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Heavy Rain Alert: महाराष्ट्र से गुजरात तक बारिश का कहर, 19 लोगों का Rescue; भिवंडी में दुकानें बंद

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही बारिश (Heavy Rain) का कहर भी देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं सड़कों पर तीन फीट तक पानी भर गया है, तो कहीं बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। भिवंडी में तीन फीट पानी, बाजार और दुकानें बंद महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। जलभराव की वजह से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई व्यापारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपनी दुकानें बंद रखीं। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी के लिए मशीनें लगाई हैं और नागरिकों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, 19 लोगों का रेस्क्यू गुजरात के कई जिलों में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूट गया। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। उज्जैन में तेज बहाव में बहा युवक मध्य प्रदेश के उज्जैन में भारी बारिश के बीच एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू कर दी गई। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले और पुलों के आसपास जाने से बचें। जम्मू-कश्मीर में Landslide से सड़कें बंद जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ। पहाड़ों से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण कई अहम सड़कें बंद करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं। मौसम सामान्य होने तक लोगों को पहाड़ी मार्गों पर यात्रा टालने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत कार्य लगातार जारी बारिश से प्रभावित इलाकों में प्रशासन, SDRF और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार राहत कार्य चला रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बंद सड़कों को दोबारा चालू करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। फिलहाल मौसम का मिजाज जल्द बदलने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गुना में घरवालों के सोते समय लाखों की चोरी, बेड के पास टंगी लाइसेंसी बंदूकें छोड़ नकदी-जेवर ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में चोरी की एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। परिवार के लोग पूरी रात घर में सोते रहे और चोर लाखों रुपए की नकदी व सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। खास बात यह रही कि बेड के पास टंगी दो लाइसेंसी बंदूकें अपनी जगह पर ही रहीं, जबकि बदमाश घर का कीमती सामान समेटकर निकल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। सुबह खुला चोरी का राज आरोन थाना क्षेत्र के रायपुर कलां निवासी राकेश धाकड़ ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उनकी बहू नीरज धाकड़ ने छत पर रखा संदूक खुला देखा। उसमें सामान बिखरा हुआ था और अलमारी की चाबी गायब थी। जब परिवार नीचे कमरे में पहुंचा तो अलमारी के लॉकर में वही चाबी लगी मिली। जांच करने पर पता चला कि अलमारी से नकदी और जेवरात गायब हैं। दो लाख नकद और लाखों के जेवर चोरी परिवार के अनुसार, चोर अलमारी से करीब दो लाख रुपए नकद, करीब छह तोला सोना और 200 ग्राम चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान में सोने की चार चूड़ियां, मंगलसूत्र, चैन, झुमकी तथा चांदी की पायल और बिछिया शामिल हैं। घर के पास मिला सामान भी निकला चोरी का राकेश धाकड़ ने बताया कि सुबह खेत जाते समय घर के पास तिराहे पर घी से भरा एक स्टील का डिब्बा और कुछ सिक्के पड़े मिले थे। उन्होंने उस समय इसे सामान्य बात समझकर ध्यान नहीं दिया। बाद में पत्नी ने बताया कि वह डिब्बा और सिक्के भी उनके घर के ही थे, जिन्हें चोर अपने साथ ले जाकर रास्ते में फेंक गए थे। पुलिस कर रही जांच आरोन पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। साथ ही आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर BMC में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता का आरोप, BJP नेता पर FIR; विरोध में डॉक्टरों का चक्काजाम

मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी की, बैड टच किया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। घटना के विरोध में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर अस्पताल के मुख्य गेट पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रात 2 बजे मरीज के इलाज के दौरान हुआ विवाद पीड़ित महिला स्टाफ के अनुसार, गुरुवार रात करीब 2 बजे लक्ष्मी तिवारी नाम की मरीज को इलाज के लिए बीएमसी लाया गया था। मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही इलाज को लेकर लगातार फोन किए जा रहे थे। इलाज के दौरान मरीज के साथ आए लोगों ने अस्पताल स्टाफ से कथित रूप से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। महिला स्टाफ का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया। एक व्यक्ति ने बैड टच किया और अस्पताल के बाहर गोली मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि धमकी देने वाला व्यक्ति अनिल श्रीवास्तव था। ‘पुलिस आई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई’ महिला कर्मचारियों का कहना है कि घटना की जानकारी रात में ही पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को दे दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सुरक्षा कर्मी मरीज और उसके साथ आए लोगों को अस्पताल से बाहर भेज चुके थे। आरोप है कि पुलिस बिना कार्रवाई किए लौट गई। स्टाफ का कहना है कि यदि अस्पताल में ही डॉक्टर और नर्स सुरक्षित नहीं रहेंगे तो मरीजों की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था भी प्रभावित होगी। JDA ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) मध्य प्रदेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। JDA ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें BJP नेता ने आरोपों से किया इनकार भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे केवल अपने गांव के एक मरीज को देखने अस्पताल गए थे और समय पर इलाज करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी डॉक्टर या महिला कर्मचारी से अभद्रता नहीं की। यदि वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी जांच कराई जाए, जिससे पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस ने दर्ज किया मामला एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ से अभद्रता की शिकायत मिलने के बाद अनिल श्रीवास्तव और लक्ष्मी तिवारी के खिलाफ गोपालगंज थाने में छेड़छाड़ सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में बरसाती नाले पर बने चार रास्तों पर चला बुलडोजर, जुम्मे की नमाज के दौरान हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

