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बिलासपुर के राजेश सोंथालिया बने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त

बिलासपुर के वरिष्ठ स्काउटर राजेश सोंथालिया को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य संघ का सहायक राज्य आयुक्त (Assistant State Commissioner) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया। राजेश सोंथालिया की नियुक्ति राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अनुशंसा पर की गई है। स्काउट आंदोलन में उनकी वर्षों की सक्रिय भागीदारी, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निभाएंगे अहम जिम्मेदारी सहायक राज्य आयुक्त के रूप में राजेश सोंथालिया अब प्रदेशभर में स्काउट गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सामाजिक कार्यों में रहा उल्लेखनीय योगदान राजेश सोंथालिया शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्काउट आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में हिरासत के विरोध में मंगलवार रात छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर के लोकभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। दरअसल, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर एयरपोर्ट की ओर ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और भजन-कीर्तन रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गेट तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कई छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुबोध हरितवाल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस का 23 जुलाई को रायपुर में धरना, उपभोक्ताओं से शामिल होने की अपील

Raipur News: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी 23 जुलाई को रायपुर के राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रभावित उपभोक्ता भी शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि पार्टी की मांग है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें हटाया जाए और नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोगों की आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है। उनका दावा है कि यह प्रदर्शन सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मजबूर करेगा। वहीं, मोहम्मद सिद्दीक ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें मिल रही हैं। कांग्रेस ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर घर-घर अभियान चलाया जा रहा है। कार्यकर्ता लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं और 23 जुलाई के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि वह स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के मुद्दे पर जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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रायपुर में सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का प्रदर्शन, NSUI के 5 कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे

Raipur: छत्तीसगढ़ में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर NSUI, विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान NSUI के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर विरोध दर्ज कराया और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की। इधर, धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। वहीं बीजापुर में बस्तर संभाग के आदिवासी युवा छात्र संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सोनम वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। छात्रों ने कहा- यह भविष्य की लड़ाई प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए रायपुर में रहकर शिक्षा सुधार और सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। पहले दिन भी जुटे थे सैकड़ों लोग रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राम मंदिर ट्रस्ट पर कांग्रेस के गंभीर आरोप: चढ़ावे में अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग

रायपुर। रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं और उनके नाम पर एकत्र किए गए चंदे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। गुरुवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में विकास उपाध्याय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने विश्वास और श्रद्धा के साथ दान दिया था। ऐसे में चंदे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। आस्था और विश्वास का विषय बताया विकास उपाध्याय ने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि चंदे या चढ़ावे में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस्तीफों पर भी उठाए सवाल कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों और मीडिया में सामने आई खबरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच कराने में संकोच क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी भी तरह के संदेह का समाधान हो सके। नोट: यह आरोप कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए हैं। संबंधित ट्रस्ट, भाजपा, आरएसएस या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नाबालिग की गर्भसमापन याचिका, मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की गर्भसमापन (अबॉर्शन) की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित कर पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक हाईकोर्ट में पेश करने को कहा है। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, नाबालिग हुई गर्भवती मामला रायपुर जिले का है, जहां एक युवक पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी पीड़िता की गर्भावस्था से जुड़ी समस्या बनी रही। इसके चलते नाबालिग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भसमापन की अनुमति मांगी। याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया गया है। हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि किसी भी आदेश से पहले पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक है। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि रायपुर के CMHO विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित करें, जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) भी शामिल हों। मेडिकल बोर्ड यह जांच करेगा कि गर्भसमापन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है या नहीं और इससे पीड़िता के जीवन या स्वास्थ्य पर कोई गंभीर खतरा तो नहीं होगा। पीड़िता की गोपनीयता और सुरक्षा का विशेष ध्यान अदालत ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान परिवार की सहमति से एक वयस्क महिला सदस्य की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़िता की पहचान, गोपनीयता और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि उसे किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। 20 जुलाई तक सौंपनी होगी मेडिकल रिपोर्ट हाईकोर्ट ने CMHO को निर्देश दिया है कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक अदालत में प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में गर्भसमापन की चिकित्सकीय संभावना, उससे जुड़े जोखिम और संभावित स्वास्थ्य प्रभावों का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही हाईकोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेगा। (पीड़िता की पहचान कानून के अनुसार गोपनीय रखी गई है।) छत्तीसगढ़, न्यायालय और प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर यात्रियों को बड़ी राहत, अब किराए पर मिलेगा बेडरोल

