आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGछत्तीसगढ़बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरेBREAKINGमध्य प्रदेशगुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफBREAKINGदेश-हरपलCJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलतBREAKINGदेश-हरपलराहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’BREAKINGदेश-हरपलEducation पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’BREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत Positive, दो मांगों पर बनी सहमति; प्रधान के इस्तीफे पर कल फैसलाBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand LetterBREAKINGMore NewsChatGPT New Feature: मेडिकल रिपोर्ट समझना हुआ आसान, AI देगा Health Report की पूरी जानकारीBREAKINGछत्तीसगढ़बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरेBREAKINGमध्य प्रदेशगुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफBREAKINGदेश-हरपलCJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलतBREAKINGदेश-हरपलराहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’BREAKINGदेश-हरपलEducation पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’BREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत Positive, दो मांगों पर बनी सहमति; प्रधान के इस्तीफे पर कल फैसलाBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand LetterBREAKINGMore NewsChatGPT New Feature: मेडिकल रिपोर्ट समझना हुआ आसान, AI देगा Health Report की पूरी जानकारी

NE

News Elementor

Latest Posts

बिलासपुर रेल हादसा: एक और छात्रा की मौत, अब तक 12 लोगों की जान गई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल हादसे में घायल कॉलेज छात्रा महविश परवीन (19) ने एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या 12 पहुंच गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल थी छात्रा महविश बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी गणित की नियमित छात्रा थी। वह जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा की रहने वाली थी और बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करती थी।4 नवंबर को वह रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर घर से कोरबा-बिलासपुर मेमू ट्रेन से लौट रही थी। लालखदान स्टेशन के पास यह ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। महविश ट्रेन के महिला कोच में सवार थी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसके दोनों पैर लोहे के एंगल के नीचे दब गए और कई जगह फ्रैक्चर हो गए। झटके के कारण उसकी कॉलर बोन और पसलियों की चार हड्डियां भी टूट गईं। घटना के तुरंत बाद उसे सिम्स लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। एक सप्ताह तक जिंदगी से लड़ती रही, फिर मौत ने छीन ली जिंदगी अपोलो अस्पताल में डॉक्टर लगातार उसका इलाज कर रहे थे, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।मंगलवार रात इलाज के दौरान महविश ने अंतिम सांस ली। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जो उसे लेकर अकलतरा रवाना हो गए। दिल की मरीज रह चुकी थी महविश, भाई की शादी में गई थी घर महविश के चाचा मोहम्मद रहमान ने बताया कि बचपन में उसे हृदय संबंधी बीमारी थी और रायपुर के एस्कॉर्ट अस्पताल में उसकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी थी।12वीं के बाद उसे बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में दाखिला दिलाया गया था।वह अपने चचेरे भाई की शादी के लिए घर गई थी — शादी 2 नवंबर को हुई थी और 4 नवंबर को वह बिलासपुर लौट रही थी, तभी यह हादसा हो गया। मुआवजे के लिए फर्जी दावा करने की कोशिश का खुलासा इस बीच, सोमवार को एक अन्य व्यक्ति पवन गढ़ेवाल को मृत अवस्था में सिम्स लाया गया।साथ आए लोगों ने दावा किया कि वह भी इसी रेल हादसे में घायल था। लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि पवन की कोई मेडिकल हिस्ट्री या इलाज का रिकॉर्ड नहीं मिला।सीएसपी गगन कुमार ने बताया कि मुआवजे के लिए उसकी मौत को रेल हादसे से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। रेल हादसे की जांच अब भी जारी है, जबकि मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों के इलाज की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन ने ली है। 🔗 अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: www.deshharpal.com — सच्ची खबरें, संवेदनशील अंदाज में
Read more

