आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Datia

MP Politics: Datia में BJP Protest के बाद बड़ा एक्शन, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर लगी रोक

मध्य प्रदेश के दतिया (Datia) में भाजपा कार्यकर्ताओं के उग्र प्रदर्शन के बाद हालात को नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके साथ ही बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आई। टिकट को लेकर बढ़ा विवाद भाजपा द्वारा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार की घोषणा के बाद दतिया में विरोध के स्वर तेज हो गए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और पार्टी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई जगहों पर नारेबाजी हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन के अनुसार, कुछ स्थानों पर प्रदर्शन ने उग्र रूप भी ले लिया, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रशासन ने क्यों लागू की धारा 163? प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम के रूप में धारा 163 लागू की है। इसका उद्देश्य जिले में शांति बनाए रखना और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकना है। प्रशासन के आदेश के अनुसार— सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत स्थिति को देखते हुए जिले के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा दतिया उपचुनाव में टिकट वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भाजपा नेतृत्व की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई बड़ा संदेश या रणनीतिक फैसला सामने आ सकता है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। साथ ही, किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पहले प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

ट्रेन के आगे कूदा किसान, दो टुकड़ों में बंटा, VIDEO:ग्वालियर में सूदखोर धमकाते थे-घर में घुसकर मारेंगे; बेटा बोला- किडनैप कर पीटा भी

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कथित सूदखोरों की धमकियों से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शव दो टुकड़ों में बंटा मिला। मृतक की पहचान मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा के रूप में हुई है। पुलिस को उनके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने जीजा-साले समेत तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि कर्ज चुकाने के बावजूद आरोपी लगातार धमका रहे थे और घर में घुसकर मारने की बात कह रहे थे। 5 लाख उधार लिए, 3 लाख लौटा दिए परिजनों के मुताबिक, तिलक सिंह ने करीब छह महीने पहले कल्ला शर्मा से 5 लाख रुपए उधार लिए थे। इनमें से 3 लाख रुपए लौटा दिए थे, लेकिन बाकी 2 लाख और भारी ब्याज के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि पहले 3 टका ब्याज तय हुआ था, लेकिन बाद में 20 टका ब्याज मांगा जाने लगा। मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप परिजनों का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर आरोपियों ने तिलक के साथ मारपीट की और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। गुरुवार को भी उन्हें धमकाया गया था। इसी मानसिक दबाव के चलते शुक्रवार को तिलक एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के सामने कूद गए। सुसाइड नोट में लिखी मौत की वजह पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तिलक ने लिखा है कि उन्होंने 5 लाख रुपए उधार लिए थे और 3 लाख वापस कर दिए थे। इसके बावजूद बचे हुए पैसों और ब्याज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि आरोपियों की धमकियों से तंग आकर वह यह कदम उठा रहे हैं और उनकी मौत के जिम्मेदार जितेंद्र शर्मा, उसका साला कल्ला शर्मा तथा गजेन्द्र हैं। बेटे ने कहा- 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे मृतक के बेटे अजीत सिंह का कहना है कि पिता पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। 3 लाख रुपए लौटाने के बाद भी आरोपी बचे हुए पैसों पर 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी गईं, जिससे परेशान होकर उनके पिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस बोली- हर पहलू की जांच करेंगे एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसमें जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की भी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Read more

ओंकारेश्वर जाते समय नर्मदा में डूबा युवक, खेड़ीघाट पर स्नान के दौरान हुआ हादसा

खंडवा। खंडवा जिले के मोरटक्का स्थित खेड़ीघाट पर शुक्रवार शाम नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अंकित पिता कमल पटेल (24) निवासी महू के रूप में हुई है। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी दोस्त के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जा रहा था। स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है। ओंकारेश्वर जाते समय दोनों दोस्त मोरटक्का के खेड़ीघाट पर रुके और नर्मदा नदी में स्नान करने उतर गए। इसी दौरान अंकित अनजाने में गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। गोताखोरों ने बाहर निकाला, अस्पताल में मृत घोषित घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर और मोरटक्का चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने युवक को नदी से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। निजी स्कूल में शिक्षक था युवक पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंकित को तैरना नहीं आता था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया, जिससे यह हादसा हो गया। पुलिस के मुताबिक, अंकित महू के एक निजी स्कूल में शिक्षक था। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी मित्र को ओंकारेश्वर दर्शन कराने ले जा रहा था। रास्ते में नर्मदा स्नान के दौरान यह दुखद हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more

भोपाल के 50 से ज्यादा इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक रहेगी सप्लाई बंद

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के करीब 50 से अधिक इलाकों में शनिवार को 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। बिजली कंपनी द्वारा निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने जरूरी बिजली संबंधी कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मेंटेनेंस कार्य के चलते रहेगी कटौती बिजली कंपनी के अनुसार, निर्धारित मेंटेनेंस और लाइन सुधार कार्य के कारण इन इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। कार्य पूरा होने के बाद सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। अधिक जानकारी भोपाल और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more

इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट खत्म

इंदौर। स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं। सभी कर्मचारियों को जिला अस्पताल में पदस्थ करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल जिन कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त किए गए हैं, उनमें विभिन्न श्रेणियों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इनमें— सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से इंदौर जिले के विभिन्न अस्पतालों, संजीवनी केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अटैच होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नई जिला अस्पताल बिल्डिंग के लिए लिया गया फैसला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने बताया कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जानी हैं। इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से जिला अस्पताल में ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग में बढ़ी हलचल 166 कर्मचारियों के अटैचमेंट एक साथ समाप्त किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग को जल्द संचालित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और स्वास्थ्य से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

कार्य में लापरवाही पर नगर निगम आयुक्त की बड़ी कार्रवाई, कर्मचारी निलंबित, कई अधिकारियों के प्रभार बदले

खंडवा। कार्य में लापरवाही और प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता पाए जाने पर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही चार कर्मचारियों को उनके प्रभारों से मुक्त करते हुए विभिन्न शाखाओं में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। एक कर्मचारी निलंबित, चार अधिकारियों से छीने प्रभार नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्थायीकर्मी राजेंद्र मलैया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं राजेश सिंह राजपूत, आनंद मंगल गुरु, सईदुद्दीन कुरैशी और हरेंद्र खटीक को उनके वर्तमान प्रभारों से मुक्त कर दिया गया है। कई शाखाओं में नए अधिकारियों की नियुक्ति आदेश के अनुसार वाहन शाखा में हरेंद्र खटीक के स्थान पर कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। वहीं उपयंत्री आयुष शुक्ला और कृष्ण कुमार चौरसिया को सहायक प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कृष्ण कुमार चौरसिया को मजदूरी शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। स्वास्थ्य और बाजार शाखा में भी बदलाव स्वास्थ्य विभाग में राजेश सिंह राजपूत के स्थान पर सहायक आयुक्त तबस्सुम खान को प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि शशांक रावत को सहायक प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया है। वहीं आनंद मंगल गुरु से बाजार शाखा सहित सभी प्रभार वापस लेकर यह जिम्मेदारी प्रभारी राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी को सौंपी गई है। सहायक आयुक्त तबस्सुम खान को जीपीएफ, पेंशन, लोक सूचना अधिकारी और एनपीएस शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। फायर शाखा में भी बदले प्रभारी फायर शाखा में सईदुद्दीन कुरैशी के स्थान पर कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं कृष्ण कुमार चौरसिया और आयुष शुक्ला को सहायक फायर अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। कर्मचारी का तबादला, आनंद मंगल गुरु को नोटिस नगर निगम आयुक्त ने स्वास्थ्य स्थापना शाखा में पदस्थ राजेंद्र सनकत का स्थानांतरण कर उन्हें पंतनगर जोन क्रमांक-8 में सफाई कार्य के लिए पदस्थ किया है। इसके साथ ही सहायक स्वच्छता अधिकारी आनंद मंगल गुरु को कर्मचारी संघों की मांगों के निराकरण से जुड़े मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन्हें एक दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: निगम आयुक्त नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता और दायित्वों के प्रति असंवेदनशीलता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more

खंडवा में अवैध हथियारों का खुलासा: गैंगस्टर अमन लाला से पूछताछ में मिली 3 देसी पिस्टल, 4 आरोपी गिरफ्तार

खंडवा। खंडवा जिले की मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के एक मामले में गिरफ्तार गैंगस्टर सैयद उर्फ अमन लाला से पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन देसी पिस्टल बरामद की हैं और इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इन अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर उसके वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील अपलोड करते थे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में तो नहीं हुआ। पुलिस रिमांड में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि जिले में गंभीर अपराधों, महिला अपराधों में फरार आरोपियों और अवैध गतिविधियों में शामिल बदमाशों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार आरोपी सैयद उर्फ अमन पिता नासिर (19) निवासी बापूनगर, खंडवा को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान अमन ने खुलासा किया कि उसने तीन युवकों को अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन देसी पिस्टल बरामद कर लीं। हथियारों की सप्लाई करने वाला भी गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अयान पिता अनवर खान (19) निवासी चंपानगर, रामेश्वर ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया रील के लिए करते थे फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील पोस्ट करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य अपराध में तो नहीं किया गया। गिरफ्तार आरोपी पुलिस टीम की रही अहम भूमिका पूरी कार्रवाई मोघट रोड थाना प्रभारी निरीक्षक विकास खींची के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुभाष नावड़े, रूप सिंह सोलंकी, आरक्षक अमित यादव, शेखर चौहान, अंकुश और संजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिक जानकारीमध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more

कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी ड्रग सप्लाई केस में गिरफ्तार, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध

इंदौर। इंदौर पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को ड्रग सप्लाई से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक कथित ड्रग सप्लायर से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरुवार दोपहर गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई। नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें लगभग सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जमीन विवाद मामले में भी दर्ज हुई थी एफआईआर वर्ष 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। महिला से छेड़छाड़ का मामला भी रहा चर्चा में नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचे, जबरन घर में घुसे और हथियारों से लैस थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि नाना पटवारी ने उनका हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था। खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर की रहने वाली 37 वर्षीय खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि उस समय पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। वर्ष 2025 में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन और हाई प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े संभावित संबंधों की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खुशी कूलवाल किन लोगों के संपर्क में थीं और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों में किसकी क्या भूमिका रही। कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि खरीद मामले को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी, जिसके बाद सरकार ने दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई कराई है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी को जांच के आधार पर की गई कानूनी कार्रवाई बताया है। अधिक जानकारी और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more
Cooperation Week

Cooperation Week 2026: एमपीसीडीएफ में सहकारिता सप्ताह का समापन

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा आयोजित सहकारिता सप्ताह (Cooperation Week 2026) का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। पूरे सप्ताह चले इस आयोजन में कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि पूरे कार्यक्रम का केंद्र सहकारिता की भावना और सामूहिक विकास का संदेश रहा। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सहकारिता की असली ताकत लोगों के आपसी विश्वास, सहभागिता और साझा जिम्मेदारी में छिपी है। यही भावना दुग्ध उत्पादकों और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे मजबूत माध्यम बनती है। पूरे सप्ताह हुए कई रचनात्मक आयोजन सहकारिता सप्ताह के दौरान कर्मचारियों में जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें पौधरोपण अभियान, ई-चौपाल, सहकारिता विषयक सेमिनार, क्विज प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम शामिल रहे। इन आयोजनों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सहकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना भी था। ‘मामूलीराम’ फिल्म से मिली प्रेरणा कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण भारत की श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मामूलीराम’ का प्रदर्शन रहा। फिल्म के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि किस तरह डॉ. कुरियन के नेतृत्व ने देश में दुग्ध सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी और लाखों किसानों के जीवन में बदलाव लाया। फिल्म देखने के बाद कई प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायक अनुभव बताया। एमपीसीडीएफ की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा समापन समारोह में एमपीसीडीएफ ने बीते एक वर्ष के दौरान हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। इस दौरान दुग्ध संकलन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, प्रसंस्करण क्षमता मजबूत करने, अधोसंरचना विकास और दुग्ध उत्पादकों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने जैसे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही आने वाले समय में सहकारी दुग्ध व्यवस्था को और मजबूत बनाने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने साझा किए अपने अनुभव ग्रुप हेड-प्लांट ऑपरेशंस डी.के. पांडे ने कहा कि किसी भी सहकारी संस्था की सफलता उसके बेहतर संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और टीमवर्क पर निर्भर करती है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। वहीं ग्रुप हेड-एमएनपी असीम निगम ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ सहकारी संस्थाओं को भी नवाचार और आधुनिक सोच को अपनाना होगा। बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। विजेताओं को मिला सम्मान सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया। कार्यक्रम का संचालन मिलन मिश्रा ने किया। इस अवसर पर एमपीसीडीएफ के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे। समारोह का समापन सहकारिता की भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
Read more
Mohan Yadav

MP UCC मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है Uniform Civil Code, CM Mohan Yadav का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश में Uniform Civil Code (UCC) को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा है कि राज्य सरकार इसी महीने UCC को लेकर महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। उनका कहना है कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश के औद्योगिक विकास का भी बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के विकसित होने से करीब 15 हजार युवाओं को रोजगार (Jobs) मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना निवेश और रोजगार दोनों के लिहाज से प्रदेश के लिए अहम साबित होगी। Uniform Civil Code को लेकर क्या बोले CM मोहन यादव? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि संविधान की मूल भावना सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर देने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार Uniform Civil Code को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिए कि जुलाई के दौरान UCC को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख या विस्तृत मसौदा सार्वजनिक नहीं किया गया है। सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून पर जोर मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून लागू करना है जो धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करे। सरकार का मानना है कि इससे न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को और मजबूती मिलेगी। सतगढ़ी Industrial Park से मिलेंगे 15 हजार रोजगार मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद करीब 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का कहना है कि नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे और मध्यम उद्योगों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस राज्य सरकार लगातार नए निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे और मध्य प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करेंगे। UCC को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश में Uniform Civil Code को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार के अगले कदम और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है। क्या है इस घोषणा का महत्व? एक तरफ सरकार Uniform Civil Code लागू करने की तैयारी का संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के जरिए रोजगार बढ़ाने की योजना पर भी जोर दे रही है। यदि दोनों योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो इसका असर प्रदेश की कानूनी व्यवस्था, निवेश और रोजगार—तीनों क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 21 22 23 24 25 … 80

Trending News

Editor's Picks

रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.