल्ली से लेकर तिरुवनंतपुरम तक लगातार बैठकों और राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी था। आखिरकार पार्टी ने अनुभवी नेता वीडी सतीशन पर भरोसा जताया। कांग्रेस हाईकमान ने क्यों चुना वीडी सतीशन? कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि वीडी सतीशन ने विपक्ष के नेता के तौर पर राज्य में मजबूत भूमिका निभाई। उन्होंने कई बड़े मुद्दों पर तत्कालीन सरकार को घेरा और जनता के बीच अपनी साफ छवि बनाई। यही वजह रही कि पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा माना। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने विधायकों की राय लेने के बाद यह फैसला किया। पार्टी चाहती थी कि ऐसा नेता चुना जाए जो संगठन और जनता दोनों के बीच संतुलन बना सके। KC Venugopal को क्यों नहीं मिली जिम्मेदारी? केसी वेणुगोपाल लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और दिल्ली में सक्रिय भूमिका को देखते हुए समर्थकों को उम्मीद थी कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। लेकिन अंतिम समय में समीकरण बदल गए। बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने ऐसे चेहरे की मांग की जो सीधे राज्य की राजनीति में ज्यादा सक्रिय रहा हो। इसी वजह से हाईकमान का झुकाव वीडी सतीशन की तरफ बढ़ता गया। चुनाव जीत के बाद बढ़ गया था सस्पेंस इस बार केरल विधानसभा चुनाव में UDF गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटें जीत लीं। जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, लेकिन मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर लगातार सस्पेंस बना रहा। सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच पोस्टर वॉर भी देखने को मिली। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने अपने पसंदीदा नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन किए। हालांकि अब अंतिम फैसला आने के बाद पार्टी एकजुट नजर आ रही है। जल्द होगा शपथ ग्रहण समारोह जानकारी के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। नई कैबिनेट को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस अब सरकार गठन और विभागों के बंटवारे की तैयारियों में जुट गई है। केरल की राजनीति में यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद कांग्रेस गठबंधन ने राज्य की सत्ता में मजबूत वापसी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi की अपील का असर त्रिपुरा में 50% कर्मचारी ऑफिस आएंगे, Goa-Andhra में घटा काफिला

देश में बढ़ती बिजली खपत और अंतरराष्ट्रीय तेल संकट के बीच PM Modi की ऊर्जा बचाने की अपील का असर अब राज्यों में साफ नजर आने लगा है। केंद्र सरकार के संकेत के बाद कई राज्यों ने बिजली और ईंधन बचाने के लिए बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। सरकारी दफ्तरों से लेकर VIP काफिलों तक में कटौती की जा रही है, ताकि आने वाले समय में ऊर्जा संकट का असर कम किया जा सके। 12 राज्यों में शुरू हुआ Power Saving अभियान सूत्रों के अनुसार देश के करीब 12 राज्यों ने ऊर्जा बचत को लेकर नई गाइडलाइन जारी की हैं। सरकारी विभागों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि गैरजरूरी बिजली इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए और सरकारी वाहनों का उपयोग सीमित किया जाए। कई दफ्तरों में ऑनलाइन मीटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि यात्रा कम हो और पेट्रोल-डीजल की बचत हो सके। वहीं, सरकारी भवनों में अतिरिक्त लाइटिंग और एसी के उपयोग पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। त्रिपुरा सरकार का बड़ा फैसला, सिर्फ 50% कर्मचारी आएंगे ऑफिस ऊर्जा बचत की दिशा में सबसे बड़ा कदम त्रिपुरा सरकार ने उठाया है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सरकारी दफ्तरों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही मौजूद रहेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम से बिजली और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके अलावा दफ्तरों में एसी के सीमित इस्तेमाल और बिजली उपकरणों को जरूरत पड़ने पर ही चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। Andhra Pradesh और Goa में छोटा हुआ CM Convoy आंध्र प्रदेश और गोवा सरकार ने भी ऊर्जा बचत को लेकर बड़ा संदेश दिया है। दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम कर दी गई है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि जब सरकार खुद बचत का उदाहरण पेश करेगी, तभी आम लोग भी इस अभियान को गंभीरता से लेंगे। आने वाले दिनों में अन्य राज्यों में भी VIP मूवमेंट को सीमित किया जा सकता है। सरकारी भवनों में लागू हुई नई Guidelines ऊर्जा बचत के लिए कई राज्यों ने सरकारी कार्यालयों में नई गाइडलाइन लागू की हैं। इनमें शामिल हैं: इन फैसलों का मकसद केवल खर्च कम करना नहीं, बल्कि देश में ऊर्जा संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी है। Oil Crisis ने बढ़ाई सरकार की चिंता मध्य पूर्व में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले समय में और सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं। आम लोगों से भी की गई अपील सरकार ने नागरिकों से भी बिजली और ईंधन बचाने की अपील की है। लोगों को सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने, गैरजरूरी यात्रा से बचने और घरों में बिजली की खपत कम करने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि छोटी-छोटी बचत भी देश के लिए बड़ा फर्क ला सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP

UP Storm 80kmph की तेज आंधी से तबाही, MP और Rajasthan में भीषण गर्मी

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि कई राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। UP में तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग हादसों में 94 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं राजस्थान में भीषण गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश भी तेज गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान से परेशान है। UP में तेज आंधी और बारिश से बिगड़े हालात उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देर रात मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने लोगों को डरा दिया। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। आंधी इतनी तेज थी कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक युवक हवा के दबाव में संतुलन खोता दिखाई दिया। कई जगह पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिरने से घंटों बिजली सप्लाई ठप रही। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और आसपास के जिलों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। सुबह लोगों ने जब घरों से बाहर निकलकर देखा तो सड़कों पर टूटे पेड़ और बिखरा सामान नजर आया। 94 लोगों की मौत, कई घायल तेज तूफान, बिजली गिरने और दीवार गिरने जैसी घटनाओं में अब तक 94 लोगों की जान जा चुकी है। कई लोग घायल हुए हैं और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कई परिवार रातभर डर के साये में जागते रहे। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। Rajasthan में Heatwave का Red Alert एक तरफ यूपी में बारिश और तूफान का असर दिखा, वहीं राजस्थान भीषण गर्मी से झुलस रहा है। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जयपुर समेत कई शहरों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग ने Heatwave को लेकर Red Alert जारी किया है। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की सलाह दी है, क्योंकि लगातार बढ़ती गर्मी से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। MP में भी बढ़ी गर्मी की मार मध्य प्रदेश में भी गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, रीवा और छतरपुर समेत कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक लू चलने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने दी ये सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम और तेज गर्मी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। उत्तर भारत में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले दिनों में भी लोगों की चिंता बढ़ा सकता है। कहीं तूफान का खतरा है तो कहीं गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prateek Yadav

Prateek Yadav Funeral: अंतिम यात्रा में भावुक हुआ यादव परिवार, अपर्णा यादव रातभर रहीं साथ

समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके भाई प्रतीक यादव (Prateek Yadav) की अंतिम यात्रा आज भावुक माहौल में निकाली जाएगी। परिवार, करीबी रिश्तेदारों और समर्थकों के बीच गहरा शोक देखा जा रहा है। अंतिम यात्रा से पहले सामने आए भावुक दृश्य प्रतीक यादव के निधन की खबर सामने आने के बाद से ही यादव परिवार में मातम पसरा हुआ है। अंतिम यात्रा से पहले कई भावुक तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने लोगों को भी भावुक कर दिया। सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हो रही है जिसमें अंतिम यात्रा के वाहन पर प्रतीक यादव की उनके पालतू जानवरों (पेट्स) के साथ फोटो लगाई गई है। यह तस्वीर उनके पशु प्रेम और निजी जिंदगी की झलक दिखाती है। अपर्णा यादव पूरी रात रहीं शव के पास इस दुखद समय में Aparna Yadav पूरी रात प्रतीक यादव के शव के पास बैठी रहीं। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, अपर्णा यादव लगातार भावुक नजर आईं और देर रात तक अंतिम दर्शन के लिए आने वाले लोगों से मिलती रहीं। अंतिम यात्रा में उमड़ सकती है समर्थकों की भीड़ सूत्रों की मानें तो अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और परिवार के शुभचिंतक शामिल हो सकते हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि अंतिम यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। लो-प्रोफाइल जिंदगी जीते थे प्रतीक यादव प्रतीक यादव हमेशा लो-प्रोफाइल जिंदगी जीने के लिए जाने जाते थे। हालांकि वे राजनीति से दूरी बनाए रखते थे, लेकिन परिवार और करीबी लोगों के बीच उनकी खास पहचान थी। उनके निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े लोग भी गहरे सदमे में हैं। परिवार के लिए बेहद मुश्किल समय यादव परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय माना जा रहा है। अंतिम विदाई के दौरान हर आंख नम दिखाई दे रही है और माहौल पूरी तरह गमगीन बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vijay