बिलासपुर में हाईकोर्ट वकील की संदिग्ध मौत: परिजनों और अधिवक्ताओं ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के वकील राहुल अग्रवाल की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे आत्महत्या या हादसा बता रही है, लेकिन परिवार और साथी वकील इसे संदिग्ध मान रहे हैं। अब वकीलों ने कलेक्टर और एसएसपी से मिलकर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) बनाने की मांग की है। घटना की रात घर नहीं लौटे राहुल, 22 घंटे बाद नदी में मिला शव जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय वकील राहुल अग्रवाल 10 नवंबर की रात करीब एक बजे अपने साथी वकील के घर से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन उनकी बाइक पुराने अरपा पुल के पास संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। इसके करीब 22 घंटे बाद राहुल की लाश अरपा नदी से बरामद हुई। उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया। वकीलों ने जताई हत्या की आशंका वकीलों का कहना है कि यह न तो आत्महत्या है और न ही कोई साधारण हादसा। उनके अनुसार, यह किसी “संदेहास्पद या अप्राकृतिक कारण” से हुई मौत है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस की जांच कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रही है, जिससे परिवार और कानूनी समुदाय दोनों ही असंतुष्ट हैं। स्पेशल टीम से जांच की मांग अधिवक्ताओं के एक दल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। घटना से पहले क्या हुआ था राहुल अग्रवाल, जो मूल रूप से भाटापारा के रहने वाले थे, पिछले 7-8 साल से बिलासपुर के मंगला स्थित ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। 6 नवंबर को वे हाईकोर्ट में प्रेक्टिस के लिए गए थे। शाम को नेहरू चौक पर अपने दोस्त मुकेश राठिया से मिले, फिर दोनों सिरगिट्टी स्थित महिंद्रा शोरूम से कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की। इसके बाद वे मुकेश के मोपका स्थित घर गए, जहां एक और दोस्त अभिषेक आचार्य भी थोड़ी देर के लिए आया। इसके बाद राहुल घर नहीं लौटे, और अगली सुबह उनकी लाश नदी में मिली। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Read more

बिलासपुर में हाईकोर्ट वकील ने अरपा पुल से लगाई छलांग, प्रेमिका की सगाई से था दुखी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील राहुल अग्रवाल (30) ने अरपा नदी पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि राहुल अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी सगाई किसी और से हो गई, जिससे वह मानसिक तनाव में था। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। गुरुवार रात से लापता, शुक्रवार को नदी में मिला शव राहुल अग्रवाल भाटापारा का रहने वाला था और पिछले कई सालों से बिलासपुर की ग्रीन गार्डन कॉलोनी, मंगला में रह रहा था। गुरुवार को वह रोज़ की तरह हाईकोर्ट गया था। शाम को उसने अपने दोस्त मुकेश राठिया से मुलाकात की और दोनों ने सिरगिट्टी और ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में साथ समय बिताया। देर रात 1.30 बजे राहुल ने घर जाने की बात कही और बाइक से निकल गया, लेकिन घर नहीं पहुंचा। सुबह जब राहुल का फोन बंद मिला तो परिजनों को शक हुआ। उन्होंने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की और रामसेतु ब्रिज पर राहुल की बाइक लावारिस हालत में खड़ी मिली। इसके बाद उसके नदी में कूदने की आशंका जताई गई। अरपा नदी से बरामद हुआ शव शुक्रवार की रात करीब 10.30 बजे कुछ युवकों ने अरपा नदी में एक शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस और SDRF टीम ने रात करीब 1 बजे शव को बाहर निकाला। दोस्तों ने टी-शर्ट देखकर शव की पहचान राहुल अग्रवाल के रूप में की। प्रेमिका की सगाई से टूट गया था राहुल पुलिस जांच में पता चला कि राहुल का एक लड़की से प्रेम संबंध था और वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन लड़की के परिवार ने उसकी सगाई किसी और जगह तय कर दी, जिससे राहुल गहरे तनाव में था।परिवार और दोस्तों का कहना है कि यही कारण हो सकता है कि उसने यह कदम उठाया। पढ़ाई और करियर राहुल ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई (2013–2018) की थी। कुछ साल तक वह एक महिला वकील के साथ एसोसिएट के रूप में काम करता रहा, बाद में उसने स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस शुरू की थी। पुलिस जांच जारी सिटी कोतवाली टीआई देवेश सिंह राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारणों का पता चल सकेगा। 🔸 For more such news and updates, visit www.deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ सरकार NEET-PG में 25 लाख रुपए की NOC शर्त बदल सकती है – छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में NEET-PG स्टेट काउंसलिंग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार उन नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिनके तहत सरकारी सेवा कर रहे डॉक्टरों को NOC के लिए 25 लाख रुपए की जमीन या FD बतौर सुरक्षा जमा करनी पड़ती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि, “यह नियम पिछली सरकार के समय लागू किया गया था। वर्तमान सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। छात्रों से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सभी के हित में समाधान निकाला जाएगा।” 25 लाख रुपए की शर्त से छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं NEET-PG में चयनित कई सरकारी डॉक्टर इस शर्त के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कई के पास इतनी संपत्ति या नकदी नहीं है कि वे बॉन्ड की शर्त पूरी कर सकें। डॉ लक्ष्य शर्मा, जो पिछले 7 महीने से सुकमा में ड्यूटी कर रहे हैं, ने बताया — “मेरी NEET में 20,000 रैंक आई है। मैं पीजी करना चाहता हूं, लेकिन गांव की जमीन पर पहले से लोन है और FD के लिए पैसे नहीं हैं। माता-पिता ने कह दिया कि इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते, इसलिए पढ़ाई छोड़ दो।” वहीं अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की डॉ आफरीन खान ने कहा, “हम दो साल की बॉन्ड पोस्टिंग की शर्त पूरी करने को तैयार हैं। मैंने एक साल पूरा भी कर लिया है, लेकिन 25 लाख की संपत्ति जुटाना हमारे लिए असंभव है।” डॉक्टर फेडरेशन ने कहा – नियम संविधान के खिलाफ छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने इस नियम को आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के खिलाफ बताया है। संगठन का कहना है कि यह शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।फेडरेशन ने मांग की है कि आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए नोटरी कृत एफिडेविट को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़: कॉलेज छात्रा के साथ दोस्ती के बहाने दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल, युवती हुई प्रेग्नेंट तो कराया गर्भपात

