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Congress

MP Election Buzz: Congress में अंदरूनी खींचतान या रणनीति? मीनाक्षी का बड़ा बयान

मध्य प्रदेश की राजनीति में चुनावी हलचल अब खुलकर दिखाई देने लगी है। नेताओं के बयान, पार्टी के भीतर की गतिविधियां और लगातार बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। इसी बीच Congress नेता मीनाक्षी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और आगामी चुनाव में पार्टी मजबूती से जीत दर्ज करेगी। हालांकि, मीनाक्षी के इस बयान के बीच कांग्रेस को एक बड़ा झटका भी लगा है। दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाने वाले नेता ज्ञानचंदानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। Meenakshi का भरोसा- Congress मजबूत है मीडिया से बातचीत के दौरान मीनाक्षी ने कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता और नेता मिलकर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस लोगों के मुद्दों को लेकर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन कमजोर नहीं होता। कांग्रेस पहले भी चुनौतियों से उभरी है और इस बार भी जनता का समर्थन पार्टी को मिलेगा। Digvijaya समर्थक Gyanchandani का इस्तीफा बना चर्चा का विषय कांग्रेस के भीतर उस समय हलचल तेज हो गई जब दिग्विजय सिंह समर्थक माने जाने वाले ज्ञानचंदानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के अंदर बढ़ते असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह किसी व्यक्ति का निजी फैसला है और पार्टी पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। संगठन अभी भी पूरी तरह सक्रिय और मजबूत है। Kailash Vijayvargiya ने Congress पर साधा निशाना बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि विकास चाहने वाले लोग बीजेपी के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी सरकार ने लगातार विकास कार्य किए हैं और जनता इन्हीं कामों के आधार पर वोट करेगी। विजयवर्गीय ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार ने कई बड़े काम किए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर केवल बयानबाजी और अंदरूनी राजनीति करने का आरोप लगाया। चुनाव नजदीक, सियासी बयानबाजी तेज जैसे-जैसे मध्य प्रदेश में चुनाव करीब आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बयान और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। कांग्रेस जहां खुद को एकजुट दिखाने में लगी है, वहीं बीजेपी विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। अब आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों बड़ी पार्टियां चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Deepak Prakash

Bihar Political MLC टिकट नहीं मिलने से Deepak Prakash पर संकट, छोड़ना पड़ेगा मंत्री पद?

बिहार की सियासत में इन दिनों उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश (Deepak Prakash) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। NDA की ओर से जारी विधान परिषद (MLC) उम्मीदवारों की सूची में नाम नहीं आने के बाद अब उनके मंत्री पद पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 6 महीने का नियम बना बड़ी वजह दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार सरकार में मंत्री हैं, लेकिन अभी तक वे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं बन पाए हैं। संविधान के नियम के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को मंत्री बनने के बाद छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होता है। ऐसा नहीं होने पर मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इसी नियम को लेकर अब बिहार की राजनीति गर्म हो गई है। माना जा रहा था कि NDA उन्हें विधान परिषद भेज सकती है, लेकिन उम्मीदवारों की सूची आने के बाद तस्वीर बदलती नजर आई। सूची में उनका नाम नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। NDA में सीट शेयरिंग बनी वजह? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गठबंधन के अंदर सीट शेयरिंग और राजनीतिक संतुलन की वजह से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को ज्यादा जगह नहीं मिल सकी। इसका असर सीधे तौर पर दीपक प्रकाश की दावेदारी पर पड़ा। उधर, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि NDA में सबकुछ सामान्य है, लेकिन अंदरखाने चल रही हलचल कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पार्टी समर्थकों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मंत्री बनाए जाने के बाद अब तक दीपक प्रकाश को सदन में पहुंचाने की रणनीति क्यों तय नहीं हो सकी। क्या निकलेगा कोई नया राजनीतिक रास्ता? सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लिया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि परिवार या पार्टी स्तर पर ऐसा रास्ता तलाशा जा रहा है, जिससे दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाया जा सके। हालांकि अभी तक इस पर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विपक्ष ने भी साधा निशाना इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष भी अब NDA पर निशाना साध रहा है और इसे गठबंधन के अंदर की खींचतान बता रहा है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्ते दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। अब आगे क्या? फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या NDA दीपक प्रकाश को सदन तक पहुंचाने के लिए कोई नया रास्ता निकालेगी या फिर उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Manipur

