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Road Accident

Chhattisgarh Road Accident: खरोरा में भीषण दुर्घटना, 14 की मौत, ₹50 लाख मुआवजा घोषित

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र में 12 मई 2025 की रात एक भीषण सड़क दुर्घटना (Road Accident) हुई, जिसमें 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रायपुर-बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पर सारागांव के पास देर रात करीब 11:30 बजे हुआ, जब एक स्वराज माजदा वाहन और ट्रेलर के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। क्या हुआ Road Accident में? मिली जानकारी के अनुसार, सभी लोग एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में मरने वालों में 9 महिलाएं, 3 बच्चे और एक दुधमुंही बच्ची शामिल हैं। यह दृश्य बेहद हृदयविदारक था। घायलों का इलाज और प्रशासन की कार्रवाई हादसे के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस पहुंची। घायलों को रायपुर के डॉ. अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन की ओर से घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने जताया शोक, की राहत राशि की घोषणा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस दुखद दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाए। आरोपी ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार पुलिस ने ट्रेलर चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या (IPC 304A) का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में बताया गया है कि ट्रेलर तेज रफ्तार में था और नियंत्रण खोने से यह हादसा हुआ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हिंदू छात्रों से नमाज पढ़वाई…प्रोफेसर गिरफ्तार:पुलिस बोली- कोआर्डिनेटर ने सबूत को प्रभावित किया, बिलासपुर में हिंदूवादी संगठन के विरोध-प्रदर्शन के बाद 8 पर FIR

बिलासपुर | गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित NSS कैंप के दौरान हिंदू छात्रों से जबरन नमाज पढ़वाने के आरोप में NSS को-ऑर्डिनेटर प्रोफेसर दिलीप झा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि ईद के दिन आयोजित कैंप में कुल 159 छात्र मौजूद थे, जिनमें से सिर्फ 4 मुस्लिम छात्र थे। बाकी 155 हिंदू छात्रों से कथित रूप से जबरन नमाज अदा करवाई गई। इस घटना के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी में हंगामा मच गया। हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, कार्रवाई की चेतावनी जैसे ही मामला सामने आया, हिंदूवादी संगठनों ने विश्वविद्यालय का घेराव किया और सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके दबाव में आकर कोटा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। छात्रों ने लगाए धमकी के आरोप कई छात्रों ने शिकायत में बताया कि जब उन्होंने नमाज पढ़ने से इनकार किया तो उन्हें सर्टिफिकेट न देने की धमकी दी गई। छात्रों ने कोनी थाने में NSS प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. बसंत कुमार, प्रो. दिलीप झा और अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रोफेसर बोले – कैंप में था ही नहीं, फंसाया जा रहा है इस मामले में प्रोफेसर दिलीप झा का कहना है कि वह उस NSS कैंप में मौजूद ही नहीं थे और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें न नमाज की जानकारी थी और न ही कैंप को-ऑर्डिनेटर ने इस बारे में कुछ बताया। पुलिस का दावा – साक्ष्य प्रभावित करने की कोशिश की गई सीएसपी एवं मीडिया प्रभारी रश्मित कौर चावला ने बताया कि जांच में प्रो. दिलीप झा सहित आठ लोगों पर संगीन आरोप सिद्ध हुए हैं। इनमें डॉ. मधुलिका सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, डॉ. नीरज कुमारी, डॉ. प्रशांत वैष्णव, डॉ. सूर्यभान सिंह, डॉ. बसंत कुमार और टीम लीडर आयुष्मान चौधरी के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और साक्ष्य को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। इसी आधार पर प्रोफेसर दिलीप झा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। देश हरपाल की नजर:https://deshharpal.com/ शैक्षणिक संस्थानों में धर्म को लेकर जबरदस्ती या पक्षपात का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। ऐसी घटनाओं पर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
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आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को बच्चों के सामने मारी-गोली:रायपुर-भिलाई के 70 लोग फंसे, श्रीनगर में सुरक्षित ठहराया गया, पहलगाम में बाजार-पर्यटन स्थल बंद

