मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को शाहबानो केस पर आधारित फिल्म ‘हक’ (Haq) की रिलीज पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि फिल्म किसी की निजता का हनन नहीं करती। साथ ही कोर्ट ने शाहबानो की बेटी और कानूनी वारिस सिद्दिका बेगम खान की याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म की रिलीज, प्रदर्शन और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
याचिका में क्या था दावा
सिद्दिका बेगम ने कोर्ट में कहा था कि फिल्म मेकर्स ने उनकी अनुमति के बिना फिल्म बनाई है। उनका आरोप था कि फिल्म में शरिया कानून की नकारात्मक छवि दिखाई गई है, जिससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर सुपर्ण एस. वर्मा, जंगली पिक्चर्स, बावेजा स्टूडियोज, और CBFC के चेयरपर्सन को कानूनी नोटिस भी भेजा था।
फिल्म 7 नवंबर को होगी रिलीज
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 4 नवंबर को पूरी की थी और फैसला सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट ने फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। फिल्म 7 नवंबर को रिलीज होने वाली है।

क्या कहा याचिकाकर्ता की ओर से
सुनवाई के दौरान सिद्दिका बेगम की ओर से एडवोकेट तौसीफ वारसी ने तर्क दिया कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में ऐसे दृश्य और डायलॉग हैं जो उनकी मां शाहबानो की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाए गए कई संवाद काल्पनिक हैं और वास्तविक जीवन में शाहबानो और उनके पति के बीच ऐसे संवाद कभी नहीं हुए थे।
वारसी ने यह भी कहा कि फिल्म में शाहबानो के जीवन और ऐतिहासिक केस को तो दिखाया गया है, लेकिन उसमें कई बातें तोड़ी-मरोड़ी गई हैं। फिल्म में उनके परिवार के निजी अनुभव और संवेदनशील पहलू बिना अनुमति शामिल किए गए हैं।
फिल्म मेकर्स का पक्ष
फिल्म के निर्माता पक्ष के वकील अजय बागड़िया और हितेश मेहता ने कहा कि फिल्म में किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। सभी घटनाएं सम्मानजनक और सकारात्मक दृष्टिकोण से फिल्माई गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘हक’ समाज में महिला अधिकारों और न्याय की लड़ाई को दिखाने वाली फिल्म है।
इस तरह हाईकोर्ट ने साफ किया कि फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी, और दर्शक तय करेंगे कि वह इसे किस नजरिए से देखते हैं।
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