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Pakistan Terror Support Confession

Pakistan Terror Support Confession पाक के रक्षा मंत्री ने खुद कबूली 30 साल की गलती

Pakistan Terror Support Confession डेस्क रिपोर्ट।“Terror Support”, “Freedom Fighters”, “Nuclear Threats” – ये तीन keywords पिछले 24 घंटे में पाकिस्तान की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि पर सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरे हैं। एक ओर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने British चैनल ‘The Sky’ को दिए इंटरव्यू में ये कबूल किया कि उनका देश 30 सालों से आतंकियों को ट्रेनिंग देता रहा है और ये सब अमेरिका और पश्चिमी देशों के कहने पर किया गया, वहीं दूसरी ओर विदेश मंत्री इशाक डार ने आतंकियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। ❝ Terrorism को पालना एक बड़ी गलती थी, अब हम उसकी सज़ा भुगत रहे – ख्वाजा आसिफ ❞ ब्रिटिश एंकर यल्दा हकीम के एक तीखे सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ(Khawaja Asif) ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने वैश्विक शक्तियों के कहने पर कई आतंकी गुटों को सपोर्ट किया और ये गंदा काम 30 साल तक चलता रहा। उन्होंने माना कि अगर पाकिस्तान ने 1980 के दशक में सोवियत यूनियन के खिलाफ जंग में दखल न दिया होता और 9/11 के बाद अमेरिका के साथ जुड़कर आतंक के खिलाफ लड़ाई न लड़ी होती, तो आज उनका देश ‘बेदाग’ होता। आसिफ ने साफ कहा – “हमने एक बहुत बड़ी भूल की और अब इसकी सजा भुगत रहे हैं। पाकिस्तान को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया।” ❝ Nuclear Powers के बीच Conflict दुनिया के लिए खतरा – पाकिस्तान ❞ कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले को लेकर जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, तो ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी कि “अगर भारत ने कोई एक्शन लिया, तो पाकिस्तान जवाब देने को मजबूर होगा।”उन्होंने कहा – “हमारे पास कोई और विकल्प नहीं रहेगा। दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, इसलिए दुनिया को इस टकराव से डरना चाहिए।”हालांकि उन्होंने ये उम्मीद भी जताई कि मामला बातचीत से सुलझ सकता है। ❝ TRF और LeT? हमें तो नाम भी नहीं पता – पाकिस्तान ❞ जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या TRF यानी ‘The Resistance Front’ लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस नाम को पहली बार सुना है। और फिर लश्कर-ए-तैयबा को ही ‘पुराना और अप्रासंगिक’ बता दिया। ❝ ये आतंकी नहीं, Freedom Fighters हो सकते हैं – विदेश मंत्री इशाक डार ❞ दूसरी तरफ पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी PM इशाक डार (Iswhaq Dar ) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो कहा, उसने आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने कहा – “हमें शुक्रगुजार होना चाहिए कि ये लोग फ्रीडम फाइटर्स भी हो सकते हैं। हमें नहीं पता ये कौन हैं, पर भारत हमेशा अपनी नाकामी का दोष पाकिस्तान पर डालता है।” उन्होंने भारत की तरफ से मिले सबूतों की मांग करते हुए कहा कि “अगर उनके पास कुछ है, तो दुनिया के सामने पेश करें।” साथ ही उन्होंने बांग्लादेश और अफगानिस्तान की अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं ताकि इस मसले पर कूटनीतिक प्रतिक्रिया तैयार की जा सके। 🔴 निष्कर्ष: पाकिस्तान की सरकार के दो शीर्ष मंत्रियों ने इस पूरे मामले में जो बयान दिए हैं, उसने उसकी विदेश नीति, आंतरिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर आतंकियों को 30 साल तक समर्थन देने की स्वीकारोक्ति और दूसरी ओर उन्हें ‘फ्रीडम फाइटर’ कहने की कोशिश – यह स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान आज भी उस दोराहे पर खड़ा है, जहाँ उसे तय करना होगा कि वह आतंक का साथ देगा या शांति का। 👉 अधिक अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Desh Harpal से।
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Waqf Act

