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इंदौर में भाजपा नेता सत्तन का मंच से तंज: ‘जो सेव-परमल पर जीते थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं

भाजपा के वरिष्ठ नेता और कवि सत्यनारायण सत्तन ने वंदे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मंच से बिना किसी का नाम लिए तीखा व्यंग्य किया। सत्तन ने कहा—“जो कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं।” यह कार्यक्रम इंदौर के राजवाड़ा में हुआ था। जब सत्तन मंच पर बोल रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी सायरन बजाते हुए पहुंची। नगर अध्यक्ष ने बताया कि “कैलाश जी आ गए”, तो सत्तन मुस्कुराए और बोले—“ये भी प्रजातंत्र का गौरव है कि जो कल तक झंडा उठाकर घूमते थे, आज गाड़ी में घूम रहे हैं। उनके आने से पहले ही ‘पी-पी-पी-पी’ की आवाज हो रही है।” सत्तन ने आगे कहा—“जो लोग कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब आपके पुण्य प्रताप से राजकीय गाड़ियों में बैठकर आपके बीच आने का गौरव पा रहे हैं। ये सम्मान आपने दिया है, तालियां तो बनती हैं।” उनकी बातों पर पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। पुराने कार्यकर्ताओं को याद किया सत्तन ने कहा कि आज मंच पर नई पीढ़ी के नेता हैं, लेकिन बाहर वही पुराने कार्यकर्ता खड़े हैं जिन्होंने संघर्ष के दिनों में पार्टी का झंडा थामे रखा था। आज वे खड़े होकर आत्मसंतुष्टि पा रहे हैं कि उनके संघर्ष से राष्ट्रप्रेम की मशाल जल रही है।उन्होंने कहा, “भाजपा भारत माता की जय और राष्ट्र चेतना के जागरण के लिए कार्य कर रही है।” विजयवर्गीय बोले – ‘वंदे मातरम्’ देश को फिर से खड़ा करने का मंत्र कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “‘वंदे मातरम्’ सिर्फ गीत नहीं, बल्कि एक मंत्र है। यह भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि जब देश की आज़ादी के 100 साल पूरे हों, तब भारत दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में गिना जाए।” भाजपा नगर अध्यक्ष बोले – ‘वंदे मातरम् एक ग्रंथ है’ भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि “‘वंदे मातरम्’ एक ग्रंथ है, जिसने भारत की एकता और बलिदान की भावना को जन्म दिया। इसे गाते-गाते असंख्य क्रांतिकारी हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए।” यह गीत आज भी भारत माता के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 🔸 For more such news, visit deshharpal.com
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Kranti Singh

MP की शेरनी Kranti Singh Gaur जब गांव की लड़की बनी Indian Women Team की स्टार

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की गौरव बेटी क्रांति सिंह गौड़ (Kranti Singh Gaur) आज पूरे देश की प्रेरणा बन चुकी हैं। महिला वनडे World Cup 2025 में भारत को चैंपियन बनाने वाली इस तेज गेंदबाज का जब अपने गांव घुवारा (Ghuwara) में आगमन हुआ, तो पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “क्रांति जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।स्थानीय लोगों, प्रशासन और स्कूली छात्राओं ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों से उनका शानदार स्वागत किया। Village से World Champion तक: Kranti Gaur की प्रेरक Journey क्रांति सिंह गौड़ का जन्म 11 अगस्त 2003 को छतरपुर जिले के घुवारा गांव में हुआ। साधारण परिवार में पली-बढ़ी क्रांति के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत थे। आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन क्रिकेट खेलने का जुनून कम नहीं हुआ। शुरुआती दिनों में न किट थी, न ग्राउंड – फिर भी उन्होंने उधार के जूतों और टूटे बल्ले से अभ्यास शुरू किया। गांव के लड़कों के साथ खेलते हुए क्रांति ने अपने खेल को निखारा और जल्द ही मध्यप्रदेश महिला क्रिकेट टीम तक पहुंच गईं। Kranti Gaur का क्रिकेट करियर और बड़ी उपलब्धि क्रांति ने घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।साल 2025 में उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल किया गया। अपने डेब्यू वर्ल्ड कप में ही उन्होंने 5 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता, और इस ऐतिहासिक जीत की नायिका बनीं छतरपुर की क्रांति सिंह गौड़। छतरपुर में सम्मान और उत्सव क्रांति गौड़ के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद पूरे मध्यप्रदेश में जश्न मनाया गया।छतरपुर में जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। मंच पर उन्हें “छतरपुर की गौरव बेटी” कहकर सम्मानित किया गया।राज्य सरकार ने उन्हें ₹1 करोड़ रुपये का इनाम और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। Kranti Singh Gaur का भावनात्मक बयान क्रांति ने कहा — “जब मैं गांव में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थी, लोग मजाक उड़ाते थे। आज वही लोग मुझे सलाम कर रहे हैं। मैं चाहती हूं कि मेरे गांव की हर बेटी अपने सपनों को पूरा करे, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।” सरकार की घोषणा: छतरपुर में बनेगा नया क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री ने कहा कि छतरपुर जिले में जल्द ही आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा, ताकि गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। प्रेरणा बनी Kranti Singh Gaur क्रांति सिंह गौड़ की कहानी मेहनत, संघर्ष और हौसले की मिसाल है।उन्होंने साबित किया है कि अगर सपनों को सच्चे दिल से जिया जाए, तो गांव की मिट्टी से भी विश्व विजेता (World Champion) बनना संभव है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal में दूसरे दिन भी हेलमेट चेकिंग जारी: अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हुआ हेलमेट

