आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 49 ट्रेनें 27 नवंबर से 17 दिसंबर तक रद्द, साउथ बिहार एक्सप्रेस भी प्रभावित◆BREAKINGबिज़नेसJio Platforms IPO का आज आखिरी दिन, 20 गुना सब्सक्राइब होने का दावा; GMP से ₹1,377 पर लिस्टिंग के संकेत◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में शिक्षिका के निलंबन की मांग पर फिर धरने पर बैठे छात्र, बोले- अब करेंगे सड़क जाम◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में लिया संन्यास, अब युवा खिलाड़ियों को देंगी ट्रेनिंग◆BREAKINGBreaking NewsDelhi SIR Protest: बंगला साहिब के पास प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे◆BREAKINGएंटरटेनमेंटTiger Shroff Firing Case: कोटा में पकड़े गए 3 आरोपी, ट्रेन के General Coach में पुलिस का ऑपरेशन◆BREAKINGBreaking NewsGlobal Protest Network: फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों की चर्चा, 101 संगठनों पर रिपोर्ट◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Case: जमानत के बाद भी CJP नेताओं की मुश्किलें बरकरार, फिर बुलाएगी पुलिस◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 49 ट्रेनें 27 नवंबर से 17 दिसंबर तक रद्द, साउथ बिहार एक्सप्रेस भी प्रभावित◆BREAKINGबिज़नेसJio Platforms IPO का आज आखिरी दिन, 20 गुना सब्सक्राइब होने का दावा; GMP से ₹1,377 पर लिस्टिंग के संकेत◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में शिक्षिका के निलंबन की मांग पर फिर धरने पर बैठे छात्र, बोले- अब करेंगे सड़क जाम◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में लिया संन्यास, अब युवा खिलाड़ियों को देंगी ट्रेनिंग◆BREAKINGBreaking NewsDelhi SIR Protest: बंगला साहिब के पास प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे◆BREAKINGएंटरटेनमेंटTiger Shroff Firing Case: कोटा में पकड़े गए 3 आरोपी, ट्रेन के General Coach में पुलिस का ऑपरेशन◆BREAKINGBreaking NewsGlobal Protest Network: फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों की चर्चा, 101 संगठनों पर रिपोर्ट◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Case: जमानत के बाद भी CJP नेताओं की मुश्किलें बरकरार, फिर बुलाएगी पुलिस◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

रायपुर में 6 जगह होगा रावण दहन, खारून नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध

रायपुर में दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 20 अक्टूबर को शहर में 6 स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। वहीं, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खारून नदी में सीधे दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रतिमाओं को नदी के पास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड में ही विसर्जित करना होगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति को विसर्जन स्थलों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। रावणभाठा और WRS कॉलोनी में होंगे प्रमुख आयोजन दशहरा पर रावण दहन के प्रमुख आयोजन रावणभाठा और WRS कॉलोनी में होंगे। इसके अलावा चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड में स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास भी रावण दहन किया जाएगा। नगर निगम ने त्योहार के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और पर्यावरण संबंधी निर्देशों का पालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। विसर्जन के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा मलबा नगर निगम के निर्देशों के मुताबिक, प्रतिमा विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को अलग करके निर्धारित स्थान पर रखना होगा। विसर्जन कुंड में जमा मलबा, बांस-बल्लियां और अन्य सामग्री 24 घंटे के भीतर बाहर निकालनी होगी, ताकि पानी प्रदूषित न हो। इसके साथ ही ध्वनि और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विसर्जन कुंड पर रोशनी, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दशहरा आयोजन और विसर्जन कुंड की व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की समिति बनाई है। इसमें अपर आयुक्त विनोद पांडेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, जोन-2 के कमिश्नर संतोष पांडेय, जोन-5 के कमिश्नर राकेश शर्मा और जोन-6 की कमिश्नर प्रीति सिंह सहित इंजीनियरिंग और जल विभाग के अधिकारी शामिल हैं। समिति की जिम्मेदारी विसर्जन स्थलों पर शामियाना, रोशनी, माइक, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। नगर निगम ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी जरूरी इंतजाम प्राथमिकता से पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
Read more

रायपुर में नौकरी छोड़ने की बात पर कैशियर से मारपीट का आरोप, रेस्टोरेंट मालिक और मैनेजर पर FIR