Manipur Protest Update: उखरुल में प्रदर्शन हुआ हिंसक, जवानों पर पेट्रोल डालने का आरोप

मणिपुर (Manipur) के उखरुल जिले में रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब स्थानीय तंगखुल समुदाय की महिलाओं और असम राइफल्स के जवानों के बीच तीखी झड़प हो गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान गुस्साई भीड़ ने सुरक्षा बलों के बनाए बंकर को नुकसान पहुंचाया। वहीं असम राइफल्स ने दावा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने जवानों पर पेट्रोल डालने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय संगठनों के अनुसार, झड़प में करीब 22 महिलाएं घायल हुई हैं, जिनमें कई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। कैसे शुरू हुआ विवाद? जानकारी के मुताबिक, उखरुल में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा बलों की मौजूदगी को लेकर लोगों में नाराजगी थी। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं प्रदर्शन करने पहुंचीं। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हालात बिगड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों और जवानों के बीच पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई। इसी दौरान भीड़ ने असम राइफल्स के अस्थायी बंकर को तोड़ दिया। Assam Rifles ने क्या कहा? असम राइफल्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ड्यूटी पर तैनात जवानों को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। सुरक्षा बलों का आरोप है कि कुछ महिलाओं ने जवानों पर पेट्रोल डालने की कोशिश की, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं के साथ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। 22 महिलाएं घायल, कई अस्पताल में भर्ती स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस झड़प में करीब 22 तंगखुल महिलाएं घायल हुई हैं। कुछ महिलाओं को मामूली चोटें आईं, जबकि कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने अभी तक घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। इलाके में बढ़ा तनाव घटना के बाद उखरुल जिले में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद मणिपुर पिछले लंबे समय से जातीय हिंसा और तनाव की घटनाओं से जूझ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों और स्थानीय समूहों के बीच टकराव की खबरें सामने आती रही हैं। उखरुल की यह ताजा घटना भी राज्य के संवेदनशील माहौल को दिखाती है, जहां हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert 2026: 12 राज्यों में बारिश की एंट्री, Delhi Airport पर तूफान से 3 विमान डैमेज

देशभर में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह एक्टिव होता नजर आ रहा है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। जहां मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं राजस्थान में ओलों और तेज हवाओं ने मुश्किलें बढ़ा दीं। दूसरी तरफ दिल्ली में आए तेज तूफान का असर एयरपोर्ट तक पहुंच गया, जहां Air India के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए। 12 राज्यों तक पहुंचा मानसून, मौसम हुआ सुहाना भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 12 राज्यों में दस्तक दे चुका है। कई इलाकों में लगातार बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस हुई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ सकता है, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। MP और UP में बारिश से मिली राहत मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई जगहों पर बादल गरजे और मौसम अचानक ठंडा हो गया। लोग घरों से बाहर निकलकर बारिश का आनंद लेते नजर आए। उत्तर प्रदेश में भी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। गर्मी से परेशान लोगों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। राजस्थान में आंधी और ओलावृष्टि से बढ़ी परेशानी राजस्थान में मौसम ने अलग ही रूप दिखाया। जयपुर, बीकानेर, अजमेर और नागौर सहित कई जिलों में तेज धूलभरी आंधी चली। कुछ इलाकों में ओले गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर गए और बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई। किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। Delhi Airport पर तूफान का बड़ा असर राजधानी दिल्ली में रविवार शाम अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी और बारिश के दौरान हवा की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। इसका असर सीधे IGI Airport पर देखने को मिला। जानकारी के अनुसार तेज हवाओं की वजह से एयरपोर्ट पर मौजूद लोहे के स्टैंड उड़कर Air India के तीन विमानों से टकरा गए। इस घटना में विमानों को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। खराब मौसम की वजह से कई फ्लाइट्स लेट हुईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर IMD ने दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आसपास के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून सामान्य से बेहतर रह सकता है, जिससे किसानों और आम लोगों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Deepke