Bhopal में दूसरे दिन भी हेलमेट चेकिंग जारी: अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हुआ हेलमेट

Bhopal में ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। लगातार दूसरे दिन शहर में जगह-जगह हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया। खास बात यह रही कि अब सिर्फ बाइक चलाने वाले ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले लोगों के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि बिना हेलमेट यात्रा करने पर अब किसी को भी छूट नहीं मिलेगी। कई जगहों पर पुलिस टीमों ने सड़कों पर रुकवाकर लोगों को नियम समझाए और चालान भी काटे। कई दोपहिया सवार ऐसे मिले जिनके पास पीछे बैठे व्यक्ति के लिए हेलमेट नहीं था, उन्हें चेतावनी देकर आगे से नियम पालन करने की हिदायत दी गई। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह अभियान सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग अपनी सुरक्षा को गंभीरता से लें और बाइक पर सवार हर व्यक्ति हेलमेट जरूर पहने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा: तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, युवक 5 फीट उछलकर सड़क पर गिरा – रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट

खंडवा शहर में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नवचंडी मंदिर के पास सुपर मार्केट के सामने मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक सवार युवक करीब 5 फीट हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा और 8-9 फीट तक लुढ़कता चला गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे के पूरे दृश्य कैद हो गए। घायल युवक की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती है। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, युवक आनंद नगर की ओर जा रहा था, तभी गुर्जर अस्पताल की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई और तिराहे पर दोनों की भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कार करीब 100 मीटर तक आगे निकल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत युवक को अस्पताल पहुंचाया। बार-बार हो रहे हैं हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। यहां स्पीड ब्रेकर नहीं होने और मोड़ की जानकारी न होने से गाड़ियां तेज रफ्तार में आ जाती हैं। व्यवसायी रजत लाड़ ने बताया, “नगर निगम को यहां जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर और टर्न के चेतावनी बोर्ड लगाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” दो महीने पहले भी हुआ था ऐसा हादसा स्थानीय लोगों ने बताया कि दो महीने पहले भी इसी मोड़ पर एक कार ने बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस हादसे में उसके पैर की हड्डी टूट गई थी और उसे इंदौर रेफर किया गया था। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मोड़ को “ब्लैक स्पॉट” घोषित कर सुरक्षित व्यवस्था करे, ताकि यहां और जिंदगियां खतरे में न पड़ें। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर: दिल में छेद वाली तीन दिन की बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई भेजा गया, स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टी के दिन भी खोला ऑफिस

