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भोपाल में महिला ने फांसी लगाकर दी जान, पड़ोसियों से विवाद से थी परेशान

भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में एक 28 वर्षीय महिला ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। महिला के परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदारों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक सुंदर नगर निवासी जूली कुशवाह (28) पत्नी सुनील कुशवाह ने बुधवार रात करीब 9:30 बजे घर में फांसी लगा ली। जूली के दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक 6 महीने का और दूसरा 2 साल का है। पति सब्जी लेने गया था, लौटकर देखा पत्नी फंदे पर थी घटना के समय जूली का पति सुनील सब्जी लेने बाहर गया हुआ था। करीब 20 मिनट बाद जब वह वापस लौटा तो उसने पत्नी को फंदे पर लटका देखा। वहीं दोनों मासूम बच्चे पास में रो रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पड़ोसियों से लंबे समय से चल रहा था विवाद पति सुनील कुशवाह ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार राजू कुशवाह और उनके परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि वे शराब पार्टी करने के बाद खाली बोतलें और मांस की हड्डियां उनके घर के पास फेंक देते थे। इस वजह से जूली मानसिक रूप से परेशान रहती थी। परिवार का कहना है कि कई बार समझाने के बावजूद पड़ोसियों की हरकतें बंद नहीं हुईं। आत्महत्या से पहले भी हुआ था विवाद परिजनों के मुताबिक घटना से पहले भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद जूली ने यह कदम उठा लिया। पुलिस जांच में जुटी अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों परिवार एक ही परिसर में रहते थे और साझा जगह को लेकर विवाद था। पुलिस का कहना है कि मामला नवविवाहिता से जुड़ा होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सीहोर में बिजली तार चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा, 5.80 लाख का सामान जब्त

सीहोर जिले की इछावर थाना पुलिस ने बिजली के तार चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए बिजली के तार और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी जब्त की है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 5 लाख 80 हजार रुपए बताई जा रही है। 11 केवी लाइन के तार काटकर की थी चोरी मामला इछावर थाना क्षेत्र का है। इछावर निवासी विदुर दुबे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 और 17 मई की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने आर्या उपकेंद्र से निकलने वाली 11 केवी बिजली लाइन के तार काटकर चोरी कर लिए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। विशेष टीम बनाकर शुरू की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत और एसडीओपी भेरूंदा रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पंकज वाडेकर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास तकनीकी साक्ष्य जुटाए और साइबर सेल की मदद ली। मुखबिर तंत्र सक्रिय करने के बाद पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में कबूला जुर्म पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बिजली के तार चोरी करने की वारदात कबूल कर ली। इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी बरामद की गई। चार आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नजरूद्दीन (35), नूरुद्दीन उर्फ गुड्डू (26), जाहिद (20) निवासी सलेहपुर थाना अहमदपुर और इमरान (36) निवासी सांकल थाना अहमदपुर के रूप में हुई है। 5.80 लाख का सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 80 हजार रुपए कीमत के 19 गाले बिजली के तार और करीब 5 लाख रुपए कीमत की महिंद्रा पिकअप गाड़ी जब्त की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि उन्होंने इससे पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। मामले की जांच जारी है। www.deshharpal.com पढ़ें देश-दुनिया और प्रदेश की ताजा खबरें।
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सुनार नदी में मिला व्यक्ति का शव, दो दिन पुराना होने की आशंका

सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर से गुजरने वाली सुनार नदी में बुधवार को एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। नदी में शव दिखाई देने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर गढ़ाकोटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, बुधवार को स्थानीय लोगों ने सुनार नदी में एक शव को पानी में तैरते देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया। दो दिन पुराना हो सकता है शव पुलिस के मुताबिक शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यह करीब दो दिन पुराना हो सकता है। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान आधार कार्ड के आधार पर श्याम पटेल (42) निवासी ग्राम खमरिया, रहली के रूप में हुई है। पुलिस ने शुरू की जांच गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि शव के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतक की पहचान की गई है। घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। www.deshharpal.com पर पढ़ें देश-दुनिया और प्रदेश की ताजा खबरें।
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Twisha Sharma Case

