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LPG

LPG Crisis कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से छोटे व्यवसाय परेशान

देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर (Liquefied Petroleum Gas) को लेकर अचानक क्राइसिस जैसी स्थिति बन गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं, और कई होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायिक किचन अपने संचालन के लिए चिंतित हैं। क्यों बढ़ी परेशानी? दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हालात उत्तर प्रदेश और दिल्ली‑एनसीआर के शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोग सिलेंडर पाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कुछ जगहों पर लोगों ने सप्लाई रुकने के कारण विरोध प्रदर्शन भी किया। मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में स्थिति भोपाल, जबलपुर और भिंड जैसे शहरों में भी सिलेंडर को लेकर अफरातफरी मची हुई है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम कई जगह काम नहीं कर रहा, जिससे लोग एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। भिंड जिले में सिलेंडर से भरी गाड़ी लूटने की कोशिश जैसी घटनाओं ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी। होटल और रेस्टोरेंट पर असर कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर हैं। कई व्यवसायी बता रहे हैं कि अगर जल्द सप्लाई नहीं मिली, तो उन्हें अपनी सेवा बंद करनी पड़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय कारण विशेषज्ञ मानते हैं कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई में अनिश्चितता ने भी लोगों में चिंता बढ़ाई है। इसके कारण पैनिक बुकिंग और अफवाहें फैल रही हैं, जो स्थानीय सप्लाई को प्रभावित कर रही हैं। सरकार का बयान तेल कंपनियों और सरकार का कहना है कि देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं। वर्तमान समस्या मुख्य रूप से अफवाह और अचानक बढ़ी मांग के कारण हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी। उपभोक्ताओं के लिए सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amit Shah

Fuel Crisis Alert पेट्रोल-डीजल और LPG सप्लाई पर सरकार सख्त, Amit Shah की अध्यक्षता में बनी हाई-लेवल कमेटी

देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर किसी भी संभावित संकट से पहले ही निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) करेंगे। इस कमेटी का मकसद देशभर में ईंधन की उपलब्धता पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेना है। दरअसल, हाल के दिनों में Middle East (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक हालात का असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। इसी संभावना को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। कमेटी में कौन-कौन शामिल सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस कमेटी में शामिल हैं। यह टीम देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई की स्थिति की लगातार समीक्षा करेगी। क्या होगा कमेटी का काम नई बनाई गई कमेटी की जिम्मेदारियां काफी अहम होंगी। इसमें शामिल हैं: सरकार का संदेश: घबराने की जरूरत नहीं सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यों और स्थानीय प्रशासन को पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है ताकि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक भंडारण या कालाबाजारी न कर सके। घरेलू उत्पादन बढ़ाने की तैयारी सप्लाई को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने की भी योजना बनाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा सकती है, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। आम लोगों के लिए क्या मतलब ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है। सरकार चाहती है कि अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अचानक बदलती हैं तो भी देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता पर ज्यादा असर न पड़े। कुल मिलाकर सरकार का संदेश साफ है—फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए पहले से तैयारी करना जरूरी है। नई कमेटी इसी रणनीति के तहत बनाई गई है ताकि देश की ऊर्जा सप्लाई लगातार सुचारु बनी रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala और Tamil Nadu को पीएम की 1600 करोड़ की सौगात

Kerala और Tamil Nadu को पीएम की 1600 करोड़ की सौगात

चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Kerala और Tamil Nadu के लोगों को बड़ी सौगात दी है। केंद्र सरकार ने इन राज्यों में विकास कार्यों के लिए करीब 1600 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों के जीवन को आसान बनाना है। सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में गांवों में रहने वाले लोगों को सबसे बड़ी राहत साफ पानी की उपलब्धता से मिलेगी। इसी दिशा में Jal Jeevan Mission के तहत काम तेज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक देश के लगभग 19 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल के जरिए साफ पानी पहुंचाया जाए। इससे गांवों में रहने वाले करोड़ों परिवारों को रोजाना पानी लाने की परेशानी से राहत मिलेगी। सरकार के अनुसार, इस योजना से खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को फायदा होगा। अभी भी कई गांवों में लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, लेकिन नल से जल पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी काफी आसान हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ मिलकर ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। केरल और तमिलनाडु में शुरू होने वाली ये परियोजनाएं भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि साफ पानी की बेहतर व्यवस्था से स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा और ग्रामीण इलाकों में बीमारियों का खतरा कम होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Farooq Abdullah

