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Badnagar में पटाखों से किया था वैन में ब्लास्ट:'फिर आ गए' क्यों लिखा, विस्फोट का मकसद क्या

Badnagar में पटाखों से किया था वैन में ब्लास्ट:’फिर आ गए’ क्यों लिखा, विस्फोट का मकसद क्या

मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के Badnagar में वैन में हुए रहस्यमयी धमाके की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट किसी हाई-एक्सप्लोसिव से नहीं, बल्कि पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बारूद से किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस धमाके के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या था। घटना के बाद मौके पर पहुंची ATS और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। जांच के दौरान वैन पर लिखा ‘फिर आ गए’ संदेश भी एजेंसियों के लिए बड़ा सुराग बना हुआ है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस संदेश का क्या मतलब था और इसे किस उद्देश्य से लिखा गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह धमाका किसी को डराने, चेतावनी देने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती जांच में विस्फोट के लिए पटाखों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पदार्थ के उपयोग के संकेत मिले हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि धमाका किसने और किस इरादे से किया। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को देने की अपील की है। मध्य प्रदेश समेत देश-दुनिया की हर बड़ी खबर सबसे पहले पढ़ने के लिए जुड़े रहें देशहरपाल न्यूज़ पोर्टल के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ujjain

Ujjain Breaking मोहर्रम जुलूस Viral Video विवाद, बड़नगर में क्रेन पर वैन स्टंट से हड़कंप

मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के Badnagar से मोहर्रम जुलूस के दौरान एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में? वायरल क्लिप में एक वैन को क्रेन की मदद से हवा में लटकाया गया है और उसे एक “ब्लास्ट या विस्फोट जैसे सीन” के रूप में दिखाया गया है। वीडियो में बैकग्राउंड में लिखा हुआ टेक्स्ट भी नजर आता है – “ले फिर आ गए”, जिसने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। यह वीडियो मोहर्रम जुलूस के दौरान शूट किया गया बताया जा रहा है, जिससे कई लोग इसे परंपरागत माहौल से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ एक स्टेज्ड या क्रिएटिव शूट मान रहे हैं। लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट धार्मिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब भीड़ और भावनाएं पहले से ही संवेदनशील होती हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सिर्फ एक फिल्मी अंदाज में किया गया प्रदर्शन बता रहे हैं, जिसका मकसद किसी को आहत करना नहीं था। प्रशासन की जांच शुरू मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया था और क्या इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सागर में RTO की बड़ी कार्रवाई: 15 साल पुरानी 2 बसें होंगी स्क्रैप, 6 वाहन जब्त, 42 हजार रुपए का जुर्माना

सागर में गुरुवार को परिवहन विभाग ने यात्री बसों और स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 15 साल पुरानी दो यात्री बसों का पंजीयन निरस्त कर उन्हें कबाड़ (स्क्रैप) करने के आदेश दिए गए। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 वाहनों को जब्त किया गया और 10 अन्य वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। स्कूल वाहनों में मिली गंभीर लापरवाही परिवहन विभाग की टीम ने शहर में कुल 24 स्कूल वाहनों की जांच की। जांच के दौरान एक स्कूल वाहन में कई गंभीर खामियां सामने आईं। वाहन में जरूरी दस्तावेज नहीं थे, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स भी उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) के सामने सीट लगाकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। इसके अलावा एक ओमनी वैन और एक ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान तीन ई-रिक्शा भी बिना जरूरी दस्तावेजों के संचालित होते मिले। इन सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए 6 वाहनों को जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा कराया गया। ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई परिवहन विभाग ने यात्री बसों में ओवरलोडिंग, अधिक किराया वसूली, परमिट की शर्तों के उल्लंघन और टैक्स बकाया जैसे मामलों की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान 4 स्कूल बस, 1 मैक्सी कैब और 5 ई-रिक्शा पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई। इन 10 वाहनों से कुल 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। RTO ने दी सख्त चेतावनी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) मनोज तेनगुरिया ने सभी स्कूल वाहन संचालकों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, टैक्स रसीद, फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चालक के पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और निर्धारित यूनिफॉर्म में ही वाहन संचालन किया जाना चाहिए। साथ ही बच्चों को वाहन की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बैठाया जाए। नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई RTO ने साफ कहा कि भविष्य में चेकिंग के दौरान यदि किसी वाहन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या अन्य अनियमितता पाई गई, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें deshharpal.com
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जोधपुर एक्सप्रेस में दंपती को नशीला पानी पिलाकर लूटा, 36 घंटे बाद जयपुर अस्पताल में आया होश