Twisha Sharma Case Update: गिरिबाला सिंह बनीं कैदी नंबर 71, समर्थ को मिला 1782 नंबर

बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस (Twisha Sharma Case)में अब जांच और कानूनी कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। CBI की जांच के बीच हुई इस कार्रवाई ने केस को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। जानकारी के मुताबिक, जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह को महिला जेल में कैदी नंबर 71 दिया गया, जबकि समर्थ सिंह को पुरुष जेल में 1782 नंबर मिला। जेल प्रशासन की ओर से दोनों को शुरुआती जरूरत का सामान जैसे थाली, कटोरी, गिलास और चादर उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उन्हें बैरक में शिफ्ट किया गया। कोर्ट में दिखा हाई वोल्टेज ड्रामा सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। CBI ने इस बार दोनों आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। इस दौरान ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह कोर्ट में भावुक नजर आईं। वहीं दूसरी ओर परिवार की तरफ से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। गिरिबाला सिंह ने लगाए गंभीर आरोप मामले में एक और नया विवाद तब सामने आया जब गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा के वकील ने उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ मारपीट की। हालांकि इस पूरे आरोप पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। वहीं समर्थ सिंह ने मीडिया के सवालों पर खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें सच सामने आने का इंतजार है। सोशल मीडिया पर छाया मामला ट्विशा शर्मा केस अब केवल कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह लगातार ट्रेंड कर रहा है। लोग मामले को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो कई लोग परिवार और जांच एजेंसियों के बयानों पर सवाल उठा रहे हैं। आगे क्या? अब सभी की नजर CBI की अगली रिपोर्ट और कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा में 4 जून को लगेगा रोजगार मेला, 5वीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवाओं को मिलेगा नौकरी का मौका

