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WhatsApp, Facebook और Instagram के नए Plus फीचर्स आएंगे, यूजर्स को देना पड़ सकता है पैसा

WhatsApp, Facebook और Instagram के नए Plus फीचर्स आएंगे, यूजर्स को देना पड़ सकता है पैसा

दुनियाभर में करोड़ों लोग रोजाना WhatsApp, Facebook और Instagram का इस्तेमाल करते हैं। अब इन प्लेटफॉर्म्स को चलाने वाली कंपनी Meta अपने यूजर्स के लिए एक नया “Plus” या प्रीमियम वर्जन लाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि इसके लिए यूजर्स को हर महीने कुछ पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, लेकिन बदले में कई नए और खास फीचर्स मिलने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को और ज्यादा पर्सनल और एडवांस बनाने पर काम कर रही है। नए Plus वर्जन में यूजर्स को ऐसी सुविधाएं मिल सकती हैं, जो अभी फ्री वर्जन में उपलब्ध नहीं हैं। 24 घंटे बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी Instagram और Facebook पर अभी स्टोरी सिर्फ 24 घंटे तक दिखाई देती है, लेकिन Plus वर्जन में यूजर्स अपनी स्टोरी को ज्यादा समय तक एक्टिव रख सकेंगे। इससे लोग अपनी खास यादों और जरूरी अपडेट्स को लंबे समय तक शेयर कर पाएंगे। पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना सकेंगे नए फीचर के तहत यूजर्स अपने करीबी दोस्तों, परिवार और ऑफिस के लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना पाएंगे। इससे हर पोस्ट और स्टोरी को अपनी पसंद के लोगों तक ही शेयर करना आसान हो जाएगा। यह फीचर प्राइवेसी और पर्सनल कंट्रोल को बेहतर बनाएगा। आम यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा? अगर Meta अपने Plus वर्जन को लॉन्च करता है, तो इससे यूजर्स को फ्री और पेड दोनों विकल्प मिल सकते हैं। जो लोग ज्यादा फीचर्स और बेहतर अनुभव चाहते हैं, वे प्रीमियम प्लान चुन सकते हैं। वहीं सामान्य यूजर्स पहले की तरह फ्री वर्जन इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, Meta की तरफ से अभी तक इन फीचर्स और कीमतों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसे लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha

Twisha Case Investigation: CBI ने तेज की जांच, गिरफ्तारी को लेकर बढ़ा Suspense

Twisha केस की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर नई जानकारी लोगों की बेचैनी बढ़ा रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध मानी जा रही गिरिबाला से लगातार पूछताछ की जा रही है और एजेंसी अब हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर केस की पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश में जुटी है। जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस केस में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। इसी वजह से गिरिबाला की गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि CBI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 3D Camera Technology से रिकॉर्ड हो रहा पूरा घर इस हाई-प्रोफाइल मामले में CBI आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। जांच टीम ने घटनास्थल और घर के अंदर के हिस्सों को 3D कैमरे की मदद से रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया है। इससे पूरे घर का डिजिटल मॉडल तैयार किया जाएगा, ताकि घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। सूत्रों के अनुसार, टीम घर के हर कमरे, एंट्री और एग्जिट पॉइंट, फर्नीचर की स्थिति और अन्य संदिग्ध जगहों की बारीकी से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इस डिजिटल रिकॉर्डिंग से जांच एजेंसी को कई अहम सुराग मिल सकते हैं। पूछताछ में सामने आ रहे नए पहलू CBI अधिकारियों ने गिरिबाला से कई दौर की पूछताछ की है। जांच एजेंसी मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और घटनास्थल से मिले संकेतों को एक-दूसरे से जोड़कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे जवाब मिले हैं, जिन्होंने जांच को नई दिशा दी है। यही वजह है कि एजेंसी अब मामले से जुड़े हर व्यक्ति पर नजर बनाए हुए है। इलाके में बढ़ी हलचल ट्विशा केस को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी चर्चा है। इलाके में लगातार CBI की मौजूदगी और जांच टीम की गतिविधियों ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद जल्द सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल CBI हर एंगल से केस की जांच कर रही है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और तकनीकी टीम की मदद से जुटाए जा रहे सबूत आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बकरीद