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सूरजपुर के रहने वाले एक युवक ने कॉलेज छात्रा से पहले दोस्ती की, फिर प्यार और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने युवती का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। जब युवती गर्भवती हुई, तो युवक ने धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया। पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, प्यार और शादी का झांसा बना जाल सरकंडा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय छात्रा ने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी पहचान सूरजपुर के मानपुर थाना क्षेत्र के जामा मस्जिद के पास रहने वाले साजिद अहमद (25) से हुई थी। साजिद भी सरकंडा में किराए के मकान में रहता था। सोशल मीडिया के जरिए दोनों की बात शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। किराए के घर में किया दुष्कर्म, छिपकर बनाया वीडियो फरवरी महीने में साजिद ने युवती को घूमाने के बहाने अपने किराए के घर बुलाया, जहां शादी का झूठा वादा कर उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से उसका अश्लील वीडियो बना लिया। 40 फोटो और वीडियो से करता रहा ब्लैकमेल आरोपी ने युवती के करीब 40 फोटो और वीडियो बनाकर धमकाना शुरू कर दिया। वह कहता था कि अगर उसने बात नहीं मानी तो ये वीडियो सोशल मीडिया और उसके परिचितों को भेज देगा। डर के कारण युवती लगातार उसके झांसे में आती रही और इसी दौरान वह प्रेग्नेंट हो गई। शादी का दबाव डालने पर कराया गर्भपात, दी जान से मारने की धमकी जब युवती ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया और बाद में जान से मारने की धमकी दी। मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी युवती ने आखिरकार अपनी मां को सारी बात बताई। फिर दोनों ने मिलकर सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार टीआई निलेश पांडेय ने बताया कि पुलिस ने आरोपी साजिद अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। For more information and latest updates, visit: www.deshharpal.com
Read more

बिलासपुर में पूर्व पार्षद पति से विवाद के बाद युवक की मौत, एक महीने बाद होनी थी शादी

बिलासपुर शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पूर्व पार्षद पति पूर्णानंद चंद्रा और युवक सिद्धार्थ पांडेय के बीच हुए विवाद के बाद युवक की अचानक मौत हो गई। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद सिद्धार्थ घर लौटा, जहां सीने में दर्द उठने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पैसों के विवाद से जुड़ा था झगड़ा जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों या जमीन के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात बंगालीपारा निवासी सिद्धार्थ और पूर्णानंद के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आरोप है कि पूर्व पार्षद पति ने सिद्धार्थ से धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत लेकर पहुंचा था थाने, नहीं हुई कार्रवाई घटना के बाद सिद्धार्थ सरकंडा थाने पहुंचा और पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने उसे मेडिकल जांच कराने को कहा, पर उसने मना कर दिया।इसके बाद वह घर लौट आया और थोड़ी देर बाद सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शादी से पहले मौत ने तोड़ा परिवार का दिल सिद्धार्थ पांडेय की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार खुशियों में डूबा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सबको सदमे में डाल दिया। जमीन और पैसों का पुराना विवाद शहर में चर्चा है कि सिद्धार्थ और पूर्णानंद चंद्रा के बीच जमीन के सौदे और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।बताया गया है कि एक सप्ताह पहले भी दोनों में कहासुनी हुई थी। सिद्धार्थ ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद थाने में लिखित आवेदन दिया था, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस बोली – हार्ट अटैक से हुई मौत सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने बताया कि प्राथमिक जांच में युवक की मौत हार्ट अटैक से होना सामने आई है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों की भी पुष्टि की जा रही है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ के वीर पुलिसकर्मियों की कहानियां: नक्सली से इंस्पेक्टर बने संजय पोटाम से लेकर जांबाज अफसरों का साहस

