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Twisha से समर्थ ने पूछा था- ‘तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो, यह बच्चा किसका है?’

Twisha से समर्थ ने पूछा था- ‘तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो, यह बच्चा किसका है?’

बहुचर्चित प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन विवाद मामले में अब जांच एजेंसियों का फोकस Twisha और समर्थ के बीच हुई बातचीत पर आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच कर रही सीबीआई को कुछ ऐसे चैट और बातचीत के सबूत मिले हैं, जिनमें समर्थ ने ट्विशा से सवाल किया था कि वह प्रेग्नेंट कैसे हो सकती है और यह बच्चा आखिर किसका है। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। अब सीबीआई इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराने को लेकर आखिर क्या परिस्थितियां बनीं और इसके पीछे किसका कितना दबाव या भूमिका थी। सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि प्रेग्नेंसी की जानकारी मिलने के बाद समर्थ काफी नाराज था। उसने ट्विशा से कई सवाल किए थे। यही बातचीत अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है। सीबीआई डिजिटल सबूत, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। मामले से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी तरह का मानसिक दबाव बनाया गया था या फिर कोई साजिश रची गई थी। इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। लोग रिश्तों में भरोसे, जिम्मेदारी और महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। वहीं, परिवार से जुड़े लोग अभी खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई साफ हो पाएगी। फिलहाल सभी डिजिटल और मेडिकल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर MP सरकार का बड़ा प्लान, कचरा हटने के बाद जमीन के नए उपयोग की तैयारी

Bhopal यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर MP सरकार का बड़ा प्लान, कचरा हटने के बाद जमीन के नए उपयोग की तैयारी

भोपाल की Union Carbide Factory, Bhopal को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा और दीर्घकालिक प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। कचरे के सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया के बाद अब सरकार की नजर फैक्ट्री की जमीन के मैनेजमेंट और भविष्य के उपयोग पर है। यह संकेत खुद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने हाल ही में दिए हैं। 🔴 क्या है सरकार का नया प्लान? सरकारी योजना के मुताबिक, सबसे पहले फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से हटाया जा रहा है। इसके बाद इस पूरी जमीन को एक व्यवस्थित योजना के तहत विकसित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस क्षेत्र को: जैसे विकल्पों के लिए इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है।
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MPCDF

भोपाल में हरियाली अभियान MPCDF & Milk Unions ने मनाया World Environment Day 2026

भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन (Madhya Pradesh State Cooperative Dairy Federation (MPCDF)) और प्रदेश के सभी सहकारी दुग्ध संघों ने मिलकर इस पहल को पूरे राज्य में लागू किया। MPCDF मुख्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम भोपाल स्थित एमपीसीडीएफ मुख्यालय परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर इंडियन डेयरी एसोसिएशन के चेयरमैन श्री सुधीर कुमार सिंह, एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी और महाप्रबंधक श्री जयदेव विश्वास उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। माहौल पूरी तरह सकारात्मक और प्रेरणादायक रहा। पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया संदेश कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर जिम्मेदारी है। पेड़, पानी और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग ही आने वाले समय में सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। डॉ. संजय गोवानी का संदेश एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन, कृषि और पशुधन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति साल में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी भी खुद उठाए। प्रदेशभर में फैला वृक्षारोपण अभियान भोपाल के साथ-साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और बुंदेलखंड (सागर) स्थित दुग्ध संघ परिसरों में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी स्थानों पर कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सतत विकास की दिशा में बड़ी पहल यह पहल दर्शाती है कि एमपीसीडीएफ और प्रदेश की सहकारी डेयरी व्यवस्था केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में भीषण आग, 20 लोगों का रेस्क्यू

मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार सुबह इलेक्ट्रिक वाहनों के एक शोरूम में भीषण आग लग गई। हादसे के दौरान बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले 6 परिवारों के करीब 20 लोग अंदर फंस गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना लसूड़िया इलाके के खालसा चौक के पास सुबह करीब 7 बजे हुई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। धुएं से खुली लोगों की नींद आग लगने के समय ऊपर बने फ्लैट्स में लोग सो रहे थे। शोरूम से उठते धुएं और सांस लेने में दिक्कत होने पर उनकी नींद खुली। नीचे देखा तो आग की तेज लपटें उठ रही थीं। शोरूम के पास बनी सीढ़ियां आग की चपेट में आ गई थीं, जिसके कारण लोग नीचे नहीं उतर पा रहे थे। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी बाहर आए और रेस्क्यू शुरू किया। सीढ़ियों और रस्सियों के सहारे बचाई जान स्थानीय लोगों ने पड़ोसी बिल्डिंग की छत से सीढ़ियां जोड़कर रास्ता बनाया। खिड़कियों और एंगल से रस्सियां बांधकर लोगों तक पहुंचाई गईं। कुछ लोग सीढ़ियों के सहारे दूसरी बिल्डिंग की छत तक पहुंचे, जबकि कुछ को रस्सियों के सहारे नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि आग फ्लैट्स तक नहीं पहुंची और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, शोरूम में खड़े सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। एक घंटे में आग पर पाया काबू फायर ब्रिगेड अधिकारी शोभाराम मालवीय ने बताया कि करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दो टैंकर पानी की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। शोर सुनकर जागे लोग भानु सिंह और निशा सिंह, जो शिवपुरी के रहने वाले हैं, ने बताया कि वे गहरी नींद में थे। लोगों ने खिड़कियों पर पत्थर फेंककर उन्हें जगाया। इसके बाद वे बालकनी में पहुंचे और बाहर का नजारा देखकर घबरा गए। वहीं बेंगलुरु निवासी चेतन, जो इंदौर में किराए के फ्लैट में रह रहे हैं, ने बताया कि वे भी शोर सुनकर जागे थे। हादसे के बाद कई लोग अपने परिचितों के यहां चले गए। स्थानीय चौकीदार प्रवीण के मुताबिक, दुबई से आई एक फैमिली भी बिल्डिंग में ठहरी हुई थी। सुबह बारिश देखने के लिए उठे लोगों ने धुआं देखा और तुरंत सभी को अलर्ट किया। इंदौर और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें
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सागर में जमीनी विवाद में घायल बुजुर्ग की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम

सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम अमावनी में जमीनी विवाद के चलते हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कराई। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने सागर-खुरई मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देकर शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। जमीन कब्जे के विवाद में हुई थी मारपीट मृतक के बेटे आशीष पटेल ने आरोप लगाया है कि आनंद कुमार गुप्ता, शिवराज शुक्ला और यशवंत खटीक उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते थे। इसी विवाद को लेकर उनके पिता नंदराम पटेल के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, 3 जून को वर्षा पटेल ने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि परिवार की करीब 4 एकड़ कृषि भूमि ग्राम अमावनी में स्थित है। परिजनों का आरोप है कि पास में प्लॉटिंग कर रहे कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर लगी लकड़ी की बल्लियां उखाड़ना शुरू कर दिया। विरोध करने पर नंदराम पटेल के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। डंडे, बल्लियों और तलवार से हमला करने का आरोप शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने नंदराम पटेल पर डंडों, बल्लियों और तलवार से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोपियों में विकास उर्फ यशवंत खटीक, ध्रुव अहिरवार, दिलीप अहिरवार, हुकुमचंद पटेल, विनोद पटेल, दयाराम पटेल, अंकित कोरी, शाहरुख राईन और अन्य शामिल हैं। अब हत्या की धारा बढ़ाएगी पुलिस पुलिस का कहना है कि घायल बुजुर्ग की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश और सागर की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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सागर में रेलवे के सेक्शन इंजीनियर को CBI ने 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

मध्य प्रदेश के सागर में गुरुवार देर रात सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के एक सेक्शन इंजीनियर को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी की पहचान नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद सीबीआई टीम आरोपी को अपने साथ जबलपुर ले गई। जानकारी के मुताबिक, सागर रेलखंड में गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद विभाग में जमा अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने राशि लौटाने के बदले ठेकेदार से 1 लाख रुपए रिश्वत की मांग की। ठेकेदार ने रिश्वत देने से मना किया तो अधिकारी ने सिक्योरिटी राशि वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठेकेदार ने मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई कार्यालय में की। पैराडाइज होटल में बिछाया गया जाल शिकायत की शुरुआती जांच के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी पर नजर रखनी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम लेने के लिए सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार को सागर के पैराडाइज होटल बुलाया था। सीबीआई की टीम पहले से ही सादी वर्दी में होटल के आसपास तैनात थी। देर रात जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को 1 लाख रुपए दिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी को जबलपुर ले गई CBI गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम आरोपी अधिकारी को जबलपुर लेकर पहुंची। वहां उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां टीम ने आरोपी की 5 दिन की रिमांड मांगी है। सीबीआई अब मामले में रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिक अपडेट्स और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Indore

Indore Fire EV शोरूम में आग से मचा हड़कंप, लोगों को दूसरी बिल्डिंग से निकाला गया

Indore में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया और कई लोग अंदर फंस गए। हादसे के दौरान इलाके में चीख-पुकार मच गई और हर कोई जान बचाने की कोशिश करता नजर आया। लकड़ी की सीढ़ियों से किया गया Rescue Operation स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की टीम ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हालात इतने खराब थे कि लोगों को बाहर निकालने के लिए लकड़ी की सीढ़ियों को जोड़कर दूसरी बिल्डिंग तक रास्ता बनाया गया। इसी रास्ते से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अगर कुछ मिनट और देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बैटरियों की वजह से तेजी से फैली आग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग सबसे पहले EV शोरूम के अंदर से उठती दिखाई दी। वहां मौजूद इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरियों के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया और आसपास के दुकानदार भी अपनी दुकानें छोड़कर बाहर निकल आए। घंटों की मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर टीम ने घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया और किसी बड़ी जनहानि की खबर सामने नहीं आई। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शोरूम की फायर सेफ्टी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। हादसे से जुड़े बड़े अपडेट EV Safety को लेकर फिर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम और बैटरी स्टोरेज में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Alert: यूपी-एमपी में तूफानी बारिश, राजस्थान में ओले; कई शहरों में बिजली संकट