रायपुर में नौकरी छोड़ने की बात कहने पर रेस्टोरेंट के कैशियर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कर्मचारी का आरोप है कि उसने रेस्टोरेंट मालिक से कैश का हिसाब करने को कहा और अगले दिन से ड्यूटी पर नहीं आने की बात कही। इससे नाराज होकर मालिक ने मैनेजर के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। मारपीट में कर्मचारी के गाल, गले और पीठ पर चोटें आई हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात 1:40 बजे कैश के हिसाब को लेकर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, पीड़ित उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बारा थाना क्षेत्र के बवंधर गांव का रहने वाला है। वह बीएससी कर चुका है और रायपुर स्थित गुलाटी बाय एमपीएस किचन रेस्टोरेंट में कैशियर के पद पर काम करता है। घटना 18 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1:40 बजे की बताई गई है। रेस्टोरेंट बंद होने के दौरान कर्मचारी ने मालिक विशाल गुलाटी से कैश का हिसाब करने को कहा। उसने यह भी बताया कि वह अगले दिन से ड्यूटी पर नहीं आएगा। आरोप है कि इस बात पर मालिक नाराज हो गया और उसने मैनेजर पारस टंडन को बुलाकर कर्मचारी को ऑफिस में ले जाने के लिए कहा। गाली देने से मना करने पर मारपीट का आरोप कर्मचारी के मुताबिक, ऑफिस में मालिक ने बिना हिसाब किए नौकरी छोड़ने की बात को लेकर उसे अश्लील गालियां दीं। जब उसने गाली देने से मना किया, तो आरोप है कि विशाल गुलाटी और मैनेजर पारस टंडन ने उसे जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि मारपीट के दौरान उसके गाल, गले और पीठ पर चोटें आईं। घटना के समय रेस्टोरेंट में काम करने वाले हरिश और बिट्टू भी वहां मौजूद थे। कर्मचारी ने पुलिस से दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
Read more

अंबिकापुर की सुरबिल दास बनीं मशरूम उत्पादन की नेशनल ट्रेनर, 500 से अधिक लोगों को दे चुकी हैं प्रशिक्षण

अंबिकापुर की सुरबिल दास मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक के ग्राम गोरता की रहने वाली सुरबिल पिछले पांच वर्षों से मशरूम की खेती कर रही हैं। अपनी मेहनत और नवाचार के दम पर वे मशरूम उत्पादन की नेशनल ट्रेनर बन चुकी हैं। इसके साथ ही वे सुभाष महिला स्व-सहायता समूह का भी सक्रिय रूप से संचालन कर रही हैं। सुरबिल की विशेषज्ञता और प्रशिक्षण कौशल को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर ने उन्हें 20×28 आकार के दो सेटअप और उत्पादन के लिए जगह उपलब्ध कराई है। वे साल में दो सीजन में मशरूम का उत्पादन करती हैं। पिछले साल उन्होंने 2.5 टन ऑयस्टर मशरूम और 1.50 टन बटन मशरूम का उत्पादन किया था। इस साल भी उन्होंने ऑयस्टर मशरूम की खेती शुरू कर दी है, जबकि बटन मशरूम के लिए कम्पोस्ट तैयार है। मशरूम के कचरे से बनाती हैं जैविक खाद सुरबिल की खेती की सबसे खास बात उनकी शून्य अपशिष्ट तकनीक है। वे मशरूम उत्पादन के बाद बचने वाले अवशेषों को फेंकने के बजाय उनसे जैविक खाद तैयार करती हैं। इस तरह कृषि अपशिष्ट का दोबारा उपयोग होता है और खेती में रासायनिक पदार्थों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। वे जरूरत के अनुसार तैयार जैविक खाद की बिक्री भी करती हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होती है। इस तकनीक के जरिए वे मशरूम उत्पादन के साथ-साथ खेती के दूसरे कामों में भी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही हैं। मशरूम से बड़ी, अचार और पापड़ बनाकर बढ़ा रहीं आमदनी सुरबिल केवल मशरूम उगाने तक सीमित नहीं हैं। वे खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी काम कर रही हैं। मशरूम से बड़ी, अचार और पापड़ जैसे उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचती हैं। इससे मशरूम का बेहतर उपयोग होता है और तैयार उत्पादों के जरिए अतिरिक्त आय का रास्ता खुलता है। उनका प्रयास है कि महिलाएं केवल कच्चे उत्पाद के उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि उससे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करके अपनी कमाई बढ़ा सकें। 500 से अधिक लोगों को दे चुकी हैं प्रशिक्षण सुरबिल दास अब तक 500 से अधिक लोगों को मशरूम उत्पादन की तकनीक सिखा चुकी हैं। वे सरगुजा जिले के 20 से 25 गांवों में जाकर महिलाओं को मशरूम उगाने के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण भी देती हैं। उनका उद्देश्य महिलाओं को ऐसी तकनीक और कौशल से जोड़ना है, जिनकी मदद से वे घर पर ही मशरूम उत्पादन और उससे जुड़े उत्पाद तैयार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उद्यानिकी कॉलेज के विद्यार्थियों को भी दे रहीं मार्गदर्शन सुरबिल की विशेषज्ञता का लाभ अब कृषि और उद्यानिकी के विद्यार्थियों को भी मिल रहा है। वे सिलफिली स्थित महात्मा गांधी उद्यानिकी कॉलेज में मशरूम उत्पादन शुरू कराने और तकनीकी मार्गदर्शन देने का काम कर रही हैं। एक महिला किसान के रूप में सुरबिल दास की यह यात्रा दिखाती है कि मेहनत, नवाचार और प्रशिक्षण के जरिए खेती को आय के बेहतर अवसरों में बदला जा सकता है। साथ ही, उनका काम ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।
Read more