खंडवा जिले के युवाओं के लिए रोजगार का शानदार अवसर सामने आया है। जिले में 4 जून को युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जाएगा। यह मेला शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), सिहाड़ा रोड, आनंद नगर में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा। मेले में देश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, जो तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती करेंगे। रोजगार मेले के जरिए युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी और अप्रेंटिसशिप के अवसर मिलेंगे। 5वीं पास से लेकर स्नातकोत्तर तक कर सकेंगे आवेदन जिला रोजगार अधिकारी लक्ष्मण सिंह सिलोटे ने बताया कि मेले में 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं पास, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को उनकी योग्यता और पद के अनुसार 8 हजार से 20 हजार रुपए प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा। इसके साथ बोनस और अन्य सुविधाएं भी कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। 18 से 35 वर्ष तक के युवा होंगे पात्र रोजगार मेले में शामिल होने के लिए आवेदकों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होना जरूरी है। जिला रोजगार कार्यालय ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, उनकी दो-दो फोटो कॉपियां, बायोडाटा या रिज्यूमे, आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन कार्ड और पासपोर्ट साइज के तीन फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को 4 जून को सुबह 10:30 बजे शासकीय आईटीआई, सिहाड़ा रोड, आनंद नगर, खंडवा पहुंचकर साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया में शामिल होना होगा। युवाओं को मिलेगा करियर बनाने का मौका जिला रोजगार कार्यालय का कहना है कि यह मेला स्थानीय युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों से सीधे जुड़ने और अपने करियर को नई दिशा देने का बड़ा अवसर प्रदान करेगा। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले: अब आबादी जमीन की मिलेगी रजिस्ट्री, बच्चों को सिलाई की हुई यूनिफॉर्म देगी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई बड़े और जनहित से जुड़े फैसले लिए गए। सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के लाखों परिवारों को उनकी आबादी वाली जमीन के रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज देने का फैसला किया है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब तैयार सिलाई की हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। स्वामित्व योजना से लाखों परिवारों को फायदा एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे के जरिए गांवों में आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का चिह्नांकन किया गया था। पहले लोगों को केवल स्वामित्व पत्र दिए गए थे, लेकिन अब सरकार इन संपत्तियों की रजिस्ट्री कराकर पंजीकृत दस्तावेज भी देगी। प्रदेश के 55 जिलों में करीब 48.80 लाख निजी और लगभग 19 लाख सरकारी संपत्तियों को चिह्नित किया गया है। खास बात यह है कि रजिस्ट्री में लगने वाला पंचायत उपकर और पंजीयन शुल्क सरकार खुद वहन करेगी। इस पूरी प्रक्रिया पर लगभग 3800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि पंजीकृत दस्तावेज मिलने के बाद लोगों को बैंक लोन सहित अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। मध्यप्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। अब बच्चों को मिलेगी सिलाई की हुई यूनिफॉर्म कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को तैयार यूनिफॉर्म देने का निर्णय लिया है। अब तक विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के जरिए 600 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने व्यवस्था बदलने का फैसला किया। नई व्यवस्था के तहत टेंडर प्रक्रिया से कपड़ा खरीदा जाएगा और बच्चों के लिए यूनिफॉर्म सिलवाकर सीधे उपलब्ध कराई जाएगी। गेहूं खरीदी और यूसीसी पर भी हुई चर्चा कैबिनेट बैठक में गेहूं खरीदी की समीक्षा भी की गई। सरकार ने दावा किया कि इस साल देश में सबसे ज्यादा गेहूं खरीदी मध्यप्रदेश में हुई है। इसके अलावा समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार के अनुसार सुझाव लेने की प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। गोरस एप लॉन्च, दूध उत्पादन में बढ़ोतरी मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन 9 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 11 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। पशुपालकों को मौसम, पशु आहार और पशुओं की देखभाल से जुड़ी जानकारी देने के लिए “गोरस” मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। पीएम सूर्यघर योजना में 4 लाख घरों तक पहुंचा सोलर सिस्टम सरकार ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक 4 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। लक्ष्य इसे बढ़ाकर 6 लाख घरों तक पहुंचाने का है। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 2 लाख से ज्यादा जल संरचनाओं पर काम किया जा चुका है। किसानों की मिट्टी परिवहन समस्या का मुद्दा उठा कैबिनेट बैठक के दौरान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने किसानों और ग्रामीणों की एक बड़ी समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि तालाबों और खेतों से निकाली जाने वाली मिट्टी के परिवहन में खनिज विभाग और प्रशासन कई बार रोक लगा देता है, जिससे किसानों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने संसाधनों से तालाबों का गहरीकरण करते हैं, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में मिट्टी को खेतों तक ले जाने पर रोक लगाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को व्यावहारिक समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Bhopal Water Supply News

Breaking News: भोपाल में 36 घंटे पानी का संकट, कोलार लाइन बंद होने से 75 इलाके प्रभावित

भोपाल। राजधानी भोपाल के लाखों नागरिकों के लिए जरूरी खबर है। कोलार जलापूर्ति परियोजना में आवश्यक तकनीकी कार्य और रखरखाव के चलते शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने जा रही है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार करीब 75 इलाकों में जल वितरण व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, जिसके चलते लोगों को पहले से पानी का पर्याप्त भंडारण करने की सलाह दी गई है। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था का बड़ा हिस्सा कोलार और नर्मदा परियोजनाओं पर निर्भर है। विशेषज्ञों के अनुसार कोलार लाइन में किसी भी प्रकार का शटडाउन या तकनीकी कार्य होने पर बड़ी आबादी प्रभावित होती है। हाल के वर्षों में भी कई बार मेंटेनेंस और पाइपलाइन लीकेज के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य भविष्य में बेहतर और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि शटडाउन की अवधि के दौरान कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाएगा या कम दबाव से सप्लाई होगी। ऐसे में नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। नागरिक क्या करें? क्यों महत्वपूर्ण है कोलार परियोजना? भोपाल की जलापूर्ति का बड़ा हिस्सा कोलार परियोजना से आता है। शहर में बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग के बीच यह परियोजना राजधानी की प्रमुख लाइफलाइन मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तकनीकी बाधा का सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ता है। यदि आप भोपाल के कोलार, अरेरा, शाहपुरा, टीटी नगर, न्यू मार्केट या आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं तो अगले 36 घंटों के लिए पानी की व्यवस्था पहले से कर लेना बेहतर होगा। नगर निगम द्वारा सप्लाई बहाल होने के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
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MP में कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹44 महंगा | भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में नए रेट लागू, 3 महीने में ₹1300 की बढ़ोतरी

