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UGC

Supreme Court ने लगाया UGC 2026 Rules पर रोक Higher Education में भारत की Unity जरूरी

भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने University Grants Commission (UGC) के नए 2026 Rules को स्थगित (stay) कर दिया है। इसका मतलब है कि ये नए नियम अभी लागू नहीं होंगे और पहले से मौजूद पुराने नियम ही फिलहाल मान्य रहेंगे। यह निर्णय शिक्षा जगत में काफी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि नए नियमों का मकसद था Higher Education Institutions में समानता (Equity) और भेदभाव रोकना। UGC के नए नियम क्या थे? नए नियमों के तहत: लेकिन ये नियम कुछ हद तक controversial साबित हुए। सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी रोक? मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि नियम में भेदभाव की परिभाषा केवल SC/ST/OBC तक सीमित है, जिससे General Category के लोगों को सुरक्षा नहीं मिलती। CJI ने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भारत की Unity और Samrasata झलकनी चाहिए, यानी शिक्षा का उद्देश्य कभी विभाजन पैदा नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों को vague और misuse के लिए सक्षम बताया। इसका मतलब है कि नियमों की भाषा इतनी अस्पष्ट थी कि इसका गलत इस्तेमाल हो सकता था। अब क्या होगा? अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को तय की गई है। छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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प्रेम बाईसा

साध्वी प्रेम बाईसा Suspicious Death इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाई विवाद की आग

जोधपुर के चर्चित कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत (suspicious death) ने पूरे राजस्थान में हलचल मचा दी है। उनके निधन के बाद सामने आया इंस्टाग्राम पोस्ट (Instagram post), जिसमें उन्होंने लिखा “दुनिया को अलविदा… न्याय की मांग”, ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है। मौत कैसे हुई? साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर के आरती नगर आश्रम में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें ब्रेन डैड घोषित किया गया। उनके निधन की परिस्थितियाँ अभी संदिग्ध (suspicious circumstances) मानी जा रही हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट का खुलासा उनकी मौत के कुछ घंटे बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया गया। इसमें उन्होंने लिखा कि उन्होंने जीवन सनातन धर्म के प्रचार में समर्पित किया और अब दुनिया को अलविदा कह रही हैं, साथ ही कहा कि न्याय उन्हें जीवन में नहीं, शायद मौत के बाद मिलेगा। यह पोस्ट कई लोगों के लिए शॉकिंग (shocking) थी, क्योंकि यह उनकी मृत्यु की पुष्टि होने के बाद प्रकाशित हुई थी। पिछला विवाद और मानसिक दबाव पिछले साल साध्वी प्रेम बाईसा एक वायरल वीडियो विवाद में भी फंसी थीं। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हुआ था और उन्होंने दावा किया कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया। उन्होंने इसे मानसिक प्रताड़ना और बदनाम करने की साजिश बताया। राजनीतिक और समाजिक प्रतिक्रिया साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं ने उच्च स्तरीय जांच (high-level inquiry) की मांग की। समाज और उनके समर्थकों ने भी सच्चाई और न्याय की पुकार लगाई है। मामला क्यों विवादित है? पुलिस और प्रशासन अब मामले की पूरी जांच (full investigation) कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आत्महत्या (suicide) है या इसके पीछे कोई और साजिश (conspiracy) है। साध्वी प्रेम बाईसा का निधन न सिर्फ धार्मिक और समाजिक दृष्टि से चौंकाने वाला है, बल्कि उनके इंस्टाग्राम पोस्ट ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। न्याय की मांग तेज़ है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई (truth) सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हिमाचल

उत्तर भारत Weather Alert हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी, बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत (North India) में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में भारी Snowfall और Blizzard की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं राजस्थान (Rajasthan), उत्तर प्रदेश (UP) और बिहार (Bihar) में बारिश की संभावना को लेकर लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से बिगड़े हालात हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। राज्यभर में 889 से ज्यादा सड़कें बंद हैं, जिनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में लाहौल-स्पीति, शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और किन्नौर हैं। बर्फबारी के कारण हजारों बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है और प्रशासन सड़कें खोलने और बिजली बहाल करने में जुटा हुआ है। उत्तराखंड में 4 फीट तक बर्फ उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ी इलाकों में भी इस बार भारी Blizzard आया है। गढ़वाल और कुमाऊं के ऊपरी क्षेत्रों में सड़कों पर 3 से 4 फीट तक बर्फ जमी हुई है। बर्फ के चलते यातायात ठप हो गया है और कई गांव बर्फ की चादर में ढक गए हैं। प्रशासन ने लोगों से ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। राजस्थान, यूपी और बिहार में बारिश का अलर्ट उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में मौसम विभाग ने Rain Alert जारी किया है। IMD का अपडेट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में Snowfall और Rain जारी रहने की संभावना जताई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह मानने की हिदायत दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