छत्तीसगढ़ में सरकारी कॉलेजों के युक्तियुक्तकरण की तैयारी, 7 कॉलेजों में जीरो एडमिशन; 23 में 100 से कम छात्र

छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों के बाद अब शासकीय कॉलेजों के युक्तियुक्तकरण की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश के 7 सरकारी कॉलेजों में पिछले सत्र में एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया, जबकि 23 कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या 100 तक नहीं पहुंची। इसके अलावा 38 कॉलेज ऐसे हैं, जहां स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कुल दर्ज विद्यार्थियों की संख्या 200 से कम है। इन आंकड़ों के बाद उच्च शिक्षा संचालनालय ने सरकारी कॉलेजों की स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके लिए सभी संबंधित कॉलेजों से पिछले पांच वर्षों के दाखिले, स्वीकृत सीटें, शिक्षकों के पद, रिक्त पदों और सरकारी बजट का ब्योरा मांगा गया है। कॉलेजों के आसपास स्थित दूसरे महाविद्यालयों की दूरी और स्कूली स्तर पर उपलब्ध विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी भी जुटाई जा रही है। चार श्रेणियों में बांटे गए कॉलेज उच्च शिक्षा संचालनालय ने विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर कॉलेजों को चार श्रेणियों में बांटा है। इनमें शून्य छात्र संख्या, 1 से 100, 101 से 200 और 201 से 300 विद्यार्थियों वाले कॉलेज शामिल हैं। कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से 2025-26 तक का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना होगा। इसमें बीए, बीकॉम, बीएससी सहित अलग-अलग पाठ्यक्रमों में स्वीकृत सीटों और दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की साल-दर-साल जानकारी मांगी गई है। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों में छात्र संख्या में हुई वृद्धि या कमी का प्रतिशत भी बताना होगा। इससे पता चलेगा कि किन पाठ्यक्रमों में दाखिले बढ़े हैं और किनमें लगातार गिरावट आई है। इस जानकारी के आधार पर कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। आगे चलकर कॉलेजों के विलय या अन्य बदलावों को लेकर फैसला लिया जा सकता है। इन 23 कॉलेजों में 100 से कम छात्रों ने लिया दाखिला शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रदेश के 23 सरकारी कॉलेजों में 100 से कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। इनमें शामिल हैं: इन 7 कॉलेजों में पिछले सत्र में नहीं हुआ एक भी दाखिला पिछले शैक्षणिक सत्र में सात सरकारी कॉलेजों में दाखिले की संख्या शून्य दर्ज की गई। इनमें शामिल हैं: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर दर्ज विद्यार्थियों की संख्या शून्य थी। प्रदेश में 343 शासकीय कॉलेज, पांच साल में खुले 64 नए संस्थान छत्तीसगढ़ में फिलहाल उच्च शिक्षा से संबद्ध 343 शासकीय महाविद्यालय हैं। वर्ष 2009-10 में इनकी संख्या 159 थी, जो समय के साथ बढ़ती गई। पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में 64 नए सरकारी कॉलेज खोले गए। हालांकि, कई कॉलेजों में भवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी सामने आता रहा है। कुछ संस्थान खुद के भवन के बिना चार-पांच कमरों में संचालित हो रहे हैं। कई जगह प्रयोगशालाओं और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी सवाल उठते रहे हैं। क्षेत्रीय कार्यालयों से मांगी गई जानकारी उच्च शिक्षा संचालनालय ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर संचालकों को पत्र भेजकर कॉलेजों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें विद्यार्थियों की संख्या, स्वीकृत सीटें, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पद, बजट और आसपास के अन्य कॉलेजों की स्थिति शामिल है। फिलहाल विभाग आंकड़े जुटाकर कॉलेजों की स्थिति का आकलन कर रहा है। इस प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन संस्थानों में बदलाव या युक्तियुक्तकरण की जरूरत मानी जाती है।
Read more

बिलासपुर के मल्हार स्कूल विवाद में प्राचार्य कल्याण संघ की एंट्री, निष्पक्ष जांच और CCTV फुटेज खंगालने की मांग

जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य और शिक्षकों के खिलाफ छात्रों की शिकायत का मामला तूल पकड़ने लगा है। छात्रों के प्रदर्शन के बाद अब प्राचार्य कल्याण संघ और प्राचार्य मंच भी प्राचार्य व शिक्षकों के समर्थन में उतर आए हैं। संगठनों ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संघ का आरोप है कि स्कूल में अनुशासन और व्यवस्था सुधारने की कोशिशों से नाराज कुछ शिक्षकों ने छात्रों को भड़काया, जिससे विवाद बढ़ा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्राचार्य के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई का विरोध प्राचार्य मंच के संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेना जरूरी है, लेकिन प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों का पक्ष सुने बिना एकतरफा कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच में स्कूल की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMC) का प्रस्ताव पंजी, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खाते, रसीद और CCTV फुटेज को भी शामिल किया जाए। उनके मुताबिक, सभी दस्तावेजों और तथ्यों की पड़ताल के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। नवंबर 2025 में प्राचार्य ने संभाला था पद प्राचार्य कल्याण संघ के अनुसार, संबंधित प्राचार्य ने नवंबर 2025 में पदभार संभालने के बाद पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, अनुशासन बनाए रखने और स्कूल की व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश की थी। संघ का दावा है कि स्कूल के कुछ व्याख्याता और कर्मचारी इन प्रयासों में सहयोग नहीं कर रहे थे। इससे स्टाफ के बीच तालमेल की कमी बढ़ी और विवाद की स्थिति बनी। संघ ने प्रशासन से इस पहलू की भी जांच कराने की मांग की है। शिकायत के बाद दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र इससे पहले छात्रों ने प्राचार्य और कुछ शिक्षकों के खिलाफ शिकायत की थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद छात्र दोबारा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्राचार्य सहित अन्य शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद प्राचार्य कल्याण संघ ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच करने और शिकायतों से जुड़े सभी पक्षों की बात सुनने की मांग की है। SMC रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच पर जोर प्राचार्य मंच के संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि स्कूल में छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद की कमी भी विवाद की वजह हो सकती है। उन्होंने नियमित पढ़ाई, सभी विषयों के लिए शिक्षकों की उपलब्धता और तय समय पर कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं और सवालों का समाधान करना भी जरूरी है। साथ ही, शिकायतों की जांच के दौरान स्कूल के सभी संबंधित रिकॉर्ड और CCTV फुटेज देखे जाने चाहिए, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। दिव्यांग प्राचार्य के मामले में नैसर्गिक न्याय की मांग संजय शर्मा के मुताबिक, संबंधित प्राचार्य दिव्यांग हैं और उनकी नौकरी का एक साल से भी कम समय बचा है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं और व्यवस्था सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। मंच का कहना है कि प्राचार्य का पक्ष सुने बिना उनके खिलाफ कार्रवाई करना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा। वहीं, छात्रों की शिकायतों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। संगठन ने दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की है। बैठक कर विवाद सुलझाने का सुझाव प्राचार्य कल्याण संघ और प्राचार्य मंच ने स्कूल में सौहार्दपूर्ण वातावरण बहाल करने के लिए प्राचार्य, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद बढ़ाने की जरूरत बताई है। संगठनों ने प्रशासन से बैठक आयोजित कर आपसी समन्वय बहाल करने और पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि विवाद का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए। फिलहाल मामले में सभी पक्षों के आरोपों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Read more

नवरात्रि पर रायपुर सेंट्रल जेल में सेवा की मिसाल, काली माता सेवा समिति ने 1300 बंदियों को बांटे फल

नवरात्रि के अवसर पर काली माता सेवा समिति ने रायपुर सेंट्रल जेल में करीब 1300 बंदियों को फल वितरित किए। समिति ने यह पहल उन बंदियों के लिए की, जो नवरात्रि में उपवास रखकर माता रानी की आराधना कर रहे हैं। इस आयोजन के जरिए समिति ने सेवा, करुणा और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की गलती या अपराध से उसके सुधरने और बेहतर जीवन जीने की संभावनाएं समाप्त नहीं हो जातीं। बंदियों के सुधार और पुनर्वास पर दिया जोर दीपक भारद्वाज ने कहा कि समाज को न्याय के प्रति सम्मान बनाए रखने के साथ-साथ सुधार और पुनर्वास की भावना को भी महत्व देना चाहिए। बंदियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने से समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूती मिलती है। समिति का मानना है कि जेल में बंद लोगों के साथ भी सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, ताकि उनमें सकारात्मक बदलाव की भावना विकसित हो सके। पहले भी जेल में कर चुके हैं फल वितरण काली माता सेवा समिति के अनुसार, वह पहले भी कई बार जेल में बंदियों को फल वितरित कर चुकी है। समिति का कहना है कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और उपवास तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा और सद्भावना को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ समिति के सदस्यों ने उपवास रखने वाले बंदियों तक फल पहुंचाए। आगे भी जारी रहेंगे सेवा कार्य समिति ने समाज में सेवा, सद्भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अशोक त्रिपाठी, गुड्डू, सुनील प्रमुख, राजू भाई तारवानी और रामकृष्ण धीवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
Read more