MP में कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹44 महंगा | भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में नए रेट लागू, 3 महीने में ₹1300 की बढ़ोतरी

MP में कारोबारियों के लिए बड़ी खबर है। कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की लागत पर सीधा असर पड़ेगा। Madhya Pradesh में कमर्शियल गैस सिलेंडर अब ₹44 तक महंगा हो गया है। पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही कीमतों ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रमुख शहरों में नए रेट राज्य के प्रमुख शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए दाम इस प्रकार हैं: 3 महीने में ₹1300 की बढ़ोतरी पिछले तीन महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगभग ₹1300 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती लागत से होटल और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। कारोबारियों की चिंता बढ़ी व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती गैस कीमतों का सीधा असर खाने-पीने की चीजों और सर्विस चार्ज पर पड़ सकता है। इससे महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। आगे क्या? फिलहाल कीमतों में राहत की कोई घोषणा नहीं की गई है, जिससे आने वाले दिनों में भी महंगाई का दबाव बना रह सकता है।
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Weather update : मानसून 2–3 दिन में केरल पहुंचेगा | देशभर में हीटवेव खत्म, कई राज्यों में बारिश और ओले का असर

Weather update : मानसून 2–3 दिन में केरल पहुंचेगा | देशभर में हीटवेव खत्म, कई राज्यों में बारिश और ओले का असर

Weather update : देश में मौसम ने बड़ा बदलाव ले लिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2–3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंच सकता है। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही गर्मी और हीटवेव की स्थिति अब लगभग खत्म हो गई है। देशभर में मौसम में बड़ा बदलाव India के कई हिस्सों में अब मौसम सुहावना हो गया है। जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई राज्यों में आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान में ओलावृष्टि Rajasthan के 3 जिलों में अचानक मौसम बदलने से ओले गिरे हैं। इससे फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है और किसानों की चिंता बढ़ गई है। मध्य प्रदेश और बिहार में आंधी-बारिश Madhya Pradesh और Bihar समेत कुल 5 राज्यों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई है। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें हैं। केरल में मानसून की एंट्री जल्द मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सबसे पहले Kerala में दस्तक देगा। इसके बाद धीरे-धीरे यह देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा।
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Bhopal में 2–3 जून को पानी की सप्लाई बाधित | Kolar Water Line Maintenance का असर, 75 इलाकों में परेशानी

Bhopal में 2–3 जून को पानी की सप्लाई बाधित | Kolar Water Line Maintenance का असर, 75 इलाकों में परेशानी

Bhopal के कई इलाकों में 2 और 3 जून को पानी की सप्लाई प्रभावित रहने वाली है। नगर निगम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कोलार जल सप्लाई लाइन से जुड़े क्षेत्रों में मरम्मत और मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा, जिसके कारण करीब 75 इलाकों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह या आंशिक रूप से बाधित रहेगी। स्थानीय लोगों को इस दौरान पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन ने पहले से ही पानी स्टोर करके रखने की सलाह दी है। किन इलाकों पर होगा सबसे ज्यादा असर? कोलार लाइन से जुड़े कई रिहायशी और शहरी क्षेत्रों में पानी की सप्लाई रुक सकती है। इनमें मुख्य रूप से वे इलाके शामिल हैं जो सीधे कोलार जल परियोजना पर निर्भर हैं। प्रशासन की अपील नगर निगम ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे 2–3 जून के लिए पहले से पानी का संग्रह कर लें और पानी का उपयोग सावधानी से करें। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार मेंटेनेंस के दौरान पानी की समस्या बढ़ जाती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि यह कार्य लंबे समय के बेहतर जल आपूर्ति के लिए जरूरी है।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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