भोपाल की चर्चित Twisha मौत मामले में आरोपी समर्थ सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कोर्ट में सरेंडर करने के बाद अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने समर्थ सिंह के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उसकी वकालत प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है। BCI ने उसका एडवोकेट लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
इस कार्रवाई के बाद समर्थ सिंह फिलहाल किसी भी अदालत में वकालत नहीं कर सकेगा। मामले को लेकर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
सरेंडर के बाद बढ़ा दबाव
ट्विषा शर्मा केस में लगातार बढ़ते विवाद और जनदबाव के बीच समर्थ सिंह ने हाल ही में कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद जांच एजेंसियां मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं। अब BCI की कार्रवाई को भी इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
BCI ने क्यों लिया फैसला?
सूत्रों के मुताबिक, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने गंभीर आरोपों और चल रही जांच को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। BCI का मानना है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक समर्थ सिंह को वकालत प्रैक्टिस की अनुमति देना उचित नहीं होगा।
परिवार और लोगों में आक्रोश
ट्विषा शर्मा की मौत के बाद से परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस केस को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई संगठनों और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