बकरीद Special: Delhi से UP तक Security Tight, Bengal और Uttarakhand में हलचल

बकरीद 2026 के मौके पर पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। त्योहार के बीच जहां एक ओर शांति और सौहार्द बनाए रखने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग राज्यों से कुछ चर्चित मुद्दे भी सामने आए हैं। Delhi-UP में मस्जिदों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर Drone से निगरानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बकरीद के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों की मदद से लगातार निगरानी शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। West Bengal में Security Tight, Flag March से बढ़ा Confidence पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च निकाला। इसका मकसद लोगों में भरोसा बढ़ाना और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोकना है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है और लगातार पेट्रोलिंग जारी है। Uttarakhand में Cow को National Animal बनाने की मांग पर चर्चा उत्तराखंड में बकरीद के दौरान एक अलग ही मुद्दा चर्चा में रहा। कुछ लोगों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई है। इस मांग के बाद स्थानीय स्तर पर बहस शुरू हो गई है और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Administration Alert: Peaceful Celebration की अपील देशभर के प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बकरीद को शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाया जाए। Administration Alert: Peaceful Celebration की अपील देशभर के प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बकरीद को शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाया जाए।
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Shocking Incident: बंद खदान में कूदा युवक, 4 Hour Rescue Operation के बाद बरामद हुआ शव

Shocking Incident: बंद खदान में कूदा युवक, 4 Hour Rescue Operation के बाद बरामद हुआ शव

एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने कथित तौर पर “जय मां काली” बोलते हुए बंद पड़ी खदान में छलांग लगा दी। यह घटना अचानक हुई, जिससे मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मचा हड़कंप घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। लेकिन खदान की गहराई और अंदर की कठिन परिस्थितियों के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। 4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 4 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम को युवक का शव खदान से बाहर निकालने में सफलता मिली। जैसे ही शव बाहर लाया गया, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरे इलाके में गहरा सन्नाटा छा गया। पुलिस जांच जारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। सुरक्षा पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खदान लंबे समय से बंद पड़ी थी और वहां सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर थी। इसी लापरवाही को लेकर अब प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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G7 Summit

G7 Summit 2026: France जाएंगे PM Modi, Donald Trump से मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजर

प्रधानमंत्री Narendra Modi अगले महीने एक अहम यूरोप दौरे पर जाने वाले हैं। इस दौरान वह फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 Summit में हिस्सा लेंगे और फिर स्लोवाकिया का दौरा करेंगे। अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह यात्रा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के बड़े देशों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती ग्लोबल भूमिका का बड़ा संकेत माना जा रहा है। France में G7 Summit में शामिल होंगे पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के निमंत्रण पर पीएम मोदी जून में होने वाले G7 Summit में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बार समिट में AI Technology, Climate Change, Energy Security, Ukraine Crisis और Global Trade जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। भारत को इस मंच पर लगातार बुलाया जाना यह दिखाता है कि दुनिया अब भारत को एक अहम रणनीतिक साझेदार के तौर पर देख रही है। Donald Trump से मुलाकात की भी चर्चा G7 Summit में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में पीएम मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। अगर दोनों नेताओं की मुलाकात होती है तो व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक बैठक की पुष्टि नहीं हुई है। Slovakia दौरा क्यों है खास? फ्रांस के बाद पीएम मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया का दौरा करेगा। भारत और स्लोवाकिया के बीच पिछले कुछ समय में व्यापार और तकनीकी सहयोग तेजी से बढ़ा है। खासकर ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सेक्टर में दोनों देशों की दिलचस्पी बढ़ी है। भारत की Global Image हो रही मजबूत अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मानते हैं कि पीएम मोदी के लगातार विदेशी दौरों का असर भारत की वैश्विक छवि पर साफ दिखाई दे रहा है। चाहे G20 हो, QUAD हो या G7 जैसे बड़े मंच, भारत अब हर जगह मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यूरोप के साथ मजबूत होते रिश्ते आने वाले समय में भारत के व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी फायदा पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि पीएम मोदी का यह दौरा राजनीतिक के साथ-साथ आर्थिक नजरिए से भी बेहद अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Alert: नौतपा के बीच बदलेगा मौसम, 15 राज्यों में बारिश और तेज हवा संभव

देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, यूपी और बिहार समेत करीब 15 राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से कई इलाकों में मौसम करवट लेने वाला है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि बारिश की राहत आने से पहले उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। राजस्थान का श्रीगंगानगर एक बार फिर देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। Rajasthan में Heatwave का कहर, श्रीगंगानगर सबसे गर्म राजस्थान इस समय तेज लू और झुलसा देने वाली गर्मी की चपेट में है। श्रीगंगानगर में तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और चूरू जैसे शहरों में भी पारा 45 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं। गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। कई शहरों में बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। MP, Delhi-UP में भी लोगों का हाल बेहाल मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खजुराहो, नौगांव और ग्वालियर जैसे इलाकों में तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंच गया। भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी लोगों को उमस और तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय गर्म हवाएं चलने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अगले 72 घंटे में बदल सकता है मौसम IMD के मुताबिक अगले तीन दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जगहों पर तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। क्या होता है नौतपा? मई के आखिरी दिनों में पड़ने वाले नौतपा को साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यही गर्मी आगे चलकर मानसून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है। Health Experts ने दी सावधानी बरतने की सलाह डॉक्टरों और मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखने को कहा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और लू को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में मौसम बदलने तक सतर्क रहना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Petrol

₹103 में खरीदो, ₹135 में बेचो! महाराजगंज सीमा पर Petrol Smuggling का खुलासा

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा इन दिनों पेट्रोल तस्करी को लेकर चर्चा में है। यहां भारत में करीब ₹103 प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल नेपाल पहुंचते-पहुंचते ₹135 तक बिक रहा है। दोनों देशों के बीच तेल की कीमतों में बड़ा अंतर होने की वजह से सीमा पार अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सीमा से जुड़े गांवों में सुबह से देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। कुछ लोग बाइक और छोटे वाहनों में बार-बार पेट्रोल भरवाकर नेपाल ले जा रहे हैं। वहां ऊंचे दामों में तेल बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। Border Area में कैसे चल रहा है पूरा खेल? महाराजगंज से लगी भारत-नेपाल सीमा का बड़ा हिस्सा खुला है। कई गांव ऐसे हैं जहां छोटे रास्तों से आसानी से आवाजाही हो जाती है। तस्कर इसी का फायदा उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पेट्रोल को छोटे कैन, ड्रम और बाइक की टंकियों में भरकर नेपाल पहुंचाया जा रहा है। सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर अचानक बिक्री बढ़ गई है। कई बार आम ग्राहकों को लंबी लाइन में भी लगना पड़ रहा है। ग्रामीणों को शक है कि बड़ी मात्रा में तेल सीमा पार भेजा जा रहा है। Petrol Price Difference बना तस्करी की बड़ी वजह भारत और नेपाल में पेट्रोल की कीमतों का अंतर इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। भारत में सस्ता मिलने वाला पेट्रोल नेपाल में महंगे दामों पर बिक रहा है। ऐसे में तस्करों को हर लीटर पर अच्छा फायदा मिल रहा है। जानकारों का मानना है कि जब तक दोनों देशों में ईंधन की कीमतों में इतना अंतर रहेगा, तब तक इस तरह की तस्करी को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल होगा। प्रशासन और SSB ने बढ़ाई निगरानी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, एसएसबी और स्थानीय प्रशासन ने बॉर्डर एरिया में निगरानी बढ़ा दी है। पेट्रोल पंपों पर संदिग्ध खरीदारी पर नजर रखी जा रही है। कई इलाकों में चेकिंग अभियान भी चलाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से ईंधन ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि खुली सीमा और गांवों के छोटे रास्ते प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता सीमा से जुड़े इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार का असर अब आम जिंदगी पर भी दिखने लगा है। पेट्रोल की मांग बढ़ने से कई बार स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों को भी आशंका है कि इस तरह का नेटवर्क भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Siddaramaiah