Vijay Astrology Controversy: CM Prediction के बाद ज्योतिषी को 24 घंटे में हटाया

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सुपरस्टार से नेता बने Vijay ने अपने एक ज्योतिषी को सिर्फ 24 घंटे के भीतर OSD (Officer on Special Duty) पद से हटा दिया है। वजह बनी उनकी वही टिप्पणी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विजय भविष्य में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। यह मामला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों के अनुसार, हाल ही में उस ज्योतिषी को विजय के सलाहकार टीम में OSD की जिम्मेदारी दी गई थी। शुरुआत में यह नियुक्ति सामान्य मानी जा रही थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद स्थिति बदल गई। ज्योतिषी ने सार्वजनिक बयान देते हुए कहा था कि विजय की राजनीतिक यात्रा उन्हें भविष्य में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद तक ले जा सकती है। यह बयान वायरल होते ही विवाद शुरू हो गया। 24 घंटे में लिया गया बड़ा फैसला विवाद बढ़ने और राजनीतिक दबाव के बीच, विजय की टीम ने तेजी से एक्शन लेते हुए ज्योतिषी को OSD पद से हटा दिया। बताया जा रहा है कि यह पूरा निर्णय महज 24 घंटे के भीतर लिया गया। इस अचानक फैसले ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं—क्या यह बयानबाजी का असर था या रणनीतिक राजनीतिक कदम? विपक्ष का रिएक्शन विपक्षी दलों ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि इस तरह की भविष्यवाणियां राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं और जनता में गलत संदेश जा सकता है। कुछ नेताओं ने इसे “अनावश्यक प्रचार” बताते हुए आलोचना भी की है। समर्थकों की राय वहीं विजय के समर्थकों का मानना है कि यह सिर्फ एक व्यक्तिगत राय थी, जिसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर देखा गया। उनके मुताबिक, टीम ने स्थिति को संभालने के लिए सही समय पर फैसला लिया। सोशल मीडिया पर बहस जारी यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कुछ लोग इसे विजय का “strong leadership decision” बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे “overreaction” मान रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air India

Air India Big Decision: बढ़ते Fuel Price से बदला Travel Plan, यात्रियों की बढ़ी चिंता

दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव ने अब भारत की एविएशन इंडस्ट्री पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। इसी बीच एयर इंडिया (Air India) ने फ्लाइट ऑपरेशंस को लेकर बड़ा और अहम फैसला लिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की प्लानिंग भी प्रभावित हो सकती है। Air India का बड़ा कदम – फ्लाइट्स में कटौती शुरू Air India ने बढ़ती जेट फ्यूल (ATF) कीमतों और ऑपरेशनल कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए अपने नेटवर्क में बदलाव किया है। एयरलाइन ने कई रूट्स पर: कंपनी का कहना है कि मौजूदा हालात में लागत को कंट्रोल करना जरूरी हो गया है, वरना लंबे समय में नुकसान बढ़ सकता है। Crude Oil Price Hike क्यों बनी बड़ी वजह? तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ता है क्योंकि: पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के कारण यह दबाव और बढ़ गया है। PM मोदी की अपील – ऊर्जा बचत पर जोर Narendra Modi ने हाल ही में देशवासियों से अपील की है कि ऊर्जा संसाधनों का समझदारी से उपयोग किया जाए। अपील में मुख्य बातें: इस अपील को मौजूदा ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस से जोड़कर देखा जा रहा है। यात्रियों पर सीधा असर क्या होगा? इस पूरे घटनाक्रम का असर आम लोगों पर भी साफ दिख सकता है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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