‘मैं हूं कॉकरोच’ Campaign हुआ तेज, Abhijeet Deepke करेंगे अलग-अलग राज्यों का दौरा

दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का आंदोलन अब देश के कई राज्यों तक पहुंचने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) ने ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे खुद अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे और इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद इस संगठन का नाम तेजी से वायरल हुआ। प्रदर्शन के दौरान “मैं हूं कॉकरोच” जैसे पोस्टर और नारे लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। 13 जून तक शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने मांग की कि 13 जून तक शिक्षामंत्री इस्तीफा दें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। दीपके का कहना है कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज उठाने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि देशभर से छात्रों और युवाओं का समर्थन उन्हें मिल रहा है। अलग-अलग राज्यों में जाएंगे अभिजीत दीपके अभिजीत दीपके ने कहा कि वे जल्द ही कई राज्यों और शहरों का दौरा करेंगे। पार्टी की टीम भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन और सभाओं की तैयारी में जुट गई है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि आंदोलन अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जमीन पर भी मजबूत किया जाएगा। बॉलीवुड और सोशल मीडिया से मिला सपोर्ट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे युवाओं की नई आवाज बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक स्टंट मान रहे हैं। इस बीच बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा समेत कुछ चर्चित चेहरों ने भी इस आंदोलन के समर्थन में पोस्ट शेयर किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब पर इस आंदोलन से जुड़े वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। अभिजीत दीपके भी लगातार अपने समर्थकों से ऑनलाइन जुड़े हुए हैं। क्यों चर्चा में है ‘Cockroach Janata Party’? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में अलग अंदाज वाले आंदोलन तेजी से लोगों का ध्यान खींचते हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भी इसी वजह से अचानक चर्चा में आई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि 13 जून तक सरकार की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है और यह आंदोलन आने वाले दिनों में कितना बड़ा रूप लेता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राहुल गांधी

I.N.D.I.A Alliance Meeting: ममता-अखिलेश दिल्ली पहुंचे, राहुल गांधी को लेकर छिड़ा विवाद

दिल्ली में होने वाली I.N.D.I.A गठबंधन की अहम बैठक से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। राजधानी की सड़कों पर कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ लगे पोस्टरों ने नई बहस छेड़ दी है। पोस्टरों में राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठाए गए हैं। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद विपक्षी राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे विपक्षी एकता को कमजोर करने की कोशिश बताया है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में बना हुआ है। दिल्ली पहुंचे ममता बनर्जी और अखिलेश यादव I.N.D.I.A गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य विपक्षी दलों के नेता भी राजधानी पहुंच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में करीब 23 विपक्षी दल हिस्सा ले सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक आने वाले लोकसभा चुनावों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने की कोशिश में जुटे हैं। किन मुद्दों पर होगी चर्चा? सूत्रों के अनुसार बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इनमें महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, संसद सत्र की रणनीति और राज्यों में सीट शेयरिंग जैसे विषय शामिल हैं। विपक्ष का फोकस केंद्र सरकार को एकजुट होकर घेरने पर रहेगा। हालांकि विपक्ष के अंदर नेतृत्व और सीट बंटवारे को लेकर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस बैठक को विपक्षी एकता की परीक्षा भी माना जा रहा है। Poster Controversy ने बढ़ाई सियासी गर्मी बैठक से पहले लगे पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह विपक्षी गठबंधन को कमजोर करने की साजिश है। वहीं भाजपा समर्थक सोशल मीडिया पर इन पोस्टरों को लेकर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि I.N.D.I.A गठबंधन की बैठक से विपक्ष जनता को क्या संदेश देता है और आगामी चुनावों के लिए किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jahangir Khan

TMC Leader Jahangir Khan Arrested: नेपाल बॉर्डर से भागने की कोशिश नाकाम, STF ने दबोचा