जबलपुर जिले के सिहोरा में जन्मी एक तीन दिन की बच्ची के दिल में छेद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। गुरुवार दोपहर बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई के नारायणा अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू किया जाएगा। छुट्टी के दिन खोला गया ऑफिस, डेढ़ घंटे में पूरी हुई प्रक्रिया बुधवार को गुरु नानक जयंती की छुट्टी थी, लेकिन बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का ऑफिस खोला गया। अधिकारियों ने महज डेढ़ घंटे में सारे दस्तावेज़ और औपचारिकताएं पूरी कर लीं, ताकि बच्ची को तुरंत इलाज के लिए भेजा जा सके। पिता ने कहा- “भास्कर और सरकार की मदद से बची मेरी बच्ची” सिहोरा निवासी सत्येंद्र दाहिया और उनकी पत्नी शशि दाहिया ने सोमवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया कि बेटा पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन बेटी के दिल में छेद है, जिसका इलाज मुंबई में संभव है।सत्येंद्र ने कहा, “दैनिक भास्कर डिजिटल और स्वास्थ्य विभाग की बदौलत मेरी बेटी को समय पर मदद मिली, इसके लिए मैं आभारी हूं।” एयर एम्बुलेंस से मुंबई रवाना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर पहुंची। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा, RBSK जिला प्रबंधक डॉ. सुभाष शुक्ला, स्वास्थ्य अधिकारी और सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े मौजूद थे। बच्ची के मुंबई पहुंचते ही नारायणा अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया गया। विधायक ने जताया आभार विधायक संतोष बरकड़े ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव की संवेदनशील योजनाओं की वजह से आज जरूरतमंद परिवारों को जीवनदान मिल रहा है। जैसे ही मुझे इस केस की जानकारी मिली, मैंने तुरंत कलेक्टर और सीएमएचओ से बात की और RBSK योजना के तहत बच्ची को मुंबई भेजने की व्यवस्था कराई।” सीएमएचओ बोले- संवेदनशीलता से काम किया डॉ. संजय मिश्रा ने बताया, “हमारे स्टाफ ने छुट्टी के दिन भी सेवा भावना से काम किया। सभी ने मिलकर दस्तावेज़ तैयार किए और मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से बच्ची को सुरक्षित मुंबई रवाना किया गया।” 👉 ऐसी ही संवेदनशील और प्रेरणादायक खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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ग्वालियर में पुलिस-डकैत मुठभेड़: थाना प्रभारी महावीर परिहार घायल, योगी गुर्जर गैंग पर शिकंजा कसने की तैयारी

ग्वालियर के बेहट इलाके में गुरुवार सुबह पुलिस और योगी गुर्जर गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान बेहट थाना प्रभारी महावीर परिहार गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ बेहट और हस्तिनापुर के बीच के जंगलों में हुई, जहां पुलिस का सामना गैंग के 3-4 सदस्यों से हुआ। बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बावजूद डकैत जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। 9 सितंबर को किया था गर्भवती महिला का अपहरण पुलिस के मुताबिक, यही गैंग 9 सितंबर को तिघरा थाना क्षेत्र में एक परिवार पर हमला कर गर्भवती महिला अंजू गुर्जर का अपहरण कर चुका है। गैंग का सरगना योगी गुर्जर पर ₹30,000 का इनाम घोषित है। जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज घटना के बाद पुलिस ने जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पांच टीमें लगातार डकैतों की तलाश में जुटी हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी मौके की निगरानी कर रहे हैं। 22 दिन से पुलिस जंगल खंगाल रही करीब 10 साल बाद पुलिस को दो आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में एंटी डकैत स्क्वॉड बनानी पड़ी है। पिछले 22 दिनों से पुलिस चंबल के बीहड़ों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक योगी गुर्जर पुलिस की पकड़ से बाहर है। सूत्रों के अनुसार, योगी कभी अपनी प्रेमिका के ससुराल तो कभी उसके मायके (श्योपुर) में धमका कर पुलिस को चकमा दे रहा है। हथियारों से लैस गैंग फिर से सक्रिय लंबे समय से शांत पड़े चंबल के बीहड़ में अब एक बार फिर डकैतों की हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर, जो कभी कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर का साथी था, अब अपनी खुद की गैंग के साथ सक्रिय है। इस गिरोह में करीब 16 सदस्य हैं, जिनके पास पिस्टल, बंदूक और माउजर जैसे आधुनिक हथियार मौजूद हैं। पुलिस के लिए बना सिरदर्द ग्वालियर, मुरैना और धौलपुर के इलाकों में योगी गुर्जर का आतंक फैल गया है। अपनी प्रेमिका की शादी किसी और से होने के बाद से वह ‘सिरफिरा बागी डकैत’ बन गया है। पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है और उम्मीद है कि जल्द ही गैंग को पकड़ लिया जाएगा। 👉 ऐसी ही ताज़ा और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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भोपाल: शाहबानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक नहीं लगाएगा हाईकोर्ट, याचिका खारिजकेसभोपाल: शाहबानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक नहीं लगाएगा हाईकोर्ट, याचिका खारिज