India Reform Express Mode में Budget से पहले PM Modi ने दिए बड़े संकेत

संसद का बजट सत्र 2026 शुरू होते ही देश की आर्थिक दिशा को लेकर माहौल गर्म हो गया है। बजट से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सरकार की आगे की रणनीति की झलक साफ दिखा दी है। पीएम मोदी ने कहा —“अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं।” इस एक लाइन में सरकार की सोच, गति और इरादे तीनों साफ झलकते हैं। PM Modi का Reform Message क्या बताता है? बजट सत्र की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार की पहचान रही है —Reform, Perform और Transform।अब यह प्रक्रिया किसी धीमी ट्रेन की तरह नहीं, बल्कि एक्सप्रेस स्पीड से आगे बढ़ रही है। इस बयान को सीधे तौर पर Budget 2026 से जोड़कर देखा जा रहा है। संकेत साफ है कि आने वाला बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि सिस्टम सुधार, निवेश बढ़ाने और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने पर फोकस करेगा। Viksit Bharat 2047 की राह PM Modi ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी ज़रूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के लिए भी एक भरोसेमंद विकास मॉडल बन रहा है। उनके मुताबिक, भारत का विकास मॉडल मानव-केंद्रित है, जहां फैसले सिर्फ GDP नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे हैं। Global Opportunities पर सरकार की नजर प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी एक बड़ा अवसर बताया। इससे भारतीय उद्योगों, MSME सेक्टर और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि भारत अब केवल सस्ता उत्पादन करने वाला देश नहीं, बल्कि गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा के दम पर आगे बढ़ने को तैयार है। Budget 2026 से क्या उम्मीदें? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। आर्थिक सर्वे पहले ही पेश किया जा चुका है, जिसमें मजबूत विकास दर और स्थिर अर्थव्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बजट में: Opposition vs Government: सत्र रहेगा गर्म बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने कई सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। ऐसे में संसद के भीतर बहस तेज रहने के आसार हैं, लेकिन सरकार का फोकस साफ है — रिफॉर्म की रफ्तार बनाए रखना। PM Modi का “रिफॉर्म एक्सप्रेस” वाला बयान सिर्फ एक राजनीतिक लाइन नहीं है, बल्कि Budget 2026 की दिशा का संकेत है। सरकार यह साफ करना चाहती है कि भारत अब ठहरने वाला नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था अब तेज़, निर्णायक और भविष्य-केंद्रित फैसलों की पटरी पर दौड़ रही है — और अगला बड़ा स्टेशन है बजट 2026। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ajit Pawar

Ajit Pawar बारामती में अंतिम विदाई परिवार संग पहुंचे अमित शाह, नितिन गडकरी और BJP अध्यक्ष

बारामती में वरिष्ठ राजनेता अजित पवार (Ajit Pawar) के अंतिम संस्कार की रस्में भावुक माहौल के बीच जारी हैं। अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पवार परिवार के साथ-साथ हजारों समर्थक और शुभचिंतक बारामती पहुंचे। हर आंख नम थी और हर चेहरा शोक में डूबा नजर आया। अजित पवार को राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। अंतिम संस्कार स्थल पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर वर्ग में उनके निधन को लेकर गहरा दुख देखा गया। Ajit Pawar Funeral में देश के बड़े नेता हुए शामिल अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों से कई दिग्गज नेता शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बारामती पहुंचकर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी इस दौरान मौजूद रहे। नेताओं ने अजित पवार के राजनीतिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और जनता से उनके गहरे जुड़ाव को याद किया। कई नेताओं ने कहा कि अजित पवार सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े हुए नेता थे, जिन्होंने दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा दी। आंध्र प्रदेश से भी पहुंचे मंत्री नारा लोकेश अजित पवार के अंतिम संस्कार में आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश भी शामिल हुए। उन्होंने पवार परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इसे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने अजित पवार के राष्ट्रीय स्तर के प्रभाव को साफ तौर पर दिखाया। शोक में डूबी बारामती, कड़े सुरक्षा इंतजाम बारामती और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लोग शांतिपूर्वक कतारों में खड़े होकर अपने प्रिय नेता को अंतिम दर्शन कर रहे हैं। अजित पवार का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। बारामती आज अपने नेता को नम आंखों से अलविदा कह रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EU