भोपाल से जयपुर जा रहे एक दंपती के साथ ट्रेन में हैरान कर देने वाली लूट की वारदात सामने आई है। बदमाश ने पहले सफर के दौरान उनसे दोस्ती की, फिर भरोसा जीतकर नशीला पानी पिला दिया। दंपती बेहोश हो गए और आरोपी उनके सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी लेकर फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पति-पत्नी को करीब 36 घंटे बाद जयपुर के अस्पताल में होश आया। जानकारी के अनुसार, भोपाल के मिसरोद क्षेत्र के रहने वाले नर्मदा प्रसाद अहिरवार अपनी पत्नी कृष्णा बाई के साथ 18 जून को भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी सीट के सामने बैठे एक युवक ने बातचीत शुरू की और खुद को दिल्ली जाने वाला यात्री बताया। धीरे-धीरे उसने दंपती का भरोसा जीत लिया। पानी की बोतल में मिलाया नशीला पदार्थ रात में खाना खाने के बाद नर्मदा प्रसाद ने पानी की बोतल मंगवाई। इसी दौरान युवक ने मदद के बहाने बोतल अपने हाथ में ले ली। आरोप है कि उसने चालाकी से पानी में नशीला पदार्थ मिला दिया। शक न हो इसलिए उसने खुद भी पानी पीने का दिखावा किया और फिर बोतल दंपती को दे दी। पानी पीने के कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। गुना स्टेशन के आसपास पहुंचते-पहुंचते वे पूरी तरह बेहोश हो गए। जयपुर अस्पताल में खुला लूट का राज दंपती को यह भी याद नहीं कि उन्हें ट्रेन से कब उतारा गया और अस्पताल कैसे पहुंचाया गया। 20 जून को जयपुर के अस्पताल में होश आने पर उन्हें अपने साथ हुई वारदात का पता चला। उस समय उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके थे। जेवर और नकदी लेकर फरार हुआ आरोपी पीड़ितों के अनुसार, आरोपी उनके गले से चांदी की चेन, चांदी का ब्रेसलेट, सोने का मंगलसूत्र और कुल 9 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गया। दंपती को शक है कि आरोपी गुना स्टेशन के आसपास ट्रेन से उतर गया होगा। जीरो एफआईआर के बाद गुना में केस दर्ज घटना की शिकायत मिलने पर जयपुर जीआरपी ने पहले जीरो एफआईआर दर्ज की। चूंकि वारदात गुना क्षेत्र के पास हुई थी, इसलिए केस डायरी गुना जीआरपी को भेजी गई। अब गुना जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। यात्रियों के लिए सावधानी जरूरी रेलवे और पुलिस लगातार यात्रियों को अनजान लोगों से खाने-पीने की चीजें न लेने की सलाह देती है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस ने यात्रियों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन को सूचना देने की अपील की है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव जल्द, सिग्नलिंग सिस्टम की CMRS जांच शुरू; पहली बार एक ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो मेट्रो

भोपाल मेट्रो के यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। मेट्रो की रफ्तार बढ़ाने और संचालन को अधिक सुगम बनाने के लिए लगाए गए नए सिग्नलिंग सिस्टम की जांच शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंची और बुधवार को ट्रैक पर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला, जब रानी कमलापति स्टेशन और एमपी नगर स्टेशन के बीच पहली बार दो मेट्रो ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आमने-सामने खड़ी नजर आईं। करीब 30 मिनट तक विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। सिग्नलिंग सिस्टम की हुई कड़ी परीक्षा मेट्रो अधिकारियों के अनुसार यह पूरा अभ्यास सिग्नलिंग सिस्टम की सुरक्षा और कार्यक्षमता परखने का हिस्सा था। जांच टीम ने देखा कि यदि दो ट्रेनें आमने-सामने आ जाएं तो सिस्टम किस तरह प्रतिक्रिया देता है। इसके अलावा अचानक ब्रेक लगने, गति नियंत्रण, ट्रेन के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में सिस्टम के व्यवहार की भी जांच की गई। निरीक्षण के बाद मिलेगी ‘ओके’ रिपोर्ट मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद CMRS की टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि रिपोर्ट संतोषजनक रही तो नए सिग्नलिंग सिस्टम को शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का नया संचालन शेड्यूल और टाइमिंग जारी की जाएगी। संभावना है कि जुलाई से यात्रियों को बेहतर और तेज सेवा मिलना शुरू हो जाएगी। 26 जून से सामान्य समय पर चलेगी मेट्रो मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद 26 जून से मेट्रो अपने निर्धारित समय पर संचालन शुरू कर देगी। सुभाष नगर से एम्स तक लगभग 7 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का कार्य पूरा हो चुका है। अभी एक ही ट्रैक पर चल रही है मेट्रो फिलहाल भोपाल और इंदौर मेट्रो में आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं होने के कारण ट्रेनों का संचालन केवल एक ट्रैक पर किया जा रहा है। यही वजह है कि भोपाल मेट्रो की फ्रिक्वेंसी करीब 75 मिनट है और यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में ट्रेन जिस ट्रैक से जाती है, उसी ट्रैक से वापस भी लौटती है। 800 करोड़ रुपये की परियोजना मेट्रो की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। यह करीब 30 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसका पहला चरण अब पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रो में वही अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जिसका उपयोग Delhi Metro में किया जाता है। दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक तकनीक इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेनें दोनों ट्रैक पर संचालित हो सकेंगी, ट्रेनों के बीच का अंतर कम होगा और यात्रियों को कम समय में मेट्रो उपलब्ध हो सकेगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा? नए सिग्नलिंग सिस्टम के शुरू होने के बाद: भोपाल मेट्रो के इस तकनीकी अपग्रेड को शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार हेरियर कार ने बाइक को मारी टक्कर, दो युवकों की मौत