खंडवा शहर में शुक्रवार को नगर निगम और प्रशासन ने बरसाती नाले पर बने चार अवैध रास्तों को हटाने की कार्रवाई की। बुलडोजर की मदद से इन रास्तों को तोड़ा गया। इनमें दो रास्तों पर रहवासियों द्वारा पाइप डालकर मार्ग बनाया गया था, जबकि एक पक्की पुलिया नगर निगम की ओर से बनाई गई थी। कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब बड़ी संख्या में लोग जुम्मे की नमाज में शामिल थे। कार्रवाई पर दोनों समुदायों ने जताई आपत्ति स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई से पहले हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन से शिकायत कर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इन रास्तों का इस्तेमाल रोजमर्रा की आवाजाही के लिए किया जाता था। रहवासियों ने लगाए राजनीतिक कारणों के आरोप स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का दावा है कि यह मामला राजनीति और रियल एस्टेट से जुड़ा हो सकता है। शहर के वीआईपी माने जाने वाले बड़गांव भीला रोड क्षेत्र में कई प्रीमियम कॉलोनियां, मैरिज गार्डन और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय प्रोजेक्ट मौजूद हैं। इसी क्षेत्र के पास फोरलेन बायपास बनने के बाद रियल एस्टेट गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। बच्चों की आवाजाही के लिए बनाए गए थे रास्ते: रहवासी रहवासियों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर बसे खानशाहवली क्षेत्र के लोगों ने आपसी सहयोग से कुछ पुल और रास्ते बनाए थे, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और बाजार तथा सिहाड़ा-मूंदी रोड तक पहुंचने में सुविधा हो सके। उनका दावा है कि इनमें से एक पक्का पुल नगर निगम ने भी बनवाया था, जिसे भी कार्रवाई के दौरान तोड़ दिया गया। ‘नमाज के समय कार्रवाई की गई’ स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान प्रशासन ने पांच जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक लोग नमाज से लौटकर मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते पूरी तरह तोड़े जा चुके थे और वहां केवल मलबा बचा था। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ, अब ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी

ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को खंडवा ब्लॉक के ग्राम बमनगांव आखई में किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता मंत्री विजय शाह ने कहा कि यदि किसी पात्र मजदूर को रोजगार मांगने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों का रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनेगा। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अब पक्के निर्माण कार्य भी होंगे शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। अब केवल कच्चे कार्य ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी इस योजना के तहत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पलायन पर लगेगी रोक मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था। अब 125 दिन रोजगार मिलने से लोगों को अपने गांव में ही काम मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी। महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। वीबी-जीरामजी योजना में भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। महापौर अमृता यादव ने कहा कि योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। जल संरक्षण और पौधारोपण का संदेश कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पंधाना विधायक छाया मोरे ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वीबी-जीरामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
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गुना के महूगढ़ा स्टेशन पर बनेगा गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, माल गोदाम होगा शहर से बाहर शिफ्ट