नेपाल बॉर्डर पर STF का बड़ा ऑपरेशन पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार को बड़ा मोड़ आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जहांगीर खान (Jahangir Khan) को नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। STF की इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत फिर गर्मा गई है। बताया जा रहा है कि जहांगीर खान देश छोड़कर भागने की कोशिश में था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया। गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, STF को गुप्त जानकारी मिली थी कि TMC नेता सीमावर्ती इलाके के रास्ते नेपाल जाने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने बॉर्डर इलाके में निगरानी बढ़ाई और सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान जहांगीर खान को हिरासत में लिया गया। पहले भी विवादों में रह चुका है नाम जहांगीर Khan का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। चुनावी हिंसा और राजनीतिक तनाव से जुड़े मामलों में उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां पहले से नजर बनाए हुए थीं। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। कोलकाता में होगी पूछताछ गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच कोलकाता लाया जा रहा है, जहां STF और अन्य एजेंसियां उससे पूछताछ करेंगी। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरा इस घटना के बाद विपक्ष ने पश्चिम बंगाल सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। वहीं, TMC की तरफ से अभी तक इस गिरफ्तारी पर कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बंगाल की राजनीति पर पड़ सकता है असर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में और ज्यादा असर डाल सकता है। फिलहाल, STF की जांच और पूछताछ पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अमरनाथ यात्रा 2026: हाईटेक सुरक्षा कवच में होगी बाबा बर्फानी की यात्रा

Amarnath यात्रा 2026: हाईटेक सुरक्षा कवच में होगी बाबा बर्फानी की यात्रा

Amarnath यात्रा 2026 को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत और हाईटेक बनाई जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बालटाल मार्ग से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक CCTV कैमरों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। अब यात्रा मार्ग के हर कदम पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन के अनुसार, यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस बार तकनीक का सहारा लेकर पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में जुटी हैं। पहाड़ी रास्तों, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे। सिर्फ CCTV ही नहीं, बल्कि कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा बलों और प्रशासन की टीमें हर गतिविधि पर नजर रखेंगी। अगर कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए मेडिकल टीम, आपदा राहत दल और हेल्प सेंटर भी तैनात किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं को भरोसा और सुरक्षित माहौल देने का काम करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Himachal में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, कई मकान क्षतिग्रस्त; पालमपुर में अस्पताल की छत गिरी

Himachal में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, कई मकान क्षतिग्रस्त; पालमपुर में अस्पताल की छत गिरी

Himachal Pradesh में शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह भूकंप के तीन तेज झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी। लगातार आए झटकों से लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में मकानों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ जगहों पर दीवारें और छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे ज्यादा असर कांगड़ा और पालमपुर इलाके में देखने को मिला। पालमपुर के एक सरकारी अस्पताल की छत का हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे के समय अस्पताल में मरीज और स्टाफ मौजूद थे। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहला झटका महसूस होते ही घरों में रखे सामान हिलने लगे। कई लोग डर के कारण पूरी रात घरों के बाहर खुले मैदानों और सड़कों पर बिताने को मजबूर हुए। बच्चों और बुजुर्गों में खासा डर देखने को मिला। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। जिन मकानों में दरारें आई हैं, वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। भूकंप के झटकों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग लगातार प्रशासन से अपडेट ले रहे हैं और किसी बड़े नुकसान की आशंका को लेकर चिंतित हैं। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJI Surya Kant