Waqf संशोधन कानून 2025 पर बढ़ा विवाद: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अहम आश्वासन, अगली सुनवाई 5 मई को

25 अप्रैल 2025 — Waqf (संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर देशभर में मचा सियासी घमासान अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है। मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों पर संभावित असर के बीच केंद्र सरकार ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कुछ विवादित प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगाने का आश्वासन दिया है। क्या है मामला? वक्फ एक्ट 2025 में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनमें से कुछ प्रावधानों पर खासा विरोध हो रहा है। इसमें वक्फ संपत्तियों की पंजीकरण प्रक्रिया, ‘waqf बाय यूजर’ की समाप्ति, वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति जैसी बातें शामिल हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फिलहाल गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्डों में शामिल करने और कोर्ट द्वारा घोषित वक्फ संपत्तियों को डीनोटिफाई करने जैसे प्रावधान लागू नहीं किए जाएंगे। सरकार का पक्ष क्या है? सरकार ने हलफनामे में कहा कि यह कानून मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों में कोई हस्तक्षेप नहीं करता। बल्कि इसका मकसद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि संशोधन केवल प्रशासनिक और नियामक प्रकृति के हैं, धार्मिक अधिकारों से इनका कोई लेना-देना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का रुख मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने सरकार के आश्वासन को दर्ज करते हुए साफ किया कि जब तक अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक कोई नई नियुक्ति या डीनोटिफिकेशन की प्रक्रिया नहीं होगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी। विवादास्पद प्रावधान जिन पर मचा है बवाल Waqf संशोधन अधिनियम 2025 अभी कानूनी, राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में है। जहां एक ओर सरकार इसे पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है, वहीं मुस्लिम समाज इसे धार्मिक हस्तक्षेप मान रहा है। अब देखना यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस अहम मामले पर क्या फैसला सुनाता है। DeshHarpal पर जुड़े रहें ऐसे ही खबरों के लिए।
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Rahul Gandhi

Supreme Court Warning: सावरकर पर बयानबाज़ी पर Rahul Gandhi को दी चेतावनी

Controversial remarks के चलते कांग्रेस नेता Rahul Gandhi एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। वीर सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें सख्त लहजे में warning देते हुए स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ कोई भी गैर-जिम्मेदार बयानबाज़ी अब सहन नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, “अगर कोई कह दे कि महात्मा गांधी अंग्रेजों के नौकर थे, तो क्या हम उसे भी सही मान लेंगे?” यह टिप्पणी कोर्ट ने राहुल गांधी के सावरकर को लेकर दिए गए एक पुराने बयान के संदर्भ में कही। कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी एक public figure हैं, और उनकी हर बात का असर देशभर में होता है। ऐसे में उन्हें अपनी responsibility समझनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह की बयानबाज़ी न केवल freedom fighters का अपमान है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचा सकती है। राहुल गांधी पर वीर सावरकर को ‘ब्रिटिश सहयोगी’ बताने और जेल से रिहा होने के लिए ‘माफीनामा’ लिखने जैसे आरोप हैं, जिनका कई बार उन्होंने public speeches में ज़िक्र किया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि historical figures के बारे में बिना ठोस तथ्यों के कोई भी टिप्पणी, इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने के समान है। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी टिप्पणी से बचें वरना कोर्ट को कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा। कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि freedom movement में योगदान देने वाले हर व्यक्ति के त्याग का सम्मान होना चाहिए, चाहे वे किसी भी विचारधारा से जुड़े हों। इस मामले ने एक बार फिर से देश में विचारधाराओं की लड़ाई और free speech vs responsible speech की बहस को तेज कर दिया है। Desh Harpal इस मामले की आगामी सुनवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर नज़र बनाए रखेगा।
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भारत ने सिंधु जल संधि पर लगाई रोक: 65 साल पुराने समझौते को लेकर पाकिस्तान को भेजा सख्त संदेश