गुना जिले के महूगढ़ा रेलवे स्टेशन को जल्द ही ‘गति शक्ति कार्गो टर्मिनल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही माल ढुलाई को और सुगम बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नया गुड्स शेड बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गुना शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से माल गोदाम को बाहर शिफ्ट करने की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद है। रेलवे ने पूरी की टेंडर प्रक्रिया केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने गुना की विभिन्न संस्थाओं ने रेलवे से जुड़ी कई समस्याएं उठाई थीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग शहर के बीच स्थित माल गोदाम को स्थानांतरित करने की थी। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात को देखते हुए यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के उप महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि महूगढ़ा रेलवे स्टेशन की रेलवे भूमि पर कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस टर्मिनल को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा, जिससे माल ढुलाई तेज, आसान और कम खर्चीली होगी। तरावटा स्टेशन पर भी बनेगा नया गुड्स शेड रेलवे ने माल परिवहन को और मजबूत बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नए गुड्स शेड का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इसके बनने से क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगों को माल की आवाजाही में बेहतर सुविधा मिलेगी। मेमू ट्रेन के किराए की समस्या का भी होगा समाधान बीना-कोटा मेमू ट्रेन के किराए में अलग-अलग स्टेशनों पर अंतर की शिकायत भी रेलवे के सामने रखी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन दो अलग-अलग जोन में संचालित होती है। भोपाल जोन में इसे एक्सप्रेस और कोटा मंडल में पैसेंजर ट्रेन माना जाता है, जिसके कारण किराए में अंतर आता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे बोर्ड से सभी मेमू ट्रेनों में एक समान किराया लागू करने का अनुरोध किया गया है। स्टेशन पर पानी की व्यवस्था होगी बेहतर गुना रेलवे स्टेशन पर पेयजल संकट को दूर करने के लिए रेलवे ने नगर पालिका के साथ समन्वय शुरू किया है। फिलहाल स्टेशन पर प्रतिदिन दो लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 10 लाख लीटर पानी की व्यवस्था के लिए नगर पालिका में राशि जमा करा दी गई है। साथ ही स्टेशन परिसर में नए पानी के नल भी लगाए जा रहे हैं। अन्य सुविधाओं में भी होगा सुधार रेलवे ने स्थानीय लोगों द्वारा उठाई गई अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देने का आश्वासन दिया है। इनमें रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव, टिकट विंडो की संख्या बढ़ाने और स्टेशन के शौचालयों की नियमित सफाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन सभी बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। धिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Bhopal में नायरा ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

Bhopal में NAYARA ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

महंगाई के दौर में भोपालवासियों के लिए राहत भरी खबर है। निजी ईंधन कंपनी Nayara एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम कर दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट के बाद यह फैसला लिया गया है। नई कीमतों के बाद भोपाल में नायरा के पेट्रोल पंपों पर एक लीटर पेट्रोल 120 रुपये और डीजल 103 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। इससे रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों को कुछ राहत मिलेगी और ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कमी देखने को मिल रही है। इसी का फायदा अब ग्राहकों को भी मिलने लगा है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। लोगों को मिलेगी राहत नायरा के इस फैसले से खासकर उन लोगों को फायदा होगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी वाहनों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहन चालकों का ईंधन खर्च भी कुछ हद तक कम होगा। अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नीचे बनी रहती हैं, तो अन्य कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं। देश-दुनिया, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

India Weather UP-Bihar में बारिश बनी आफत, MP-Gujarat में रुका Monsoon, Delhi में भीषण गर्मी

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम (Weather) ने दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश की हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली लोगों के लिए आफत बन गई है। वहीं मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून की रफ्तार थमने से बारिश का इंतजार लंबा हो गया है। दूसरी ओर दिल्ली और हरियाणा में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बारिश और Lightning ने ली 13 लोगों की जान पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में कुल 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवा के कारण बड़े-बड़े पेड़ सड़क और मकानों पर गिर गए, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है। MP और Gujarat में मानसून की चाल धीमी जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का असर दिख रहा है, वहीं मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की यह धीमी चाल लंबे समय तक नहीं रहेगी। जुलाई के शुरुआती दिनों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे खेती और जलस्तर दोनों को राहत मिल सकती है। Delhi-Haryana में Heat Wave जैसे हालात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में मानसून की देरी का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई जगह अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का दिनभर बाहर निकलना मुश्किल हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगे बढ़ने के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों को किया सतर्क भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जिन राज्यों में बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना है, वहां लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है। वहीं जिन इलाकों में गर्मी का प्रकोप जारी है, वहां लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक न रहने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। देशभर में मौसम का बदला मिजाज एक ओर बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, तो दूसरी ओर कई राज्य अब भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मौसम के इस बदले हुए स्वरूप ने साफ कर दिया है कि आने वाले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सांची

सांची की दही अब Vande Bharat ट्रेन में, यात्रियों को मिलेगा नया स्वाद और हेल्दी फूड