पहलगाम में आतंक का कहर: रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया की गोली मारकर हत्या, परिवार के सामने हुई वारदात जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में मंगलवार का दिन खून से लाल हो गया। छुट्टियां मनाने गए रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की आतंकियों ने उनके परिवार के सामने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना बैसरन घाटी में हुई, जहाँ वह पत्नी और बच्चों के साथ शादी की सालगिरह मना रहे थे। दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के सामने ही आतंकियों ने उनका नाम पूछा और फिर गोली चला दी। गोली लगने के बाद उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हमले के बाद अफरा-तफरी का माहौल हमले की खबर मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सेना ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया और पहलगाम को खाली कराया गया। सभी दुकानों और पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया गया। पर्यटकों को होटल में सुरक्षित ठहराया गया है। पीड़ित परिवार से मिले गृह मंत्री, PM और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया गृह मंत्री अमित शाह ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी घटना की कड़ी निंदा की है और पीड़ितों के साथ संवेदना जताई है। राज्य सरकार का ऐलान – मृतकों को मुआवजा जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। गंभीर घायलों को 2 लाख और मामूली घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। हमले में 27 टूरिस्टों की मौत, लश्कर-ए-तैयबा ने ली जिम्मेदारी इस आतंकी हमले में कुल 27 लोगों की जान चली गई, जिनमें विदेशी पर्यटक और कई राज्यों से आए लोग शामिल हैं। हमला दोपहर करीब 2:45 बजे हुआ। आतंकियों ने एक-एक कर पर्यटकों से नाम पूछे और उन्हें गोली मार दी। इस जघन्य हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली है। https://deshharpal.com/ की संवेदना DeshHarpal शोक संतप्त परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़ा है और शांति की कामना करता है। हमारी अपील है कि आतंक के खिलाफ देश एकजुट हो, ताकि फिर कभी किसी का परिवार इस तरह ना उजड़े।
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गोलीबारी के बाद मची अफरातफरी…इंजीनियर ने बताई आंखो देखी:बिलासपुर निगम के CE बोले-जवान के गोली मारने की फैली अफवाह, बंद कर दी गई दुकानें, कर्फ्यू सा नजारा

“पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटकों में मची अफरातफरी, बिलासपुर से गए अधिकारी बोले- ‘हम उसी जगह जाने वाले थे'” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के दौरान मची अफरातफरी का ज़िक्र करते हुए बिलासपुर नगर निगम के चीफ इंजीनियर राजकुमार मिश्रा ने DeshHarpal को बताया कि उनका परिवार भी उसी वक्त वहां मौजूद था — और जहां हमला हुआ, वहीं जाने की उनकी योजना थी। “हम सब पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ पल डराने वाले थे” — राजकुमार मिश्रा राजकुमार मिश्रा, जो श्रीनगर में ट्रेनिंग के सिलसिले में गए थे, 21 अप्रैल की रात अपने परिवार के साथ पहलगाम पहुंचे थे। उनके साथ स्मार्ट सिटी मैनेजर एसपी साहू, उनकी पत्नी रितु साहू और मिश्रा जी की पत्नी मंजू मिश्रा, बेटियां खुशी और ख्याति मिश्रा भी थीं। हमले से पहले तक सब सामान्य था, फिर पल में बदला माहौल मिश्रा ने बताया कि पहलगाम में 22 अप्रैल को बैसरन जाने की उनकी योजना थी — और दुर्भाग्य से वही इलाका हमले की चपेट में आया। उन्होंने कहा: “हम जैसे ही निकलने की सोच रहे थे, तभी हमला हुआ। सेना ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी रास्ते बंद कर दिए और हमें होटल में रोक लिया गया।” अफवाह, अफरातफरी और अचानक पसरा सन्नाटा हमले के तुरंत बाद पहले अफवाह फैली कि किसी स्थानीय को सेना ने गोली मार दी है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते सभी दुकानें बंद हो गईं और कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया। “चारों तरफ अफरातफरी थी। पर्यटक अपने होटल लौटने की जल्दी में थे। सेना हर कोने पर तैनात थी।” – मिश्रा सुरक्षित वापसी की तैयारी में मिश्रा परिवार मिश्रा ने बताया कि होटल स्टाफ और सुरक्षाबलों ने उनके परिवार की पूरी मदद की। सभी सुरक्षित हैं और अब बिलासपुर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि पहलगाम के खूबसूरत नज़ारे अब डर और चिंता की यादों से जुड़ गए हैं। https://deshharpal.com/DeshHarpal की विशेष रिपोर्ट: एक बार फिर आतंक ने कश्मीर की वादियों को दहला दिया है। जहां एक तरफ देश आतंक के खिलाफ खड़ा है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटक और आम लोग हर पल सुरक्षा के भरोसे जी रहे हैं।
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Amit Shah Visit to Dantewada:बस्तर में अमित शाह का गरिमामय स्वागत,