India Suspends Indus Water Treaty: Ends 65-Year-Old Agreement, Sends Strong Message to Pakistan

भारत ने सिंधु जल संधि पर लगाई रोक: 65 साल पुराने समझौते को लेकर पाकिस्तान को भेजा सख्त संदेश – BHARAT ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 65 साल पुरानी सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। इस फैसले की आधिकारिक जानकारी पाकिस्तान को एक पत्र भेजकर दी गई है। इस संधि के तहत Bharat हर साल पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी जाने देता था। यह समझौता 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था, जब विश्व बैंक की मध्यस्थता से यह जल बंटवारा तय किया गया था। लेकिन बीते कुछ सालों में पाकिस्तान की ओर से बार-बार आतंकी गतिविधियों और सीमा पार गोलीबारी के चलते भारत में आक्रोश बढ़ता गया। अब सरकार ने साफ संदेश दे दिया है — “Blood and water cannot flow together.” यह फैसला केवल एक कूटनीतिक कदम नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा हुआ है। भारत अब अपने जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करेगा और विकास के नए रास्ते खोलेगा। पाकिस्तान को भेजे गए पत्र में साफ लिखा गया है कि भारत इस संधि की समीक्षा और बदलाव चाहता है। अब नई परिस्थितियों के अनुसार समझौते को दोबारा से देखा जाएगा। देश की जनता का समर्थन भी इस फैसले के साथ है। लोगों का मानना है कि जब पड़ोसी मुल्क बार-बार पीठ में छुरा घोंपता है, तो ऐसे पुराने समझौते अब कोई मायने नहीं रखते।
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Indo -Pak Tension-LoC Firing: पाकिस्तान की हरकतों से बढ़ा तनाव , Indian Army का करारा जवाब

नई दिल्ली/श्रीनगर। LoC firing के जरिए पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी बौखलाहट का प्रदर्शन किया है। गुरुवार देर रात जम्मू-कश्मीर में Line of Control (LoC) के कई क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों से अकारण फायरिंग की। हालांकि, Indian Army ने इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तानी सेना की इस नापाक कोशिश में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और गहरा गया है। खासकर Pahalgam Attack के बाद पाकिस्तान की घबराहट और बढ़ गई है, और वह Indian retaliation से डरा हुआ है। इसी डर के चलते वह नियंत्रण रेखा पर उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। Pahalgam Attack के बाद से LoC पर मूवमेंट तेज सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, Indian Army ने नियंत्रण रेखा पर हुई गोलीबारी का “सटीक और प्रभावी” जवाब दिया है। गुरुवार रात को पुंछ और राजौरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाकिस्तान ने अचानक गोलीबारी शुरू की, लेकिन भारत ने अपने अनुभव और रणनीति के बल पर उसे शांत कर दिया। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पहुलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद देश में आक्रोश है और केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ zero tolerance की नीति अपनाई है। Indian Army की सतर्कता और रणनीतिक जवाब पाकिस्तान की इस हरकत से यह साफ है कि वह भारत को अस्थिर करने के अपने प्रयासों से बाज नहीं आ रहा है। Indian defence forces पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं और ऐसी किसी भी हरकत का तुरंत और करारा जवाब देने को तैयार हैं। सेना के एक अधिकारी ने बताया, “हमारे जवान हर मोर्चे पर सतर्क हैं। LoC पर शांति भंग करने की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा और पाकिस्तान को उसकी भाषा में समझाया जाएगा।” Indo -Pak Tension , लेकिन नियंत्रण में है स्थिति इस घटना के बाद सीमावर्ती गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, नागरिकों से अफवाहों से बचने और सुरक्षाबलों का सहयोग करने की अपील की गई है। Desh Harpal की राय:LoC पर पाकिस्तान की यह हरकत उसकी हताशा को दर्शाती है। भारत ने जिस तरह से हर हमले का जवाब संयम और ताकत से दिया है, वह देश की सैन्य क्षमता और रणनीतिक दृढ़ता का प्रमाण है। ऐसे समय में जनता को चाहिए कि वह सेना और सरकार पर भरोसा बनाए रखे, क्योंकि जवाब सिर्फ बंदूक से नहीं, बल्कि नीति और रणनीति से भी दिया जा रहा है
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Breaking: Visa Suspension, Border Tension, Missile Testing

