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Gold

Gold Price Today India: दूसरे दिन भी नरमी, जानें आज के ताज़ा रेट

सर्राफा बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। Gold और Silver की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ समय से ऊंचे दामों के कारण खरीदारी टाल रहे लोगों के लिए यह मौका राहत लेकर आया है। खासकर शादी-ब्याह या निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार की यह चाल अहम मानी जा रही है। आज के ताज़ा गोल्ड और सिल्वर रेट मंगलवार को देश के कई बड़े शहरों में Gold-Silver के भाव में नरमी देखी गई: अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण रेट थोड़ा बदल सकता है। क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम? कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे कुछ बड़े कारण सामने आए हैं: आम लोगों के लिए क्या मतलब? अगर आप लंबे समय से सोना खरीदने का प्लान कर रहे थे, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। कीमतों में आई नरमी से बजट थोड़ा आसान हो जाता है। कई ज्वेलर्स के यहां भी इस समय ऑफर्स देखने को मिल रहे हैं, जिससे खरीदारी और सस्ती पड़ सकती है। निवेशकों के लिए सलाह मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फिलहाल सोने में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price गिरा, Silver Price उछला: निवेशकों के लिए क्या है सही मौका

सर्राफा बाजार से आज राहत और हैरानी—दोनों तरह की खबर आई है। जहां सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, वहीं चांदी ने तेजी के साथ नया रिकॉर्ड बना दिया। ऐसे में खरीदार और निवेशक दोनों ही असमंजस में हैं कि अभी खरीदारी करें या इंतजार। Gold हुआ सस्ता, 10 ग्राम ₹1.48 लाख आज 24 कैरेट Gold की कीमत में करीब ₹2000 की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद 10 ग्राम Gold का रेट लगभग ₹1.48 लाख पर आ गया है।पिछले कुछ दिनों से सोने में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की चाल से जुड़ा माना जा रहा है। Silver Price में उछाल, ₹2.44 लाख/kg पहुंची दूसरी तरफ चांदी ने रफ्तार पकड़ ली है। एक किलो चांदी का भाव ₹4000 बढ़कर ₹2.44 लाख तक पहुंच गया है। गौर करने वाली बात ये है कि साल 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी करीब ₹14,000 महंगी हो चुकी है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब चांदी पर भी टिक गई है। क्यों बदल रहे हैं Gold-Silver के दाम? कीमतों में इस उतार-चढ़ाव के पीछे कई फैक्टर काम कर रहे हैं: Buying Tip: अभी खरीदें या रुकें? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है: निवेशकों के लिए संकेत अगर आप निवेश की प्लानिंग कर रहे हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Rally: चुनावी नतीजों के बीच Sensex-Nifty में जबरदस्त उछाल

देश में Assembly Election Results 2026 के रुझानों के बीच सोमवार को Stock Market ने जोरदार छलांग लगाई। सुबह जैसे ही चुनावी ट्रेंड्स आने शुरू हुए, बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ता दिखा और इसका असर सीधे इंडेक्स पर नजर आया। BSE Sensex करीब 1000 अंक तक चढ़ गया, जबकि **Nifty 50 ने भी लगभग 300 अंकों की तेजी के साथ 24,000 के पार मजबूती से कारोबार किया। चुनावी माहौल ने बदला बाजार का मूड पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों से आ रहे शुरुआती रुझानों ने बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना दिया। निवेशकों को उम्मीद है कि मजबूत और स्थिर सरकार बनने से आने वाले समय में आर्थिक फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। यही वजह रही कि बाजार खुलते ही खरीदारी हावी हो गई और दिनभर तेजी बनी रही। इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी आज की रैली में कई दिग्गज कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया: इसके अलावा FMCG और रियल एस्टेट सेक्टर ने भी बाजार को सपोर्ट दिया, जिससे तेजी और मजबूत हो गई। ग्लोबल फैक्टर्स का भी मिला साथ घरेलू कारणों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संकेत भी बाजार के पक्ष में रहे। इन सभी वजहों ने मिलकर बाजार को ऊपर की ओर धकेला। क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी? हालांकि आज की तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चुनाव के फाइनल नतीजे, ग्लोबल मार्केट और महंगाई जैसे फैक्टर्स आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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GST

