मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा शहर के विकास कार्यों की नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए नई सरकारी कारें खरीदने के प्रस्ताव की हो रही है। करीब ₹1.5 करोड़ की लागत से छह नई Toyota Innova Crysta खरीदने की योजना ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। विपक्ष इसे जनता के टैक्स के पैसे का गलत इस्तेमाल बता रहा है, जबकि BMC प्रशासन इसे कामकाज की जरूरत और बेहतर सुविधा से जोड़ रहा है।
BMC ने क्या प्रस्ताव रखा है?
BMC प्रशासन ने उपमहापौर, सदन के नेता, विपक्ष के नेता और विभिन्न वैधानिक समितियों के अध्यक्षों के लिए नई Toyota Innova Crysta खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। फिलहाल इन पदाधिकारियों के पास Mahindra Scorpio-N वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन अब उन्हें अधिक आरामदायक गाड़ियों से बदलने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, इन छह नई गाड़ियों की खरीद पर करीब ₹1.5 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव फिलहाल मंजूरी की प्रक्रिया में है।
आखिर नई गाड़ियों की जरूरत क्यों पड़ी?
BMC अधिकारियों का कहना है कि कई जनप्रतिनिधियों को रोजाना मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में निरीक्षण, बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। भारी ट्रैफिक और लगातार यात्रा के कारण अधिक आरामदायक वाहन उपलब्ध कराने की मांग सामने आई थी।
प्रशासन का मानना है कि बेहतर सुविधाओं वाले वाहन मिलने से जनप्रतिनिधि अपने काम को अधिक प्रभावी तरीके से कर सकेंगे।
विपक्ष ने क्यों जताया विरोध?
नई कारों की खरीद का प्रस्ताव सामने आते ही विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया। विपक्ष का कहना है कि मौजूदा Scorpio-N गाड़ियां अभी नई हैं और उन्हें बदलने की कोई जरूरत नहीं है।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि जब मुंबई कई नागरिक समस्याओं से जूझ रही है, तब करोड़ों रुपये नई सरकारी गाड़ियों पर खर्च करना उचित नहीं कहा जा सकता। उनका कहना है कि यह राशि सड़कों, जल निकासी, सफाई व्यवस्था और अन्य जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च की जानी चाहिए।
कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी बदलने की कोई मांग नहीं की थी।
BMC ने क्या दी सफाई?
BMC प्रशासन का कहना है कि यह फैसला केवल सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा Scorpio-N वाहनों को बेकार नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें निगम के अन्य अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा, जो अभी पुराने वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।
प्रशासन का दावा है कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और सरकारी संपत्ति का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल जारी रहेगा।
जनता के बीच भी छिड़ी बहस
यह मामला अब केवल BMC तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इस पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग मानते हैं कि जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे अपने काम को आसानी से कर सकें। वहीं, बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शहर में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे अभी भी बाकी हैं, तब नई लग्जरी गाड़ियों की खरीद प्राथमिकता क्यों बनाई जा रही है।
अब आगे क्या?
फिलहाल यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलने के बाद नई Innova Crysta गाड़ियों की खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि विपक्ष के कड़े विरोध को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मुद्दा BMC की बैठकों से लेकर महाराष्ट्र की राजनीति तक चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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