छत्तीसगढ़ में 11 पुलिस अफसर और जवानों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा में तैनात इंस्पेक्टर संजय पोटाम का नाम भी शामिल है। कभी नक्सलियों के खेमे में रहकर काम करने वाले संजय ने अत्याचार से तंग आकर आत्मसमर्पण किया और फिर पुलिस में शामिल होकर नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाला। संजय ने पहले पुलिस के लिए गुप्त सैनिक के रूप में काम शुरू किया। लगातार अभियानों में बहादुरी दिखाने के बाद वह कॉन्स्टेबल बने और सात साल में पाँच बार प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे। नक्सलियों के तौर-तरीकों की उनकी गहरी समझ ने कई ऑपरेशनों में पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई। रणनीति को उनके खिलाफ किया इस्तेमाल संजय ने नक्सलियों के बीच रहकर उनकी रणनीतियां और भागने के रास्ते समझे। जब वह पुलिस के साथ ऑपरेशन पर गए, तो इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर नक्सलियों को मात दी, जिससे कम नुकसान में बड़ी जीत मिली। दो महिला नक्सलियों को किया ढेर इंस्पेक्टर चैतराम गुरुपंच ने बताया कि 14 मार्च 2003 को कटे कल्याण इलाके में नक्सलियों के एंबुश में फंसने के बाद जवाबी कार्रवाई में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया गया। IED ब्लास्ट में घायल हुए जवान को बचाया हेड कॉन्स्टेबल दिनेश भास्कर ने एक ऑपरेशन में वीरता दिखाई, जब IED ब्लास्ट में एक आरक्षक के दोनों पैर उड़ गए। खतरनाक हालात में भी उन्होंने मोर्चा संभाला। रायपुर के इंस्पेक्टर भुनेश्वर कुमार साहू का साहस निरीक्षक साहू को भी वीरता पदक मिला। उन्होंने नक्सलियों से घिरे होने के बावजूद अपनी टीम का मनोबल बनाए रखा और जवाबी कार्रवाई में नेतृत्व किया। अब तक वह 25 से अधिक सफल नक्सल अभियानों का नेतृत्व कर चुके हैं। और खबरें पढ़ें: www.deshharpal.com
Read more

बिलासपुर में सिटी बस सेवा बंद होने पर हाईकोर्ट नाराज़, कलेक्टर और कमिश्नर से मांगा शपथपत्र