Jammu Firing Case Farooq Abdullah पर फायरिंग की कोशिश

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हमला करने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया और फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं। शादी समारोह में अचानक हुई फायरिंग की कोशिश यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई। जानकारी के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और मेहमानों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति अचानक उनके पास पहुंच गया और पिस्तौल निकालकर फायर करने की कोशिश की। घटना इतनी तेजी से हुई कि कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग भी घबरा गए। लेकिन सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और हमलावर को पकड़ लिया। उनकी तत्परता के कारण गोली फारूक अब्दुल्ला को नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। आरोपी का चौंकाने वाला बयान पुलिस ने आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह करीब 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने हथियार कहां से हासिल किया और वह इतनी नजदीक तक कैसे पहुंच गया। वायरल वीडियो में दिखा पूरा घटनाक्रम घटना के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही आरोपी फारूक अब्दुल्ला के करीब पहुंचता है, सुरक्षाकर्मी तुरंत उसे पकड़ लेते हैं। इस त्वरित कार्रवाई की वजह से किसी भी तरह की गंभीर घटना होने से बच गई। Security Lapse पर उठे सवाल इतने बड़े राजनीतिक नेता के इतने करीब हथियार लेकर किसी व्यक्ति का पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां हुई। फिलहाल सुरक्षित हैं फारूक अब्दुल्ला अधिकारियों के अनुसार फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और कई नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़े नेताओं की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण होती है। समय रहते सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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उत्तराखंड

Gas Cylinder Black Marketing उत्तराखंड में LPG संकट, ₹900 का सिलेंडर ₹1800 में बिक रहा

उत्तराखंड में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की किल्लत लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जहां आम तौर पर लगभग ₹900 में मिलने वाला घरेलू सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में करीब ₹1800 तक बेचा जा रहा है। गैस की कमी और कालाबाजारी ने आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में गैस एजेंसियों पर सिलेंडर आसानी से नहीं मिल पा रहा। मजबूरी में कुछ लोग महंगे दाम पर ब्लैक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। इससे घर का बजट भी बिगड़ रहा है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी आसमान पर गैस संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट पर पड़ा है। कारोबारियों के मुताबिक, कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए कुछ जगहों पर करीब ₹4000 तक वसूले जा रहे हैं। इतनी महंगी गैस के साथ कारोबार चलाना आसान नहीं है। होटल-रेस्टोरेंट के मेन्यू में बड़ी कटौती महंगी गैस और सीमित सप्लाई के कारण कई होटल और ढाबों ने अपने मेन्यू में भारी बदलाव किया है। कई रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि उन्हें करीब 70% फूड आइटम मेन्यू से हटाने पड़े हैं। अब वे सिर्फ वही व्यंजन बना रहे हैं जिनमें कम गैस की जरूरत पड़ती है। एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि अगर यही स्थिति कुछ और दिन रही, तो छोटे होटल और ढाबों के लिए कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। आम लोगों और कारोबार दोनों पर असर गैस की कमी का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। बाहर खाने की कीमतें बढ़ने की आशंका भी बढ़ रही है। अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। स्थानीय लोग और व्यापारी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि गैस की सप्लाई को जल्द दुरुस्त किया जाए और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG Cylinder