Record GST Collection: ₹2.42 लाख करोड़ के साथ India Economy मजबूत

अप्रैल 2026 भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर लेकर आया है। इस महीने GST कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए ₹2.42 लाख करोड़ का आंकड़ा छू लिया। यह अब तक का सबसे ज्यादा मासिक कलेक्शन है, जो साफ संकेत देता है कि देश की आर्थिक गतिविधियां मजबूत हो रही हैं। पिछले साल अप्रैल 2025 में GST कलेक्शन ₹2.23 लाख करोड़ था। इस बार करीब ₹19,000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है, जो लगातार बढ़ती टैक्स कलेक्शन क्षमता को दिखाती है। Import Revenue में 25.8% Growth इस रिकॉर्ड कलेक्शन के पीछे एक बड़ा कारण इम्पोर्ट से होने वाली कमाई है। आंकड़ों के मुताबिक, इम्पोर्ट से GST राजस्व में 25.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।इसका मतलब है कि देश में आयात बढ़ा है और व्यापारिक गतिविधियां तेज हुई हैं। Domestic Market भी दिखा मजबूत सिर्फ इम्पोर्ट ही नहीं, बल्कि देश के अंदर होने वाले कारोबार ने भी GST कलेक्शन को मजबूती दी है।मार्केट में बढ़ती खपत और बिजनेस एक्टिविटी इस बात का संकेत हैं कि आम लोगों की खरीदारी क्षमता भी बेहतर हुई है। क्यों बढ़ रहा है GST Collection? विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके पीछे कई अहम वजहें हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NSPF

NSPF 2026: छोटे शहरों के Students ने National Level पर किया शानदार प्रदर्शन

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अंग्रेज़ी सीखना अक्सर एक चुनौती होता है, लेकिन जब सही प्लेटफॉर्म और मार्गदर्शन मिल जाए, तो यही बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिला Marico Limited के ‘निहार शांति पाठशाला फनवाला’ (NSPF) द्वारा आयोजित Word Power Championship 2026 में, जहां मध्य प्रदेश और झारखंड के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा। छोटे शहरों से राष्ट्रीय मंच तक का सफर यह प्रतियोगिता कक्षा 2 से 5 तक के उन बच्चों के लिए आयोजित की जाती है, जो क्षेत्रीय भाषा माध्यम के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान (अलवर) जैसे राज्यों में यह पहल खास मायने रखती है, क्योंकि यहां शुरुआती शिक्षा में स्थानीय भाषा का वर्चस्व होता है। LeapForWord के सहयोग से चल रही इस प्रतियोगिता में बच्चों का मूल्यांकन सिर्फ स्पेलिंग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनकी रीडिंग, शब्दावली, समझ और अर्थ की क्षमता को भी परखा जाता है। यही कारण है कि यह पहल बच्चों के संपूर्ण भाषा विकास में मदद कर रही है। सरकारों का भरोसा, बच्चों का बढ़ता आत्मविश्वास इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसे अब राज्य सरकारों का भी समर्थन मिल रहा है। यह पहल National Education Policy 2020 और NIPUN Bharat Mission के लक्ष्यों को भी मजबूत करती है, जिससे बच्चों की बुनियादी भाषा क्षमता बेहतर हो रही है। विजेताओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान इस बार प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश और झारखंड के छात्रों ने खास पहचान बनाई— इन उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और सही दिशा मिले तो कोई भी बच्चा आगे बढ़ सकता है। लाखों बच्चों तक पहुंचा कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इस प्रतियोगिता का दायरा काफी बड़ा रहा— मध्य प्रदेश: झारखंड: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Skoda