जबलपुर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। कूड़न गांव के पास तेज रफ्तार हेरियर कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई। काम से लौटते वक्त हुआ हादसा पुलिस के अनुसार खैरी गांव निवासी वीरेंद्र भूमिया (40) और नरेश भूमिया (42) देर रात करीब 2 बजे जबलपुर से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान कूड़न गांव के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार हेरियर कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में वीरेंद्र भूमिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नरेश गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल तड़पता रहा, मदद को आगे नहीं आए लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। सूचना मिलने पर भेड़ाघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों से मदद की अपील की, लेकिन काफी देर तक कोई तैयार नहीं हुआ। आखिरकार पुलिसकर्मियों ने खुद घायल नरेश को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। 10 मिनट पहले घर पहुंचने की कही थी बात मृतक वीरेंद्र के पिता ने बताया कि हादसे से करीब 10 मिनट पहले बेटे से फोन पर बातचीत हुई थी। उसने कहा था कि वह जल्द ही घर पहुंचने वाला है। परिवार उसके इंतजार में था, लेकिन कुछ देर बाद दुर्घटना की दुखद सूचना मिली। परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ परिजनों के अनुसार दोनों युवक निजी वाहन चलाने का काम करते थे और रोजी-रोटी के लिए अक्सर जबलपुर आते-जाते रहते थे। दोनों शादीशुदा थे और उनके दो-दो बच्चे हैं। एक ही हादसे में दो परिवारों के सहारे छिन जाने से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कार जब्त, आरोपी चालक की तलाश जारी भेड़ाघाट थाने में पदस्थ एएसआई तेजराम ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में शामिल हेरियर कार को जब्त कर लिया गया है। पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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IMD

IMD Weather Update: 14 राज्यों में भारी बारिश का Red Alert, Delhi-NCR में तेज हवाएं बढ़ाएंगी परेशानी

देशभर में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और तेलंगाना समेत 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। बिहार, बंगाल और झारखंड में बारिश को लेकर विशेष चेतावनी पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। कई जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, लेकिन लगातार बारिश होने पर फसलों को नुकसान का खतरा भी बना रहेगा। Delhi-NCR में बदलेगा मौसम का मिजाज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, ट्रैफिक प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में भी बारिश का जोर पश्चिमी तट के राज्यों महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। कई इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को भी मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है, क्योंकि पहाड़ी और तटीय इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है। मानसून की रफ्तार हुई तेज दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। इसके चलते मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई की शुरुआत में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे देश के कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। लोगों के लिए जरूरी सावधानियां गर्मी से राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के बीच मानसून की यह बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत भी बनी रहेगी।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद इंदौर में बड़ा एक्शन, 10 कोचिंग सेंटर और भवन सील; फायर सेफ्टी में मिली गंभीर लापरवाही