CJI Surya Kant London Event Row: विदेश में लेक्चर के बीच विवाद, भारत का सख्त रुख

लंदन में आयोजित एक अकादमिक कार्यक्रम के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) के लेक्चर में कथित तौर पर हंगामे की स्थिति बन गई। इस घटना के बाद भारत में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और इसे संस्थागत गरिमा के खिलाफ बताया जा रहा है। London Event में आखिर हुआ क्या? रिपोर्ट्स के अनुसार, लंदन के एक विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में CJI सूर्यकांत “AI, लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून” जैसे विषय पर संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने बीच-बीच में सवाल उठाकर और आपत्ति जताकर कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की। कुछ देर के लिए माहौल असहज हो गया, हालांकि बाद में कार्यक्रम फिर से सामान्य रूप से आगे बढ़ा। भारत की सख्त प्रतिक्रिया इस घटना के बाद भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय उच्चायोग ने इसे “असभ्य और अनुचित व्यवहार” बताया और कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं। सरकारी और कूटनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया गया कि न्यायपालिका जैसे संवेदनशील संस्थानों से जुड़े कार्यक्रमों में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है। Freedom of Speech vs Institutional Respect इस पूरे मामले ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि: कुछ जानकारों का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल उठाना स्वाभाविक है, लेकिन उसे व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज जैसे ही घटना से जुड़े वीडियो सामने आए, सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बताया, तो कुछ ने इसे “अशोभनीय व्यवहार” करार दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Protest: झोटा हत्याकांड पर सड़कों पर उतरे लोग, SHO सस्पेंड; DSP पर कार्रवाई की मांग

Punjab में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद लोगों में गुस्सा है। इसी के विरोध में गुरुवार, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। राज्य के कई शहरों में बाजार बंद रहे और कुछ जगहों पर स्कूल-कॉलेज भी नहीं खुले। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। वहीं, झोटा का परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है और उसने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर, संबंधित SHO को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। परिवार और प्रदर्शनकारी अब मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती की मांग कर रहे हैं। Punjab Bandh Today: बाजार बंद, सड़कों पर उतरे लोग परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने 15 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया था। इस बंद को विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। मानसा, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर समेत कई शहरों में बंद का असर देखने को मिला। कई बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं, जबकि कुछ इलाकों में निजी स्कूल और कॉलेज भी बंद रहे। बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को चालू रखने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने और जांच में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम, यातायात प्रभावित पंजाब बंद के दौरान बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। कुछ अन्य मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है। बंद के कारण आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से किया इनकार परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। परिवार ने मांग की है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम PGIMER चंडीगढ़ में कराने की मांग भी उठाई गई है। झोटा के पिता भीम सिंह का कहना है कि परिवार को न्याय चाहिए और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। परिवार का विरोध केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। वह यह जानना चाहता है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी। फिलहाल अंतिम संस्कार को लेकर परिवार का रुख सख्त बना हुआ है। Parvinder Singh Jhota Murder Case: मुख्य आरोपी गिरफ्तार परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे और कथित तौर पर मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के मुद्दे उठाते थे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, घटना से पहले झोटा का मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के साथ विवाद हुआ था। इसी दौरान गोली चलने से झोटा की मौत हो गई। घटना के समय वह कथित तौर पर फेसबुक लाइव भी कर रहे थे। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। अब पुलिस हत्या के पीछे की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की जांच कर रही है। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने या साजिश से जुड़े पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। SHO सस्पेंड, DSP पर कार्रवाई की मांग हत्या के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में मानसा की संबंधित SHO बिएंत कौर को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। वहीं, DSP और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। परिवार और प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। DSP के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश और अन्य विभागीय कदमों की अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जवाबदेही भी विरोध का एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। आरोपी की दुकान में तोड़फोड़, घर के हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई झोटा की हत्या के बाद मानसा में आक्रोशित लोगों ने आरोपी की मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की। इसके बाद दुकान को नुकसान पहुंचने और आग लगाए जाने की खबरें सामने आईं। प्रशासन ने आरोपी के घर के एक हिस्से को भी गिराया। इन घटनाओं के बीच इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ी। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की चुनौती है। CM भगवंत मान ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जाएगा और जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे के अवैध कारोबार को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। झोटा हत्याकांड ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा का मुद्दा भी फिर चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