LPG Cylinder Shortage विपक्ष ने संसद में किया जोरदार प्रदर्शन

देश में LPG Cylinder shortage और गैस की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। यह सिर्फ़ रसोई की समस्या नहीं रह गई, बल्कि संसद में हंगामा, विरोध प्रदर्शन और जनता की रोज़मर्रा की परेशानियों का बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार स्थिति को छिपा रही है और जनता को सही जानकारी नहीं दे रही, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति बनी हुई है। संसद में हंगामा और Opposition Protest संसद परिसर के अंदर और बाहर विपक्षी सांसदों ने LPG shortage को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने “नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब” जैसे नारों के माध्यम से सरकार से जवाब माँगा। उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि आम परिवार और छोटे व्यवसायों के रोज़मर्रा जीवन पर भी सीधा असर डाल रहा है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और सरकार इस संकट से निपटने में पीछे हैं और स्थिति की गंभीरता को जनता से छुपा रहे हैं। होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसाय सिलेंडर की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। LPG Crisis के मुख्य कारण विश्लेषकों के अनुसार, West Asia में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन पर असर के कारण देश में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति कम होने और घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग प्रणाली में बदलाव के कारण आम जनता को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार ने बुकिंग अवधि बढ़ाकर वितरण को संतुलित करने की कोशिश की है। आम जनता पर असर LPG shortage का असर केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है। आम जनता और व्यवसायिक क्षेत्र इसे सीधे महसूस कर रहे हैं: इस संकट ने रसोई की समस्याओं को बढ़ा दिया है और आम लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी कठिन बना दी है। Opposition की मांग और सरकार का रुख विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट डेटा, स्टॉक जानकारी और समाधान योजना की मांग की है। उनका कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि देश में एलपीजी स्टॉक कितना है और यह कब तक चलेगा। केंद्र सरकार का दावा है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार सुनिश्चित की जा रही है और केवल कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नियंत्रित की जा रही है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके। LPG Cylinder shortage अब केवल सामग्री की कमी नहीं है। यह राजनीतिक बहस, आम आदमी की रोज़मर्रा की चुनौतियाँ और सरकार‑विपक्ष के बीच जवाबदेही का विषय बन गया है। संसद की बेंचों से लेकर गैस एजेंसियों की कतारों तक, हर जगह इसका असर महसूस किया जा रहा है। जनता की नजरें अब सरकार और विपक्ष के अगले कदमों पर हैं, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस संकट का समाधान कब और कैसे होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hemant Khandelwal

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का असमय निधन

भाजपा के मध्यप्रदेश अध्यक्ष और बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल की बेटी Surabhi Khandelwal का 11 मार्च 2026 को असमय निधन हो गया। इस दुखद घटना ने न सिर्फ खंडेलवाल परिवार को बल्कि पूरे बैतूल जिले को गहरे शोक में डाल दिया है। निधन की वजह सूत्रों के अनुसार, Surabhi Khandelwal की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें हृदयाघात (Heart Attack) आया, जिससे उनका निधन हो गया। परिवार और करीबी मित्रों के अनुसार वह पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। शोक और संवेदनाएँ सुरभि के निधन की खबर फैलते ही जिले में गहरा शोक व्याप्त हो गया। स्थानीय लोग, भाजपा कार्यकर्ता और राजनीतिक समुदाय ने खंडेलवाल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। लोगों ने उनके लिए प्रार्थना की और परिवार के दुःख में शामिल होने के लिए उनके निवास स्थान बैतूल गंज का रुख किया। अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि उनकी अंतिम यात्रा आज शाम 5 बजे उनके निवास से शुरू होकर कोठी बाजार मोक्ष धाम तक जाएगी। अंतिम संस्कार वहीं संपन्न होगा। स्थानीय प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं ताकि श्रद्धांजलि देने वाले सुरक्षित रूप से भाग ले सकें। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सुरभि के निधन पर कई नेताओं और समुदायिक संगठनों ने खंडेलवाल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update राजस्थान-MP में तेज Heatwave की आहट, UP में Fog से बड़ा Accident