India-EU Free Trade Agreement भारतीय Industries को मिलेगा फायदा

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लंबे समय से चली आ रही बातचीत के बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे विशेषज्ञ अक्सर “सभी समझौतों की माँ” भी कहते हैं। यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों के बाजार और विश्व GDP के लगभग 25% हिस्से को कवर करता है। इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच अधिकतर सामान पर शुल्क कम या खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच आसान होगी, और यूरोपीय कंपनियों के लिए भी भारत में व्यापार करना सरल होगा। कौन से सेक्टर होंगे सबसे ज्यादा फायदे में? अमेरिकी प्रशासन की राय ट्रंप प्रशासन के समय के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर ने कहा कि यह समझौता भारत के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि भारत को यूरोप में व्यापार का बेहतर अवसर और कुछ मामलों में वर्कर वीज़ा जैसी सुविधाएँ भी मिल सकती हैं। ग्रीयर ने यह भी कहा कि अमेरिका के हाल के वर्षों के प्रोटेक्शनिस्ट टैरिफ और घरेलू उत्पादन प्रोत्साहन की नीतियों के चलते, भारत ने EU के साथ व्यापार बढ़ाने की दिशा चुनी। क्यों है यह समझौता खास? पिछले कुछ सालों में अमेरिका ने भारत से जुड़े कई मामलों में 25% तक टैरिफ लगाए, जिससे भारत ने यूरोप के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना जरूरी समझा। इस समझौते से भारत को न केवल निर्यात में फायदा, बल्कि वैश्विक व्यापार में अधिक विकल्प और रणनीतिक ताकत भी मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत और यूरोप के संबंधों को नए आयाम देगा और अमेरिका की प्रोटेक्शनिस्ट नीतियों के बीच भारत की जीत साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament

Parliament में ‘कानून वापस लो’ के नारे राष्ट्रपति के अभिभाषण में उठी बहस

संसद (Parliament) में राष्ट्रपति के अभिभाषण (Speech) के दौरान हंगामा मच गया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में देश के विकास, सामाजिक सुधार और नई नीतियों का जिक्र किया। लेकिन जैसे ही VB–जी राम जी कानून का नाम आया, विपक्षी सदस्य जोर-जोर से नारे लगाने लगे। ‘कानून वापस लो’ के नारे गूंजे सदन में सदन में “कानून वापस लो” के नारे गूंजने लगे और हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए कार्यवाही रोकनी पड़ी। विपक्ष ने कानून के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त की, जबकि सत्तापक्ष ने सदन में शांति बनाए रखने की कोशिश की। राजनीतिक विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में विधायी और राजनीतिक बहसों (Legislative & Political Debates) में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ने अपने भाषण में देश की प्रगति और सामाजिक सुधार पर जोर देना जारी रखा। संसद में गहराते मतभेद इस घटना ने यह दिखा दिया कि संसद में संवैधानिक मुद्दों (Constitutional Issues) और कानूनों (Laws) पर राजनीतिक मतभेद कितने गहरे हैं। आगामी सत्रों में ऐसे मुद्दे फिर से बहस और हंगामे को जन्म दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शंकराचार्य

Magh Mela प्रशासन से नाराज़ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने छोड़ा माघ मेला