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़), देश हरपल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव में शामिल हुए। यहां उनके स्वागत के लिए खास इंतज़ाम किए गए थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें गौर सींग मुकुट पहनाकर सम्मानित किया और कोंडागांव की विश्वप्रसिद्ध ढोकरा आर्ट की कलाकृति भेंट की। साथ ही बस्तर पंडुम का प्रतीक चिह्न भी उन्हें प्रदान किया गया। बस्तर पंडुम एक पारंपरिक आदिवासी उत्सव है, जो बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने लाने का माध्यम बनता जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन और भी भव्य रूप में सामने आया, जिसमें ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों के 27 हजार कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “जहां पहले गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, अब वहां स्कूल की घंटियां बज रही हैं।” उन्होंने कहा कि यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी के ‘डबल इंजन सरकार’ के संकल्प और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों की मेहनत का परिणाम है। इससे पहले गृहमंत्री शाह जगदलपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा दंतेवाड़ा पहुंचे और मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन कर राज्य और बस्तर की शांति व समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि “मां दंतेश्वरी की पूजा कर हमने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।” सीएम साय ने कहा कि बस्तर में विकास की नई रफ्तार देखी जा रही है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी मंच साझा करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि अगले एक साल में बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाए।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के कैंप खुलने से गांवों में शांति और शिक्षा का माहौल बन रहा है। बस्तर पंडुम का यह आयोजन न सिर्फ एक सांस्कृतिक पर्व बन गया है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि बस्तर अब भय नहीं, उत्सव की धरती है। जहां पहले नक्सलवाद की छाया थी, अब वहां विकास और विश्वास का उजाला फैल रहा है।
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रायपुर निगम में 1529 करोड़ का बजट पेश:4 नए फ्लाई ओवर, 3 विमेंस हॉस्टल, रेस्ट रूम में सेनेटरी वेंडिंग मशीन, बेबी फीडिंग की सुविधा

रायपुर नगर निगम का बजट पेश: शहर को मिलेंगे नए फ्लाईओवर, वर्किंग वुमन हॉस्टल और प्ले जोन रायपुर नगर निगम में मेयर मीनल चौबे ने 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपये का बजट पेश किया है। इस बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 4 नए फ्लाईओवर बनेंगे, यातायात होगा सुगम शहर के चार प्रमुख स्थानों पर नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे—✅ उद्योग भवन✅ राजेंद्र नगर✅ सरोना✅ तेलीबांधा चौक ➡️ इन फ्लाईओवरों से यातायात सुगम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं 🔹 तीन जगहों पर वर्किंग वुमन हॉस्टल और विमेन रेस्ट रूम बनाए जाएंगे।🔹 इनमें सेनेटरी वेंडिंग मशीन और बेबी फीडिंग रूम की सुविधा होगी।🔹 पब्लिक प्लेस पर महिला सुरक्षा के लिए सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे, जिसके लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। युवाओं और बच्चों के लिए नई योजनाएं 📚 युवाओं के लिए आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी।🎠 बच्चों के लिए प्ले जोन विकसित किए जाएंगे। स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा डिजिटल ट्रेनिंग 🔸 स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।🔸 वेंडिंग जोन को विकसित किया जाएगा और मार्केट डेवलपमेंट प्लान के तहत बाजारों का विस्तार होगा। छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो वाली फाइल में पेश किया गया बजट 📌 मेयर मीनल चौबे बजट को पीले रंग की मखमली फाइल में लेकर निगम कार्यालय पहुंचीं।📌 इस फाइल पर छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो छपी थी, जो संस्कृति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक है। ➡️ इस बजट से रायपुर में कितना बदलाव आएगा? अपनी राय कमेंट करें!📲 https://deshharpal.com/ से जुड़ें और ताज़ा खबरों के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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इंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा

इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन जारी है। 5 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने अपने आंदोलन को ‘Gen Z Protest 2.0’ नाम दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। 19 अक्टूबर को भंवरकुआं चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समय रहते हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा गया। रिहा होने के बाद युवाओं ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुटने की अपील की गई थी। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान और महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियों के जरिए अपनी मांगें भी रखीं। 50-60 पुलिसकर्मियों ने हटाया, प्रदर्शनकारी का दावा प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता के मुताबिक, 19 अक्टूबर को वह अपने 10 साथियों के साथ भंवरकुआं चौराहे पर पहुंचे थे। उनके पास पेट्रोल से भरी बोतलें थीं और वे आत्मदाह करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटा दिया। योगित ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें आत्मदाह करने से रोकने के बाद करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और वे अपनी मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Neha Bora

Neha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा

दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। 22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) ने साफ कहा कि उन्होंने कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के लिए न तो कोई कॉल दिया और न ही वह वहां गई थीं। उनके इस बयान के बाद CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Neha Bora की ओर से अदालत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि जिस प्रदर्शन से उन्हें जोड़कर कार्रवाई की गई, उसमें उनकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। Delhi High Court में नेहा बोरा ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद नहीं थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष के मुताबिक, नेहा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया और उसके बाद जारी किए गए नोटिस के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताया गया। नेहा बोरा ने अदालत में पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने की शर्त रखी गई थी। क्या है Neha Bora और CJP प्रदर्शन का पूरा मामला? यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़ा है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध दर्ज कराने की योजना थी। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें शांति बनाए रखने के लिए मुचलका देने से संबंधित नोटिस जारी किया गया। नेहा की ओर से अदालत में कहा गया कि मंडी हाउस में प्रस्तावित सभा और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को एक ही मामला मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस के कदम को चुनौती देते हुए नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को भी मिली राहत CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका का नाम भी चर्चा में है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर को दोनों की रिहाई का आदेश दिया गया। इसके लिए उन्हें निजी और जमानती मुचलके भरने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने को कहा गया। दोनों नेताओं की हिरासत और नेहा बोरा की याचिका ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। SIR Controversy: क्यों हो रहा है विरोध? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों से मुचलका भरवाने जैसे मुद्दे अदालत तक पहुंच गए हैं। अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की ओर से पुलिस के नोटिस और हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही अहम होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि हाईकोर्ट ने नेहा बोरा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है या पुलिस का नोटिस रद्द कर दिया है। मामले में अंतिम आदेश की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

न्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ साझेदारी की थी। हालांकि, अब न्यूजीलैंड क्रिकेट घरेलू क्रिकेट और अपने संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई प्रमुख खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे नाम शामिल हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी साझेदारी की घोषणा न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की प्रस्तावित दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में सहयोग देना था। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध करानी थी। हालांकि, अब बोर्ड ने इस योजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी के उद्देश्य और महत्वाकांक्षा पर भरोसा है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता तथा विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में दोनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की NZ20 टी-20 लीग भी टली न्यूजीलैंड में प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। इस लीग की योजना मौजूदा सुपर स्मैश टूर्नामेंट की जगह एक नई प्रतियोगिता शुरू करने की थी। पहले NZ20 को जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। इससे न्यूजीलैंड क्रिकेट की घरेलू टी-20 प्रतियोगिता की योजनाओं में भी बदलाव हुआ है।

Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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