छत्तीसगढ़ में MBBS के बाद ग्रामीण सेवा का बॉन्ड खत्म करने की तैयारी, 25 लाख जुर्माने से भी मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ में MBBS के बाद एक साल की अनिवार्य ग्रामीण सेवा की व्यवस्था खत्म करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण सेवा नहीं करने पर लगने वाला 25 लाख रुपए तक का जुर्माना और डिग्री रोकने की बाध्यता भी समाप्त हो सकती है। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ग्रामीण अस्पतालों में उन्हीं डॉक्टरों की पोस्टिंग की जाएगी, जो अपनी इच्छा से वहां सेवा देना चाहेंगे। अन्य खाली पदों को भर्ती के जरिए भरने की योजना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। PG के बाद ग्रामीण सेवा का बॉन्ड रहेगा लागू फिलहाल छत्तीसगढ़ में MBBS के बाद एक साल और पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) के बाद दो साल की ग्रामीण सेवा का बॉन्ड अनिवार्य है। तय अवधि तक सेवा नहीं देने पर MBBS डॉक्टरों को 25 लाख रुपए और PG डॉक्टरों को 50 लाख रुपए तक का जुर्माना देना पड़ता है। आरक्षित वर्ग के डॉक्टरों के लिए यह राशि क्रमशः 20 लाख और 40 लाख रुपए है। जुर्माना जमा नहीं करने पर डिग्री रोकने का प्रावधान है। डिग्री नहीं मिलने से छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने में परेशानी होती है और डॉक्टर प्रैक्टिस नहीं कर पाते। फिलहाल प्रस्ताव केवल MBBS के बाद अनिवार्य ग्रामीण सेवा समाप्त करने से जुड़ा है। PG के बाद दो साल की ग्रामीण सेवा की बाध्यता खत्म करने को लेकर अभी कोई संकेत नहीं मिले हैं। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद शुरू हुई कवायद ग्रामीण सेवा के बॉन्ड में राहत देने की मांग जूनियर डॉक्टरों की राज्यव्यापी हड़ताल के दौरान उठाई गई थी। हड़ताल के दौरान डॉक्टरों ने इस व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जूनियर डॉक्टरों से चर्चा के दौरान उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने अनिवार्य ग्रामीण सेवा की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। हर सत्र में 800 से ज्यादा डॉक्टरों की होती है पोस्टिंग रिपोर्ट के मुताबिक, हर सत्र में 800 से अधिक डॉक्टर अनिवार्य ग्रामीण सेवा के तहत अस्पतालों में पदस्थ किए जाते हैं। इसके बावजूद दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, कई डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग मिलने के बाद अलग-अलग तरीकों से अपना तबादला करवा लेते हैं। विभागीय स्तर पर भी इस समस्या की जानकारी है। ऐसे में अब अस्थायी व्यवस्था के बजाय ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के स्थायी विकल्प पर विचार किया जा रहा है। खाली पद भरने की व्यवस्था पर मंथन अनिवार्य ग्रामीण सेवा की बाध्यता समाप्त होने की स्थिति में ग्रामीण अस्पतालों के खाली पदों को किस तरह भरा जाएगा, इस पर अभी विचार चल रहा है। विभागों का जोर भर्ती प्रक्रिया के जरिए इन पदों को भरने पर है। प्रस्तावित बदलाव से MBBS के बाद ग्रामीण सेवा नहीं करने वाले डॉक्टरों को बॉन्ड और जुर्माने से राहत मिल सकती है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार क्या व्यवस्था लागू करेगी, यह अंतिम निर्णय और विभागीय योजना सामने आने के बाद स्पष्ट होगा।
Read more