मध्य प्रदेश के सहकारी डेयरी ब्रांड सांची ने एक और अहम उपलब्धि अपने नाम कर ली है। अब वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों को यात्रा के दौरान सांची की बायोमैजिक दही (BioMagic Curd) का स्वाद मिल सकेगा। इंदौर सहकारी दुग्ध संघ (मर्या.) ने इंदौर–नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में आज से सांची उत्पादों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस सप्लाई की जिम्मेदारी वृंदावन फूड प्रोडक्ट को सौंपी गई है, जो ट्रेन में यात्रियों तक यह उत्पाद पहुंचाएगा। यात्रियों के लिए हेल्दी और भरोसेमंद विकल्प ट्रेन यात्रा में अब यात्रियों को एक ऐसा विकल्प मिलेगा जो न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है। सांची की BioMagic दही को खास तौर पर यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराया गया है। इस कदम से भारतीय रेल यात्रा के दौरान गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित फूड सप्लाई को भी बढ़ावा मिलेगा। सिर्फ एक ट्रेन तक सीमित नहीं है योजना संघ ने स्पष्ट किया है कि यह शुरुआत केवल इंदौर–नागपुर वंदे भारत तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले समय में राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी सांची उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। रेल प्रशासन के साथ इस दिशा में बातचीत जारी है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों तक सहकारी उत्पाद पहुंच सकें। किसानों से सीधे जुड़ा सांची ब्रांड सांची मध्य प्रदेश के उन हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों से सीधे दूध खरीदकर उत्पाद तैयार करता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। यह मॉडल किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी शुद्ध और भरोसेमंद डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराता है। अधिकारी का बयान इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि लंबे समय से चल रहे मार्केटिंग और सप्लाई विस्तार प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सहकारी उत्पाद उपलब्ध कराना ही संघ की प्राथमिकता है और आने वाले समय में सांची उत्पादों की उपस्थिति और भी ट्रेनों में देखने को मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Cooperative Week 2026: “जैसा दूध वैसा पैसा” से किसानों को मिला सही हक

भोपाल (Bhopal) में सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (MPCDF) में सहकारिता सप्ताह की शुरुआत उत्साह और सहभागिता के साथ हुई। यह आयोजन प्रदेश के सभी छह दुग्ध संघों में एक साथ मनाया जा रहा है, जिसमें किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह सहकारिता भावना से भरा हुआ नजर आया, जहाँ किसानों के चेहरे पर उम्मीद और आत्मनिर्भरता की झलक साफ दिखाई दी। “सहकारिता ने किसान को उसका सही हक दिलाया” – डॉ. संजय गोवाणी एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने सेमिनार में कहा कि सहकारिता ने किसानों को उनकी मेहनत का सही और पारदर्शी मूल्य दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को दूध का उचित दाम नहीं मिलता था, लेकिन सहकारी व्यवस्था ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। “जैसा दूध वैसा पैसा” के सिद्धांत ने किसानों को सीधा लाभ पहुँचाया है। डॉ. गोवाणी ने आगे बताया कि सहकारिता सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि किसानों की सेवा का माध्यम है, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। MP Dairy Sector Growth: मध्यप्रदेश के पास नंबर-1 बनने का मौका डॉ. गोवाणी ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य में करीब 10,000 गाँवों में सहकारी दुग्ध समितियाँ सक्रिय हैं, जबकि कुल गाँवों की संख्या 52,000 से अधिक है। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि नस्ल सुधार, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किया जाए, तो मध्यप्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में पहले स्थान पर पहुँच सकता है। NDDB ने बताए सहकारिता के 7 सिद्धांत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के महाप्रबंधक श्री जयदेव विश्वास ने सहकारिता के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक सहकारिता की नींव यूरोप में रखी गई थी, लेकिन भारत में इसे ऑपरेशन फ्लड के माध्यम से नई पहचान मिली। सहकारिता के 7 मुख्य सिद्धांत: उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत सहकारिता को मजबूत और टिकाऊ बनाते हैं। MP Dairy Cooperative Future: उज्जवल संभावनाएँ जबलपुर दुग्ध संघ के सीईओ श्री राहुल त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश में डेयरी सेक्टर तेजी से आगे बढ़ सकता है। अगर किसान और संस्थाएँ मिलकर काम करें तो राज्य देश में डेयरी हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीक और प्रशिक्षण इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत होंगे। “सांची” जैसी संस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत डॉ. गोवाणी ने यह भी चेताया कि यदि सहकारिता कमजोर हुई तो निजी कंपनियों द्वारा किसानों के शोषण की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि “सांची” जैसी सहकारी ब्रांड को और मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। कार्यक्रम में दिखा सहयोग और सहभागिता सेमिनार में लगभग 250 प्रतिभागियों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सहकारिता शपथ के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को एकजुटता और विश्वास से भर दिया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए, जिनमें शामिल रहे: कार्यक्रम का संचालन श्री मिलन मिश्रा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री अजय शाह द्वारा दिया गया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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