Missile Testing :India -Pakistan के बीच तनाव, भारत ने समुद्री मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया

🔴 Breaking: Visa Suspension, Border Tension, Missile Testing – भारत-पाक के बीच फिर तनाव बढ़ा नई दिल्ली | 24 अप्रैल 2025 –Visa Services Suspended – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी वीज़ा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 27 अप्रैल 2025 से सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए जाएंगे। जिन लोगों को मेडिकल वीज़ा जारी हुआ है, उन्हें भी 29 अप्रैल 2025 तक भारत छोड़ना होगा। सरकार ने भारतीय नागरिकों को भी avoid travelling to Pakistan की सलाह दी है। इस फैसले के बाद पंजाब के अटारी बॉर्डर पर वीजा लेकर आए पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की तस्वीरें सामने आई हैं। Military Movement & Missile Testing:पाकिस्तान की किसी भी संभावित कार्रवाई के मद्देनजर भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है। गुरुवार दोपहर भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Surat से समुद्री मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। यह surface-to-sea missile test भारत की जवाबी क्षमता का स्पष्ट संकेत है। दूसरी ओर, Pakistan Air Force ने रातभर कराची एयरबेस से 18 फाइटर जेट्स को भारत से सटे इलाकों की ओर तैनात किया। इसके अलावा पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल के बीच अपने EEZ क्षेत्र में surface-to-surface missile test की नोटिफिकेशन भी जारी की थी। साफ है कि भारत की प्रतिक्रिया का डर पड़ोसी देश पर हावी है। Government Actions & Political Consensus:हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने शाम 6 बजे संसद भवन में all-party meeting बुलाई है जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस मीटिंग में राहुल गांधी समेत सभी प्रमुख दलों के नेता शामिल होंगे। वहीं, विदेश मंत्रालय में कई देशों के राजदूतों के साथ हाई-लेवल मीटिंग चल रही है, जिसमें जर्मनी, जापान जैसे प्रमुख देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। रूस की सरकारी मीडिया एजेंसी RT (Russia Today) ने दावा किया है कि भारत “कुछ बड़ा कदम उठाने वाला” है। Security Updates: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को श्रीनगर का दौरा करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर है। पहलगाम हमले के बाद जिस तरह से कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर फैसले लिए जा रहे हैं, वो आने वाले दिनों में एक नई रणनीतिक स्थिति का संकेत दे सकते हैं। Desh Harpal इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी अपडेट्स के लिए जुड़े रहें –
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राष्ट्रपति

Pahalgam Terror Update: Shah और Jaishankar ने राष्ट्रपति को बताया पूरा हाल

नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2025 – जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में सुरक्षा और राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें इस भीषण हमले से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी। क्या है पहलगाम हमला? 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में एक पर्यटक बस पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस हमले को कश्मीर में पिछले वर्षों में हुए सबसे भीषण हमलों में से एक माना जा रहा है। मारे गए लोगों में कई राज्यों के नागरिक शामिल थे, जिनमें बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार के लोग भी थे। राष्ट्रपति भवन में हाई-लेवल ब्रीफिंग सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति को इस ब्रीफिंग में निम्नलिखित अहम बिंदुओं पर जानकारी दी गई: भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कुछ अहम फैसले लिए हैं: पीड़ितों के परिवारों के साथ देश प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “यह हमला भारत की आत्मा पर हमला है। आतंकियों को ऐसी सज़ा दी जाएगी जिसकी उन्होंने कल्पना नहीं की होगी।” देश भर से पीड़ित परिवारों के लिए समर्थन और संवेदना के संदेश आ रहे हैं। यह हमला सिर्फ निर्दोष पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की एकता और शांति पर हमला था। राष्ट्रपति मुर्मू को इस गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी देना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। जल्द ही दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें सिर्फ़ Deshharpal पर:
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India’s Stern Warning