बिलासपुर में म्यूल अकाउंट से 5 राज्यों में साइबर ठगी का लिंक, कमीशन के लालच में बैंक खाता दिया किराए पर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए पांच राज्यों में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बलौदाबाजार के एक युवक ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता और ATM कार्ड साइबर ठगों को दे दिया था। इस खाते के जरिए ठगी की रकम जमा करने, निकालने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का काम किया जा रहा था। केंद्र सरकार से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। JMIS पोर्टल पर मिलीं पांच साइबर शिकायतें डीएसपी क्राइम सुदीप सरकार के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय रायपुर से मिले निर्देश के बाद एक संदिग्ध म्यूल बैंक खाते की जांच शुरू की गई। भारत सरकार के समन्वय (JMIS) पोर्टल पर खाते की जानकारी खंगालने के दौरान पांच साइबर शिकायतें सामने आईं। जांच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते में संदिग्ध लेनदेन का पता चला। बैंक स्टेटमेंट की पड़ताल से जानकारी मिली कि इस खाते में पांच साइबर अपराधों से जुड़ी रकम जमा कराई गई थी। ये शिकायतें देश के पांच राज्यों के पीड़ितों से संबंधित थीं। UPI और ATM से तुरंत निकालते थे रकम पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की रकम खाते में जमा होने के बाद खाताधारक और उसके साथी सक्रिय हो जाते थे। UPI और ATM के जरिए कुछ ही मिनटों में रकम निकाल ली जाती थी या दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। जांच में खाते में साइबर ठगी की रकम के अलावा अन्य राशि जमा होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि तेजी से लेनदेन करने का उद्देश्य रकम को आगे पहुंचाना और बैंक या पुलिस की कार्रवाई से पहले खाते में मौजूद पैसा निकाल लेना था। कमीशन के लालच में सौंपा बैंक खाता और ATM कार्ड पुलिस जांच के मुताबिक, बलौदाबाजार के परसाडीह वार्ड-4 निवासी बलवन घृतलहरे ने कथित तौर पर कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता और ATM कार्ड साइबर ठगों को सौंप दिया था। आरोप है कि वह ठगी की रकम को छिपाने और उसे ठिकाने लगाने में मदद कर रहा था। मस्तूरी थाने के मल्हार पुलिस सहायता केंद्र में जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
Read more

रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
Read more

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।
Read more
1 2 3 4 … 23

Trending News

Editor's Picks

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 49 ट्रेनें 27 नवंबर से 17 दिसंबर तक रद्द, साउथ बिहार एक्सप्रेस भी प्रभावित

छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली रेलगाड़ियों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे के झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में काम के चलते 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 तक अलग-अलग तारीखों में 49 एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस का परिचालन राउरकेला तक सीमित रहेगा, जबकि उत्कल एक्सप्रेस के रूट में भी बदलाव किया गया है। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें भी प्रभावित होंगी। वहीं, पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 14 दिसंबर को निर्धारित समय से दो घंटे देरी से रवाना होगी। साउथ बिहार एक्सप्रेस राउरकेला तक ही चलेगी रेलवे के दिए गए विवरण के मुताबिक, आरा-दुर्ग और दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस का परिचालन निर्धारित तारीखों पर आंशिक रूप से रद्द रहेगा। इस बदलाव के कारण इन तारीखों पर दुर्ग और राउरकेला के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। आजाद हिंद एक्सप्रेस दो घंटे देरी से चलेगी 14 दिसंबर 2026 को पुणे से रवाना होने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे देरी से चलेगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की अपडेटेड स्थिति और प्रस्थान समय की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। सफर से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें रेलवे यार्ड में होने वाले काम के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया जा रहा है। ऐसे में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को अपनी ट्रेन की तारीख, रूट और समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए। ट्रेन की ताजा स्थिति जानने के लिए रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा NTES या हेल्पलाइन नंबर 139 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Jio Platforms IPO का आज आखिरी दिन, 20 गुना सब्सक्राइब होने का दावा; GMP से ₹1,377 पर लिस्टिंग के संकेत