Skoda Cars अब गांव-गांव तक: CSC eStore के साथ नई Partnership

Skoda Auto India ने देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए Common Services Centre Grameen eStore (CSC ग्रामीण ई-स्टोर) के साथ हाथ मिलाया है। इस नई साझेदारी का सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जो अब तक बड़े शहरों से दूर होने के कारण प्रीमियम कारों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते थे। इस पहल के तहत अब कंपनी की लोकप्रिय कारें — Škoda Kylaq, Škoda Kushaq और Škoda Slavia — CSC के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश के गैर-महानगरीय क्षेत्रों में भी उपलब्ध होंगी। छोटे शहरों में बढ़ेगी Skoda की पकड़ भारत का ऑटो बाजार अब तेजी से टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में Skoda का यह कदम समय के साथ चलने वाला माना जा रहा है। CSC का नेटवर्क पहले से ही गांव-गांव तक फैला हुआ है, जिससे कंपनी को नए ग्राहकों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिलेगी। यह साझेदारी Skoda को उन चुनिंदा प्रीमियम ब्रांड्स की सूची में शामिल करती है, जो डिजिटल और लोकल कनेक्टिविटी का इस्तेमाल कर ग्रामीण भारत में कदम बढ़ा रहे हैं। कंपनी ने क्या कहा? Skoda Auto India के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता के मुताबिक, “हमारा लक्ष्य सिर्फ कार बेचना नहीं, बल्कि ग्राहकों तक अपनी पहुंच को आसान बनाना है। CSC के साथ यह साझेदारी हमें ऐसे इलाकों में पहुंचने का मौका देती है, जहां पहले हमारी मौजूदगी सीमित थी।” उन्होंने यह भी कहा कि इससे ग्राहकों को अपने ही शहर या गांव में Skoda के प्रोडक्ट्स और सर्विस का अनुभव मिल सकेगा। Hybrid Model से आसान होगी खरीद प्रक्रिया इस साझेदारी के तहत एक Hybrid Retail Model अपनाया जाएगा, जिससे ग्राहक ऑनलाइन जानकारी लेने के साथ-साथ ऑफलाइन सपोर्ट भी पा सकेंगे। ग्राहकों को मिलेंगे ये फायदे: ग्राहकों के लिए क्यों है खास? अब तक ग्रामीण और छोटे शहरों के लोगों के लिए प्रीमियम कार खरीदना थोड़ा मुश्किल होता था। लेकिन इस नई पहल के बाद ग्राहक CSC eStore के जरिए आसानी से कार की जानकारी ले सकेंगे और खरीद की प्रक्रिया शुरू कर पाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सेंसेक्स

Share Bazaar Crash: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, Global Tension का असर, Nifty भी गिरा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार का दिन निवेशकों के लिए भारी रहा। सुबह से ही बाजार में दबाव नजर आया और देखते ही देखते गिरावट गहराती चली गई। कई निवेशकों के लिए यह दिन चिंता और नुकसान दोनों लेकर आया। बाजार का ताजा हाल कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 76,300 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी 350 अंक से ज्यादा गिरकर 23,800 के नीचे फिसल गया। शुरुआती घंटों में हल्की रिकवरी की उम्मीद थी, लेकिन दिनभर बाजार दबाव में ही बना रहा। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट? आज की गिरावट में कुछ सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे— गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें 1. Global Tension का असर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव, ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। 2. Crude Oil Prices में उछाल कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ने का डर है। 3. FII Selling जारी विदेशी निवेशक लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे गिरावट और तेज हो गई। 4. Rupee Weakness रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है। 5. Global Markets से Weak Signals एशियाई और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा।मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इससे अछूते नहीं रहे, जिससे बाजार की चौड़ाई (market breadth) कमजोर रही। निवेशकों की जेब पर असर आज की इस गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर डाला। कुछ ही घंटों में लाखों करोड़ रुपये का मार्केट कैप साफ हो गया, जिससे रिटेल निवेशकों में घबराहट देखने को मिली। अब निवेशक क्या करें? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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OPEC

OPEC से UAE अलग? India को Relief, Pakistan पर Economic Pressure

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में इन दिनों एक बड़ी चर्चा चल रही है—क्या United Arab Emirates (UAE) जल्द ही OPEC से अलग हो सकता है? अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब तक पहुंच सकता है—खासकर भारत और पाकिस्तान में। आखिर UAE के फैसले की इतनी चर्चा क्यों? OPEC एक ऐसा समूह है जो तेल उत्पादन को नियंत्रित करके कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश करता है। UAE इस संगठन का अहम सदस्य है। अगर वह इससे बाहर निकलता है, तो उसे अपने हिसाब से ज्यादा तेल उत्पादन करने की आजादी मिल जाएगी।सीधा मतलब—मार्केट में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है और कीमतों में नरमी आ सकती है। भारत के लिए क्या बदलेगा? (India Benefit) भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है। ऐसे में हर छोटी-बड़ी कीमत में बदलाव का असर यहां तुरंत दिखता है। Pakistan के लिए क्यों बढ़ सकती हैं दिक्कतें? Pakistan पहले से आर्थिक दबाव में है। ऐसे में तेल बाजार में बदलाव उसके लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। Global Market पर क्या होगा असर? UAE अगर OPEC से अलग होकर उत्पादन बढ़ाता है, तो ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ेगी।इससे कीमतें कम हो सकती हैं, लेकिन साथ ही बाजार में अस्थिरता भी बढ़ सकती है क्योंकि OPEC का कंट्रोल कमजोर होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update Today: कमजोर शुरुआत के साथ Sensex-Nifty फिसले, निवेशक सतर्क

आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Today) की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों ही लाल निशान (Red Zone) में खुले, जिससे निवेशकों में हल्की चिंता और सतर्कता का माहौल देखने को मिला। बाजार की इस गिरावट ने साफ संकेत दिया कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और घरेलू फैक्टर्स का असर आज ट्रेडिंग पर दिखाई दे रहा है। Stock Market Opening: शुरुआत से ही दबाव में बाजार आज जैसे ही बाजार खुला, शुरुआती मिनटों में ही गिरावट दिखने लगी। सुबह का माहौल ही थोड़ा सुस्त रहा और बाजार में तेजी की कमी साफ नजर आई। किन सेक्टर्स में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट? आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स में दबाव देखने को मिला, खासकर: इन सेक्टर्स में बिकवाली ज्यादा रही, जिससे इंडेक्स पर सीधा असर पड़ा। Market Fall की बड़ी वजहें क्या रहीं? आज की गिरावट के पीछे कई कारण सामने आए: इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर बाजार की शुरुआत को कमजोर बना दिया। Stocks Today: कुछ शेयरों में भी दिखा दबाव शुरुआती कारोबार में ज्यादातर स्टॉक्स लाल निशान में रहे, हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों में हल्की खरीदारी भी देखने को मिली। Market Mood: निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय आज की शुरुआत यह संकेत दे रही है कि बाजार फिलहाल अस्थिर (Volatile) बना रह सकता है। दिनभर: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate Update: बढ़े सोने के दाम, बड़े शहरों में Gold Price ने तोड़ा रिकॉर्ड

देश के सर्राफा बाजार में आज फिर हलचल देखने को मिली। Gold और Silver की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम खरीदार से लेकर निवेशकों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शादी-ब्याह के सीजन और वैश्विक हालात के बीच गोल्ड की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। बड़े शहरों में क्या है आज का भाव? राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में सोने के रेट में आज बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट Gold (10 ग्राम): 22 कैरेट गोल्ड (ज्वेलरी): सीधे शब्दों में कहें तो 10 ग्राम गोल्ड की कीमत अब ₹1.54 लाख के आसपास पहुंच चुकी है। Silver के दाम का हाल सोने के साथ चांदी भी पीछे नहीं है। बाजार में हल्की तेजी देखी जा रही है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर चांदी के भाव पर साफ दिख रहा है आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम? अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक ये तेजी क्यों आई, तो इसके पीछे कई वजहें हैं— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हरियाणा में 6 HCS अधिकारियों के तबादले, शिक्षा और आयुष विभाग में मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 HCS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। तबादला सूची के अनुसार, कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ को वर्तमान कार्यभार के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। डॉ. शिल्पी पात्र दत्त को एलिमेंट्री एजुकेशन की जिम्मेदारी महिला HCS अधिकारी डॉ. शिल्पी पात्र दत्त को एलिमेंट्री एजुकेशन विभाग में जॉइंट डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन एवं मिड-डे मील) नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. निर्मल नगर को एलिमेंट्री एजुकेशन विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) की जिम्मेदारी दी गई है। सुरेंद्र सिंह और कुलधीर सिंह को अतिरिक्त प्रभार HCS अधिकारी सुरेंद्र सिंह को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसी तरह, HCS अधिकारी कुलधीर सिंह को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ आयुष विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दीपक कुमार को महेंद्रगढ़ में जिम्मेदारी HCS अधिकारी दीपक कुमार को जिला परिषद महेंद्रगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA), महेंद्रगढ़ से संबंधित अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. इंद्रजीत शुगर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त सरकार ने HCS अधिकारी डॉ. इंद्रजीत को कॉरपोरेशन शुगर मिल का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। इन प्रशासनिक बदलावों के जरिए विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों के अनुसार नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।