अब वक़्त आ गया है Terror Havens को मिटाने का”: PM Modi का Pahalgam Attack पर करारा जवाब

मधुबनी, बिहार – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के दो दिन बाद PM Modi ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। बिहार के मधुबनी में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस हमले के गुनहगारों और उनके पीछे के मास्टरमाइंड्स को ऐसी सज़ा दी जाएगी, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। “पूरा देश शोक में डूबा है, लेकिन हमारा हौसला नहीं टूटा है” PM Modi ने अपने संबोधन की शुरुआत हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को मौन श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा, “किसी ने बेटा खोया है, किसी ने भाई, किसी ने जीवनसाथी। कोई बंगाली था, कोई कन्नड़ बोलता था, कोई मराठी था, कोई उड़िया, कोई गुजराती और कोई बिहार का बेटा। पूरे देश का दिल इस हमले से लहूलुहान हुआ है।” उन्होंने कहा, “यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं था, यह भारत की आत्मा पर हमला था। करगिल से कन्याकुमारी तक दुख और गुस्से की लहर है।” “आतंकी और उनके मददगार—अब बच नहीं पाएंगे” – PM Modi पाकिस्तान को साफ संदेश देते हुए PM Modi ने कहा, “अब समय आ गया है कि आतंक के जो भी ठिकाने बचे हैं, उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाए। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा शक्ति आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी।” इसके बाद PM Modi ने अंग्रेज़ी में दुनिया को संबोधित करते हुए कहा, “India will identify, track and punish every terrorist and their backers. भारत की आत्मा को कोई आतंक से नहीं तोड़ सकता। हम दुनिया के आखिरी कोने तक जाकर इंसाफ दिलाएंगे। इंसानियत पर भरोसा रखने वाला हर देश आज भारत के साथ खड़ा है, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं।” हमले के बाद भारत का पाकिस्तान पर बड़ा एक्शन प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सऊदी अरब यात्रा बीच में छोड़कर मंगलवार दोपहर भारत लौटकर कैबिनेट की सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए: “आतंक के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है”: राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पीएम मोदी के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, “जो दिख रहे हैं, उन्हें तो पकड़ेंगे ही, पर जो पर्दे के पीछे हैं, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। देश को भरोसा दिलाता हूं—जवाब ज़रूर मिलेगा, और वो भी ज़ोरदार होगा। Deshharpal पर बने रहें, राष्ट्रीय सुरक्षा, सरकार की कार्रवाई और वैश्विक प्रतिक्रिया की हर अपडेट के लिए।
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Pahalgam Terror Attack

Pahalgam Terror Attack के बाद Pakistan Army Chief को अपने ही देश में झेलना पड़ा विरोध