देश में मौसम का बदला मिजाज (India Weather Update) देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने अचानक करवट ले ली है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं कोहरा और पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मार्च की शुरुआत में ही बदलते मौसम ने आम लोगों की दिनचर्या और यात्रा दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। राजस्थान में 40°C पार पहुंचा तापमान (Rajasthan Heat News) सबसे पहले बात करें राजस्थान की, तो यहां गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई शहरों में तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। बाड़मेर में पारा 40°C के पार दर्ज किया गया, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा सा देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्च में इतनी तेज गर्मी आमतौर पर कम ही देखने को मिलती है। मध्य प्रदेश में भी बढ़ी गर्मी (MP Weather Update) राजस्थान की गर्म हवाओं का असर अब मध्य प्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 39°C से अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ जगहों पर पारा सामान्य से करीब 5 से 6 डिग्री ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। यूपी में कोहरे के कारण बड़ा सड़क हादसा (UP Fog Accident News) इसी बीच उत्तर प्रदेश से एक दुखद खबर सामने आई है। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिसके चलते सात वाहन आपस में टकरा गए। इस दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किया। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट (Rain & Snowfall Alert) दूसरी ओर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने और निचले इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। एक ही समय में दो तरह का मौसम मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि देश में इस समय दो तरह का मौसम देखने को मिल रहा है—एक तरफ मैदानी राज्यों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में ठंड और बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते हालात को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

LPG Gas Shortage देश के कई राज्यों में किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ा असर

देश के कई राज्यों में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई जगह गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें समय पर गैस मिल सके। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई शहरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। UP और Bihar में लंबी कतारें उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लाइन लग जाती है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें कई दिनों से बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था, इसलिए वे खुद एजेंसी पहुंचकर इंतजार कर रहे हैं। भीड़ बढ़ने के कारण कुछ जगहों पर पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी। Rajasthan में कमर्शियल LPG पर असर राजस्थान में गैस की किल्लत का असर खास तौर पर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट पर दिख रहा है। यहां कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई बुकिंग पर अस्थायी रोक लगाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इससे छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच कुछ जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं, जहां अधिक कीमत लेकर गैस बेचे जाने की बात कही जा रही है। आम लोगों की बढ़ी चिंता गैस की कमी की खबरों के बाद कई जगह लोगों में चिंता भी बढ़ गई है। कुछ उपभोक्ता एहतियात के तौर पर पहले से ही सिलेंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है। हालांकि कई गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से खत्म होने वाली नहीं है, लेकिन सप्लाई में देरी जरूर हो रही है। क्यों आई LPG की किल्लत विशेषज्ञों के मुताबिक इस स्थिति के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। सरकार की नजर स्थिति पर सरकार और तेल कंपनियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की नियमित सप्लाई बनाए रखने के लिए उत्पादन और वितरण को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। उम्मीद जल्द सामान्य होंगे हालात फिलहाल कई शहरों में लोग थोड़ी असुविधा का सामना जरूर कर रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि सप्लाई व्यवस्था सुधरने के बाद हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। तब तक प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

Lok Sabha लोकसभा में Opposition का हंगामा, ‘Narendra-Surrender’ के नारे; आज Amit Shah देंगे जवाब

संसद में गरमाया माहौल संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा (Lok Sabha) का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और “Narendra-Surrender” के नारे लगाए। इस दौरान कई सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करते नजर आए, जिससे कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। Speaker पर विपक्ष के आरोप विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सदन की कार्यवाही निष्पक्ष तरीके से नहीं चला रहे हैं। उनका कहना है कि विपक्षी सांसदों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा। विपक्ष का यह भी कहना है कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा की मांग के बावजूद उन्हें बार-बार रोका जा रहा है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और यहां सभी दलों को अपनी बात रखने का बराबर अधिकार होना चाहिए। इसी वजह से विपक्ष ने अध्यक्ष से निष्पक्ष होकर सदन चलाने की मांग भी की। सरकार ने आरोपों को किया खारिज वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सरकार का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष नियमों के अनुसार ही सदन की कार्यवाही चला रहे हैं। सत्ता पक्ष के नेताओं का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर हंगामा कर रहा है और संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहा है। आज सदन में Amit Shah देंगे जवाब इस पूरे विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए जवाब देंगे। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा हो सकती है और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रखेंगे। आगे भी जारी रह सकता है टकराव राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के मौजूदा सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आगे भी देखने को मिल सकता है। कई अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में संसद का माहौल और भी गरमा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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