DAVV में शुरू होगा गर्भ संस्कार पर PG डिप्लोमा कोर्स, पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) गर्भावस्था और मां-बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर नया पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन के अंतर्गत स्कूल ऑफ योगा में गर्भ संस्कार पर पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PG Diploma) कोर्स शुरू करने की योजना है। इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू करने का प्रस्ताव है। पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की योजना बनाई गई है। इस पाठ्यक्रम में भारतीय परंपरा में प्रचलित गर्भ संस्कार की अवधारणा को आधुनिक गर्भावस्था देखभाल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों को गर्भधारण से लेकर प्रसव तक महिला के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। गर्भावस्था से प्रसव तक की देखभाल की पढ़ाई प्रस्तावित कोर्स में गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में होने वाले बदलाव, भ्रूण का विकास, संतुलित पोषण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल होंगे। इसके अलावा योग, प्राणायाम, ध्यान और मां तथा गर्भस्थ शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव से जुड़े पहलुओं को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की योजना है। विद्यार्थियों को गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में सुरक्षित शारीरिक गतिविधियों और तनाव प्रबंधन के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान देखभाल से संबंधित विषयों की व्यवस्थित जानकारी देना है। सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ अस्पतालों में प्रशिक्षण गर्भ संस्कार के पीजी डिप्लोमा में कक्षा में पढ़ाई के साथ अस्पतालों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों को गर्भावस्था देखभाल से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिल सकेगा। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान योग, व्यायाम, पोषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी उपायों को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूरी है। यह पाठ्यक्रम चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप तैयार किया जाना महत्वपूर्ण होगा। योग से जुड़े तीन सर्टिफिकेट कोर्स भी प्रस्तावित DAVV के स्कूल ऑफ योगा में पीजी डिप्लोमा के साथ तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की भी तैयारी है। इनमें शामिल हैं: इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को योग, पोषण, प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों और एक्यूप्रेशर से जुड़े विषयों की बुनियादी जानकारी देने की योजना है। विश्वविद्यालय की इस पहल के तहत योग और स्वास्थ्य से जुड़े नए शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पाठ्यक्रमों के प्रवेश और संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।
Pakistan

Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी

Pakistan के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल पेशावर का यह हादसा केवल एक इमारत के गिरने की घटना नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला भी है। स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिले और इमारतों की स्थिति की समय-समय पर जांच की जाए। फिलहाल, इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और महिला टीचर के परिवारों के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। राहत एवं बचाव कार्य और घायलों के इलाज से जुड़ी आगे की जानकारी पर सभी की नजर बनी हुई है।पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर...
Delhi

Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद बारिश का Alert, ओले गिरने की संभावना

Delhi-NCR में मौसम का मिजाज बदल गया है। कई इलाकों में धूल भरी आंधी चलने के बाद अब बारिश और ओलावृष्टि की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) ने 15 अक्टूबर को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Delhi Weather Today: तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान दिल्ली-NCR में मौसम बदलने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी गतिविधियां अहम मानी जा रही हैं। इसके प्रभाव से आसमान में बादल छाने, गरज-चमक होने और कई जगह बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज झोंकों के दौरान यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। Delhi-NCR Rain Alert: किन इलाकों में दिखेगा असर? दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, हर इलाके में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। इसलिए घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत? अक्टूबर के महीने में दिल्ली-NCR में मौसम आमतौर पर धीरे-धीरे सुहावना होने लगता है। ऐसे में बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे दिन की गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के बाद उमस और स्थानीय मौसम की स्थिति के आधार पर लोगों को अलग-अलग अनुभव हो सकता है। तापमान में कितनी गिरावट आएगी, यह आने वाले दिनों के मौसम पर निर्भर करेगा। आंधी और बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान मौसम में अचानक बदलाव के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहतर रहेगा। 16 अक्टूबर से मौसम में बदलाव की उम्मीद मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। इसके बाद दिल्ली-NCR में भी मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के कारण पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम को हल्के में न लें। बारिश से राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की आशंका के बीच सतर्क रहना सबसे बेहतर होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Supreme Court

Supreme Court Decision: धर्म बदलने से क्या खत्म होगा आरक्षण? कोर्ट ने साफ की स्थिति