📰 Desh Harpal | राष्ट्रीय समाचार इस्लामाबाद और पहलगाम के बीच तनाव की कड़ी जुड़ती दिख रही है। Pahalgam Terror Attack- पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद, Pakistan Army Chief असीम मुनीर (General Asim Munir) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, इस हमले से ठीक पाँच दिन पहले उन्होंने इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कश्मीर को लेकर एक उकसावे वाला बयान दिया था, जिसे भारत ही नहीं, अब उनके अपने देश के सोशल मीडिया यूज़र्स भी खारिज कर रहे हैं। मुनीर ने अपने भाषण में कश्मीर को पाकिस्तान की “गर्दन की नस” बताते हुए कहा था, “हम इसे नहीं भूलेंगे और अपने कश्मीरी भाइयों को संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने भारत-पाक विभाजन के पीछे दो-राष्ट्र सिद्धांत को भी सही ठहराते हुए कहा, “हमारे पूर्वजों ने पाकिस्तान इसलिए बनाया क्योंकि हम हिंदुओं से पूरी तरह अलग थे – हमारी परंपराएं, धर्म, सोच, और रीति-रिवाज सब अलग हैं।” लेकिन पहलगाम की इस क्रूर घटना ने उनके इस बयान को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूज़र्स ने उन्हें घेरते हुए पूछा है कि क्या कश्मीर को लेकर इस तरह की भड़काऊ बातें करना ही समाधान है? कई लोगों ने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान खुद आंतरिक उथल-पुथल से जूझ रहा है, तब ऐसे बयानों से क्षेत्रीय शांति को खतरा पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना है। एक पाकिस्तानी ट्विटर यूजर ने लिखा, “जब मुल्क में खुद रोटी नसीब नहीं हो रही, तब दूसरों की ‘गर्दन की नस’ पकड़ने की बात करना बेवकूफी नहीं तो और क्या है?” वहीं एक और यूजर ने तीखा सवाल दागा, “आपके बयान के बाद ही 26 बेगुनाह लोग मारे गए। क्या ये ‘भाईचारा’ है?” भारत में इस हमले को लेकर ग़ुस्सा है ही, लेकिन अब पाकिस्तान के भीतर से भी असीम मुनीर को जवाब मिलना यह दर्शाता है कि केवल भारत ही नहीं, उनके अपने देशवासी भी अब युद्धोन्माद और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति से थक चुके हैं। 📌 Desh Harpal पर पढ़ते रहिए ऐसे ही निर्भीक और राष्ट्रवादी खबरें।
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Pahalgam Attack Live

Pahalgam Attack Live: पाकिस्तान में बंद होगा भारतीय उच्चायुक्त, सिंधु जल समझौता रोका गया

23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत की सुरक्षा और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं:​ यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।​ पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े कदम
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MP में BJP विधायक बनाम IPS विवाद: प्रीतम लोधी के बयान पर बवाल, IPS एसोसिएशन ने की कार्रवाई की मांग

मध्यप्रदेश में बीजेपी विधायक Pritam Singh Lodhi के एक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने करैरा के एसडीओपी Ayush Jakhad पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद Madhya Pradesh IPS Association ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ‘भाषा अमर्यादित और निंदनीय’ आईपीएस एसोसिएशन ने प्रेस नोट जारी कर विधायक की भाषा को अमर्यादित और निंदनीय बताया। संगठन का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। अध्यक्ष ने जताई नाराजगी एसोसिएशन के अध्यक्ष Chanchal Shekhar ने कहा कि वायरल वीडियो में जिस तरह की अभद्र और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। अधिकारी और परिवार पर टिप्पणी एसोसिएशन के अनुसार, वीडियो में नए नियुक्त पुलिस अधिकारी और उनके परिवार के प्रति भी अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसे जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत बताते हुए संगठन ने कहा कि ऐसे व्यवहार से पूरे प्रशासनिक तंत्र पर असर पड़ता है। ‘धमकीपूर्ण व्यवहार स्वीकार्य नहीं’ एसोसिएशन ने साफ कहा कि जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी भाषा और आचरण में संयम रखें। इस तरह की धमकीपूर्ण भाषा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती। कार्रवाई की मांग Madhya Pradesh IPS Association ने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि यह घटना ऐसे दिन सामने आई है, जब Civil Services Day मनाया जा रहा है, जो और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में अनोखा विरोध:फाइलके लिए सालभर चक्कर काटने पर युवक बादाम लेकर पहुंचा ऑफिस, 2 अफसर अटैच

