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इंदौर में छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी धरने में पहुंचे

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन को बुधवार रात कांग्रेस का खुला समर्थन मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनके आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टंट्याभील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी आंदोलन तेज हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार रात दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने छात्रों के बीच बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 25 दिनों से यह मांग उठा रही है और उन्होंने स्वयं 21 जून को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री की 17 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, लोकायुक्त जांच में आय से 627% अधिक संपत्ति मिली

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़े खुलासे हुए हैं। इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना समेत 9 ठिकानों पर हुई छापामार कार्रवाई के बाद लोकायुक्त ने प्रारंभिक जांच में उनके और उनके परिवार के नाम पर करीब 17 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति और निवेश का पता लगाया है। लोकायुक्त के अनुसार, शिवराम सेमिल ने 33 वर्षों की सरकारी सेवा में लगभग 2 करोड़ रुपये की वैध आय अर्जित की, जबकि अब तक सामने आई संपत्तियों और निवेश का मूल्य करीब 17 करोड़ रुपये आंका गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह उनकी वैध आय से लगभग 627 प्रतिशत अधिक है। जांच के दौरान पीथमपुर सेक्टर-3 स्थित ‘शुभम इलेक्ट्रिकल’ नामक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 1.06 करोड़ रुपये है। इसी क्षेत्र में एक अन्य औद्योगिक इकाई (करीब 71 लाख रुपये) और धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में एसएस इलेक्ट्रिकल्स नामक फैक्ट्री भी मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 2.06 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा कृष्णा पावर नाम से निर्माणाधीन फैक्ट्री में भी करीब 10 लाख रुपये का निवेश सामने आया है। लोकायुक्त को इंदौर के अंजली नगर में फैक्ट्री और कार्यालय परिसर, पीथमपुर में मशीनरी व औद्योगिक निवेश, मुरैना में मकान, इंदौर की सिलिकॉन सिटी में आलीशान तीन मंजिला मकान, एक अन्य निर्माणाधीन भवन, लग्जरी कार और अन्य अचल संपत्तियों की जानकारी भी मिली है। सिलिकॉन सिटी स्थित निर्माणाधीन भवन पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक आकलन है। संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल में अरेरा हिल्स थाना प्रभारी और आरक्षक निलंबित, महिला से अनैतिक संबंध के आरोपों पर विभागीय जांच शुरू

भोपाल पुलिस कमिश्नर ने अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई एक युवक की शिकायत के बाद की गई, जिसमें थाना प्रभारी पर शिकायतकर्ता की पत्नी से कथित अनैतिक संबंध रखने, पद का दुरुपयोग करने और आरक्षक पर सहयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत के साथ कुछ कथित साक्ष्य भी सौंपे थे। प्रारंभिक परीक्षण में मामला गंभीर और दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरक्षक नंदकिशोर को थाना प्रभारी की गतिविधियों की जानकारी थी और उसने महिला पर दबाव बनाने में भी कथित भूमिका निभाई। इन आरोपों की सत्यता की जांच अब विभागीय स्तर पर की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सुनील शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। जांच में पुलिस आचरण नियमों के उल्लंघन, पद के दुरुपयोग और अन्य आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। डीसीपी विकास सेहवाल ने बताया कि महिला के पति की शिकायत पर प्रारंभिक जांच में दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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जबलपुर में NSUI और कांग्रेस का प्रदर्शन, वाटर कैनन से खदेड़े गए कार्यकर्ता