हरियाणा में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती, 2 नवंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश

चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षा विभाग ने प्रदेश में संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्कूलों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने और 2 नवंबर 2026 तक पूरी जानकारी निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक, पहले भी इन स्कूलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन संबंधित कार्यालयों से निर्धारित जानकारी नहीं मिली। गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर होगी कार्रवाई शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ तत्काल कड़ा प्रशासनिक संज्ञान लें। अधिकारियों को विभागीय आदेश क्रमांक 7/21-2017 PS (3), दिनांक 24 अप्रैल 2025 के तहत जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। स्कूल बंद कराकर निदेशालय को भेजनी होगी सूची जारी पत्र के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की कार्रवाई करनी होगी। इसके साथ ही बंद किए गए स्कूलों की सूची निदेशालय को भेजना भी सुनिश्चित करना होगा। विभाग ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि पहले निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित कार्यालयों से अब तक आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इसी कारण अधिकारियों को 2 नवंबर 2026 तक हर हाल में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी नजर शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है। जारी पत्र की प्रतियां राज्य के सभी अतिरिक्त जिला उपायुक्तों (ADC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी भेजी गई हैं, ताकि संबंधित स्तर पर समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अब जिला स्तर के अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की जानकारी उपलब्ध कराने और नियमानुसार कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

दिल्ली में छठ पूजा के लिए बनेंगे 1400 से ज्यादा घाट, 6 नवंबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

नई दिल्ली। दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार राजधानी में 1400 से अधिक छठ घाट विकसित किए जाने की संभावना है, जबकि पिछले साल 1326 घाट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 6 नवंबर तक घाटों पर बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय सीमा तक सभी प्रमुख काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि बाद में केवल पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई जैसे कार्य शेष रहें। इस वर्ष छठ पूजा 13 से 16 नवंबर तक मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने छठ पूजा के अवसर पर अवकाश रहने की भी जानकारी दी। ठंड से बचाव के लिए घाटों पर लगेंगे कवर वाले टेंट नवंबर में संभावित ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर पर्याप्त कवर वाले टेंट लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पूजा स्थल, मंच के पीछे और अन्य जरूरी स्थानों पर भी टेंट की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल और साफ-सफाई का इंतजाम करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियां केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से घाटों का निरीक्षण करें और मौके पर मिलने वाली कमियों को समय रहते दूर कराएं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। भीड़भाड़ वाले घाटों पर CCTV से होगी निगरानी छठ पूजा के दौरान बड़े और अधिक भीड़ वाले घाटों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर टेंडर तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस स्थानीय आयोजकों के साथ समन्वय करेगी। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और संभावित सड़क बंदी की जानकारी पहले से साझा करने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई विभागों के अधिकारी बैठक में रहे मौजूद छठ पूजा की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी और संदीप सहरावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम (MCD), दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिलासपुर NSUI नियुक्तियों में देवेंद्र यादव समर्थक खेमे का दबदबा, रंजीत सिंह को लगा झटका