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद इंदौर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले करीब 10 कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक भवनों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। लखनऊ हादसे में मध्य प्रदेश के अनूपपुर निवासी 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर जयनील चक्रवर्ती की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच शुरू की है। कैटालाइजर कोचिंग में मिला बंद इमरजेंसी एग्जिट इंदौर प्रशासन, नगर निगम और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गीता भवन स्थित कैटालाइजर कोचिंग सेंटर में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि भवन का इमरजेंसी एग्जिट बंद था। प्रशासन का कहना है कि आग या किसी अन्य आपदा की स्थिति में यह छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। इसी कारण संस्थान को तत्काल सील कर दिया गया। 10 भवनों पर कार्रवाई फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने वाले 10 संस्थानों और भवनों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने उन भवनों को प्राथमिकता से सील किया, जहां अग्निशमन और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था बेहद कमजोर पाई गई। वेदा बिजनेस पार्क से अपोलो आर्केड तक जांच विशेष अभियान के तहत वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई व्यावसायिक परिसरों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने भवनों में मौजूद फायर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति का निरीक्षण किया। कई जगह खराब मिले फायर सिस्टम जांच के दौरान कई इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम खराब या मानकों के अनुरूप नहीं मिले। कुछ भवनों में लंबे समय से अग्निशमन उपकरणों का रखरखाव भी नहीं किया गया था। प्रशासन ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं। बहुमंजिला इमारतों में मिला बड़ा खतरा निरीक्षण के दौरान कई बहुमंजिला भवनों में इमरजेंसी एग्जिट बंद या बाधित पाए गए। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में ऐसे रास्तों का खुला और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। निकासी मार्ग बंद होने से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। ‘ऑपरेशन कोचिंग’ के तहत जारी रहेगी जांच भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में यह अभियान एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में चलाया गया। प्रशासन ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए ‘ऑपरेशन कोचिंग’ अभियान लगातार जारी रहेगा। रेस्टोरेंट और कार्यालय भी आए कार्रवाई की जद में अधिकारियों के अनुसार जिन भवनों में कोचिंग संस्थानों के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और वहां फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कुछ रेस्टोरेंट, म्यूजियम और कार्यालय भी सील किए गए हैं। सुरक्षा इंतजाम पूरे करने पर खुलेगी सील एसडीएम घनश्याम धनगर ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य संस्थानों को स्थायी रूप से बंद करना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। भवन संचालकों को शपथपत्र देना होगा कि वे 15 से 20 दिनों के भीतर आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित कर देंगे। इसके साथ ही उपकरणों की खरीद और स्थापना से जुड़े दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपने होंगे। सभी मानकों के पालन के बाद ही सील किए गए भवनों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Monsoon

Monsoon Update: यूपी में आंधी-बारिश का कहर, पंजाब में 2 की मौत, Mumbai में 24 घंटे में दस्तक देगा मानसून

देशभर में Monsoon तेजी से करवट बदल रहा है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई शहरों में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए, जबकि कुछ जगहों पर पेड़ कारों के ऊपर गिर गए। पंजाब में खराब मौसम के बीच हुए हादसे में दो लोगों की जान चली गई। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर देते हुए कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 24 घंटे के भीतर मुंबई पहुंच सकता है। यूपी में आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सोमवार देर शाम और रात के दौरान तेज आंधी के साथ बारिश हुई। तेज हवाओं ने कई इलाकों में तबाही मचाई। सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जबकि कई बिजली के पोल भी गिर गए, जिससे घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कुछ स्थानों पर खड़ी कारों के ऊपर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि अधिकांश घटनाओं में बड़ा जनहानि का मामला सामने नहीं आया। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें पूरी रात रास्ते साफ करने और बिजली बहाल करने में जुटी रहीं। मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली का खतरा मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम ने अचानक करवट ली। गरज-चमक के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। कई जिलों में अगले 48 घंटे तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में दर्दनाक हादसा, पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत पंजाब में तेज आंधी के दौरान बड़ा हादसा हुआ। तेज हवाओं के कारण एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। राज्य के कई इलाकों में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे सामान्य जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। हरियाणा और राजस्थान में भी बदला मौसम हरियाणा के कई जिलों में तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। कई जगह बिजली के पोल और पेड़ गिरने की खबरें मिली हैं। वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी के बाद हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। 24 घंटे में मुंबई पहुंचेगा मानसून भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले 24 घंटे के भीतर मानसून मुंबई में दस्तक दे सकता है। मानसून के मुंबई पहुंचने के बाद महाराष्ट्र के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसका असर गुजरात, मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। IMD ने जारी की अहम सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। एक ओर जहां बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज आंधी और आकाशीय बिजली ने कई इलाकों में परेशानी भी बढ़ा दी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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