ग्वालियर के बेहट इलाके में गुरुवार सुबह पुलिस और योगी गुर्जर गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान बेहट थाना प्रभारी महावीर परिहार गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ बेहट और हस्तिनापुर के बीच के जंगलों में हुई, जहां पुलिस का सामना गैंग के 3-4 सदस्यों से हुआ। बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बावजूद डकैत जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।
9 सितंबर को किया था गर्भवती महिला का अपहरण
पुलिस के मुताबिक, यही गैंग 9 सितंबर को तिघरा थाना क्षेत्र में एक परिवार पर हमला कर गर्भवती महिला अंजू गुर्जर का अपहरण कर चुका है। गैंग का सरगना योगी गुर्जर पर ₹30,000 का इनाम घोषित है।
जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज
घटना के बाद पुलिस ने जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पांच टीमें लगातार डकैतों की तलाश में जुटी हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी मौके की निगरानी कर रहे हैं।
22 दिन से पुलिस जंगल खंगाल रही
करीब 10 साल बाद पुलिस को दो आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में एंटी डकैत स्क्वॉड बनानी पड़ी है। पिछले 22 दिनों से पुलिस चंबल के बीहड़ों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक योगी गुर्जर पुलिस की पकड़ से बाहर है।
सूत्रों के अनुसार, योगी कभी अपनी प्रेमिका के ससुराल तो कभी उसके मायके (श्योपुर) में धमका कर पुलिस को चकमा दे रहा है।
हथियारों से लैस गैंग फिर से सक्रिय
लंबे समय से शांत पड़े चंबल के बीहड़ में अब एक बार फिर डकैतों की हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर, जो कभी कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर का साथी था, अब अपनी खुद की गैंग के साथ सक्रिय है। इस गिरोह में करीब 16 सदस्य हैं, जिनके पास पिस्टल, बंदूक और माउजर जैसे आधुनिक हथियार मौजूद हैं।
पुलिस के लिए बना सिरदर्द
ग्वालियर, मुरैना और धौलपुर के इलाकों में योगी गुर्जर का आतंक फैल गया है। अपनी प्रेमिका की शादी किसी और से होने के बाद से वह ‘सिरफिरा बागी डकैत’ बन गया है। पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है और उम्मीद है कि जल्द ही गैंग को पकड़ लिया जाएगा।
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