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में NSUI की नई नियुक्तियों के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर गुटीय समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नियुक्तियों में AICC सचिव और विधायक देवेंद्र यादव समर्थक खेमे का दबदबा नजर आने की बात कही जा रही है। इससे पहले यूथ कांग्रेस चुनाव के दौरान जारी नियुक्ति आदेशों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समर्थक खेमे की आपत्तियों के बाद रोक लगा दी गई थी। बताया गया था कि चुनाव नियमों का हवाला देकर नियुक्तियों को फ्रीज कराया गया था। आरोप था कि नियुक्ति सूची में संबंधित खेमे के समर्थकों को जगह नहीं मिली थी। अब रोक हटने के बाद संशोधन के नाम पर लगभग उन्हीं नियुक्तियों को दोबारा जारी किए जाने की चर्चा है। पहली बार शहर और ग्रामीण में बांटा गया जिलाध्यक्ष का पद NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की ओर से जारी नियुक्ति आदेश में बिलासपुर जिलाध्यक्ष का पद रायपुर की तर्ज पर शहर और ग्रामीण, दो हिस्सों में बांटा गया है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी रंजेश सिंह क्षत्री को सौंपी गई है, जिन्हें देवेंद्र यादव समर्थक माना जाता है। वहीं, इसी खेमे से जुड़े समर्थ मिरानी को शहर जिलाध्यक्ष बनाया गया है। समर्थ मिरानी को जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री का समर्थन हासिल बताया जाता है। नई नियुक्तियों के बाद संगठन में अलग-अलग गुटों के प्रभाव और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रंजीत सिंह को लगा झटका राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक, बिलासपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों से NSUI की कमान संभाल रहे रंजीत सिंह को नई नियुक्तियों से झटका लगा है। इसके पीछे यूथ कांग्रेस चुनाव के दौरान भूपेश बघेल समर्थक खेमे का खुलकर साथ देने को एक संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग खेमों के बीच मतभेद और उनके प्रभाव को लेकर सामने आ रही बातें राजनीतिक आकलन का हिस्सा हैं। संगठन को मजबूत करने पर रंजेश सिंह क्षत्री का जोर ग्रामीण जिलाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद रंजेश सिंह क्षत्री ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और विद्यार्थियों के हितों के लिए काम करने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैं किसान का बेटा हूं। मेहनत से सींचना बचपन से सीखा हूं।” रंजेश सिंह क्षत्री के मुताबिक, NSUI केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकारों, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के लिए संघर्ष करने वाला मंच है। जिलाध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करना होगा। नई नियुक्तियों के बाद अब बिलासपुर में NSUI की संगठनात्मक गतिविधियों और अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल पर नजर रहेगी।

ठोस कचरा प्रबंधन में छत्तीसगढ़ का बेहतर प्रदर्शन, रोजाना 2,612 टन से ज्यादा कचरे का प्रसंस्करण

रायपुर। छत्तीसगढ़ ठोस कचरा प्रबंधन के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। प्रदेश में हर दिन 2,615.14 टन ठोस कचरा पैदा होता है, जिसमें से 2,612.97 टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है। यानी उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पैदा होने वाले लगभग पूरे ठोस कचरे का प्रसंस्करण हो रहा है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की वर्ष 2026 की रिपोर्ट पॉलिसी, प्रैक्टिस एंड प्लास्टिक: कॉस्ट ऑफ मैनेजिंग प्लास्टिक वेस्ट इन इंडियन सिटीज में प्रदेश की कचरा प्रबंधन व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कचरा प्रसंस्करण की दर 100% दर्ज की गई है। प्रदेश के नगरीय निकायों के सभी 3,255 वार्डों में घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जा रहा है। प्लास्टिक कचरे की मात्रा में आई कमी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वर्ष 2022-23 के दौरान 21,170 टन प्लास्टिक कचरा पैदा हुआ। इससे पहले वर्ष 2021-22 में यह मात्रा 51,100 टन और 2020-21 में 47,450 टन दर्ज की गई थी। आंकड़ों में प्लास्टिक कचरे की मात्रा में उल्लेखनीय कमी दिखाई देती है। हालांकि, केवल इन आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि प्लास्टिक का इस्तेमाल या कचरे की वास्तविक मात्रा भी उसी अनुपात में कम हुई है। इसके लिए आंकड़ों के संकलन, रिपोर्टिंग और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को भी समझना जरूरी है। कचरा प्रबंधन के खर्च को सार्वजनिक करने की सिफारिश CSE की रिपोर्ट में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नगरीय निकायों को कचरा संग्रहण से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक होने वाले खर्च का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। इसके साथ ही प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में उत्पादक कंपनियों की जिम्मेदारी के तहत मिलने वाली राशि को वास्तविक खर्च के अनुरूप बनाने की सिफारिश की गई है। कचरे को प्रसंस्करण संयंत्र तक पहुंचाने में लगने वाली लागत को भी इसमें शामिल करने पर जोर दिया गया है। प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में जवाबदेही जरूरी प्लास्टिक कचरे का प्रभावी प्रबंधन केवल संग्रहण और प्रसंस्करण तक सीमित नहीं है। इसके लिए लागत का सही आकलन, पारदर्शी व्यवस्था और उत्पादक कंपनियों की जिम्मेदारी तय करना भी महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ में ठोस कचरे के प्रसंस्करण और घरों से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करने के आंकड़े सकारात्मक तस्वीर पेश करते हैं। अब कचरा प्रबंधन पर होने वाले खर्च और प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना भी महत्वपूर्ण होगा।

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