दुर्ग। दुर्ग-भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस में सफर करने वाले स्लीपर क्लास यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें भी यात्रा के दौरान किराए पर बेडरोल (चादर और तकिया) की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने इस सेवा के संचालन के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है, जिसका अनुबंध वर्ष 2031 तक रहेगा। अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगी बेडरोल सुविधा अब स्लीपर क्लास के यात्री अपनी जरूरत के अनुसार बेडरोल किराए पर ले सकेंगे। इसके लिए रेलवे ने अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए हैं। इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा यह सुविधा फिलहाल ट्रेन नंबर 12853 (दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस) और ट्रेन नंबर 12854 (भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस) में उपलब्ध रहेगी। अब तक यह सुविधा केवल एसी कोच के यात्रियों को ही मिलती थी, लेकिन अब स्लीपर क्लास के यात्रियों को भी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अधिक आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा। रेलवे का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को अपनी चादर और तकिया साथ ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनकी यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनेगी। रेलवे, ट्रेनों और यात्रियों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट; साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और अंतिम दिन सदन में महतारी वंदन योजना, राशन व्यवस्था और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जोरदार राजनीतिक घमासान देखने को मिला। कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा और जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया। महतारी वंदन योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटने पर विवाद प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख रह गई है। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि करीब 1.55 लाख महिलाओं के नाम मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं कराने, आयकरदाता बनने या अन्य पात्रता संबंधी कारणों से सूची से हटाए गए हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट कर दिया। राशन वितरण व्यवस्था पर भी उठे सवाल प्रश्नकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सवाल उठाए। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि यदि शिकायत और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सामूहिक विवाह में नकली मंगलसूत्र का मुद्दा भी गूंजा कांग्रेस विधायक और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कथित तौर पर नकली मंगलसूत्र दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि संबंधित एजेंसी के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कार्रवाई का प्रश्न नहीं उठता। साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश करते हुए विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव रखा। अब इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। कांग्रेस सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बुलडोजर कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा अपनी योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखेगी। विधानसभा में किसके पास कितना संख्या बल? वर्तमान विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 विधायक और 1 विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं। ऐसे में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। अब तक कोई अविश्वास प्रस्ताव सफल नहीं हुआ छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में अब तक 9 अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन कोई भी प्रस्ताव सरकार के खिलाफ पारित नहीं हो सका। इन सभी मामलों में सरकारें बहुमत साबित करने में सफल रहीं। वर्ष 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ हुई 24 घंटे 25 मिनट की चर्चा विधानसभा के इतिहास की सबसे लंबी बहस मानी जाती है। इस बार विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव राज्य गठन के बाद 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। छत्तीसगढ़ की राजनीति, विधानसभा की कार्यवाही और अन्य महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें — DeshHarPal. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रायपुर। राजधानी रायपुर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आई। गायत्री नगर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपराओं के बीच निकाली गई। “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निभाई ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका अपनी धर्मपत्नी के साथ तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। दोनों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने सनातन परंपरा के अनुसार स्वर्ण झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर ‘छेरा पहरा’ की ऐतिहासिक परंपरा निभाई। यह परंपरा सेवा, समानता और विनम्रता का प्रतीक मानी जाती है। सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का महापर्व जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष एवं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और जनभागीदारी का महापर्व है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मंदिर से मौसी मंदिर तक निकली रथयात्रा रथयात्रा गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर खम्हारडीह थाना, बीटीआई ग्राउंड होते हुए मौसी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने पुष्पवर्षा, आरती और भजन-कीर्तन के साथ भगवान का स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों के भजन-कीर्तन, आकर्षक झांकियां, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूमर, करमा और सुवा नृत्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। सजे-धजे रथों और भक्तों की अपार आस्था ने राजधानी रायपुर में पुरी धाम जैसा आध्यात्मिक माहौल बना दिया। श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और महाप्रसाद वितरण के लिए कई सेवा शिविर लगाए गए। नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों ने समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। मौसी मंदिर में महाआरती और महाप्रसाद रथयात्रा के अंतिम पड़ाव पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह मौसी मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और मानव कल्याण की कामना करते हुए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में कारोबार करना होगा आसान: विधानसभा से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ पारित, MSME को बड़ी राहत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ को पारित कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ रिस्क बेस्ड (Risk-Based) और ट्रस्ट बेस्ड (Trust-Based) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उद्योग स्थापित करने और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ा लाभ मिलेगा। जोखिम के आधार पर मिलेगी अनुमति नई व्यवस्था के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का वर्गीकरण उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों को अनावश्यक जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। सेल्फ सर्टिफिकेशन को मिलेगा बढ़ावा अधिनियम के तहत कम जोखिम वाले उद्यमों में बार-बार विभागीय निरीक्षण की आवश्यकता कम होगी। ऐसे मामलों में सेल्फ सर्टिफिकेशन या लाइसेंसधारी इंजीनियर, आर्किटेक्ट अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाणन के आधार पर अनुमति दी जा सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे अनुमति प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। हर साल लाइसेंस नवीनीकरण की बाध्यता खत्म नए कानून के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी। जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली लागू होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों कम होंगे तथा वे कारोबार के विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। MSME को मिलेंगी कई अहम सुविधाएं नई व्यवस्था में MSME इकाइयों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं— हालांकि, अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और भौतिक निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 विभागों की 43 सेवाएं होंगी शामिल इस अधिनियम के तहत राज्य सरकार के 8 विभागों की 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली में शामिल किया गया है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार कार्यपालिका परिषद की मंजूरी से नई सेवाओं को भी जोड़ा जा सकेगा। तीन स्तर पर होगी निगरानी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। 15 लाख से अधिक MSME को होगा लाभ सरकार का अनुमान है कि इस सुधार का लाभ राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मिलेगा। भरोसे, स्व-घोषणा और समयबद्ध सेवाओं पर आधारित नई व्यवस्था से कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी, जबकि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी के सभी आवश्यक प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। निवेश को मिलेगा बढ़ावा राज्य सरकार का मानना है कि ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ राज्य में निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में अधिक पारदर्शी, सरल और निवेश-अनुकूल कारोबारी वातावरण विकसित होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़, उद्योग, निवेश और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पेपर लीक