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शहर में सिटी बस सेवा बंद होने पर कड़ी नाराज़गी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने परिवहन सचिव से पूछा कि उन्होंने शपथपत्र में बसों को चालू बताकर झूठी जानकारी क्यों दी। इस पर परिवहन सचिव ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नगर निगम से मिली थी। कोर्ट ने कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिया है कि बसों की वैकल्पिक व्यवस्था होने तक उठाए गए कदम और सिटी बस सेवा का रोडमैप प्रस्तुत करें। कोर्ट में सवाल-जवाब गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान परिवहन सचिव एस प्रकाश हाईकोर्ट में मौजूद रहे। चीफ जस्टिस ने उनसे पूछा कि शपथपत्र में छह में से पांच सिटी बसें चालू होने का उल्लेख क्यों किया गया, जबकि हकीकत में बसें बंद हैं। सचिव ने बताया कि बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर ने 18 जुलाई को पत्र भेजकर उन्हें यह जानकारी दी थी, उसी आधार पर शपथपत्र दिया गया। भुगतान न होने से बंद हुई सेवा परिवहन सचिव ने कोर्ट को बताया कि नगर निगम के सचिव (कमिश्नर) ने जानकारी दी कि बस ऑपरेटर्स को भुगतान नहीं होने के कारण सिटी बस सेवा बंद हो गई है। राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और इस संबंध में शपथपत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा। कलेक्टर और कमिश्नर से व्यक्तिगत शपथपत्र की मांग सुनवाई में नगर निगम के वकील ने कहा कि निगम जल्द कदम उठाकर सिटी बस सेवा बहाल करेगा। इस पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर (समिति अध्यक्ष) और नगर निगम कमिश्नर (समिति सचिव) से व्यक्तिगत शपथपत्र देने के निर्देश दिए, जिसमें वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना का उल्लेख हो। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ में लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली, रायपुर से होगी शुरुआत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का ऐलान किया। सीएम की घोषणा के बाद अब पुलिस महकमे के अधिकारी इस आदेश को जल्द ही अमल में लाने की तैयारी में हैं। रायपुर में इसके लिए सेटअप लगभग तैयार है। लंबे समय से पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर चर्चा हो रही थी, जिसे अब औपचारिक रूप से लागू करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। रायपुर से होगी शुरुआत कमिश्नर प्रणाली 10 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों में लागू की जाएगी। साय सरकार ने पहले चरण में इसे रायपुर में शुरू करने का फैसला लिया है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे बिलासपुर, दुर्ग समेत अन्य बड़े जिलों में भी लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से पुलिस के अधिकार और निर्णय क्षमता में बढ़ोतरी होगी। पुलिस को स्वतंत्र फैसले लेने की शक्ति कमिश्नर प्रणाली में सीनियर पुलिस अधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सीधे कार्रवाई के अधिकार मिलते हैं। इससे अपराधियों पर तुरंत रोकथाम और कार्रवाई संभव होगी। प्रतिबंधात्मक आदेश से लेकर अपराध नियंत्रण तक, पुलिस स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकेगी। सेटअप और पदों का ढांचा कमिश्नर के अधिकार और फायदे कमिश्नर को कलेक्टर के कई अधिकार भी मिलेंगे। अब शांति भंग की आशंका में हिरासत, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका जैसी धाराएं पुलिस बिना कलेक्टर की अनुमति के लागू कर सकेगी। होटल, बार और हथियारों के लाइसेंस, धरना-प्रदर्शन की अनुमति, दंगों में बल प्रयोग और जमीन विवाद जैसे मामलों का निपटारा भी पुलिस स्तर पर हो सकेगा। कैसे करेगा काम कमिश्नर का मुख्यालय स्थापित किया जाएगा और एडीजी स्तर के आईपीएस को पुलिस कमिश्नर बनाया जाएगा। शहर को कई जोन में बांटा जाएगा, प्रत्येक जोन में डीसीपी तैनात होगा, जो अपने क्षेत्र का जिम्मा संभालेगा। इसके नीचे एसीपी होंगे, जो 2 से 4 थानों की निगरानी करेंगे। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Read more

बिलासपुर रेलवे जोन में टिकट माफिया पर बड़ा एक्शन, ढाई साल में 756 दलालों से 2.43 करोड़ के टिकट जब्त

बिलासपुर।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अवैध टिकट दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले ढाई साल में बिलासपुर, रायपुर और नागपुर रेल मंडल में 756 से ज्यादा टिकट दलालों को पकड़ा गया है और इनसे 2.43 करोड़ रुपए के ई-टिकट जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वाणिज्य विभाग की संयुक्त मुहिम का हिस्सा है। ई-टिकट सिस्टम में सेंध, यात्रियों को हो रही थी परेशानी ये टिकट दलाल IRCTC के ई-टिकट सिस्टम में सेंध लगाकर आम यात्रियों के लिए कृत्रिम संकट खड़ा कर देते हैं। बाद में यही टिकट मनमानी कीमतों पर बेचते हैं। इससे असली यात्रियों को न तो समय पर टिकट मिल पाता है और न ही सही कीमत पर। 1 जनवरी से 30 जून 2025 तक 136 दलाल पकड़े गए ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 के पहले 6 महीनों में ही 136 अवैध दलाल पकड़े गए हैं। इनके पास से 33.30 लाख रुपए के टिकट जब्त किए गए। 2023 और 2024 में हुआ बड़ा खुलासा जून में ही 30 दलाल सलाखों के पीछे रेलवे हर महीने 2 से 3 स्पेशल ड्राइव चलाकर टिकट माफिया पर शिकंजा कस रहा है। हाल ही में जून में 30 अवैध दलालों को गिरफ्तार किया गया है। इस अभियान में RPF की गुप्तचर शाखा भी सक्रिय रूप से शामिल है। Deshharpal का निवेदन – टिकट हमेशा IRCTC जैसे आधिकारिक माध्यमों से ही बुक करें। और ऐसी ही सच्ची, असरदार खबरों के लिए जुड़े रहिए – www.deshharpal.com
Read more
1 11 12 13 14 15