देशभर में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि कई राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कहीं सड़कें बंद हो गईं तो कहीं बिजली सप्लाई घंटों ठप रही। IMD ने आज 25 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यूपी और एमपी में तेज आंधी से हालात बिगड़े उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में शुक्रवार देर रात मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के चलते करीब 500 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। कई जगहों पर बिजली के खंभे और होर्डिंग गिरने की भी खबर है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तूफानी मौसम ने डर का माहौल भी बना दिया। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। Haryana Crane Accident: तेज हवा बनी जानलेवा हरियाणा में खराब मौसम के बीच बड़ा हादसा सामने आया। तेज आंधी के दौरान निर्माण कार्य में लगी एक भारी क्रेन अचानक पलट गई। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हवा इतनी तेज थी कि क्रेन का संतुलन बिगड़ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और राहत टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। राजस्थान में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के कारण टीन शेड और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। कई गांवों में लोग देर रात तक बिजली बहाल होने का इंतजार करते रहे। IMD Alert: आज 25 राज्यों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए देश के 25 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून एक्टिविटी की वजह से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी से राहत, लेकिन खतरा अभी बाकी हालांकि इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा में देवर ने नहाने का वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल, महिला से कई बार दुष्कर्म

खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने दूर के रिश्ते में लगने वाले देवर पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने नहाते समय उसका वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करता रहा। पीड़िता ने गुरुवार को खालवा थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नहाने का वीडियो बनाकर दी धमकी 30 वर्षीय विवाहिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी इंदौर में काम करता है और करीब एक साल पहले उनके घर आया था। वह एक-दो दिन घर पर रुका रहा। इसी दौरान उसने महिला का नहाते समय वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपी ने महिला को वीडियो दिखाकर धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि यदि वह उसके साथ संबंध नहीं बनाएगी तो वीडियो पति को दिखा देगा और सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। एक साल तक करता रहा शोषण महिला के मुताबिक आरोपी ने धमकी देकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। बदनामी और परिवार टूटने के डर से वह अब तक चुप रही, लेकिन लगातार मानसिक प्रताड़ना के बाद उसने पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया। पुलिस ने दर्ज किया केस खालवा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। एएसआई चंद्रकांत सोणवने ने बताया कि महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार अभी तक महिला के पास वीडियो से जुड़ा कोई तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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भोपाल एयरपोर्ट पर एयरफोर्स के बोइंग-777 की लैंडिंग, यात्रियों में रही चर्चा

राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह एयरफोर्स के बोइंग-777 विमान की लैंडिंग को लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का माहौल रहा। हालांकि एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई असामान्य या सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं था, बल्कि नियमित VIP मूवमेंट और तकनीकी विजिट का हिस्सा था। अधिकारियों के मुताबिक, बोइंग-777 विमान का अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर आना-जाना सामान्य प्रक्रिया है। यह विमान समय-समय पर उन एयरपोर्ट्स का निरीक्षण करता है, जो बड़े विमानों के संचालन के लिए तैयार हैं। ऐसे तकनीकी विजिट हर महीने दो से तीन बार होते रहते हैं। भोपाल एयरपोर्ट पर उतरा अब तक का सबसे बड़ा विमान बोइंग 777-300ER विमान 64.8 मीटर विंगस्पैन और करीब 74 मीटर लंबाई वाला विशाल विमान है। इसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल एयरपोर्ट पर इसकी लैंडिंग को अब तक का सबसे बड़ा विमान उतरने की घटना माना जा रहा है। हालांकि यह विमान एयर इंडिया का है, लेकिन इसका संचालन एयरफोर्स करती है और इसके पायलट भी एयरफोर्स के ही होते हैं। इसी श्रेणी के विमान “एयर इंडिया वन” का उपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी विदेश यात्राओं में किया जाता है। फ्लाइट देरी की वजह मौसम एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कुछ फ्लाइट्स के डिले होने का कारण एयरफोर्स मूवमेंट नहीं, बल्कि खराब मौसम और तेज हवाएं थीं। कई इलाकों में गस्टी विंड्स के कारण उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा। 17 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है विमान बोइंग 777-300ER दुनिया के सबसे आधुनिक और शक्तिशाली विमानों में गिना जाता है। इसमें दो GE90-115BL इंजन लगे हैं, जिन्हें दुनिया का सबसे शक्तिशाली विमान इंजन माना जाता है। यह विमान बिना रीफ्यूलिंग के करीब 17 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है और भारत से अमेरिका जैसी लंबी दूरी भी एक बार में तय करने की क्षमता रखता है। भोपाल एयरपोर्ट ने रचा इतिहास अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को भोपाल एयरपोर्ट पर एयरफोर्स के कोड-ई बोइंग 777-300ER की सफल ट्रायल लैंडिंग करवाई गई थी। यह मध्यप्रदेश के किसी भी एयरपोर्ट पर पहली बार हुआ है। देश-दुनिया और मध्यप्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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