Bihar to Haryana Protest: पेपर लीक मुद्दे पर बड़ा आंदोलन, कटिहार में बवाल और Gurugram में Congress का शक्ति प्रदर्शन

देश में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बिहार के कटिहार से लेकर हरियाणा के गुरुग्राम तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से निष्पक्ष परीक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की। कटिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। वहीं गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बनी। देशभर में चल रहे इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज बिहार के कटिहार में पेपर लीक मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से ईंट-पत्थर चलने की भी खबर सामने आई। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हैं। उनका मानना है कि एक परीक्षा में गड़बड़ी का असर युवाओं के करियर और भविष्य पर पड़ता है। बिहार में छात्रों का आंदोलन हुआ तेज पेपर लीक के मुद्दे को लेकर बिहार के कई इलाकों में छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए और पेपर लीक में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। युवाओं का कहना है कि बार-बार परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण उनका समय और मेहनत दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। Gurugram में Congress का प्रदर्शन, पुलिस से हुई बहस हरियाणा के गुरुग्राम में भी पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जब कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया। Paper Leak Issue बना युवाओं का बड़ा मुद्दा पेपर लीक का मामला अब देशभर में युवाओं के बीच बड़ा मुद्दा बन चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार किया जाए। युवाओं का कहना है कि परीक्षा केवल एक टेस्ट नहीं बल्कि उनके सपनों और करियर से जुड़ी होती है। इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत और सख्त कार्रवाई जरूरी है। सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेपर लीक को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं का भरोसा वापस जीतना है। परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों पर कार्रवाई करने जैसे कदमों से ही छात्रों का विश्वास कायम किया जा सकता है। फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं और युवाओं की नजर सरकार के अगले कदमों पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath Rally: गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- आस्था और युवाओं से खिलवाड़ करने वालों के उपदेश बेअसर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग लंबे समय तक देश की आस्था, युवाओं और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करते रहे, आज वही लोग सलाह और उपदेश दे रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद लगता है। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने हमेशा जनता की भावनाओं, संस्कृति और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं, किसानों सहित हर वर्ग के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आस्था के सम्मान और विकास को लेकर CM Yogi का बड़ा बयान गोरखपुर की सभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोगों की आस्था का सम्मान किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले इन मुद्दों को नजरअंदाज किया, उन्हें अब जनता के हितों की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विकास, सुशासन और सुरक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को नए अवसरों और बेहतर सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाना है। Youth और Farmers को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं और किसानों के मुद्दे पर भी अपनी सरकार के काम गिनाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। वहीं किसानों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। Opposition पर CM Yogi का सीधा वार सीएम योगी ने कहा कि जनता अब सिर्फ नारों और वादों की राजनीति नहीं, बल्कि काम और परिणाम को देखती है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जिन लोगों का अतीत जनता के सामने है, उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को लोग गंभीरता से नहीं लेते। Gorakhpur में दिखा राजनीतिक असर गोरखपुर में हुई इस सभा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के साथ विपक्ष को भी घेरने की कोशिश की। सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। सीएम योगी का यह भाषण आस्था, विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Indian Stock Market

Indian Stock Market Crash: बिकवाली के दबाव में Sensex-Nifty, Banking और Pharma Shares हुए कमजोर