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जबलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI ने सांकेतिक अर्थी यात्रा निकाली, जबकि शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोनों प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। अर्थी यात्रा को पुलिस ने रोका NSUI कार्यकर्ताओं की अर्थी यात्रा सिविल लाइन स्थित साईं मंदिर से शुरू होकर महाकौशल महाविद्यालय की ओर बढ़ रही थी। पुलिस ने सिविल लाइन क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में 21 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। 48 घंटे में इस्तीफे की मांग NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया तो NSUI, यूथ कांग्रेस और अन्य सहयोगी संगठन और बड़ा आंदोलन करेंगे। मालवीय चौक पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन शाम को मालवीय चौक पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री के विरोध में पोस्टर जलाने की कोशिश की गई, जिसे रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दो बार वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता मशाल लेकर अंजुमन स्कूल की ओर बढ़े, जबकि अन्य मालवीय चौक पर दोबारा एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप कांग्रेस नेता सौरभ नाटी शर्मा ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार दमनात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है तथा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया, हालांकि देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिलासपुर के राजेश सोंथालिया बने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त

बिलासपुर के वरिष्ठ स्काउटर राजेश सोंथालिया को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य संघ का सहायक राज्य आयुक्त (Assistant State Commissioner) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया। राजेश सोंथालिया की नियुक्ति राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अनुशंसा पर की गई है। स्काउट आंदोलन में उनकी वर्षों की सक्रिय भागीदारी, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निभाएंगे अहम जिम्मेदारी सहायक राज्य आयुक्त के रूप में राजेश सोंथालिया अब प्रदेशभर में स्काउट गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सामाजिक कार्यों में रहा उल्लेखनीय योगदान राजेश सोंथालिया शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्काउट आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में हिरासत के विरोध में मंगलवार रात छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर के लोकभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। दरअसल, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर एयरपोर्ट की ओर ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और भजन-कीर्तन रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गेट तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कई छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुबोध हरितवाल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल महिला आयोग में रिश्तों के दो चौंकाने वाले मामले, पत्नी ने मांगा तलाक तो दूसरे केस में दोनों ने लगाए गंभीर आरोप

भोपाल में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवादों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने सबका ध्यान खींचा। एक मामले में सरकारी विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के बाद पत्नी ने पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए तलाक की मांग की, जबकि दूसरे मामले में पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। 20 साल बाद पत्नी ने मांगा तलाक पहले मामले में सरकारी विभाग में कार्यरत असिस्टेंट डायरेक्टर महिला ने शादी के करीब 20 साल बाद महिला आयोग में पति के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, सुनवाई के दौरान वह स्वयं उपस्थित नहीं हुईं। सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर पति आयोग के सामने पेश हुए और कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी बिना बताए बेटे को लेकर मायके चली गई और तब से अलग रह रही है। पति ने कहा कि दोनों का बेटा आईवीएफ तकनीक से हुआ है और यदि रिश्ते में लगातार प्रताड़ना होती तो ऐसा संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी के जाने के बाद उनकी मां को पैरालिसिस का दूसरा अटैक आया और अब इस उम्र में अकेले जीवन बिताना मुश्किल होगा। दूसरे मामले में पति-पत्नी के गंभीर आरोप दूसरे मामले में पति ने महिला आयोग के सामने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध है और उसे अपनी जान का खतरा महसूस होता है। उसका दावा था कि इस संबंध में वह अदालत में दस्तावेज और सबूत भी प्रस्तुत कर चुका है। वहीं, पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, जबरन गर्भपात कराने, निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए। महिला ने यह भी दावा किया कि उसके पति का अपनी रिश्तेदारी की एक महिला के साथ संबंध है और ससुर ने भी उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। महिला ने आयोग को बताया कि शादी के बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और वर्तमान में उसका खर्च मायके वाले उठा रहे हैं। दूसरी ओर, पति ने पत्नी के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में महिला आयोग ने संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Protest: PM आवास तक मार्च, Priyanka के साथ धरने पर बैठे कांग्रेस नेता

संसद परिसर से निकले कांग्रेस नेताओं का काफिला प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ा, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स पर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। Rahul Gandhi ने लगाए गंभीर आरोप धरने के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। Priyanka Gandhi बोलीं- युवाओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील रवैया अपनाने की जरूरत है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का दावा- सरकार चर्चा से बच रही कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार संसद में खुली चर्चा से बच रही है। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए होना चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से। PM House के आसपास रही हाई सिक्योरिटी प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। कई जगह बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन जारी रखा। सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। क्यों अहम है यह प्रदर्शन? यह विरोध केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। संसद के भीतर बहस और संसद के बाहर प्रदर्शन के जरिए विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और संसद में इस मुद्दे पर आगे क्या चर्चा होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस का 23 जुलाई को रायपुर में धरना, उपभोक्ताओं से शामिल होने की अपील