Jio Platforms के IPO में बोली लगाने का आज आखिरी दिन है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू अब तक करीब 20 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। संस्थागत निवेशकों की ओर से जबरदस्त मांग देखने को मिली है, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.69 गुना सब्सक्राइब हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह IPO एक करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार करने वाला दुनिया का पहला इश्यू बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था, जिसके IPO को करीब 97 लाख आवेदन मिले थे। नोट: IPO के सब्सक्रिप्शन आंकड़े, आवेदन संख्या और बोली की अंतिम समयसीमा को निवेश करने से पहले आधिकारिक एक्सचेंज या रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जरूर जांच लें। पहले दिन ही 3 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO दिए गए आंकड़ों के अनुसार, IPO के पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को ही इश्यू 3.02 गुना सब्सक्राइब हो गया था। 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं। दूसरे दिन संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी के चलते सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 3.50 गुना से आगे निकल गया था। इसके बाद भी इश्यू में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने का दावा किया गया है। IPO में न्यूनतम ₹13,428 लगाने होंगे Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर बताया गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, एक लॉट में 12 शेयर शामिल हैं। अपर प्राइस बैंड के आधार पर एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹13,428 लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन करने पर करीब ₹1.88 लाख की राशि लगेगी। आवेदन से पहले आधिकारिक IPO दस्तावेजों में लॉट साइज और निवेश की सीमा की पुष्टि करना जरूरी है। GMP के आधार पर ₹1,377 पर लिस्टिंग का अनुमान IPO की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम (GMP) ₹258 प्रति शेयर, यानी करीब 23% बताया गया है। अगर अपर प्राइस बैंड ₹1,119 और GMP ₹258 को जोड़ें, तो संभावित लिस्टिंग कीमत ₹1,377 बनती है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है। इसके आधार पर लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती। वास्तविक कीमत लिस्टिंग के दिन बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी। एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़ जुटाने का दावा दिए गए विवरण के अनुसार, Jio Platforms इस IPO के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू खुलने से पहले एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित करके ₹8,110 करोड़ जुटाए जाने की जानकारी दी गई है। एंकर निवेशकों को आवंटन के बाद आम निवेशकों और अन्य पात्र श्रेणियों के लिए करीब ₹22,103 करोड़ का शुद्ध इश्यू रहने का दावा किया गया है। IPO से मिलने वाली रकम का कहां होगा इस्तेमाल? IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की प्रमुख सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Limited (RJIL) के कर्ज के भुगतान के लिए किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, राशि का एक हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर भी खर्च किया जाएगा। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रह सकती है। वहीं, सार्वजनिक शेयरधारिता 33.57% से बढ़कर 35.52% होने का अनुमान है। क्या होती है एंकर बुक? IPO में एंकर बुक संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा होता है। इसमें म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशक और बीमा कंपनियों जैसे बड़े निवेशकों को आम जनता के लिए IPO खुलने से पहले शेयर आवंटित किए जा सकते हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी से इश्यू के प्रति संस्थागत मांग का संकेत मिल सकता है। हालांकि, बड़े निवेशकों का निवेश भी इस बात की गारंटी नहीं है कि शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफा ही होगा या भविष्य में उसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा।

भोपाल में शिक्षिका के निलंबन की मांग पर फिर धरने पर बैठे छात्र, बोले- अब करेंगे सड़क जाम

भोपाल के मिसरोद स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को फिर प्रदर्शन किया। विद्यार्थी स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठ गए और हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षिका बविता कुशवाहा को तत्काल निलंबित करने की मांग की। विद्यार्थियों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर वे सड़क जाम करेंगे। 5 अक्टूबर को भी किया था प्रदर्शन विद्यार्थियों के मुताबिक, उन्होंने 5 अक्टूबर को भी शिक्षिका के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके निलंबन की मांग की थी। उस समय जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका का स्थानांतरण कर मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। विद्यार्थियों का आरोप है कि जांच के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में उन्होंने दोबारा प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों की तीन प्रमुख मांगें प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: जांच को प्रभावित करने का भी आरोप विद्यार्थियों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए शिक्षिका पर कथित राजनीतिक प्रभाव के जरिए जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर वे सड़क जाम कर प्रदर्शन करेंगे।

भारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में लिया संन्यास, अब युवा खिलाड़ियों को देंगी ट्रेनिंग

भारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है। आंध्र प्रदेश की रहने वाली मेघना ने साल 2016 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। अपने करियर में उन्होंने 3 वनडे और 17 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। इसके अलावा, वह महिला प्रीमियर लीग (WPL) के तीन सीजन में भी मैदान पर उतरीं। संन्यास के बाद मेघना युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने और क्रिकेट के विकास में योगदान करना चाहती हैं। अब युवा खिलाड़ियों को तैयार करना चाहती हैं मेघना संन्यास की घोषणा करते हुए मेघना ने कहा कि क्रिकेट का मैदान उनके लिए दूसरे घर जैसा रहा है। इस खेल ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहना सिखाया और ऐसी दोस्तियां दीं, जिन्हें वह जीवनभर याद रखेंगी। मेघना ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ी के रूप में उनका सफर भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव बना रहेगा। वह भविष्य में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और उन्हें सही दिशा दिखाने में अपनी भूमिका निभाना चाहती हैं। 20 साल की उम्र में किया था इंटरनेशनल डेब्यू मेघना ने 20 नवंबर 2016 को वेस्टइंडीज के खिलाफ विजयवाड़ा में टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से डेब्यू किया था। अपने पहले मैच में उन्होंने 16 गेंदों पर 17 रन बनाए, हालांकि भारतीय टीम को 31 रन से हार का सामना करना पड़ा। वनडे इंटरनेशनल में उन्हें पदार्पण का मौका करीब पांच साल बाद मिला। फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के क्वीन्सटाउन में उन्होंने अपना पहला वनडे खेला। इस मुकाबले में मेघना 14 गेंदों पर सिर्फ 4 रन बना सकीं। हालांकि, अगले दो मैचों में उन्होंने शानदार वापसी की। दूसरे वनडे में 50 गेंदों पर 49 रन बनाए, जबकि तीसरे वनडे में 41 गेंदों पर 61 रन की पारी खेली। घरेलू क्रिकेट में भी दिखाया दम इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने के लिए मेघना ने घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया। 2021-22 के सीनियर महिला वनडे टूर्नामेंट में रेलवे की ओर से खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 388 रन बनाए और प्रतियोगिता की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। इस दौरान मेघना ने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए। टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 142 रन रहा। एशिया कप विजेता टीम का हिस्सा रहीं मेघना भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं, जिसने 2016 और 2022 में महिला टी-20 एशिया कप का खिताब जीता था। साल 2022 में उन्हें बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली। यह टूर्नामेंट भारतीय महिला क्रिकेट के लिए खास था, क्योंकि पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला टी-20 क्रिकेट को शामिल किया गया था। भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिली और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 17 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में बनाए 258 रन मेघना ने भारत के लिए 17 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 258 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 69 रन रहा और उन्होंने एक अर्धशतक लगाया। उनका आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला अक्टूबर 2022 में थाईलैंड के खिलाफ था। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। WPL में गुजरात जायंट्स से शुरुआत, RCB के साथ जीता खिताब इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा मेघना ने महिला प्रीमियर लीग में भी हिस्सा लिया। उन्होंने 2023 में WPL के पहले सीजन में गुजरात जायंट्स की ओर से खेलना शुरू किया। इसके बाद वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से जुड़ीं और 2024 तथा 2025 के सीजन में टीम का हिस्सा रहीं। मेघना ने WPL में कुल 15 मैच खेले, जिनमें 302 रन बनाए। इस लीग में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 53 रन रहा। RCB के साथ रहते हुए उन्होंने टीम की खिताबी सफलता भी देखी।
SIR

Delhi SIR Protest: बंगला साहिब के पास प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे

दिल्ली में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर विरोध तेज होता नजर आ रहा है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास प्रदर्शनकारियों ने जुटकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया। इसे देखते हुए पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। इस प्रदर्शन के केंद्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया है। आंदोलन से जुड़े संगठन इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। Delhi Protest: बंगला साहिब के पास जुटे प्रदर्शनकारी SIR के विरोध में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों के जुटने के लिए बंगला साहिब गुरुद्वारे के आसपास, गोल डाकखाना और गोल मार्केट जैसे स्थानों का जिक्र किया गया। आंदोलन से जुड़े लोगों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकालने की योजना बनाई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ मार्च निकालने और अपनी मांगें उठाने की बात कही। आयोजकों की योजना के मुताबिक, मार्च रोके जाने की स्थिति में शांतिपूर्ण सभा करने का विकल्प भी रखा गया था। SIR Controversy: आखिर क्यों हो रहा है विरोध? SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन करना और सूची को अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर कई संगठनों ने चिंता जताई है। प्रदर्शन कर रहे संगठनों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा है। उनका कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। आंदोलन से जुड़े कुछ संगठनों ने मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.41 करोड़ लोगों के नाम और मतदान अधिकार बहाल करने की मांग उठाई है। यह आंकड़ा संगठनों का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। Election Commission से प्रदर्शनकारियों की क्या मांगें हैं? SIR के विरोध में उतरे संगठनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: इन मांगों के जरिए प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग पर दबाव बनाना चाहते हैं। हालांकि, इन मांगों पर आयोग की ओर से किसी नए आधिकारिक फैसले या प्रतिक्रिया की पुष्टि होने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। Delhi Police Alert: बैरिकेडिंग और Traffic Advisory प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संबंधित इलाकों में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। चुनाव आयोग की ओर जाने वाले रास्तों पर भीड़ और यातायात की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। यातायात प्रतिबंधों या रूट डायवर्जन के कारण आम लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में इन इलाकों से गुजरने वाले लोगों को निकलने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ताजा एडवाइजरी देखनी चाहिए और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करनी चाहिए। पहले भी उठ चुका है SIR का मुद्दा SIR को लेकर दिल्ली में पहले भी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली है। आंदोलन से जुड़े संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, SIR के उद्देश्य और इसके क्रियान्वयन को लेकर जारी बहस में मतदाता सूची की शुद्धता, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। आगे क्या होगा? दिल्ली में इस प्रदर्शन के बाद अब सबकी नजर चुनाव आयोग तक मार्च की स्थिति और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर होने वाली प्रतिक्रिया पर है। पुलिस की ओर से मार्च को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और चुनाव आयोग इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान देता है या नहीं, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने SIR के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया के साथ पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.