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में गुरुवार को निवेशकों के लिए कारोबार का दिन कुछ कमजोर रहा। Sensex करीब 450 अंक गिरकर 76,300 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग और फार्मा सेक्टर के शेयरों में हुई भारी बिकवाली को अहम कारण माना जा रहा है। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में दबाव नजर आने लगा था। कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर पहुंचे शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। Banking Stocks में गिरावट से बाजार पर असर आज के कारोबार में Banking Sector के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निजी और सरकारी बैंकों के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। बैंकिंग इंडेक्स में गिरावट ने बाजार की चाल को प्रभावित किया और सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव बढ़ा दिया। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण गिरावट आई है। हालांकि, मजबूत फंडामेंटल वाली बैंकिंग कंपनियों में लंबी अवधि के निवेशकों की रुचि बनी हुई है। Pharma Stocks भी दबाव में, निवेशकों ने की बिकवाली बैंकिंग के साथ-साथ Pharma Sector के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हेल्थकेयर कंपनियों के कई शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली का असर सेक्टर इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सेक्टर आधारित रणनीति अपनानी चाहिए। Share Market Down होने की वजह क्या रही? शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं: इन सभी कारणों ने मिलकर घरेलू बाजार की तेजी को कमजोर किया। Investors के लिए क्या है सलाह? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट के समय घबराने की जरूरत नहीं है। निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए और बिना रिसर्च के जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार की गिरावट अच्छे शेयरों को बेहतर कीमत पर खरीदने का मौका दे सकती है। हालांकि, निवेश का फैसला कंपनी की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं को देखकर ही लेना चाहिए। Sensex-Nifty Update: बाजार में उतार-चढ़ाव जारी फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आने वाले सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, ग्लोबल मार्केट की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की चमक बढ़ी, भाव पहुंचा ₹1.46 लाख के पार; Silver Price में भी जबरदस्त उछाल

देश में सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने वालों के लिए आज फिर बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। कीमती धातुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। Gold Price Today में सोने की कीमत ₹274 की बढ़त के साथ करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, Silver Price Today में चांदी ₹360 महंगी होकर करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में पिछले चार दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस दौरान सोना करीब ₹4,398 तक महंगा हो चुका है। बढ़ते भाव ने जहां निवेशकों को आकर्षित किया है, वहीं आम ग्राहकों के लिए गहनों की खरीदारी पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। Gold Rate Today: लगातार मजबूत हो रहा सोने का बाजार सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। मौजूदा समय में वैश्विक बाजार में जारी हलचल और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सोने की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की बढ़ती मांग, डॉलर में उतार-चढ़ाव और बाजार में सुरक्षित निवेश की तलाश ने सोने की कीमतों को मजबूती दी है। यही कारण है कि भारतीय बाजार में भी सोने के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। Silver Price Today: चांदी में भी दिखी तेज चमक सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का दौर जारी है। आज चांदी के भाव में ₹360 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में तेजी केवल निवेश की वजह से नहीं है, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य सेक्टर में चांदी की खपत बढ़ने से इसके दामों को सपोर्ट मिल रहा है। 4 दिन में सोने ने लगाई बड़ी छलांग सोने के बाजार में बीते कुछ दिनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। चार दिनों के भीतर सोने के भाव में ₹4,398 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में इस तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन शादी-ब्याह या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने वालों का बजट जरूर प्रभावित हो रहा है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के भाव? सोना-चांदी महंगा होने के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं: क्या आगे भी बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए कीमतों में हल्की गिरावट या स्थिरता भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की नजरें सोने और चांदी के अगले रुख पर बनी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
NDA

Lok Sabha Rajya Sabha Update: हंगामे के बाद दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित, NDA-INDIA में टकराव

संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को एक बार फिर सियासी गर्मी देखने को मिली। Parliament Protest के दौरान NDA और INDIA Block के सांसद संसद भवन परिसर में आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा नारे लगाते NDA सांसदों के करीब पहुंच गईं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। परिसर का यह घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस पूरे मामले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। संसद के बाहर दिखा सियासी शक्ति प्रदर्शन मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। गुरुवार को संसद भवन के बाहर दोनों गठबंधनों के सांसद अपने-अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। एक तरफ INDIA Block के सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, वहीं NDA सांसदों ने भी विपक्ष के आरोपों के जवाब में प्रदर्शन किया। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और संसद परिसर में माहौल काफी गरमा गया। Priyanka Gandhi का वीडियो हुआ वायरल प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी सांसदों के साथ मौजूद थीं। वीडियो में नजर आया कि वह नारे लगा रहे NDA सांसदों की ओर बढ़ीं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज उठाने की कोशिश बताया, जबकि NDA नेताओं ने इसे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया। हंगामे के चलते Parliament Proceedings प्रभावित संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। सांसदों के हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। अब सभी की नजरें आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। NDA vs INDIA Block के बीच जारी है राजनीतिक टकराव संसद के इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष चर्चा के बजाय हंगामा कर रहा है। गुरुवार का घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि संसद के अंदर और बाहर दोनों ही जगह राजनीतिक मुकाबला तेज हो चुका है। आने वाले दिनों में भी NDA और INDIA Block के बीच बहस और विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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