Raipur News: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी 23 जुलाई को रायपुर के राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रभावित उपभोक्ता भी शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि पार्टी की मांग है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें हटाया जाए और नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोगों की आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है। उनका दावा है कि यह प्रदर्शन सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मजबूर करेगा। वहीं, मोहम्मद सिद्दीक ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें मिल रही हैं। कांग्रेस ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर घर-घर अभियान चलाया जा रहा है। कार्यकर्ता लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं और 23 जुलाई के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि वह स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के मुद्दे पर जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल में AIIMS की नर्सिंग ऑफिसर ने की आत्महत्या, स्कूल से लौटे मासूम बोले- “हमें मम्मा के पास जाना है”

Bhopal: भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र स्थित सुभाष विला कॉलोनी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। एम्स भोपाल में कार्यरत 34 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर ने अपने दोनों बच्चों को स्कूल भेजने के कुछ देर बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद स्कूल से लौटे आठ वर्षीय बेटे और तीन वर्षीय बेटी की मासूम पुकार—“हमें मम्मा के पास जाना है”—ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली थीं। करीब दो महीने पहले उनके पति ने तमिलनाडु में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ भोपाल आ गई थीं। उन्होंने बच्चों का स्थानीय स्कूल में दाखिला कराया था और उनकी देखभाल के लिए एक केयरटेकर भी रखा था। सोमवार सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उन्होंने घर के एक कमरे में फांसी लगा ली। कुछ देर बाद केयरटेकर ने नाश्ता तैयार होने पर उन्हें आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां महिला फंदे से लटकी मिलीं। सूचना मिलने पर एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के तमिलनाडु से भोपाल पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में पति की मौत के बाद महिला के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। deshharpal.comअधिक जानकारी के लिए विजिट करें:
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ड्डा का राहुल पर पलटवार: बोले- कांग्रेस बताए अपने राज्यों में पेपर लीक क्यों हुए, सरकार चर्चा को तैयार

पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले यह बताए कि उसके शासन वाले राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि केवल आंकड़े पेश करने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें रही हैं, वहां भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संसद में इस विषय पर सार्थक चर्चा का स्वागत करती है।

अजमेर में मार्बल व्यापारी पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद हुई वारदात

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार सुबह मार्बल व्यापारी पर चार बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो से आए हमलावरों ने गोदाम में घुसकर व्यापारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। गोदाम में घुसकर किया हमला गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित मार्बल एरिया में बुधवार सुबह करीब 8:20 बजे स्कॉर्पियो में सवार चार युवक गोदाम के बाहर पहुंचे। गोदाम में बैठे मार्बल व्यापारी गोवर्धन पर उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। व्यापारी ने शुरुआत में हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन चारों बदमाशों ने उसे घेर लिया और जमीन पर गिराकर लगातार लाठियों से पीटा। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सिर और हाथ में गंभीर चोट हमले में व्यापारी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। भाई के साथ गोदाम में मौजूद था व्यापारी पीड़ित गोवर्धन ने बताया कि वह बुधवार सुबह अपने भाई के साथ गोदाम में बैठा था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार चार युवक पहुंचे और बिना किसी बातचीत के अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने गोदाम के अंदर घुसकर उन्हें नीचे गिराया और लाठियों से बेरहमी से पीटा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