मंच पर भावुक दिखे DK Shivakumar, CM Siddaramaiah को किया प्रणाम

कर्नाटक की राजनीति में उस वक्त भावुक माहौल बन गया, जब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) के पैर छू लिए। यह दृश्य कैमरे में कैद होते ही सोशल media पर तेजी से वायरल हो गया और राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे गया। इस्तीफे की चर्चाओं के बीच वायरल हुआ Video पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व बदलाव और इस्तीफे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इसी बीच एक कार्यक्रम के दौरान डीके शिवकुमार का यह भावुक अंदाज लोगों का ध्यान खींच ले गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवकुमार मंच पर सिद्धारमैया के पास पहुंचे और सम्मान जताते हुए उनके पैर छुए। इस दौरान वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर इस पल का स्वागत किया। Congress में एकता का संदेश या सियासी रणनीति? राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया यह दृश्य कांग्रेस के भीतर एक अलग संदेश देता नजर आया। कांग्रेस के दोनों बड़े नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक तालमेल और नेतृत्व को लेकर चर्चा होती रही है। कुछ लोग इसे पार्टी में एकता और सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं, जबकि विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इसे कर्नाटक की अंदरूनी सियासत से जोड़कर देख रहे हैं। Social Media पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे भारतीय संस्कृति और वरिष्ठ नेताओं के सम्मान से जोड़कर देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे सियासी रणनीति बताया। कांग्रेस की तरफ से अभी तक नहीं आया Official Statement हालांकि कांग्रेस की तरफ से अब तक किसी भी तरह के इस्तीफे या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इस Emotional Moment ने कर्नाटक की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में पार्टी क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shivraj Singh Chouhan Book Launch

शिवराज की किताब में बड़ा खुलासा: चुनावी संकट में PM मोदी ने ऐसे संभाला ‘मामाजी’ को