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी लापरवाही के खिलाफ एक अनोखा विरोध सामने आया है। फ्लैट नामांतरण की फाइल एक साल तक पेंडिंग रहने से नाराज युवक बादाम लेकर ऑफिस पहुंच गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए 2 अधिकारियों को मुख्यालय अटैच कर दिया है। एक साल तक फाइल रही पेंडिंग जानकारी के मुताबिक, तरुण साहू ने 17 मार्च 2025 को फ्लैट नाम ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को प्रक्रिया पूरी होने के बाद पत्र भी जारी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद फाइल उन्हें नहीं दी गई।इस दौरान युवक को करीब एक साल तक बार-बार ऑफिस के चक्कर लगाने पड़े। बादाम देकर जताया विरोध फाइल नहीं मिलने से परेशान युवक शुक्रवार को हाउसिंग बोर्ड ऑफिस आधा किलो बादाम लेकर पहुंचा। उसने स्टेट मैनेजर की टेबल पर बादाम रखते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी। जब याद आ जाए कि मेरी फाइल कहां है, तो बता दीजिए।”इस अनोखे विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 2 अधिकारियों पर कार्रवाई मामले को गंभीर मानते हुए गृह निर्माण मंडल ने जांच कराई। लापरवाही सामने आने पर संपदा अधिकारी-कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे और संपदा प्रबंधक पूनम बंजारे को तत्काल प्रभाव से नवा रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। विभाग के आयुक्त ने कहा है कि आम लोगों के काम में देरी और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला अधिकारी ने लगाए आरोप वीडियो वायरल होने के बाद हाउसिंग बोर्ड की एक महिला अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने युवक पर जातिगत गाली देने जैसे गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। हालांकि, अभी तक इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद इस मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। महिला अधिकारी का कहना है कि उन्हें बिना पक्ष सुने कार्रवाई की गई, जबकि युवक ने वीडियो जारी कर आरोपों को गलत बताया है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

रायपुर नगर निगम में बड़ा घोटाला! 100 एकड़ जमीन की फाइल गायब, 4 अधिकारी सस्पेंड

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। ज़ोन-10 अमलीडीह ऑफिस से करीब 100 एकड़ जमीन से जुड़ी अहम फाइल गायब हो गई है। इस मामले में निगम कमिश्नर विश्वदीप की जांच के बाद 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। बिना मंजूरी भेजा गया प्रस्ताव जांच में सामने आया कि सड़क निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव बिना कमिश्नर की अनुमति के ही आगे भेज दिया गया। नियमों के मुताबिक, इस तरह की मंजूरी का अधिकार केवल आयुक्त के पास होता है, लेकिन जोन स्तर से ही फाइल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNC) को भेज दी गई। नक्शे और जमीन में बड़ा फर्क 13 अप्रैल 2026 को जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि प्रस्तावित नक्शा और जमीन की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। कई मकान नक्शे में नहीं दिखाए गए, जबकि सड़कों की चौड़ाई और प्लॉट के आकार भी गलत दर्शाए गए। अवैध प्लॉटिंग पर नहीं हुई कार्रवाई जांच में यह भी सामने आया कि इलाके में लंबे समय से अवैध प्लॉटिंग हो रही थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, उसी क्षेत्र को प्रस्ताव में शामिल कर मंजूरी के लिए भेज दिया गया। 69 जमीनों की फाइलें गायब सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले से जुड़ी 69 जमीनों की फाइलें गायब हैं। इनमें रजिस्ट्री दस्तावेज और पुराने रिकॉर्ड शामिल हैं। अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बावजूद फाइलों का गायब होना जांच समिति ने संदिग्ध माना है। साजिश और कूटरचना की आशंका जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पहले गलत प्रस्ताव तैयार किया गया, फिर बिना अनुमति उसे आगे बढ़ाया गया और जब मामला खुला तो फाइलें गायब कर दी गईं। इसे योजनाबद्ध साजिश और कूटरचना का मामला माना जा रहा है। EOW जांच की मांग पूर्व मेयर एजाज ढेबर ने इस मामले को नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का खेल हो सकता है और इसकी जांच EOW (आर्थिक अपराध शाखा) से कराई जानी चाहिए। अधिकारियों पर गंभीर आरोप नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिल्डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए यह पूरा खेल किया है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
CSK