BPCL को जून तिमाही में ₹3,962 करोड़ का घाटा, कच्चे तेल की महंगाई से बिगड़े नतीजे

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹3,962 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹6,124 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जबकि मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ का लाभ दर्ज किया गया था। 23% बढ़ा कंपनी का रेवेन्यू घाटे के बावजूद BPCL का परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹1.29 लाख करोड़ के मुकाबले करीब 23% अधिक है। वहीं, मार्च तिमाही के ₹1.35 लाख करोड़ की तुलना में इसमें करीब 18% की वृद्धि दर्ज की गई। कच्चे तेल की महंगाई बनी घाटे की वजह कंपनी के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इसके साथ ही शिपिंग (भाड़ा) और इंश्योरेंस लागत भी बढ़ गई। हालांकि, बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में नहीं डाला जा सका, जिससे कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई और तिमाही घाटे में बदल गई। शेयर में गिरावट नतीजों के बाद BPCL का शेयर 3% की गिरावट के साथ ₹309 पर बंद हुआ। BPCL के बारे में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों में शामिल है। इसकी स्थापना 24 जनवरी 1976 को हुई थी। कंपनी मुंबई, कोच्चि, नुमालीगढ़ और बीना में रिफाइनरियों का संचालन करती है, जिनकी कुल रिफाइनिंग क्षमता 40 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है। BPCL पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, लुब्रिकेंट्स और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के रिफाइनिंग व वितरण का कार्य करती है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू का इस्तीफा, विवादित कृषि बिल के विरोध में छोड़ा पद

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने विवादित कृषि विधेयक के विरोध में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। इस बिल में दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित इस्तेमाल और सिंचाई के लिए बड़े जलाशय बनाने की अनुमति देने का प्रावधान है। वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे मधुमक्खियों, जैव विविधता और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, बारबू बुधवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के अपने वादों से पीछे हटते हुए ऐसे प्रावधानों को मंजूरी दी, जिनका वह लगातार विरोध करती रही थीं। बिल के दो विवादित प्रावधान 1. प्रतिबंधित कीटनाशकों को मंजूरीविधेयक में एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन जैसे प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित उपयोग की अनुमति दी गई है। इनका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी जैसी फसलों में किया जा सकेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ये रसायन मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले कीड़ों के लिए बेहद हानिकारक हैं, जिससे कृषि उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं। 2. सिंचाई के लिए बड़े जलाशयों की अनुमतिबिल में किसानों को सिंचाई के लिए बड़े जलाशय और कृत्रिम तालाब बनाने की प्रक्रिया आसान करने का भी प्रावधान है। पर्यावरणविदों का तर्क है कि इससे भूजल और नदियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और गर्मियों में जल संकट बढ़ सकता है। संसद से पास हुआ विधेयक फ्रांस की संसद में मंगलवार को पेश किए गए इस विधेयक को सीनेट ने 214 के मुकाबले 111 मतों से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून किसानों की बढ़ती लागत और घटती आय को देखते हुए लाया गया है, ताकि वे यूरोप के अन्य देशों के किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। बारबू ने जताई नाराजगी मोनिक बारबू ने कहा कि विवादित प्रावधान आखिरी समय में बिल में जोड़े गए और उन्हें हटाने पर सरकार ने कोई गंभीर चर्चा नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले नौ महीनों में उन्होंने जंगलों, स्वच्छ जल, साफ हवा और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया, लेकिन अब वह अपने उद्देश्यों को पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं। पहले भी विवादों में रहा कीटनाशक एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन नियोनिकोटिनॉइड समूह के कीटनाशक हैं। फ्रांस ने 2018 में एसेटामिप्रिड पर प्रतिबंध लगाया था। इससे पहले भी इस प्रतिबंध को हटाने की कोशिश हुई थी, लेकिन फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर संभावित खतरे का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

इंदौर में छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी धरने में पहुंचे

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन को बुधवार रात कांग्रेस का खुला समर्थन मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनके आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टंट्याभील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी आंदोलन तेज हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार रात दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने छात्रों के बीच बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 25 दिनों से यह मांग उठा रही है और उन्होंने स्वयं 21 जून को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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