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने 35 वर्षों के राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभवों को एक किताब में समेटा है।‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ नाम की इस किताब का विमोचन मंगलवार 26 मई को दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में हुआ। कार्यक्रम में देश के पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda और पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu विशेष रूप से मौजूद रहे। यह किताब सिर्फ राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि भाजपा संगठन, कार्यकर्ता संस्कृति, संकट के समय नेतृत्व और नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के कई अनसुने पहलुओं को सामने लाती है। किताब में 1990 के दशक से लेकर कोरोना काल, मध्य प्रदेश चुनाव, संगठनात्मक संघर्ष और पहलगाम आतंकी हमले जैसे कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का जिक्र किया गया है। 2023 चुनाव से पहले का सबसे भावुक किस्सा किताब का सबसे चर्चित हिस्सा 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। उस समय भाजपा की पहली सूची जारी हुई थी, लेकिन उसमें शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल नहीं था। विपक्ष ने इसे तुरंत मुद्दा बना लिया और यह नैरेटिव बनाया जाने लगा कि “मामाजी का दौर खत्म हो गया है।” इसी दौरान शिवराज सिंह चौहान के एक भाषण की लाइन —“यदि हम चले जाएंगे तो याद बहुत आएंगे”को सोशल मीडिया और विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक विदाई के संकेत की तरह प्रचारित करना शुरू कर दिया। शिवराज लिखते हैं कि उस समय वे बेहद मानसिक दबाव में थे। तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया। किताब के अनुसार, मोदी ने बातचीत की शुरुआत इन शब्दों से की— “मैं मुख्यमंत्री से बात नहीं कर रहा, मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं।” शिवराज के मुताबिक, इसके बाद मोदी ने राजनीति की नहीं बल्कि उनके मन की बात की। उन्होंने कहा— “इतनी चिंता क्यों कर रहे हो? कुछ दिन एकांत में जाओ, अपने भीतर झांको, मन को शांत करो।” किताब में शिवराज ने लिखा है कि उस समय मोदी किसी प्रधानमंत्री की तरह नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह बात कर रहे थे। उन्हें समझ आ गया था कि यदि शिवराज का मनोबल कमजोर हुआ, तो उसका असर लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा। उत्तराखंड जाकर किया आत्ममंथन फोन कॉल के बाद शिवराज सिंह चौहान कुछ दिनों के लिए उत्तराखंड गए। गंगा किनारे समय बिताया और आत्ममंथन किया।वापस लौटने के बाद उन्होंने पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार संभाला। किताब में दावा किया गया है कि उन्होंने सिर्फ 13-14 दिनों में 165 से ज्यादा जनसभाएं और रोड शो किए। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। पहलगाम आतंकी हमला: “इस बार का ऑपरेशन अलग होगा” किताब की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जिक्र से होती है, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरे पर थे, लेकिन घटना के बाद तुरंत भारत लौट आए। शिवराज किताब में लिखते हैं कि हमले के बाद हुई कैबिनेट बैठक में पूरे देश की तरह मंत्रियों के मन में भी गुस्सा और बेचैनी थी। लेकिन नरेंद्र मोदी बेहद शांत दिखाई दे रहे थे। उसी बैठक में उन्होंने कहा— “इस बार का ऑपरेशन अलग होगा। यह सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से भी अलग होगा। जिन्होंने यह किया है, उन्हें और उनके आकाओं को नहीं छोड़ेंगे।” शिवराज के अनुसार, मोदी का यह बयान भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि एक ठोस रणनीतिक संकल्प था। उन्होंने इसे संकट के समय धैर्यपूर्ण नेतृत्व की मिसाल बताया। 1998 का किस्सा: जब भाजपा कार्यकर्ताओं से पूछा गया था — किसके पास ईमेल आईडी है? किताब में 1990 के दशक का एक दिलचस्प प्रसंग भी शामिल है। उस समय भारत में कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत सीमित था। शिवराज लिखते हैं कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को दिल्ली के एक छोटे से कमरे में घंटों डेस्कटॉप कंप्यूटर पर काम करते देखा था। उस समय मोदी भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे और तकनीक को लेकर काफी उत्साहित रहते थे। 1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के दौरान एक बैठक में मोदी ने कार्यकर्ताओं से पूछा— “किसके पास ईमेल आईडी है?” उस दौर में अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं को ईमेल की जानकारी तक नहीं थी। शिवराज के मुताबिक, मोदी राजनीति में तकनीक और डिजिटल कम्युनिकेशन की ताकत को बहुत पहले समझ चुके थे। कोरोना काल और कार्यकर्ताओं के लिए मोदी की चिंता किताब में कोरोना महामारी के दौरान के अनुभवों का भी जिक्र है। शिवराज ने लिखा कि महामारी के सबसे कठिन दौर में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार राज्यों के संपर्क में रहते थे। वे सिर्फ प्रशासनिक रिपोर्ट नहीं लेते थे, बल्कि यह भी पूछते थे कि कार्यकर्ताओं, गरीबों और जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंच रही है या नहीं।शिवराज ने दावा किया कि मोदी संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर हमेशा बेहद गंभीर रहे। किताब में क्या खास है? ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ सिर्फ राजनीतिक घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के मानवीय पक्ष को सामने लाने की कोशिश की गई है। किताब में खास तौर पर इन विषयों पर फोकस किया गया है—
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Supreme Court ने कहा- SIR प्रक्रिया अवैध नहीं, चुनाव आयोग ने कानून के तहत किया काम

Supreme Court ने कहा- SIR प्रक्रिया अवैध नहीं, चुनाव आयोग ने कानून के तहत किया काम

देश की सबसे बड़ी अदालत Supreme Court of India ने वोटर लिस्ट से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा कि SIR प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा जा सकता, क्योंकि Election Commission of India ने यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से संदिग्ध मानकर हटाए गए हैं, उनकी जानकारी चार हफ्तों के भीतर केंद्र सरकार को भेजी जाए। कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और सही मतदाता सूची बेहद जरूरी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि फर्जी या संदिग्ध नामों को हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, ताकि निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इस मामले को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि बिना पर्याप्त जांच के नाम हटाए जाने से कई असली मतदाता परेशान हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष था कि मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट रखना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद साफ हो गया है कि SIR प्रक्रिया फिलहाल कानूनी दायरे में मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग आगे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत होती है। ऐसे में सही मतदाता सूची बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि किसी योग्य नागरिक का नाम गलत तरीके से न हटे। यही संतुलन बनाए रखना अब सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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