प्रयागराज माघ मेला 2026 में बड़ा घटनाक्रम प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला बीच में ही छोड़ दिया। उनके इस फैसले ने संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच गहरी चर्चा छेड़ दी है। मौनी अमावस्या पर संगम स्नान नहीं हो सका मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य संगम स्नान के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी पालकी को पुलिस और मेला प्रशासन ने रोक दिया। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देते हुए उन्हें संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं दी। प्रशासनिक रोक से आहत हुए शंकराचार्य इस घटना से व्यथित होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उसी दिन संगम स्नान करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि संगम स्नान केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और परंपरा से जुड़ा विषय है। धरने पर बैठे, संत सम्मान का मुद्दा उठाया स्नान न होने के बाद शंकराचार्य ने मेला क्षेत्र में अपने शिविर के बाहर धरना शुरू किया। उन्होंने प्रशासन पर संत समाज की गरिमा की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला व्यक्तिगत नहीं, बल्कि धार्मिक मर्यादाओं से जुड़ा है। कोई समाधान नहीं, माघ मेला छोड़ने का फैसला कई दिनों तक चले विरोध और बातचीत के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो शंकराचार्य ने माघ मेला छोड़ने का निर्णय ले लिया। भारी मन से प्रयागराज से विदाई मेला छोड़ते समय उन्होंने कहा,“मैं श्रद्धा लेकर यहां आया था, लेकिन बिना संगम स्नान किए लौट रहा हूं। ऐसी स्थिति की मैंने कभी कल्पना नहीं की थी।”उनके शब्दों में पीड़ा और निराशा साफ झलक रही थी। संत समाज और प्रशासन के बीच बढ़ी दूरी इस पूरे घटनाक्रम ने माघ मेला प्रशासन और संत समाज के संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई संत संगठनों ने इस पर नाराज़गी जताई है, वहीं सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माघ मेला व्यवस्था पर उठे सवाल हालांकि प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था सामान्य है, लेकिन शंकराचार्य के माघ मेला छोड़ने की घटना ने संतों के सम्मान, धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ajit Pawar

Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar Plane Crash बारामती में लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा

महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का एक विमान हादसे में निधन हो गया। यह दर्दनाक दुर्घटना पुणे जिले के बारामती में लैंडिंग के दौरान हुई, जिसमें विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई। कैसे हुआ Ajit Pawar Plane Crash? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अजित पवार जिस छोटे विमान (Charter Aircraft) से यात्रा कर रहे थे, वह बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह ज़मीन से टकराकर क्रैश हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर दमकल और राहत दल पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान में कौन-कौन सवार थे? इस दुर्घटना में: सभी की मौके पर ही मौत हो गई। किसी भी यात्री को बचाया नहीं जा सका। बारामती जा रहे थे Ajit Pawar बताया जा रहा है कि अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कुछ स्थानीय कार्यक्रमों और बैठकों में शामिल होना था। बारामती उनका गृह क्षेत्र भी माना जाता है, जिससे यह हादसा और भी भावनात्मक हो गया है। हादसे की वजह क्या थी? फिलहाल दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।संभावित कारणों में: DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और अन्य जांच एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। देशभर में शोक की लहर Ajit Pawar Death News सामने आने के बाद महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश में शोक का माहौल है। राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने इस दुर्घटना को अपूरणीय क्षति बताया है। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई है। राजनीति के लिए बड़ा झटका Ajit Pawar को महाराष्ट्र की राजनीति का एक मजबूत और निर्णायक चेहरा माना जाता था। उनका अचानक इस तरह जाना राज्य की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EU

भारत‑EU Trade Deal 2026 मोदी बोले “दुनियाभर में इसकी चर्चा हो रही है”

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लगभग 20 साल की बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक Trade Deal / Free Trade Agreement (FTA) पर आज सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार देते हुए कहा कि यह समझौता भारत और EU दोनों के लिए बड़े आर्थिक अवसर लेकर आएगा। FTA से भारत और EU को क्या मिलेगा? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह डील दुनियाभर में चर्चा का विषय बन रही है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।” अमेरिका की प्रतिक्रिया इस डील को लेकर अमेरिका ने अपनी नाराजगी जताई। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह समझौता कुछ मामलों में अमेरिकी हितों के विपरीत हो सकता है। विशेष रूप से रूस से तेल आयात और टैरिफ नीतियों को लेकर अमेरिका ने आपत्ति व्यक्त की है। पिछले कुछ समय से अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ और व्यापारिक तनाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में भारत ने EU के साथ यह समझौता कर अपने विकल्प मजबूत किए हैं। Global Impact और भविष्य विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता वैश्विक व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत और EU के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा और दुनिया के व्यापारिक संतुलन पर असर डाल सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह डील सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक आर्थिक पहचान को और मजबूत करेगी।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कात्यायनी

Navratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में मां कात्यायनी को महिषासुर का वध करने वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है। मां कात्यायनी की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी की कठोर आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लिया और कात्यायनी कहलायीं। मान्यता है कि देवी ने महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः। भोग: मां को शहद अर्पित करने की परंपरा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

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