Editor's Picks

बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स चोरी कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना गुना ने दोनों प्रकरणों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: लाखों के जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन संख्या 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) की यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि तड़के करीब 4:15 बजे, जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिरहाने रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में सोने की एक चेन, तीन सोने की अंगूठियां, तीन मोबाइल फोन, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये तथा नकदी का उल्लेख किया गया है। चोरी हुए मोबाइल में वनप्लस 9 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना रेलखंड की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना को स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना: नकदी और मोबाइल लेकर फरार हुए चोर दूसरे मामले में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन संख्या 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले में पहले ग्वालियर जीआरपी में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए जीआरपी थाना गुना भेज दिया गया। जीआरपी ने शुरू की जांच जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, गुना और रेलवे से जुड़ी ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलत

नई दिल्ली। भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज और ज्यादती से जुड़ी किसी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी, इसलिए सुनवाई से इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता। मीडिया रिपोर्टों पर जताई नाराजगी CJI सूर्यकांत ने उन मीडिया रिपोर्टों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मीडिया ने गलत रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत जानकारी दी जा रही है। जबकि इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। केवल एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रस्तुत किया था।” पहले वीडियो देखने पर की थी टिप्पणी इससे पहले बुधवार को अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल सुनवाई की मौखिक मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे, के समक्ष यह अनुरोध रखा गया था। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। जब वकील ने दूसरी बार वीडियो देखने का आग्रह किया, तो उन्होंने कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें। इसी टिप्पणी के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जिस पर अब CJI ने स्थिति स्पष्ट की है। कैसे चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर हुई थी। इसका नाम CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान युवा वकीलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कई युवा रोजगार के अभाव में सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर बढ़ रहे हैं। इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से अभियान शुरू हुआ, जिसने बाद में एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लिया। अधिक राष्ट्रीय, न्यायपालिका और राजनीति से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

राहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर NEET परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन में घायल हुए छात्र साहिल लोचाब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रतीक बन चुके हैं। उन्हें अपने पद से हटना ही होगा। उनकी नीतियों की वजह से हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव भी दिखाए। उन्होंने कहा कि साहिल शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्हें पैलेट गन का सामना करना पड़ा। NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शन 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा संसद मार्च निकाला गया था। इस दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल लोचाब भी इसी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए। साहिल लोचाब की आंख की रोशनी जाने का खतरा 19 वर्षीय साहिल लोचाब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के निवासी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन लगने से उनकी दाहिनी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में किया गया, जहां उनकी सर्जरी भी हुई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी वापस आने की संभावना केवल 1 प्रतिशत है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। परिवार ने क्या कहा? साहिल की मां ज्योति ने बताया कि उनका बेटा पहले भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा ले चुका था। उन्होंने कहा कि साहिल का मानना था कि NEET से जुड़ा यह मुद्दा उसके भविष्य और शिक्षा से सीधे जुड़ा है। परिवार के अनुसार, साहिल का सपना पुलिस अधिकारी बनने का है। अधिक राष्ट्रीय, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Rahul Gandhi

Education पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’

देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय की कथित लापरवाही के कारण हजारों छात्र परेशान हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। Rahul Gandhi ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें “क्रिमिनल शिक्षा मंत्री” बताया और कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और सरकार की जवाबदेही को लेकर केंद्र पर कई सवाल उठाए। Student Protest को लेकर राहुल का बड़ा हमला राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन छात्रों ने मेहनत करके अपने भविष्य के लिए तैयारी की, उन्हें अब अनिश्चितता और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। घायल छात्र की चोट दिखाकर सरकार को घेरा प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने एक घायल छात्र का मुद्दा उठाया। उन्होंने छात्र की टी-शर्ट उठाकर उसकी चोट दिखाई और आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्र घायल हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनकी मांगों पर बातचीत करे। Education System पर उठे सवाल राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है और जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। Dharmendra Pradhan पर बढ़ा राजनीतिक दबाव राहुल गांधी के बयान के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। वहीं, इस मामले में सरकार और बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में संसद और चुनावी राजनीति में बड़ा विषय बन सकते हैं। छात्रों के भविष्य को लेकर जारी है बहस शिक्षा किसी भी देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा सबसे अहम मुद्दा है। यही वजह है कि परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की सुरक्षा जैसे सवालों पर लगातार चर्चा हो रही है। राहुल गांधी के इस हमले के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और विपक्ष के आगे के रुख पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.