CSK संकट में! Ayush Mhatre Out टीम में नए युवा खिलाड़ी की एंट्री लगभग फाइनल

IPL 2026 के बीच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए एक बहुत ही निराश करने वाली खबर सामने आई है। टीम के युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। यह खबर न सिर्फ टीम मैनेजमेंट के लिए, बल्कि फैंस के लिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि उनसे काफी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं। सूत्रों के अनुसार, आयुष म्हात्रे की चोट गंभीर है और मेडिकल टीम ने साफ कर दिया है कि वह इस सीजन में वापसी नहीं कर पाएंगे। अचानक हुए इस फैसले ने CSK की रणनीति को भी झकझोर दिया है। CSK में अब किसकी होगी एंट्री? आयुष म्हात्रे के बाहर होने के बाद CSK अब तुरंत रिप्लेसमेंट की तलाश में है। टीम मैनेजमेंट के अंदर चर्चा तेज है और एक युवा अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी को मौका मिलने की पूरी संभावना है। बताया जा रहा है कि यह खिलाड़ी पहले से ही टीम के साथ जुड़ा हुआ है और नेट्स में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इसी वजह से उसकी एंट्री लगभग फाइनल मानी जा रही है। टीम पर क्या पड़ेगा असर? CSK पहले ही इस सीजन में अपनी प्लेइंग XI को लेकर कई प्रयोग कर रही थी। अब आयुष म्हात्रे के बाहर होने से मिडिल ऑर्डर की मजबूती पर असर पड़ सकता है। कप्तान और कोचिंग स्टाफ के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सही बैलेंस बनाए रखने की है, ताकि टीम प्लेऑफ की रेस में बनी रह सके। फैंस की उम्मीदें और आगे का सफर CSK के फैंस इस खबर से थोड़े निराश जरूर हैं, लेकिन टीम का इतिहास बताता है कि वह मुश्किल हालात में भी वापसी करना जानती है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि नया खिलाड़ी इस मौके को कैसे भुनाता है। आने वाले मैच CSK के लिए बेहद अहम हैं और हर मुकाबला टीम के प्लेऑफ सपने को प्रभावित कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sabarimala

Sabarimala Case “मूर्ति छूना ईश्वर का अपमान कैसे?” सुप्रीम कोर्ट में नई बहस

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला (Sabarimala) मंदिर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और कानून के बीच संतुलन को लेकर गहन बहस देखने को मिली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर “मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे माना जा सकता है?” इस टिप्पणी ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। क्या है पूरा Sabarimala Temple Case? Sabarimala मंदिर के नियमों को लेकर यह विवाद वर्षों से चला आ रहा है। परंपरा के अनुसार, 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक रही है। इस नियम को लेकर पहले भी देशभर में विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई हो चुकी है। अब एक बार फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अदालत धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन तलाश रही है। “भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी” – मंदिर पक्ष की दलील सुनवाई के दौरान सबरीमाला मंदिर पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी स्वरूप में पूजा जाता है। इसलिए उनकी पूजा पद्धति में विशेष नियम और शुद्धता का पालन किया जाता है। वकील ने कहा कि यह परंपरा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही आस्था और धार्मिक विश्वास का हिस्सा है, जिसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कोर्ट का सवाल और बड़ी बहस सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि यदि मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान नहीं माना जा सकता, तो फिर पूजा की परंपराओं में ऐसे नियम क्यों बनाए गए हैं? यह टिप्पणी मामले को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बना देती है। आस्था बनाम अधिकार – फिर सामने पुरानी बहस यह मामला एक बार फिर उसी पुराने सवाल को सामने लाता है जहां एक तरफ धार्मिक परंपराएं और आस्था है, तो दूसरी तरफ समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। समाज के अलग-अलग वर्ग इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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