धर्म बदलने के बाद क्या आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु से जुड़े एक अहम मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह मामला उन लोगों से जुड़ा है, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया और इसके बाद पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) यानी Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण का लाभ लेने का दावा किया था। Supreme Court के फैसले के मुताबिक, केवल इस्लाम अपनाने से कोई व्यक्ति तमिलनाडु की अधिसूचित पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में अपने आप शामिल नहीं हो सकता। इस फैसले ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण की पात्रता से जुड़े कानूनी सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। Supreme Court का क्या है पूरा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें कुछ समुदायों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी। अदालत के फैसले का मुख्य आधार यह है कि किसी व्यक्ति की पहले की जातिगत पहचान के कारण उसे दूसरी धार्मिक श्रेणी में आरक्षण का पात्र अपने आप नहीं माना जा सकता। संबंधित आरक्षण श्रेणी के लिए निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इस मामले में फैसला तमिलनाडु की विशिष्ट आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा है। इसलिए इसे देश में सभी तरह के आरक्षण पर लागू होने वाले एक समान प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कैसे शुरू हुआ धर्म परिवर्तन और Reservation का मामला? इस विवाद की शुरुआत तमिलनाडु सरकार के 9 मार्च 2024 के सरकारी आदेश से हुई थी। इस आदेश के तहत कुछ ऐसे लोगों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में शामिल करने की व्यवस्था की गई थी, जो पहले पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय या अनुसूचित जाति से संबंधित थे और बाद में उन्होंने इस्लाम अपना लिया था। सरकार के इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। 25 जून 2026 को हाई कोर्ट ने सरकारी आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। राज्य सरकार का कहना था कि धर्म परिवर्तन करने से किसी व्यक्ति की सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जुड़ी परिस्थितियां जरूरी नहीं कि बदल जाएं। इसी आधार पर सरकार ने अपने आदेश का बचाव किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके साथ ही इस मामले में सरकार की चुनौती सफल नहीं रही। क्या धर्म बदलने पर खत्म हो जाएगा SC और OBC Reservation? Supreme Court के फैसले के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को अब किसी भी तरह का आरक्षण नहीं मिलेगा। लेकिन इस मामले को समझते समय अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों के नियमों पर ध्यान देना जरूरी है। यह फैसला मुख्य रूप से तमिलनाडु की Backward Class (Muslim) श्रेणी में पात्रता से संबंधित है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने सभी धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए हर प्रकार के आरक्षण पर एक समान रोक लगा दी है। अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और राज्य की विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणियों के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। अनुसूचित जाति के दर्जे से जुड़े नियम Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 में दिए गए हैं। वहीं, अन्य श्रेणियों में पात्रता संबंधित कानूनों और अधिसूचनाओं के अनुसार तय होती है। इसलिए किसी व्यक्ति को आरक्षण मिलेगा या नहीं, यह उसकी संबंधित श्रेणी और उस पर लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है। तमिलनाडु सरकार की दलील क्यों थी अहम? तमिलनाडु सरकार ने अपने आदेश के समर्थन में सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का मुद्दा उठाया था। सरकार की दलील थी कि धर्म बदलने से किसी व्यक्ति के सामने मौजूद सामाजिक चुनौतियां अपने आप खत्म नहीं हो जातीं। दूसरी ओर, मामले में सवाल यह था कि क्या पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर किसी व्यक्ति को मुस्लिम पिछड़ा वर्ग की अधिसूचित श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस विवाद में संबंधित आरक्षण श्रेणी की पात्रता और कानूनी शर्तों के महत्व को रेखांकित किया है। आम लोगों के लिए क्या है इसका मतलब? इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरक्षण का लाभ पाने के लिए केवल धर्म परिवर्तन या पुरानी जातिगत पहचान को पर्याप्त नहीं माना जा सकता। संबंधित श्रेणी के नियमों के तहत पात्रता साबित करना जरूरी है। धर्म परिवर्तन और आरक्षण से जुड़े मामलों में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की भी अहम भूमिका होती है। इसी वजह से किसी एक मामले के फैसले को सभी राज्यों और सभी आरक्षण श्रेणियों पर सीधे लागू मानना सही नहीं होगा। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह फैसला धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण की पात्रता को लेकर चल रही कानूनी बहस में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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