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को शाहबानो केस पर आधारित फिल्म ‘हक’ (Haq) की रिलीज पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि फिल्म किसी की निजता का हनन नहीं करती। साथ ही कोर्ट ने शाहबानो की बेटी और कानूनी वारिस सिद्दिका बेगम खान की याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म की रिलीज, प्रदर्शन और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में क्या था दावा सिद्दिका बेगम ने कोर्ट में कहा था कि फिल्म मेकर्स ने उनकी अनुमति के बिना फिल्म बनाई है। उनका आरोप था कि फिल्म में शरिया कानून की नकारात्मक छवि दिखाई गई है, जिससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर सुपर्ण एस. वर्मा, जंगली पिक्चर्स, बावेजा स्टूडियोज, और CBFC के चेयरपर्सन को कानूनी नोटिस भी भेजा था। फिल्म 7 नवंबर को होगी रिलीज हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 4 नवंबर को पूरी की थी और फैसला सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट ने फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। फिल्म 7 नवंबर को रिलीज होने वाली है। क्या कहा याचिकाकर्ता की ओर से सुनवाई के दौरान सिद्दिका बेगम की ओर से एडवोकेट तौसीफ वारसी ने तर्क दिया कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में ऐसे दृश्य और डायलॉग हैं जो उनकी मां शाहबानो की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाए गए कई संवाद काल्पनिक हैं और वास्तविक जीवन में शाहबानो और उनके पति के बीच ऐसे संवाद कभी नहीं हुए थे। वारसी ने यह भी कहा कि फिल्म में शाहबानो के जीवन और ऐतिहासिक केस को तो दिखाया गया है, लेकिन उसमें कई बातें तोड़ी-मरोड़ी गई हैं। फिल्म में उनके परिवार के निजी अनुभव और संवेदनशील पहलू बिना अनुमति शामिल किए गए हैं। फिल्म मेकर्स का पक्ष फिल्म के निर्माता पक्ष के वकील अजय बागड़िया और हितेश मेहता ने कहा कि फिल्म में किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। सभी घटनाएं सम्मानजनक और सकारात्मक दृष्टिकोण से फिल्माई गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘हक’ समाज में महिला अधिकारों और न्याय की लड़ाई को दिखाने वाली फिल्म है। इस तरह हाईकोर्ट ने साफ किया कि फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी, और दर्शक तय करेंगे कि वह इसे किस नजरिए से देखते हैं। 👉 ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर: ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स सप्लाई करने वाला युवक गिरफ्तार, टीन चादर की दुकान की आड़ में चल रहा था कारोबार

इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स की सप्लाई करता था। आरोपी टीन चादर की दुकान की आड़ में इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था और हर सौदे पर मोटा कमीशन कमाता था। कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने दो बदमाशों को 22 ग्राम MD ड्रग्स के साथ पकड़ा था। पूछताछ में उनका कनेक्शन परवेज खान नामक युवक से सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने धार निवासी परवेज को गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पहले शहीम पिता सलीम खान और मोहम्मद शारिक पिता मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से बरामद ड्रग्स की कीमत लगभग 3 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि परवेज खान ही जावरा से ड्रग्स लाकर सप्लाई करवाता था। पुलिस के मुताबिक, परवेज पहले ऑनलाइन पैसा अपने खाते में मंगवाता था, फिर ड्रग्स की डिलीवरी करवाता था। इस गिरफ्तारी से MD ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अब पुलिस उससे जुड़ी आगे की कड़ियां भी तलाश रही है। ढाई लाख रुपए की ब्राउन शुगर भी जब्त एडिशनल डीसीपी ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। इसी सिलसिले में बाणगंगा और रावजी बाजार क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। दोनों से कुल ढाई लाख रुपए मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की गई है। पुलिस अब इनसे भी आगे की लिंक तलाशने में जुटी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहेंwww.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ सरकार NEET-PG में 25 लाख रुपए की NOC शर्त बदल सकती है – छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में NEET-PG स्टेट काउंसलिंग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार उन नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिनके तहत सरकारी सेवा कर रहे डॉक्टरों को NOC के लिए 25 लाख रुपए की जमीन या FD बतौर सुरक्षा जमा करनी पड़ती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि, “यह नियम पिछली सरकार के समय लागू किया गया था। वर्तमान सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। छात्रों से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सभी के हित में समाधान निकाला जाएगा।” 25 लाख रुपए की शर्त से छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं NEET-PG में चयनित कई सरकारी डॉक्टर इस शर्त के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कई के पास इतनी संपत्ति या नकदी नहीं है कि वे बॉन्ड की शर्त पूरी कर सकें। डॉ लक्ष्य शर्मा, जो पिछले 7 महीने से सुकमा में ड्यूटी कर रहे हैं, ने बताया — “मेरी NEET में 20,000 रैंक आई है। मैं पीजी करना चाहता हूं, लेकिन गांव की जमीन पर पहले से लोन है और FD के लिए पैसे नहीं हैं। माता-पिता ने कह दिया कि इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते, इसलिए पढ़ाई छोड़ दो।” वहीं अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की डॉ आफरीन खान ने कहा, “हम दो साल की बॉन्ड पोस्टिंग की शर्त पूरी करने को तैयार हैं। मैंने एक साल पूरा भी कर लिया है, लेकिन 25 लाख की संपत्ति जुटाना हमारे लिए असंभव है।” डॉक्टर फेडरेशन ने कहा – नियम संविधान के खिलाफ छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने इस नियम को आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के खिलाफ बताया है। संगठन का कहना है कि यह शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।फेडरेशन ने मांग की है कि आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए नोटरी कृत एफिडेविट को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
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ग्वालियर में आधी रात गैंगवार: रिंकू कमरिया गैंग की ताबड़तोड़ फायरिंग, हवलदार का बेटा समेत दो घायल

ग्वालियर में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को घासमंडी, कोटेश्वर रोड पर वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गैंगवार हुआ। बदमाश रिंकू कमरिया गैंग ने कार सवार दो दोस्तों पर करीब 15 मिनट तक 35 से ज्यादा गोलियां दागीं। इस फायरिंग में एक हवलदार का बेटा समेत दो युवक घायल हुए। वर्चस्व और पैसे की लड़ाई में चली गोलियां पुलिस के मुताबिक, शिवनगर घोसीपुरा जनकगंज निवासी विजय सिंह गौड़, जिनके पिता मध्यप्रदेश पुलिस में हवलदार हैं, रविवार रात अपने दोस्तों बल्लू सरदार और हाकिम सिंह बघेल पाटनकर के साथ कार से घासमंडी गए थे। लौटते समय कोटेश्वर रोड पर रिंकू कमरिया, अन्नी कमरिया, छोटू कमरिया, कालू कमरिया और रमेश कमरिया ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब 15 मिनट तक चली गोलीबारी में विजय गौड़ को पैर में तीन गोलियां और हाकिम को एक गोली लगी। घटना के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। इलाके में देर रात दहशत फैल गई। 5 लाख के लेन-देन को लेकर विवाद घायल विजय ने पुलिस को बताया कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन के विवाद को लेकर हुआ। रिंकू कमरिया पैसे की वसूली के बाद रकम वापस नहीं कर रहा था और धमकी दे रहा था कि “पैसा मांगा तो गोली मार दूंगा।”रिंकू कमरिया ग्वालियर थाने का लिस्टेड बदमाश है, जिस पर फायरिंग, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कई केस पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को हजीरा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।पुलिस ने रिंकू कमरिया गैंग के सभी बदमाशों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। सीएसपी कृष्णपाल सिंह के मुताबिक, “घायल युवकों के बयान लिए जा रहे हैं। हमलावरों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।” 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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